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माँ की शारीरिक प्यास नहीं बुझ पा रही थी इसलिए उसने रघु के साथ ऐसा किया था। उसकी उसी प्यास को मैं अपने लंड से बुझा देना चाहता था.बलविंदर ने मुझे कहा- अपने गंदे वस्त्र उस टोकरी में रख देना व पहनने के लिए घर पर तो जांघिया ही पर्याप्त है.

अंदर से मैं प्रसन्न भी था यह सोचकर कि अगर मन नहीं लगा तो वापस गांव चला जाऊँगा. एचडी बीएफ देहाती हिंदी मुझे ऐसा महसूस हो रहा था कि जैसे मैं बेलचे से सीमेंट और रेत फेंट रहा हूँ.

और अपने कपड़े उतार कर एक झटके में निगार आंटी की चुत में लंड घुसा दिया.

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मैंने उसे फिर से सीधा लेटा दिया और उसके मम्मों को बारी बारी से चूसने लगा. मैंने थोड़ी और हिम्मत की और उसकी चड्डी को लांघ कर मेरा हाथ उसकी चूत को छू गया. ये मेरे जीवन की एक सच्ची सेक्स कहानी है, जो मैं आप सब लोगों के सामने अन्तर्वासना माध्यम से बता रहा हूँ.

पिछली रात को ग्रुप सेक्स का मजा लेने के बाद अब तीनों के बीच में काफी खुल कर बातें हो रही थीं. मौसी मौसा को डांटते हुए बोली- काम के ना काज के, घर पर निठल्ले ही बैठे रहते हो. अम्मी ने कहा- तुम्हारे पास गाड़ी नहीं है, तो कैसे जाएंगे?सुनीता आंटी ने जवाब दिया- मेरा एक जान पहचान का दोस्त है, उससे मैं गाड़ी मंगा लेती हूं.

कुछ देर मिशनरी पोज में दीदी को चोदने के बाद मैंने दीदी के दोनों पैर ऊंचे करके चुत चौड़ी कर दी. उस रात मुझे खुशी के मारे नींद नहीं आयी और मैं अपनी उस सपनों की रानी से मिलने की योजना बनाने लगा. फिर मैंने खुद ही फोन की लाइट में अलमारी के हैंगर से नया सिल्की पेटीकोट उठाया और उसे पहनने को दिया.

अगर वो ब्रा और पैंटी से खेले तो इसका मतलब है कि वो भी आपके साथ मजे करना चाहता है. इस प्रमोशन में मुझे अलग फ्लैट मिला था, जिसमें आज मैं अपने पुराने फ्लैट के साथियों के साथ एक पार्टी करने वाला था.

इतना कहते हुए बलविंदर मेरे इतने समीप आ गया कि उसकी गर्म गर्म श्वासें मुझे अपने चेहरे पर लगती हुई अनुभव होने लगीं.

इससे पहले वो जहाँ रहती थी वहाँ एक लड़के से प्यार करती थी और उसके साथ सेक्स भी किया था.

ऐसा लग रहा था जैसे मेरी चूत में कोई मोटे गर्म सरिया किसी ने डाल दिया है. मनोज ने कहा- कहां और कैसे करना है?सुनीता ने कहा- मुझे तो पता नहीं टू देख कैसे करना है. माँ लण्ड को एडजस्ट करने के लिए संघर्ष कर रही थी क्योंकि रघु के मुकाबले मेरा लण्ड दोगुना था.

अचानक ही मेरी नींद में ही मुझे महसूस हुआ कि मुझे बहुत अच्छी फीलिंग आ रही है. मैंने पहले भी लेस्बियन पॉर्न सेक्स देखा है, पर यह मैंने सोचा भी नहीं था कि मैं अपनी मौसी के साथ लेस्बियन सेक्स करूंगी. अमन को और ज्यादा जोश आ गया और वो मेरे पैरों से होता हुआ मेरी चादर में अंदर घुस गया.

कम से कम 9 या 10 पिचकारियां माल की उनकी चूत में निकलीं … औऱ मैं उन्हीं के ऊपर गिर कर सो गया.

मैं खेल-कूद, नाट्य, सामान्य ज्ञान, कुश्ती, साइकल से भ्रमण करने को भी उसी संजीदगी से लेता था जैसे अपनी शिक्षा को. और जोर जोर से चोदो मुझे … आह आज फाड़ दो मेरी चूत को … आह फाड़ डालो इसे … अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह. हरि- कुतिया … कैसा लगा तुझे इतना बड़ा लंड लेकर … आज तक तो तू तेरे शिबू का ही 6 इंच का लंड लेती थी.

दीदी हल्की हल्की आहें भर रही थी और उनकी आँखें बंद थी। उसके बाद मैंने दीदी को घुमाकर दीवार से सटा दिया और उनकी पीठ पर चुम्बनों की बरसात कर दी. सबके साथ साथ मुझे भी समझ आ गया कि वो अपने लंड को अन्दर खाली कर रहा था. मुझे आज आनन्द की अनुभूति अलग ही हो रही थी। मौसा अपनी जीभ से बड़े ही शालीन तरीके से मेरी चूत चाट रहे थे.

कुछ ही देर में मामी मेरे लंड को बहुत तेजी से अपने मुँह में लेकर आगे पीछे करते हुए लंड चूस रही थीं.

मैं- लो आपकी अमानत … इसे चाट लो अब!वो बोले- नाराज मत हो राहुल यार … अगर तुझे बुरा लगा तो दोबारा मेरी गांड मार ले. राज भी मेरे बड़े मम्मों को खूब काटते सहलाते हुए मुझे मजा देने लगा था.

एचडी बीएफ देहाती हिंदी मैंने उस समय अपनी बारहवीं की परीक्षा पास कर ली थी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपने शहर से बाहर कोटा पढ़ने के लिए गया था. कभी मेरे निप्पल्स को काटने लगता तो कभी मेरी चूत को सहलाते हुए चूचियों को चूसने लगता.

एचडी बीएफ देहाती हिंदी ललिता की छोटी छोटी चूचियों के काले जामुन जैसे निप्पल्स चूसते हुए मैं उसे चोदने लगा. एक दिन मैं इमरान के घर गया और हम दोनों अभी क्रिकेट खेलने की तैयारी ही कर रहे थे कि उसको किसी का फ़ोन आ गया.

फिर मैंने सोनम और रीना को कैसे चोदा, ये मैं अगली कहानी में लिखूंगा.

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उसी शाम मामी का फोन आया और वो बोलीं- अपने लंड की मालिश कर लो … आज तुम्हारे लंड को नई चूत का रस मिलेगा. कॉलेज के टाइम में मेरे एक दोस्त मनीष ने दो साल तक मेरी गांड चोदी थी. तभी वो पूरी ताकत लगा कर लगभग मुझे घसीटते हुए स्विचबोर्ड के पास पहुंची और लाइट ऑफ कर दी।उसका गर्म जिस्म मेरी बाँहों में था.

मैंने अपने चूतड़ों को सहलाया और दबाया, फिर मैंने धीरे अपनी चूत के ऊपर से पैंटी को हटा दिया. मंजू बोली थी- बाबा, गांड आदमी की हो या लड़की की, जब वो चुदती है, तो मज़ा देती ही है. मैंने हल्के से अपनी स्लीपर का दरवाजा खोल कर देखा तो वो आदमी अपनी सीट पर आ चुका था.

आपका शरीर तो जैसे किसी परी का है, अगर आपको बुरा न लगे तो क्या मैं आपको देख कर मुठ मार लूं?मैंने उसकी इस बात का कोई जवाब नहीं दिया और उसने शायद मेरी खामोशी को मेरी हां समझ लिया.

मेरा ईमेल आईडी है[emailprotected]मेरी चुदाई कहानी का अगला भाग:मेरी अन्तर्वासना और मौसा से चुदाई-2. ‘ओहहह अब्बू …’मैं उसकी चूत से हल्का हल्का निकलता पानी भी चाट रहा था और जीभ भी अन्दर तक डाल रहा था. काम के बाद मैंने उसके बॉयफ्रेंड का पूछा तो …अब तक मेरी इस प्यारी सी कुंवारी लड़की की चुदाई की कहानी के पहले भागइंडियन कॉलेज गर्ल की चुदाई का पहली बार मजा-1में आपने पढ़ा कि मेरी क्लासमेट मेरे कमरे में मेरा साथ सेक्स करने के लिए मूड बना कर ही आई थी.

तब भी मैं ये मान चुकी थी कि मेरी चूत के लिए कुछ और लंड भी मिलने वाले हैं. कंडक्टर मेरी तरफ देख कर बोला- तेरी लुगाई है?मैं कुछ बोलता उससे पहले खुद ही बोला- कसम से क्या जबरदस्त माल है, एकदम सांचे में ढला बदन है, अंग अंग में कसावट है. फिर भाभी उधर से आगे को बढ़ गईं, मैं भी गिलास हाथ में लिए उनके पीछे जाने लगा.

मैंने कहा- ठीक है भाई, आप आराम से जाओ … फिक्र की कोई बात नहीं है … मैं ध्यान रखूँगा. मैंने उसकी आंखों में झांक कर उससे हौले से कहा- अपना नहीं दिखाओगे?उसने मदहोश आंखों से समझते हुए नासमझ बनते हुए पूछा- क्या?मैंने उसकी पैन्ट पर फूले हुए पहाड़ को सहलाते हुए कहा- ये जो पैन्ट के अन्दर तड़प रहा है … इसको बाहर निकालो न … बेचारा कब से परेशान है.

मेरी हिंदी सेक्सी कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरे घर के साथ वाले घर की जवान लड़की ने अपनी चूचियां दिखा कर मुझे उत्तेजित किया. करीब 5 मिनट लंड चूसने के बाद, मंजू ने मुझे किचन की पट्टी पर झुका दिया और मेरा बॉक्सर नीचे करते हुए मेरी गांड चाटने लगी … साथ ही मेरे लंड को मुठियाने लगी. मेरे हाथ अपने आप ही अमन के सिर के बालों में चले गये और मैं उसके सिर को अपने बूब्स में दबाने लगी.

फिर मौसी ने खुद ही हल्की सी गांड उठाई और पैंटी को खींच कर अपनी जांघों में फंसा छोड़ दिया.

अपनी चूचियों के निप्पलों को उंगली और अंगूठे के बीच में भींचने लगी और उसकी चूत ने एक बार फिर से पानी छोड़ दिया. और उसने मेरी दोनों दूध जैसी सफेद चूचियों को ज़ोर-ज़ोर से मसलना और चूसना शुरु कर दिया। वो एक चूची को हाथ में लेकर चूसते तो दूसरे को हाथ से मसलते और निप्पल को उंगली से कसकर निचोड़ते।3-4 मिनट के बाद मास्टर ने अपनी पैंट का बटन और जिप खोलकर पैंट को अपने घुटनों तक नीचे कर दिया. निगार आंटी आए दिन नजमा आंटी के घर मुझे मिलने के लिए बुलातीं और मेरे लिए हमेशा कुछ न कुछ गिफ्ट लेकर आतीं.

मैंने ना चाहते हुए भी उसके सुपारे पर किस किया, जिससे लंड की चाशनी मेरे होंठों पर लग गई. ये सब राज ही रहेगा और किसी के साथ करूंगी, तो रिस्क हमेशा बना रहेगा.

एक लड़के ने मेरी कमीज के ऊपर से ही मेरी गोल गोल सेक्सी सेक्सी सेक्सी चूचियों को दबाना शुरू कर दिया. फिर उसने मुझे नीचे कर लिया और मेरी चेस्ट पर किस करती हुई मेरे पेट की ओर जाने लगी. मगर कुछ रास्ता समझ नहीं आ रहा था कि इस मुसीबत से कैसे निकलें?फिर मैंने अपने भाई से बात की.

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मैं उसके लंड पर बैठ कर चूत में लंड को लेने लगी और उछल उछल कर चुदने लगी.

इतना कहते ही हम दोनों के होंठों मिल गये और दोनों एक दूसरे को किस करने लगे. मैं- जानता हूं, इसलिए दीदी अब तुम मेरी हेल्प करो, जो भी करना है कैसे करना है, सब आप करो अब. मैंने भी उसकी क्लीन शेव चूत को चाट लिया और फिर उसकी चूत में जीभ देकर उसकी चूत का स्वाद लेने लगा.

मैंने पूछा कि क्या बात है भाभी?मेरी सलहज कुछ देर बाद बोलीं कि यहां से किसी दूसरे होटल में चलो. उसके बाद मैं भी उनकी गांड में ही झड़ गया और उनके ऊपर लेट कर हांफने लगा. नार्मल ब्रैस्ट शेपकोई दो मिनट तक मुझे ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ तो मैंने उससे पूछा- क्या हुआ?वो बोली- बस आ ही रही हूँ … जल्दी जल्दी पेलो.

इस पोजीशन में उसका लंड उसके शॉर्ट्स में से मुझे मेरी पैंटी पर छूता हुआ महसूस हो रहा था. वो लड़का बोला- ठीक है, इसका नम्बर मिल सकता है क्या?मैंने कहा- हां, इसी से ले लो.

जब से मेरी शादी तय हुई थी, अक्सर सपनों में एक राजकुमार आता था और मेरे जिस्म से खेलता था. पापा ने लवली की कमर को पकड़ लिया था और वो भी नीचे से धक्कों का जवाब धक्कों से ही दे रहे थे. मैं स्कूल में बायलॉजी की स्टूडेंट थी तो किसी भी चीज के बारे में पूरा रिसर्च कर डालती थी.

यह देख कर मैं और मदहोश हुआ जा रहा था क्योंकि यह वैसी ही ब्रा थी जो मैंने फ़ोटो में देखी थी. तभी अमन ने मेरे पैर अपने कंधे पर रख दिये और धीरे से मेरी चूत पर नीचे से अपनी जुबान डाल कर ऊपर की तरफ चलाने लगा. वैसे भी गुड़िया बुआ एक बहुत ही सेक्सी महिला थीं, जिसे देखते ही अच्छे अच्छों के लंड खड़े हो जाते होंगे.

जैसे ही मैंने पेट पर मुँह रखा, वो अजीब सी मदहोशी भरी आवाजें निकालने लगी- हहहह ओह्ह.

वो ढीली पड़ गयी।मैंने सोचा कि अगर ऐसे ही छोड़ दिया तो मेरे लंड की तमन्ना रह जायेगी. ऐसे में मुझे ज्यादा नहीं दिखा, पर उसकी सूसू गिरने की आवाज सुन कर समझ गया कि उसकी यूरिन निकलने लगी है.

लेकिन थोड़ा वीर्य मेरी स्कर्ट पर भी लग गया था जिसे मैंने साफ किया।अब मैंने नीरव की तरफ देखा। उसकी आंखों में भी कामवासना के डोरे लहरा रहे थे. थोड़ी देर बाद कंडक्टर के बगल की सीट खाली हो गई और मैं उस पर जाकर बैठ गया. उसने कहा- क्या?मैंने कहा- ये बताओ कि अब तक तुमने कितने लंड चूसे हैं?उसने कहा- एक!मैंने कहा- किसका? और कैसे थोड़ा प्रैक्टिकल करके बताओ.

फिर थोड़ी देर तक ऐसे ही बैठे बैठे आंटी के रूम की तरफ देखता रहा, मगर आंटी नहीं आईं. और बोल रही थीं- आह जोर से मेरी चूत को चाटो मेरे राजा … जोर से आह आह आह…उसके बाद कुछ ही देर में बुआ की चूत ने पानी छोड़ दिया. निगार आंटी ने मुझे उन दोनों के जाने के समय की फोटो और ट्रेन वगैरह की जाकारी दे दी.

एचडी बीएफ देहाती हिंदी अगर आपने ये कर दिया तो मैं आपके लिए एक और चूत का जुगाड़ करवा दूंगा. गांव के विपरीत सब कुछ बंद बंद सा रहस्यमयी लग रहा था किन्तु एक पूर्ण स्वतंत्रता भी थी कि कहीं भी बाहर जाने की आवश्यक नहीं.

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सामने एक घर है, कोई देख न ले।मैं उसका विचार समझ गया और कमरे में घुस गया।तभी पीछे से वह भी आ गई. जैसे ही मामी अन्दर आईं, मैंने उन्हें बांहों में जकड़ लिया और किस करना शुरू कर दिया. इधर मैंने अपना लंड मामी की चूत में घुसा दिया और उनको चोदना चालू कर दिया.

बोरियत दूर करने के लिए मैंने पड़ोस के गांव की एक लड़की कोमल (बदला हुआ नाम) से दोस्ती कर ली. मैंने कहा- पहले मुझे जरा बाथरूम जाना है, उधर से आकर अभी सामान निकाल देता हूँ. फर्नीचर का मंदिरहम दोनों ने अपने अपने कपड़े ठीक किए और आमने-सामने बैठे कर आपस में बातें करने लगे.

आंटी इस बात पर गुस्सा होकर बोलीं- मैंने तुझे खुश नहीं किया क्या … तुझे मेरे साथ मजा नहीं आया क्या?मैंने आंटी से बोला- आपने मुझे बहुत ही मजा दिया है.

मैं जिंदगी से ज्यादा कुछ नहीं चाहता था क्योंकि बस दारू और अपने बिज़नेस को छोड़कर मेरे पास ज्यादा कुछ बचा भी नहीं था. मगर मुझसे चुदने के बाद आपको वादा करना होगा कि आप उसके बाद केवल मुझसे ही चुदोगी.

अलीज़ा ने अपनी गांड रोशन लाल के लंड से टच कर दी और बोली- अब बोलो सर जी?रोशन लाल ने ऊपर से पीछे हाथ डाल कर उसके मस्त बुब्बुओं को दबाना शुरू कर दिया. ये सोचकर कि इतनी खूबसूरत औरत मेरे इतने करीब है और मैं चूतियों सा लेटा हुआ हूँ. मैंने लौड़े को उसकी चूत की फांकों के बीच में रख कर कुछ देर आगे पीछे करते हुए रगड़ा और फिर सही टाइम देखते हुए उसकी चूत में लंड को ठेल दिया.

मुहल्ले के तमाम लड़के स्मृति के दीवाने थे और उसका नाम लेकर मुट्ठी मारा करते थे.

वो दरवाजा बंद करके मेरे सामने बैठ गयी और बोली- इन कामवाली बाइयों ने बहुत तंग कर रखा है. काफी देर बाद वो दोनों झड़े और इस बीच प्रीति भी न जाने कितनी बार झड़ी. मैं और मेरे हस्बैंड, हम दोनों दूसरे रूम में आ गए।रूम में आते ही मेरे हस्बैंड ने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मेरे माथे पर किस करके बोले- बहुत तड़पाया है तुमने, आज तो तुम्हें खा जाऊंगा।हम एक दूसरे को किस करने लगे। हमने एक दूसरे के कपड़े निकाल दिए और रजाई ओढ़ ली.

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क्या कहूँ यार … उसका फिगर देखकर मेरा मन नहीं भर रहा था लेकिन खुद पर काबू करके मैं वहां से चला गया. मौसा ने मैडम को अपने घुटनों में नीचे बैठा लिया और उसके मुंह के सामने अपना अंडरवियर उतार दिया. कुछ देर तक इसी तरह जबरदस्त रगड़ने वाली चुदाई करके वो सीधा होकर बैठ गया.

हरि मेरे नरम नरम मम्मों को सहलाते हुए बोला- शिबु क्या मस्त माल है तेरी गर्लफ्रेंड … आज ये मस्त मजा देगी. मैंने अपने रूम को सुहागरात की तरह सजा कर रखा हुआ है आपकी खातिर।वो पूछने लगी- सच में?मैंने कहा- यकीन नहीं तो चल कर देख लो. अगर मुझे तेरा देसी लंड पहले मिल जाता तो मैं किसी और से चुदने कभी न जाती.

जीजा जी- मुझे लगा तुम हमारी मदद जरूर करोगे … लेकिन चलो … कोई बात नहीं. मैं मोबाइल में उसकी फोटो देख उसके बारे में सोच रहा था कि …दोस्तो, मैं आपका साथी एक बार फिर हाज़िर हूँफाइव स्टार होटल की स्टाफ लड़कियों की चुदाईसे आगे की कहानी लेकर!दरअसल शिफ्ट की वजह से टाइम नहीं मिल रहा था और तो और मुझे लगता है कि मेरा लंड अब वी आई पी हो गया है क्योंकि मैंने कभी नहीं सोचा था कि किसी एक्ट्रेस को चोदने का मौका मिलेगा. मन कर रहा था कि उसकी जीन्स को उसकी पैंटी समेत खींच कर उसकी चूत को नंगी कर दूं और अपना मुंह उसकी चूत में दे दूं.

अलीज़ा की चिल्लपौं को अनसुना करते हुए वो लंड चुत में अन्दर-बाहर करने लगा. एक वर्जिन हॉट गर्ल की नंगी चुत की चुदाई पहली बार कैसे हुई? इस हिंदी सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरे यार ने मेरे घर में मुझे नंगी करके मेरी नाजुक कमसिन बुर को चोदा.

मेरे पति का मॉल में होटल का बिज़नेस है जिसमें वो इतने बिज़ी रहते हैं कि रात को आते हैं और सो जाते हैं.

फिर अपने लंड को सहलाते हुए बोला- यार, आज मालिश के वक्त नीता की अंदर तक तेल से चिकनी कर दी है. सेक्सी फुल एचडी हिंदीतब तक सभी लड़के अपने लंड से मुठ मारो और लड़कियां अपनी चूत में उंगली, गाजर, मूली डालकर पानी निकालो. माझी दिए माझी दिए मोमबत्ती हैउसने मेरे लंड को अपने हाथों में ले लिया और अपने हाथों से हिलाने लगी. ऐसा महसूस करते हुए मैं उसे किस करने लगा और बीच बीच में उसके बोबे भी सहला देता.

शायद अब मौसी की नींद भी टूट चुकी थी क्योंकि चूत पर उंगली चलते वक्त अब वो थोड़ी हिलने लगी थी.

मैं रूम पर कभी लोवर के नीचे कुछ नहीं पहनता था, जिससे मेरे लंड का उभार साफ नजर आ रहा था. लण्ड के पैन्ट से बाहर आते ही ललिता पंजों के बल उचक कर अपनी चूत मेरे लण्ड के करीब लाने की कोशिश करने लगी लेकिन नाटे कद की वजह से उसकी चूत मेरे लण्ड को छू नहीं पाई. मैं पूछना चाहता हूँ कि क्या कभी आपने अपनी बहन को गलत नजर से देखा है.

मैंने कुछ देर की चुदाई के बाद लंड खींचा और उसको डॉगी स्टाइल में होने को बोला. मैं मौसा के लंड के टोपे पर जीभ फिराने लगी और फिर लंड के टोपे को मुंह में लेकर चूसने लगी. आँख खुली तो मैं चौंक गई क्योंकि मैं जो सपना देख रही थी, वो महज सपना नहीं था बल्कि हकीकत था, मामा मेरे बगल में लेटे हुए थे, उनका एक हाथ मेरी चूची पर था और दूसरा मेरी पैन्टी के अन्दर था.

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मैंने अपनी नंगी बिटिया को गोदी में उठाया और वो मेरे होंठ चूसती हुई मेरे साथ खेलने लगी. उनके पेट पर, उनके वक्ष, उनके होंठ चूमते हुए मैंने उनकी साड़ी निकाल दी।मामी इतनी खूबसूरत लग रही थी कि मैं बस उनको चूम चूम कर खा जाना चाह रहा था. इससे पहले वो जहाँ रहती थी वहाँ एक लड़के से प्यार करती थी और उसके साथ सेक्स भी किया था.

उन्होंने लम्बी सांस भरते हुए कहा- आह … एक तू ही है … जिसे मैं इतनी सुन्दर लगती हूँ … एक मेरे शौहर हैं, जो मेरी तरफ ध्यान ही नहीं देते हैं.

ये बोलकर मैं अपने बैग से बाम लेकर आँटी के रूम में पहुँचा जहाँ आँटी अपने बिस्तर में लेटी हुई थी.

अमिता अन्दर थी और मुझे शुरू से ही इसका अंदेशा था, पर मैं हालात के आगे मजबूर हो गया था. मैंने उनको छोटे साइज की ब्रा दिलवाई थी ताकि उनके बूब्स उसमें कसे हुए दिखाई पड़ें और वो सच में काफी सेक्सी लग रहे थे. पंजाबी सेक्सी फिल्म दिखाएंकुछ मिनट बाद रोशन लाल के लंड का पानी निकल गया और उसने सारा अलीज़ा के मुँह में ही छोड़ दिया.

कह रही थी – मादरचोद कुत्ता साला … रोज मुझे चुदाई के लिए दफ्तर में बुला लेता है. अम्मी ने अपने दोनों चूतड़ों को हाथों से फैला रखा था और उनकी आंखों से आंसू आ रहे थे. मैं मामी की चुत में अपना मुँह लगाकर लेट गया और उनकी चूत और गांड को चाटने लगा.

उसके जाते ही कोमल दीदी ने गेट बंद कर दिया और मुझे रूम में आने को बोला. खुशी में उसने मुझे कसके गले लगा लिया और मैंने भी अपने हाथ उसकी गांड पर रख कर उसे दबा दिया.

मैं आंटी की चूत चाटने लगा और अपने हाथों को आगे करके उनके मम्मों को दबाने लगा.

दीदी मेरे लंड को मुँह में अन्दर बाहर कर रही थीं और मेरे लंड पर उनका थूक लग गया था. वो खुद पास ही टेबल पर से ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी उठा लाई और वो उसने मेरे चूतड़ों के नीचे रख दी. कब उसका लंड मेरी मुटठी में आ चुका था, मुझे पता ही नहीं चला।तभी रोहित बोला- भाभी मजा आया?बहुत!!”बस इतना ही शब्द निकल पाया था.

दोस्तीगिरी पिक्चर मैंने कहा- किस बात का धन्यवाद!वो बोली- आप नहीं होते, तो ठंड में मैं जम जाती. मेरे लंड को एक दो बार हाथ में लेकर हिलाया और फिर अपने होंठों को मेरे लंड पर रख कर मेरे लंड को अंदर मुंह में गप्प से ले लिया और चूसने लगी.

इतना बोल कर मैंने दरवाजे पर टंगे कपड़े पहनने के लिए हाथ बढ़ाया तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया. इतना बोल कर हम दोनों ने एक दूसरे की आंखों में देखा और दोनों के होंठ मिल गये. मौसी भी मेरी पीठ पर अपने नाखूनों को चुभा रही थी जिससे पता चल रहा था कि मौसी को मेरा लंड लेने में कितना मजा आ रहा था.

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मैंने देखा कि दीदी की चूचियों का साइज अब पहले से काफी बड़ा हो गया था. जिसका वो मजा ले रही थी। मैं उसे किस करते हुए अपने हाथ को नीचे की तरफ ले गया. फिर मैंने दीदी की ब्रा को भी निकाल दिया और दीदी की कमर पर हाथ रखकर दीदी को वासना से देखा.

मुझे शादी तो करनी ही है, मगर मुझे अब तक आपके जैसी कोई परी मिली ही नहीं. अब हालत ये थी कि भाभी जहां जहां जातीं, मैं वहां वहां चला जाता और पीछे से भाभी की हिलती हुई गांड देखकर ड्रिंक का मजा लेने लगता था.

मैंने कहा- तो फिर तुमने क्या बोला पापा को?वो बोली- मैं उनको समझाने की कोशिश कर रही हूं.

मैंने अपने बैग में जरूरत का सामान रखा और अपनी दारू को कोल्ड ड्रिंक की बोतल में भर कर रख लिया. मैंने देखने की कोशिश की लेकिन आंख में साबुन चला जाने की वजह से आंख नहीं खुली. मुझे उसका लन्ड चूसने में बहुत आनंद आ रहा था क्योंकि बहुत देर से ये मेरे सामने था.

गुड़िया बुआ भी मेरे होंठों का ऐसे रसपान करने लगीं, जैसे वो चुदने के लिए पहले से ही तैयार बैठी थीं. मेरी अगली निगाह उसकी चूत की तरफ गई … तो उसकी चुत भी पूरी खून से लथपथ थी. इतना कहकर मैंने अपना कोट उतारा और टेबल के नीचे जाकर उसकी टांगों को सहलाने चूमने लगा.

थोड़ी देर भाभी की चुत की रगड़ाई करने के बाद मैंने एक उंगली उनकी चुत में डाल दी और अन्दर बाहर करने लगा.

एचडी बीएफ देहाती हिंदी: घबराकर फिर मैंने उस बुक को बेड के गद्दे के नीचे छुपा दिया ताकि किसी घरवाले सदस्य की नजर उस पर न पड़े. मैंने एक और जोरदार धक्का मारा और भाभी की गांड में पूरा लंड उतार दिया.

लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं कि जितना दर्द तुम्हें होगा उससे कई ज्यादा मजा भी इसमें मिलेगा तुमको. उन्होंने मेरी आंखों में झांकते हुए कहा- रुक क्यों जाता है … पूरा बोल ना … क्या बोलना चाहता है?मैंने कहा- आप बुरा मान जाओगी. फिर मैं अगले दिन मामी की दूसरी वाली ब्रा भी उठा लाया और उसमें भी शाम तक में तीन बार मुठ मारी और उसको छुपाकर रख दिया.

बोले- मैडम आपके पति से तलाक हुए कितना समय हो गया है आपको?वो बोली- अभी 8 महीने हो गये हैं.

मैंने बीच में टोका- प्रिया और बताओ!प्रिया मेरी तरफ घूमी, तब तक मैंने दोनों को इशारा दिया. मुझे हल्का हल्का दर्द हो रहा था और हल्का हल्का दर्द ताई को भी हुआ मगर देखते ही देखते पूरा लंड अंदर चला गया. परेशान होकर उन्होंने नजमा आंटी से कहा, तो आंटी ने अपनी सहेली की चुदाई के लिए को अपने घर में बुला लिया.