कंडोम लगाकर सेक्सी बीएफ

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तभी मम्मी बोली- मुझे भी बियर पिला मादरचोद… ऐसे ही कुतिया बना के बैठा रखा है!इस पर मैं उठा और अंजलि की हील्स पकड़ के उसके हील्स प्रभा के मुँह में डालता हुआ बोला- इस पर शीतल बियर गिराती जाएगी, तू कुतिया बने रहते ही चाट और चूस अंजलि के सैंडल को… एकदम ब्रांड न्यू है!अब शीतल धीरे धीरे बियर गिराती जा रही थी अंजलि की हील्स पर जिसे प्रभा जीभ से चाट रही थी. बीएफ देहाती सेक्सीधीरे धीरे हम दोनों अपने आप में इतना खो गए और भूल गए कि वहाँ पर मम्मी भी हैं.

अब आगे:मैं अपने बेड रूम के सामने ही खड़ी थी। मैंने रूम के अंदर जाकर रूम का दरवाजा हल्के से लगा दिया। अंदर जाते ही मैंने सलवार कमीज उतार दी। मैं ब्रा और पैंटी में ही आईने के सामने खड़ी हो कर अपने आप को निहारने लगी।अहह. भोजपुरी ब्लू फिल्म चाहिएमैंने उनको बेड लिटाया और पोजीशन बना कर एकदम जोर से अपने लंड को भाभी की चुत में पेल दिया.

जब मैंने देखा कि वो आना कानी कर रहा है तो मैंने ही बिंदु को फोन लगा कर कहा कि जल्दी से चुदाई के लिए तैयार हो कर मेरे कमरे में आ जाओ.कंडोम लगाकर सेक्सी बीएफ: मैंने धक्के तेज कर दिए अंदर बाहर… अंदर बाहर… धच्च फच्च धच्चफच्च!उससे मैंने पूछा- लग तो नहीं रही?वह चुप रहा.

तुम लखनऊ में हो तो प्लीज़ दीदी के घर चले जाओ क्योंकि पापा किसी काम के सिलसिले में बाहर गए हैं और घर में छोटी और माँ ही है.अब मैं और भाभी ऐसे ही एक-दूसरे को देखते रहे और मैं नीचे से झटके पे झटके लगाता गया.

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मैंने कहा- ठीक है।थोड़ी देर में शिवानी मेरे पैर में अपने पैर रगड़ने लगी और मैं मम्मी की चुदाई देखकर होश खो चुका था, अभी तक मेरा लौड़ा खड़ा था।शिवानी धीरे धीरे मुझसे चिपक गयी पूरी तरह, मेरा लौड़ा उसके पेट पे सट रहा था, मैंने अपने पैर उसकी पैर पे चढ़ा लिए.मैं- वैशाली जग जाएगी वो हम दोनों को गलत समझेगी!कामिनी- गलत क्या समझेगी?मैं- यही कि हम भाई बहन हो कर कुछ गलत सलत कर रहे हैं.

फ़िर छोटी चाची उठीं और मेरे बराबर में बैठ कर वो भी बड़ी चाची कि चूत मेरे साथ में चाटने लगीं. कंडोम लगाकर सेक्सी बीएफ बस 2-3 महीने तक कभी कभार लिफ्ट में मिल जाती तो किस कर देतीं या मेरा लंड दबा देतीं.

उस वक्त मैं उसको दारू पिला कर पहले नशीला बनाती हूँ, फिर वो मुझे अपने नशीले लंड से मुझमें चुदाई का नशा भर देता है.

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मुझे देखते ही वो बोला- तो मेरी चुदक्कड़ रानी अब विदेशों में उड़ना चाहती है. अब वह मेरे बगल में आकर लेट गई और प्यार से मेरे बालों में उंगलियाँ फिराने लगी- सच बता न राजे… आया मज़ा मेरे राजा को?मैं- हाँ रेखा रानी, बहुत मज़ा आया… तू वाकई में चुदाई और चुसाई दोनों की बेहतरीन खिलाड़ी है… मस्त कर दिया रंडी तूने मुझे… तेरे इनाम पर मैं जाऊं कुर्बान!अच्छा राजे ज़रा टाइम तो देख कितना हुआ है?”घड़ी मैंने उतार कर टेबल पर रख दी थी, मैं उठ कर गया और देखा कि पौने छह बज चुके थे. आखिर में वह पीने के बाद वहां से निकला और वापस अपने घर जाते वक़्त पद्मिनी को अपने मन में सोचता हुआ चला जा रहा था.

वो बोली कि ये क्या कर रहे हो?मैंने कहा- सॉरी, आपकी बेटी और आप इतनी हॉट हो कि बस रहा नहीं गया. जैसे ही मैंने मैडम के नितम्बों पर हाथ रखा… यकीन मानिए दोस्तो, उससे चिकनी चीज आज तक मैंने नहीं देखी थी. अगर इंडिया हार गया तो आप जो कहोगी मैं करूँगा और अगर इंडिया जीत गया, तो जो मैं कहूँगा वो आपको करना पड़ेगा.

पहले तो उसने ना नुकुर की लेकिन मेरे जोर देने पर वो मान ही गई और मैंने उसका टीशर्ट उतार दिया। उसकी अर्धविकसित गोलाइयाँ देख कर मेरा मुंह खुला का खुला रह गया था। कम रोशनी में अर्धनग्न अवस्था में वो कमाल लग रही थी. किसी ने लिखा कि कहानी बिल्कुल बेकार और बकवास है… कुछ ने मुझे धंधा करने वाली तक कह डाला. मगर मेरे जीजा ने सोनिया को उसके देवर के साथ चुदवाते देख लिया था और सोनिया को मार पीट कर घर भेज दिया.

फिर चुत को खोला और अपनी उंगली की, मगर ध्यान उसका मेरी चूत के मटर पर था. क्योंकि उनको कुछ भी काम होता था या बाहर से कुछ लाना होता था, तो मैं ही वो सारे काम करता था.

डॉली एकता की चुत चाटना चालू कर चुकी थी और मादक अंदाज में गालियां देते हुए बोलने लगी थी- डाल मादरचोद अन्दर.

दूसरी चुदाई के बाद उसकी नींद लगते हीमैंने उसकी नाभि में जीभ फिराई तो उसका भी वही नतीजा निकला जो पहले निकला था.

उसकी चूत नंगी करते ही बहूरानी का चेहरा लाज से लाल पड़ गया और उसने अपना मुंह अपनी हथेलियों से छिपा लिया. उनकी मस्त मोटी गांड है, जब वो बाहर जाती हैं, तो उनको देख के अच्छे अच्छे के लंड खड़े हो जाते हैं. मैं सब समझ रही थी कि उसको मुझे कोई प्यार नहीं है, उसे तो मेरी चूत और गांड से प्यार है.

ऐसा लग रहा था, जैसे कोई युद्ध चल रहा हो और कोई भी हारना नहीं चाहता रहा था. मैंने पूछा- राज क्या ढूँढ रहे हो?वो बोला- यार यहाँ मेरी चड्डी रखी हुई थी…मुझे तौलिये में राज बहुत अच्छा लग रहा था, उसके लंड का हल्का सा उभार मुझे दिख रहा था, मैं बोल बैठी- तुम तो ऐसे ही सुन्दर लग रहे हो, चड्डी की क्या जरूरत है?यार मजाक मत कर… तेरे पास है क्या?”नहीं… देख लो!”वो मेरे एकदम नजदीक आ गया और मेरी जांघों में हाथ रख आसपास देखने लगा. दोस्तो, एक और आप सच्ची चुदाई की गर्म कहानी आप सबके सामने लेकर आया हूँ.

कहने को तो सारी चुन्नटें मिली हुई थीं लेकिन उनमें सख्ती नहीं लग रही थी। मैंने थूक से गीली करके एक उंगली छेद पर सटा कर अन्दर दबाई.

लेकिन रिया के बोर्ड के पेपर और मेरे ग्रेजुएशन के लास्ट ईयर के पेपर भी चल रहे थे. लेकिन मैंने जल्दबाजी करना उचित नहीं समझा और मैं ज्योति के मम्मों को हाथ से दबाने लगा. उसने मेरा अंडरवियर भी निकाल दिया और लंड को हाथ में लेकर मरोड़ने लगी.

अब मेरी ख्वाहिश है कि कोई ऐसा हो, जिसका लंड लंबा मोटा हो, जो मेरी चुत की अच्छे से चुदाई कर सके, उसकी चुदाई करने की स्टेमिना भी अच्छी होनी चाहिए. अचानक भाभी के शरीर को जैसे झटका लगा और उनकी पकड़ मेरे सर पे कमजोर सी हो गई. मैंने तुरंत उसको 69 की पोजीशन में लिटाया और उसकी चिकनी चूत को चाटने लगा.

मुझे उसका लंड अंडरवियर में से दिख गया वो काफी मोटा और बड़ा लग रहा था.

शायद उनको मेरी यह आदत बुरी लगी और अब वो मुझे खुद को दूर रखने लगीं क्योंकि इसके बाद से जब भी वो मुझे देखती थीं, तो चुपचाप से कमरे के अन्दर चली जातीं और मुझे इग्नोर करने लगीं. दोस्तो आपने पिछली पोर्न कहानीफूफा जी के हब्शी लौड़े से चूत की चुदाई करवा लीमें पढ़ा कि कैसे मैंने रात को फूफा जी का नशे की हालत का फ़ायदा उठा कर उनका बड़ा हब्शी लंड अपनी चुत में लिया था.

कंडोम लगाकर सेक्सी बीएफ मैं अब कैसे चुप रहता तो बोल दिया- उसे जरूरी काम से कंपनी ने लंदन भेजा हुआ है. लेकिन राशिद ने उसे हाथ से सहलाया तो वह एकदम टाईट हो गया। डेढ़ इंच की मोटाई रही होगी और छः से सात इंच के करीब लंबाई थी।देखो.

कंडोम लगाकर सेक्सी बीएफ दोस्तो, एक और आप सच्ची चुदाई की गर्म कहानी आप सबके सामने लेकर आया हूँ. मैंने उसी वक्त अभिलाषा के फटाफट कपड़े निकाल दिए और उसको बिल्कुल नंगी कर दिया.

उसके मुंह से हाय उम्म हाय मम्म आह आह ऊ ऊ ऊ जैसी आवाज़ें मेरी ठरक को कई गुना करे जा रहीं थीं.

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आंटी के कमरे में उनके शानदार पलंग पर मोटी स्पंज वाली मैट्रेस लगी हुई थी. मेरा लंड सरसराता हुआ माधुरी की चूत में घुस गया और माधुरी के मुँह से इतनी तेज चीख निकली कि शायद पूरी कॉलोनी सुन लेती, अगर मैं उसका मुँह बंद न करता. जो कहानियाँ छप चुकी थीं, उनके सिवा भी मैं रात दो बजे तक उसे अपनी निजी जिंदगी के बारे बताता रहा।खासकर उन बातों को जो सेक्स से जुड़ी थीं.

मैंने बस उसे देखा और हंस दिया!इतने में वो बोला- इधर पास आ जा, इतना दूर क्यूँ बैठा है?और उसके यह कहते ही मैं उसके पास जाकर बैठ गया और वो धीरे धीरे मेरे पास आता चला गया!उसने मुझसे कहा- चल आज मैं तुझे सेक्स करना सिखाता हूँ. रात में जब मेरे मम्मी और पापा सोने चले जाते तो मैं उनसे मज़ाक करता और कभी कभी उनको टच भी कर देता था. ऐसा कुछ देर करने के बाद मैंने उन्हें सीधा लेटाया और मैं उनके दोनों पैरों के बीच में आ गया.

तब मैंने उसे कहा- बेबी मेरा लोलीपोप तो चूस कर तैयार कर ले!वो मेरा लंड पकड़ कर फिर से चूसने लगी, करीब दस मिनट मेरा लंड चूसती रही, जब मेरा लंड पूरे लोहे की तरह कड़क हो गया तब उसे मैंने घोड़ी बनने को कहा, वो तुरंत घोड़ी बन गयी, मैं उसकी बुर देख कर हैरान हो गया, क्या बुर थी उसकी… एकदम नर्म कोमल गुलाब की पंखुड़ी की तरह गुलाबी और खूब फूली हुयी!मैं देख कर पानी पानी हो गया.

फिर भैया ने भाभी कि ब्लाउज की डोरी पकड़ कर खींच दी और ब्लाउज उतारकर अलग कर दिया, मेरी दुल्हन भाभी अब ब्रा में थी।दोस्तो, मैं आपको भाभी के बारे में बताना ही भूल गया. जैसे ही उन्होंने मुझे देखा तो वो हड़बड़ा गईं और अपने आपको वॉशरूम के गेट के पीछे छुपा लिया. मैं हट नहीं सका क्योंकि उन्होंने अपनी चुत पर मेरा सर अपने हाथों से दबाया हुआ था.

मेरे दोस्त ने उसको पटाया था, ये उसने मुझे बाद में बताया कि ये है तो उसकी जुगाड़, लेकिन मैं इसकी चूत का मजा तेरे को भी दिला दूंगा. उसका फिगर मामूली सा हैवी साइज़ था, गदराया हुआ बदन जैसा कि बच्चा होने के बाद लड़की का हो जाता है, और उसका वही साइज़ मुझे सेक्सी लग रहा था. फिर उसने अपनी तरह की एक नाइटी मुझे दी और मैंने उसे डाल लिया, मगर डालते ही मुझे उसके सामने जाने में भी शरम आ रही थी.

आज मुझे अपनी चुत चुदवाने के लिए फ्री में नया लंड मिल रहा था, तो मैं भी अपनी सहेली के भाई के कमरे में चली गयी. उसके घर में दो भाई-भाभी, माँ-बाप के अलावा और कोई नहीं था, सब अपने-अपने कमरे में जाकर सो गए.

” करने लगे और लंड को मेरे मुँह में ही आगे पीछे करते हुए बोले- अहहाआ. मैंने देखा कि मुँह से चाटते ही कुत्ता कुतिया के ऊपर चढ़ गया और अपना लंड उसकी चूत में फंसाने लगा. मैं भी कई दिन से सोच रहा था कि अब तो मेरी बहन जवान हो गई है और अब चोदने में मज़ा देगी, इसलिए घर का माल घर पर ही रहना चाहिए.

मैं उससे कुछ बोलता, उससे पहले कॉल पर काजल बोली कि यार तुम 12 बजे के बाद आना, अभी मैं पापा के साथ कहीं जा रही हूँ, बाद में बताती हूँ.

पद्मिनी सोच रही थी कि उफ़ क्या करेगा यह बापू अब… ओह माय गॉड? कहीं अन्दर तो नहीं डालेगा… मैं क्या करूँगी अगर अन्दर डाला तो??मगर बापू ने अन्दर नहीं पेला, पद्मिनी के चूतड़ों के बीच दोनों ऊंचे हिस्सों के बीच वाली फांक में अपना लंड रगड़ता रहा थोड़ा सा जोर लगा कर भी लंड को रगड़ा और बहुत ही जल्द, बल्कि कुछ ज़्यादा ही जल्दी पद्मिनी को ज़ोर से अपने बांहों में जकड़ कर झड़ने लगा. इतने में उन्होंने मेरे शॉर्ट्स को कब उतार दिया, मुझे पता ही नहीं लगा. ” राजेश जोश में सब बोलने लगा।भंगवा??” चेतना ने पूछा।हम तीनों को भी समझ में नहीं आया था तो हम भी ध्यान से सुनने लगी।भंगवा… उससे एक नशे वाला शर्बत बनता है.

वो बोली- छोड़िए ना… क्या कर रहे सुबह सुबह…मैंने कहा- प्यार कर रहा हूँ. उसको ज़ोर से चिल्लाने को मन कर रहा था, मगर नींद का बहाना जो कर रही थी, तो सब सहना पड़ रहा था.

आंटी कभी मेरा लंड चूसती, कभी अपनी जीभ से चाटने कभी जोर जोर से हिलाने लगती. मैं दूसरे दिन अपने घर मम्मी के पास पहुंच गयी और अब सुबह का इंतजार करने लगी, सवेरा हुआ, जल्दी से तैयार हो गई, मम्मी को पहले ही बता चुकी थी कि सुरेन्द्र जीजा मुझे सतना ड्रेस दिलाने ले जाने को बोले हैं. मैंने कहा- क्या हुआ?वो हंस कर बोली कि दीदी आप का मँगवाया हुआ खिलौना आ गया है, उसी को दरवाजा बंद करके देख रही थी.

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कुछ देर बाद जैसे ही मेरे लंड का पानी निकलने लगा, तो मैंने लंड बाहर निकाल कर उनके पेट पर पिचकारी छोड़ दी और हम दोनों कुछ देर वहीं लेट गए.

मुझे उनकी इस बात से चिढ़ सी हुई और मैं नाराजगी के स्वर में बोला- ठीक है. उसने मुझे अपने घर का पता दिया और कहा कि आने से पहले एक बार फोन जरूर कर लेना. उन्होंने सिगरेट का कश मारा और मैंने एक लंड फंसा कर एक धक्का दे मारा.

लालजी बोला- वन्द्या तुम बताओ कि तुम्हें प्रॉब्लम तो नहीं होगी क्योंकि तीन तीन नए लड़कों को झेल लोगी. मेरे सारे दोस्त उस पर डोरे डालते थे, पर वो सभी के लंड खड़े करवा के किसी को भी घास नहीं डालती थी. बीएफ भेजिए बीएफवो समझ नहीं पा रही थीं कि ये कर क्या रहा है, इतनी दरिदंगी से क्यों चोद रहा है.

मैंने रूम अंदर से बंद कर लिया और दोनों साथ में सो गये चादर डाल के!सुबह किसी ने दरवाज़ा नॉक किया. और मैंने हल्का सा धक्का लगाया तो मेरे लंड का सुपारा उसके अन्दर चला गया.

मेरी तो जान निकल गयी क्योंकि जो लण्ड के ऊपर जो खाल थी, वो अचानक से नीचे रगड़ खाते हुए निकली… मैंने उसको बाहर निकालने को बोला और फिर से बैठने को कहा।पर मैंने सोचा कि जब मुझे इतना दर्द हुआ तो इसको क्यों कुछ नहीं हुआ. बस अकेले होने का जी चाह रहा था। हमारे नसीब में अकेला होना कहाँ नसीब… आज मौका था तो सोचा कि थोड़ा वक़्त यूँ भी सही। घर पे तो बोल के ही चले थे कि शाम हो जायेगी कल की तरह, तो कोई परेशानी भी नहीं।”पर यहाँ यूँ अकेले बैठना सेफ रहेगा भला? और यहाँ से वापस कैसे जायेंगी. ऐसा तो है नहीं कि अपने को उधर पहुँचते ही कोई कपल ऐसा मिल जाएगा, जो लंड चुत को साझा करने की इच्छा रखता हो.

हिमानी को हालांकि दर्द हो रहा था परंतु वह कसमसा कर पूरा 8 इंच लम्बा और तीन इंच मोटा लण्ड ले गई. मैं एक बेहद शरीफ युवक हूँ, मैंने कभी किसी लड़की के साथ सेक्स नहीं किया था इस घटना से पहले. मैंने जैसा पोर्न वीडियो में देखा था, उसी तरह से चूसना शुरू कर दिया.

मुझे शुरु से ही आंटी और भाभियों को चोदना पसंद है, आज मैं आप को अपनी गर्लफ्रेंड की मां की चुदाई के बारे में बताऊंगा.

पापा ने मुझे पूरी नंगी कर दिया और बोले- आज से 13 दिन तक तुम कोई भी कपड़ा नहीं पहनोगी और मेरी रखैल बनकर रहोगी. मैंने देखा कि राज सामने ही बने बाथरूम में कपड़े लेकर चला गया और मैं सामने खाट में बैठी मधु का इंतजार करने लगी.

मैं घर पर खाली बैठा रहता था और घर में बस चाचा, चाची एक बहन थे, बाकी सब लोग दिल्ली में थे. जूसी रानी ने आँखें तरेर के कहा- हरामी, तुझ से बातों में आज तक कोई जीता है जो मैं अपना दिमाग ख़राब करूँ… मैं जा रही हूँ उर्मिल दीदी से बातें करने… तू चुपचाप अच्छा बच्चे कीतरह यहाँ बैठ… मैं थोड़ी देर मेंआती हूँ फिर खाना साथ खाएंगे… और हाँ फिर कोई बदमाशी नहीं करियो…समझ गया न?मैंने कहा- जी हाँ मैडम जूसी रानी जी, अच्छा बच्चा बन के बैठा रहूंगा आपके आने तक. इधर मेरा लंड भी खड़ा हो गया था, पर मैंने अपने आप पर कंट्रोल किया हुआ था.

अभी आधा लंड ही गया था कि भाभी की चीख निकल गई और बाहर निकालने को कहने लगीं. मेरी सेक्स कहानी के पिछले भागमेरा नौकर राजू और मैं-1में आपने पढ़ा कि कैसे मैं अपने पति के साथ सेक्स से वंचित थी और अपने जवान नौकर के साथ चुदाई के सपने देखने लगी थी. मेरा नाम दिव्यांश जैन है, यह कहानी मैंने अपनी बहन टीना की आईडी से भेजी है.

कंडोम लगाकर सेक्सी बीएफ हम वापस आ गए, उसको मैंने उसके बाद भी कई बार चोदा, वो घटनाएं भी कभी लिखूँगा. वो मेरी चूची को चूसते चूसते मेरे निप्पलों को भी काट रहा था और मैं सिहरे जा रही थी.

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एक दिन उसने मनोरमा से कहा- मैडम, मुझे अब रात को नींद नहीं आती!और उसका कारण भी उसने बताया. उस दिन जब मैं घर पहुंचा तो मैंने देखा के तीन बजे थे और भाभी के घर से एक आदमी बाहर निकला और चुपचाप चला गया. फ़िर बड़ी चाची ने मेरी टी-शर्ट को निकाल दिया और छोटी चाची का एक हाथ मेरे लंड को पजामे के ऊपर से टटोल रहा था.

मैंने तुरंत अपने होंठ नेहा दीदी के होंठों पर रख दिए और नेहा दीदी को किस करने लग गया. ऐसा तो है नहीं कि अपने को उधर पहुँचते ही कोई कपल ऐसा मिल जाएगा, जो लंड चुत को साझा करने की इच्छा रखता हो. हॉट बीएफ एचडीउसके बाल खुल के बिखर गये थे और उसका सुन्दर गुलाबी मुख काले बालों के बीच जैसे पूनम का चन्द्रमा हो, उसकी भरी भरी पुष्ट जंघाओं के जोड़ पर मध्य में उसकी फूली हुई चूत जिसे वो दोनों हाथों से खोले हुए मेरी ओर लाज भरी आंखों से मन्द मन्द मुस्कान सहित देख रही थी.

शबाना ने अपने कपड़े ठीक करते हुए कहा- माँ ना आ जाए, अब मैं चलती हूँ.

अगले दिन शादी थी तो उसकी तैयारियों व खाना पानी में कब शाम हुई पता ही नहीं चला और बारात के टाइम पर मैं तैयार होकर सबके साथ पहुंचा. लेकिन बैकुंठ धाम से पहले ही उसने एक जगह बाइक रुकवा ली, जहाँ से नीचे उतर कर गोमती के किनारे जाया जा सकता था।यहाँ!” मुझे चौंकना पड़ा- यहाँ क्या कोई मिलने आने वाला है?नहीं.

अब मैंने अपना लंड सैट कर के उसकी चूत पर लगाया और एक ज़ोर का धक्का दे मारा. मैंने स्कूल कॉलेज की लाइफ में केले, खीरा और ककड़ी से चुत की खाज मिटाने का का पूरा मजा लिया. उनको इस वक्त एक पल के लिए भी लंड के धक्के रोकना बर्दाश्त नहीं हो रहा था.

बड़ी चाची मछली जैसी तड़पने लगीं और उन्होंने गालियां देना चालू कर दिया- याआआह… ऊहह… सक यस… यस यस यू सं ऑफ़ बिच… सक… गुड साले चोदू… तेज कर भड़वे… साले मादरचोद जोर से चाट भोसड़ी के… आह कितना मजा आ रहा है… आह…”फ़िर मैंने अपनी जगह बदली और जा कर छोटी चाची के पास आ गया.

उसका कहना था कि एक तेज पिचकारी के साथ मेरा पानी निकल उठा और मैं माधुरी के ऊपर गिर गया. पद्मिनी आइने में से ही बापू को देख कर थैंक्स कहने के लिए मुस्कुरा रही थी. मैं यह कह कर जाने लगा तो उसने मुझे आवाज देकर रोका और बोली- आज मेरे हसबैंड आउट ऑफ इंडिया हैं, क्या तुम हमारे साथ साइबर हब गुरुग्राम चलोगे?मैंने कहा- मैं वहीं रहता हूँ, आप अपनी कार से आ जाएं, तब तक मैं आपको वहीं मिलूंगा, क्यूंकि मेरे पास भी अपनी कार है.

प्रेग्नेंट वाली बीएफमेरी कामुक कहानी के पिछले भागप्रियंवदा: एक प्रेम कहानी-2में आपने पढ़ा:कुछ देर ऐसे ही मस्ती करते करते दोनों आपस में चुम्बन लेने लगे और एक दूसरे के अंगों के साथ अठखेलियां करने लगे लेकिन इस सारे खेल में मैडम ज्यादा उछल कूद कर रही थी, वह कभी मालिक के साथ फ्रेंच किस करती तो कभी मालिक का लिंग जो बड़ी मुश्किल से 4 इंच का होगा उसे सहलाती।इस प्रेम क्रीड़ा में हम तीनों मग्न थे. मैंने उसके होठों पर किस करने के लिए उसका चेहरा अपनी ओर घुमाया ही था कि उसने कहा- सुनिए जी, आज थोड़ा आराम से किस किजियेगा, पिछली बार आपने इतनी तेज किस किया था कि मेरे होंठ सूज गये थे मुझे बहुत अफसोस हुआ.

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मैंने उसकी कमीज ओर ब्रा को निकाल दिया, जिससे उसके चुचे उछल कर बाहर आ गए. उसके बाद मैंने अपने मोज़े उतारे और मैं भी रिलेक्स होकर बात करने लगा. सोचो अगर किसी शादीशुदा औरत का पति यदि महीनों महीनों तक घर पर नहीं रहता है तो उसका क्या हाल होता होगा.

फिर हमने एक रेस्टोरेंट पर साथ में कॉफी पी और उस दौरान दीदी बताया कि वह भी यहीं रहती है और पढ़ाई कर रही है. जूही तब कम उम्र की थी परन्तु वो क्या आफत बनने वाली थी यह दिखने लगा था. यह बात तीन महीने पहले की है जब मुझे मेरी सास के घर रात रहने के लिए जाना पड़ा क्योंकि मेरे ससुर नहीं हैं, सिर्फ़ मेरी सास और मेरा साला ही है.

वे बोले- गांड बता रही है कि अभी मराने की प्रेक्टिस में है।मैं उनके तजरबे को मान गया, मैंने कोई तीन महीने पहले देवेश सुमेर से कराई थी. पर वो बोला- गांड मरवाने में थोड़ा सा दर्द होता है और बाद में मजा आता है. मुझे क्या बात करनी चाहिये।” मुझे लगा, वो मुझ पर भरोसा कर रही है।कोई बात नहीं.

उसके स्वर्ण रस की गर्मी जैसे ही मुझे महसूस हुई मैं भी चरम आनन्द तक जा पहुंचा और आठ दस बार ज़बरदस्त पेलमपेल मचा के झड़ गया, ढेर सारा लावा रेखा रानी की चूत में भर गया. मैंने उठाया तो पापा ने कहा कि हमें गांव जाना होगा, उधर किसी की डेथ हो गई है.

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थोड़ी देर बाद मैंने अपनी जींस और अंडरवियर उतार दिए और अपने नंगे लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगा.

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उसे खिड़की के पास लगा कर ऊपर रोशनदान से अन्दर देखा जा सकता था।वह कोई ख़ास वजनी नहीं था, मैंने उसे गोल घुमाते हुए खिड़की के पास एडजस्ट कर लिया और ऊपर चढ़ गयी. वो भी बहुत खुश थी, अब हम एक-दूसरे को देख भी रहे थे और सहला भी रहे थे. उन्होंने अपनी चूची और गर्दन नीचे करके तकिये पर रख ली और मेरे झड़ने का इन्तजार करने लगी.

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लेकिन कोई बात नहीं, मैंने भाभी के मोबाइल से आपका नंबर निकाल लिया है. मैंने जब बैग दिया तो उसने उस बैग को अपनी और मेरी टांगों पर रख दिया. उन्होंने पैकेट खोला और सेक्स टॉय देखते ही हल्की सी हंसी उनके सारे चेहरे पे फैल गई.

जैसा कि मैंने बताया कि उस टाइम में मैंने काफी लड़कियों को प्रपोज़ किया था और सबने मेरे प्रपोजल को रिजेक्ट कर दिया था.

अंकल चौंक के बोले- अरे ऐसा भी कोई आम होता है क्या?मैंने मुस्कुराते हुए कहा कि नहीं अंकल जी.

तो मैंने कहा- हां, वहां देख नीचे एक रजाई रखी है, उसे बिछा ले, फिर झाड़ देना. वो मुझे कुत्ते कुतिया की चुदाई के बाद दोनों की चुत लंड फंसने के सीन के बारे में बताता हुआ डरा रहा था. हिंदी में बीएफ फिल्म बीएफइसी बीच गर्मियों की छुट्टियां आ गयीं और इनके सास-ससुर अपने पोते यानि कि सुकन्या जी के बेटे को लेकर गाँव चले गए.

मैं भी कई दिन से सोच रहा था कि अब तो मेरी बहन जवान हो गई है और अब चोदने में मज़ा देगी, इसलिए घर का माल घर पर ही रहना चाहिए. रात में करीब एक बजे के बाद उनका कॉल आया- नींद नहीं आ रही है?मैं- आपको देखकर नींद गायब हो गयी है, आपके पति कहाँ हैं?सुकन्या- सो रहे हैं. मैंने अपने लंड पर थोड़ी वैसलीन लगाई और सोनिया की दोनों टांगें ऊपर उठाकर चुत के छेद पर लंड सैट करके जोरदार धक्का लगा दिया.

अभी एक महीने की ट्रेनिंग पर बंगलुरू गया है, वापस आयेगा तो शायद नोएडा ही रहना पड़ेगा।”और मान लीजिये कोई मेडिकल इमर्जेंसी हो जाये तब?”पड़ोसी ही काम आयेंगे, थोड़े बहुत काम या वक्त जरूरत के लिये पड़ोसियों से बना के रखनी पड़ती है और उनकी उम्मीद भी बनी रहती है।”उम्मीद. मैं भी जोश में जा गया और मैंने एक साथ अपनी तीन उंगलियां उसकी चूत में घुसेड़ दीं.

मैंने भी तेज़ी से धक्के मारता हुए पूछा- पानी कहां निकालूँ?तो बोली- यार, पहला पानी है, अन्दर ही डाल दो.

[emailprotected]कहानी का अगला भाग:रोहतक के मलंग ने हिला दिया पलंग-2. आआ उम्म्ह… अहह… हय… याह…वो बहुत मजे से बोले जा रही थी और मेरा सर अपने दोनों आमों के बीच में दबाए जा रही थी. खैर जब उसका नालायक पति चुदाई ज़्यादा नहीं कर पाता होगा तो चूत ढीली होती भी कैसे.

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पर मैंने सोचा कि अगर आज अकेले हैं तो आज उसे भी कोशिश करके इस खेल में शामिल करूंगी. वो ग्राहक लड़कियों के मम्मों को बुरी तरह से दबा दबा कर देखता है कि यह कितने ढीले हुए हैं. जिससे उनके लघु भगोष्ट स्वतः ही खुल गये और स्वर्ग का द्वार दिखने लगा.

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फिर दर्द बढ़ा और रत्नेश भैया ने अबकी बार काजल के होंटों को ही अपने होंटों में भर लिया।अब क्या बाकी था… इतने सेक्सी जवान मर्द से यदि इतना प्यार मिले तब तो चूत ही क्या चाहे पूरा जिस्म फट जाए तो भी मंज़ूर होगा किसी लड़की को। काजल ने एक और झटका दिया और लगभग 50% लन्ड काजल की चूत में चला गया।अब दोनों ही मानो मूर्ति बन गए, कोई हलचल नहीं थी. आप बेशक मुझे अपना वह दोस्त समझ सकती हैं जिससे आप पूरी सेफ्टी के साथ जैसी चाहें बात कर सकती हैं।”मैं नहीं समझ पाती. मेरी योनि के ऊपरी सिरे पर उसके अंगूठे की सहलाहट वापस उसी अजीब सी तरंग को जिंदा कर रही थी, जो पहले टूट गयी थी।धीरे धीरे नशा चढ़ता गया और दर्द पर हावी होता गया.

मेरी बीवी का नाम निधि जैन था, लेकिन दो तीन साल तक काफी बीमार रही और उसके बाद दो वर्ष पूर्व वो इस धरती लोक को त्याग कर ऊपर वाले के पास चली गयी. उसने भी अपनी चुत साफ की, मुझे गले से लगा लिया और बोली- आज बहुत मजा आया विराट.

यहाँ होटल में ही किसी को पटा लो, और कोई ना पटे तो यहाँ के स्टाफ के किसी लड़के के साथ अपनी प्यास बुझा लो!तब अंकुश के एक मित्र ने मुझे कहा कि भाभी आप खीरा, गाजर, मूली या केला लेकर उससे अपनी कामुकता को शांत कर लो।तब मैं पूरी नग्न थी लेकिन जैसे उन तीनों दोस्तों के लिये तो मेरा कोई वजूद ही नहीं था वहां… इससे अधिक मेरा अपमान और क्या हो सकता था.

उसने शर्ट के बटन खोल दिया और मेरे सीने के बालों पर हाथ फेरते हुए बातें करने लगी. इस बात का पता तो मुझको वहाँ पहुँच कर ही लगा था। उन दोनों का रूम हमारे रूम के समीप ही था। अंकुश तो पूरा दिन उन्हीं के संग उनके रूम में रहता था।अब मैंने फिर पूछा- बेटी, मैं कुछ समझा नहीं? पूरी बात थोड़ा और विस्तार से बताओ।तो पूजा बोली:हाँ पापाजी, मैं भी खुलकर ही सारी बात बताना चाहती हूँ. उसके बाद से हम दोनों को चुदाई के लिए कोई भी मौका नहीं मिल रहा था और हम दोनों बस एक दूसरे से फेसबुक पर बात करते थे.

दोस्तो उस समय मैं केवल टावेल में था, मेरा सीना खुला हुआ था और भाभी के पीठ से चिपका हुआ था. उसके बाद वो मेरी पेट को चाटने के बाद मेरी नाभि को अपनी जीभ से चाटने लगा. क्या कमाल का फिगर था उसका!फिर मैं उसको वहां से उठा कर बेडरूम में ले गया और बेड पर लिटा दिया.

फिर वो बोली- देखो यार, नौकरी तो मिल जाएगी मगर तुम्हें अपना जलवा भी दिखाना पड़ेगा.

कंडोम लगाकर सेक्सी बीएफ: उसे इस झटके से करने के कारण मज़ा आ गया, उसकी हल्की सी आह भी निकल गई. तभी इनकी सख्ताई कुछ घटेगी…अपनी बड़ी साली की चूची मुंह में लेकर मैं मस्त होकर चूसने लगा, कभी कभी निप्पल को और कभी कभी चूची को कस के काट भी लेता.

मैंने महसूस किया कि भाभी जाते हुए बड़ी इठला कर गांड मटकाते हुए गई थीं. एक तरफ लड़के लोग, दूसरी तरफ लड़कियां और हा हा हा हा दोनों के बीच में बुज़ुर्ग लोग, ताकि कोई भी कुछ गड़बड़ न कर सके. उनकी आँखें जैसे गहरी झील, उनके होंठ, जैसे खिलते हुए गुलाब की पंखुड़ियां.

मेरी बात सुनकर भाभी पहले तो चुप रहीं, फिर धीरे से बोलीं- नहीं ये गलत है.

बदले में मैंने उनके अंदाज में उनकी सेवा भी की और अंततः ग्वालियर पहुंचा।उस दिन मैंने ग्वालियर पहुंचकर चैन की सांस ली और सोचा कि अगले महीने एग्जाम्स शुरू होंगे तो लगभग 3 महीने तक इन सबसे दूर ही रहो, तो ठीक होगा. एक छोटा सा… लगभग पचास घर का गांव… पहुंच विहीन!हम शादी के पांच छः दिन पहले गए. फिर एक दिन जब मैं दिन के समय बाहर बैठा था और उनके सोने का इंतजार कर रहा था.