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उह उह अबे चुप साले मादरचोद इस रंडी को पूछ… मज़ा आ रहा है या नहीं… उह उह कहाँ ऐसा लौड़ा मिलेगा इसको… उह आ आ…!जूही- आ. अंदर का नज़ारा देख के मेरे तो होश उड़ गए, पापाजी जी अपने नौ इंच लंबे और ढाई इंच मोटे लण्ड महाराज की बड़ी तस्सली से मालिश कर (मुठ मार) रहे थे. तेरी चाची चूत खोल कर… तेरा इंतजार कर रही होगी…’ चचाजान अब हचक हचक कर ऐसे चोदने लगे जैसे काशीरा का कचूमर निकाल देंगे।काशीरा अचानक सी-सी-सी करके हाथ पैर पटकने लगी। फ़िर लस्त हो गई।‘खलास कर दिया साऽलीऽ हराऽमऽजाऽदीऽ रंडीऽ को… चली थी मेरे लंड से लोहा लेने.

प्रेषक : सचिन शर्मायह मेरे दो दोस्तों की कहानी है, कहानी है 8 मार्च की, होली की, जो होली प्रणव को कभी भी नहीं भूलेगी।प्रणव एक 22 साल का साधारण सा लड़का है पर वो औरों से थोड़ा अलग था क्योंकि उसे लड़कियाँ नहीं लड़के अच्छे लगते थे। प्रणव का रंग गेहूँआ, कद 5. अब भी कभी-कभी उसका फ़ोन आता है और मैं फ़ोन पर ही उसको चोद देता हूँ।यह थी मेरी जीवन की पहली और अभी तक की अंतिम कहानी !आपको मेरी कहानी कैसी लगी मुझे जरूर मेल करिएगा।. अब तो वो पूरी मास्टरनी लग रही थी। मैंने किसी आज्ञाकारी बालक की तरह उसके उरोजों को चूसना चालू कर दिया। वो आह… ओह्ह.

मेरी तेज तेज चुसाई से पापाजी के लण्ड महाराज का अत्यंत स्वादिष्ट प्रथम रस (प्री-कम) मेरे मुहँ में आना शुरू हो गया था, यह महसूस कर के पापाजी बोले- कैसा लग रहा इसका स्वाद?मैं बोली- बहुत स्वादिष्ट है, कुछ मीठा और कुछ नमकीन. पुचच च च पुचच च च पुचच च च… पर अभी भी गच्चा दे देती हो…सलोनी- जी नहीं… तुमने अपना लण्ड नहीं चुसवाया था चलती गाड़ी में… और फिर मेरी चूत भी चाटी थी… अह्ह्हाआआ बस ना…अमित- और क्या किया था.

सुन्दर रीटा की उछलती सिल्की गाण्ड को देख राजू उत्तेजित हो निगोड़ी छोकरी की बुण्ड को और जोर से मारने लगा. सुम्मी मैंने उस साले सुमित की बहुत गांड मारी है। उसके अलावा भी 4-5 लड़कों की गांड बहुत बार मारी है… पर…. दस मिनट बाद आशा का पानी निकल गया, मैं उसे चोदता रहा और 10 मिनट बाद मैंने भी अपना माल उसकी चूत से लंड निकाल कर बाहर गिरा दिया, कुछ उसके पेट पर गिरा तो कुछ चूचियों पे और एक दो बूँद मुँह पर भी चला गया.

मैं- हाँ, पढ़ तो सकते है लेकिन!चाची- लेकिन क्या विशाल?मेरे जवाब देने से पहले चाची ने फ़िर पूछा- देख विशाल, तेरी पसन्द में कोई और हो तो बता दो वरना!मैं- नहीं, मुझे कोई पसन्द नहीं है.

’ कहते हुए मुझे अपने ऊपर गिरा लिया।मेरा लंड अब तोप की भांति गरजना चाह रहा था, उसे चूमते हुए मैंने हाथ से पैन्ट के ऊपर से ही लंड को थोड़ा सहलाया।अब उसके होंठ खुल चुके थे और मेरी जीभ उसके अन्दर घुसकर उसके नवयौवन का आनन्द ले रही थी।उसने भी मुझे मेरा मुँह खोलने को कहा और मेरे अन्दर जीभ डालकर आनन्द लेने लगी।अब मेरे हाथ उसके दूध तक पहुँच गए और मैं उन्हें दबाने लगा।वो कहने लगी- हाथ से नहीं. बस एक बार मैंने पापा का लौड़ा मुँह से ठंडा जरूर किया।आज मैं नहा कर एकदम फ्रेश हुई। वीट की पूरी ट्यूब का इस्तेमाल किया. मेरे मुँह के सामने खड़ा है और मेरी जुल्फें, मेरे लम्बे बालों को चेहरे से हटा कर अपना लण्ड मेरे मुँह में घुसाने की तैयारी में था।मैंने कहा- मैं यह नहीं करुँगी !पर वो नहीं माना और मुझे भी यह स्वाद चखने की इच्छा हो गई।अब पीछे से बॉस जब धक्का मारता तो आगे दूसरा लण्ड मेरे हलक तक घुस जाता। सी.

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भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं है!थोड़ी देर वो चुप रहीं फिर बोलीं- मैं आपसे एक चीज मांगूँ, आप मना तो नहीं करोगे?मैंने कहा- सब आप का है.

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जहाँ उसके मम्मी-पापा अपने गाँव गए हुए थे।अब सारी रात हम लोगों के पास थी।मैंने भी घर पर फोन करके बोल दिया- पापा जी. वो बीच बीच में कहता- चोद दे मुझे सूमी, रंडी की तरह चोद, ब्लू फिल्म की तरह चुदाई कर दे आज मेरी गाण्ड की!यह सुन कर मैं अपना पूरा लंड पूरे जोश क साथ उसकी गाण्ड में घुसा रही थी. ये कमरे में रख देगी!मोहित थोड़ा घबरा गया, पर उसने ब्रा-पैन्टी को उठा कर सोनू को दे दिया।सोनू उसे रूम में रखने गई, तभी मैंने देखा मोहित सोनू की गाण्ड को घूरे जा रहा था।मैंने उससे पूछा- और सुना यार.

और उसने अपना मुँह जल्दी से खोल दिया, फिर मैंने अपना पूरा वीर्य उसके मुँह में गिरा दिया और उसका मुँह अपने हाथों से जल्दी से बंद कर दिया ताकि वो उसे थूक ना सके।शालिनी- छी. मेरा मतलब है कितना चाहता हूँ?’‘तुम भी मुझे भूल जाओगे… कोई और नई पलक या सिमरन मिल जायेगी ! तुम मेरे लिए भला क्यों रोवोगे?’पलक ने तो मुझे निरूत्तर ही कर दिया था। मैं तो किमकर्त्तव्य विमूढ़ बना उसे देखता ही रह गया।मुझे चुप और उदास देख कर वो बोली,’ओह. उनकी अभी तक शादी नही हुई थी।मैंने उनसे उनके काम के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा- सब सही चल रहा है।गर्मी का मौसम था तो उन्होंने मुझे जूस के लिए पूछा। मैंने हाँ कह दिया, वो जब उठी तो मैं उनके उभार देख कर पगला गया ! उन्होंने अंदर कुछ नहीं पहना था.

उन्होंने पूछा- रिचर्ड, क्या तुमने सही में आज तक किसी लड़की को नही छुआ?मैंने कहा- नहीं मैडम, कल तक !और वो मुस्कुराने लगी.

!’अब मेरे लण्ड में जलन सी होने लगी थी लग रहा था कि बुर में आग लगी है पोजीशन संभाल कर एक जोर का धक्का मारा. गोपाल को कितने दिन हो गए और तुम तो अभी जवान हो, सेक्सी गर्म औरत हो।’ससुर जी के मुँह से अपनी तारीफ सुन कर मैं पागल हुए जा रही थी, मेरी मुनिया ने भी पानी छोड़ दिया था।‘कुछ भी गंदा नहीं है बहू.

जोर-जोर से गाण्ड मारी और झड़ गया।पूरी रात जयदीप ने मुझे जम कर चोदा और मेरे बदन का पोर-पोर हिला दिया, मेरा अंग-अंग ढीला कर दिया।फिर मुझे नींद आ गई।मुझे पता ही न चला कि कब सुबह के 6:30 बज गए।सुनील मुझे लेने आया था, तब पता चला। मैं उठी गुसलखाने जाकर फ्रेश हो कर बाहर आई।सुनील ने पूछा- रात कैसी थी?मैं क्या कहती. उसकी चूत नमकीन पानी छोड़ रही थी और मैं पी रहा था। मैंने पहली बार ऐसी नमकीन चूत देखी थी।फिर मैंने अपना लण्ड उसकी चूत पर रखा और ज़ोर से धक्का मारा, एक ही शॉट में पूरा का पूरा लण्ड उसकी चूत में उतार दिया। शायद पहले भी कई बार चुदी हुई थी।फिर भी मैंने तो ज़ोर-ज़ोर से चोदना जारी रखा। वो अपने मुँह से बोल रही थी- चोदो मुझे और ज़ोर से चोदो… आज मेरी चूत का भोसड़ा बना दो. मैं अंशुल शर्मा हूँ, मेरी उम्र 20 वर्ष है। मैं इंजीनियरिंग का छात्र हूँ, इंदौर मध्य-प्रदेश में रहता हूँ। मैं दिखने में आकर्षक, 5.

मैं उसे बेतहाशा चूमने लगा और उसके कपड़े उतारने लगा, तो पूजा ने शरमाते हुए कहा- समीर… भाभी देख रहीं हैं. मैं कहीं भागी थोड़े जा रही हूँ, तुम्हारे लिए ही तो हूँ।मेरी बातों का उस पर कुछ असर सा दिखने लगा और उसने मेरे कूल्हों को दबाते हुआ पूछा- ये बड़े और मोटे चूतड़ किसके लिए हैं?मैं समझ गई कि ये दवा का असर है, सो मौके को समझते हुए कहा- आपके लिए जानू।उसने कहा- अगर मेरे लिए हैं, तो मैं इन्हें खा जाना चाहता हूँ।मैंने कहा- ठीक है. छोड़ मुझे, मैं तेरी भाभी हूँ… मुझे नहीं मालिश करवानी।’लेकिन भाभी ने हटने की कोई कोशिश नहीं की। मैंने थोड़ा सा दबाव डाल कर आधा इंच लंड और भाभी की चूत में सरका दिया।‘अई…ऊई तेरे लवड़े ने मेरी कच्छी तो फाड़ ही दी, अब मेरी चूत भी फाड़ डालेगा।’ मेरे मोटे लवड़े ने भाभी की चूत के छेद को बुरी तरह फैला दिया था।‘भाभी आप तो कुँवारी नहीं हैं.

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तभी मेरे दिमाग में योजना आई कि अगर मैं पापाजी को अपने यौवन की झलक दिखाऊँ तो शायद कुछ बात बन जाए और मेरी लण्ड महाराज से चुदने की इच्छा भी पूरी हो जाए. आलोकअन्तर्वासना के सभी पाठकों को आलोक का नमस्कार एवं अभिनन्दन। आप सभी के ढेरों ईमेल आए कि मेरी अगली कहानी कब आ रही है, तो मित्रों नई कहानी प्रस्तुत है।यह मार्च की बात है मैं नेट पर देर तक रहता हूँ इसमें एक मुझको मेरी याहू आईडी पर एक सीधा सा मैसेज आया- मुझे आपसे मिलना है. बात बचपन से शुरू करते हैं जब मैं बहुत छोटा था तो कानपुर में मेरे मकान मालिक की लड़कियाँ मुझे आपने साथ खिलाने के लिए लेकर जाया करती थी और अकेले कमरे में मेरे सामने सलवार खोल कर बुर दिखाती थी और कहती थी कि इसमे उंगली डालो, टॉफी देंगी.

एक हफ्ते पहले फ़ेसबुक पर मैं आरुष नाम के एक लड़के से मिली थी, मैंने दो दिन तक उससे याहू पर बात की और फिर उसने मिलने के लिए पूछा. मैंने सोचा कि मेरे पास और कोई चारा भी तो नहीं है सिवाय सोनिया की बात मान कर सबके सामने अपनी जींस उतारने के अलावा. ब्लू वीडियो भोजपुरीतक… अरे जीजू आप… वाओ…और बिना किसी औपचारिकता के दरवाज़ा खोल मेरे निकट बैठ गई, मैंने गेट लॉक पहले ही खोल दिया था।गुड्डू ने नीली जीन्स और सफ़ेद टॉप पहना था… दोनों ही कपड़े बहुत कसे थे, उसके चिकने बदन से चिपके थे।मैं- हेलो गुड्डू… यहाँ कैसे.

पर क्या हम लोग ऐसे ही एक-दूसरे के नाम पर ऊँगली करते और मूठ मारते रहेगे?उसने बस एक ‘स्माइली’ के साथ रिप्लाई दी।फिर मैं भी मूठ मार कर हॉल में वापस आ कर सीट पर बैठ गया और चुपके से एक चुम्मी उसके गाल पर कर दी।अब पूजा पट चुकी थी और मुझसे चुदने को राजी थी।आगे के कहानी फ़िर कभी.

मुझे नहीं देखनी मैं सोने जा रही हूँ !” मैंने बुरा सा मुँह बनाया और कमर पर हाथ रख कर वहीं खड़ी रही, गई नहीं।ओह. B’cozHar Ek Father Zaruri Hota Hai…***अमरीका के एक बार में सन्ता ने एक पंजाबी कुड़ी को एक अफ्रीकी नीग्रो की बाहों में बाहें डाले देखा तो चिढ़ कर बोला- अस्सी पंजाबी मर गे ने जे तूं ईहे जेहे नीग्रो नाल घुम्म्दी फिरदी ए !पंजाबी कुड़ी बोली- जित्थों तईं त्वाडी लुल्ली जांदी ऐ… उत्थों तईं टे ऐ आपणी जीभ फेर देंदे ने…***एक बार सन्ता एक काकरोच को मारने लगा तो एकदम से काकरोच बोला-मार दे.

मैं अपनी बाईक पर था और घर से कुछ जल्दी निकला था, तो मेरे पास समय काफ़ी था, मैं आराम से सड़क के किनारे से अपनी ही धुन में चला जा रहा था. एक टीचर थी वहाँ, 22-23 साल की होगी, नाम था कविता! रंग तो सांवला था लेकिन देखने में इतनी सेक्सी कि देखते ही लंड सलामी देने लगे. क्या बात है?रानी मुस्कुराते हुए- रात में एक ब्लू-फिल्म देखी थी, तभी से आपका ख्याल आया और फिर आपका लंड.

यार मैं भी सुबह से लगी हुई हूँ पर ओपीडी में भीड़ कभी खत्म ही नहीं होती और फिर एचओडी ने तुम्हारे पेशेंट भी मुझे ही देदिए हैं.

पूजा मना करने लगी तो भाभी ने उसे समझाया कि लंड चूसने में बड़ा मजा आता है और बिना लंड चूसे तो चुदाई का मजा ही नहीं है. साला लोफर!’शीतल- अरे क्यों गुस्सा करती हो। थोड़ा सा अगर छेड़ ही दिया तो इस तरह क्यों बिगड़ रही है। वो तेरा होने वाला नंदोई है। रिश्ता ही कुछ ऐसा है कि थोड़ी बहुत छेड़छाड़ तो चलती ही रहती है।‘थोड़ी छेड़छाड़ माय फुट! देखेगी क्या किया उस तेरे आवारा आशिक़ ने?’ मैंने कह कर अपनी कमीज़ ऊपर करके उसे अपनी छातियाँ दिखाई। यह कहानी आप अन्तर्वासना. उह उह अबे चुप साले मादरचोद इस रंडी को पूछ… मज़ा आ रहा है या नहीं… उह उह कहाँ ऐसा लौड़ा मिलेगा इसको… उह आ आ…!जूही- आ.

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जैसे ही मैंने उंगली डाली, वो और जोर से मुँह में धक्के मारने लगा, उसको मजा आ रहा था, मैं अब और जोर से उंगली डाल रही थी. पर मैं तो कभी आपसे नहीं मिला।फिर मेरे पति ने मेरी तरफ देखा तो मैंने भी कह दिया- मैं भी नहीं जानती!तब उसने बताया- नहीं. तो आपने चूत नहीं दिलवाई और आज चूत दिलवाई तो मूठ मारने का मौका नहीं दिया। कहीं ऐसा ना हो कि मैं नेहा से पहले झड़ जाऊँ। कैसी लीला कर रहे हैं आप मेरे साथ.

!पर वो कहाँ मानने वाले थे? किसी गोली की तरह पहले ही झटके में उनका आधा लण्ड अन्दर जा चुका था, और फिर पूरा समा गया। वो किसी कुत्ते की तरह अपनी कमर जोर से हिलाते हुए मुझे चोद रहे थे।पसीने से तर हो चुके मनोज ने कहा- बस अब मैं झड़ जाऊँगा. मैंने उसे ले जाकर बिस्तर पर लिटा दिया और खुद उसके बगल में लेट गया और उसके होंठों से अपने होंठों को लगा दिया. कहानी का पिछला भाग :जब संजना ने स्पेनिश लौड़ा लिया-1यह कह कर उसने आँखों पर कपड़ा रखा और टाँगें फैला कर लेट गया। उसका लिंग अब मेरे सामने था और मेरी पहुँच में था, मैं जब चाहे उसे पकड़ सकती थी, चूम सकती थी, पर मैंने ऐसा नहीं किया। जब वो लेट गया तो मैं भी लेट गई।मेरी साड़ी का पल्लू मेरी गोद में था और मेरे मम्मे मेरे लो-कट ब्लाउज से बाहर झाँक रहे थे।‘संजू, क्या तुम यहाँ कभी नहाई हो?’ उसने पूछा।‘हाँ.

वो हैरान रह गई… उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था।मैम- क्याआआ…!!!यह मदमस्त कहानी जारी रहेगी।आपके प्यारे कमेंट्स के लिए मुझे ईमेल करें।. दोस्तों, मेरी कहानीसम्भोग : एक अद्भुत अनुभूतिपर आपके इतने मेल आए कि क्या कहूँ। सबको मैं जवाब नहीं दे पाया इसके लिए क्षमाप्रार्थी हूँ। पर मैं सबको धन्यवाद कहता हूँ और खुद को सौभाग्यशाली समझता हूँ कि मेरी कहानी आपको पसंद आई।अब अगली कहानी।यह मेरी कहानी नहीं है, मैंने बस लिखी है, यह मेरी एक बहुत घनिष्ठ मित्र की कहानी है। यह उसकी आपबीती है।उसका नाम है नीलोफर। हम लोग चौथी क्लास से बी. वो भी मेरे धक्कों की लय में अपनी कमर हिलाने लगी थी… मैं अब अपने धक्कों की गति बढ़ा रहा था और उसकी भी गति मेरे धक्कों के साथ बढ़ रही थी…अचानक इशानी ने मुझे कस कर जकड़ लिया और कहा- जान मुझे कुछ हो रहा है.

तुम्हारी सभी हो गई हैं।अमित- पुचच च च पुचच च च पुचच च च पुचच च च पुचच च च… जानेमन इच्छाओं का अंत कभी नहीं होता… और मेरी तो केवल 3-4 ही हैं।सलोनी- अह्हहाआआआ 3-4… अहा… कितनी सारी तो मैंने ही पूरी की… बस्स्स्स्स्स्स ना. !मैं बातों पर ना ध्यान देते हुए फुद्दी पर ध्यान दे रहा था, मैं धीरे-धीरे अन्दर-बाहर कर रहा था, आंटी को भी मजा आ रहा था।तभी आंटी ने कहा- ज़ोर से करो.

रीटा गाण्ड को टाईट कर राजू के लण्ड को रोकने की असफल कोशिश करने लगी तो राजू तैश में आकर रीटा के उचके हुऐ चूतड़ों पर खींच कर पूरे जोर से पाँच छ: थप्पड़ जमाते हुए बोला- साली, फाड़ के रख दूंगा अगर अपनी गाण्ड को टाईट किया तो!राजू के हाथ रीटा की मलाई सी गोरी गाण्ड पर छपते चले गये साथ में राजू ने ढेर सारा थूक रीटा गाण्ड पर थूक दिया.

जिस के बारे में मैंने सपने में भी कभी नहीं सोचा था,वह सब अगले भाग में लिखूंगा।यदि मेरी अब तक की कहानी आप को पसंद आई हो, तो इसे स्टार रेटिंग दीजिये, मुझे मेल कीजिये।आपका प्रतिसाद देख क़र मैं अगला भाग लिखूंगा और अपने कई और कई रंगीन किस्से बताऊँगा।आपका रौनक. सेक्सी ब्लू फिल्में एचडीमसल दो मुझे !” विनायक मेरे बदन के हर हिस्से को होंठों से चूम रहा था, हाथों से मसल रहा था और मैं आनन्द से उसकी बाँहों में सिसक रही थी, मचल रही थी. ದೇಸಿ ಸೆಕ್ಸ್ ವಿಡಿಯೋहमने तो सोचा वो भी तेरे साथ ही होगा, तभी तूने उसको यहाँ बैठाया है।जोजफ अंकल- पर यार वो तो खुद मजे ले रहा था, उसको खुद इस सबमें मजा आ रहा था… सच !अनवर अंकल- और तो और… वो तो शर्त तक लगाकर गया है।मेहता अंकल- क्या शर्त… कैसी शर्त?अनवर अंकल- अरे वो जो सामने बैठी है ना… उस पर… और अपनी वही पुरानी शर्त कि ‘इसने लहंगे के नीचे क्या पहना है?’मेहता अंकल- ओह. !वैसे ज्यादा ग़ोरी तो नहीं है लेकिन साली के चूतड़ बड़े मस्त हैं, उसका पूरा बदन ही भरा हुआ गद्देदार, कोई एक बार देख ले तो बिना चोदे रहा ना जाए और यही हाल मेरा हो गया था।जब वो चलती है, तो साली के चूचे और गाण्ड ऐसे उछलते हैं कि साले बूढ़े टीचर भी ‘आहें’ भरने लगते हैं।लेकिन कहते हैं ना कि जहाँ चाह वहाँ राह.

चोदो मेरे कुत्तों चोदो मुझे… फाड़ डालो अगर कोई और लंड आस-पास हो तो उसको भी बुलाओ और दे दो मेरे मुँह में.

लेकिन पिछले 6 माह से चुदाई नहीं की है इसीलिए मैं तुम्हारे साथ यहाँ आई हूँ ताकि अपनी प्यास बुझा सकूँ, पर तुमने कोई शुरुआत ही नहीं की 5 दिनों से।मैं अपने आप को कोसने लगा कि मैंने 5 दिन बर्बाद कर दिए।हम लोग फिर से गरम हो चुके थे, तब तक तो मैंने वक्त जाया ना करते हुए उसके टाँगें चौड़ी कीं और पूछा- किस तरह से चुदना पसंद करेगी?तो बोली- जैसे तुम्हें चोदना है. और साथ ही साथ आंटी को खुश भी किया और उनकी रसीली गांड को और भी रसीली बना दिया।आंटी भी अब और ज्यादा मस्त लगने लगी हैं।. रिया की सुन्दरता और शरीर के बारे में कुछ भी कहने के लिए तो मेरे पास शब्द ही नहीं हैं, वह तो एक अप्सरा थी जिसके शरीर का पैमाना था 36-26-36 और जब वह चलती है तो मानो क़यामत आ जाती है.

आशा ने कविता के घर जाते ही पैंट खोल दी और लंड चूसने लगी, उसके दोनों हाथ मेरी गांड पकड़े हुए थे और पूरा लंड उसके गले के अंदर तक. मेरी इस कहानी के पिछले दो भागों में आपने पढ़ा था कि किस तरह मेरे पति ने मुझे रण्डी बना दिया जिसमें मेरी भी सहमति थी।मेरे पति खाना लेकर आ गए फिर हम दोनों ने खाना खा सोने के लिए बिस्तर पर गए तो मेरे पति ने पूछा- क्यों. ले देख…अनवर अंकल और बाकी दोनों भी सूंघने लगे।राम अंकल- अबे, यह तूने कब किया?मेहता अंकल- अरे जब वो गिर रही थी, तभी मेरी दो उंगलियाँ उसकी चूत में चली गई थी… हा हा… चल छोड़ो ये सब.

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पर उसने बताया कि बड़ा मजा आ रहा है और अब मैं लंड को कतई बाहर ना निकालूँ।अब मैंने फिर जोर देना शुरू किया और लंड आहिस्ता-आहिस्ता घुसने लगा, आधे से ज्यादा घुस चुका था।अचानक मुझे लगा कि अन्दर चूत में कोई दीवार सी है जो अब लंड को अन्दर घुसने से रोक रही है।‘ओहह्ह…कौमार्यझिल्ली…’ मैंने मन में कहा।‘रिंकी थोड़ा सा यह झटका सह लेना बस. ’ की आवाजें आने लगी।उसने मेरे गले में हाथ डाल दिए और मुझसे अपने संतरों को दबवाने लगी थी।बाद में मैं उसके पेट की ओर बढ़ा और उसके पेट पर अपनी जीभ फेरने लगा। वो मदहोश हो गई थी।मैंने उसकी पैन्टी खिसका दी। उसके गुलाबी चूत को अपनी जीभ से स्पर्श किया, उसके मुँह से एक लम्बी ‘आह’ निकल गई।मैंने उसकी चूत को जी भर कर चूसा, वो 5 मिनट से ज्यादा रुक न सकी और झड़ गई।क्या नमकीन स्वाद था उसके जूस का. बोल कर पाएगी?मैं- अब करना तो पड़ेगा ही, वैसे प्रोजेक्ट में क्या देना है कॉलेज में? नोट्स वगैरह या कुछ और?निशा- ज्यादा कुछ नहीं, बस नोट्स बनाने हैं तेरे अनुभवों पर और वीडियो भी बनाना है। मैं एक और बार पूछ रही हूँ सोच ले कर पाएगी ये सब, कुछ भी करना पड़ेगा?मैं- हाँ यार कितनी बार कहूँ.

मैं भी उसे बड़े मजे ले लेकर चूसे जा रहा था, कुछ देर बाद उसका शरीर अकड़ने लगा, उसने अपनी टांगों को भींच लिया और अपनी टांगों के बीच मेरे सिर को मसलने लगी.

क्या चूसती है ये हरामजादी रंडी… अरे तेरी चाची को भी सीखने में महना लग गया था, दम घुट कर गों गों करने लगती थी.

अब मेरा काम ही तमाम कर ही डालो।तभी वो उठा और अपना लिंग उसने गीता की योनि के मुहाने पर रखा।गीता बोली- पहले थोड़ा धीरे करना अनिल।तो उसने ‘ओके’ बोला और शुरू हो गया।अभी तो आधा लिंग ही अन्दर गया होगा कि गीता चिल्लाने लगी- प्लीज़ निकालो इसे, बहुत दर्द हो रहा है।तो उसने लिंग बाहर निकाल कर पूछा- क्यों क्या हुआ?तो गीता बोली- तुम्हारा लिंग बहुत मोटा है और बहुत तकलीफ़ हो रही है।तभी अनिल बोला- ओके ओके. ” की आवाज ही आती रही।कुछ मिनट चोदने के बाद उसने लन्ड मेरी चूत से बाहर निकाल लिया, मुझे घुटनों के बल बैठा कर लन्ड मेरे मुँह में दे दिया। मेरा पूरा मुँह उसके वीर्य से भर गया।बहुत गर्म था उसका वीर्य. एक्स एक्स एक्स सुहागरात वीडियोऔर तू पिएगा और नहाएगा साले…!मैंने उसे जोर से चूमा और बोला- जैसी तेरी मर्ज़ी।मैं उसकी पैन्टी नीचे करके उसकी चूत निहारने लगा।क्या चूत थी लाल, मस्त और रसभरी.

उसमें सिर्फ मकान मालिक, उसकी बीवी, एक बेटी जो 18 साल की थी और उसका एक लड़का जिसकी शादी दो साल पहले हो चुकी थी. तब वो रात को घर पर रुके थे और बातों ही बातों में उनसे सैटिंग हो गई, तब से जब भी मौका मिलता है इनको कॉल करके बुला लेती हूँ. रोमविहीन फुद्दी के रक्तिम चीरे से रीटा का कंपकपाता छोटा सा कागजी बादाम सा दाना राजू को जैसे ललकार दे रहा था.

बॉस ने हैरानी से पूछा- अच्छा? तो बताओ?सन्ता- पहला तरीका है कि एक सिगरेट को नदी में फेंक दो, इससे boat will become LIGHTER… using this LIGHTER you can light the other Cigarette. मेरे पिताजी के बचपन के दोस्त की बेटी की शादी थी। पिताजी को व्यापार के सिलसिले में मुम्बई जाना था तो उन्होंने मुझे शादी में जाने को कहा.

? इसमें तो ऊँगली भी नहीं घुस पाती है।’ रूबी ने घबराए हुए स्वर में कहा।‘इसकी चिंता तुम छोड़ दो रूबी और मुझ पर भरोसा रखो… तुम्हें कोई तकलीफ़ नहीं होने दूँगा।’ मैंने उसके सर पर प्यार से हाथ फेरते हुए भरोसा दिलाया।‘मुझे आप पर पूरा भरोसा है फिर भी बहुत डर लग रहा है… पता नहीं क्या होने वाला है।’रूबी का डर कम नहीं हो पा रहा था।मैंने कहा- मेरी प्यारी जानू.

!मैंने लण्ड निकाला और उसके बुब्बू चूसने लगा। फिर उसके चूतड़ों को हाथ से दबाए जा रहा था।बोला- पीछे डालूँ क्या?तो वो घूम कर घोड़ी बन गई। मैं भी उसके पीछे डालने लगा। लण्ड को थूक लगाया और गाण्ड के छेद पर रख कर भीतर धकेला, लण्ड का सुपारा उसकी गाण्ड के छेद में घुस गया। वो दर्द के मारे चिल्लाई और गाण्ड को जम कर दबा लिया। मैं शान्त था, वो भी थोड़ी देर में शान्त हुई।मैं बोला- बाहर प्रेशर लगाओ और ढीला छोड़ो. भाभी बोले जा रही थी- चोदो मुझे! और जोर जोर से चोदो! फाड़ दो मेरी चूत को! तुम्हारे भैया तो फाड़ नहीं सके, तुम फाड़ दो मेरे राजा!इस बीच भाभी दो बार झड़ चुकी थी और उनकी बुर एकदम लाल हो चुका थी. ’ मैं जोर से चिल्लाई।एक ही झटके में उसने अपना पूरा लन्ड मेरी गाण्ड के अन्दर डाल दिया।मैं रोने लगी,’छोड़ दो मुझे.

பிரா வகைகள் मेरे दिमाग में एक नया आसन आया! कमोद के ऊपर मैंने भाभी को झुकाया दोनों हाथ कमोड के ऊपर रखवाए…भाभी- यह क्या कर रहे हो?मैं- मैं तुम्हें और मजा दूंगा जानेमन. 5 इंच का मोटा है। मुझे चुदाई की कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ।मैं मुरादाबाद उ.

रीटा अपनी स्कर्ट ऊपर उठा कच्छी को सुडौल चूतड़ों से नीचे खींचा और इण्डियन स्टाईल टायलट पर घुटने मोड़ कर बैठते ही रीटा की चाँद सी उजली चूत और गांड घूम कर सामने आकर लिशकारे मारने लगी. फ़िर उसने अन्दर से दरवाजा बंद कर लिया, जैसे ही वो मेरे पास आई, मैंने उसे एक गुलाब का गुलदस्ता दिया जो मैं रास्ते में से उसके लिये लाया था और उसे फ़िर से बधाई दी. ऐसे मेहनत करने से कोई फायदा नहीं!इतना बोल कर रीना सीधी हो गई और बाबा की धोती पकड़ कर निकाल दी।कमाल की बात देखो, आज बाबा का लौड़ा फुंफकार मार रहा था।रीना- ओह वाह.

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मैंने इसमें सब लिख दिया जो तूने कहा था।निशा- ठीक है… चल अब जल्दी से अपनी ब्रा और पैन्टी दोनों निकाल दे।मैं- क्या… निकाल दूँ. मैंने इसमें सब लिख दिया जो तूने कहा था।निशा- ठीक है… चल अब जल्दी से अपनी ब्रा और पैन्टी दोनों निकाल दे।मैं- क्या… निकाल दूँ. जिम मौरीसनयह कहानी मेरी पहली कहानी है और सच्ची है।मेरे घर के बगल में एक लड़की रहती है जिसका नाम सिम्मी है, बहुत ही खूबसूरत है लेकिन घर के एकदम पास होने के कारण मुझे उससे राखी बंधवानी पड़ती थी।लेकिन इसी के कारण मैं उससे बेहिचक मिलता भी था, ना मेरे घर वाले और ना ही उसके घर वाले मुझ पर शक कर सकते थे।उसके स्तन और लड़कियों से काफी बड़े थे, उसके नितम्ब को जब भी मैं देखता.

Rubi ki Seal Tod di-2मुझसे सहा नहीं जा रहा था, मैंने कहा- अब और बर्दाश्त नहीं होता… तू सीधी होकर अपनी टाँगें फैला कर लेट जा. !मैंने डाला और घस्से मारने शुरू किया। मेरा थोड़ी देर में काम हो गया और बहुत मजा आया।तो उसने कहा- अब रोज इसे आगे-पीछे किया करो, तुम्हारा जल्दी छूटने भी लगेगा।मैंने कहा- वो क्या होता है?तो उसने कहा- अभी मैं तुम्हारी मारूँगा तो मेरा छूटेगा… उसे देखना.

हैलो दोस्तो, मेरा नाम मनु है। और मैं मुंबई में रहता हूँ। मेरी उमर 27 साल है। मेरा गाँव का नाम इटावा है, जो उ.

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मैंने पैन्टी को सूंघा, बहुत मस्त अहसास था, मैंने अपना लोवर आधा नीचे किया और लण्ड को मुठियाने लगा।मेरा मन इतना मस्त हो गया कि मुझे याद ही नहीं रहा कि मैं कहाँ हूँ।तभी मेरा पानी निकल गया, मैंने पैन्टी को देखा, वो मेरे रस से भीग गई थी। मैं पैन्टी को रख कर पीछे मुड़ा तो देखा कि भाभी बाथरूम निकल कर दरवाजे पर खड़ी थीं।मेरे होश उड़ गए.

भोजपुरी हिंदी वीडियो बीएफ: अच्छा लगा तो ठीक है वरना मना कर दूँगी।मैंने उसका हथियार हाथ में पकड़ा, पर यह क्या… मेरे हाथ कांप रहे थे।थोड़ा डर लगता है यार और मैंने धीरे से मुँह में डाला. !’‘बोलो ना मेरी जान, दो-तीन बार क्या?’‘अच्छा बाबा, बोलती हूँ; महीने में दो-तीन बार ही तो चोदते हो… बस.

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पर तूने अपने पति को क्या समझाया कि वो चुदाई न करने को राज़ी हो गया?शिखा रानी ने हंस कर कहा- हमने उनसे कहा कि हम कुछ दिन सिर्फ लंड चूस के आपका माल पीना चाहते हैं। आपको हमने चार साल तक मुँह में न झड़वा कर जो आपका मज़ा चूर किया हम उसकी भरपाई कम से कम दस पंद्रह दिन सिर्फ आपको चूस चूस कर आपकी मलाई ही पी कर करेंगे.

इसके पिता के देहांत के बाद घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और मेरे पिता जी ने इसकी जिम्मेदारी स्वयं पर ली है, इसकी पढ़ाई से लेकर विवाह तक अब वो हमारे ही घर में रहेगी।यह सुन कर मेरी आँखों में चमक सी आ गई. और मैं यहाँ यह भी स्पष्ट बता दूँ कि बहुत उसे चोदने की भी ख्वाहिश रखते थे और उन्होंने अपनी खुद की कद-काठी का भी उल्लेख किया तो किया साथ ही साथ अपने लण्ड के बारे में भी विस्तार से बताया कि मेरा लण्ड 9 इंच का है, मूसल जैसा मोटा है इत्यादि. !यह कह कर मैंने उसके मम्मों की चौंच को मसलना शुरू कर दिया। जिससे स्वीटी अपना दर्द भूल गई और उसका पानी छूट गया।उसी वक्त मैंने दूसरा शॉट भी दे मारा.