भोजपुरी बीएफ जंगल वाला

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आप चोदोगे तो, किसी को भी रुला दोगे।वो भी खुल कर बातें करने लगे, बोले- मेरा लन्ड कोई सम्भाल नहीं पाएगा, किसी भी लड़की की बुर में पेलूँगा तो रो देगी।अब मेरा पूरा दिल जिद करने लगा था कि शैलेश भैया से गाण्ड मरवा कर ही रहूँगा।मैंने पूछ ही लिया- वैसे आपका लंड कितना मोटा है?उसने अपने हाथों से उँगलियों को मोड़ कर बता दिया कि इतना मोटा है मेरा लंड।मैंने उनसे कहा- कभी मुझे भी चांस दीजिए. एक्स एक्स वीडियो बीएफ बीएफ बीएफउसका लंड अब मेरे चूतड़ों की गहराइयों को चीरते हुए अन्दर बैठने लगा, मैं दर्द से भर उठी, उसके धक्के बढ़ने लगे.

साजन के होंठ तो चंचल थे, जिह्वा भी अंग पर अति फिसली,कुहनी के बल मैंने नितम्ब उठा, जिह्वा अंग के अन्दर कर लीअंग में जिह्वा का मादक रस, सखी मैंने स्वयं उड़ेल लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.भोजपुरी बीएफ जंगल वाला: साजन की कमर के आर-पार, मेरे दो घुटने आधार बनेमेरे पंजों ने तो साजन की, तकिया का जैसे काम कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

!”वो नहा कर निकले मैं बाल ठीक कर रहा था। तौलिया उतारते हुए फिर से दर्शन हुए लेकिन मैंने शो नहीं किया।देख इधर कितने घने बाल हैं.‘ऊऊ ऊऊम्म्म म्मा आअ ऊऊ ऊउम्म्म्म्माआ आआ!’जैसे पता नहीं क्या हो गया था उसे!उसको ऐसा करता देख मुझे भी जोश आ गया, मैंने उसको पकड़ा और पलट कर दिवार पर सटा दिया और अब उसकी गर्दन को चूमना शुरू कर दिया.

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करते हुए नीचे-ऊपर होना शुरू कर दिया। हम दोनों ने अपनी गति बढ़ा दी। थोड़ी देर में कविता ने पानी छोड़ दिया और वो ढीली पड़ने लगी। मैंने कविता को खड़ा करके घोड़ी बनने को कहा।कविता घोड़ी बन गई और मैंने पीछे से लण्ड पेलना शुरू कर दिया। मेरी गति फिर से तेज हो गई। उसकी आवाजें भी तेज हो गईं।कविता- आह.हह…!रेहान बहुत शातिर था, एक-एक इन्च करके लौड़ा आगे बढ़ा रहा था।वैसे तो अभी कुछ देर पहले उसने अपने 9″ के लौड़े से चूत को पूरा खोल दिया था और बेहोशी का फायदा उठाकर खूब झटके मारे थे पर अब वो आराम-आराम से डाल रहा था, क्योंकि आरोही की चूत बहुत सूजी हुई थी और उसको काफ़ी दर्द भी था।अभी तो वो उत्तेजना के करीब थी, तो दर्द का अहसास नहीं हो रहा था।आरोही- आ.

मैं आँखें बन्द करके दर्द सहने की हिम्मत जुटा रही थी।अब आनन्द मेरी पीठ के पीछे से हाथ आगे लेकर मेरे मम्मों को सहलाने लगा और पीछे गान्ड में धीरे-धीरे धक्के मारने लगा।मुझे दर्द होने लगा. भोजपुरी बीएफ जंगल वाला !आनन्द मेरी टांगों को तरह-तरह से मोड़ कर चोद रहा था। मैं उसके नीचे जन्नत का मज़ा ले रही थी, जलन को भूल, चूत चुदा रही थी। अब आनन्द ने अपनी चोदने की रफ़्तार बढ़ा दी और मैं भी गान्ड उठा-उठा कर लंड ले रही थी।आनन्द ने मेरा आधा बदन कमर से मोड़ कर टांगें मेरे मम्मों पर दबा दीं और अपना कड़क लण्ड मेरी चूत की गहराई में घुसा कर कहने लगा- बहन की लौड़ी, मादरचोद तेरी चूत कितनी मखमली है, माँ की लौड़ी.

हड़बड़ में माचिस से कुछ गलती हो सकती है।अब घण्टी बजी श्रेया आ गई… उसे कुछ पता नहीं था, दोनों ने कॉफ़ी पी, उसे कॉफी पीते पीते मैंने सब धीरे धीरे बताया। यह भी बताया कि जो मैं करूंगी, वो बाद में तुझे भी करना है।वो बोली- आप करो.

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मैंने भाभी को लिटाया और उनकी टाँगें फैला कर उनकी टांगों के बीच में बैठ गया और अपना लण्ड भाभी की चूत पर रगड़ने लगा. । तुम्हारे जीजाजी रुकना चाहें तो ठीक, नहीं तो तुम उनको लिवा कर आ जाना, चमेली रुक जाएगी।”मैं कामिनी की बुद्धि का लोहा मान गई और मम्मी से कहा- ठीक है मम्मी. कई बार तो दीदी को चलते देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता, पर फिर मैं खुद को कोसता भी कि कितना गिर गया हूँ मैं.

वो अपने मोबाइल पर किसी से बात कर रही थी।थोड़ी देर बाद समझ आया कि वो सर से बात कर रही थी। बात पूरी होने के बाद उन्होंने मुझे देखा तो मुझे बुलाया।मैं उनके पास गया तो वो मेरी ओर देखते हुए मुस्कुरा रही थी।उन्होंने मुझसे मेरा परिचय पूछा. उससे पूछा- क्या बात है मन्जू? तुम मुझसे खुल कर कहो तुमको क्या दिक्कत है?उसकी आँखों से आँसू निकलने लगे. !मैंने उसे कस कर अपने आलिंगन में भींचा और उसके गर्दन पर चुम्बन करके दांत से काट लिया।वो चिल्लाई, आउच.

तब मैं अन्दर कमरे में चली गई थी।आनन्द ने खाना लेकर बिल दे दिया और मुझे बाहर बुलाया।हम सब खाना खाने बैठ गए।आनन्द मुझसे बोला- अपने हाथ से मुझे आज खाना खिला।मैं भी बिना झिझक के उसके मुँह में निवाला डालने लगी।सलीम चुपचाप से देख रहा था।अब मुझे किसी का डर नहीं था… सलीम ही तो मुझे यहाँ लेकर आया था. साले फिर से चूत में आग लगा दी…! चल अब मत तड़फा तू भी डाल दे।”उसके इतना कहते ही राजाराम ने अपना लौड़ा निकाल कर उसकी चूत में जड़ तक ठांस दिया।उससे ये बेदर्दी सहन ना हुई और उसकी आँखों से आँसू निकलने लगे मुँह से रोते समय निकलने वाली सिसकियाँ निकलने लगीं, बाहर निकाल ले साले हरामी… मेरी चूत फाड़ने पर तुले हो. मुझे से गलती हो गई है, मैं उसे ठीक करवा दूँगा। मैं फ़िर से नाप ले लेता हूँ और वो मेरे पास आया और मेरी पीठ के पास जहाँ ब्लाऊज़ का हुक था, उस पर हाथ रख कर उसने मुझ से कहा- मैं ब्लाउज को पीछे खींच कर टाईट करता हूँ आप देखिएगा कि आपको कितनी फिटिंग चाहिए.

बस इसी सोच में उसकी आँख लग गई और वो भी सो गया।दोपहर दो बजे नौकरानी ने राहुल को जगाया कि लंच तैयार है, आप कर लेना।दोस्तो, मैंने आपको बताया था न. ‘आह… सी सी मैं मर जाऊँगी… शाहनवाज!शाहनवाज को उभरी जवानी मसलने को मिल रही थी… और वो आनन्द से पागल हुआ जा रहा था.

उसका फोन भी आया था शायद… मनोज उसके स्कूल के समय से दोस्त था…पर हो सकता है कि कोई और हो…तभी मधु की आवाज आई- भैया.

मैंने कहा- क्या हुआ?तो कहने लगी- पिछले दो महीनों से चुदी नहीं मैं! मैं प्यासी हूँ, मेरी प्यास बुझा दो!फिर मैंने कहा- तुम चिंता मत करो, आज मैं तुम्हारी प्यास बुझा कर रहूँगा.

सो लम्बा सुट्टा मारा और ऊपर की तरफ मुँह करके हवा में धुआँ छोड़ दिया।नीचे से शबनम ने अपनी कमर उचका कर मेरे लौड़े को टुनयाया, अबे चोदू मुझे देना सिगरेट. तो आंटी ने मुझे रात को उनके घर सोने के लिए बोला।मेरे दिल की मुराद पूरी होती दिख रही थी तो मैंने झट से ‘हाँ’ कर दी।आख़िर वो समय आ ही गया. अपने स्तन निर्वस्त्र किये, साजन के होठों में सौंप दिएगहरी-गरम उसकी सांसों ने, मेरे स्तन स्वतः फुलाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

कितना दम है तुझमें !उसने मेरी मर्दानगी को ललकारा।मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर लगाया और जितना ज़ोर था धक्का मारा। उसके मुँह से फिर चीख निकल गई।मेरे मुँह से अपने आप गालियाँ निकलने लगीं, ले रंडी ले. इस बर्फ़ से मेरी चूत जैअसे जलने लगी थी।फिर दीवान पर लेट कर मैंने चूतड़ों के नीचे से हाथ लेजा कर प्रयत्न किया, फिर भी नहीं हुआ. 5 मोटा ही है। उसमें मुझे मज़ा नहीं आता है। सैंडी मुझे आपका लंड बहुत पसंद आया। प्लीज़ जल्दी करो, मैं और अब नहीं रुक सकती.

!करीब 5 मिनट तक आरोही ऐसे ही चीखती रही, अब वो दोबारा अपने चरम पर आ गई थी अब उसको थोड़ा मज़ा आने लगा था।आरोही-.

तभी सुनील ने मेरी कमर पकड़ी और मुझे अपनी गोद में खींच लिया और बोला- आज तो देख ही लिया जाए, तुम आगे-पीछे, ऊपर-नीचे से कितनी अच्छी हो. !मेरी आवाज़ मेरे मुँह में ही घुट कर रह गई, क्योंकि मेरे होंठ तो जीजाजी के होंठ में फंसे थे।होंठ चूसने के साथ वे मेरी चूचियों को प्यार से सहला रहे थे। फिर वे चूचियों को एक-एक करके चूसने लगे, जिससे मेरी बुर का दर्द कम होने लगा।प्यार से उनके गाल को चूमते हुए मैं बोली- तुमने अपनी साली के बुर का कबाड़ा कर दिया ना. 1 के साथ मेरे सेक्स एडवेंचर्स शुरु हो गये, हम कभी पोर्न मूवीज देखते, एक दूसरे को शेव करते और मौका मिलने पर नहाने का लुत्फ़ उठाते थे।तब तक मेरे दूसरे भाई की शादी नहीं हुई थी, उसकी शादी बाद सब कुछ बदलने वाला था जो हमने कभी नहीं सोचा था।वो कथा अगली बार, तब तक के लिए नमस्कार, आदाब और शुक्रिया![emailprotected].

!’मैं- क्या मतलब?वो- अरे यार हम जब छत पर आए थे, मैं तेरे बेड पर बैठने लगी, तो मेरा पैर तेरे वीर्य पर पड़ा। मैंने देखा कि ये तेरा वीर्य है और फिर मैंने सोने का नाटक किया।मैं- सोने का नाटक क्यों. तभी मैं बड़े ही गंभीर और प्यार वाले लहजे में बोला- ज़्यादा ज़ोर से तो नहीं लगा था ना?चाची भी अब एक प्यार में खोई औरत की तरह बाते कर रही थी- नहीं, बस थोड़ा सा. आह्ह्ह्ह्ह्हाआआ… नहींईइइ… आआअ… अब्बब्बब नहींई अह्ह्ह…मैंने उसको उसी अवस्था में रखा और अपनी पैंट खोल दी, मेरी पैंट नीचे मेरे जूतों पर जाकर ठहर गई.

!मेरे मुँह पर मुस्कान आ गई। तब दीदी ने एकदम झट से मेरे लंड को पकड़ लिया और मेरी तरफ देखने लगीं।मैंने कहा- क्या हुआ दीदी.

वो शायद इस फोटो को देखकर मुठ मारते होंगे!मैं भी पेशाब करते हुए उस किताब को देखने लगी और उसको देखते हुए मेरे अन्दर की वासना जाग उठी, पेशाब करके भी मैं किताब देख रही थी. ?उसने प्यार से मेरे होंठों पर सहमति भरा चुम्बन दिया।मैं समझ गया कि उसकी ‘हाँ’ है।हम लोग मूवी छोड़ कर मेरे घर के लिए निकल आए।घर आते ही मैंने खुल कर उसे अपनी बाँहों में समेटा और लाज शर्म को एक किनारे रख जवानी की आग में जलने के लिए साथ कदम बढ़ा दिए।मैंने पीछे से उसे पकड़ कर अपनी स्टडी टेबल पर उल्टा किया और उसकी स्कर्ट को ऊपर कर पैन्टी को नीचे कर दिया।उसके कूल्हे माशा-अल्लाह.

भोजपुरी बीएफ जंगल वाला लड़के का मुँह देख लग रहा था जैसे उसके हाथ से ना जाने कितनी कीमती चीज छीन ली गई हो…सलोनी- ओह ज़मील, आज मुझे जल्दी जाना है… फिर कभी तुम घर आकर आराम से चेक कर लेना…और सलोनी ने झुककर उस लड़के के मुँह पर चूम लिया…बस अब तो कबीर की प्रसन्नता का गुब्बारा फट पड़ा. लेकिन एक दिन ऐसी घटना हुई कि मैं उसे पाने के लिए बैचैन हो गया।दरअसल एक दिन दोपहर को मैं उसके कमरे में गया.

भोजपुरी बीएफ जंगल वाला चाची को फ़िर जोश आ गया, वो उठी और मेरे ऊपर आ क़र मुझे चोदने लगी यानि मेरे लंड को अपनी चूत में रख क़र झटके देने लगी. फिर कभी वैसे भी अब तो मैं तुम्हारी ही हूँ !इस के बाद कविता ने अपने पर्स से मुझे कुछ रूपए देने चाहे पर मैंने मना कर दिया, तो कविता ने कहा।कविता- रख लो दीप ये कीमत नहीं.

चाची ने मेरे गालों पर हाथ लगा कर देखा, फिर वापिस मालिश शुरू कर दी और अब वो मेरी छाती की मालिश कर रही थी.

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और पीछे से उसके चूतड़ अच्छे लग रहे थे, मन कर रहा था कि अभी उसके चूतड़ों को दबा कर लाल कर दूँ लेकिन मैं सिर्फ़ उसको देखता ही रहा. ! बड़ी मुश्किल से चूत का दर्द कम हुआ है।आरोही कुतिया बन गई और दोनों पैरों को फैला कर घुटनों के बल ऐसे आई कि उसकी गाण्ड पीछे को उभर आई, उसकी फूली हुई चूत भी बाहर आ गई।रेहान तो यह नजारा देख कर काबू से बाहर हो गया, जल्दी से उसके पीछे आया, लौड़े पर थोड़ा थूक लगाया और ठूँस दिया चूत में. ई।”मैं चूत चाटने लगा मैं चूत के दोनों होंठों को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और दाने पर जीभ रगड़ने लगा तो कविता ‘उफ.

मगर उस बहनचोद का क्या करोगे यार?रेहान- कल सुबह मैं आरोही के मुँह से उन दो हरामियों का नाम पूछूँगा और उसके बाद उन दोनों के साथ इस हरामी को भी खत्म कर दूँगा…साहिल- रेहान मैं मारूँगा उन कुत्तों को. सलोनी- अहाआआ… आआआ… इइइइइ…सलोनी ने कसकर उसका हाथ पकड़ लिया…लड़का- अर्रर… मैडमजी, इसको चमका रहा हूँ…सलोनी- बस्स्स्स… अब रहने दो… मैं ब्रा पहन कर बताती हूँ कि सही है या नहीं…लड़का ने जबरदस्ती अपना हाथ छुड़ाते हुए… अपने बाएं हाथ से सलोनी का हाथ पकड़कर अपना सीधा हाथ आगे से उसकी कैप्री में डालने का प्रयास करने लगा. तभी सीमा ने मुझे तन्द्रा से जगाया- देखते रहोगे या कुछ करोगे भी? यही आज तुम्हारी साथी है!और वो हमको अलविदा कह कर वहाँ से निकल गई.

!मैं बोला- अब कुछ मत करना।और सो गया। रात के दस बजे थे, मैंने सोते हुए हाथ और पैर डाला, मुझे ऐसा लगा कि जैसे मैं किसी गुड़िया से लिपटकर सो रहा होऊँ। अभी मेरी बारी थी, मैं उसे पूरा देखना चाहता था। लेकिन कैसे करूँ.

फिर मैंने कहा-ठीक है दूर ही रहो फिर मुझसे,कि अब पास कभी न आना,मर जाऊँगा तुमसे दूर जा केतब मेरे ज़नाज़े से शरमाना…मैंने इतना कहा ही था कि वो मुझसे कस के लिपट गई, उसके आंसुओं की बूंदें मुझे मेरे गाल पर महसूस हो रही थी. मैं हिम्मत करके बोला- क्यों चेंज कर दिया? मूवी अच्छी तो थी!फ़ूफ़ी थोड़ा सा मुस्कुराईं और वही चैनल वापस लगा दिया. देखने लगे।तो दोस्तो, अगली कहानी में बताऊँगा कि पूजा बेटी को कैसे चोदा और चोदने के बाद क्या हुआ।मेरी यह कहानी आपको कैसी लगी मुझे इसके बारे में मुझे मेल करें![emailprotected].

साजन ने कहा ले आगे गिन, नीचे रहकर किये प्रति स्पंदनमैं गिनती रही वह करता रहा, गिनती अस्सी के पार कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. वो बहुत ज़्यादा गर्म हो चुकी थी…तभी उन्होंने लंड अपनी चूत रानी के मुहाने पर रखा और फिर मेरे कूल्हों को हाथों से दबा कर घुसने का इशारा किया. इस लल्लू को देखकर नाई बोला- बोलो बाल कटवाने हैं?पति- हाँ मगर नीचे के कटवाने हैं, बीवी को अच्छे नहीं लगते।नाई- भाई काट दूँगा, मगर 50 रुपए लगेंगे।पति- चलेगा, काट दो।यह पति महाशय नाई के सामने नंगे खड़े हुए और नाई ने साबुन लगाकर मस्त बाल काट दिए। इसने पैंट चढ़ाई और 50 रु.

धीरे-धीरे मैंने उसका सिर पकड़ा और पूरा लंड मुँह में दे दिया। वो मुझे दूर करने लगी।वो बोली- साले आराम से कर. !उसका शरीर अकड़ने लगा और वो मेरे मुँह पर झड़ गई। मैंने उसकी चूत चाट-चाट कर साफ कर दी, जिससे वो बहुत खुश हुई। अब बारी थी चूत चुदाई की।दीप- कविता, कैसा रहा?कविता- बहुत अच्छा, मैं तो तुम्हारी दीवानी हो गई हूँ। बहुत समय से चूत चटवाने को तरस रही थी, पर तुमने आज मेरी इच्छा पूरी कर दी। अब मेरी काई शर्त नहीं.

!उस ड्रेस में आरोही बहुत सेक्सी लग रही थी। रेहान का लौड़ा तन गया था, पर वो जल्दबाज़ी नहीं करना चाहता था।उसने आरोही के 5-6 पिक लिए और पोज़ बताने के बहाने से कभी उसके लिप्स को टच करता तो कभी मम्मे को, उसके पीछे आकर उसके कूल्हों पर लौड़ा छुआ देता और हाथ उसके मम्मे पर रखता कि ऐसा पोज़ बनाओ, हाथ थोड़ा ऊपर करो, हाँ. भाभी ने अब मेरे मूसल को हाथ में लेकर मुठ मारनी शुरू कर दी, थोड़ी देर में मुझे लगा कि अब मेरा रस निकलने वाला है, तो मैंने भाभी को कहा- मेरा निकलने वाला है!तो भाभी ने उसको अपने मुँह में लिया और सारा रस पी गईं. मैंने उसके मुँह पर अपने मुँह को लगाया और ज़ोर-ज़ोर से किस करने लगा ताकि उसके मुँह से आवाज़ नहीं निकले.

दोस्तो, यह कहानी मेरी खुद की है और इस कहानी को मैंने लिखने से पहले अंजलि का नाम बदल करइस्तेमाल किया है।मैं किसी की भावनाओं के साथ ग़लत नहीं करना चाहता हूँ, इसलिए मेरी चुदाई की इस पहली कहानी में मैंने अपनी लवर का नाम बदल दिया है।जीवन में और भी बहुत सारी लड़कियाँ मिलीं, मैं सारी कहानी आपके साथ जरूर शेयर करूँगा, पर उससे पहले मुझे आपके मेल का इंतजार रहेगा।आपका दोस्त टुकटुक[emailprotected].

!फिर भाभी ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और होंठों को चूसने लगी। मेरा लंड चूत में जाने को बेताब हो रहा था। होंठों से हटा और भाभी के पैरों के बीच बैठ गया। लंड डालने की कोशिश कर रहा था कि भाभी ने लंड पकड़ा छेद पर सैट किया और कहा- अब डालो. आप जाओ हम चुपचाप रहेंगे।राहुल- आ जाओ साथ बैठ कर टीवी देखते हैं।आरोही- नहीं ब्रो, आप देखो हम यहीं हैं।राहुल वहाँ से चला जाता है और आरोही लैपटॉप चालू करके नेट खोल लेती है।जूही- दीदी आज कुछ सेक्सी वीडियो देखें. अब मजे ले रही थी- …अरे नहीं जानू… मैं तो बिल्कुल बेजान ही हो गई थी उस दिन… मेरा ब्लड प्रेशर बहुत कम हो गया था…मैं- हाँ मुझे पता है जान… सॉरी यार उस समय मैं तुम्हारे पास नहीं था.

!लगभग 15 मिनट तक ऐसे ही गाण्ड मारता रहा, फिर मैं उसकी गाण्ड में ही झड़ गया।पूरे दिन चाची की 3 बार और गाण्ड मारी। अगले दिन नहाते समय भी बाथरूम में चाची को चोदा। वो कभी फिर बताऊँगा।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।. बन्द कर दिया और कहा- चाचा, अन्दर आ जाओ, कोई नहीं है।तो मैं रीना को देखता ही रह गया क्योंकि रीना ने जालीदार सलवार सूट पहन रखा था, जिसमें वो बहुत ही सुन्दर लग रही थी और उसके मम्मे सूट से बाहर अच्छी तरह उभार दे रहे थे। उसको देखकर मेरा औजार (लण्ड) भी तनकर खड़ा हो गया। मैंने देखा कि उसकी नजर मेरे लण्ड पर थी।मैंने कहा- क्या देख रही हो रीना बेटी !नहीं.

!रेनू को मैं नज़र बचा कर बार-बार देख रहा था कि वो क्या कर रही है।फिर जब उसने देखा मेरे पर कोई असर नहीं है, तो वो पूरे लंड को अपने हाथों में भर कर मसलने और खींचने लगी। मेरे लंड का आकार बढ़ने लगा।रेखा- क्या हुआ…!रेनू- लंड हिला रही हूँ. तुम मुझे कब से यहाँ खड़े हो कर देख रहे थे।मैं तो ये सुन कर एकदम डर गया। मैंने सोचा आज तो मैं गया काम से. फिर उसने मेरे लण्ड को थूक लगाया और मुझे अपने ऊपर चढ़ाया और मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत पर रखा, मैंने ज़ोर से धक्का मारा तो आधा लंड घुस गया और वो चिल्ला उठी.

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मैंने कहा- रुक जा मेरी चूत की रानी, तुझे चोदन का मज़ा मैं दिलाता हूँ !फिर मैंने लंड पूरे जोर से उसकी हसीन चूत में धकेल दिया…पूरा लंड खा गई रण्डी साली की चूत !फिर मैंने उसे धक्के देने चालू कर दिए.

30 पर जैसे ही उनकी कैब उन्हें लेकर निकली, मुझे ना जाने क्या होने लगा।दोस्तो, मैंने जिंदगी में बहुत सेक्स किया है, नए नए लंड लिए हैं लेकिन हर बार सेक्स के पहले में इतनी ज्यादा उतावली और उत्तेजित हो जाती हूँ, न जाने मेरे साथ ऐसा क्यूँ है।मैंने राज़ को फोन लगाया और उसे जल्दी से जल्दी आने को बोला। उसने 8. हाथों से दबाकर अगल-बगल, दोनों स्तन सखी मिला लियाएक गलियारा उभरा उसमें, होंठों से घुसने का यत्न कियाउन्मुक्त स्तनों को हिलोरें दे, मुख पर साजन ने रगड़ लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. बारिशस होने के पहले ही, सखी मेरा बांध था टूट गयामेरी जांघों ने जैसे कि नितम्बों का साथ था छोड़ दियाअंग का महल ढह गया सखी, दीर्घ आह ने सुख अभिव्यक्त कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

!लेकिन मैंने पूरा जोर लगा कर एक जोर का धक्का दिया। मेरे लण्ड का सुपारा ही घुसा था कि वो रोने लगी और मुझको अपने ऊपर से हटाने लगी, लेकिन मैं कहाँ मानने वाला था, मैंने फिर एक जोर का धक्का मारा. !”ये ले आज तो तेरी चूत की बैंड बजा दूँगा…!”मैं ताबड़-तोड़ धक्के लगा रहा था। आंटी भी खुल कर मेरा साथ दे रही थीं। वो साथ ही साथ ज़ोर-ज़ोर की आवाज़ निकाल रही थीं. बीएफ वीडियो दीजिए तो! पाँच बार लंड का पानी निकल कर एकदम बेजान कर लो और फिर इस गाण्ड पर निगाह करो अगर लौड़ा झटके ना खाने लगे तो मेरा नाम बदल देना.

लड़के का मुँह देख लग रहा था जैसे उसके हाथ से ना जाने कितनी कीमती चीज छीन ली गई हो…सलोनी- ओह ज़मील, आज मुझे जल्दी जाना है… फिर कभी तुम घर आकर आराम से चेक कर लेना…और सलोनी ने झुककर उस लड़के के मुँह पर चूम लिया…बस अब तो कबीर की प्रसन्नता का गुब्बारा फट पड़ा. मैं आनन्द का लंड चूस रही थी।दस मिनट बाद आनन्द ने मुझे डॉगी-स्टाइल में कर दिया और मेरी गान्ड के छेद पर लंड का सुपाड़ा रखा।तब मैं आनन्द से बोली- आनन्द प्लीज़ तेल लगा कर करो ना.

!मैं फोटो देखते हुए सोचने लगी कि काश मुझे मिल जायें ऐसे लंड तो मेरी चूत की तो लाइफ बन जाए और चुदवाने में और भी मज़ा आएगा आख़िरकार जो टक्कर होगी तो बराबरी की होगी।कहानी जारी रहेगी।आपसे आग्रह है कि कहानी को अन्तर्वासना पर रेट जरूर कीजियेगा।मुझे मेल भी कीजिएगा।[emailprotected]. मगर हालत तो उसकी भी खराब हो गई थी।दीपाली एकदम नंगी हो गई थी और जब वो पलटी तो उसके तने हुए चूचे उसकी कसी हुई गुलाबी चूत की फाँकें देख कर तीनों मद-मस्त हो गए।दीपाली- हा हा हा. वह बुरी तरह सिसकार रही थी और अपनी कमर हिलाये जा रही थी।मैं अपने दोनों हाथों की मुट्ठियों में उसके चूतड़ों को पकड़ कस कस कर दबाने लगा तो जरा सी देर में नीलू की हालत बुरी हो गई, वो छोड़ने के लिए मिन्नतें करने लगी…नीलू: नहींईइइइइ… छोड़ दीजिये ना.

निचले वस्त्र अभी भी अपनी जगह पर थे, मैंने उन्हें बदन से अलग किया और चूमते हुए उसके योनिद्वार तक पहुँच गया. रोज़ी- जी नहीं, वो सूसू नहीं है… प्लीज मुझे और परेशान मत करो… दे दो ना इसे…मैं- अरे बताओ तो यार क्या है यह. !मैं- और आप बताइए शैलेश भैया, आपकी पढ़ाई कैसी चल रही है?मेरी आँखे बार-बार शैलेश भैया के गमछे में जा रही थीं। गमछे के ऊपर से ही उनका लंड का शेप पूरा पता चल रहा था। उनके ऊपर का जिस्म तो पूरा गोरा था।मगर पता नहीं क्यूँ आज ऐसा लग रहा था कि बस उनके गमछे को हटा दूँ और उनका लंड चाट लूँ।शैलेश भैया- मुझे उतना पढ़ने लिखने में दिल नहीं लगता.

चुदाई के अनुभव से पहले मैंने बहुत बार मधु दीदी की नंगी जाँघें देखी थीं, जब कभी छत पर हवा से उनकी स्कर्ट ऊपर होकर उलट जाती थीं.

उनके अर्धनग्न जिस्म को देख कर मेरा लंड लोअर में ही तन गया था।भाभी ने दुबारा पूछा, तो मुझे होश आया और पूछा- हमारी गेंद आई है क्या?भाभी ने फ़ौरन कहा- तुझे दो गेंदें तो नहीं दिख रही हैं … नहीं आई है तुम्हारी गेंद यहाँ पर!इतने में पास वाले घर के अंकल नीचे अपने घर से बोले- अरे तुम ये रोज़-रोज़ यहाँ गेंद क्यूँ फैंकते हो?मैंने अंकल से ‘सॉरी’ फील करके गेंद ली और वापिस आ गया. दस अंगुल के कठोर अंग ने, मेरे अंग में स्वछंद प्रवेश कियाहम कमर तक डूबे थे सखी, जल में अंग ने अंग धार लियासाजन ने पकड़ नितम्बों से, थोडा ऊपर मुझे उठाय लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

चाची को शाम को वापस आना पड़ा, वो हमारे घर आके मेरी माँ से बोली- कबीर को आज और कल रात को सोने के लिए भेज देना. ननदोई जी- यह मैक्सी उतार दो, इसमें मजा नहीं आएगा, जब तक तुम्हारा पूरा नंगा बदन नहीं सामने आता, मज़ा नहीं आता !और उन्होंने मेरी मैक्सी उतार कर फ़ेंक दी।ननदोई जी मेरी टाँगों के बीच में आकर अपने लण्ड से मेरी चूत में निशाना लगाने लगे और एक झटके में ही पूरा लंड मेरी चूत की गहराई में उतार दिया. साजन ने सखी मुझे खींच लिया, अपने सीने से लगा लियाफिर कानों में बोला मुझसे, मैंने तुझसे बहुत है प्यार कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

वो मेरे पास आई और जवाब दिया उसने- हम अक्सर दूसरों को कहते हैं कि वो भ्रष्ट है, बुरा है, क्यूंकि हमें उस जैसा हसीन मौका जो नहीं मिला होता है। जब मिलेगा तो हम भी वही हो जायेंगे…मुझे उसकी बातें सही भी लगी।अब मैं गया ड्राइविंग सीट पर और वो बैठ गई मेरे बगल में ! अब हमारी सफ़र की शुरुआत हुई एक हसीन सफ़र की जिसने हम दोनों की जिंदगी ही बदल दी. सब झूठ बोलती थीं।इतना सुनकर वो मेरे पास आई और मेरे होंठों में अपने होंठों को रख कर मेरा मुँह बंद करके… मुझे अपने आगोश में ले लिया. !और वो फट से लौड़े से उतर गई और मेरे लंड को चूसने लगी। वो ऐसे चूस रही थी, जैसे कचरा खींचने वाली मशीन कचरा खींचती है। और मैं झड़ गया और उसने पूरा वीर्य मुँह के अन्दर खींच लिया। बहुत ही अनोखा अहसास था मैं बयान नहीं कर सकता.

भोजपुरी बीएफ जंगल वाला तुम जो चाहो मेरे साथ कर सकते हो।मेरा लण्ड महाराज खड़ा हो चुका था। मैं सोफे पर बैठ गया और लण्ड खड़ा कर कविता को ऊपर बैठने को कहा। कविता के बिना देरी किए वैसा ही किया और धीरे-धीरे लण्ड अन्दर लेने लगी, आधा लण्ड चूत में जाते ही उसकी चीख निकल गई।कविता- आह उई माँ … आ सी आ. एक बार मैंने बच्चे को अपने पास ले लिया, लेकिन गोद लेते वक़्त मेरा दायाँ हाथ उसकी बाईं चूची से बुरी तरह सट गया.

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रात को मैं जल्दी सात बजे ही आ गया, चाची को उठा क़र बेडरूम में ले गया और सीधे कुत्तों की तरह चाटने लगा. वह निर्दय और कठोर सखी, दोनों स्तन मध्य बैठ गयामैंने भी उसको हाथों से, दोनों स्तनों से जकड़ लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. तब तक ऐसा कुछ भी नहीं करूँगा, जिससे तुम्हें तकलीफ हो।पर माया का ‘नानुकुर’ बंद नहीं हुई, तो मैं उठ गया और उससे रुठते हुए बोला- देख लिया तुम्हारा प्यार.

क्योंकि वो एकदम से तैयार हो गई, उसने फटाफट अपना बिस्तर उठाया और बैडरूम में आ देखने लगी कि किस तरफ लगाना है. उसकी ब्रा फाड़कर मैंने फेंक दी और एक प्यासे की तरह मैं दोनों दूधों पर झपट पड़ा और बारी बारी से कभी बाईं चूची को, तो कभी दाईं चूची को पीने और मसलने लगा. हिंदी बीएफ वीडियो में चलना चाहिए” कर रही थी और ये सुन-सुन कर मेरा लण्ड फ़टा जा रहा था। लगता था कि कुछ देर अगर इसका हाल यूँ ही रहा तो लण्ड मेरी निक्कर फ़ाड़ कर बाहर आ जाएगा।मैंने उसकी गाण्ड पर हाथ फ़ेरते हुए ऊपर से ही उसकी गाण्ड में ऊँगली कर दी। हिमानी एकदम चीख पड़ी और बोली- ऐसा मत करो मुझे दर्द होता है।मैंने कहा- कोई बात नहीं.

??” प्रिया की खनकती हुई आवाज़ ने मेरा ध्यान तोड़ा और मैंने उसके हाथों से चाय का कप अपने हाथों में लेकर उसका एक हाथ पकड़ा और अन्दर ले आया।मैंने चाय का प्याला मेज़ पर रख दिया और प्रिया को अपनी बाहों में भर लिया। प्रिया भी जैसे इसी पल का इंतज़ार कर रही थी… उसने भी मुझे जकड़ सा लिया और मेरे सीने में अपना सर रखकर जोर जोर से साँसें लेने लगी। हम दोनों दुनिया से बेखबर होकर एक दूसरे को जकड़े खड़े थे.

फोन रखो… मैं तुझे बाद में कॉल करूँगा।फिर सेठ बोला- रानी थोड़ा लौड़ा चाट और चूत से लौड़ा बाहर कर के चटाया।बोला- अब तेरा पिछवाड़ा मारूँगा. अब मुझे नहीं पता कि उस महिला मित्र की यह कहानी कहाँ तक सच है पर यह बात मैं मानता हूँ कि इस दुनिया में ऐसे बहुत से नर मादा होते हैं जो रिश्तों को भूल कर आपस में सेक्स करते हैं.

अगर देख लिया तो मुश्किल हो जाएगी।”तेरी मालकिन अभी बाहर गई है शॉपिंग के लिए, कम से कम 2 घंटे तक नहीं आएगी।”सच्ची. चाचू मेरे ऊपर आए और मेरे मम्मों को मुँह में भर लिया और चूसने लगे फिर अपना लण्ड मेरी चूत पर टिकाया और एक जोरदार धक्का दिया और उन का एक इंच लण्ड अन्दर घुस गया. सम्पादक – इमरानप्यार… पिछले कुछ दिनों में ही प्यार की परिभाषा मेरे लिए बिल्कुल बदल सी गई थी…जिस प्यार को मैं पहले समर्पण और वफादारी और ना जाने कितने भारी भारी शब्द समझता था, वे सब अब मेरे से दूर हो गए थे.

तो एक दिन मैंने भी सोचा कि मैं भी इस साईट पर अपनी एक कहानी डालूँ! उम्मीद है कि आप लोगों को पसंद आएगी.

चूत और गाण्ड पर चूतरस लगे होने की वजह से बहुत चमक रही थी ऐसा लग रहा था मानो मेरे आगे जन्नत की सबसे सुंदर चूत और गांड है…तभी उसने अपना लंड हाथ में पकड़ा और दीदी की चूत के मुहाने पर रख कर चूत और चूत का दाना रगड़ने लगा. उसकी आवाजें सुन कर डॉक्टर ने गति बढ़ा दी… वैसे ही उसने जोरसे मेरा लंड चूसना शुरू किया…तभी हरीश ने लंड बाहर निकलते हुए उसका मुंह खीचते हुए लंड मुँह में ठूंस दिया… मैंने मौका पाकर मीरा की चूत पेलनी शुरू की। हरीश ने सारा माल उसके मुँह में डाल दिया और वो मजे से पीने लगी।इधर मैं धक्के पे धक्के मारे जा रहा था. मेरे होंठ अंकिता के दांतों के बीच होने की वजह से बहुत तेज दर्द हुआ।लेकिन इसके बाद भी उन दोनों कमीनों ने मुझे छोड़ा नहीं.

पंजाबी लड़की का बीएफ’ कर रही थी और बोल रही थी- हाय नरेन क्या मस्त चोद रहे हो… और ज़ोर-ज़ोर से चोदो मुझे, बहुत दिनों के बाद आज मेरी कायदे से चुद रही है… हाय क्या मस्त लौड़ा है तुम्हारा… मेरी चूत… लग रही है आज फट ही जाएगी… तुम रुकना मत. !दोनों मस्ती में खो चुके थे और रेहान ने एक-एक करके आरोही के सारे कपड़े निकाल दिए।आरोही ने भी रेहान का शर्ट निकाल दिया पर पैन्ट अभी बाकी थी।अब आरोही का नंगा जिस्म जलने लगा।आरोही- उफ़ आह स्वीटहार्ट… मेरे तो सारे कपड़े निकाल दिए आ.

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मगर मुझे तो बड़ा मज़ा आ रहा था।कसम से मेरी चूत पूरी गीली हो गई थी। जब कोई 25 मिनट हो गए होंगे मुझे चूसते हुए तो मैंने रफ़्तार से मुँह को ऊपर-नीचे करना शुरू कर दिया. मुझे मंजूर है !क्योंकि अगर मैं ऐसा नहीं करती तो वे मुझे रोज नये नये करतब करने को नहीं बताते !मैं सजा भुगतने के लिए मान गई क्योंकि मैं जानती थी कि सजा में भी अब मुझे मज़ा लेना है।वे बोले- आज तुम्हें और श्रेया को घर की छत पर साथ में दोपहर का खाना खाना होगा. फिर भाभी ने मेरा लण्ड मुँह में लिया और प्यार से चूसने लगीं, चारों तरफ अपना हाथ लण्ड पर फिराने लगीं और आधा लण्ड 4 इंच मुँह में ले लिया.

उसने आँखें खोल ली थीं और प्रिया को दीपाली समझ कर उसकी गाण्ड दबा रहा था।दरअसल प्रिया की पीठ उसकी तरफ थी और वो लौड़ा चूस रही थी। उसका जिस्म भी दीपाली जैसा ही था. ” मेरे मुँह से अचानक निकल पड़ा, उँगलियों पे जलन सी महसूस हुई, देखा तो पाया कि मैडम जी ने अपने हाथों में पड़े चाय की गरमागरम कप मेरे उँगलियों से सटा दी थी और मज़े से मुस्कुरा रही थीं. मेरा झड़ने वाला था और चाची भी, मैंने चाची को नीचे किया और पूरी तेज चोदने लगा चाची भी आँखें बंद क़र मजा ले रही थी.

लेखक : इमरानसॉरी दोस्तो, रिकॉर्डिंग ने धोखा दे दिया… लगता है यहाँ तक बैटरी थी…उसके बाद बैटरी खत्म !मगर इतना कुछ सुनकर मुझे यह तो लग गया था कि सलोनी को अब रोकना मुश्किल है. ?बन्ता- अबे तेरी घरवाली तेरा घर बेच देगी।सन्ता- तू पागल हो गया है ! वो घर क्यूँ बेचेगी भला?बन्ता- देख, फूलवाली फूल बेचती है, सब्जीवाली सब्जी बेचती है, दूध वाली दूध बेचती है, तो. !मेरी प्यार की इस सच्ची कहानी को आपके सामने रखी है और आप सब की दुआएं चाहती हूँ कि मेरा प्यार जल्द मुझे वापिस मिल जाए।.

पर ननदोई जी तो झटके मारे जा रहे थे, हॉल में फच फच की आवाजें आ रही थी… मेरी सिसकारियाँ पूरे हॉल में गूंज रही थी।आज तो मैं खूब जोर से चिल्ला रही थी क्योंकि घर में कोई नहीं था. जिससे माया एक आनन्दमयी सिसकारी स्स्स्स्स्शह” के साथ कसमसा उठती।मैं उसकी गर्दन और गालों पर चुम्बन भी कर रहा था, जिसे माया भी एन्जॉय करने लगी थी।फिर मैं थोड़ा नीचे की ओर बढ़ा और उसके चूचों को मुँह में भर कर बारी-बारी से चूसने लगा.

मैंने दरवाजे पर कान लगाया तो मैं हैरान हो गई, सुमित अलीशा से कह रहा था- अलीशा, निधि को पहले बुलाओ आज.

!बाद में पापा ने मुझे जूनागढ़ पढ़ाई करने भेज दिया। मुझे आज भी लगता है कि प्रिया मेरे साथ ही है।लव यू प्रिया. सेक्सी बीएफ हैनहीं तो फिर हम बाइक से ही चलते हैं।तो मैंने उनसे चाभी ली और बोला- यार मैं बहुत अच्छे से चला लेता हूँ. गांव की लड़की की चुदाई बीएफअगले दिन मैं अपना लैपटॉप कॉलेज लेकर गया और उसे 2X मूवी दिखा दी। वो गर्म हो गई।मैंने उसे बोला- चलो घूमने चलते हैं।हम लोग परिमल गार्डन गए, यहाँ एकान्त देख कर थोड़ी देर तक चूमाचाटी की और बूब्स भी दबाये।मेरे लिए सब पहली बार था तो बहुत मज़ा आ रहा था… हमने और कुछ नहीं किया और वापिस आ गए।कुछ देर बाद उसने बोला- प्लीज़ मेरे बोयफ्रेंड को कुछ मत बताना, आई लव हिम टू मच. फिर हम ने कुछ देर आराम किया और बाद में उसके फ्रेंड ने पोर्न मूवी लगा दी जिसे हम सब देख रहे थे और थोड़ी देर हम फिर से गर्म हो गए, हम एक दूसरे के शरीर से खेलने लगे और फिर मैंने बारी बारी सबके साथ सेक्स किया.

तो ऐसी है मेरी नीलू !वो मुझे अपनी चूत चाटने का साफ़ साफ़ इशारा कर रही थी।उसकी चूत देखकर मेरा भी दिल फिर से चुदाई का करने लगा था… मेरे लण्ड ने अंडरवियर के अंदर अपना सिर उठाना शुरू कर दिया था…मैंने नीचे झुककर उसकी चूत की गन्ध ली.

!मैं प्रेम से गांड मराने लगी, वो भी प्यार से गांड मार रहा था।अचानक उसने पूरा लंड बाहर निकाल कर पूरा का पूरा एक झटके से मेरी गांड में डाल दिया, तो एकदम से मेरा मूत ही निकल गया। हम दोनों ही जोर-जोर से हंसने लगे। चुदाई के बाद मैं शर्माने जैसा नाटक कर के शिशिर से बोली- मुझे अब बहुत शर्म आ रही है. !मैं खुश हो गया और दीदी को ज़ोर से अपने गले से लगा लिया और बोला- प्रॉमिस, पक्का अब नहीं करूँगा। फिर हमने खाना खाया और टीवी देखने लगे।फिर एकदम से दीदी बोलीं- राज तेरी कोई गर्ल-फ्रेंड नहीं है क्या. मेरी गाण्ड फट गई और तुझे मज़ा आ रहा है, जीजा जी की गाण्ड तूने मारी और गाण्ड की धज्जियां उड़वा दीं मेरी.

अगले दिन मैं लाइबरेरी में बैठा असैन्मेंट्स लिख रहा था तो झलक आई और मेरी जांघों पर हाथ रख कर पढ़ाई की बातें करने लगी। अब वो 2-3 दिनों से यही कर रही थी, रोज मेरी जांघों या गाल पर हाथ फेरती या कभी चुपके से अपने बूब्स मेरे कंधों से छुआ देती।मैंने बोला- बस करो यार, हम दोनों में दोस्ती से बढ़कर कुछ हो जायेगा !तो वह हंस दी और मैं भी समझ गया, आखिर जवानी कब तक काबू में रहती. फिर मेरी शादी पक्की हो गई, पर हमारा चुदाई का प्रोग्राम यूँ ही चलता रहा पर गर्भ रोकने वाली पिल्स ले लेती थी. उनकी आवाज़ सुन कर तो मैं और ज़्यादा उत्तेजित हो रहा था। मैं ज़ोर-ज़ोर के धक्के लगा रहा था।कम ऑन… अमन.

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हे… हे… क्यों याद है बुद्धू… या याद दिलाऊँ?मनोज- अरे उस मस्ती के बाद ही तो मैं पागल हो जाता था… फिर पता नहीं क्या क्या करता था… तुम तो हाथ लगाने ही नहीं देती थी… तुम्हारे लिए तो बस विनोद ही सब कुछ था…सलोनी- अरे नहीं यार… तुम ही कुछ डरपोक किस्म के थे…मनोज- अच्छा मैं डरपोक था…?? वो तो विनोद की समझ कुछ नहीं कहता था…वरना न जाने कबका. मैं बोली ये क्या करते हो, ये प्यार की कोई जगह नहींमैं आगे कुछ भी कह न सकी, होंठों से मुझे लाचार कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. वो मेरा सिर अपनी चूत पर दबाने लगीं और झटके लेने लगीं, मैं लगातार चूत चाटता रहा, एक मिनट तक उनकी चूत झड़ती रही.

देख रहे होते हैं वह उनसे पूछता है- डैड, पुस्सी क्या है?पिता मैच का मज़ा किरकिरा नहीं करना चाहते, तो उन्होंने दराज़ में से एक अश्लील पत्रिका उठाई और योनि के चारों ओर पेन्सिल से एक घेरा बनाया और कहा- बेटा, यह पुस्सी है!बच्चे को अब समझ में आने लगा था कि वे बड़े लड़के क्या बात कर रहे थे, उसने अब अपने पिता से पूछा- तो फिर बिच क्या है?पिता ने उत्तर दिया- उस घेरे के बाहर की बची हुई चीज़!.

मेरा भी काम पूरा हो चुका था।मैंने उससे कहा- मैं अब चलता हूँ।उसने कहा- ठीक है।मुझसे मेरी फीस देते हुए कहा- क्या मैं तुम्हें फोन कर सकती हूँ.

!रेहान लौड़े को चूत पर टिका कर एक हाथ से चूत की फाँकें खोली और दूसरे हाथ से लौड़ा पकड़ कर उसकी टोपी चूत में फँसा दी। आरोही को थोड़ा दर्द हुआ, उसने थोड़ा हिलना चाहा पर रेहान ने उसको मौका नहीं दिया और जल्दी से एक झटका मार दिया !लौड़ा चूत की दीवारों को चीरता हुआ आरोही की सील को तोड़ता हुआ 4″ अन्दर घुस गया।आरोही की चूत की माँ चुद गई. एक दिन सुनीता की बचपन की सहेली ने उसको पूरे दिन के लिए अपने घर पर बुलाया तो में उसको छोड़कर ऑफिस चला गया. बीएफ साड़ी बीएफकुछ देर बाद मुझे पेशाब आ रहा था तो मैं उसके बाथरूम में फ्रेश होने के लिए गई जोकि मेरे फ्रेंड के रूम के अन्दर ही था.

बात यूँ शुरू हुई!एक दिन मैं सुबह सुबह जॉगिंग कर रहा था कि तब अचानक एक लड़की को मैंने देखा, उसने टाईट टॉप और जींस पहनी है और वो भी जोगिंग के लिये आई है. अब मैं जॉब करती हूँ और मैं जॉब के कारण ही कनाडा जा रही हूँ, कल सुबह ही मैं कनाडा चली जाऊँगी हमेशा के लिए. तो हाथ भी नहीं लगाने देती उसको… हा…हा… उस सबको सोचकर अभी भी रोमांच आ रहा है…पारस- ओके भाभी… ठीक है… चलो उतरो.

थोड़ा डांस हो जाए…!राहुल अपने साथ आरोही को ले गया और रेहान जूही को।जूही नशे में थी, उसके पैर लड़खड़ा रहे थे। इस बात का फायदा उठा कर रेहान उसके मम्मों और गाण्ड से खेल रहा था।जूही- उहह. सब कपड़े निकाल दो, अब यहाँ कोई कपड़े में नहीं रहेगा। राहुल दीदी को भी नंगा कर दो जल्दी से…!ओके फ्रेंड्स अब तो कोई राज नहीं रहा ना.

!!***दोस्ती को बड़े प्यार से निभाएँगे,कोशिश रहेगी तुझे नहीं सतायेंगे,कभी पसंद न आये मेरा साथ तो बता देना…गिन भी न पाओगेइतने ‘थप्पड़’ लगायेंगे!***देख कर लोगों को,सोचा, इश्क हम भी कर लें!फिर बेवफाओं को देख कर सोचा,थोड़ा सब्र कर लें.

!परन्तु उसने बिल्कुल मना कर दिया और कहा- लण्ड चूसने में बहुत घिन आती है।मैंने उसे अपना लण्ड दिखाया और कहा- ऐसी कोई बात नहीं है। मेरा लण्ड, यह देखो बिल्कुल साफ़-सुथरा है। मैं रोज नहाते समय और तुम्हारे आने के पहले इसे अच्छी तरह से सफ़ाई करता हूँ, फिर मैं भी तो तुम्हारी चूत मस्ती से चूसूँगा। इसमें बड़ा मजा आता है।‘जय तुम तो बड़े एक्सपर्ट लगते हो. और शायद वो इस बात को समझ भी गया…उसने मेरे तरफ देखते देखते अपना लंड इशरत की फ़ुद्दी पर टिकाया और एक ज़ोरदार धक्का दिया. !” चमेली ने अपनी भूमिका में जान डालते हुए बड़े नाटकीय ढंग से इस बात को कहा।कामिनी ने दरबार से फरियाद की, रहम… रहम हो सरकार … कनीज अब यह ग़लती नहीं करेगी”ठीक है, इसकी सज़ा माफ़ की जाती है पर अब यह ग़लती बार-बार कर हमारा मनोरंजन करती रहेगी, मैं इसकी अदाओं से खुश हुआ.

सेक्सी बीएफ मूवीस वीडियो उसने लोवर नीचे सरका दिया।अब लौड़ा आधा खड़ा प्रिया के होंठों के एकदम करीब था।विकास- अरे जानेमन क्या बात है. और निढाल होकर में पड़ा रहा… इसी दौरान वो एक बार झड़ गई थी और थक़ कर मेरे बगल में लेट गई, दोनों की साँसें फूल रही थी.

मगर मधु का जिस्म अभी बिल्कुल दर्द सहने का आदि नहीं था… वो खुद उसे हटा देती थी…शायद उसको हल्के सी भी दर्द का अंदाजा नहीं था… उसको केवल आनन्द चाहिए था. थोड़ा डांस हो जाए…!राहुल अपने साथ आरोही को ले गया और रेहान जूही को।जूही नशे में थी, उसके पैर लड़खड़ा रहे थे। इस बात का फायदा उठा कर रेहान उसके मम्मों और गाण्ड से खेल रहा था।जूही- उहह. और तुझे कौन सा सिगरेट जलानी है… और सुन जब अपने दिल में कामदेव हो तो साली हर औरत माल लगती है।मैं- सोचता हूँ।फ़्रेन्ड्स- सोचता नहीं चोदता हूँ बोल… और हो सके तो हमें भी टेस्ट करा…!मैं- सालों, अब समझा क्यों इतना मच-मच कर रहे हो…!!सभी हँसने लगे.

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!ज़ोर से दबाने की वजह से शायद उसे दर्द हुआ और वो सीईईई सीईईई… करने लगी।मैंने छोड़ दिया, तो उसने खुद मेरे हाथ अपनी कमर पर रख दिए और मेरे हाथों को दबाते हुए मुझे घूरने लगी। मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ जड़ दिए, तो उसने मुझे धक्का दे दिया।मैंने उससे पूछा- क्या हुआ?तो उसने कहा- ये सब शादी से पहले ग़लत है. अच्छा लड़कियों के पास केवल एक क्रेडिट कार्ड होता हैं और शायद ही कभी इसका इस्तेमाल करती हैं ! बुरा लड़कियों के पास केवल एक ब्रा होती है और शायद ही कभी इस्तेमाल करती हैं. यार सोया हुआ भी बड़ा मस्त लग रहा था और मज़े की बात एकदम क्लीन था।मैंने हाथ से पकड़ कर उसे बाहर निकाला।दीपाली- ऊह.

मैं चीख उठी- शाहनवाज बाहर निकालो… जल्दी… बहुत दर्द हो रहा है…पर उसने तेजी से धक्के मारने चालू कर दिए. उसका पानी थोड़ा नमकीन था, सोचा नहीं चाटूँगा, पर मस्त पानी निकला और मुँह दबा होने की वजह से पूरा मेरे मुँह में उतर गया.

थोड़ा और बढ़ा तो हाथ किसी गरम तपती हुई चीज से टकराया वो उसके चूत के ऊपर की पेंटी थी जो गीली हो चुकी थी और मेरे हाथों में कोई चिपचिपाती चीज लगी और मैं ऊपर से ही चूत को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा तभी मुझे उसकी हल्की सिसकारी सुनाई देने लगी.

!मैंने कहा- जानू ये तो बस अब तुम्हारा ही है खूब प्यार करो और चूसो।भाभी बड़े प्यार से लंड को प्यार करने लगीं चूमने लगीं। भाभी अब दिल ओ जान से तैयार थीं।भाभी गर्म हो उठी थीं और चुदना चाह रही थीं।उन्होंने अपनी टांग उठा कर लंड को चूत के नजदीक ले जा कर चूत में लेना चाहा, पर मैं उनके मुँह से सुनना चाहता था कि आओ शिशिर मुझे चोदो. फिर चाचू ने मुझे उठाया और मेरी चूत में लण्ड डाल दिया और मेरी चूत मारी फिर मैं चुद कर बाहर आ गई और सो गई. …और दोनो गोटियाँ परेशान- ‘साला उस्ताद किधर गया?’***लड़की- मैं तुमको अपना दिल नहीं दे सकती।पप्पू- कोई बात नहीं, मैं उतने ऊपर की सोच भी नहीं रहा था।***इरफान- आज तेरी बहन को घर में देखकर बहुत ख़ुशी हो रही है।सलमा- हाँ ठीक है! जींस पहन लो, आपकी ख़ुशी आपके पजामे से झलक रही है।***अगर लड़की की टी-शर्ट पर ‘फेसबुक’ लिखा हो तो उसकी पैंटी पर क्या लिखा होगा?सोचो-सोचो-.

साजन की कमर के आर-पार, मेरे दो घुटने आधार बनेमेरे पंजों ने तो साजन की, तकिया का जैसे काम कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. com पर आप मेल करके अपनी राय भी दे सकते हैं और कहानी के मुताल्लिक बात भी कर सकते हैं।पर मैं आपसे निवेदन करती हूँ कि कोई व्यक्तिगत सवाल या बात नहीं कीजिए, ऐसे सवालों का मैं उत्तर नहीं दूँगी।बाय !. और अब मेरा लंड चपचपचप करने लगा वो ढीली पढ़ चुकी थी लेकिन मैं तो अभी मैदान में उतरा घोड़ा था, बस रेस में दौड़ता जा रहा था ‘आअह्ह आअह्ह यह्ह्ह’ बस अपना लंड अंदर-बाहर कर रहा था!लो अब मेरी थकी हुई घोड़ी भी दोबारा तैयार थी, उसको देख कर सोचा कि आसन बदलूँ, उसको घोड़ी बना दिया और पीछे से अपना लंड अंदर किया.

! जहाँ चूत देखी पिल पड़े… अब जब मेरी बुर में घुसा ही दिया है तो देखूँगी कि तुम्हारे लौड़े में कितना दम है… चोदो राजा चोदो इस बार चुदाई का पूरा सुख उठाऊँगी… हय मेरे चुदक्कड़ जीजा फाड़ कर लाल कर दो इस कमीनी बुर को … और ज़ोर से कस-कस कर धक्का मारो … ओह अहह इसस्स्स्सस्स बहुत मज़ा आ रहा है.

भोजपुरी बीएफ जंगल वाला: मेरे सामने सिर्फ नंगी जाँघें ही नहीं बल्कि एक नरम गदराई और बिल्कुल नंगी कुँवारी गांड स्कर्ट के ऊपर हो जाने से झांक रही थी. मेरी छीनाल बीवी, कभी तो अपनी चूत को आराम दे, तेरी बातें सुन कर मैं भी गर्म हो रहा हूँ !इशरत- बस दूर रहते हो, तो बड़े गर्म रहते हो, बिस्तर में आते ही सारी गर्मी छूमंतर हो जाती है.

दरअसल यह मेरी आदत है कि काम के समय बात करते समय सामने वाले को ‘जान’ बोलता हूँ।”आरोही- कोई बात नहीं आपने जान ही तो बोला है न…! और रही बात मेरे हीरोइन बनने की, तो आपकी इतनी पहचान कब काम आएगी. घटना को लिपिबद्ध करने में कामुकता पैदा करना आवश्यक हो जाता है और उद्देश्य भी यही होता है कि लड़कों के लंड से रस टपकने लगे और वे सब मुट्ठ मारे बिना न रह पायें तथा सब लड़कियों की चूत रसीली हो जाए और उनके हाथ भी जबरदस्ती उनकी चूत में घुस जाएँ. पहले तो उसने कोई रिस्पांस नहीं दिया लेकिन मैं उसके होंठ चूसता रहा, एक हाथ उसकी कमर पर रख दिया, दूसरे हाथ से उसके हाथ को पकड़ लिया.

जल्दी कुछ करो…!रेहान तो इसी इन्तजार में था।, एक मिनट में ही पूरे कपड़े निकाल दिए।आरोही की नज़र रेहान के लौड़े पर गई तो उसकी सांस अटक गई उसे देख कर क्योंकि रेहान का लौड़ा 9″ लंबा और 3″ मोटा था, किसी घोड़े के लंड जैसा लग रहा था।आरोही- ओह माई गॉड.

अच्छी लगी मुझे, उसमें से मुझे कुछ बू सी आ रही थी, उसको सूंघने का मन हुआ, मैंने सूंघा, अजीब सी महक थी. ओह्ह्ह्ह्ह्ह !करीब 2-3 मिनट की चुदाई करते ही मैं भी अकड़ने लगा और अपना सारा माल चाची की उबलती चूत में उड़ेल दिया और मैं वहीं ढेर हो गया और चाची के ऊपर ही लेट गया।कुछ देर हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे. मैं ज़बरदस्त धक्के मार रहा था और मेरा लंड उसकी बच्चेदानी को टकरा रहा था और वो चूतड़ उठा उठा कर मेरा साथ दे रही थी.