प्रियंका का बीएफ

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আমেরিকা সেক্স ভিডিও: प्रियंका का बीएफ, पूरे दिन सुम्मी को कॉल और मैसेज पर लोगों ने शुभकामनाएं दीं लेकिन सुम्मी खुश नहीं थी.

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क्योंकि वो मेरी भाभी होने के साथ ही मेरी बहुत अच्छी दोस्त भी बन गयी थी. कश्मीरी सेक्सी गर्लसर ने चाची की चुत में लंड डालते हुए कहा- शबनम मादरचोद कुतिया तेरी चुत बड़ी मस्त है … इसमें लंड डालने में खूब मजा आता है.

अब दोनों एक दूसरे को चोदने लगे।तब मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और तेज़ तेज़ चोदने लगा. गद्दा सेक्स वीडियोवो स्लेब पर पेट के बल झुक कर सर टिका के खड़ी थी और उसकी साँस तो ऐसी तेज चल रही थी जैसे बहुत से दूर भाग कर आयी हो।मैंने अपने सारे कपड़े लोवर, टी- शर्ट और अंडरवियर खुद उतार कर रसोई के बाहर फेंक दिए और आगे बढ़कर उसकी पीठ को सहलाने लगा.

मैंने पूछा- इस बात पर तुम्हारे घर वाले मान जाएंगे?वो बोली- मुझे नहीं पता … हां मैं आपकी बात अपने घर में कह सकती हूँ.प्रियंका का बीएफ: उन्हें देख देख कर मुझे लगता कि इनकी चूत भी ब्लू फिल्म्स की सुन्दरियों की तरह गुलाबी मक्खन जैसी होगी जो हाथ भर लम्बा मोटा लंड अपनी छोटी सी चूत में बड़े आराम से झेल लेती है.

दोस्तो, मेरी इस हॉट लेडी सेक्सी कहानी के अगले भाग में आगे की घटना लिखूँगी.कुछ देर बाद उसने मेरे लंड को अपने मुँह से बाहर निकाल दिया और मुझसे कहने लगी कि अब बस अब ‘वो …’ करो.

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मैं दादी जी की काली भोसड़ी देख कर समझ गया कि इन्होंने अपनी जवानी में गधे के जैसे मोटे और लम्बे कई लंड अपनी चुत के अन्दर लिए हैं.सेक्सी गर्ल Xxx कहानी मुझे अनायास ही मिली एक लड़की के साथ सेक्स की है.

मेरी बच्चेदानी में मुँह पर जेठ जी के लंड ने करीब 9-10 बार रह रह कर धार मारीं और वो मेरी छाती के ऊपर पसरते चले गए. प्रियंका का बीएफ गिलास और केतली टेबल पर रखकर सर ने कमरे का दरवाजा बोल्ट कर दिया, मुझे थोड़ा सा अजीब तो लगा लेकिन कुछ खास नहीं.

कभी वह अपना लंड पूरा मेरी चूत में अन्दर तक डाल देता … और कभी पूरा लंड सुपारे तक चुत की फांकों तक बाहर निकाल लेता.

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मेरी उससे नजरें मिलीं, मैंने उसको गुड मॉर्निंग बोला और रोज मेरा पानी भरने के लिए धन्यवाद भी कहा. तो सर तेजी से चाची की गांड मारने लगे और चाची सिसयाने लगीं- आहह आह ओह सर प्लीज धीरे धीरे आह प्लीज छोड़ दो. लगभग 10 बजकर 15 मिनट पर एक लड़का कार से आया और शीला आंटी के घर में चला गया.

मगर ये दिक्कत भी थी कि मेरे घर में रहते हुए रुबिका सील नहीं खुलवाएगी. बहू सेक्स की कहानी का अगला भाग:मेरी बहू रानी को पुनः भोगने की लालसा- 3. अभय- तूने कितनी बार किया है?ममता- क्या भैया, मुझे क्या ऐसी वैसी समझा है आपने!अभय- इसका मतलब तू अभी तक कुंवारी है? ये सुन कर खुशी हुई.

मैंने अपनी स्पीड पकड़ ली और पूरे रूम में ‘ठप ठप …’ और ‘अहह उहह उईईहह …’ की आवाज़ गूंजने लगी. महारानी कृति आज बहुत खुश थी क्योंकि उसके साथ उसकी छोटी बहन भी अब बालिका से औरत बन चुकी थी. अंधेरा होने की वजह से उन्हें लगा कि कोई देख नहीं पाएगा और वो पास में ही टॉयलेट करने बैठ गईं.

मेरी हसरत कैसे पूरी हुई?मेरा नाम परम है और मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूं।मेरी उम्र 20 साल है और मेरा कद 5 फुट 11 इंच है और मेरा वजन 72 किलोग्राम है।दोस्तो, मैं अपने जीवन में बहुत सी औरतों और लड़कियों को चोद चुका हूं. देखते ही देखते उन्होंने मेरी जींस और अंडरवियर दोनों मेरे बदन से अलग कर मेरे लंड पर अधिकार जमा लिया था.

कुछ ही पलों के बाद मेरी टांगें हवा में उठ गईं और मैं सेक्स के लिए उन्हें अपने अन्दर आने के लिए खुद से कोशिश करने लगी।अब मेरी चूत और उनके लंड के मिलन की फक … फक … फक … की आवाजें आ रही थीं.

मैंने उसे झटके देते हुए कहा- अगर एक बार बोलूंगी … तब तुम अभी ही मुझे एक बार और चोद लोगे?अफ़रोज़- हां आपा.

उसने सासू जी को उठाया और साथ में गुलाब भी आ गया, सबने मिलकर सहारा देकर गाड़ी में बिठाया।मैं भी बैठने लगी तो मां बोली- बहू तुम रहने दो. उसके लंड को देख कर एक बार को तो मेरा मन बहक गया लेकिन मैंने उसको ग़ुस्से से देखते हुए बोला- आप पागल हो क्या … ये सब क्या कर रहे हो!वो बोला- मैडम मैं बहुत मस्त चोदता हूँ … एक बार तो चुद जाओगी तो मज़ा आ जाएगा. मैं जल्दी से नीचे बैठा तो ने पैंटी नहीं पहनी हुई है और उनकी चूत पर छोटे छोटे बाल थे.

सुनो बे सारे हिजड़ो, इधर आओ और हम दोनों के पैर छूकर अपनी गुलामी दिखाओ. रात को करीब 9 बजे हरीश सुम्मी के पास आया और बोला कि आपको प्रॉब्लम नहीं हो तो मैं आपको कुछ खास चीज दिखाने के लिए ले जाना चाहता हूँ. मैंने दोनों हाथ पसार दिए और उसकी तरफ देखते हुए उसे फ़्लाइंग किस करने लगा.

मैंने आज तक कभी भी इन्हीं तीनों के अलावा किसी को बुलाया भी नहीं है.

आपको ये वर्जिन Xxx कहानी कैसी लगी, वो आप मुझे ईमेल में बता सकते हैं. ममता ने अपने कमरे में आकर अन्दर से गेट लॉक किया और फटाफट अपने कपड़े उतार कर बाथरूम में नंगी घुस गई. मैंने अभी तक इस तरह की मां बेटे की सेक्स कहानियां और वीडियो को मोबाइल में ही देखी थीं.

फिर धीरे से मैंने नीचे से हाथ अन्दर डाला और उनके एक दूध को पकड़ कर दबाना शुरू कर दिया. मैं चाहती थी कि इससे पहले कि मेरी चुत लंड के लिए बेचैन हो … वह ख़ुद मेरी चुत में अपना लंड डालने के लिए गिड़गिड़ाए. वो मुस्कुरा कर बोलीं- अरे तुम अभी सिंगल हो! लगता तो नहीं है … चलो कोई बात नहीं, मैं देखती हूँ.

आपको कल रात का बुरा तो नहीं लगा ना?मेरी मां शर्माती हुई बोलीं- अरे इसमें बुरा मानने वाली कौन सी बात है बेटा, मैंने तो बचपन में तुझे पूरा नंगा देखा है और मैं समझती हूं कि तू अब जवान हो गया है.

वो सब मैं अगली किसी सेक्स कहानी में आगे बताऊंगा, तब तक के लिए अलविदा. आपकी सराहना, प्यार, स्नेह और आपकी दोस्ती के लिए मैं दिल से शुक्रगुजार हूँ.

प्रियंका का बीएफ मेरी जान … यहां कोई नहीं आता, तू टेंशन मत ले, अपने पास समय कम है और काम ज्यादा है!” मैंने कहा और अपना लंड निकाल कर उसकी चूत के खांचे में घिसने लगा और फिर धीरे से टोपा चूत में घुसेड़ दिया. उसने मुझे अपने ऊपर से हटा कर मुझे बेड पर लिटा दिया और वो मेरे ऊपर आ गई.

प्रियंका का बीएफ अगर तुम मेरा साथ दोगे, तो तुम्हारे घर की गरीबी दूर हो जायेगी, तेरी मॉम की वासना भी शांत हो जाएगी. हमने जम के चुदाई के मज़े लिए। घर का ऐसा कोई कोना नहीं बचा जहाँ उसने मुझे ना चोदा हो।2 दिन बाद जब वो गया तो बुरा तो बहुत लगा … पर शायद यही ज़िन्दगी है।उस दिन के बाद सागर और मैं अक्सर बात करने लगे।आज भी हम इतना है करीब हैं जितना 3 साल पहले थे।दोस्तो, आशा करती हूं कि आपको मेरी यह हॉट फॅमिली सेक्स कहानी पसंद आई होगी।अगर इस सेक्स कहानी पर कोई अपनी राय मुझे भेजना चाहता है, तो जरूर भेज सकता है.

इतने में मैंने शावर चालू कर दिया और जोश में आकर उसके साथ वहीं शुरू हो गया.

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जब बिस्तर पर लेटो, तो पेटीकोट अपने आप आसानी से घुटनों तक आ जाता है और थोड़ी कोशिश से ही और ऊपर आ जाता है. डाल दो अपना लन्ड मेरी बुर में, अब बर्दाश्त से बाहर है!मैं- इतनी भी क्या जल्दी है मेरी जान, अभी और मजे लो चुदाई से पहले के!यह बोलकर मैं बेड से नीचे उतरा और शीना को घोड़ी बनने को कहा. और मैं मुड़कर उनके होंठों को चूमने लगी और हम खड़े होकर चुदाई करने लगे.

उसको गांव में रहना पड़ रहा है।मैं- ओह्ह नहीं। अब वो वापस कब आएगा?जवान- क्यों, क्या हुआ मैडम जी? और इतनी दूर अकेली कैसे आ गयीं?मैं- नहीं, कुछ नहीं। उसने घर में काम किया था तो उससे लगाव हो गया था।वो बोला- कारीगर से कैसा लगाव मैडम जी? आपकी बातें पहेली जैसी लग रही हैं।वो मुझे टेढ़ी नजर से देख रहा था।मैंने कहा- चलो मैं चलती हूँ. उनकी टांगें, जो मेरी कमर पर थीं, नीचे हो गईं और मुझे अपनी बांहों में भरते हुए मेरे होंठों को चूमने लगीं. फिर कुछ देर ऐसे करने के बाद मैंने एक और धक्का मारा, जिससे मेरा लंड चूत को चीरते हुए अन्दर चला गया.

भाभी मुझसे बोलीं- हां हां क्यों नहीं मेरी रानी … जैसा तुम चाहो, वैसा ही होगा.

बात मेरे सामने ही हो रही थी सो मैं जानबूझ कर जोर से खांसा ताकि खांसने की वो आवाज अदिति के कानों तक पहुंच जाये. अब यूं तो मेरी बहूरानी अदिति के और मेरे अन्तरंग संबंधों को लेकर मैंने पिछले तीन चार वर्षों में बहुत सी कहानियां लिखीं हैं जिन्हें आप सब का भरपूर प्यार मिला है. ये मेरी सेक्स लाईफ में पहली बार हुआ था कि मैं और गीत एक साथ स्खलित हुए थे.

दस मिनट के बाद उसने गांड को थोड़ा ढीला छोड़ा, तो मैं जोर जोर से धक्के लगाने लगा. मेरी कॉलोनी के कई लड़के मेरे हुस्न पर फिदा थे, पर उस समय मैं इन चक्करों में ज्यादा नहीं पड़ती थी. मैं शर्माते हुए और नज़र छिपाते हुए बोला- चलो चाची, मेरी चाय बना दो.

फिर शीला आंटी उससे बोलीं- पूरी रात यही करना है या तुम दोनों और भी कुछ आगे करोगे. नमस्कार मित्रो, मैं आरुष दुबे एक बार फिर से आपके सामने अपनी अधूरी सेक्स कहानी का दूसरा भाग लेकर हाजिर हूँ.

मैंने सांस रोक कर एक जबरदस्त धक्का मारा और मेरा पूरा लंड मामी जी की कोमल चिकनी चूत को चीरता हुआ अन्दर उनकी बच्चेदानी तक जा टकराया. मेरा लंड फिर खड़ा हो गया और चुनौती देने लगा।मैंने बिना देर करते हुए उसे घोड़ी बनाया और अपने लंड को उसकी चूत में डालकर घपाघप चुदाई शुरू कर दी।उसका दो बार पानी छूट गया था और अब मेरा भी निकलने वाला था तो मैंने उस से पूछा- कहाँ निकालूँ?तो उसने बोला- अंदर ही निकाल दो।मैंने कुछ झटकों बाद अपना सारा माल उसकी चूत में भर दिया और उसी के ऊपर लेट गया।हमने कुछ देर आराम किया. वो एकदम ग़ुस्सा हो गई और बोलने लगी कि मैं कोई ब्लू फिल्मों की कोई ऐक्ट्रेस नहीं हूँ, जो तुम्हारे लंड को चूसकर खड़ा कर दूं.

थोड़ी देर बाद दरवाज़े की दरार से मेरी नज़र पड़ी कि राजू मेरी पैंटी पर अपना लंड रगड़ रहा है.

राजकुमारी पूजा की कुंवारी चूत और तरणताल के पानी की वजह से कुछ दिक्कत हुई लेकिन मैंने हार नहीं मानी. मैं उनके गले से लटक कर झूल गई और हम दोनों एक दूसरे को प्यार करने लगे. दोस्तो, मैं पंकज एक बार पुन: अपनी विधवा मां की चुत चुदाई की कहानी में आपका स्वागत करता हूँ.

कुछ देर बाद रमेश दीदी के ऊपर बैठ गया और उसने मेरी दीदी के दोनों मम्मों के बीच अपना लंड रख दिया. कुछ देर बाद जब मैं उठा और बाजू में लेट गया तो मेरे बदन का तेल मां के बदन पर भी लग चुका था.

ऐसा बोल कर मैंने नगमा की चूत में हाथ डाल दिया और मुझे उंगली लगाते ही उसकी चूत एकदम सी गर्म महसूस हुई. मगर तुम्हारी बात कुछ और है, तुम पहले से ही चुदाई कर रही हो … और पता नहीं कितनों से और कितनी बार चुदवाया होगा … बोलो!कुछ देर सोचने के बाद जोया सर झुका कर धीमे से बोली- हां ऐसा तो है. मैं धीरे-धीरे उसके पास गयी और उसके कंधे पर हाथ रखकर उसके पास ही बैठ गयी … वह चुपचाप लेटा रहा.

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बड़ी बहन छोटी को अपने ममेरे भाई बहन के आपस में सेक्स की घटना बता रही है.

मेरा हुस्न देख उनके तंबू तन गए।लौड़ों के तंबू देख मेरी चूत भी मचलने लगी. सोते समय मैंने दीदी को कस कर पकड़ कर जोर से किस किया, लेकिन वो बोलीं- अब बस. फिर चाहे उसके पति के बिजनेस का बन्द होना हो या सफलता पर सफलता मिलने का अवसर हो.

पहले विवेक के जाने की तय हुई और मैंने इससे कहा कि तुम बताना कि कोई बाहर है या नहीं. मां मेरा लंड बाहर निकालने की कोशिश करने लगीं पर मैं नहीं माना और उनके मुँह को चोदता रहा. বাংলাদেশী সেক্স ভিডিওमैंने जिस घर में कमरा किराये से लिया था, उस मकान में एक परिवार और किराये से रहता था.

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हालांकि मेरी नजर में उनके लिए इज्जत थी … इसलिए मैंने भाभी को गलत नजर से नहीं देखा. मैंने अपनी अंडरवियर और बनियान निकाल दी और अपने लंड को उसके मुँह में देने लगा. उधर गर्म हो रही पूजा और मीना अपने पांवों के बीच अपनी चूत दबोचे एक कामुक तमाशा देख रही थीं.

बातों ही बातों में मां ने अपनी शादीशुदा जिंदगी के बारे में बताया कि कैसे पिता जी रोज दारू पीकर आते और उनके साथ जबरदस्ती करते थे. मैं भी नंगा होकर पहले उसके ऊपर चढ़ गया और उसको बहुत जोर जोर से किस करने लगा. मैं- अब तक आपकी चूत इतनी कसी कैसे है?मौसी ने बता कि मेरे पति ने केवल मुझे बहुत कम बार ही चोदा था.

बहूरानी का बैग मैंने उनकी कोच में चढ़ा दिया और उसे उसकी बर्थ पर बैठा दिया.

कुछ ही देर में वो दोनों निखिल के लंड को चूमने लगीं और एक दूसरी की चूत में भी उंगली करने लगीं. मैं उनके गले से लटक कर झूल गई और हम दोनों एक दूसरे को प्यार करने लगे.

पर यार कसम से मुझे जितना मजा आज तुम्हारे साथ आया, पहले कभी नहीं आया. मैंने बुआ की चुदाई कैसे की?पाठको, कहानी के पिछले भागदोस्त की बुआ को चुदाई का सुख नहीं मिलामें आपने पढ़ा कि मैं अपने दोस्त की बुआ पूनम के जिस्म के साथ मस्ती कर रहा था. वो मेरी लटकती चूचियों को मींजने लगा, जिससे मेरी गांड का दर्द कम हो गया.

हमारे पड़ोस में एक चाची रहती थीं जिनकी उम्र करीब 40 साल की रही होगी, जब पापा नहीं रहते … तो वो अक्सर घर आ जाया करती थीं. लगभग दो घण्टे तक वे लोग मेरे चुत चोद कर उसका भोसड़ा बनाते रहे और आखिर में मुझे छोड़ कर उठ गए. और वासना की तड़प को मेरे से ज्यादा कौन जानता होगा, जो इतनी बड़ी होने के बावजूद किसी लड़के ने मेरी जिस्म को नहीं छुआ था।मैंने थोड़ा नर्म आवाज में कहा- नहीं भाभी, ऐसी कोई बात नहीं है.

प्रियंका का बीएफ मैंने सादिका के घर रुक कर उसके घर वालों से दस मिनट बातें की और हम दोनों निकल गए. फिर उसने शर्माकर आंखें बंद करके धीरे से अपना लंड मेरी चुत में डाल दिया.

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मैंने आगे झुक कर उसके होंठ को चूम लिया जिससे उसकी भी आँख खुल गयी और उसने भी मेरे होंठों पर छोटा सा चुम्मा चिपका दिया।हम एक दूसरे को देख कर खुश हो रहे थे. वो हंस कर मेरा लंड सहलाती हुई बोली- क्या बात है … प्रज्ञा को देखकर ये जनाब तो एकदम खड़े हो गए. फिर पीछे से अपना लंड चुत में डाल दिया और हुर्रेम की चुदाई करने लगा.

डैड ने मेरे मॉम की सुहागसेज सजाई और हम सब सुहागसेज के सामने खड़े हो गए. पांच मिनट जब भाभी की पकड़ कमजोर हुई तो मैंने अपना मुँह चुत से बाहर निकाला, भाभी की नमकीन चुत और उस पानी को पूरी तरह चाट कर साफ कर दिया. भूत वाली गेम भूत वाली गेमबात चुदाई तक कैसे पहुंची?दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का काफी पुराना पाठक हूँ, आज बहुत संकोच के बाद मुझे पहली बार सेक्स कहानी लिखने की इच्छा हुई.

विवाह ग्वालियर के एक मैरिज गार्डन से संपन्न होना था क्योंकि वर पक्ष ग्वालियर में ही रहता था और लड़की म.

अभय कमरे में आंख बंद करके अपने लंड को अंडरवियर से बाहर निकाल कर सहला रहा था. अब मैंने उसका गाउन उतार दिया और उसकी ब्रा उतार कर उसे पूरी नंगी कर दिया.

नवीन ने अपना लंड उसके मुँह से निकाला और दूसरी के सामने जाकर बोलने लगा- प्लीज़, तुम भी एक बार मेरा लंड चूस दोगी. तब चाची बोलीं- तेरा राजू भी तो पूरा जवान है … साली, इतना अच्छा माल घर में है और मोमबत्ती से काम चलाती है. गोविन्द का लंड मोटा तो राजेश जैसा ही है, किन्तु लंड टेढ़ा होने से चूत में लंड थोड़ा कम जाता है.

दीदी मुझसे अपने मम्मे मसलवा रही थीं और उन औरतों से बातें भी कर रही थीं.

फिर कृति की टांगों पकड़ कर उसे पलंग के किनारे खींचकर अपने नजदीक कर किया. मैं चुदाई कि मस्ती में सिसयाने लगी- आहह इस्स आह आह ओह ओह प्लीज आहह ओह धीरे धीरे. अपना गिलास खाली करके वो चला गया और मैंने अपना पैग सिप सिप करके खाली करते हुए पन्द्रह मिनट वेट किया.

ब्लू फिल्म कलर पैलेट २०२१वो मुस्कुराते हुए बोलीं- अरे यार, बड़े दिन बाद मेरी चुत में आपका लंड जा रहा है. ये मॉम बेटा सेक्स सीन देख कर मेरा और मम्मी का दिमाग भी खराब हो चुका था.

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मैंने तुरन्त पैंट की जिप खोली और उसका हाथ पकड़कर अपने खड़े लौड़े पर रख दिया. तीनों रानियों की सहमति लेकर दोपहर में ही प्रोग्राम तय कर दिया गया कि आज ही सुहागरात होगी. ” मैंने बात का अंदाज़ा लगा कर अखबार में ही मुंह घुसाए हुए जवाब दिया.

हम लोगों की शादी के कुछ समय बाद ही हम दोनों सेक्स में नए-नए प्रयोग करने लगे थे. पहले भागक्लास की लड़की पर दिल आ गयामें अब तक आपने पढ़ा था कि मैं प्रभा को चोदने के लिए अपने खाली घर में ले आया था और उसे अपने कमरे में ले गया था. उसने दर्द की अधिकता में अपने एक हाथ से मेरी पीठ में नाखून गड़ा दिए … और वो करती भी क्या!उसकी चीख सुनने वाला यहां हम तीनों के सिवाए कोई न था.

करीब दस मिनट तक मौसी के चूचे दबाने के बाद मैं उनकी पैंटी उतारने के लिए नाईटी को धीरे धीरे उठाने लगा. आज मैंने शाम का खाना जल्दी ही, करीब 9 बजे तक लगा दिया और खाने के बाद मैंने रुबिका को उसके कमरे में सोने को बोला. अफ़रोज़- ओह आपा ये कैसे होगा?मैं- घबरा मत, इसका पूरा इंतज़ाम मैं कर दूंगी.

मैंने आंटी का गाउन ऊपर करके उनके चूचे दबाने शुरू कर दिए और मुँह लगा कर चूचुक चूसने लगा. मुझे लगा कि मेरा आपके घर आना सुधीर साहब को अच्छा लगेगा या नहीं?”क्यों? सुधीर को इसमें क्या आपत्ति हो सकती है? वैसे सुबह 9 बजे सुधीर दोनों बेटियों बरखा और बहार को लेकर निकल जाते हैं, उनको स्कूल ड्राप करके दस बजे तक शोरूम पहुंच जाते हैं.

बुआ ने अपने मुँह से लंड बाहर निकालते हुए मुझे घूर कर देखा और कहा- जब ये नहीं जा रहा तो इसको अन्दर ठूंसने की क्या जरूरत है? जितना चूस सकती थी, तुम्हारे बिना कहे चूसा है ना मैंने!मैं- कोशिश करने में तो कोई दिक्कत नहीं.

फिर एक रात को जब मुकेश पूरे नशे में मुझसे लिपटने लगा तो मैंने अपनी अदाओं से उसको खूब रिझा लिया और उसके सीने पर हाथ फेरती हुई बोली- जान, ऊपर के पोर्शन का काम कितना बढ़िया हुआ है. सेक्सी पिक्चर आदिवासी सेक्सीफ़लक पूछने लगी- सर, प्रैक्टिकल कैसे होगा?मैंने कहा- वह सब मैं तुम्हारी मम्मी को बता दूँगा. शिनचेन शिनचैनअभय ने फिर से उसका हाथ पकड़ कर रख दिया, पर इस बार पर इस बार ममता ने हाथ नहीं हटाया और धीरे धीरे उसका लंड सहलाने और भींचने लगी. दिनांक 3 फरवरी 2021 को प्रकाशित मेरी कहानीकिस्सा-ए-दफ्तरी चुदाई-3के अंत में मैंने आपसे वायदा किया था कि इस कहानी से जुड़े दो पात्रों की चुदाई का क़िस्सा भी मैं आपसे शेयर करूँगा.

मैं बहार के करीब गया और उसका हाथ पकड़कर कहा- ईश्वर की यही इच्छा है कि दोनों बहनें एक साथ रहें तो इसमें हर्ज क्या है.

मैंने मम्मी के दोनों हाथों को हटाकर मम्मी की गोरी चुत पर चुंबन करना शुरू कर दिया. मैंने जल्दी से लोलिशा को चूमा, उसके होंठों को चूसा, फिर उसकी चूचियों को मसला और कपड़ों के ऊपर से उसकी चूत को सहलाने लगा. उन्होंने मुझे पूछा- कैसा है और क्या कर रहा है?मैंने भी उनके बारे में पूछा, अपने दोस्त के बारे में पूछा.

पंजाबी भाभी चुदाई कहानी में पढ़ें कि मेरी पड़ोस की भाभी ने मुझे मेरी गर्लफ्रेंड की चुदाई करते देखा. रमेश ने कहा- वैसे तो इसे लंड कहते हैं लेकिन तुम इसे कोई भी नाम दे सकती हो. इस वक्त मुझ पर इतनी मस्ती छाई थी कि क्या बताऊं … मन कर रहा था कि अभी जाकर अफ़रोज़ का लंड अपनी चुत में डलवा लूं.

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अब तो अदिति बिटिया की चुदाई और सिर्फ चुदाई होगी बस!” मैंने बहू को आश्वस्त किया. थोड़ी देर बाद चाची लंड को चाटते हुए बोलीं- आज बड़ा अच्छा लग रहा है यार … अब आप देर न करो … जल्दी से मेरी चुत की प्यास बुझा दो. मॉम बेटा सेक्स कहानी में पढ़ें कि पड़ोस की चाची अपने बेटे से चुदाई करवाती थी.

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सुबह हमारी नींद खुली तो मैंने जब अपने लंड गांड से बाहर निकाला तो देखा बिस्तर पर खून दिख रहा था. देखो रूपाली कब से ट्रे लिए खड़ी है।नीतू अब तक मुझसे सारी बातें आँख बंद करके कर रही थी इसलिये रूपाली का नाम सुनते ही नीतू ने एकाएक अपनी आँखें खोल दी और तुंरत उठ कर बैठ गई।अगले ही पल उसकी नजर खुद पर पड़ी तो उसे ध्यान आया कि उसने एक भी कपड़ा नहीं पहना हुआ है. सेक्सी फिल्म वीडियो दिखाएंवो मेरे ऊपर लेट गया और हाँफने लगा।हम दोनों ने चरमोत्कर्ष प्राप्त किया और मंजिल को पार कर गये।दस मिनट बाद भाई मेरे ऊपर से उठ गया और नीचे मेरी चूत को देखने लगा।चूत में से खून और वीर्य दोनों बह रहे थे।वो बोला- दीदी, आपकी चूत से खून निकल गया.

मैंने भाभी से पूछा कि भाभी ये जो कल रात को हमने किया था, वो सब सेफ तो है ना … किसी को पता तो नहीं चलेगा?उन्होंने मुझसे कहा- बेबी तुम चिंता मत करो, तीनों लड़कों को मैं बहुत समय से जानती हूं. मैं भी एक बार अन्दर डालना चाहता हूँ!मैं- नहीं अफ़रोज़ तुम मेरे छोटे भाई हो और मैं तुम्हारी बड़ी बहन. अब मैं दीदी की चुत के पास मुँह करके लेटा था और मेरा लंड दीदी के मुँह के पास था.

हम दोनों के बीच काफी बार ऐसी बातें हो जाती थीं, जिससे मुझे लगने लगता था कि बड़ी दीदी के मन में सेक्स को लेकर कुछ चल रहा है. मैंने कहा- डाक्टर क्यों राजेश … तुम ही सीधा ही मुझे प्रेगनेन्ट कर दो ना! राजेश तुम्हारा बीज मेरी कोख में डाक्टर डाले या तुम डालो … वीर्य तो मुझे अन्दर लेना ही पड़ेगा.

धीरे धीरे बड़ी दीदी भी मुझे प्यार करने लगीं और हमारे बीच काफी मजाक होने लगा था.

भाभी ने मुझसे पूछा- गर्मी ठीक से शांत हुई थी कि नहीं?मैंने कहा- भाभी मेरी तो आत्मा तृप्त हो गई थी. मैं अपने होंठों पर शरारती मुस्कान लाते हुए बोला- मामी जी, पहली बार मेरा लंड अपनी चूत में ले रही हो क्या?मामी जी- आअह्ह … ऊऊऊह् ह्ह्ह्ह राहुल … आपका यह मोटा लंड स्सासह्ह … मार दिया … ऊम्ममा मेरी चूत राहुल … आह्हह … ओह जानू आपका लंड इतना ज़बरदस्त और मज़ेदार है … उम्म्म ओह्ह उईई. बहूरानी भी जैसी किसी प्रेमातुर प्रेमिका की तरह शर्माती हुई मेरे करीब आई और मेरे गले में अपनी बांहों का हार पहिना कर मेरे सीने से लग गयी.

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उसमें उसने लिखा था कि आप सभी सेक्स कहानियां भाभी को लेकर ही बताते हैं. कुछ देर बाद मैं भाभी से अलग हुआ और उनके एक दूध को मुँह में लेकर चूसने लगा. पहले आप प्रॉमिस करो कि आप अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाल कर मुझे सताओगे तो नहीं?” अदिति ने झिझकते हुए कहा.

मैंने अपना लंड हाथ में लिया और लौड़े का सुपारा गांड के छेद में सैट कर दिया. प्लीज अब मेरे लंड को चूस कर शांत कर दो, अब मुझसे सहा नहीं जा रहा है.

मेरे शरीर की भूख दिन पर दिन बढ़ती जा रही थी। एक बार मेरी ननद का पति किसी काम से मेरे घर आया.

सुम्मी के साथ जो बात उसे हमेशा कष्टदायक थी, वो ये बात थी कि उसका पति उसे सारी खुशी दे रहा था लेकिन वक़्त नहीं देता था. उसने मेरा नंबर और पता लिखा और बोला- ठीक है जाओ।मैं रूम में आकर फ्रेश हुआ और अंडरवियर बनियान उतार कर लोवर टी-शर्ट पहन कर लेट गया।तभी मेरे नंबर पर एक फोन आया; तेज़ आवाज़ में लड़की बोली- तूं राज बोल रा है?मैंने कहा- हां, आप कौन हो?वो बोली- मैं मालती।मैंने कहा- कौन मालती?वो बोली- हरियाणा पुलिस मालती धाकड़. उसने चेहरा पढ़ लिया और पीछे आते हुए पूछने लगा- एकदम से क्या हो गया?मैंने कोई जवाब नहीं दिया तो उसने हाथ पकड़ा और बोला- आप बुरा मान गयीं क्या?तो मैंने कहा- क्या बताऊँ … यहाँ तो आकर मेरी ज़िंदगी झंड हो गई है.

आपकी गोरी[emailprotected]इससे आगे की मेरी देसी गांड चूत चुदाई कहानी:ससुरजी के बाद ननदोई को अपने ऊपर चढ़ाया. मैंने धीरे से पूछा- प्रसाद में क्या देना होगा?एक ने कहा- हम हर रोज खीर बनाते हैं. वो बाथरूम में से लाल रंग की झीनी नाइटी पहन कर बगल के बेडरूम में चली गई थी.

रितेश ने मीरा को समझाते हुए कहा- अरे यार, तुम बस दो दिन रुक जाओ … और हां इस बीच मेरे नाम से तू अपनी चुत में कुछ मूली गाजर डाल लेना.

प्रियंका का बीएफ: आज मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे पहली बार ही किसी मर्द से चुदाई करा रही थी. ममता- बोल भी दो यार … अब तो हम फ्रेंड बन गए हैं … और हां इसको थोड़ा आराम दे दो.

मुझे याद आया कि बृज फूफा, लता के साथ दो दिन को मार्केटिंग के लिए शहर से बाहर जाने वाले थे. मैंने अपने बदन पर साड़ी डाली हुई थी, उसने मेरे बदन से मेरी साड़ी ब्लाउज पेटीकोट को अलग कर दिया और अब मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में उसके सामने रह गई थी. दूल्हा बनने से पहले क्या हुआ, इसकी सेक्स कहानी का मजा लेते हैं, तैयार हो जाइए.

जैसे ही उसने मुंह से सांस ली उसके मुंह में भरा हुआ सारा वीर्य सीधे उसके पेट में चला गया।मैंने जैसे ही अपनी पकड़ ढीली करी वैसे ही नीतू मुझसे अलग हो गई और मुंह पौंछती हुई बोली- तुम सच में बहुत गंदे हो.

मैंने भी उसे अपने ब्वॉयफ्रेंड के बारे में सब बताना शुरू किया और रोने भी लगी. इस लंबी चली चुदाई में हम तीनों इतना थक गये थे कि हमारे अंदर अब उठने की भी शक्ति भी नहीं बची थी. मैं खुद भी जल्दी झड़ना नहीं चाहता था तो मैं अपने लंड को बस हाथ में लेकर सहलाने लगा और बस उन दोनों की चुदाई की ओर ध्यान लगा दिया.