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प्रेषिका : कामिनी सक्सेनासहयोगी : रीता शर्मामेरी सहेली-1रीता के पति राहुल अभी तक घर नहीं आए थे। रीता ने अपना सामान रसोई में रखा और खाना बनाने की तैयारी करने लगी। उसे रह रह कर साहिल से चुदाई की याद आ रही थी। लगभग ७ बजे राहुल आया। काम भी पूरा हो चुका था. बात तब की है जब मैं अपने दोस्त की शादी में उत्तर प्रदेश गया था, गाँव ही था एक तरह से वो. कुछ दिनों बाद उन्होंने मेरा घर खाली कर दिया और मैं तड़पता ही रह गया।काश कोई मिल जाती जो मेरी प्यास बुझा देती !मैं दुआ करुँगा कि आपको भी ऐसी ही कोई पड़ोसी, भाभी मिले या हो सकता है आपके पड़ोस में ऐसी भाभी हो जिस पर आपकी नज़र नहीं गई हो !आपको मेरे जीवन की यह घटना कैसी लगी, कृपया मुझे मेल करके जरूर बताएँ ![emailprotected].

निकाले जा रही थी।उसे देख कर मेरीऔर सोनू कीरफ़्तारमें बेतहाशा तेजी आ गई, चुदाई के मारे सोनू का बुरा हाल था, अब उससे रुका नहीं जा रहा था- जीजाजी, मेरा तो बस होने वाला है, मैं गई, मैं गई ! आह्ह्हह्ह …. मैं थोड़ा डर गया मगर भाभी की मर्ज़ी देख मेरा भी डर निकल गया और हम एक दूसरे को बेतहाशा चूमने लगे क्योंकि शाम का समय था और पार्क इतने बड़ा है कि हमें कोई भी देख नहीं सकता था इसलिए मैंने अपनी पैंट की ज़िप खोल कर अपना लण्ड बाहर निकल लिया और भाभी को उसे चूसने को कहा. ‘उफ़्फ़्फ़ जीजू, बहुत मजा आ रहा है, क्या मस्त लण्ड है… और जोर से मेरे जीजू!’‘ये ले… मेरी जान… तेरी चूत तो आज फ़ाड़ कर रख दूंगा.

जब भी किसी को जरूरत होती है वो मुझको बुलाती है और मैं उसकी सेक्स की जरूरत को पूरा करता हूँ. लंड अन्दर जा ही नहीं रहा था… आखिर मेरा सयंम जवाब दे गया… मैंने उसके नितम्बों को पकड़ा और एक झटके में अपना लंड उसकी गाण्ड में घुसा दिया.

फिर सुनील मेरी सर की तरफ आ गया और मेरी गोरी गोरी गालों और मेरे बालों में हाथ घुमाने लगा.

की आवाजें निकाल रही थी। मैंने अब उसे अपने नीचे किया और उसकी बुर पर अपना लंड रखा, फिर उसकी चूची दबाने लगा।उसने कहा- अभी, प्लीज अब मत तड़पाओ……मैंने भी बिना देर किये जोर से धक्का दिया और आधे से ज्यादा लंड उसकी बुर में घुसेड़ दिया।वो बहुत तेज चिल्लाई….

चोद… आ जा चोद दे… आ आहमेरे मुंह से ख़ुद ब ख़ुद ये सब आवाजें निकलने लगी।फ़िर मैंने एक हाथ से राहुल का लंड पकड़ा और हिलाने लगी…वो मेरे स्तन दबा रहा था… अ आ आह… मेरा बॉस मुझे चोदे जा रहा था… उसकी स्पीड बढ़ गई।मेरी बुर से पूरा रस निकल चुका था…. उसकी सिसकारियाँ सुन-सुन कर मेरा जोश बढ़ जाता और मै उनको ज्यादा जोर से दबा-दबा कर चूसने लगता. सुनील से मिलने जुहू बीच पर गई हुई थी … आज उसने अपना दिन सुनील के साथ बिताना ठीक समझा … सुनील जो पेशे से एक डॉक्टर है और सोनिया को बहुत पसंद भी करता है.

20 साल की उम्र में शादी के बाद मेरी जिंदगी बहुत खूबसूरत रही थी, ऐसा लगता था कि जैसे यह रोमान्स भरी जिंदगी यूं ही चलती रहेगी. ‘बहुत जोर मार रहा है ना, ला मैं इसका रस निकाल दूँ!’कह कर भाभी लपक कर मेरे ऊपर गाण्ड को मेरी तरफ़ करके चढ़ गई और मेरे लण्ड को जोर जोर से मुठ मारने लगी, फिर उसे अपने मुख में ले लिया. और जोर से हाँ और जोर से…” मैं साथ साथ में उसकी चूत में भी अंगुली कर रहा था। उसने एक जोर की सांस ली और ढीली पड़ गई। मुझे लगा वो फिर झड़ गई । मैंने उसकी गांड से अपना लंड बाहर निकाल लिया और उसे सीधा लेटा दिया। अब मेरा भी टाइम आ गया था उसको सीधा लिटा कर उसके पैर ऊपर हवा में उठा लिए और अपना लंड उसकी चुलबुलाती चूत में एक झटके में फिर से ठोक दिया । और 4-5 कस कर धक्के लगा दिए।उईई ….

ओह! शायद अमीरजादे ने मेरी मेम का दिल तोड़ दिया…मैंने अपनी मेम को बेड पर लेटा दिया और उनकी मस्त मस्त चूची दबाने लगा…ओह्ह राजू धीरे धीरे से करो.

अब मेरा लंड भी खड़ा हो गया लेकिन मैं फिर भी आराम से लेटा रहा क्योंकि यह मेरा पहला मौका था इसलिए मेरी गांड फट रही थी. रीटा टायलट के आगे ठिठकी तो बहादुर का लण्ड रीटा की हाहाकार करती गाण्ड में भिड़ गया. मेरे लंड का फव्वारा मामी की चूत में खाली हो रहा था और मामी भी अपनी चूत के होंट दबा दबा कर मेरा पूरा लंड खाली करवा रही थी.

ब्लाउज के दोनों पल्ले खोल कर मैंने देखा अन्दर काले रंग की ब्रा है, मैंने जल्दी से उसके स्तनों पर मेरे होंठ रखे और उसके उरोजों की गर्मी महसूस की… आह्ह. मैंने सोचा क्यूँ ना थोड़ी मस्ती की जाए !मैं थापा को डराने के लिए दरवाज़े के नीचे से झांकने लगा…मुझे नंगी टाँगें दिखाई देने लगी। मैंने आवाज़ लगाई- थापा, जल्दी बाहर निकल, मुझे तुझे कुछ देना है…इतना कह कर मैं कमरे में जाकर बैठ गया। अन्दर से कोई आवाज़ नहीं आई। फिर अचानक दरवाज़ा खुला……मैं देख कर दंग रह गया कि वह उत्कर्ष नहीं बल्कि उसकी खूबसूरत एवं सेक्सी दीदी अंकिता थी…. कई बार तो रीटा सबके सामने सबकी नजरें बचा कर राजू से घोड़ा घोड़ा खेल खेल कर अपनी उधड़ी सलवार में से ही राजू का लण्ड अपनी चूत में सरका लेती थी.

” राहुल ने कहाहाय रे… यानि रीता साहिल के पास और मैं राहुल के पास… ” कामिनी ने आह भरते हुए कहा.

कामिनी ने अपना चेहरा निकट लाते हुए कहा राहुल ये अचानक कैसे हो गया… मुझे जल्दी से प्यार कर लो… कहीं साहिल या रीता ने इनकार कर दिया तो. रात को करीब 11 बजे दरवाजे की घण्टी बजी और जब मैंने दरवाजा खोला तो देखा कि ज्योति नशे में थी और उसके साथ एक लड़का खड़ा था.

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हिंदी सेक्सी बीएफ एचडी बीएफ शायद एक साथ !इंस्पेक्टर अपनी पैंट उतारने लगा … एक जवान ने मेरी टॉप उतारी … दूसरे ने स्कर्ट !अब सिर्फ ब्रा-पैंटी रह गई थी. उसने इतनी जोर से मेरी पेंटी को खींचा कि वो फट गई पर सब कुछ भूल के वो बस मेरी चूत सहलाने में लगा था … मैं तो मज़े से मरी ही जा रही थी … झड़ने ही वाली थी कि उसे दूर धकेला … झट से नीचे उतर कर उसके लौड़े को अपने मुँह में ले लिया.

ऊपर का सुपाड़ा तो ढका हुआ था लेकिन उसके आगे के आधा इंच भाग के ऊपर मांस नहीं था और उनका मूत्र और रस निकलने का छिद्र बिल्कुल साफ नज़र आ रहा था.

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फाड़ डालो मेरी चूत को ! बहुत मज़ा आ रहा है ! आज जी भर के चोदो मुझे, सारी रात चोदो. उसके मुँह से एक भी शब्द नहीं निकला। अब मैंने उसके चेहरे की तरफ़ अपना चेहरा किया और उसके थरथराते लाल रसीले लरज़ते होंठो पर अपने होंठ रख दिए। मैंने बहुत हल्के से उसके होंठों पर ‘चु. उसका जिस्म फूलों की तरह महक रहा था!उसने अपने काले और लम्बे बाल खोल कर कहा- देख लो, जो देखना चाहते हो! जितना करीब से चाहो!मैं भूखे शेर की तरह टूट पड़ा!मैं उसकी गोल-मटोल चूचियों को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा.

अब तो ना वो बर्दाश्त कर पा रहा था न मैं… मैं जल्द से जल्द कुछ कर गुज़ारना चाहती थी… अपना सब कुछ उसे सौंप कर हमेशा के लिए उसकी हो जाना चाहती थी. यह पहली बार तो नहीं था कि मैं किसी लड़की को चूम रहा था पर फिर भी इतने नर्म होंठ मैंने कभी चूमे नहीं थे. उसका इतना कहना था कि मैंने लंड को उसकी चूत के छेद पर रखा और दो-तीन बार ऊपर नीचे रगड़ा और छोटे से लाल सुराख़ पर रखा.

नौ इंच लम्बे और मोटे लंड की हर नस दिख रही थी। मेरा लंड आंटी की चूत के रस में गीला हो कर चमक रहा था।जोर लगा के हईसा …चोदो मुझ को अईसा …बुर मेरी फट जाये …गांड मेरी थर्राए …आंटी ने नया गाना शुरू कर दिया।मैं भी नये जोश के साथ आंटी की तरबूज जैसे चूचियों को दबाते हुए और तेज़ी से बुर को चोदने लगा.

मुकेश का लौड़ा मुझे गांड में ऐसा लग रहा था जैसे कोई जहाज समुन्दर को फाड़ता हुआ जा रहा हो. काश यह दोनों लड़के आज मेरी चुदाई कर दें !फिर अनिल ने अपने दोस्त से मिलवाया, उसका नाम सुनील था, सुनील ने मुझे अन्दर आने को कहा मगर मैंने सोचा कि सुनील के घर वाले क्या सोचेंगे।इसलिए मैंने कहा- नहीं मैं ठीक हूँ !और अनिल को जल्दी चलने को कहा. ‘मजा आया हरामी… गांड चाट कर… ‘ मैंने उसका मुंह सीधा करके महिमा की गांड में घुसा दिया । उसे चाटना ही पड़ा.

वो उठकर चला गया। मौसी थोड़ी गुस्सा होने ही वाली थी कि :दूसरा ग्राहक- मैं देता हूँ ! चल ! मगर तीन घंटे बैठूंगा और पूरा मज़ा लूँगा।सुनीता- आ जा मेरे राजा ! बजा दे मेरे भोसड़े का बाजा।सुनीता ने उसकी बाहों में बांह डाल दी और चल पड़ी चुदवाने।मौसी- साली बड़ी तेज है ! 4 दिन में 20000 रु. ’‘अब तुम लग रहे हो वैसे ही वैसे जैसे देहात के!’‘ये देख म्हारी हालत भी थारे जैसी ही लागे… ये लण्ड तो देख!’ मेरा सूजन से भरा लण्ड और भी मोटा हो गया था. मैंने उसको कहा- मैं तुम्हारी चूत में अपना लौड़ा डाल रहा हूँ !तो वो बोली- नहीं यह मत करो प्लीज !तो मैं बोला- मेरा क्या होगा ? मेरा तो निकला भी नहीं अभी तक.

कोमल के बताये अनुसार मैंने रात को एक बजे सुमन को उसके कमरे में खिड़की से झांक कर देखा तो… सब कुछ समझ में आ गया… वो अपना कमरा क्यों बंद रखती थी, यह राज़ भी खुल गया. फिर मैंने चित्रा को देखा और उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिये और उसे बाहों में उठा कर योगी के कमरे में ले गया.

ओह… ब… भरजाई जी… एक मिनट… ओह… करता ही रह गया !कहानी अगले भागों में जारी रहेगी।आपकी नीरू बेन (प्रेम गुरु की मैना)[emailprotected][emailprotected]2053. उसने मुझे अपने लंड पर बैठने को कहा तो मैंने हाथ नीचे ले जाकर ठिकाने पर सेट किया और उसको अपने अन्दर ले लिया. कैसे हो दोस्तो…मैं शालिनी जयपुर वाली…याद तो हूँ ना मैं…मेरी सेक्सी कहानियाँतो लगी शर्तजीजा मेरे पीछे पड़ागर्मी का इलाजपढ़ी हैं आपने…अब आगे की बात.

मुझे बड़ी झांटें पसंद नहीं तो मैंने निशा से कहा- तुम अपनी झांटें साफ़ क्यों नहीं करती हो?वो बोली- तुम कर दो अगर तुमको पसंद नहीं तो।मैंने कहा- ठीक है.

तभी मैं कुछ समझती उन्होंने अपने दोनों हाथों से मेरा चेहरा थाम लिया और मेरे लबों की ओर झुक गये. ब्रा पैडेड थी! उस वक़्त अगर कोई भी लड़का मुझे देख ले तो कोई नहीं कह सकता था कि मैं लड़की नहीं हूँ, एकदम गोरी-गोरी पतली लड़कियों जैसी टाँगे, एकदम पतली लड़कियों जैसी कमर, और कमर पर लाल रंग की ब्रा और नीचे गुलाबी पेंटी!उस वक़्त रात के बारह बज चुके थे. जी वो… मुझे छबीली से मिलना है…”माईने पधारो सा…” उसकी मीठी सी मुस्कान से मैं घायल सा हो गया.

मैंने नीना को समझाया- देखो भई, अगर तुम अकेले में किसी के साथ चुदाई कर सकती हो तो मेरे सामने चुदाई का मजा लेने में क्या हर्ज़ है?और यही बात मेरे ऊपर भी लागू होती है कि अगर मैं किसी लेडी के साथ मस्ती कर रहा हूँ तो छुप कर करने से बेहतर है कि हम खुल कर मज़े करें?पति-पत्नी के बीच भरोसा सबसे बड़ी चीज है. मैंने देखा कि उसकी जांघ पर कुछ गीला-गीला सा लगा था … मैं समझ गया था कि रीना अब पूरी तरह से गर्म हो गई हैं और यह अब मोटे से मोटा लंड भी खा लेगी.

मेरी चूत इतनी गीली है कि किसी बुड्ढे का लण्ड भी फुफकारने लगे…”अच्छा मेरी जान ?”कह कर वो पलंग पर लेट गया…मैं उछल कर उसके ऊपर टागें खोल कर बैठने लगी। 5-6 मिनट की कोशिश के बाद उसका लण्ड धीरे से मेरी चूत में घुस गया… मेरी आँखें काम-सुख से बंद होने लगी. रीटा ने सोचा काश बहादुर की लेडी सायकल होती और वह शान से बहादुर के लण्ड पर बैठ कर स्कूल जाती. मेरी नज़र उसकी चूचियों से हट ही नहीं रही थी, उसके गोरे गालों को चूमने का मन कर रहा था.

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अचानक राजू ने मेरी गांड में से अपना लंड बाहर निकाल लिया और मेरे मुंह में लंड डाल कर खड़े आदमी से बोला ‘चल अब तू आ जा बे तू डाल अब गांड में मैं तो झड़ने वाला हूँ.

घर में मैं अपनी मोटर साईकल से सब्जी उतार कर अन्दर रखने गया तो वो मेरे पीछे पीछे चली आई और मेरी पीठ से चिपक गई. रोहित, तुम बायोलोजी में कमजोर हो… तुम्हे मदद की जरूरत हो… तो घर पर आकर मुझसे पूछ सकते हो. खुले गले में से उफनते उरोजों की छोटी छोटी गुलाबी चुचकियाँ बहादुर की आँखों से लुका छिप्पी खेल रही थी.

मामी, अब पूरा अन्दर गया है! अब कैसा लग रहा है?”नयन, बहुत ही दर्द हो रहा है!”मामी, थोड़ा सहन करो! और आपको दर्द ना हो, इस तरह से अपनी गांड नीचे से हिलाओ!”हाँ मामी! बस इसी तरह से धीरे धीरे हिलाओ!”मामी ने अपना काम चालू कर दिया था. ’मुझे लंड चूसने में मज़ा आ रहा था इसी बीच में दीपू ने भी अपने कपड़े खोल दिए और मेरे पास आ कर मुझे चूसते हुए देखने लगा. हिंदी सेक्सी व्हिडीओ फुलकितनी चिकनी टांगें थी उनकी! बिल्कुल मखमल की तरह! मोना और उनमें जमीन-आसमान का फर्क था.

उसके बाद मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और सोनम को एक बेड पर लिटा दिया और वो किया जो मैंने टी. मैं आनन्द के सागर में डूब गई, मुकेश का लौड़ा मेरी गांड के अन्दर था तो उसके दोनों आंड मेरे चूत और चूत के बीच टकरा रहे थे.

वो मछली की तरह छटपटा रही थी- आ आह ऊ उई ईई ईई म्म म्म म्मह की आवाजों से कमरा गूंज रहा था. उसकी चूत मोटी और कसी थी और वो पूरे जोश में थी- सेक्स के चरम पर।मैंने ऊँगली करना जारी रखा, वो जोर जोर से उचक रही थी और धीरे धीरे बोल रही थी- फक मी फक मी …इतने में मुझे अहसास हुआ कि कुछ गीला गीला. एक तरफ नीना मेरे लंड पर सवार थी तो पीछे से अमित उस चूत में अपना घोड़े के लंड जैसा मूसल लंड डाल दिया.

अगले दिन मैं दिए पते पर पहुँच गया!दरवाजा खुला, आज आकांक्षा कल से ज्यादा स्मार्ट लग रही थी!उसने मुझे चाय के लिए पूछा, मैंने मना कर दिया. प्रेषक : शशांक रावतसभी प्यासी चूत-मरियों को मेरे गीले लौड़े का सलाम ! मेरा नाम शशांक रावत है, मैं कक्षा 12 का छात्र हूँ। मैं अन्तर्वासना डॉट कॉम का नियमित पाठक हूँ। आप लोग सोच रहे होंगे कि मैं इतनी छोटी उम्र से अन्तर्वासना डॉट कॉम के बारे में कैसे जानता हूँ … असल में मैं बिगड़े बाप की सुधरी औलाद था … मेरे बाप को अन्तर्वासना डॉट कॉम की कहानियाँ पढ़ने का शौक है …. अब अंकल की आँखों में मुझे एक अजीब सी चमक नज़र आ रही थी और मम्मी की आँखों में एक नशा सा दिखाई दे रहा था.

आलोक का हाथ धीरे धीरे अब मेरी पूरे हाथ और कलाई पर रेंग रहा था।‘हाँ! मैं हफ्ते में दो बार ब्यूटी पार्लर जाती हूँ…’मुझे अब आलोक का सहलाना और अच्छा लग रहा था.

हुम्म… आह!फिर मैंने उन्हें सोफे पर ही लिटा दिया और उनके पूरे शरीर को दबोचने लगा। चाची भी पूरे जोश में थी और मेरे बालों में तो कभी मेरे हाथों को सहलाती। अब चाची चुदने के लिये बिल्कुल तैयार हो चुकी थी, वो ऐसे तड़प रही थी जैसे सालों से भूखी हों।मैं उनकी नाईटी खोलने लगा कि अचानक दरवाज़े पर घण्टी बजी, घण्टी की आवाज़ सुनते ही हम दोनों घबरा गये और रुक गये। तभी हमरी नज़र सामने लगी घड़ी पर पड़ी, शाम के 5. मैंने धीरे से आँख खोल कर देखा तो पता चला कि लड़की की माँ जो मेरे पैरों की तरफ मुँह करके सो रही थी वो मेरे पैरों को सहला रही थी.

रात के करीब 11 बजे मुझे मेरी बहन ने उठाया और कहा- खाना खा लो!मैं उठा और हाथ मुँह धोकर खाने के लिए मेज़ पर गया, वहाँ अनीता दीदी भी बैठी थी. मैं आनंद-विभोर होकर कहते जा रहा था- वाह रसगुल्ले सरीखी बुर !फिर मैंने सम्भोग की इज़ाज़त मांगी !आंटी ने कहा- चोद ले. हीरल पटेलमेरा नाम हरी है, मैं अहमदाबाद में रहता हूँ। मैं आपको मैंने अपने मामा की लड़की की सील कैसे तोड़ी यह बताने जा रहा हूँ….

उसने मेरे लंड को खुद ही अपने छेद में सेट किया और मेरे हल्के धक्के से ही मेरा पूरा लंड पिंकी की चूत में फिसल गया. मुझे इंतज़ार करते करते पाँच मिनट बीत गए तो मैंने सोचा कि क्यूँ न पहले खाना खाकर फ्री हो लूँ ये सोच कर मैंने अपना खाना निकाल लिया जो मैं घर से साथ लाई थी. कुर्सी से बिस्तर तक जाते हुए लंड उसकी चूत में ही था। बेड के किनारे पर उसे लिटाकर उसके पैर मेरे कंधे पर लिए और फ़िर तो मैंने दस मिनट तक उसकी चूत का बुरा हाल किया.

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ब्रा पैडेड थी! उस वक़्त अगर कोई भी लड़का मुझे देख ले तो कोई नहीं कह सकता था कि मैं लड़की नहीं हूँ, एकदम गोरी-गोरी पतली लड़कियों जैसी टाँगे, एकदम पतली लड़कियों जैसी कमर, और कमर पर लाल रंग की ब्रा और नीचे गुलाबी पेंटी!उस वक़्त रात के बारह बज चुके थे. !!!”हम दोनों ही यौवन की काम क्रीड़ाओं में सारे संसार को भूल चुके थे…मैं धीरे धीरे उसका लण्ड सहलाने लगी… और अब वो जोर जोर से मेरी अमरुद जैसी चूचियों को अपने हथेलियों के भीतर कुचल रहा था… साथ ही साथ उसके होंठ मेरी सीत्कारों को बंद करने के लिए मेरे होंठो को बार बार चूमते, उसकी जुबान मेरी जुबान से टकराती और फिर दौर शुरू हो जाता एक लम्बे चुम्बन का…. सेक्सी पिक्चर चोदने वाला चोदने वालाउस दिन जैसे ही मुकेश ने मुझे घर के बाहर उतारा तो मैंने उसे अपना बैग ऑटो के पीछे से उतार कर देने को कहा.

‘विनोद, देखो…बोबे दबा कर चोदना… तुम्हें खूब मजा आयेगा!’ सोनू ने वासना भरी आवाज में कहा.

माँ सिसक उठी थी- पहले अपना गोरा गोरा मस्त लण्ड तो चूसने दो… साला कैसा मस्त है!‘तो उतार दो मेरी पैंट और निकाल लो बाहर अपना प्यारा लौड़ा!मम्मी ने अंकल को खड़ा करके उनकी पैंट का बटन खोलने लगी. कम से कम दस इंच था या शायद उससे भी बड़ा…मैं अभी उस काले नाग को देख ही रही थी कि उसने मेरे सर को पकड़ा और अपने लौड़े के साथ मेरे मुँह को लगाते हुए बोला… जानेमन अब और मत तड़पाओ… इसे अपने होंठो में भर लो और निकाल दो अपनी सारी हसरतें…मैंने भी उसके काले लौड़े को अपने मुँह में ले लिया… मेरे मुंह में वो पूरा आ पाना तो नामुमकिन था फिर भी मैं उसको अपने मुँह में भरने की कोशिश में थी.

नेहा बाहर आई… थोड़ी दूर जाकर उसने इशारा किया… मैंने पूरे फेफड़े भरकर गोता लगाया… जैसे ही एक जोड़ी गदराई टांगों के पास पहुंचा…उसने अपनी अंडरवीयर नीचे सरका दी… क्लीन शेव्ड चिकने. उसके पूछने पर मैंने भी बताया कि मेरे पति सेक्स के मामले में हर तरह से सक्षम हैं… पूरी तरह सन्तुष्ट करते हैं लेकिन देवर की तरह चूत चाट कर, घोड़ी बनाकर अलग अलग तरह से नहीं करते हैं. दोपहर को चार बजे नींद खुली तो मैं दैनिक क्रिया से निपट कर नहा धोकर बैठक में आ गया.

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एक चौंध भरे अंधेरे में चेतना गुम हो जाती है।‘यह तो नहीं हुआ? वैसे ही अन्दर है !’… मेरी चेतना लौट रही है- अब क्या करोगी?’कुछ देर की चुप्पी ! निराशा और भयावहता से मैं रो रही हूँ।‘रोओ मत !’ सुरेश मुझे सहला रहा है, इतनी क्रिया के बाद वह भी थोड़ा-थोड़ा मुझ पर अधिकार समझने लगा है, वह मेरे आँसू पोंछता है,’इतनी जल्दी निराश मत होओ।’ उसकी सहानुभूति बुरी नहीं लगती।कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]2386. विश्रांती- उल्टा पुल्टा ये क्या होता है रे?मैं- क्या विश्रांती! तू मुझसे पूछेगी तो कैसे चलेगा…. आज मेरी मुराद पूरी हो गई… ऊह् ऊओह् मेरा होने वालाआ है! और ज़ोर से!मैं उनके पूरे बदन को चूम रहा था, काट रहा था.

काली जी की सेक्सी वीडियो‘ओह, गोमती बाई जी, ऐसे ना करो, ऐसे तो यह और भड़क जायेगा!’‘तो भड़कने दो भैया, हम जो हैं ना!’गोमती खिलखिला कर हंस पड़ी, मुझे भी हंसी आ गई. ‘अरे ये क्या कर रहे हो… इसकी इजाज़त नहीं है… ‘‘प्लीज़ मैम… ‘ दोनों ने मेरी और देखा.

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एक बार मैं रात को अपने ही घर के पास घूम रहा था, तभी एक लड़की मेरे साइड से निकल कर गई, तब मेरे मन में क्या हुआ कि मैं उसके पीछे पीछे जाने लगा, दो तीन बार मुझे भी लगा कि वो लड़की लाइन दे रही है इसलिए मैं रुका नहीं और उसके पीछे पीछे जाता रहा. हर धक्के के साथ मेरी चूत से हवा भी बाहर निकलने के कारण पर र र र र र की आवाज भी निकलने लगी. रीटा को अब समझ आया कि हर महीने मतवाली मोनिका नये आशिक से चूत क्यों मरवाया करती थी.

कि तभी अचानक राजा ने लण्ड निकाल कर मेरी गाण्ड में पेल दिया…राजा अब झड़ने वाला था… राजा ने एक झटके से अपना लण्ड फिर मेरी चूत में पेला और झड़ने लगा … आगे बढ़ कर मेरे होंठ चूसने लगा. देवर के साथ सेक्स पति के सामने Audio Sex Story-1इस दूसरे भाग का ऑडियो भी पहले भाग में है. हरामी रीटा मासूमीयत से बोली- बहादुर, मुझे अकेले जाते तो बहुत डर लगता है, तुम साथ आ जाओ नाऽऽऽ!यह सुन कर ठरकी बहादुर के लण्ड की बांछें खिल गई और वह रीटा के पीछे कुते सा दुम हिलाता चल पड़ा.

फिर प्यार से देखो… और अपने होंठ लगा कर इसे मदहोश कर दो…यह तुमको प्यार करने के लिए है…तुमको तकलीफ देने के लिए नहीं…मुझे भी इतना बड़ा लौड़ा देखने की इच्छा हो रही थी… मैंने उसके कच्छे को उतार दिया… उसका फनफनाता हुआ काले सांप जैसे लौड़ा मेरे मुँह के सामने खड़ा हो गया…ऐसे लौडा मैंने कभी नहीं देखा था. मेरी समझ में कुछ आता इससे पहले मुकेश मेरे ऊपर झपटा और मुझे अपनी बाहों में ले लिया, वो कहने लगा- मादरचोदनी! तूने मेरे को चांटा मारा था? तुझे बताता हूँ इसका नतीजा!मुकेश तेजी से टीशर्ट के ऊपर से मेरे बोबों को मसलने लगा और कहने लगा- मुझे पता है कि तू 2-3 घंटे घर में अकेली है. बहादुर पूरा का पूरा लण्ड बाहर खींच कर पूरे वेग से वापिस अंदर ठोकता तो रीटा की चुदक्कड़ चूत को थोड़ा सा चैन पड़ता.

स्कर्ट उसकी गोरी मखमली टांगों से ऊपर उठ कर जांघों तक तक़रीबन चड्डी से कुछ ही सेंटीमीटर नीचे रह गई थी. मुझे सोचने तो दे…मेरी बात काटते हुए …वो बीच में बड़बड़ाने लगा।मैं चिल्ला के : तू चुप करेगा.

बहुत बेचैनी हो रही है …सर- कोई बात नहीं! होती है … आ जा … मेरे पास आ जा …सर ने धीरे धीरे मेरे दोनों अधोवस्त्र दोबारा उतार दिए और अपने भी … मैंने पहली बार लण्ड देखा! मोटा भूरा और आगे लाल टोपा … सर की उम्र कोई रही होगी कोई पचास की और कहाँ मैं अनछुई कच्ची कलि ?सर- बेबी, इसे मुँह में लो.

इसके बाद मैंने रिया को सीधा लिटा दिया और उसकी टांगों को ऊपर उठा कर अपना लंड उसकी चूत से सटा दिया, मैं अपने लंड को उनके दाने पर मलने लगा… जो ख़ुशी मुझे मिल रही थी उसको मैं बयान नहीं कर सकता. मारवाड़ी सेक्सी दे वीडियोलेकिन अब सब कुछ सामान्य हो गया था।हम दोनों की सांसें तेज होने लगी। मैंने जम कर मैडम के पूरे बदन को बेतहाशा चूमा. रोमांटिक सेक्सी वीडियो रोमांसवो उसे बच्चे की तरह पीने लगा …आह्ह अहह ! मेरी सिसकियाँ निकलने लगी …उसने मेरी पैंटी में ऊँगली डाली !आह सर ! बस भी करो … !क्यूँ अखिल को तो नहीं रोकती …? बता दूँ क्या घर पे ?मैं डर गई और वहीं गार्डन में लेट गई, शाम हो रही थी घर पर कोई नहीं था. मैंने बिल्कुल भी देर नहीं की, अपना लण्ड निशाने पर रख दिया और एक जोर का धक्का मार दिया.

’‘बापू तुम्हारा लण्ड भी बहुत शानदार है… मेरी चूत का तो बेंड बजा दिया।’‘आह्ह्ह्ह्ह्ह उम्म्म्म्ह अह्हह्ह जोर से चोद बहनचोद…बेटीचोद !’‘हुह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह्ह उम्म्म हुन्ह्ह्ह्ह ये ले मेरी जान आह्ह्ह मज़ा आ गया…’‘चोदो बाबूजी ! चोदो अपनी बहु को.

मैं रोनी सलूजा एक बार फिर आपसे मुखातिब हूँ। मेरी कहानी बाथरूम का दर्पण आप सभी ने पढ़ी।इस समय मेरा काम बीना में लगा हुआ था, मेरे मोबाइल पर किसी नए नंबर से काल आई, फोन रिसीव किया तो किसी स्त्री की मधुर आवाज आई- क्या मैं रोनी से बात कर सकती हूँ?मैं बोला- जी, मैं रोनी बोल रहा हूँ, कहिये!तो वह बोली- मैं हेमा(पूरा नाम हेमलता पवार) सागर (म. मैंने पहले ही जालीदार कपड़े पहने थे जिसमे से मेरा पूरा बदन दिखाई पड़ रहा था और फिर मैंने अपना टिकेट भी अपने बड़े बड़े बूब्स के अन्दर ब्रा के बीच मैं डाल लिया. खट्टी खट्टी थीं…अब वो मेरे ऊपर उल्टा होकर लेट गया… उसकी टांगें मेरे मुँह की तरफ थी.

आपको चोदने में मस्त मजा आ रहा है। हम दोनों चुदाई की चरमसीमा पर पहुंच चुके थे और दोनों के कलपुर्जे किसी इंजन की भांति तेजी से चल रहे थे…. तब तक में भी उसके पयजामे से उसका लण्ड बाहर निकाल चुकी थी… वो मुझे अपनी उंगलियों से काफी देर तक तड़पाता रहा… कभी अन्दर डालकर घुमा देता. माँ फिर सिसकियाँ भर रही थी- ओह्ह अह्हा उफ्फ्फ ईई!फिर मैंने उन के होंठ पर अपने होंठ रख दिये और चूमने लगा.

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फिर उसने बोला- अब कितना तड़पाओगे?तो मैंने उसकी चूत के ऊपर अपना लण्ड थोड़ा सा रगड़ा और फिर अन्दर डाल दिया…उसके मुँह से बहुत सिसकारियाँ निकल रही थी… वो खूब मजा ले रही थी…मैंने 6-7 मिनट तक उसको चोदा तो उसने कहा- मैं तो झड़ने वाली हूँ !तो मैं उसे बहुत जोर से चोदने लगा. मैं मुंबई का रहने वाला हूँ, मेरा कद 5 फ़ुट 9 इन्च है। मेरे शरीर का रंग गोरा है और 7″ का लंड है. मैं फिर उन दोनों की बातों में शामिल हो गया, बातों ही बातों में पता चला कि वो लड़का तो ज्योति का बॉयफ़्रेंड है.

अब मुझे भी बहुत मजा आ रहा था, मैंने उनके बालों में हाथ डाला और पकड़ कर उनका मुँह मेरे लंड की ओर खींचने लगा.

दीदी अपने चूचों पर पानी डाल-डाल कर साफ कर रही थी जिसे देख कर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.

भयंकर ऐतिहासिक चुदाई के बाद रीटा की प्यासी जवानी तरोतर हो उठी और वह कली फूल बन गई. इससे मैं भी और जोश में आ गया और मैंने भी उनकी टी-शर्ट और जीन्स निकाल दी और पेंटी के ऊपर से ही उनकी चूत रगड़ने लगा जिससे वो झड़ गई और उनकी चूत ने पानी छोड़ दिया. 2022 की सेक्सी वीडियो पिक्चर?” वो मेरे सामने गिड़गिड़ा रहा था। यही तो मैं चाहती थी कि वो मेरी मिन्नतें करे और हाथ जोड़े।ठीक है पर धीरे धीरे कोई जल्दबाजी और शैतानी नहीं ? समझे ?”ओह.

? मैंने पूछा तो पिंकी ने कहा- कॉलेज को छुट्टी है तो तुम्हारे साथ कुछ खेल खेले ऐसा सोचकर हम चली आई ! तू भी तो अकेला है…क्या खेलें…. मक्खन लगा होने से अब ऊँगली आराम से अन्दर बाहर हो रही थी। मैंने फ़िर दो ऊँगली अन्दर डाली. पर हाँ उनका लण्ड दूसरों की अपेक्षा छोटा है, यानि राहुल, रोशन, गोवर्धन, गोविन्द के लण्ड से तो छोटा ही है.

मैंने दबा दबा कर उसकी गांड मारी और एक दम लाल कर दी…फिर मैंने अपना लण्ड बाहर निकाला और उसके मुँह में डाल दिया…वो भी जोर जोर से उसे हिला रही थी…और कुछ देर के बाद मैं फिर से झड़ गया…उसने मेरा सारा माल पी लिया…और मैंने उसके बाद उसे एक किस की और बोला- जान ! आज तो मज़ा ही आ गया… थैंक्स …!वो बोली. खाना शुरू करते हुए मैंने सोचा कि खाने के बीच मैं टीटी टिकेट चेक करने आ गया तो बीच में उठ कर टिकेट निकालना पड़ेगा ये सोच कर मैंने अपने पर्स में रखा टिकेट निकाल लिया.

करीब दो इंच लंड अन्दर चला गया मगर जैसे ही मैंने बाकी 5 इंच लंड अन्दर करने के लिये धक्का मारा, शिखा चीख पड़ी.

फ़िर भी किसी तरह उसने पूरे सुपारे को अपने थूक से गीला कर दिया था… फ़िर किसी तरह उसने सुपारा मुँह के अन्दर ले लिया और अन्दर बाहर करने लगी. मैंने डरते हुए गांड में डाल दिया तो देखा कि वो तो बहुत ही सख्त है, मुझे लगा कि मेरा लण्ड भी छिल जायेगा…. सुबह सवेरे अगर लौड़ा मिल जाये तो काम देव की आराधना भी हो जाती है, और फिर पूरा दिन मस्ती से गुजरता है.

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हमारा खानदान बहुत बड़ा है, मेरे पापा की 5 बहनें हैं जिनमें से तीन दिल्ली में ही रहती हैं. मेरी चूत उसके लण्ड के साथ-साथ थाप देने लगी, थप थप की आवाज आने लगी, मेरी चूत पिटने लगी. अब वो पहले वाली बात नहीं रही, अब तो तेरे जिज्जाजी को टाइम ही नहीं मिलता और मैं भी अपने बच्चों में खोई रहती हूँ.

मैं आनन्द के सागर में डूब गई, मुकेश का लौड़ा मेरी गांड के अन्दर था तो उसके दोनों आंड मेरे चूत और चूत के बीच टकरा रहे थे. साला पड़ोसी की औलाद…उसके बाप के टट्टे उसकी माँ की चूत में घुसे तब यह टट्टेबाज़ पैदा हुआ था.

राजू ने रीटा की हड्डी पसली एक कर दी थी और उसकी जवानी को चारों खाने चित कर दिया था.

मैंने डरते हुए गांड में डाल दिया तो देखा कि वो तो बहुत ही सख्त है, मुझे लगा कि मेरा लण्ड भी छिल जायेगा…. मैंने भी कई बार मुठ मारा था पर उसके कोमल कोमल होंठों और हाथों से मुठ मरवाने में अलग ही मज़ा आ रहा था. ‘शरमाओ मत… मुझसे कहो दीदी… तुम्हारा भैया है ना… एकदम कुंवारा…!’मैंने सोनू का हाथ धीरे से पकड़ लिया.

मैंने पापा की ब्रा के हुक पीछे से लगाए। पापा के स्तन इतने सही थे कि उन्हें कुछ भरने की जरूरत नहीं थी। फिर एक ब्लाउज पहनी, इसके बाद इतनी सफाई से उन्होंने साड़ी पहनी कि कोई कहे नहीं कि ये मेरी मम्मी नहीं मेरे पापा हैं।इसके बाद पापा ने मुझे पैंटी पहनाई। एक बहुत ही छोटी साइज़ की ब्रा निकली और कस कर पहना दी। मैं बहुत पतला दुबला हूँ. दस बारह मिनट चूसने के बाद मेरा लण्ड फिर से तैयार हो गया।वो बोली- अब नहीं रहा जा रहा है, प्लीज़ अपना लण्ड मेरी चूत में डाल कर मेरी छम्मो की प्यास बुझा दो।मैंने अपने लण्ड उसकी चूत के मुँह पर रखा और हल्का सा उस पर रगड़ने के बाद उसकी मुनिया में दबा दिया. चुदाई का स्वाद नहीं चखी ना तू … जाकै देख तेरी माँ क्या कर री … चुदरी होगी … तेरा बाप बांका मर्द है … घोड़े की तरह ….

अब शायद उन्हें आजाद करने का समय आ गया था। मैंने उनकी ब्रा का हुक खोल कर उन्हें भी आजाद कर दिया.

हिंदी सेक्सी बीएफ एचडी बीएफ: उसके बलिष्ठ प्रहारों को भी मैं कितना झेलता, कुछ ही मिनटों में मेरा वीर्य भी लण्ड से छलक पड़ा. यह कह कर वो मेरे लौड़े को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी और अपने हाथों से मेरा मुठ मारने लगी.

वो आधा सख्त रागिनी की चूत में फ़िर से चुदाई के लिए तैयार हो रहा था।मैंने अपना लंड बाहर निकाला. रीटा ने शर्ट के अंदर कुछ भी नहीं पहन रखा था और उस नवयौवना की आवारा रसभरी छातियों की गोलाइयाँ व कटाव सरेआम नुमाया हो रही थी. मैंने दीदी की ब्रा का हुक खोल दिया और अपना मुँह दीदी के होंठो से हटा कर उनके चूचे चूसने लगा.

मैं सोने का नाटक करते हुए सब सुन रहा था, मेरा लण्ड तूफान की तरह हिल रहा था और मैं अपने लण्ड को शालू की गाण्ड पर रगड़ रहा था पर इस तरह कि अमिता को पता न चले.

हम पंद्रह मिनट तक एक दूसरे को चाटते रहे और फिर मैंने अपना लंड दीदी की चूत पर रख दिया. नेहा ने अपने चूतड़ों के इस तरह आगे-पीछे हिलाना शुरू कर दिया मानो वो मेरी अंगुली नहीं मेरा लंड हो…मैंने सर उठाकर उसके मासूम चेहरे और उत्तेजना से बंद हुई आँखों को देखा…. धक्के लगाना जारी था, मैं साथ साथ उसके बोबे भी चूसता जा रहा था और वो मेरी गर्दन को दोनों हाथों से अपनी छाती पर दबाती हुई बडबडा रही थी- आ.