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आख़िर एक दिन मुझ को एक इमेल मिली जिसमें एक कहानी थी। मैं कहानियाँ नहीं पढ़ा करती थी, सिर्फ़ तस्वीरें देखने की शौक़ीन थी. सेक्सी गाने गानेमैंने उसको बताया कि सेक्स में लड़का और लड़की नंगे हो कर जो चाहे और जैसे चाहे करते हैं और कोई मना नहीं करता.

श्यामलाल ने बाहर कुछ देर इन्तजार करने के लिए कहा और बोला- कुछ ही देर में मेरी बेटी भी यहाँ आने वाली है तो तुम भी उससे मिल सकते हो और जल्द से जल्द पढ़ाना शुरू कर सकते हो. केला सेक्सवो मेरा सारा माल पी गई।फिर हमने एक बार और चूत चुदाई का खेल खेला और वापस आ गए!अब मैं जब भी गाँव जाता हूँ तो रीना को अलग अलग तरीकों से चोदता हूँ जिस से उसे भी खूब मजा आता है!आपको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करें।[emailprotected].

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बहादुर के मोटे घीये जैसे लण्ड ने रीटा की चूत के बखीये उधेड़ के रख दिये, हिचकोले खाती नन्ही रीटा किसी छिपकली सी बहादुर से चिपकी और बहादुर के कन्धे में दांत गड़ाये अपनी चीखों को दबा कर बहादुर के लण्ड की पिटाई की पीड़ा पी गई.रीटा तिरछी निगाहों से बहादुर की झुकी झुकी नजरों को अपनी स्कर्ट कर अंदर अपनी पेंटी से चिपकी देख समझ गई कि चूतिये को आसानी से पटाया जा सकता है.

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मैंने उसको बताया कि सेक्स में लड़का और लड़की नंगे हो कर जो चाहे और जैसे चाहे करते हैं और कोई मना नहीं करता.पर उसने मुझे कस कर अपने नीचे दबा लिया और मेरे भरे हुये और उभरे हुये स्तनों को मसलने लगा.

खुश इसलिए क्योंकि भाभी मान गई थी और भाभी सभी को मना सकती थी और दुःखी इसलिए क्योंकि अभी शादी में कम से कम एक महीना और लगना था. सेक्सी बीएफ हिंदी में ब्लू उसकी आँखें डबडबा आई…मैं : लेकिन बोलो तो सही ऐसी क्या बात है…वो : मेरी परेशानी का कारण आप हैं…अब मेरी समझ में कुछ आया लेकिन फिर भी मैं बोली- क्या…!! मैं तुम्हारी परेशानी का कारण…वो फिर अचकचा गया.

और फिर वो उम्र ही ऐसी थी… दूसरे लिंग के प्रति आकर्षण स्वाभाविक था…!!पर लोगों का हमारे बारे में बातें बनाना उसे बुरा लगता था.

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भयंकर ऐतिहासिक चुदाई के बाद रीटा की प्यासी जवानी तरोतर हो उठी और वह कली फूल बन गई. उसके बाद उसने टिकेट निकाल कर चेक किया और मेरी तरफ़ आँख मारते हुए बोला ‘आप खाना खा लीजिये. प्रेषिका : श्रेया अहूजामैं और मधु बचपन में घर-घर, लुक्का-छिप्पी, डॉक्टर-डॉक्टर खेलते थे …बचपन ने जवानी का कब रुख लिया पता ही नहीं चला …अब मैं इंटर में हूँ और मधु भी.

पूरा घर खाली था फिर भी इस बात का डर तो था ही क़ि कहीं किसी पड़ोसी की नजर रात को 12 बजे अमित को मेरे घर में आते समय न पड़ जाए. उसमें से एक मुझे काफी सुन्दर लड़की की प्रोफाइल में उसका फोटो दिखा, शायद शादी के पहले का फोटो था. इससे भाभी भी जोश में आ गई और उन्होंने मेरा एक हाथ पकड़ कर अपने चूचों पर रख दिया और हम दूसरे को पकड़ कर चूमते रहे.

बिल्कुल नहीं… अंकल मम्मी की फ़ुद्दी में लण्ड घुसा दो ना!” गौरी बेशर्म हो कर मम्मी की चुदाई देखना चाहती थी. ? तो तू क्या है? रण्डियो की रानी? जब सिपाही तुझे मसल कुचल रहे थे, तब कहाँ था तेरा सतीत्व. ?उसने कहा- नहीं भाभी…मैंने कहा- फिर इतना डर क्यों रहे हो…उसने कांपते हुए होंठों से कहा- नहीं भाभी, डर कैसा…?मैंने कहा- मुझे तो ऐसा ही लग रहा है…फिर मैंने चम्मच फेंक दी और अपनी ऊँगली से उसको आईसक्रीम चटाने लगी…वो डर भी रहा और शरमा भी रहा था और चुपचाप मेरी ऊँगली चाट रहा था.

‘ये देख छैला, मेरी चूचियाँ देख… कैसी नवी नवेली हैं!’आह! अचानक इस हमले के लिये मैं तैयार नहीं था. मैंने अपनी चूत दबा ली, फिर बस नहीं चला तो अपना पेटीकोट ऊँचा करके चूत को नंगी कर ली और उसे सहलाने लगी.

वो आ…ह कर उठी और बोली- चू…स खा…ली कर दे! काट! सेब क्या इतने आराम से काटते हैं?यह सुन कर मुझे भी जोश चढ़ गया और मैं जोर जोर से उसके मोमों को चूसने और काटने लगा.

मोना आंटी ने भी अपने सारे कपड़े खोल रखे थे, मोना आंटी मेरे लण्ड को अपने होंठों में लेकर चाटने लगी और अपने मुँह से लॉलीपोप की तरह चूसने लगी.

हालांकि पिछले हमले में भी वो जीतने में और अपना कौमार्य बचाने में कामयाब हुई पर जिस बुरी तरह से अब्बास ने उस पर हमला किया था, उसने ज़रूर उसको झंझोड़ कर रख दिया था … हालांकि अब्बास मोना को चोद नहीं पाया था पर मोना की हालत देखकर ज़रूर ऐसा लग रहा था कि मानो वो बड़ी बुरी तरह चुदी होगी. फिर हम दोनों बाथरूम में गए और वहाँ मैंने उसकी स्कर्ट उतार दी, उसने काले रंग की पेंटी पहनी हुई थी। मैंने उसकी पेंटी भी उतार दी, मैंने अपनी शेविंग क्रीम उसकी झांटों पर लगा दी और रेज़र से धीरे धीरे उसकी झांटें बनाने लगा. तौलिया हटते ही उनका लंड मुझे दिख गया, अमित का लंड देखते ही मेरी तो गांड ही फट गई और चुदवाने का नशा हिरण होने लगा.

उसने ज़ल्दी से कूपे का दरवाजा अन्दर से लॉक कर लिया और मेरी तरफ़ मुड कर बोला ‘ चिंता मत करो मैडम ये लोग भी अपने दोस्त हैं, अभी तुम्हारी इच्छा चूत में कुछ डलवाने की हो रही थी ना इसलिए इन लोगों को बुलवाया है. एकदम गोरी-गोरी टाँगें, (एक पर बाल बचे थे पर मेरे ज्यादा बाल नहीं थे, लेकिन दूसरी टांग तो एकदम लड़कियों जैसी लग रही थी. मैंने कहा- क्या?आंटी बोली- तुम्हारे अंकल तो महीने-महीने में आते हैं, क्या तुम मेरे साथ ऐसा हर रोज करोगे?तो मैंने कहा- क्यों नहीं मेरी जान! अब तुम मेरी हो.

मुझे पूरा विश्वास था कि इसकी चूत चोदने में किसी कुंवारी चूत से कम मजा नहीं आएगा…मैंने उसके पैर फैलाये और नीचे अपने पंजों पर बैठ कर उसके जांघ मेरे कंधे पर रखते हुए अपनी जीभ फ़िर से उसकी रसीली चूत में लगा दी.

मैं थोड़ा डर गया मगर भाभी की मर्ज़ी देख मेरा भी डर निकल गया और हम एक दूसरे को बेतहाशा चूमने लगे क्योंकि शाम का समय था और पार्क इतने बड़ा है कि हमें कोई भी देख नहीं सकता था इसलिए मैंने अपनी पैंट की ज़िप खोल कर अपना लण्ड बाहर निकल लिया और भाभी को उसे चूसने को कहा. उसे देख कर भाभी ने कहा- देखो, कैसे मासूम लग रहा है!उन्होंने नीचे देखा… उनकी चूत फ़ूल गई थी, उन्होंने हाथ लगाया और सिहर उठी- देखो, क्या हालत की तुमने… छोटी सी थी. ?मैडम ! आपको बुरा न लगे तो मेरा हाथ पकड़ लीजिए, मुझे तैरना आता है। आपको डूबने नहीं दूँगा। आप बैग को एक हाथ से ऊपर उठाइए तथा दूसरा हाथ मुझे थमा दीजिए।थैंक्यू !उसने अपना हाथ मुझे पकड़ाते हुए आभार व्यक्त किया। हम दोनों अन्य लोगों के पीछे-पीछे संभल कर चल पड़े।अगर बुरा न लगे तो क्या मैं आपका नाम जान सकता हूँ?”मेरा नाम रंजीता है। घर वाले मुझे.

एक तो वैसे ही मेरा जॉब घूमने वाला है और मैं भारत में घूमता रहता हूँ और हफ्ते में केवल दो तीन दिन के लिए ही घर जा पाता हूँ इसलिए जब घर जाता हूँ तो मेरी बीबी तो थक ही जाती है. ओह… ब… भरजाई जी… एक मिनट… ओह… करता ही रह गया !कहानी अगले भागों में जारी रहेगी।आपकी नीरू बेन (प्रेम गुरु की मैना)[emailprotected][emailprotected]2053. उसके मुँह से हल्की-हल्की आह आह निकाल रही थी।झांटें बनाने के बाद चूत एकदम से चमक गई तो मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर रख दिया और उसकी चूत का चूमने और चूसने लगा।उसको मज़ा आने लगा और वो आहें भरने लगी तो उसकी आहें सुनकर मेरा जोश बढ़ने लगा तो मैं उसे और जोर जोर से उसकी चूत को चूसने लगा और मैंने अपनी जीभ उसकी चूत मैं डाल दी तो उसकी हालत ख़राब होने लगी.

तो बोली- फिर बच्चा हो जाता होगा?तो मैंने समझाया- हम लोग जो कर रहे हैं जैसे तुम मेरे लंड को दबा रही हो, या अगर इसको चूसोगी और मैं तुम्हारी चूची चूसूंगा या होंठ को चूमूंगा और चुसूंगा तो बच्चा नहीं होगा.

कुर्सी से बिस्तर तक जाते हुए लंड उसकी चूत में ही था। बेड के किनारे पर उसे लिटाकर उसके पैर मेरे कंधे पर लिए और फ़िर तो मैंने दस मिनट तक उसकी चूत का बुरा हाल किया. नमस्कार मेरा नाम करन है, मैं देहरादून का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 19 साल है। लंड, चूत, गांड, चूचे जैसे शब्द सुन कर ही हमारे यौन-अंग उत्तेजित हो जाते हैं, कैसे चूत तरस जाती है लंड के लिए, कैसे लंड तड़प उठता है एक योनि के लिए।तो लीजिये पेश है एक ऐसा सच्चा वाकया जिसे सुन कर महिलाओं की चूत बह उठेगी और पुरुषो के लंड झड़ जायेंगे।मेरे पिताजी पी.

सेक्सी बीएफ हिंदी में ब्लू ओह नहीं इतना बड़ा ? मैं मर जाउंगी !!उसकी बालदार मोटी मोटी जांघें और उसके विशाल लंड में उभरी नसें देख मैं उठने लगी- नहीं मुझे जाने दो. कोमल… चल टांगें और खोल दे… अब चूत का मजा लें…” कोमल ने आंसू भरे चहरे से मुझे देखा और हंस पड़ी.

सेक्सी बीएफ हिंदी में ब्लू साला पड़ोसी की औलाद…उसके बाप के टट्टे उसकी माँ की चूत में घुसे तब यह टट्टेबाज़ पैदा हुआ था. अन्तर्वासना के सभी दोस्तों का ढेर सारा प्यार मिला उनके ई-मेल के ज़रिये ! काफी अच्छा लगा इतने सारे ईमेल देख कर.

उसके होंठों के ठीक ऊपर एक तिल था जो उसे और मादक बना देता था पर उस भोसड़ी वाले दुकानदार को यह चिड़िया कैसे मिली, यह सोच कर मेरा दिमाग गर्म हो जाता था.

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आपको चोदने में मस्त मजा आ रहा है। हम दोनों चुदाई की चरमसीमा पर पहुंच चुके थे और दोनों के कलपुर्जे किसी इंजन की भांति तेजी से चल रहे थे…. मैं घूमते हुए उसके पास गयी, उसके कंधे पर हाथ रख कर बोली,”रोहित कुछ मुश्किल है क्या…” मैंने उसका कन्धा दबा दिया. मैंने उसे जाकर कहा- भैये… एक चाय पिलाओगे क्या…?‘आ जाओ, अभी बना देता हूँ…!’ मेरे चाय पीने के दौरान मैंने देखा विनोद अंकल और राजेश अंकल दोनों ही मोटर साईकल पर निकल गये थे.

सभी बच्चे बस से उतरने लगे, मैं अपनी जगह पर खड़ी उसका उसकी सीट से हिलने का इंतज़ार कर रही थी. मैं तुरंत कुत्ते वाली अवस्था में आ गई, गाण्ड थोड़ी ऊपर की और तेल की बोतल का मुँह अपनी गाण्ड में लगाया और बोतल उलट दी. मेरी ब्रा के ऊपर से ही वो मेरे मम्मों को मसलने लगा और फिर ब्रा को ऊपर कर दिया। अब मेरे मोटे मोटे स्तन उसके मुँह के सामने तने हुए हिल रहे थे.

जीजू मुझे चूमने लगे, बोले- बहुत मजा दिया है तूने!मुझे भी अच्छा लगा जीजू!उसके बाद मैं वहाँ एक महीना रुकी और जब मौका मिलता हम एक हो जाते.

फिर मैंने उसे कहा कि अपनी पैंट उतार दे तो उसने मना कर दिया मगर थोड़ा जोर देने पर वो मान गई और उसने अपनी पैंट उतार दी. ‘शरमाओ मत… मुझसे कहो दीदी… तुम्हारा भैया है ना… एकदम कुंवारा…!’मैंने सोनू का हाथ धीरे से पकड़ लिया. मेरी बगलों से लंड-रस बह रहा था, चूचो पर महामंत्री जी अपने हाथों से घुन्डियाँ घुमा कर मुझे मीठी सी टीस दे रहे थे, हाथ वाले लण्ड, मैं अभी भी जोर जोर से हिला रही थी, और पहलवान मेरी गाण्ड फाड़ रहा था।उस पर चोट खाए राजा ने जोर से एक झटका मारा और मेरी चूत फाड़ डाली।मेरी चूत से खून नहीं निकला तो राजा बोला- तू तो खेली-खाई है, तो भी तेरे इतने नखरे हैं… ये ले …!!!कह कर उसने एक और ज़ोर से झटका मारा….

अब मैंने पीछे हाथ ले जाकर उसके ब्रा का हुक खोल दिया और ब्रा के खुलते ही उसने अपने दोनों हाथों से अपने स्तनों को ढकना चाहा लेकिन मैंने उसके हाथ पकड़ लिए।मैं उसके नायाब खजाने को देखना चाह रहा था. उसकी उम्र 25 के आसपास थी और उसके दोनों अनार उसके ब्लाऊज में से तने हुए क़यामत दीखते थे. जैसे ही आयशा अंदर घुसी मैंने आयशा को पकड़ लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए मगर इस बार आयशा ने बिल्कुल भी विरोध नहीं किया और मेरा साथ देने लगी.

प्रेषक : रोहित खण्डेलवालदोस्तो, आपके बहुत सारे मेल मिले ! मुझे ख़ुशी हुई कि सबको मेरी कहानी पसंद आई … गुरूजी को धन्यवाद जिन्होंने मेरी कहानी आप लोगों तक पहुँचाई …. फिर मैंने उसे बाहों में ले लिया और हम दोनों ज़मीन पर लेट गए और ऐसे ही पड़े रहे बहुत देर तक !उसके बाद उसने कहा- अब मुझे जाना है.

रीटा अपने मुँह पर हाथ रखे हक्की-बक्की सी बहादुर के दस इंच लम्बे और चार इंच मोटे लण्ड को देखती रह गई. मेरा जोश पूरे यौवन में आ गया था ……………फिर से वो झड़ गई पर मुझमें अभी भी जोश बचा था……… आप लोग सोच रहे होंगे कि अब तक जोश क्यों बचा कर रखा था ?अब मैंने यह जोश उसकी गाण्ड मारने में लगाया ……. आखिर वो दिन भी आ गया जब हमें जयपुर के लिए निकलना था, हमें सुबह 10 बजे मिलना था मगर सुबह 8 बजे ही सोनम का मेरे पास फोन आया, मुझे लगा शायद जयपुर के टूअर के बारे में कुछ बात होगी मगर हुआ बिल्कुल उल्टा, सोनम ने मुझसे पूछा- मैं आज क्या पहनूँ?मुझे लगा कि सोनम मजाक कर रही है इसलिए मैंने भी मजाक में ही कह दिया- तुम बुरका पहन लो उसमें ही अच्छी लगती हो.

मर गई…आज मेरी भी जन्मों की प्यास बुझ रही थी, मैं भी अऽऽ आय… आआऽऽ आआअ ऊऊऊऊउ… कर रहा था और कह रहा था- साली अब तुझे नहीं जाने दूंगा, तू कितने दिनों से मेरे लंड को भड़का रही थी… साली आज में तेरी माँ-बहन एक कर दूंगा…वो अभी भी चीख रही थी- माय… उ.

आरती को होश आता है और वो मोना को बुलाने को कहती है।मोना कमरे में आती है।आरती- भाभी, देखो मेरे साथ क्या हो गया !!मोना आरती के आंसू पौंछते हुए कहती है- तू रो मत आरती. इधर मैं पूरे उफान पर था, मैंने उसे अपनी गोदी में खींच लिया, वो भी अपनी गांड मेरे लंड पर दबा रही थी।मैंने उनकी कमीज़ के अंदर पीछे से हाथ डाल दिया. मैं अन्दर चली गई और सोफे पर बैठ गई। सुनील कोल्ड ड्रिंक लेकर आया, हम कोल्ड ड्रिंक पीते हुए आपस में बातें कर रहे थे।अनिल मेरा साथ बैठा था और सुनील मेरे सामने। वो दोनों घुमा फिरा कर बात मेरी सुन्दरता की करते।अनिल ने कहा- भाभी, आप बहुत सुन्दर हो, जब आप बस में आई थी तो मैं आपको देखता ही रह गया था.

तब मेरा ध्यान सोनम के वक्ष की तरफ गया जो लाल-लाल सेब की तरह लग रहे थे क्योंकि सोनम ने लाल रंग की ब्रा पहनी हुई थी. जिसका पता उसके मुँह से निकालने वाली मादक कराहों से लग रहा था जबकि अब्बास अभी भी पूरा मज़ा उठा रहा था… वो अब भी मोना के दोनों बड़े बड़े उभारों को चूसे जा रहा था और उसे इतना मजा आ रहा था और उसने मोना के हाथों को भी आज़ाद कर दिया था….

सर से पाँव तक नन्गी रीटा बहादुर के पैंट के तम्बू को हसरत भरी निगाहों से देखते हुए होले होले अपनी सुडौल मरमरी टांगों को दायें बायें चौड़ाती चली गई और शानदार अंगड़ाई तोड़ती बोली- बहादुर आओ नाऽऽऽ! ज़रा देखूँ तो तुम कितने बहादुर हो?इस अवस्था में रीटा का संगमरमर से तराशा जिस्म तड़क सा उठा. मैंने देखा कि रानी वैसे ही बेदम नंगी पड़ी थी और बिस्तर पर थोडा सा खून लगा था… मैं समझ गया यह खून उसकी कोरी गांड की चुदाई के कारण लगा है।मैं उठा और रानी का एक चुम्मा लिया…मेरा लंड इतनी चुदाई कर के एकदम झन झन कर रहा था. कभी कभी मस्ती में अकेले में रीटा नन्गी होकर राजू को लण्ड पर बैठ झूले लेती तो कभी राजू रीटा को अपने खड़े लण्ड से खूब पीटता.

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पापा मम्मी और विशाल दो दिन के लिए नानाजी स मिलने चले गए और घर में चिंकी और मैं अकेले रह गए.

देर तक मैं उसे चोदता रहा… मगर अब थोड़ा थक गया था… मैंने सोचा थोड़ा आराम करते हैं… फिर रानी की गाण्ड मारेंगे…मैं कस कर उससे लिपट गया… रानी तब तक तीन बार झड़ चुकी थी… और लम्बी-लम्बी सांसें ले रही थी… मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो देखा- कण्डोम फ़ट चुका था. सुबह तो ट्रेन से उतर कर चले ही जाना है फ़िर ये लोग कौन सा कभी दुबारा मिलने वाले हैं. पाँच मिनट में जब मैंने क्रीम उतने हिस्से में से हटाई तो मेरी टाँगें एकदम लड़कियों जैसी चमक रही थी पर उतनी क्रीम से मैं सिर्फ अपनी एक टांग का कुछ हिस्सा ही पूरा कर पाया था.

वो एकदम से खुद को संभाल नहीं पाई और मेरे ऊपर आ कर गिरी, उसके स्तन मेरे सीने पर थे, लगा जैसे पूरे शरीर में बिजलियाँ दौड़ गई हों. मैं साधारण कद काठी का हूँ पर बचपन से ही जिम जाता हूं इसलिए अभी भी मेरी बॉडी अच्छे आकार में है. चोदा चोदी वीडियो इंग्लिशबताओ ना तुम्हारे नितम्बों का साइज़ क्या है ?बहुत ही मस्त हैं पर साली मधु से ज्यादा सुन्दर नहीं हैं।क्या तुम्हे गांड मरवाना पसंद है ?ओह ….

वो : उम्म्ममम शाआ शाआअंककशशांक : मेरा हाथ तुम्हारे दिल के पास हैं मैं तुम्हारी गरदन और कान को चाट रहा हूँ ! मेरा दूसरा हाथ तुम्हारी नाभि के पास है…. चूचियों से नीचे उनका सपाट पेट और उसके थोड़ा सा नीचे गहरी नाभि, ऐसा लग रहा था जैसे कोई गहरा कुँआ हो.

तैयाऱ होकर वो बाहर चले गए। थोड़ी देर में ही बाकी घरवाले भी आ गए।उसके बाद मैं 12 दिन वहाँ थी। रोज़ किसी ना किसी बहाने से हम एक दूसरे के करीब आते और 4-5 बार वो मुझे चोद भी चुके थे। वो पल भूलते नहीं। लोगों के लिए यह गलत हो सकता है, पर हम दोनों के लिए बहुत खास एहसास था।अपनी राय मुझे इस पते पर भेजें।. मुझे देखते ही चाची ने अपने आपको थोड़ा संभाला और कहा- काफी दिनों बाद इतनी अच्छी बारिश हुई है!मैंने पूछा- आपको शायद बहुत अच्छा लगता है बारिश में नहाना!!तो उन्होंने कहा- हाँ नहाना भी, बारिश में नाचना भी. वो दोनों बिस्तर पर एक दूसरे के साथ लेटी हुई थी और दोनों पेट के बल लेट कर एक साथ किताब को देख रही थीं.

5 इंच लम्बा है और बहुत मोटा है।मेरी चाची की उमर 31 साल है, नाम अनीता(बदला हुआ), ऊँचाई 5 फीट 5 इंच, वक्ष का आकार 38 लगभग, 38-29-38. कर रही थी, वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी।मैंने उसको पूरी नंगी कर दिया वो बहुत ही सुन्दर दिख रही थी।मैंने उसके चूचों को चूसना चालू किया तो उसे और भी मजा आने लगा था। थोड़ी देर बाद वो बोली- मुझे तुम्हारा लंड चूसना है।मैंने तुरंत ही उसे 69 की अवस्था में आने को कहा वो तुरंत ही आ गई, वो मेरा लंड और मैं उसकी चूत चाटने लगा।उसके मुँह से फिर से सिसकारियाँ निकलने लगी- आ…ऊ…. ??”वेदांत : कभी पूछते हैं… बात आगे कहाँ तक बढ़ी… अरे… तू किसी और लड़की से बात मत करना वरना वो जल-भुन जाएगी.

!तभी भाभी ने मुझसे पूछा- तुम्हारी कोई गर्ल-फ्रेंड है?तो मैंने कहा- है तो भाभी!तो उन्होंने पूछा- तुम उससे मिले भी हो या सिर्फ़ फोन पर ही बात करते हो?तो मैंने कहा- भाभी मिल ही नहीं चुका, उसके साथ कर भी चुका हूँ.

वहाँ एक लड़की सलवार-कुर्ते में अपने गीले बालों बिखेरे हुये शायद तुलसी की पूजा कर रही थी. वो दोनों मुझे थोड़ी दूर खड़े होकर कुछ बातें करने लगे। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मुझे चोदने की बातें कर रहे हों.

जिससे मेरी चूत को ही नहीं गाण्ड को भी दर्द हो रहा था… जैसे चूत के साथ साथ गाण्ड भी फट रही हो…मेरा पानी फिर से निकल गया… तभी उसका भी ज्वालामुखी फ़ूट गया और मेरी चूत में गर्म बीज की बौछार होने लगी… उसका लण्ड मेरी चूत के अन्दर तक घुसा हुआ था इसलिए आज लण्ड के पानी का कुछ और ही मजा आ रहा था…हम दोनों वैसे ही जमीन पर गिर गये। मैं नीचे और वो मेरे ऊपर…उसका लण्ड धीरे धीरे सुकड़ कर बाहर आ रहा था. ‘आप सो जाईये अब… बहुत हो गया!’‘अरे मेरी चिकनी भाभी, मेरा लण्ड तो देख, यह देख… तेरे साथ, तुझे नीचे दबा कर सो जाऊँ मेरी जान!’वो बेशर्म सा होकर, अपनी सुध-बुध खोकर अपना पजामा नीचे सरका कर लण्ड को अपने हाथ में ले कर हिलाने लगा. वो एक साथ तीन तीन उँगलियाँ मेरी चूत में डालता और फ़िर चाटता रहता…मैं भी तेजी से बॉस के लंड को चूस रही थी… राहुल ने मुझे पूरी तरह से मस्त कर दिया था।अब मेरी बुर तरस रही थी चुदाने के लिए… मैं मन ही मन खुश हो रही थी.

मैं मुंबई का रहने वाला हूँ, मेरा कद 5 फ़ुट 9 इन्च है। मेरे शरीर का रंग गोरा है और 7″ का लंड है. मैंने उसे उठा कर उसकी चूचियों को मुँह में लेना चाहा तो उसने पहले चूत की तरफ इशारा किया. ओ मुन्ना…? वो फ़ुसफुसाई।मैंने उनकी चूचियों को कसकर मसल दिया और होंठों को अपने होंठों में लेकर कस कर चूसा। मौसी के मुँह से एक सीत्कार निकली।नहीं… बस… और कुछ मत बोलो मेरी जान !” मैंने उनके कान में कहा।उनको मुझसे ऐसे जवाब की उम्मीद नहीं थी पर उनको उत्तेज़क जवाब अच्छा जरूर लगा- माही… मैं हूँ मौसी…हाँ ! पर दिन के उजाले में… रात को अब तुम सिर्फ मेरा माल हो… मेरी जान.

सेक्सी बीएफ हिंदी में ब्लू फिर मम्मी ने कहा- जब तक यह मर्दों के ड्रेस में है, ऐसा नहीं हो सकता… साली को साड़ी में चोद सकता हूँ मैं. शायद एक साथ !इंस्पेक्टर अपनी पैंट उतारने लगा … एक जवान ने मेरी टॉप उतारी … दूसरे ने स्कर्ट !अब सिर्फ ब्रा-पैंटी रह गई थी.

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पापा को ट्यूशन से बहुत नफरत थी इसलिए मैं वो भी नहीं लगवा सकता था तो भाभी से मदद मांगी तो उन्होंने मदद करने के लिए हाँ कह दी. मेरे मामा जी की पत्नी यानि मेरी मामी का अकस्मात निधन हो गया था। मामाजी अट्ठाईस साल के खूबसूरत वयक्तित्व वाले हैं। उनकी पत्नी भी पढ़ी-लिखी सुंदर औरत थी। निधन के समाचार से मेरी मम्मी और परिवार के सभी सदस्यों को बहुत दुःख हुआ था। मामाजी की एक दो साल की लड़की थी।थोड़ा अपने बारे में बता दूँ!मेरी उम्र 18 से कुछ ज्यादा है, बला की खूबसूरत हूँ मैं! मुझे देखते ही आदमी की आह निकल जाती है। बी. घर में कोई नहीं था इसलिये अन्दर की खिड़की आधी खुली हुई थी क्योंकि इस समय हमारे घर कोई भी नहीं आता जाता था.

राजा अब झड़ने वाला था… राजा ने एक झटके से अपना लण्ड फिर मेरी चूत में पेला और झड़ने लगा…आगे बढ़ कर मेरे होंठ चूसने लगा… उसने मेरी चूचक मसले … और मेरे अन्दर ही झड़ गया… उसके बाद वो मुझ पर से हट गया. तब मैंने खुलकर बातें करना शुरू किया, मैं बोला- मैंने तुम तीनों के बहुत बार स्तन दबाये हैं और अपना लंड तुम्हारे शरीर को छुआया है। तभी मेरा लंड ऐसे ही खड़ा हो जाता है…. लंड मोटा कैसे करेंमैं अपने हाथ से चिंकी की चूत का छेद तलाशने लगा कि इतने में चिंकी चिहुंक कर उठ बैठी.

उसका गुस्सा शांत हुआ तो उसने भाषण देना शुरू कर दिया,”क्या कर रही थी? कैसे गिर गई?”मैं : तू सुन ही नहीं रहा था !!!वेदांत : हाँ कभी पीछे से आवाज़ दोगी और अगर कभी गलती से नहीं सुना.

उन्होंने बताया कि वो पहली बार चुद रही है, इससे पहले वो सिर्फ अपनी उंगली से ही मजा किया करती थी और उन्होंने अपनी झिल्ली भी ऐसे ही तोड़ी ली थी. फिर ?दूसरे हाथ की अंगुली पर तेल या क्रीम लगा कर एक अंगुली अपनी गांड में भी तो घुसा मेरी तरह ?उस से क्या होगा ?चुतिया है तू एक नंबर का ?कैसे ?अबे मुट्ठ मारना ही नहीं आता तुम्हें ?अच्छा तुम समझा दो ना ?देखो मुट्ठ मरते समय एक अंगुली अगर गांड में डाल ली जाए तो मज़ा दुगना हो जाता है !ठीक है ऐसा ही करता हूँ !आआ….

परन्तु बहादुर की स्पीड जरा भी कम नहीं हुई और वह जंगली जानवर की तरह रीटा की मारता रहा, हर ठप्पे पर बहादुर के अण्डे रीटा गाण्ड का दरवाज़ा खटखटा देते थे और अंदर घुसने की नाकाम कोशिश करते. अगले दिन तय कार्यक्रम के हिसाब से हम मिले और पिक्चर देखने सिनेमा हॉल में पहुँच गए. ?बहुत अच्छी लग रही हो ! तुम्हारे इस रूप को हमेशा के लिए अपनी आँखों में बसा लेना चाहता हूँ.

मैं उन के वक्ष को सहलाते सहलाते उन्हें चूमने लगा, उनके गोरे गालों पर, गले पर हर जगह! माँ भी मेरा पूरी तरह साथ दे रही थी, वो भी मुझे चूमने लगी.

बहादुर थूक सटकता, रीटा की शर्ट में हाथ डाल कर बैच लगाने लगा तो रीटा प्यार से बोली- ठहरो बहादुर, ऐसे नहीं!फिर रीटा ने लाहपरवाही से अपनी शर्ट के अगले तीन बटन खोल दिये और बोली- अब लगाओ, बड़ी आसनी से लगेगा. अगले दिन मैं कॉलेज़ से लौटा, माँ ने कहा- चलो जल्दी से कपड़े बदल ले, मैं खाना लगाती हूँ!और वो रसोई में चली गई. निकली। अब मैंने उससे कहा कि अपने कान की लम्बाई नापो। ये काम तो मुझे ही करना था। इस बार मैंने उसका दूसरा गाल भी छू लिया। क्या मस्त मुलायम चिकना स्पर्श था। साली के गाल इतने मस्त हैं तो चूचियाँ तो कमाल की होंगी। ख़ैर कान का नाप भी 9 से.

लड़की का खतना”रंजू कहते हैं ! है ना?”हाँ ! आपने सही अंदाजा लगाया।” कहते हुए वह मुस्कुराई।उदास चेहरे पर क्षणिक मुस्कान भी अच्छी लगी। मैंने उस मुस्कान में मिठास घोलते हुए पूछा,”क्या मैं आपको रंजू कह सकता हूँ?”ओ श्योर. मैं यह सुन थोड़ा हैरान रह गया क्योंकि वैसे तो मैं और योगी एक दूसरे से कुछ नहीं छुपाते थे मगर योगी ने मुझे यह बात नहीं बताई थी.

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फिर मैंने अपने कपड़े पहने और हस्पताल चली गई,रात को मैं अकेली ही घर होती थी इस लिए वो अनिल और सुनील दोनों रात को मुझे हस्पताल से घर ले जाते और सारी रात मेरी चुदाई करते, सुबह होते ही वो दोनों लोगों के जागने से पहले निकल जाते और मैं बाद में हस्पताल आ जाती. वहाँ मौजूद सभी गुंडे पूरी तरह घायल थे !और अपने ऑफिसर्स को बोलकर सोनिया ने एम्बुलैंस मंगवा ली और उन सब को वहाँ से भिजवा दिया। लेकिन सोनिया की नजर मुस्तफा को खोज रही थी।दोस्तो, मुझे आपके मेल नहीं मिल रहे।आगे जानने के लिए अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर आते रहिए…. मैंने उसे धीरे से आंख मारी।महिमा हंस पड़ी और पूछने लगी- मैम ! मैं भी कल पढ़ने आऊं?’0451.

मनीषा वैसे तो बहुत ही ज्यादा सुन्दर थी मगर उसमें बाकी लड़कियों की तरह घमंड बिल्कुल भी नहीं था. वो पंजाबी छरहरी बदन!राजू मेरा जूस??जूस पी पी कर उनके चूची भी जूस से भर गई थी…साली को अपने बॉय फ्रेंड से मिलना था आज…दोपहर का समय था. जाते-जाते उसने मुझे एक बहुत लम्बी किस करी और बोली- मैं हर वक़्त तुम्हारे लण्ड का इन्तजार करुँगी.

आह !इस बार लंड का सुपारा थोडा अन्दर गया तो उसके मुह से एक आःह्ह्ह निकली……फिर थोड़ा जोर लगाया तो दो इंच लंड घुस गया लेकिन उसको दर्द होने लगा…जैसे ही थोड़ा और धक्का लगाया तो वो पैर पटकने लगी, उसकी आँखों से आँसू बहने लगे और कहने लगी- प्लीज़ बाहर निकालो ! मैं मर जाउंगी…. इतने में ही एक ज़ोरदार पिचकारी के साथ बहुत सारा वीर्य झटके से अनु के मुँह पर गिरा। आज तक मेरा कभी इतना वीर्य नहीं आया होगा जितना उस दिन आया. ज्योति जब नहा कर बाहर निकली तो अनिल और मैं तो ज्योति को देखते ही रह गए क्योंकि ज्योति ने उस वक्त काले रंग का चमकदार सूट पहना हुआ था जिसे देख किसी का भी मन डोल जाए.

मैं माँ के साथ मस्ती भी बहुत करता था लेकिन कभी उन्हें वासना भरी नज़र से नहीं देखा था. उन की जीभ मेरे मुँह में घूमने लगी और उन के हाथ मेरे बालों में!मैंने उन की नाईटी निकलनी शुरु की, सारे बटन खोल दिये और नाईटी निकाल फेंकी.

बुआ की बेटी प्यार में पड़ कर चुद गईसे आगे की कहानी!असल में शालू तो बस एक काम चलाऊ चीज थी, मुझे तो अमिता को चोदना था.

उनकी बातें और अनुभव सुनकर मेरे अन्दर भी किसी से प्यार करने की इच्छा जागृत हो गई, सीधे शब्दों में कहूँ कि मैं चुदवाने के लिए बेताब होने लगी. वॉलपेपर दोमैंने कपड़े पहने और नीचे आने लगी, मगर सीढ़ियाँ उतरते वक्त मेरी टांगें कांप रही थी और चूत और गाण्ड में भी दर्द हो रहा था।सुबह मैं काफी देर से उठी और मुझ से चला भी नहीं जा रहा था, इसलिए मैं बुखार का बहाना करके बिस्तर पर ही लेटी रही।जब अंकल जाने लगे तो वो मुझसे मिलने आये. साले की पत्नी को चोदामगर एक बात की दाद देना चाहूँगा कि नीना ने बिल्कुल निडर होकर अपनी मस्ती की सच्चाई को कबूल कर लिया. मेरा गर्म माल आंटी की चूत में जाते ही आंटी का भी चूत ने पानी छोड़ दिया और आंटी वहीं पर ही थक कर झुक कर आराम करने लगी.

बात नहीं…’ अनारकली थोड़ा झिझकते हुए बोली- आपके लिए चाय बनाऊँ?‘नहीं पहले मेरे पास बैठो मुझे तुमसे कुछ जरूरी बात करनी है…’ मैंने आज पहली बार उसे बेड पर अपने पास बैठाया।कहानी अभी बाकी है मेरे दोस्त!!![emailprotected];[emailprotected].

उसके कारण आज मेरा इज़हार फिर अधूरा रह गया… उसकी वासना की वजह से मेरे निस्वार्थ प्रेम की बलि चढ़ रही थी… और मैं कुछ नहीं कर पा रही थी… पर मन ही मन रश्मि को सबक सिखाने का फैसला ले चुकी थी. और तिरछी आँख से उसे देखा!वो भी एक दम मस्त हो गई थी।मैंने कहा- फिर शुरू करें?उसने भी हाँ में हाँ मिला दी और मैं उसका हाथ पकड़ के उसे रेडरूम में ले गया।रेडरूम में घुसते ही मैंने रूम लाक कर दिया और अपनी जींस उतार दी. राजा ने लौड़े पे क्रीम लगाई और दो उंगली से सुनीता की गाण्ड में क्रीम लगा दी और धीरे से डाल दिया अपना लोहे जैसा लौड़ा।सुनीता- मर गई रे ! राजा क्या किया तूने? राजा तूने बजा दिया गाण्ड का बाजा।मौसी- नहीं रे ! अभी तो घुसा है ! बजाना तो बाकी है.

मैंने आयशा के रूम का दरवाजा बजाया, आयशा ने उठकर दरवाजा खोला तो मैंने देखा कि वो नाईटी में है, मैं अंदर घुस गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया क्योंकि आयशा को देखने के बाद अब मुझसे सब्र नहीं हो रहा था. मैंने राजू का लंड तैयार करते हुए उससे कहा,’चलो राजू तुम अपना अधूरा काम पूरा करो !’मेरी बात सुनते ही राजू हँसते हुए मेरे पीछे आ गया और बोला ‘क्यों नहीं मैडम अभी लो !!’अब सब लोगों ने अपनी अपनी पोज़िशन ले ली. हर धक्के के साथ मेरी चूत से हवा भी बाहर निकलने के कारण पर र र र र र की आवाज भी निकलने लगी.

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उसने झट से तकिया अपनी गोद में रख लिया और फिर बोली- ओह जीजू, आख़िर तुम अपनी औक़ात पर आ ही गए… मुझे तुमसे कोई बात नहीं करनी। अकेली मज़बूर लड़की जानकर उसे तंग कर रहे हो। मुझे नींद आ रही है।’ वो नाराज़ सी हो गई।प्यार पाठकों और पाठिकाओं, मेरे कार्यक्रम का दूसरा चरण पूरा हो गया था. ।तभी सलीम दो मुक्के सोनिया के चेहरे पर मारता है…।सलीम- बॉस, साली बड़ी हीरोइनी बन रही है, आप कहो तो आज ही इसको नंगा करके चोद डालें?मुस्तफा- सब्र कर मुन्ना, सब्र कर ! इस साली कुतिया को तो हम ढंग से चोदेंगे…. अबकी बार उसकी टांगें थोड़ी ज्यादा चौड़ी थी और मुझको उसकी पेंटी दिख रही थी मैं वहीं पर नज़र लगाये बैठा था और उसकी बातों का जवाब दे रहा था.

”मेरे लाख डराने और समझाने पर भी वो अपनी जिद पर अड़ा रहा तो मैंने उससे वादा लिया कि इसके बाद वो इस बारे में कभी सोचेगा भी नहीं और चाचा या अपने बारे में किसी को भी कुछ नहीं बतायेगा… राजू को भी नहीं.

बहादुर ने एक मोटी और खुरदरी उंगली रीटा की गीली चूत में पिरो दी तो रीटा की छोटी छोटी मुट्ठियाँ चादर पर कस गई- सीऽऽऽऽ आहऽऽऽ! ये क्या कर रहे हो बहादुर सीऽऽऽऽ आहऽऽऽ!बहादुर रीटा की चूत में उंगली घुमाता और छोकरी की चूत का जायजा लेता बोला- बेबी, लगता है तुम काफी खेली खाई हो.

अगले दिन मैं ठीक पाँच बजे तान्या के घर उसको पढ़ाने के लिए पहुँच गया, वैसे तो तान्या बला की खूबसूरत थी मगर मेरे पास कोई और अच्छी नौकरी नहीं थी और मैं सेक्स के वशीभूत होकर यह नौकरी खोना नहीं चाहता था इसलिए मैंने संकल्प कर लिया कि मैं तान्या को पूरी ईमानदारी से पढ़ाऊँगा. मैंने उस लड़की को कई बार कालोनी में शाम को घूमते देखा था और कई बार उसको याद करके मुठ भी मारी थी. सोनू सेक्सउन दोनों ने अन्दर आते ही कूपे को अन्दर से लाक कर लिया और दोनों मेरे पास आ कर खड़े हो गए.

उसकी तेज होती साँसों की गूंज… होंटों के किनारे पर रबर-सी लचीली स्तन की कली की छुअन…. मैंने उससे खुलने के लिए सामने आकर पूछा- कहाँ गई थी?तो उसने सर झुका कर जवाब दिया- कुछ सामान लाना था. मैं अपने दोनों स्तनों को साथ में जोड़ कर उनके सामने बैठी थी और वो अपनी गाण्ड को ऊपर नीचे करके मेरे स्तनों को ऐसे चोद रहे थे जैसे चूत में लण्ड अन्दर-बाहर करते हैं.

अमीरों के कितने मज़े है रोज़ ऐसी मेम चोदने को मिलती होगी…आज मेरे गरीब लंड का लोटरी लग गईमैंने मेम को घोड़ी बना दिया और अपने पीछे से चढ़ गया. हेल्लो ! मुझे ठण्ड लग रही है…”मैंने उसे घर के भीतर लिया उसने भी अपनी चप्पल हाथ में ले ली ताकि कोई आवाज़ ना हो.

फिर भाभी ने पूछा- सोनम के पति का क्या नाम है?तो सोनम के पापा ने बताया कि तुम्हारे दोस्त योगी के साथ ही सोनम की शादी हुई है.

हमारे एक प्यारे से रिश्ते का अन्त हो गया…पर तब तक… मैंने अपने लायक एक दोस्त ढूंढ लिया था… कौन मरता है उस जीजू के लिये. और ऐसे ही अपना लंड रानी की चूत में डाले-डाले सो गया…सुबह हुई तो पहले मेरी नींद खुली. बलवंत_सीडी: अभीक्या कर रहे होबलवंत_सीडी: फिर से बतानाबलवंत_सीडी: नम्बरबज़!!!!अनामिका : मैं जा रही हूंबलवंत_सीडी: नम्बर बता दोबज़!!!!बलवंत_सीडी: हेलोअनामिका : *************बलवंत_सीडी: कितनी देर में काल करूंअनामिका : मैं बस नहाने जा रही हूंअनामिका : १० मिनट बाद करोबलवंत_सीडी: कितनी देर में काल करूंबलवंत_सीडी: हेलोबज़!!!!0357.

छोटू राजा वो आई तो मैंने पूछा- तुम मुझे देखती क्यों रहती हो?उसने कहा- तुम मुझे अच्छे लगते हो!मैंने भी कहा- मैं भी तुझे पसंद करता हूँ. मुकेश ने कहा- रानी, हम जिस से प्यार करते हैं, उसकी कोई चीज भी हमें गन्दी नहीं लगती.

पहले तो मैंने उन्हें डांटा लेकिन फिर हँसते हुए मैंने भी उनके साथ जल्दी से एक बड़ा सा पैग लगा लिया. उसकी उम्र 25 के आसपास थी और उसके दोनों अनार उसके ब्लाऊज में से तने हुए क़यामत दीखते थे. यह थी मेरी पहली चुदाई!आपके जवाबों का इंतज़ार है और बाद में अपनी चूत में घुसे दूसरे लौड़े के बारे में बताऊँगी.

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समय बीतता गया और धीरे धीरे अब मैं सेक्सी किताबें और ब्ल्यू फिल्म की सीडी और कैसेट घर पर ही लाने लगा और जब भी मौका मिलता, छुप छुप कर पढ़ता और फिल्म देखता था. मगर मेरी इस हरकत से तान्या के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान आ गई, मैं समझ गया कि रास्ता साफ़ है और मैं फिर तान्या की तरफ बढ़ा और फिर तान्या के होंठों को एक बार फ़िर से चूम लिया. मेरा लण्ड भी एकदम खड़ा हो गया था, अब शायद आंटी को भी अंदाजा लग गया था कि मैं झूठ मूठ सो रहा हूँ.

‘सॉरी जानू’वो बोली- कोई बात नहीं…इसके बाद मैंने आकृति का नंबर ले लिया और उसके घर जाकर उसे खूब चोदा…दोस्तो, आपको मेरा यह अनुभव कैसा लगा. जैसे ही हम अलग आये तो सोनम ने मुझे एक लाल गुलाब पकड़ाया और मुझे ‘आई लव यू ‘ बोलकर मेरे गले लग गई.

मुख़तारमैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। यह मेरी पहली कहानी जो मैं आपको बताने जा रहा हूँ जिसे सुन कर झुके हुए लण्ड फिर से खड़े हो जायेंगे और लड़कियों की चूत से नमकीन सा पसीना बाहर आ जायेगा।मैं 22 साल का नौजवान हूँ मेरा कद 5 फीट 6 इंच है और मेरा रंग हल्का सा सांवला है। रोज मैं जिम जाता हूँ जिसके कारण मेरा शरीर एक दम गठीला है। मेरा लौड़ा 7 इंच लम्बा और 2.

प्रेषक : आयु राजाअन्तर्वासना के सभी पाठकों को आयु राजा का प्रेम भरा अभिनंदन !आप सबका शुक्रिया जो आप सबने मेरी पहली कहानीको इतना पसंद किया. वहाँ और कोई नहीं, मेरे सपनों की मलिका रागिनी खड़ी थी।मैंने दरवाजा खोला, मैं सोच रहा था कि इतनी सुबह वो मेरी बीवी से मिलने क्यों आई है जबकि उसे मालूम था कि मेरी बीवी पिछले हफ्ते अपने पिता के यहाँ गई हुई है और अभी वहीं रहेगी।मैंने दरवाजा खोला और कहा- गुड मोर्निंग रागिनी!’वो वहीं चुपचाप खड़ी रही. जानने के लिए पढ़ते रहें राजा का फरमान” कई भागों में समाप्त…!मुझे अपनी प्रतिक्रियाएँ[emailprotected]पर भेंजें!इन्स्टाग्राम : Vrinda_venusकहानी का अगला भाग:राजा का फ़रमान-2.

”जब से आया तब से तेरी चूत चोदने को बेताब था ! साली ने इतना वक्त लगा दिया चूत देने में…आह्हह्ह बहुत मस्त है भाभी तू तो…. मुझे समझते देर नहीं लगी कि भाभी ने यहाँ जयपुर में आकर अपना वही काम शुरू कर दिया है. कमरे में पहुँच कर मुझे अपने ऊपर अफ़सोस हो रहा था क्योंकि भाभी की हाँ के बावजूद मैं उन्हें चोद नहीं पाया.

प्रेषक : राज मेहताहाय दोस्तो, मुझे यकीन नहीं होता कि आठ महीने बाद मेरी कहानी को गुरूजी का आशीर्वाद मिलेगा। आप अब आगे की कहानी का मजा लीजिये ….

सेक्सी बीएफ हिंदी में ब्लू: मैं तड़प रही थी, उस का लौड़ा पूरी तरह से कस चुका था, उस को भी दर्द हो रही थी लेकिन उसने निकाल कर फिर से डाल दिया. उधर मैंने देखा कि मम्मी दोनों तरफ़ से चुदी जा रही थी और अपना मुख ऊपर करके दांतों से अपना होंठ चबा रही थी.

मॉनीटर पर देखा कि हमारा विमान अफगानिस्तान की पहाड़ियाँ लांघ कर ईरान की सीमा में प्रवेश कर रहा था और विमान के इस्तंबुल पहुँचने में पांच घंटे का समय था।तो मैंने भी उसे गुड नाईट कहा. मेरे माँ-बाप तो जान से मार देते मुझे और वो खुद भी कहाँ किसी को मुंह दिखाने के क़ाबिल रहते. उसने फिर मेरा लौड़ा मुँह में डाल लिया और सुड़प … सुड़प … कर के चूसने लगी!मेरा माल निकलने वाला था तो मैंने अपना लौड़ा बाहर खींच लिया और उसे खड़ा कर दिया।अब मैंने उसकी सलवार भी उतार दी … हाय … उसने अन्दर कच्छी भी नहीं पहनी थी.

ऊफऽऽ अभी तक मेरा बदन टूट रहा है, हाय मेरी फुद्दी, यू रास्कल आई लव यू!’ रीटा की आवाज अब भी काँप रही थी.

हमारा खानदान बहुत बड़ा है, मेरे पापा की 5 बहनें हैं जिनमें से तीन दिल्ली में ही रहती हैं. कल देखते जाना… और हाँ अब हम क्लास के दौरान भी कम ही मिला करेंगे…वेदांत उदास हो गया. मैंने कहा- पर मोना के होते हम कैसे मिल सकते हैं?तो वो मुस्कुराई और बोली- मोना को भी मैंने इसी शर्त पर माफ़ किया है.