बीएफ का वॉलपेपर

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सेक्सी वीडियो वाइफ: बीएफ का वॉलपेपर, मैंने जैसे ही उसकी चूत को टच किया, सलोनी ने झट से मेरा हाथ पकड़ लिया.

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अगर मैं अपनी सेक्स की दास्तान के बारे में बात करूं तो करीब-करीब एक सौ बार मैं अपनी चाची की चूत चोद चुका हूँ. नई सेक्सी दिखाओमैंने उसको पकड़ कर ज़ोर से एक धक्का मारा तो पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया.

उस बुड्ढे ने जैसे ही मुझे देखा तो बोला- रमीज तू कैसे इतनी तारीफ कर रहा था कि वो लड़की नहीं कयामत है. घोड़ा वाला सेक्सी घोड़ावो मेरा लंड ऐसे हिला रही थी, जैसे उसने ज़िंदगी में पहली बार लंड पकड़ा हो.

दीदी ने कहा- क्या माँ फिर से वही …सासू माँ- ठीक है बाबा, मैं कुछ नहीं कह रही, जैसे तेरी मर्जी.बीएफ का वॉलपेपर: नेहा- कैसा लग रहा है मेरी जान?मैं- लगता है … तुम आज मुझे मार डालोगी.

फिर मैंने उससे किस मांगा, तो उसने जैसे ही मेरे तरफ मुँह किया, मैंने मेरी जीभ उसके मुँह में डाल दी और नीचे के होंठ काटने लगा.मुझे कुछ देर दर्द हुआ पर गांड का कोरापन खत्म होते ही मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था.

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उस वक्त मैं 21 साल की हुई थी और मामा के घर पर ही रहती थी उस वक्त मेरा फिगर 34-28-34 के करीब था.यह देखकर मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा, लेकिन मैं क्या कर सकता था.

अगर आपने उसे हाथ लगा दिया और उसे एक बार अपनी बांहों में लेकर उसके साथ प्यार कर लिया, तो उस लड़की का भाग खुल जाएगा. बीएफ का वॉलपेपर फिर एकदम से उसने मेरे सिर को पकड़ कर अपनी चूत पर ज़ोर से दबाया और उसकी चूत से रस की धार बह निकली.

वहां काफी देर हम लोगों ने मस्ती की और फिर हम गेस्ट हाउस के अन्दर डीजे पे डांस करने के लिए गए, तो देखा कि वहां पहले से ही एक खूबसूरत लड़की डांस कर रही थी.

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मेरी जवानी की कहानी के तीसरे भाग में आपने पढ़ा कि मैं एग्जामिनर के साथ कमरे में थी, मेरी पक्की सहेली भी मेरे साथ थी. कुछ देर मैं यूं ही भाभी को छेड़ता रहा और भाभी चाय बनाने में लगी रहीं. मेरे घर में जब कोई नहीं रहता था, तो मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ होटल में जाकर चुदवा पाती थी.

चाची के विशाल चूतड़ों को दोनों हाथों से मसलते हुए मैं शान्ति चाची को धकापेल चोदने लगा. करण पाल ने संजीदा होकर कहा- ऐसा मजाक मुझे बिल्कुल पसंद नहीं है, दोबारा ऐसी वाहियात बात मत करना. फिर मॉम ने मुझे लिटा लिया और चूत चाटने लगी और उधर अनुप्रिया मॉम की चूत चाट रही थी.

तब मैंने वंदना को बताया और मैं और वंदना के बीच में बातचीत शुरू हुई. मालिनी के मुँह से एक हल्की सी आवाज निकली, तब मुझे लगा कि मालिनी लौड़ा सहन कर लेगी, इसलिए मैंने एक तेज झटका मारा और अपना आधे से ज्यादा लौड़ा उसकी चूत में पेल दिया. मैं उसकी टी-शर्ट को ऊपर करते हुए उसकी चिकनी और गोरी गोरी गर्दन पर अपने होंठों से हल्की हल्की पप्पी दिए जा रहा था.

मैं बाजार से जो फूल आया था, उसमें से एक फूल मैंने वन्दना के बालों में लगा दिया और उसे पकड़ कर उसको जोरदार किस करने लगा. तभी मेरी चूत को थोड़ा ज्यादा सा खोल कर उसने अपनी जीभ मेरी चूत में डाल दिया और मेरी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा.

मैंने एक दिन उसकी बहन के बारे में पूछा कि आपको अपनी बहन के बारे कुछ पता है कि नहीं?तो वो मुझसे पूछने लगा कि मेरा मतलब क्या है.

ये सब मैं रवि से नहीं बताना चाहता था कि मेरी बहन उसकी बहन से भी बड़ी चुदक्कड़ है और वो पैसे के लिए चुदती है.

कुछ देर के बाद मेरे जेठ ने अपना हाथ मेरे सीने पर रखा, कुछ देर मेरे ब्लाउज के ऊपर से मेरे मम्मे मसलने के बाद उन्होंने मेरे ब्लाउज के हुक खोलना शुरू कर दिए. राखी आंटी ने कहा- बेटी, अब तुम्हारी शादी हो चुकी और तुम्हें अपने पति से आशीर्वाद लेना चाहिए. उसका ध्यान भी शायद चाय पर कम और मेरी जांघों के मध्य में हो रहे लंड के उभार पर ज़्यादा था, जिसकी वजह से उसने मुझे चाय देते वक्त मेरे ऊपर चाय गिरा दी.

मैं कुछ समझा नहीं, पर मैंने अपनी गति बढ़ा दी और उसकी दोनों चुचियों को पकड़ कर पीछे से जोरदार धक्के मारने लगा. मैंने बारह बजे आने का इशारा किया, तो वो मुस्कुरा उठी और दरवाजा बंद कर लिया. वो नीचे से अपनी कमर उठा-उठाकर चिल्ला रही थीं और बड़बड़ा रही थीं- आहहह और चोदो मेरी चूत को … आज मत छोड़ना … इसे भोसड़ा बना देना.

मैं तो पागल वैसे ही थी, जब से कार में जगत अंकल लोगों ने मुझे चोदना शुरू किया था.

बदले में मैं भी मुस्कुरा दिया। उसने भी अपनी यूनिफार्म ली और चेंजिंग रूम की तरफ चली गयी. मैंने भी तारीफ में मैडम से कहा कि आपके हाथों में तो जादू है … सच में खाना बहुत अच्छा था, जितनी सुंदर आप हो … उतना ही टेस्टी भोजन भी था, मेरा तो जी करता है आपके हाथों को …मैं कहते कहते रुक गया और चुप हो गया. हम दोनों ने उसके पैर पकड़ लिए और कहा कि तुम जो बोलोगी, वो हम करेंगे.

दरअसल मेरी तनी हुई चूचियां और उठी हुई गांड ही मुझे सेक्सी बनाते हैं. फिर मैंने भाभी का पेटीकोट भी उतार दिया और उसकी काली पैंटी को किस कर दिया. मेरी बहन को यह बात सामान्य लगी, उसने कहा कि उसके लिए लंड आकर्षण की चीज है.

जब मेरा लंड फिर से टाइट हो गया तो भाभी कहने लगी कि अब मुझे तुम्हारे लंड को चूत में महसूस करना है.

ऐसे करते हुए उनकी पता नहीं कब सैटिंग हो गई, मुझे मालूम ही नहीं चला. ज़िंदगी में पहली बार इतने मोटे मम्मों को दबाने और पीने को मिल रहे थे.

बीएफ का वॉलपेपर मेरे लिए तो ये बेहद ही अनूठा और उत्तेजक सा दृश्य था, जिसे मैं टकटकी लगाये बस देखता रह गया था. भाभी फिर से मेरा लंड सहलाने लगी और कह रही थी- असली सुहागरात तो मेरी आज हुई है जान!मैंने कहा- कविता, जब तक खुशबू ना आ जाए तब तक हर रात तुम मेरे साथ बिताओगी, मैं तुम्हारी रातें और भी रंगीन कर दूँगा.

बीएफ का वॉलपेपर मेरे पास ऊपर वाले का दिया हुआ सब है, एक तेरे जैसी खूबसूरत आइटम को चोदने की कमी थी, वह भी ऊपर वाले ने दे दिया. साथ मेरे हाथ उनके मम्मों को दबाने में लगे हुए थे, वो भी मेरा साथ देने लगी थीं.

दवाई के असर के साथ ही दो साल बाद की मेरी प्यास भी अपनी अंगड़ाई लेने लगी थी, मैंने नामित से बोला- अब मुझे पूरा तृप्त करो.

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वंदना के जाने की सोच से मैं बहुत नर्वस हो गया था कि कल मेरी हुई और आज ये जा रही है. सरोज चाची का चेहरा मेकअप के बाद इतना क्यूट लग रहा था कि मुझे लगा कि अभी सरोज चाची को पकड़ लूँ और अपना खड़ा लंड निकाल कर उनके मुँह में घुसा दूँ. प्रिया ने नीले रंग की पैंटी पहनी हुई थी, मगर उसकी चुत के पास से वो गीली होने के कारण अलग ही नजर आ रही थी.

मस्त फिगर है और वह बोलचाल में बहुत अच्छी है।मेरी उम्र 36 वर्ष है और मेरा फिगर 36सी 34 38 है।जैसा कि पहले आप मेरी स्टोरी पढ़ चुके हैं कि मुझे लेस्बीयन सेक्स बहुत ही पसन्द है. फिर उसने मुझे उसकी गर्म चूत के अन्दर ही झड़ने को कहा और मैं तीन चार धक्के मारते हुए झड़ गया. मैंने चाय खत्म की और शूज पहन के कार की चाबी उठाई, तो राहुल भी आ गया.

उसके बाद भी नीरू ने अपनी सगी मौसी की लड़की को मुझसे चुदवाया, हम सबने साथ चुदाई की और उससे अलग दो लड़कियों को और चुदवाया.

पिंकी अपने हाथ को वापस खींचने की कोशिश करते हुए बगैर उनकी तरफ देखे बोली- जाने दो ना सर … प्लीज़ … !”सर ने मेरा हाथ अपने दूसरे हाथ में पकड़ा और मुझे अपने लंड के नीचे लटक रहे ‘गोले’ पकड़ा दिए … मैंने हल्का सा विरोध भी नहीं किया और उनके गोले अपनी उंगलियों से सहलाने लगी. हम इसी तरह ऑटो, सी-बीच और जहां भी मौका मिलता किसिंग और चुची दबाने या लंड सहलवाने का कार्यक्रम शुरू कर देते. कुछ समय तक हमारी नॉर्मल बात होती रही फिर जब बस की लाइट बंद हो गई तो वो बोली- मुझे नींद आ रही है.

जैसे ही मेरी जीभ रूपा की चूत की दोनों फांकों के बीच में से रगड़ खाती हुई उसकी चूत के छेद पर लगी, तो रूपा के मुँह से मस्ती से भरी हुई सिस्कारियां निकलने लगीं- अहह बहुत मज़ा आ रहा है मालिक … उम्म्ह… अहह… हय… याह… ह्ह्ह…रूपा की कामुक सिसकारियां सुन कर मैं और भी जोश में आ गया और रूपा की चूत के फांकों को फैला फैला कर उसकी चूत के छेद को अपनी जीभ से चाटने लगा. इसके बाद मैं जल्दी से कोई सुराख देखने लगा ताकि सुनीता को देखकर मुठ मार सकूं. वो एक कुर्सी लेकर मेरे पास बैठ गयी और मैं उसे गेम सिखाने लगा। बीच बीच में मौका पाकर मैं अपनी कोहनी से उसके चूचे हल्के से दबा देता था.

क्योंकि दूसरी बार की चुदाई से पहले कुछ देर तक हम दोनों ने ओरल सेक्स का मजा सोफे पर बैठ कर लिया था. पिंकी अपने हाथ को वापस खींचने की कोशिश करते हुए बगैर उनकी तरफ देखे बोली- जाने दो ना सर … प्लीज़ … !”सर ने मेरा हाथ अपने दूसरे हाथ में पकड़ा और मुझे अपने लंड के नीचे लटक रहे ‘गोले’ पकड़ा दिए … मैंने हल्का सा विरोध भी नहीं किया और उनके गोले अपनी उंगलियों से सहलाने लगी.

दरवाजे के अन्दर झाँक कर देखा तो मुझे मेरे ऊपर विश्वास नहीं हो रहा था. मुझे अब दरवाजे पर किसी के होने का आभास सा हुआ, मगर मैंने जब दरवाजे की तरफ देखा तो मुझे‌ नेहा नजर आयी. गैब्रियल फिर से उठा और अब बिस्तर में उसने दो तकिया उठाकर मेरी कमर के नीचे लगा दिए और मेरे को, खासतौर पर मेरी कमर को टेढ़ा करके तकिया के ऊपर उठाकर इस तरह से जमाया कि अब मेरी कमर और पिछवाड़ा दोनों बहुत उठ गए.

मैंने बारह बजे आने का इशारा किया, तो वो मुस्कुरा उठी और दरवाजा बंद कर लिया.

वाह मेरी रानी … क्या मस्त चुचियां है तेरी! एकदम दूध से भरी हुई, बड़े दिनों बाद ऐसा दूध पिया है. फुल जोश में आकर उन्होंने मेरी पूरी स्कर्ट को पहले ऊपर उठाया और जैसे ऊपर किया तो नीचे सीधे मेरी चूत दिखने लगी तो बोले- अरे तूने तो पैंटी पहनी ही नहीं है वन्द्या!फिर जैसे उनको कुछ याद आ गया हो, वो बोले- अच्छा छत्तू ने बताया था कि वह तुम्हें चोद रहा था. अचानक मुझे ब्लू फिल्म के कुछ सीन याद आये तो मै उसके दूसरे दूध पर धीरे धीरे थप्पड़ लगाने लगा। उसे और भी मजा आने लगा रोजी की सिसकारियाँ बढ़तीं जा रहीं थीं। अब उसका एक हाथ मेरे बालों में था और दूसरा हाथ नीचे की तरफ बढ़ाकर उसने पैन्ट के ऊपर से ही मेरे लंड महाराज को पकड़कर सहलाने और दबाने लगी।अब मैंने उसकी स्कर्ट को भी उतार दिया.

दो तीन हुक खोलने के बाद उन्होंने ब्लाउज के हुक खोल कर सामने से उसे मेरे स्तनों के ऊपर से हटा दिया और मेरी ब्रा ऊपर कर दी. आप सुनाइए सर यहाँ आप लोग कौन कौन हैं?मैं- बेटा मैं यहाँ अकेला रहता हूँ.

मैंने उससे जानना चाहा कि रोज चूत का इंतजाम कैसे होता है?तो उसने मुझे बताया कि वो अपनी भाभी को भी चोदता है. दरवाज़े बंद होते ही मैंने भाभी को बाँहों में उठा लिया और अपने होंठ उनके होंठों पर रख दिए और उन्हें चूसने लगा. जैसे ही ललिता ने कपड़े पहन कर खड़ी हुई कि उस कुएं के कमरे का दरवाजा खुला, उसमें से एक 28-30 साल की लड़की निकली.

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आज मैं अन्तर्वासना पर आपको अपनी कहानी बता रही हूँ ये भी राहुल की ही देन है.

आनन्द को पूजा ने घास में धकेला और उसके लंड पर बैठ गई और अगले ही पल ऊपर नीचे करके चुदने लगी. लेकिन दोस्तो, हम जितनी कल्पना कर रहे थे, इतना दर्द पायल को नहीं हुआ था जितना लोग कहते हैं. पल्लवी की चुदाई के बाद भूख लगने लगी थी इसलिये मैंने खाने का आर्डर दे दिया।इधर पल्लवी पेट के बल लेटी हुयी थी, मैंने कैपरी पहनी और टी-शर्ट डाल ली और पलंग के पास आ गया। मेरी नजर पल्लवी के गोल-गोल उभारदार कूल्हों पर पड़ी और मैंने कस कर पल्लवी के कूल्हे को पकड़कर फैला दिया और लार को गांड की छेद में गिराने लगा.

इससे हुआ ये कि अब रोजाना ही मेरे सुलेखा भाभी, नेहा और प्रिया के साथ सम्बन्ध बनने शुरू हो गए. इसके साथ ही मेरी योनि की फाँकें अलग-अलग होकर सर को आक्रमण के लिए आमंत्रित करने लगीं. हिंदी सेक्सी वीडियो विद ऑडियोहम दोनों ने उसके पैर पकड़ लिए और कहा कि तुम जो बोलोगी, वो हम करेंगे.

वो मेरे निप्पल चूस रही थी और धीरे धीरे अपने एक हाथ को वो मेरी पैन्ट की तरफ ले जाके मेरी पैन्ट खोलने की कोशिश करने लगी. खाला बोलीं- आह … मुझे बहुत अच्छा लग रहा है … सच में बड़ा बहुत आराम मिल रहा है.

भाभी- अच्छा और अभी क्या कर रहे हो?मैं- आपसे बात कर रहा हूँ … और आपसे बात करके मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. अगर वो कोई असली लंड भी होता तो भी इतनी मुश्किल नहीं होती क्योंकि लंड जल्दी से अन्दर बाहर होता है, जिससे वो एक जगह टिक कर नहीं बैठता. तभी मनीषा बोली- मजा आ गया यार आज तो!मैं- क्यों पहले जिससे तुम चुदी, उससे मजा नहीं आया क्या?मनीषा- क्या मतलब है तुम्हारा?मैं- ज्यादा भोली मत बनो! मुझे पता है तुम पहले भी लन्ड का मजा ले चुकी हो। अब बता भी दो कब और किससे चुदी हो?मनीषा- सॉरी सूर्या … यह सच है कि मैं पहले से चुदी हुई हूँ.

मेरी सेक्सी कहानी के पिछले भागपड़ोसन भाभी के साथ सेक्स एंड लव-1में आपने पढ़ा कि कैसे मैं नैना के इतने करीब आ गया था हम दोनों ने एक दूसरे के होंठों के रस का मजा ले लिया था. उह्ह्ह्ह … आऐईईइ … धीरे … मार डालेगा क्या?” प्रिया पूरी उत्तेजना में थी. दोनों आपस में किस कर रही थीं और एक दूसरे के मम्मों को भी चूसना चालू रखे हुए थीं.

हम दोनों वहां के सरकारी क्वार्टर में रहने लगे, उस एक ब्लॉक में 8 र्क्वाटर थे.

मैंने उससे कहा कि मेरा निकलने वाला है, मगर वह तब भी नहीं रुकी और मेरे लंड ने वीर्य उसके मुंह में छोड़ दिया. उसका बहुत बुरा हाल हो गया था, वो बस पागलों की तरह मेरे सर के बालों को बहुत कस के पकड़ कर दबा रही थी.

मैंने नॉर्मली पूछ लिया- बिरजू भाई कब आएंगे?तो उसने बताया कि वो 3 से चार दिन बाद आने का कह रहे थे. ’ की आवाज़ निकलने लगी और उन्होंने अपना लंड मेरे मुँह से बाहर खींच लिया, शायद वह मेरे मुँह में झड़ना नहीं चाहते थे. मॉम की उम्र लगभग 45 साल की तो होगी लेकिन मस्त मोटी और गोरे खूबसूरत हुस्न की मलिका थी.

मैं मन ही मन सोचता था कि अगर ऐसा सुंदर माल चोदने को मिल जाए तो मैं जन्नत की सैर कर लूं. काम करते हुए और गायों को पानी पिलाते हुए उनके हाथ पानी से काफी ठंडे हो चुके थे. मेरी मॉम को सेक्स चढ़ चुका था, दो मिनट लंड चुसवाने के बाद नामित ने उन्हें अपनी बांहों में उठा लिया और सीधे ले जा कर बेड पर पटक दिया.

बीएफ का वॉलपेपर नमस्कार दोस्तो,सबसे पहले मैं अन्तर्वासना के सभी लेखकों को धन्यवाद देना चाहूँगा; आप सबकी कहानी पढ़ कर ही मुझे अपने पहले सेक्स अनुभव को आपके साथ साझा करने का मौका मिला. वो मेरी तरफ झुक कर पढ़ रही थी जिससे मुझे उसके टॉप से झांकती हुई चूचियों को देखने का मजा मिल रहा था.

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”नेहा हंस कर खड़ी हो गई और अपनी जांघों को दूर दूर तक खोल कर मेरी जांघों के ऊपर खड़ी हो कर बोली- कम ऑन अब तू इससे सीधा पकड़ कर रख, मुझे इससे अपनी चूत में घुसाना है. तो रात को मैं पीछे वाला दरवाजा खोल के बाहर निकला और सिगरेट जला कर पीने लगा. मुझे चाय पीने की बहुत आदत है और कौशल्या मेरी पड़ोसन काफी अच्छा चाय बनाती है मैं हमेशा चाय के बहाने उसका रूप निहारने उसके घर चला जाता था.

लंड की चुभन ने भाभी को कुछ अहसास दिलाया और उन्होंने मेरी ओर प्यार से देखा. प्रिया के होंठों को चूमते हुए मैं अपने दोनों हाथों से भी उसकी पीठ व गर्दन को सहलाकर उसे उत्तेजित करने की कोशिश करने‌ लगा. देहाती सेक्सी वीडियो एचडी फुल एचडीअब तक मैं कपड़े पहन चुका था तो वो जोर से सांस लेते हुए बोली- लोग केवल बोलते रहते हैं और कपड़े पहन कर कमरे में बैठे रहते हैं.

फिर दोनों हाथों से उसकी कमर को जोर से पकड़ा, अपनी तोंद उठाई, हल्के से लंड को उसकी चूत पे टिकाया और एक जोर का शॉट लगा दिया.

मैंने पास में पास पड़ी कोल्ड क्रीम उठा ली और थोड़ी क्रीम उनकी गांड पर लगा दी, थोड़ी मैंने अपने लंड पर भी लगायी. मैं फिर भी अपने सहेली के साथ रहती थी क्योंकि वो मुझे अपने ब्वॉयफ्रेंड के बारे में बताती थी और अपनी चुदाई के बारे में मुझे बताती रहती थी, जिससे मैं भी गरम हो जाती थी.

शाम होते ही सर्द हवाओं ने अपना रंग दिखना शुरू कर दिया, सबको ठंड लगने लगी, मैंने दोस्त से मज़ाक में कहा- यार इस मौसम में यहाँ गार्डन में बैठ के मस्त पेग मारने का मूड हो रहा है. मैं इस वक्त अपनी सहेली के पति की बाहों में थी और वो मेरे होंठों को चूस रहा था. मैं- ये तो बताओ … क्या क्या तैयारी की?नूपुर- मैंने बाल हटाये हैं, कमरे की सफाई की है और आपके लिए कुछ बनाया भी है … और भी बहुत कुछ किया, लेकिन आपने मेरे दिल तोड़ दिया.

कुछ देर तो रुको, इतना तो मैं कभी पूरे सेक्स के बाद नहीं झड़ी, जितना तुमने बिना हाथ लगाये झाड़ दिया.

हालांकि कुछ पल बाद सन्नी की आवाजों से लगने लगा था कि उसे भी पूरा मज़ा आने लगा था. मैं सिसकारियां लेते हुए बोली- आहहह … जेठजी बहुत अच्छे और जोर से मसलो, बहुत अच्छा लग रहा है!अब वो और भी जोश में मेरे स्तनों को मसलने और चूसने लगे. फिर मैं धीरे-धीरे भाभी के बच्चों को चॉकलेट देने लगा और इस बहाने भाभी के करीब जाने के बहाने ढूँढने लगा.

सेक्सी डाउनलोड सेक्सी वीडियो डाउनलोडइधर पुनीत मुझे गंदी गंदी गालियां देकर मेरी गांड को जमके चोद रहा था. सभी फूहड़ डांस करते हुए अपने अपने ब्वॉयफ्रेंड को किस कर रही थीं और उनसे चिपक रही थीं.

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नेहा- तुम्हारे चूचे हमेशा से मुझे पसंद थे, पर कभी चूसने को मिलेंगे, ये नहीं पता था. मामी की गांड चोद कर सुहागरात मनायी-4से आगे की कहानी:जब रूपा बर्तन साफ करके, पास के स्टोर रूम में जा रही थी, तो वो रूम के दरवाजे की दहलीज पर रुक गई. अनु मस्त होकर बोल रही थी- हाय जानू चोदते रहो … मुझे खूब मजा आता है … तुम ऐसे चोदते हो तो चूत गर्म हो जाती है.

सोनू भी रोमांच से भर गई और कहने लगी- राज बात तो तुम ठीक कह रहे हो, मम्मी के चूतड़ तो मेरे चूतड़ों से कहीं ज्यादा भारी हैं. वह बोल पड़ी- बस कर मादरचोद! अब क्या चाट-चाटकर ही गीली करेगा मेरी चूत को या अपना माल भी गिराएगा इसके अंदर?मैंने कहा- रंडी रुक, पेलता हूँ तुझे. लगभग 5 मिनट की खड़े खड़े चुदाई करने के बाद मैंने उसे लिटा दिया और उसके ऊपर आ के अपने लंड की स्पीड को बढ़ाते हुए चोदने लगा.

अंकल मौके को गंवाना नहीं चाहते थे, उन्होंने एक करारा झटका दे मारा और अपना आधे से ज्यादा लंड मेरी बीवी की चूत में उतार दिया. फिर शाम को मैंने आ कर देखा कि हमारे सारे रिश्तेदार जा चुके हैं, घर खाली था. और 9 इंच का मूसल जैसा लंड मेरी चूत में सेट किया और ज़ोर से धक्का मारा.

मैं आयोडेक्स निकाल लाया और भाभी की गोरी पिंडली पर आयोडेक्स लगाने लगा. झूले के साथ ही उसकी चूत के दाने से मेरी उंगलियां टकराने लगी … अब उसे आनन्द आने लगा था, वो सिसकारी निकाल रही थी ‘आह स्सस …’ आंखें बंद करके!जब नीचे झूला आया तो सुशीला को सब मालूम पड़ गया.

मीठी-मीठी पीड़ा के साथ हुई इस चुदाई में चूत तो अब फूल कर एकदम पावरोटी बन गई थी.

मैं तीसरी मंजिल पर जिस कमरे में रहता था उस कमरे की खिड़की और बालकॉनी से सामने वाला घर दिखाई देता था. सेक्सी फिल्मे चुदाईअब चाची मुझसे बात करने के लिए मेरे पास मेरे कमरे में आ गई लेकिन तब मैंने उनसे कोई भी बात नहीं की क्योंकि मैं उनकी रात वाली बात से बहुत नाराज था और मुझे उनके ऊपर बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा था. सेक्सी वीडियो चित्र वीडियोजिसे देख कर मालती ने कुछ भी करने से पहले उस पर अपना मुँह मारना शुरू कर दिया. मेरी जिंदगी भले ही दांव पर लग जाए, मैं ख़त्म हो जाऊं … लेकिन तुम्हें हासिल करके रहूंगा.

पर उसने अपना मुँह दूसरी तरफ घुमा लिया और बोली- मुँह से नहीं करूँगी … पता नहीं कैसी महक आ रही है.

मेरे पूरे पेट में हाथ फेरते हुए रवि ने मेरी नाभि में अपने होंठ रख दिए. फिर उसकी चूत के दरवाजे पर अपना लौड़ा सैट किया और एक हल्का झटका दिया. अभी आँख लगी ही थी कि तभी एक सुंदर सी और बहुत ही खूबसूरत लड़की मेरे पास आई और उसने मेरी नींद खराब कर दी.

फिर मैं चुपके से अपने बिस्तर से उतरा और छोटी चाची के कमरे में चला गया. उसकी दर्द भरी आवाज सुनकर मुझे मेरे लंड पे बहुत गौरव हुआ, सच में बड़ा मर्दाना एहसास हुआ था. मेरी सहेलियों ने मुझसे काफी बार पूछा कि ‘क्या हुआ तुझे?’ पर मैं कुछ नहीं कह सकती थी क्योंकि मैं अपने पति को बाहर के लोगों के सामने शर्मिंदा नहीं होने देना चाहती थी.

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मैं उनके दोनों निप्पलों को बारी बारी से अपने मुँह में गपागप चूसे जा रहा था. बारहवीं के पेपर भी दे दिए और पेपरों के बाद एक दिन मेरे और शुभम के रिश्ते का घर पर पता चल गया और मेरी खूब पिटाई हुई और मुझे घर पर बिठा दिया गया. मॉम ने अपने चेहरे से बड़ी कामुकता से अपने चेहरे से नामित के वीर्य को उंगली से उठाया और चाट लिया.

पहले शायद वो डरती‌ थी, मगर अब प्रिया के बारे में पता लगने‌ के बाद इसमें हिम्मत आ गयी थी.

”और भी थोड़ी नार्मल सी बात हुई और उसने फोन रख दिया। मैं बहुत खुश था क्यूंकि बात शुरू तो हो गई थी।फिर हमारी लगभग रोज ही बात होने लगी थी.

मॉम ने अपने चेहरे से बड़ी कामुकता से अपने चेहरे से नामित के वीर्य को उंगली से उठाया और चाट लिया. मैं साइड हुआ तो नैना ने अपना सर मेरी छाती पे रख लिया और मेरी छाती पे अपनी उंगलिया फिराने लगी. सेक्सी इंडियमैंने जोश में आकर मीना के मुंह को अपनी तरफ कर लिया और उसके होठों पर किस करने लगा.

रवि मामा का लंड झटके मार रहा था और मैं उसके काम रस को पीने को उतावला था. मैंने उससे कहा कि मेरा निकलने वाला है, मगर वह तब भी नहीं रुकी और मेरे लंड ने वीर्य उसके मुंह में छोड़ दिया. मैंने पानी पिया फिर बात की- जी कहिये … क्या हुआ?अभी तक मेरे और रेखा के बीच में कोई ऐसी बात नहीं हुई थी कि मुझे या उसे कुछ गलत लगे.

वो बोली- सारा पानी यहीं निकलवा दोगे तो फिर नीचे क्या करोगे? क्या मुठ मारोगे?वो यह कह कर हंसने लगी. राज अंकल बोले- हां चलना है … थोड़ा उतर के होकर जल्दी से आ जाते हैं.

मैंने देखा कि गुड़िया तो चुदने की तैयारी के साथ अपनी बुर को क्लीन शेव करके आई थी.

तो वो मुस्कुरा कर बोली- थैंक्स … पर क्या मतलब सुंदर दिखने का?मैंने तुरंत बोला- मतलब?शायद वो भी मुझसे प्रभावित हो रही थी, बोली- कुछ नहीं. जेठ जी उन्हें बारी बारी चूस कर अपनी कमर से एक लय में धक्के दे रहे थे. आप मुझे बताएँ कि मैं क्या करूँ? मैं शादीशुदा हूँ लेकिन अपनी बहन को खुश देखना चाहता हूँ.

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हालांकि उसकी उम्र पैंतालीस साल के आसपास है, वो ढल गई है, पर गजब चुदवाती है. मैंने अपनी साड़ी कमर तक पूरी ऊपर की और अपनी पैंटी उतार उसे अपनी योनि के दर्शन करा दिए. सही में नेहा की मुनिया उस समय किसी भट्ठी की तरह तप रही थी और उसके प्रवेशद्वार से मानो आग ही निकल रही थी.

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साली अनु ने मेरा लंड कभी भी इस तरह से नहीं चूसा था … और आंड तो आज तक नहीं चाटे थे. भाभी न जाने क्या क्या बड़बड़ा रही थी और मैं उसकी चूत में लंड को पेले जा रहा था. वो खुल कर बोली- गांड मराने आयी थी … पर बोल दूंगी कि इनका खड़ा ही नहीं होता है.

वह मस्ती में बड़बड़ा रही थी- आह्ह … राज … मजा आ गया … तुमने इतने दिन क्यों लगा दिए. उसके घर-परिवार के बारे में भी जानता हूँ। उसकी शादी तो हो चुकी है और उसके पति भी बहुत बड़े आशिक हैं.

लेकिन वो मुझसे तेज़ थी, जब वो हाथ ऊपर कर रहे थे, तो उसने नीचे से मेरी टी-शर्ट पकड़ ली.

जैसे ही मैं लेटी, वो मेरी ओर एकटक देखने लगे और बोले- वन्द्या तू तो कयामत से भी ज्यादा कयामत है. जो मेरे बारे में नहीं जानते हैं, उनके लिए बता दूँ कि मेरी फिगर बहुत अच्छी है. जैसा मैंने अपनी पुरानी कहानी में बताया था कि मैं एकता के साथ मुंबई आ गया.

थोड़ी पीने के बाद…‘अब मैं नए कपड़े पहन के तैयार हो जाऊं?’उसने मुझे बांहों में भरा एक चुम्मी ली मेरे होठों पर और बोला- आज से पहले किसी का लौड़ा चूसा था?‘नहीं. उसके चूचुक तो मानो जैसे उसकी ब्रा से बाहर आकर मेरे होंठों से उलझने की इच्छा व्यक्त कर रहे हों. मेरी चूत को मेरी सहेली का पति चाट रहा था और मैं उसके मुँह में झड़ गई.

अब मैंने ज़ीनत के नाड़े को खोल कर नीचे गिरा दिया और अपनीबहन की नंगी चिकनी चूतसे खेलने लगा.

बीएफ का वॉलपेपर: जगत अंकल मेरी जांघ पर हाथ फेरते हुए मेरे कान में फुसफुसा रहे थे कि मैंने उनको पंद्रह दिन तक खुली छूट देने का वायदा किया था. भाभी में दोबारा जोश भर गया और दरवाज़े को हाथ मार कर बंद कर दिया और मुझे फिर रंग लगाने लगी.

कुछ सोचने के बाद वो राजी हो गई और अंकल के घर चीनी मांगने के बहाने गई. 8 वर्षों से मैंने किसी स्त्री को आंख उठा कर नहीं देखा था, लेकिन कौशल्या की मिलनसारिता और हँसमुख मिजाज ने मुझसे बातें करना सिखा दिया था. फिर नाइट में जब मैं उठा तो देखा कि भाभी का गाउन घुटनों तक हो गया था और ऊपर से उनके थोड़े थोड़े चूचे दिख रहे थे.

वो बोला कि आकाश जब से नेहा यहाँ आयी है, तुम तो उनको चड्डी तक पहनने नहीं देते.

अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार! मेरा नाम रुचित है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. मुझे चाय पीने की बहुत आदत है और कौशल्या मेरी पड़ोसन काफी अच्छा चाय बनाती है मैं हमेशा चाय के बहाने उसका रूप निहारने उसके घर चला जाता था. ‘ऊऊ … क्या है? कुछ देर और लेटी रहो ना …’ सुलेखा भाभी पर पड़े पड़े ही मैंने कुनमुनाते हुए कहा.