स्कूल या बीएफ

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हम दोनों की दोस्ती गहराने लगी, तो अब कभी कभी मैं उन्हें नॉन वेज मैसेज भेज दिया करता था.मैं- बैठो न आप भी … आप कब आईं? आपके बारे में भाभी ने मुझे बताया था.

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कुत्ते का लिंग, कुतिया की योनि में फंस गया था और जब तक वीर्यपात नहीं होता, वो बाहर नहीं निकल सकता था.मैं समझ गयी कि ये साथ नहीं दे पा रहा है, मेरी जरूरत के हिसाब से उसके धक्कों में दम नहीं लग रहा था.

बॉस के कहने पर मेरी बीवी को वह औरत एक कमरे में ले गई और जाकर बेड पर लिटा दिया. स्कूल या बीएफ पूषी कुछ नहीं बोलीं, बस चाय पीती रहीं और चाय खत्म करके कप रखने गईं.

”तुम्हारे जैसी खूबसूरत लड़की को ऐसे ही सड़क पर कैसे छोड़ कर जा सकता हूँ … या तो तुम बताओ कहाँ जाओगी या फिर मेरे साथ चलो … मुझे कोई परेशानी नहीं होगी.

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वो बोला- साली बहुत बड़ी रंडी है तू, बता नहीं सकता तेरी गांड मारने में कितना मस्त मजा आ रहा है. मैंने उसे फिर से बुलाया तो वह थोड़ी पास आई, पर मुझसे दूरी पर खड़ी होकर हंसने लगी. मैंने भाभी के बालों में अपनी उंगली घुमाई और कहा- आज मैं आपको पूरा मज़ा दूंगा.

राहुल मेरी गांड के छेद में भी उंगली कर देते जिससे मैं उछल जाती। मुझसे अब सहन नहीं हो रहा था. थोड़ी देर में मुझे लगने लगा, जैसे सुखबीर अच्छे से समझ गया कि मुझे क्या चाहिए था. उनके पति जो सरकारी अफसर हैं उनको दौरे आते हैं और उनकी तबियत अक्सर खराब ही रहती है। जब भी उन्हें ऐसे दौरे आते थे तो उन्हें आंटी दवाइयाँ देकर सुलाया करती थी।आंटी का शरीर उम्र के हिसाब से काफी सुडौल और काफी फिट है।मैं अपने आख़िरी साल के एग्ज़ाम खत्म करके घर आया हुआ था.

गाड़ी ने थोड़ा मोशन पकड़ा ही था कि मैंने देखा एक लड़का ट्रेन की ओर भागा आ रहा था. कमर मेरी उनके कमर से चिपक गई थी, तभी मेरे सलवार के ऊपर से ही कमर के नीचे जांघों में कोई सख्त चीज चुभ रही थी. वो नारी सुलभ तरीके से शरमाने लगी और मुझसे बचने की नाकाम कोशिश करने लगी.

मैं अनजान बन कर बोला- मुझे नहीं पता भाभी कि आपको क्या चाहिए?भाभी बोलीं कि मुझे एक बच्चा चाहिए. मेरी ऐसी कामुक प्रतिक्रिया देख सरदारजी का सब्र टूट पड़ा और उन्होंने मेरी जांघें पकड़ सीधा घुटनों के बल खड़े होकर मुझे थोड़ा ऊपर उठा कर धक्के मारने शुरू कर दिए.

अभी वो खुद अपनी चूत के रस स्वाद ठीक से ले भी नहीं पाई थी कि मैंने उसको अपने ऊपर ले लिया.

तूने अभी देखा किस तरह से अभी राज तेरी मम्मी से आगे वाली सीट में चिपके हुए उसके दूध दबा रहा था और अन्दर टांगों में हाथ डाले था.

वाह चिकनी बुर थी, मैं उसकी बुर पर हाथ फ़ेरने लगा, परन्तु इस बार मैंने अपनी उंगली उसकी बुर में नहीं डाली क्योंकि मुझे डर था कि कहीं वह फ़िर से ना बिदक जाए, इसलिए मैं सिर्फ़ उसकी बुर को ऊपर से ही मसलता रहा. उनका 3 साल पुराना जितना पानी इकठ्ठा हो गया था, उन्होंने सब मेरी चूत में निकाल दिया. मैं आप सब लोगों से कहना चाहती हूं कि 21वीं सदी में ऐसी कोई भी औरत नहीं है, जो किसी और से चुदना नहीं चाहती हो.

साड़ी के बाद ब्लाउज, फिर ब्रा और आखिर में पेटीकोट का नाड़ा भी खोल दिया. इस घुटन से ज्यादा अच्छा है मैं अपने दिल की बात कोमल को बता ही दूँ।मैंने मन ही मन सोच लिया और कह दिया- हाँ प्यार तो हो गया है. जब मुझे लगा कि अब लंड फट जाएगा, तब मैं उन दोनों को बेड पर ले गया और पीठ के बल लेट गया.

वो अपना लौड़ा अपने हाथ से रगड़ते हुए मेरे सामने आ गया और अब्दुल से बोला अब्दुल भाई इसकी चुदाई जरा उठ कर करो.

मैंने झड़ने के क्रम में मस्ती से अपनी दोनों टांगें चिपकाने की कोशिश की, पर उसने पूरी ताकत से अपने सिर और एक हाथ से मुझे रोक लिया. अब समझ में आया कि वो शुरू से ही मेरे साथ क्यों अजीब बर्ताव कर रहा था. मैंने बात को आगे बढ़ाया और उसके बाद हम दोनों में काफी सारी बातें हुईं.

गांव में पहुंचकर नवीन ने गाड़ी रोकी और संजीव से गाड़ी को पार्क करने के लिए कह दिया. मैंने भाभी की कमर पर और उनके बालों पर हाथ फिराया और थोड़ा आगे हाथ करके उनके चूचों को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और धीरे-धीरे लण्ड को पूरा-पूरा बाहर निकाल कर भाभी को पीछे से चोदने लगा. मैं घूम कर गीता के पीछे आ गया और उसकी दोनों चुचियां दबाते हुए उसकी गर्दन पर किस करने लगा.

वो उसे भी चाटने लगी, इसी बीच मैंने अपना पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया.

मैं एकदम से हैरान हो गया कि इतनी ज़ल्दी कैसे मेरे लंड को मुँह में ले लिया. मैंने कहा- क्या तुम मेरी उससे बात करवा सकती हो?उसने कहा- आपको दो दिन रुकना पड़ेगा.

स्कूल या बीएफ मेरी गीली चूत में वो अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल कर मुझे हचक कर चोद रहा था. मैं अब जहां खड़ी हुई थी, वहां पर भी मेरी टांगों के नीचे से 5-6 बूंद मेरी चूत का रस गिर गया.

स्कूल या बीएफ मैं भी इसी मौके की तलाश में था कि कब आपकी चूत को चोदने का अवसर मुझे मिलेगा. तभी निक बोला- अरे सर हमारी मुर्गी को लेकर कहां चले?इस पर नामित बोला- अरे सर, उधर कहां जा रहे हो आप?डेविड- मैं इसे बेडरूम में ले जा रहा हूँ.

थोड़ी देर तो हम दोनों मजाक करते रहे, पर कुछ ही पलों में अपनी अपनी कामुकता सामने आ गयी.

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वो कमरा मुझे पसंद आया तो मैंने उसका किराया पूछा तो उन्होंने उसका किराया छह हजार बताया. करीब दो-तीन मिनट तक किस करने के बाद आशीष मेरी नाक को अपने मुँह में भर कर चूसने लगा. दोनों को ही एक दूसरे की चाहत बड़े लंबे समय से थी जो अब जाकर पूरी हुई.

फिर माँ ने कहा कि वह मुझे ऊपर से चोदना चाहती हैं।मैं बिस्तर पर लेट गया और माँ मेरे ऊपर आ गईं और वो मेरे लंड पर बैठ गईं. जो लोग कहानियां केवल मनोरंजन के लिए पढ़ते हैं, उनके लिए ये कहानी यहीं पर समाप्त होती है. मैंने एक हाथ से पंकज के लंड को पकड़ लिया और अपनी जलती हुई गर्म चूत पर रखवा दिया.

मैंने फिर दोनों को बेड किनारे पर पीठ के बल लेटाया और दोनों के पैरों को उनके पेट से चिपका के थोड़ा फैला दिया.

मैं उसके रसीले होंठों और तने हुए मम्मों में इतना खोया हुआ था कि पता ही नहीं कब उसने ये सब नोटिस कर लिया था. कुत्ता भी उस पर चढ़ गया और अपनी कमर हिला हिला लिंग को उसकी योनि में प्रवेश कराने का प्रयास करने लगा. जब मेरी नींद खुली तो भोर के 3 बज चुके थे, कौशल्या मेरी तरफ पीठ करके लेटी थी, मैंने कमर से सटते हुए उसकी चुचियों को पकड़ा और उसके निप्पल मसलने लगा.

उसकी ब्रा के ऊपर से मैंने उसकी चुचियों को दबाना चालू किया और उसकी चुचि के निप्पल को होंठों में दबा कर सक करने लगा. पापा बोले- वर्षा मुझे पता नहीं था कि तिवारी इतना कुटिल स्वभाव का है, मुझे माफ़ करना … मैं बस अँधा होकर मेरी बच्ची को मारता रहा. लेडीज और जेंट्स सब का शोर इतना था कि किसी को किसी की कोई आवाज सुनाई नहीं देती थी.

उसकी गांड को चोदने में बहुत मज़ा आ रहा था जिसको मैं यहां बता नहीं सकता हूं. पर सवाल सुरक्षा का भी है।जब तक मैं भरोसा कर न लूं, मैं किसी कीमत पर अपनी कैसी भी पहचान जाहिर न करूँगी। आपको ठीक नहीं लगता तो बेशक मुझसे परहेज कीजिये। मेरे लिये मेरी सेफ्टी पहले है। बाकी किसी मर्द की गुंजाइश अब भी है लेकिन वह मुंबई से ही हो तो बेहतर है.

ज़रीना चीखी- उफ्फफ … सारा आपा इतना बड़ा तगड़ा मेरे अन्दर कैसे जाएगा?सारा बोली- ज़रीना चिंता मत कर बहुत मजे करेगी … तू बस देखती रह और मजे लेने के लिए तैयार हो जा. तब आशीष बोला कि मैंने जब से तुम्हें देखा है, मुझे कुछ और अच्छा नहीं लग रहा है. जब उनके घर पहुँचे, तो मैं बाहर से ही बोला- अच्छा आंटी, अब मैं चलता हूँ.

उसके बाद मैं, पापा और मामी वहीं ड्राइंग रूम में ही बैठकर बातें करने लगे.

उसके कबूतर (बूब्स) बत्तीस इंच के रहे होंगे जो उसकी सुंदरता में चार चाँद लगाते थे. मैं अभी तक एक बार भी नहीं चुदी थी और अपने बॉयफ्रेंड से चुदने के लिए मचल रही थी. वो दिन भी आ गया, जब मैं पहली बार हितेश से मिली … दिखने में एकदम राजकुमार लग रहा था हितेश … 5 फ़ीट 10 इंच की लंबाई … बॉडी भी ठीक ठाक … चेहरा भी अच्छा खासा … मैं तो देखते ही उस पर फिदा हो गयी.

उसने मुझे हग किया, जिससे उसके टाईट बूब्स मेरी छाती में गड़ गए और मेरे जिस्म का भी उसने नाप ले लिया. उसके हाथ मेरी ज़ुल्फों से होते हुए मेरे मुखड़े को सहलाते हुए होंठों तक पहुंच चुके थे.

उसका शाम को रिप्लाई आया- बस रहने दो … तुम बस फेंकते रहो, भला कौन थप्पड़ मरवा के गांड लाल कराये अपनी. लोवर में सोनू का हाथ जैसे ही मेरे लंड पर टच हुआ तो सोनू ने उसे पकड़ लिया और पकड़ते ही वह उठकर बैठ गई. मैंने प्रीति की बहन से पूछा, तो वो भी बोली- दीदी तो मेरे बॉयफ्रेंड को भी फंसाना चाहती थीं, पर वही नहीं माना.

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लेकिन मेरे शौहर के जाने के बाद मेरी जिंदगी में काफी बदलाव आ गया था.

मैंने हर तरीके से शिल्पा को चोद कर संतुष्ट कर रहा था और शिल्पा खुद अपनी चूत को उचका उचका कर पूरा लंड अपने अन्दर ले रही थी. वो और भी तेज ‘अआहा ऊनंह ऊउमंह आहा ऊन्ह्ह ऊम्मह आहाआ ऊनंह ऊउम्मंह हाआअ. शांत होते ही उसका लिंग सिकुड़ कर बाहर आ गया और उसके निकलते ही चिपचिपा पानी मेरी योनि से बह निकला, जिसमें सफेद वीर्य के हिस्से भी थे.

मेरी बीवी की दोनों चूचियां लाल हो गई थीं, पर वह आदमी काफी देर तक दोनों चूचियां चूसता रहा. उसके बाद जब कभी मैं खुद को अकेला पाती, तो मैं भी मास्टरबेट करने लग जाती. हिंदी गाना पर बीएफफिर मैंने दीदी से पूछा- दीदी आपका नाम क्या है?तो उन्होंने अपना नाम कोमल बताया.

मेरा बैठ कर खाने का मन हुआ तो मैंने सोचा कि कोई अखबार मिल जाए, तो बिछा कर बैठ कर खा लूँ. जब जब उसका लिंग थोड़ा जोर मार उचकता, तो मेरी कामना जग जाती कि अब ये तैयार हो रहा.

वो भी अपने लंड पर मेरे मुँह की गर्माहट पाकर मस्त हो उठा और आगे पीछे करते हुए लंड से मुँह की चुदाई करने लगा. मगर उससे पहले आप सबका मेरी पिछली कहानीकुछ अधूरा साको इतना प्यार देने के लिए धन्यवाद. जब मैंने उसका लंड चूस कर गीला कर दिया, तो उसने मेरे मुँह से मेरी पसंदीदा कुल्फी खींच ली.

उसने कहा- रोक कौन रहा है?उसने पूछा- अब तक किस किस पोजीशन में चुदाई की है?मैंने कहा- बस देसी स्टाइल. मैंने उसकी चूची दोनों हाथों से पकड़कर दो आखिरी धक्के लगाए और अपना सारा माल उसकी चूत में ही गिरा दिया. अब मन की ख्वाहिश पूरी करने के लिए चुत को दुकान से तो खरीद नहीं सकते थे.

उसने मेरा लंड मुँह बाहर निकाला और बोली- क्यों पता लगा … तड़फ कैसी होती है?उसने हंसते हुए फिर से मेरे लंड को मुँह में ले लिया.

छीलने के बाद उन्होंने एक टुकड़ा निकाला और आधा अपने होंठों में दबा लिया और मेरी तरफ इशारा किया. मैंने कहा- ठीक है आती हूँ।मैंने राहुल से कहा- देवर जी, मैं आपके लिए और अपने लिए खाना लेकर आती हूँ, तब तक आप हाथ मुँह धो लो.

मेरी इस इच्छा पर उसने मुझसे बोला कि ठीक है, वो मेरे लिए एक लंड की जुगाड़ करवा देगी. उसके बाद मैंने उसको उठाया और उसको कमोड पे बिठाया और उसकी चुत को चूसने लगा. फिलहाल आप मुझे मेल करके बताइये कि आपको मेरे परम आनन्द, परम सुख पाने की मेरी यह पहली कहानी कैसी लगी.

तब मेरे धैर्य ने मेरा साथ छोड़ दिया … अब मैंने डिसाइड कर लिया कि चाहे जो भी हो, मुझे हितेश से बात करनी है. ठंड का मौसम कुत्तों के मिलन का होता है, इस वजह से जहां तहां कुत्ते कुतियों के पीछे से चिपके हुए मिलते हैं. वरना चाहती तो वो अपनी चचेरी बहन से कहकर बहुत बड़ा हंगामा खड़ा करवा सकती थी।मुझे भी अब ग्रीन सिग्नल मिल गया था.

स्कूल या बीएफ मैंने पूछा- आपको कैसे मालूम?तो भाभी ने बताया कि सामने वाले घर में जो प्लस टू में लड़की पढ़ती है उसका नाम सोनू है. वाणी सिसकारते हुए कहने लगी- आह … और ज़ोर से दबाओ … आज इनको उखाड़ ही दो.

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वह मेरे लंड से चुदकर इतना आनंद ले रही थी कि उसने मुझे बुरी तरह अपने से चिपका लिया. मेरे पेरेंट्स कहीं गए हुए थे साहिल ने कॉल किया कि तुम घर पर हो तो मैं आ जाऊं?मैंने कहा- हां आ जाओ. अब मेरी गांड और चूत दोनों में निहाल ने एक एक उंगली घुसा दी थी और वो अन्दर बाहर करने में लगा था.

‘आप थके होंगे, थोड़ा आराम करेंगे या पहले चाय बना दूं?’वो मुस्कुराया- थोड़ी शराब पियूँगा और नहाऊंगा. इतने में मेरी टांगों को अपने हाथों से निहाल नीचे चौड़ा करने लगा और फिर बिल्कुल मेरे नीचे आकर मेरी चूत में अपनी जीभ को लगा दिया. हिंदी मां बेटे की बीएफहालांकि मुझे दर्द हो रहा था लेकिन नशे के कारण मुझे मीठा मीठा मजा आने लगा था.

मैंने भाभी की चूत की फांकों में लौड़ा रख कर एक ज़ोरदार धक्का लगा दिया.

उन लड़कों के पीछे सिर्फ दीवार थी, तो मैंने हिम्मत की और थोड़ा सा अपनी मुंडी घुमा दी. वो मुझे बहुत अच्छे से चोद रहा रहा था और जोर लगा कर मेरी चूत में अपना पूरा लंड डाल कर मेरी चूत को चोद रहा था.

मैंने महसूस किया कि उनका गर्म वीर्य मेरे अन्दर गया और मेरी चूत उसके वीर्य से भर गई। वो हाँफते हुए मेरे होंठों को चूसते हुए मेरे ऊपर निढाल हो गए।करीब 5 मिनट वो मेरे ऊपर ही पड़े रहे। फिर वो मुझसे अलग हुए. अजय और रमेश जी को दोनों को मजा आ रहा था और सुजाता जोर-जोर से मजा ले कर लंड चूस रही थी. बुआ ने मुझे भी अपने घर चलने को कहा, पहले तो मैं दिखावा करने लगा लेकिन जब रिंकी ने मेरा हाथ पकड़ा तो मैंने भी हाँ कह दिया.

आंटी को बेड पर ले जाने के बाद हम दोनों फिर से एक-दूसरे को चूमने लगे.

जिस दिन मेरे हस्बैंड मेरे साथ सेक्स नहीं करते थे, उस दिन मुझे ऐसा लगता था कि कोई आए और मुझे खूब जोर से चूसे. वो मेरी कमर को कस के पकड़ के मुझे लपेट कर बोला- आह … अब मेरा भी काम तमाम हो रहा है, तू बहुत मस्त है रे वन्द्या! तुझे चोद के आज मेरे जीवन का बहुत बड़ा काम हो गया. फिर किस करने के बाद वो एक शरारती अंदाज में मेरे लंड के पास पहुंची और लंड से खेलने लगी.

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मैंने टी-शर्ट निकाल दी और भाभी ने जैसे ही मेरा लोअर नीचे किया, मेरा 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड फनफनाता हुआ बाहर आकर झूलने लगा. फिर वो उठी तो मैं बोला- कैसा लगा?वो बोली- एकदम मज़ा आ गया … आज तक किसी ने ऐसे मेरी चूत नहीं चूसी … कसम से जन्नत का मज़ा आ गया. उसके बाद मैं मकान के पीछे की तरफ गया और मैंने देखा वहाँ पर पीछे की तरफ एक खिड़की बनी हुई थी.

उसने अपनी चूत पर हाथ रखा हुआ था, वहां मेरा लंड लगा, तो वो हड़बड़ा गई. ये लोग बता रहे थे कि तेरी मां भी बहुत बड़ी वाली रंडी रह चुकी है, पर अभी उसमें मुझे कुछ दम नहीं दिखा. इससे पहले मैं कई लड़कियों को चोद चुका हूं, पर अन्तर्वासना ये मेरी पहली कहानी है.

मैं इस वक्त नशे में उसे देविका समझ बैठा … और उसकी दोनों चुचियों को अपनी छाती से रगड़ने लगा. इस वक्त मेरी झड़ी हुई चुत में दूसरे लंड के धक्के मुझे अब घायल कर रहे थे. सीमा उसके बाद उठ कर बाथरूम में चली गई और अपनी चूत को धोने के बाद बाहर आयी.

उनकी बातों से मुझे फील हो रहा था कि ये आराम से फंस जाएगी, बस थोड़े खर्चे करने पड़ेंगे. जब काफी देर हमने आपस में प्यार कर लिया और सोनू उत्तेजित हो गई तो मैंने सोनू से कहा- सोनू, जरा नीचे हाथ लगा लूं.

कुछ देर रुकने के बाद, फिर उसने एक जोर का धक्का लगाया और इस बार उसका पूरा का पूरा लंड मेरी चुत में चला गया.

अगले दिन हम कोई अच्छा सा इंस्टिट्यूट देखने गए, हमने बहुत सारे इंस्टिट्यूट्स देखे, पर कोई खास पसंद नहीं आया. ब्लू बीएफ सेक्सी वीडियो हिंदीशायद आप लोग बोर हो गए, लेकिन क्या करूँ असली कहानी है, तो जैसा हुआ वैसा ही लिख रहा हूँ. बीएफ सेक्स करते दिखाओमैं यह सब आखिर तक देखती रही और न जाने कब मेरा अपना हाथ मेरी चूत को सहलाने लगा. फिलहाल आप मुझे मेल करके बताइये कि आपको मेरे परम आनन्द, परम सुख पाने की मेरी यह पहली कहानी कैसी लगी.

उन लड़कों के पीछे सिर्फ दीवार थी, तो मैंने हिम्मत की और थोड़ा सा अपनी मुंडी घुमा दी.

मैंने ये अंदाज ऐसे लगाया क्योंकि उसके पास कोई एंड्राय्ड फोन नहीं था. मैंने उसे बिस्तर पर लिटा लिया और उसकी बुर पर हाथ फ़ेरना शुरू कर दिया, उसने भी मेरा लंड पकड़ कर सहलाना चालू कर दिया. उसने मेरे शरीर को समझो, मेरी चूचियों के दम पर ही पकड़ कर ही उठा रखा था.

मैंने उसकी काले रंग की पैंटी को अपने हाथों से खींच दिया और उसकी गीली चूत मेरे सामने नंगी हो गई. उसने कहा- प्लीज़ अंदर डाल दो… अब बर्दाश्त नही हो रहा है…लड़की को गर्म करके सेक्स करने में जो मज़ा है वो सीधे लिंग को चूत मे डाल कर करने में नहीं है, फिर मैंने सारिका के पैरों को ओर फैलाया व उसकी कमर के नीचे तकिया लगाया. फिर उनकी चूत को अपनी जीभ से चोदने लगा, तो कुछ ही देर में वो झड़ गईं.

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मेरे मन में वही बात आयी और मैंने शिखा से पूछ लिया कि उसने उस दिन मुझे बेवकूफ क्यों कहा?वह बोली- बेवकूफ क्यों न बोलूं?मैंने कहा- मगर किस बात पर बोला यह तो बताओ. अभी तेरे भाई को बोलता हूँ, कहीं अच्छा रिश्ता ढूंढे … तेरा भाई तो कब से कह रहा है, पर मैं ही उसको टालता रहता था कि माया अभी छोटी है. मैंने फोन देते हुए कहा।भाभी ने मुझसे कहा- ये क्या भाभी भाभी लगा रखा है? पहले ये बताओ कि तुम मुझे रात भर चोदोगे या नहीं?मतलब साफ था भाभी को मेरे से चुद कर मजा आया था। वो पूरी रात अब मुझसे चुदना चाहती थी। तब मैंने उनसे कहा- मैं आपको दूसरे एंगल से चोदना चाहता हूं।तो बोली- कौन से एंगल से चोदोगे अब मुझे?मैंने कहा- कि आप ज़मीन पर लेट जाइए और अपने पैर को उठा कर बेड पर रख दीजिये.

प्रमिला एकता की जुबान अपने होंठों को गोल बना के अन्दर बाहर करने लगी.

उसने कुछ देर मेरी चूची को अपने लंड से चोदने के बाद अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और मेरी चूत को चोदने लगा.

मैं उसके मम्मे और चूत दोनों सहला रहा था, जिससे मेरे लंड में फिर गरमी आ गयी थी. तभी वह मेरे नीचे मेरी नंगी टांगों से लिपट कर एक उंगली, मेरी चुत की जो रेखा थी, उस पर चलाने लगे और बोले- हां तू मेरी सेक्सी भांजी है. बाप बेटी के बीएफ एचडीजब हम अलग हुए, तो वो कहने लगी- यही प्यास बुझाने आए थे क्या?मैंने कहा- हां जानेमन … यही प्यास बुझाने आया था.

कुछ ही देर की चूमाचाटी के बाद वो मेरे ऊपर चढ़ गईं और मुझे किस करने लगीं. पूषी बोलीं- हां जल्दी आओ, मैं भी चुदने के लिए पिछले एक घंटे से बेचैन हूँ, तेरा लंड इतना सुहावना है कि मन ही नहीं भर रहा, पता नहीं काम्या बेटी को अपना कैरियर विदेश में ही क्यों बनाना था, यहाँ रहती तो लम्बे लंड का मजा भी लेती रहती और कैरियर भी बना लेती, खैर काम्या न सही, काम्या की माँ की किस्मत में इस लंड का मज़ा लिखा था. उसने गांड उठाते हुए मुझसे कहा- राजा, अब मेरी चुदाई करो … मुझे रहा नहीं जाता.

आंटी ने मुझे अंदर बुलाया और मैंने देखा कि अंकल भी खाने की टेबल पर बैठकर खाना खा रहे थे. उसने इधर उधर देखा और स्कूल बैग फेंक कर बीच में आ गई- पापा आप दीदी को जानवरों की तरह क्यों मार रहे हैं?वर्षा ने पापा से लाठी छीन ली.

इसलिए जहाँ भी मुझे मौका मिलता है मैं अपनी चूत की प्यास को लंड लेकर शांत करवा लेती हूँ.

मैंने पूछा खाला- आपकी तबीयत कैसी है?हम्म …”मैंने प्यार से उनके गुलाबी होंठों को चूमते हुए पूछा- क्या आपको अच्छा नहीं लगा?वे धीरे से बोलीं- अच्छा तो लगा … मजा भी बहुत आया … पर दर्द बहुत हुआ. उसके बाद मिशिका ने रिशु के लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और अपनी चूत पर रगड़वाने लगी. धीरे धीरे मेरा झुकाव पॉर्न की तरफ़ हुआ और हर रात उन औरतों को उन विशाल लिंगों के साथ खेलते देखना, उन्हें हाथों में लेना, अपने होंठों से चूमना और उन्हें चूसना और फिर उसी तने हुए मूसल से बेतहाशा रूप से मज़ेदार चुदाई करवाना.

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मैंने उसके कंधे पर हाथ रखा ही हुआ था कि वह मेरे हाथ को पकड़ कर रोने लगी. कुछ देर के बाद माँ मेरे पास आई और बोली- तुम्हें रेलवे स्टेशन तक जाना पड़ेगा. वो मुझे चूमे जा रहा था और उसका मर्दाना चेहरा मेरी चूचियों को मसले दे रहा था.

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वे आपस में बोल रहे थे कि ये मैडम की चूत का रस है … वो भी वो वाला जो चुदाई के बाद निकलता है. मैं उसके ऊपर लेट कर बोला- आज तो बहुत मजा आया!सीमा ने मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया. कौशल्या अब पूरी थक चुकी थी, पर मैं पूरी बेदर्दी के साथ उसकी चुदाई कर रहा था.

उसकी चूची मेरे सीने पर लग रही थी और उसकी चूत पर लंड टच हो रहा जो पूरा खड़ा था। मेरी बहन भी कभी ऊपर, कभी नीचे वाले होंठ को चूम रही थी और हम एक दूसरे की जीभ को अंदर-बाहर कर रहे थे।मैं एक साइड में लेट गया और अपना एक हाथ उसकी चूची पर रख दिया और दबाने लगा. बुआ ने मुझे भी अपने घर चलने को कहा, पहले तो मैं दिखावा करने लगा लेकिन जब रिंकी ने मेरा हाथ पकड़ा तो मैंने भी हाँ कह दिया.

भाभी ने मेरे लोअर में खड़े लंड को सहलाना शुरु कर दिया और मेरी टी-शर्ट निकालने लगी.

अब तुम इसे भी एक बार पकड़ कर ज़रूर चोद दो, वर्ना यह कहीं भी हमारी बात बता सकती है. मैं उसके चूचों को दबाता रहा और उसके मुँह से सिसकारियां निकलती रहीं. पनवाड़ी से एक सिगरेट ली और उसे पीते हुए ऑफिस के सहकर्मियों की बातें सोचने लगा, जो इस भयंकर ठंड में घर जाकर अपनी अपनी बीवियों को चोदने की बातें कर रहे थे.

यह सुनते ही वे दोनों एकदम से उठीं और मेरे ऊपर टूट पड़ीं, बोलीं- अब सुलाते है तुम्हें. एक ने कहा- मुझे तो लगता है कि लंड का रस होगा, जो मैडम के अन्दर गया होगा … और अब निकल रहा है. मेरी उंगलियों की मेहनत की वज़ह से लंड चार इंच से ज्यादा अन्दर चला गया और मैं एकता की कमर को पकड़ के नीचे ऊपर करने लगा.

फिर उसने मेरी गर्दन पर किस किया और मैंने चूमते हुए उसको बेड पर लेटा लिया.

स्कूल या बीएफ: मैंने उससे बोला कि तुम लड़का हो या लड़की … क्यों चूतिया बना रही हो?वो रिप्लाई में बोली- अरे मैं भाभी हूँ … तुमको ऐसा क्यों लगता है कि मैं फ़र्ज़ी हूँ. उसने गुलाबी रंग की ब्रा पहनी हुई थी, ये देखते ही मेरी उत्तेजना और बढ़ गयी और मैंने और जोर से उसकी चूचियों को दबाना शुरू किया.

उसके अहसास से ही मेरी चूत में से पानी बहने लगा था। इतने में ही दरवाजे को बाहर से कोई ठोकने लगा. जब वे अपनी चुदाई की किस्से बतातीं, तो मन मेरा भी बहुत करता कि मैं भी एक ब्वॉयफ्रेंड बना लूँ और उससे चुदवाया करूँ. मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि इस महिला से बात करूँ या नहीं? अगर उस वक़्त उस महिला के बारे में कुछ भी पता होता, तो शायद बात करने की हिम्मत दिखा पाता.

उसका लंड काफी बड़ा था जो मुझे और मेरी चूत दोनों को ही काफी संतुष्ट कर रहा था.

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