नौकर और नौकरानी की बीएफ

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चाची को चोदा: नौकर और नौकरानी की बीएफ, रीमा ने कराहते हुए कहा- पहले धीरे झटके देना, तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है.

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मैं- हां बोलो … क्या बात है?वो- यार मैंने तुम्हारे बारे में कभी ऐसा सोचा ही नहीं था. सनी लियोन एक्समैंने भी तुम्हारी माँ की बात पर विश्वास नहीं किया था लेकिन जब तुम्हारी माँ ने मुझे तुम्हारे पापा के साथ उनकी चुदाई की वीडियो दिखाई तो मुझे तुम्हारी माँ पर बहुत तरस आया.

अब शेखर ने अपने कदम आगे बढ़ाने की सोची और धारा की एक चूची को अपने बाएँ हाथ से मसलते हुए अपने दाएँ हाथ को उसके पेट पर घुमाने लगा. अठरा वर्षे सेक्सीमम्मी- निखिल, मैं भी तड़प रही थी एक मर्द के लिए, तेरे भैया तो 4-5 मिनट में ही फुस्स हो जाते थे.

मैं ऊपर और वो नीचे!मैंने शुरू किये धक्के देने और तमन्ना ने लंबी-लंबी आहें- जा…न… आ…ह… जा…न!कहते-कहते उसने मेरा चेहरा पकड़ा और मेरे होंठ अपने होंठों में दबा कर झड़ने लगी.नौकर और नौकरानी की बीएफ: मैंने भी उनकी भावनाओं को समझते हुए दोनों हाथ की उंगलियों से उनकी चूत के होंठ खोल कर जितनी अन्दर तक जीभ जा सकती थी जीभ डाल दी और दीदी की चुत चाटने लगा.

मसाज करते करते मैंने देखा कि उसकी चूत के बिल्कुल पास में एक छोटा सा काला तिल है.वो बोली- ह्म्म्म … आगे सिर्फ़ किस ही होगा क्या?मैंने बोला- ना … अभी तो बहुत कुछ होना बाकी है.

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मैं जगह बनाने लगी तो ऑटो वाला बोला कि मैडम जल्दी बैठिये और उसने ऑटो आगे बढ़ा दिया.फिर जब मेरे पति घर आ गए तो दिन में उनके जाने के बाद मैं समीर से नंगी होकर जोरदार चुदाई का मजा लेती.

जिसने अभी तक ना पढ़ी हो … वो पहले इन्हें जरूर पढ़ लें, ताकि इस सेक्स कहानी का पूरा मजा आए. नौकर और नौकरानी की बीएफ फिर मैंने अपनी नाक से चूत के दाने को सहलाया और चूत को जीभ से ऊपर से नीचे तक चाटते हुए उठकर लंड को चूत पर टिकाने लगा.

थोड़ी देर बाद वो लंड से मलाई खा गई और मेरा लौड़ा लॉलीपॉप समझकर गपागप गपागप चूसने लगी.

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ये सब रिज़वाना के हॉस्टल में रहने के कारण हो रहा था कि मैं उसे चोद नहीं पा रहा था. मैंने कहा- पहले तू अपनी मर्दानगी दिखा मुझे!यह सुनकर उसका तो शायद जैसे अंदर को मर्द ही जाग गया. हालांकि हॉस्पिटल पहुंचने से 15 या 20 मिनट पहले नीना ने डॉक्टर साहब को अपने आने की सूचना दे दी थी.

आह कबाड़ा कर दिया मेरी चूत का … कल नहीं चोदना क्या तुझे … मादरचोद फाड़ कर रख दी मेरी चूत … आह मां अपने दामाद से बचाओ मां … हरामी ने लंड चुत में जड़ तक पेल दिया. अंकल ने मेरा हाथ अपने लंड पर रखवा दिया और मुझसे लंड सहलाने के लिए कहा. वो अपने होंठों को मेरे होंठों के पास लाने लगे तो मैं पीछे को होने लगा.

[emailprotected]हॉट मौसी सेक्स कहानी का अगला भाग:पड़ोसी को पटा कर चुत चुदवा ली- 5. कुछ देर बाद हम दोनों सामान्य हो गए और अब मैं भाभी को ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा. यह गर्म लड़की सेक्स कहानी तब की है, जब मैं हायर सेकेंडरी स्कूल की पढ़ाई कर रहा था.

मेरे लंड को तनतनाता देख कर संगीता ने एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ लिया और उसे भी हिलाने लगी. अब आगे परिवार में चुदाई स्टोरी:मैंने कहा कि मैं आप दोनों की चुत को चाटूंगा, उससे आपको गर्मी महसूस हो जाएगी और कुछ अनुचित भी नहीं होगा.

वो तो थोड़ी देर में ही झड़ गईं क्योंकि वो मेरी और ताई की चुत चटाई देख कर पहले से ही चूने लगी थीं.

अब मेरे दिमाग में बहुत सारे सवाल आ रहे थे, पर इस समय मुझे तो जिसकी चूत चाहिए थी, वो चोदने को मिल रही थी, तो मैंने चुप रहना ही बेहतर समझा.

मैं उसको अपने से अलग करते हुए बोली- दीदी को चोदकर तुम्हें मजा लेना है!वो बोला- आप मेरी बहन थोड़ी ना हो. मैंने कहा- आह … सच में मेरी जान कितना मजा दे रही हो … और चूसो … आह. जैसे जैसे मैं धक्का लगाता, उनका प्यार और बढ़ता जाता … जिसका अंदाज मैंने उनके नाख़ून का मेरे पीठ पर गड़ने से लगाया.

ये देख कर भाबी भी पागल सी होने लगीं और जानबूझ कर अपने सर को लंड से टच कर रही थीं. सभी पाठकों और पाठिकाओं का मुझे जैसा प्यार पहले मिलता रहा था, वैसे ही प्यार मेरी इस कहानी को भी मिलेगा, इस बात का मुझे पूरा यकीन है. अब एक तो उन्हें मज़ा नहीं आ रहा था और ऊपर से दांत लगा तो वो आग बबूला हो गए.

थोड़ी देर में ताई कुछ शांत हुईं तो मैंने फिर से गांड चोदना शुरू कर दिया.

ये टॉप बिना बांह के था और उसका गला काफी गहरा था जिसमें से मेरी चुचियों के मस्त उभार साफ़ दिख रहे थे. आप लोग दोस्त की बीवी की चुदाई कहानी पर अपनी राय मुझे कमेंट्स में बताएं. एकदम मजबूत मर्द की तरह वो रीमा को चोद रहा था और फ़च फ़च की आवाज़ आ रही थी.

तब मैंने उसकी पैंटी को खोला, तो देखा की एकदम चिकनी पाव की तरह फूली हुई चूत थी. शेखर ने नींबू पानी पिया और थोड़ी देर के लिए अपने फ़्लैट की बालकनी में कुर्सी पर बैठ गया. निखिल भी मान गया और ये तय हुआ कि रोज रात 8:30 बजे शाम से 10:30 बजे रात तक रीमा निखिल को पढ़ाने के लिए उसके घर आएगी.

भाभी बोलीं- पागल है तू … तेरे भैया क्या करेंगे फिर?मैंने कहा- भाभी मैं आपको किस करना चाहता हूँ.

मैंने कहा- आह जान मेरी फ्रेंची को निकाल दो न!मौसी- हां मैं अभी निकाल देती हूँ जान. दोस्तो … क्या नज़ारा था वो!मामी की गांड बिलकुल गोरी और चिकनी थी। जिसकी दरार के बीच एक छोटा सा गुलाबी छेद … मन तो कर रहा था कि उसी छेद मे अपना लंड डाल दूँ!पर सोचा इतनी प्यारी सी गांड है … इसे फिर कभी बड़ी तसल्ली से चोदूंगा.

नौकर और नौकरानी की बीएफ तेरे जाने के बाद मैंने तेरी बीवी को लंड की कोई कमी नहीं होने दी है. वह जैसे ही आई, मैंने उसे बांहों में भर लिया और उसे जांघों पर बैठा कर उसकी मस्त चूचियों का सहलाने लगा.

नौकर और नौकरानी की बीएफ भैया पूरे नंगे लेपटॉप पर ब्ल्यू फिल्म देख रहे थे और अपने मूसल जैसे काले लंड की मुठ मार रहे थे. फिर तो मेरी कोशिश जारी रहेगी, आगे ऊपर वाले की मर्ज़ी!धारा- वैसे सच कहूँ तो आज दोपहर में आपसे बातें करके मुझे लगा कि आप एक नेक इंसान हैं और औरत की भावनाओं को भी समझते हैं, वर्ना आजकल तो मर्द सीधे वहीं घुसना चाहते हैं, भले ही औरत को पसंद हो या ना हो.

इसके पीछे एक पतली पट्टी थी, जिससे पीछे का सब हिस्सा खुला ही रहता था.

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इसके बाद सरला ने एक मादक अंगड़ाई ली और मुझसे पूछा- सिगरेट है?मैंने हां में सर हिलाया और अपनी जेब से गोल्डफ्लेक की डिब्बी और लाइटर निकाल कर टेबल पर रख दिया. मैं उसको लेकर वहां से चल दिया और उधर से 20 किलोमीटर दूर मेरे फ्रेंड के होटल पर आ गया. इसलिए मैं बस उनकी बातों का रस लेता रहा और उनकी जवानी को ताड़ते हुए मुठ मार कर खुद को शांत करता रहा.

उफ्फ क्या कहूं, भाबी मेरे लंड को ऐसे चूस रही थीं … मानो कच्चा ही खा जाएंगी. वह बोला- साली कुतिया, अब देख मैं दिखाता हूं तुझे कि एक मर्द किसको कहते हैं. इशारों में ही हम एक दूसरे से प्यार का इजहार कर रहे थे और दूसरे की तरफ मुस्कुरा भी रहे थे.

आप मुझसे शादी करोगी?”इस बार मेरी आवाज में उनके लिए उम्मीद थी, जिसे मेरे दोनों हाथों थमे हुए उनके चेहरे ने और मजबूत कर दिया था.

मानो कोई लॉलीपॉप चूस रही हो।धीरे धीरे स्मृति मेरे लंड को अपने मुँह के अंदर ज्यादा से ज्यादा ले रही थी. वो गगन के लंड को अपने दोनों पैरों के बीच में फड़फड़ाती चुत के अन्दर लेकर धच्च से बैठ गई और गांड हिलाती हुई लंड से चुदने लगी. दोस्त की बीवी की चुदाई कहानी का अगला भाग:आखिर मेरे बेटे का बाप कौन है- 5.

उसकी इस उत्तेजना से चूत चाटने पर अगले पांच मिनट में ही मैं एक बार फिर से झड़ गयी. शीना के मम्में उसकी माँ से छोटे थे पर कड़क थे, और उसकी ब्रा से आधे से ज्यादा बाहर निकले हुए थे. जानते हो, ललित ने तुम्हें हमारी सेक्स लाइफ़ और अनजान लोगों के साथ की जाने वाली मस्ती के बारे में जो भी बताया है वो सच तो है लेकिन आधा सच।तुमने पूछा था ना कि ये सब मेरी मर्ज़ी से होता है या फिर सिर्फ़ ललित की मर्ज़ी से, तो ये जान लो कि ये सब ललित की ही चाहत थी.

बाद में हमारी दिन में बहुत बार बात हुई और अब रोज ही बातें होने लगीं. हम दोनों वापस आ ही रहे थे कि शालू ने कहा- दादा, चलो न कहीं घूमने चलते हैं.

इस समय भाभी झुक कर नाश्ता लगा रही थीं तो उनका क्लीवेज साफ दिख रहा था. दोस्तो, टेलर मास्टर से चुदाई की कहानी का अगला भाग शीघ्र ही आपके सामने होगा. वो मस्त होने लगी और उसके मुँह से गर्म आवाजें निकलने लगीं- आआह … और जोर से चूसो … आह और जोर से मसलो!जब वो ऐसा कहने लगी तो मैं और भी ज्यादा जंगली हो गया.

मैंने घुटनों के बल बैठ कर उसकी चूत पर जैसे ही अपना मुँह लगाया तो वो उछल पड़ी.

चूंकि वह पतली दुबली लड़की थी इसलिए उसकी गांड थोड़ी सी ही बाहर को निकली हुई थी. ये देख कर भाभी को बड़ा आराम पड़ गया और वो अपने उस चुचे को दबाती हुई मुझे दूध पिलाने लगे. राज- रोहन जी, आप अपने बारे में कुछ बताएँगे कि आपको ये सब कब से और कैसे पसंद है और अभी तक क्या क्या किया है आपने?मैं रोहन:राज जी, मैंने पहले कभी अन्तर्वासना नहीं पढ़ी.

उसने उसी ओढ़ने वाली चादर के नीचे अपने सारे कपड़े उतार दिए और बस शॉर्ट्स पहन लिया. मेरी मां अपने बेटे के बड़े वाले लौड़े से चुदाई का मजा गांड उठा कर लेने लगी थीं.

मैंने आंटी के करीब आकर उनके बदन पर हाथ फेरा और कहा- आंटी, मुझे मालूम है कि वो बुड्डा आपको मजा नहीं देता है. चल नाराज मत हो, मैं तुझे उसका नाम बता दूंगी, पर तुझे मेरी कसम खानी होगी कि ये बात तू किसी को नहीं बताएगी. वो ऊपर ऊपर से मना कर रही थीं … लेकिन मेरे साथ साथ मज़ा भी ले रही थीं.

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झड़ने के बाद भाभी ने लंबी सांस ली और मेरी तरफ देख कर मुस्कुराने लगीं.

नीरू की आंखों में आंसू आ गए और वो रोती हुई अपनी चूत में उंगली करके अपने आपको शांत करने लगी. मैं उठा और अपनी पैंट की जेब से हाफ निकाल कर पहले दो पैग खींचे और एक सिगरेट सुलगा कर शालू के पास चला गया. ओह्ह … चोद दो … अब सहन नहीं हो रहा है … आह्ह प्लीज मुझे चोद दो जेठ जी!उन्होंने मेरी टांगें फैलाईं और जाँघों पर चांटे मारने लगे। चांटे मार मार कर उन्होंने मेरी गोरी जांघों को लाल कर दिया और चूत को चूमने चाटने लगे।अब वो मेरी चूत को जैसे खाने को हो रहे थे.

आप थोड़ी देर बैठेंगी तो मेरा भी काम में मन लगेगा वरना मैं अकेला ही काम करते करते ऊब जाता हूं. फरियाल के उठे हुए चूचे पतली सी कमर … और गांड एकदम गोल देख कर मुझसे रहा नहीं जा रहा था. फौजियों का सेक्सजब ये बात मुझे महसूस हुई तो मैंने चुपके से ये बात शहज़ाद को कान में बोली.

घर में सब रहे, तो आपको मुझे मां कहना होगा और मैं आपको नाम से पुकारूंगी. इससे पहले तो वो बहुत गुस्सा हुए और मुझे भला बुरा बोलने लगे, पर मैंने उन्हें शांति से समझाया कि मुझे भी शारीरिक सुख की कमी महसूस होती है.

कॉलगर्ल चुदाई कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरे दोस्त की दीदी अपनी चुदाई के पैसे बताकर मेरे सामने नंगी हो गयी. तुम्हारी माँ को जब मैं पहली बार चोदने लगा तब भी उसकी चूत पर बहुत बाल थे. चूत कैसी दिख रही थी, ये उस वक्त नहीं देख पाया क्योंकि मैंने तुरंत आंखें मूंद ली थीं और अमृत की तलाश में जीभ आगे बढ़ा दी.

मैं जोश में आ गया और तेज़ तेज़ झटके लगाने लगा और बोला- ठीक है साली … छिनाल रंडी चिल्ला … जितना चिल्लाना है. मेरा हाथ भी उसके स्तनों पर और दूसरा उसकी टॉप के अन्दर से उसके पीठ पर चलने लगा. अब मुझे लगा कि भाभी अब मुझसे अपनी कुछ पर्सनल बातें करने लगी हैं … तो कुछ चांस बन सकता है.

फिर मैंने अपना लंड मामी की चूत टिकाया और धीरे धीरे पूरा लंड मामी की चूत में उतार दिया और पूरी दम से चोदने लगा.

तो मैंने भी धक्के तेज कर दिये और कुछ ही देर में मैं भी उसकी चूत में झड़ गया. अन्दर से एक 40 साल का बहुत खड़ूस सा आदमी निकल कर आया और भुनभुनाते हुए बोला- क्या है?मैंने उसको मम्मी का नाम बताया, तो बोला- ठीक है आओ अन्दर.

आज तक जिसने भी मेरा लंड पकड़ा था, सबने हैरानी जताई थी और बोला था कि सच तुम्हारा लंड बहुत मोटा और लंबा है. चुदाई का महासंग्राम शुरू हो गया और रोमा व सोनाली ने जल्दी ही अपनी अपनी चुत में उन दोनों के लंड ले लिया. भाभी के पेटीकोट और पैंटी के अन्दर हाथ डालकर अब मेरा हाथ उनकी चूत पर आ गया था.

लंड से निकलते वीर्य का वेग इतना तेज था कि लग रहा था जैसे कोई जान को ही लंड के रास्ते खींच रहा हो. उसको घर छोड़ने जाने को कोई तैयार नहीं हुआ, तो शिक्षक जी ने मुझसे कहा- प्रवीण तुम चले जाओ और इसको इसके घर तक छोड़ आओ. मैंने ये सुनते ही उसकी आंखों में देखा, तो उसकी आंखों में उदासी और वासना एक साथ थी.

नौकर और नौकरानी की बीएफ उसका चेकअप करते हुए मैंने पूछा- आपके पति के कब लौटने का प्रोग्राम है?सर, वो जब जाते हैं तो करीब चार महीने बाद लौटते हैं और अमूमन दो महीने यहाँ रुकते हैं. पर मैं काम और कामसूत्र को हमेशा अलग रखता हूं, हमारे रिश्ते काफी प्रोफेशनल थे.

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लेकिन पहली बार लिख रहा हूँ तो शायद आप मुझे माफ़ करेंगे और मेरी इस सेक्सी भाबी हिंदी कहानी की सराहना भी करेंगे. पहले मैंने उर्वशी की चूत पर लगाया और उसके बाद अपने लंड पर अच्छे से मालिश की, जो उर्वशी ने ही की थी. मैं न जाने किस झौंक में बोल गया- ये बैठने का नाम नहीं ले रहा है … क्या करूं, मुझे घर जाना है … कैसे जाऊं!भाभी बोलीं- घर पर कॉल कर दो कि दोस्त के घर पर हूँ … आज रात यहीं रुकूँगा, कल आ जाऊंगा.

उसने फिर से मानस की चुम्मी लेकर कहा- हां मेरे शेरू … अब तो तू जहां मुझे ले जाएगा, मैं तेरे पीछे भाग भाग कर आऊंगी. दोस्तो, मैं कविता तिवारी अन्तर्वासना पर आप सबका फिर से एक बार स्वागत करती हूं. दार्जिलिंग कहां हैमैं अन्दर गया और उससे कुछ बोलता, वो मेरे चेहरे को पकड़ कर किस करने लगी.

चाची- चुन्नी तो लपेट लूँ?यह कहकर चाची ने वही चुन्नी उसी तरह लपेट ली और रसोई में चली गई.

देसी हॉट सेक्स कहानी पर आप अपनी राय मुझे मेल के माध्यम से बता सकते हैं. उस वक़्त लगभग सब मुझपर ही आकर्षित हो रहे थे, लेकिन मेरा पूरा ध्यान अपने शहज़ाद पर था.

वो गिरने को हुईं, तभी पता नहीं कैसे मैंने उन्हें पकड़ने के चक्कर में उनकी मोटी गांड पर अपने दोनों हाथ लगा दिए. उस दिन रात को दो बजे सैम उठा, तो मैं जाग गया और उसे मां के कमरे में जाता हुआ देखता रहा. मैं बिस्तर पर फड़फड़ाने लगी। जेठ जी मेरी चूत का कोना कोना चाट रहे थे और मम्मों को निचोड़ रहे थे।अहमद मेरी चूत को कभी नहीं चाटता था.

धीरे धीरे करके उन्होंने मेरा हाथ अपनी चुत तक पहुंचा दिया और अपना गाउन कमर तक ऊपर कर दिया.

फ्रेंड मॉम सेक्स कहानी में पढ़ें कि ट्रेनिंग के दौरान मेरा एक दोस्त बन गया. शन्नो देखने में सांवली जरूर थी लेकिन अब मुझे उसके रंग रूप से कोई मतलब नहीं था. मैं अभी उनसे कुछ और पूछता, तब तक भाभी ने कुछ सोचा और मेरी तरफ देखने लगीं.

ஆந்திர ஆண்ட்டி செஸ்कंपनी में मैं सबसे मिला और मैनेजर साहब से अपने रूकने के लिए बात की. थोड़ी देर में मैं लेटा और तमन्ना लंड पर बैठी हुयी अपनी कमर हिलाने लगी.

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धीरे धीरे मैं अपना लौड़ा भाभी की गांड में डालता गया और पूरा लंड गांड के अन्दर पेल दिया. फिर मैं जल्दी से नीरू के पास गया और उसके मोम्मे दबाते हुए उसके होंठ चूमने लगा. यह सुन कर शीना कुछ देर चुप हो गयी, फिर बोली- मैंने मम्मी पापा वाला वीडियो देखना है.

तो मैंने लंड पेलना रोक दिया और उसकी चूचियों को मसलने लगा, पीठ चूमने लगा. फिर मैंने सोचा कि शायद ताई की चुत का भोसड़ा तब बना होगा, जब उनकी चुत से दो-दो बच्चे हुए थे. मां बिस्तर पर चित लेटी ही थीं कि सैम ने उनके दोनों पैर पकड़ कर अपनी तरफ खींचा और मेरी मां के दोनों पैरों को अपने कंधे पर ले लिए.

दोस्तो, आपको मेरी सच्ची गर्म लड़की सेक्स कहानी कैसी लगी … प्लीज़ मेल जरूर करें. नेहा एक बार मेरे अंडरवियर में तन रहे लंड को देखती और फिर शर्म से यहां वहां देखती हुई अपनी चूचियों को छिपाने की कोशिश करने लगती. अब मैंने देखा कि मां की मैक्सी ऊपर उठी थी और मैं पूरा नंगा उनके ऊपर चढ़ा था.

एक दिन मैंने फेसबुक पर एक सेक्सी कहानी पढ़ी तो मन में ख्याल आया कि क्यों न गूगल पर कहानी सर्च की जाये. रास्ते में मुझे एक सेक्सी भाभी जाती हुई दिखीं तो मैंने उनके पास बाइक रोक ली और ऐसे ही किसी कॉलेज का एड्रेस पूछने लगा.

दफ़्तर से घर तक पहुँचते-पहुँचते शेखर को क़रीब डेढ़ घंटे का समय लग गया.

चूंकि वह पतली दुबली लड़की थी इसलिए उसकी गांड थोड़ी सी ही बाहर को निकली हुई थी. संध्या कुमारीमैंने उसको पलंग पर लेटा दिया और मैं भी उसके ऊपर चढ़ कर उसको चूमने लगा. सेकसी पोरनमैंने उसकी बीवी ले ली।रोमिल बोला- नहीं भाई, पिंकी तेरी भी तो भाभी है।हां. पैग बनाकर शेखर ने एक बड़ा सा घूँट अपने हलक के अंदर लिया और एक लम्बी साँस भरी.

वो एक हाथ से वो रीमा की चुचियों का मर्दन करने लगा और दूसरे हाथ से उसकी चुत को सहलाने लगा.

इस मां बेटे की चुदाई की कहानी में आगे क्या क्या हुआ, वो सब विस्तार से लिखूंगा. अब मुझे लगा कि भाभी अब मुझसे अपनी कुछ पर्सनल बातें करने लगी हैं … तो कुछ चांस बन सकता है. वो गप्प से अंदर ले कर चूसने लगी, मैं उसके बूब्स मसलने लगा और झटके मारने लगा।थोड़ी देर बाद मैंने उसे उठाकर घोड़ी बना दिया और उसकी चूत में लन्ड घुसा कर गपागप गपागप झटके लगाने लगा.

बिना रुके मैंने पांच मिनट धक्के लगाए और मैं झड़ गया।प्राची उठकर बाथरूम गई, मैं भी उसके पीछे गया, उसने अपनी चूत को साफ किया।मेरे सामने ही उसने पेशाब किया. और तेरी प्यारी नीतू भाभी ने तो टांगें उचका उचका कर मेरा लंड खाया है. दोस्तो, सेक्स कहानी पढ़कर मैं बहुत ही बड़ा चोदू बन गया हूं और हमेशा चुदाई का मौका ढूंढता रहता हूं.

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अब रुचि अपनी चुत के बाजू में उंगली फेर रही थी और मैं उसे ताबड़तोड़ चोद रहा था. कभी रीमा एकदम टाइट कपड़े पहन कर चली जाती, जिसमें रीमा की गांड और कसी हुई चुत का साफ़ दिखता आकार निखिल को पता चलने लगता. कहाँ तो वो इस कश्मकश में था कि धारा को कैसे मनाए इस खेल के लिए और यहाँ तो धारा ने खुद ही उसे आमंत्रित कर दिया था.

मैं शर्माने लगा, तो उसने कहा- दो उंगलियों से करवाने में और ज्यादा मजा आएगा.

मैं ‘आअह अआहह … मादरचोद जोर से झटके मार … आःह्ह रंडी के बच्चे मार मेरी चूत … आअह …’ करती हुई झड़ गयी.

मेरा दोस्त 20 साल की उम्र का जालंधर का रहने वाला है और उसकी मां का नाम अंजू है. ऐसा लगा कि जैसे किसी ने बाग में मुरझाये फ़ूल को पानी दे दिया हो, बिना मौसम बरसात हो गयी हो. लन्ड खड़ा देखना हैतो मैं बोला- देखो शीना, इसमें तुम्हारी माँ की कोई गलती नहीं है, ये एक लंबी कहानी है जो मैं तुम्हें फिर कभी बताऊंगा.

जब मैंने नीचे से गांड उठा कर धक्का देने की कोशिश की तो वो मना करने लगी. फिर भाभी ने मेरे पास आईं और मेरे अंडरवियर में हाथ डाल कर लंड को दबाने और सहलाने लगीं. कुछ देर बाद मैं उसके गाल को चूमते हुए अलग हुई ही थी कि तभी मेरी बेटी आ गयी.

कभी मैं अपनी सीट पर सो जाता, कभी उठ जाता, कभी अपनी पुस्तकें पढ़ने लगता, कभी कुछ खा लेता, कभी इधर-उधर टहलने लगता. उसका पूरा मुँह उस पानी से भीग कर चमक रहा था और ये यही बयां कर रहा था कि आज सोनम बरसों बाद ऐसे खाली हुई है.

मैंने अपने हाथों से उसके हाथ पकड़ कर दूर किए और उसकी चूत को देखने लगा.

हैलो फ्रेंड्स, आप मेरी सेक्स कहानी में मेरे दोस्त की अम्मी की चुदाई का मजा ले रहे थे. मैं अपने लंड को आशारा के बदन पर सैर कराते हुए उसके नितंबों तक आ पहुंचा. ममता अपने कमरे में आकर मन में सोचने लगी कि भाई का लंड अब मैं अपनी चूत में लेकर रहूँगी, चाहे कुछ भी हो जाए … इतना मस्त लंड तो मेरी चूत की शोभा बढ़ाएगा.

अमेरिका कैसा दिखता है मुझे उसे चोदना तो था ही, मैं कोई चूतिया तो था नहीं कि इतनी खूबसूरत बला को बिना चोदे छोड़ देता. हुआ यूं … मैं एक दिन सुबह अपने घर के बाहर रास्ते पर मुँह धो रहा था कि कुछ देर में एक लेडी कुछ दूर से एक बच्चे के साथ गुजरी.

ममता अपने कमरे में आकर मन में सोचने लगी कि भाई का लंड अब मैं अपनी चूत में लेकर रहूँगी, चाहे कुछ भी हो जाए … इतना मस्त लंड तो मेरी चूत की शोभा बढ़ाएगा. इशारे में ही मैंने सुनीता से सेक्स के लिए पूछा तो उसने मना कर दिया और कहा- मैं तुम्हें फिर कभी बुला लूंगी. वो उसको वापस लेने निखिल के कमरे की ओर बढ़ी, तो मीरा ने उससे पूछा क्या हुआ?रीमा ने बताया कि मैं अपना मोबाइल निखिल के कमरे में छोड़ आई हूँ, वही वापस लेने आई हूँ.

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फिर हम लोग घर आ गये।मैंने गांडी अंदर खड़ी की और कमरे में जाकर कपड़े बदलने लगा. भाभी के घर में ही उनके डैड का ऑफिस था, जो उनके जाने के बाद भी खुलना था. दो पल रुकने के बाद मैंने फिर से अपना लौड़ा शालू की रसीली हो चुकी चुत में अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया.

मैंने मौसी को चोद रहा था और उनकी जेठानी हमारी चुदाई लाइव देख रही थी खिडकी से. ट्रिपल सेक्स से संगीता दर्द के मारे सिर्फ़ चिल्ला रही थी- आह निकालो … मुझे दर्द हो रहा है मेरी फट रही है … प्लीज.

शादी से एक दिन पहले सुषमा ने मुझे फिर से फ़ोन करके आने को बोला तो मैंने कहा- हां, मैं जरूर आऊंगी.

मैं मानती हूँ कि इस खेल में रोमांच तो है लेकिन कहीं ना कहीं मेरे मन में मजबूरी वाली भावना भी होती है. वो सब बारी बारी मेरे गले लगीं और शहज़ाद को जीजू कहते हुए उसके भी गले लगने लगीं. उसने भी मौक़े की नज़ाकत और धारा के उन्माद को देख कर उसकी भाषा में अपनी भाषा मिलाते हुए उसकी ताबड़तोड़ चुदाई शुरू कर दी.

आपको ये फैमिली ग्रुप सेक्स कहानी कैसी लगी इस बारे में अपना सुझाव और अपने विचार जरूर लिखें. वो भी मेरे खड़े लंड को हाथ लगाते ही समझ गई कि मैं एक्टिंग कर रहा था. होटल में मैंने कैसे उसके साथ मस्ती की और क्या क्या धमाल हुआ!दोस्तो, मैं नगीना तिवारी आपको अपनी चूत की चुदास की कहानी के पिछले भागमेरी चूत की प्यास कौन बुझाएगामें बता रही थी कि कैसे पति से लंड न मिलने पर मैंने अपने घर में समीर नाम का एक नौकर रखा.

समीर ने कमर से हाथ ले जाते हुए मेरे नंगे पेट पर हाथ रख कर पकड़ लिया.

नौकर और नौकरानी की बीएफ: फिर जब चाचा ने अपना मुँह उठाया, तो उनका पूरा चेहरा चाची की चूत के पानी से भीगा हुआ था. ”तुम हफ्ते में कितनी बार चुदवाना चाहती हो?”मैं तो दिन में चार बार चुदवा लूँ, मौका तो मिले.

फिर दो मिनट बाद पंजाबी आंटी कमरे में आईं तो मैंने उनको पूरी नंगी कर दिया और घर के बीच में ले गया. मैं फ़लक की गर्दन, चूचियों, नर्म पेट और सेक्सी धुन्नी से होता हुआ जाँघों, चूत और क्लिटोरियस पर पहुँच गया. फिर थोड़ी देर बिस्तर पर आराम करने के बाद जब मैं उठने लगी तो मेरी गांड में दर्द हो रहा था और बिस्तर पर खून था.

उसका हाथ मेरे लंड पर चला गया और गर्म डंडा महसूस करके एकदम से हॉट हो गई और लंड को मरोड़ने लगी.

वो हमारा दूर का रिश्तेदार था, तो मैंने उसके लिए कभी कुछ गलत नहीं सोचा था. मैंने उसके बारे में मालूम किया तो वो मेरे पड़ोसी के यहां किराए से रहने आई थी. अब उसने धीरे-धीरे धक्के देने शुरू कर दिए मुझे ऐसा लग रहा था कि वह मेरा मुंह नहीं मेरी चूत चोद रहा है.