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इरफ़ान- सॉरी यार मैंने सोचा कि तुम मेरी बीवी बोल रही हो…उधर से फिर जवाब आया- तेरी बीवी ही हूँ कमीने… तू बस आज घर आ जा !***सलमा और इरफ़ान सो रहे थे कि रात को ग्यारह बजे सलमा के फोन में घण्टी बजी. चूत चूत की चुदाईमैं अब सब कुछ सखी भूल गई, मैंने कुछ भी न याद कियाअंग की गहराई में साजन ने, सुख तरल बना के घोल दियामेरे अंग में उसने परम सुख की कई-कई धाराएँ छोड़ दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

मैंने 5-7 मिनट तक उसकी चूत को चाटा, फिर उसने मुझे उठाया और अपने उरोज मेरे मुँह में रखे, मैं अपने दांतों तले उसकी छोटी छोटी काली काली निप्पल को चबाने लगा. সানি লিওন xxx video!”और फिर आंटी ने पहले एक, फिर दूसरा हाथ बाल्टी पर रख लिया। मेरी घोड़ी सच में थोड़ी मुश्किल पोजीशन में थी। अगर मैंने कमर न पकड़ी होती और लंड ने अपना हुक उस कुतिया की गाण्ड में नहीं फंसा रखा होता तो वो गिर सकती थी।बबिता ने पीछे मुड़ कर मेरी तरफ देखा और कहा- नालायक…बदमाश…कहीं का.

इसके कारण ये ऐसा लग रहा है।दीपाली चौंकते हुए विकास को देखने लगती है।विकास- अरे इसमें चौंकने वाली क्या बात है.एचडी बीएफ एचडी बीएफ एचडी: ! मैं तो चूत से मन भर लूँगा।रेहान- ये सही रहेगा, सचिन तुम इसके मुँह को चोदो मैं अन्ना के पास जाकर आता हूँ।जूही- ओह रेहान जी आप के बिना मज़ा नहीं आएगा। सब से बड़ा हथियार तो आपके पास है।साहिल- अरे यार जूही अब रेहान क्या तेरे कान में लौड़ा डालेगा? जाने दे ना उसको.

खूब अच्छे से चुदाई हुई थी।भरपूर चुदाई के आनन्द के बाद हमने सोचा कि अब वापस चलना चाहिए तो दोनों ने कपड़े पहने और एक-दूसरे को खूब प्यार किया और वादा किया कि हम फिर मौक़ा मिलते ही इस सब को फिर से करेंगे और बार-बार करेंगे।अब जब भी मेरे पति बाहर जाते हैं, शिशिर चोदने की जिद करता है। मैं भी कभी-कभी उसे मौक़ा देती हूँ, पर बाकी मेरे ढेरों और यार भी तो हैं… उनको भी तो अवसर देना होता है न…!खैर आप आइएगा.अरे यह तो बोरोप्लस की खुशबू थी…इसका मतलब मधु ने रात को बोरोप्लस भी लगाया… इसने एक बार भी मुझे अपने दर्द के बारे में नहीं बताया…मुझे उसके इस दर्द को छुपाने पर बहुत प्यार आया… मैंने उसके होंठों को चूम लिया.

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बस जरा अपने पप्पू को भी दिखा दूँ… बहुत दिनों से उसने कोई अच्छी मुनिया नहीं देखी…सलोनी- जी नहीं… रहने दो… यहाँ कोई प्रदर्शनी नहीं लगी है.आ उफ़फ्फ़…!राहुल ने आरोही की टाँगों के बीच आकर अपना लौड़ा चूत पर टिकाया और एक धक्का मारा, आधा लंड चूत में चला गया।आरोही- आ.

रेहान अभी भी नंगा ही बैठा था, उसका लौड़ा सो गया था। उसको तो बस अन्ना का राज जानना था।रेहान- मुझे इतना तो पता है कुछ तो उसने गलत किया, पर आदमी की फ़ितरत ही ऐसी होती है कि उसको पूरी बात जानने की खुजली होती है। अब बता भी दे ना. एचडी बीएफ एचडी बीएफ एचडी हे हे हे…मैं- अच्छा जी… चलो काट लेना… फिर मुँह में तो लेना ही होगा… हाहाहासलोनी- मारूँगी अब हाँ… अच्छा चलो अब जल्दी से तैयार हो जाओ…मैं- ठीक है जान… अरे हाँ याद आया… कल शायद प्रणव आएगा डिनर पर… बता देना अगर कुछ मंगाना हो बाजार से तो…अमित मेरा पुराना दोस्त है वो डॉक्टर है, उसकी कुछ समय पहले ही शादी हुई है.

ठीक है ना…!राहुल- लेकिन यार, मुझे सील पैक चूत का मज़ा लेना था…!रेहान- अरे यार, एक बार में थोड़े ही चूत ढीली हो जाएगी.

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मैं बोला- क्या हुआ चाची उठ क्यों गई?चाची मेरी तरफ़ थोड़ा बनावटी गुस्सा दिखाते हुए बोली- अरे कबीर, तू एसी हरकत करेगा तो नींद कैसे आयगी?मैं बोला- कैसी हरकत?वो मेरे लोड़े की तरफ़ देख क़र बोली- तू बार बार खड़ा होगा तो मैं कैसे सो पाऊँगी. भाभी की तबियत खराब नहीं हो गई थी… जब… तब आपने ही तो भेजा था ना डॉक्टर को… भाभी बिल्कुल चल ही नहीं पा रही थी. एक कुत्ते ने दूसरे कुत्ते को‘आदमी कहीं का !’ कह दिया।इस पर वह कुत्ता ताव खा गया।बोला- अरे दुष्ट ! अरे मवाली !तूने क्यों दी मुझको ऐसी गाली?कलयुग में आदमी की,क्या कुत्ते जैसी औकात है?आदमी में जब आदमीयत होती होगी,वो सतयुग की बात है।एक मिनट में हीतेरा बेशऊरापन ढह जाएगा,अगर मैंने तुझे‘नेता कहीं का !’ कह दिया तोतू कहीं का भी नहीं रह जाएगा।.

!आरोही बाथरूम में चली गई।30 मिनट बाद दोनों तैयार होकर कार में घर की तरफ़ चल पड़े।घर पहुँच कर आरोही ने राहुल को आवाज़ लगाई, वो जल्दी से नीचे आया और दोनों को देख कर खुश हो गया।राहुल- वेलकम रेहान. वैसे तो आप सब मुझे जानते हैं, मैं श्रेया आहूजा जालंधर की पंजाबी कुड़ी, उम्र लगभग तीस साल, गोरी चिट्टी वजन अभी साठ किलो कि थोड़ी सी बबली, गोरी गोरी बांहें, अक्सर स्लीवलेस पहनती हूँ तो मेरे बगल देख कर आप दीवाने हो जाओगे, बिना बाल की बगल! मन करेगा आपको कि मेरी बगलें चाट लें! मोटी भरी हुई जांघें, गोल गोल चूतड़ और पतली सी कमर, पीठ में एक काला तिल, उभरे हुए उरोज बाहर आने को उतावले रहते हैं. बस तुमसे मिलने आई थी। बहुत दिनों से तुम दिखे नहीं और बात भी नहीं करते हो क्या हो गया?मैंने कहा- भाभी मैंने गलती की थी उसी की सजा मिली। आपने ही तो कहा था की बात मत करना, इसलिए…!उसने कहा- नहीं.

चाची को शाम को वापस आना पड़ा, वो हमारे घर आके मेरी माँ से बोली- कबीर को आज और कल रात को सोने के लिए भेज देना. और पीछे से उसके चूतड़ अच्छे लग रहे थे, मन कर रहा था कि अभी उसके चूतड़ों को दबा कर लाल कर दूँ लेकिन मैं सिर्फ़ उसको देखता ही रहा. उसको खोलने का कामयाब होने लगा था…रोज़ी- अच्छा मैं चलती हूँ… उसने एक पैकेट सा वाशबेसिन की साइड से उठाया…मेरी जिज्ञासा बढ़ी- अरे इसमें क्या है???वो शायद टॉयलेट पेपर में कुछ लिपटा था… मैंने तुरंत उसके हाथ से झपट लिया.

तो उसका लौड़ा भी खड़ा होकर तेरी चूत को सलामी देने लगे।दीपक ने बिस्तर के करीब आकर दीपाली को बिस्तर पर लिटा दिया।सोनू और मैडी भूखे कुत्ते की तरह लार टपकाते हुए बिस्तर पर चढ़ गए और दीपाली के मम्मों को दबाने लगे।वो दोनों दीपाली के आजू-बाजू लेट गए. चाची के मुख पर हल्की सी मुस्कान आई… मुझे लगा कि चलो मेरे मामला बन रहा है।चाची भी मुझे छेड़ते हुए बोली- अभी तो बच्चा है रे.

फिर कभी वैसे भी अब तो मैं तुम्हारी ही हूँ !इस के बाद कविता ने अपने पर्स से मुझे कुछ रूपए देने चाहे पर मैंने मना कर दिया, तो कविता ने कहा।कविता- रख लो दीप ये कीमत नहीं.

वो भी मेरे होंठ चूसती रही, साथ ही मेरे हाथों से जो उसके दूध दब रहे थे, उसका मजा ले रही रही थी- आ आआ आअम्म आ आह्ह्ह! किये जा रही थी.

!”मैंने उसकी पीठ पर अपने नाख़ून गड़ाते हुए कहा- मैं आपको उससे भी ज्यादा चाहता हूँ।कह कर मैंने उसके लंड के सुपाड़े को अपने मुँह में घुसा लिया।उफ़. तो मैं किसी लड़की या औरत की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं देता था। हालाँकि मैं अपने फ्रेंड्स के साथ कभी कभी नंगी मूवीज देख लेता था।एक बार जब हम अपनी गली में क्रिकेट खेल रहे थे. !फिर हम बाथरूम में नहाने चले गए। आगे की कहानी फिर कभी आपको सुनाऊँगा।जैसा हुआ वैसा ही मैंने आप लोगों का सुना दी। मुझे मेल करो।[emailprotected].

प्लीज़ आ उई आईए आह…!अंकित लौड़े को सिमरन के होंठों पर घुमाने लगता है, वो सिमरन का मुँह खोल कर लौड़ा अन्दर डाल देता है। वो चूस नहीं रही थी, अंकित बस मुँह में आगे-पीछे करने लगता है।संजू- वाउ क्या टेस्टी चूत है यार. मैं भाभी की चूत चाटता रहा और थोड़ी देर में भाभी का जिस्म ऐंठने लगा और भाभी की चूत से मदन-रस निकलने लगा, जो मैं सब पी गया, बहुत ही अच्छा स्वाद था ! फिर भाभी मेरे लण्ड को अपने हाथ में लेकर सहलाने लगीं. ऐसा करके मैं ब्लाउज के ऊपर से ही उसकी चूचियों को मसल रहा था और वो भी इसका पूरा मजा ले रही थी।वो बड़ी ही कामुक आवाजें निकाल रही थी- आआआ अह्ह्ह्ह्ह्ह हूऊऊऊ… अम्म्म्म्म्म आअह्ह्ह्ह.

डार्लिंग !कविता- तो अब मजा दोगे भी क्या ?मैं कविता का इशारा समझ चुका था, मैंने उसे सोफे पर बैठाया और टाँगें ऊपर कर उसकी दोनों टाँगों के बीच बैठ कर अपनी जीभ गीली चूत पर रख दी और जब चूत पर जीभ चलाने लगा।तो कविता ने एक लम्बी कामुक सिस्की भरी, आह.

!और मैं फिर से पागलों की तरह चूमने लगा और मैं इतनी तेज़ उसे पकड़े हुए था कि उसके पूरे खरबूजों का मज़ा आ रहा था।वो बोली- ठीक है रात को आऊँगी लेकिन अभी जाने दो. तुझे शर्म नहीं आई छी: अपने ही भाई का लण्ड हाथ में ले लिया और तुझे जरा भी डर नहीं लगा कि होश में आने के बाद वो क्या सोचेगा?प्रिया- अरे नहीं रे. बात करने का मौका देख कर मैंने फ़ूफ़ी से बहुत हिम्मत करके पूछ लिया- आपको पति के बिना अकेलापन लगता होगा न? रात को इसीलिए नींद नहीं आ रही?फ़ूफ़ी हल्की सी मुस्कुराईं और बोलीं- शायद ये हो सकता है.

कुछ दूर पहुँचते ही उनसे गुस्से में बोला- मैं अभी बच्चा हूँ।तो बोली- तो क्या कहती उससे कि मेरा पति है. हमने वहाँ भी चूमना चालू किया और उसको वहाँ भी आधे घंटे तक किया, वो झड़ गई और इस बार मैंने उसके मुँह में दे दिया और मुँह में ही झड़ गया. !”ओह दीदी, पढ़े-लिखों की बातें…!” चमेली की बात पर सब लोग खूब हँसे।चमेली अपनी बात पर सकुचा गई।कामिनी ने जीजाजी को नंगा करके उनके कपड़े हैंगर करने के लिए चमेली को दे दिए और खुद घुटनों के बल बैठ कर जीजाजी के लण्ड को चूम लिया।मैंने पूछा- अरी यह क्या कर रही है क्या यहीं…!अरे नहीं, यह नंगे दरबार के अभिवादन करने का तरीका है; चलो तुम दोनों भी अभिवादन करो.

दीपक ने मुझे लिटाया और वो मेरे ऊपर आ गया मैंने खुद ही उसका लंड पकड़ कर अपनी चूत पर लगाया और उसके लंड को अपनी चूत पर रगड़ने लगी.

दीपाली जब अनुजा के पीछे गई थी।तभी प्रिया यहाँ आई थी।सारी घटनाएं एक साथ हो रही हैं तो आपको बता दूँ कि दीपाली वहाँ बिज़ी थी।प्रिया यहाँ अब अपनी हीरोइन कहाँ तक पहुँची देख आते हैं, कहीं ऐसा ना हो वो आ जाए और दोनों को इस हाल में देख ले।दीपाली वापस रिक्शा में आ रही थी तभी रास्ते में मैडी और सोनू बाइक पर जा रहे थे. मैंने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा- तुम्हारे घर में कौन-कौन हैं?वो बैठ गई और बताने लगी- भैयाजी, हम चार बहनें और दो भाई हैं.

एचडी बीएफ एचडी बीएफ एचडी !राहुल- अरे यार अब तुझसे क्या छिपाऊँ, तू अध-नंगी की बात कर रहा है, मेरा बस चले तो उसको पूरी नंगी कर दूँ. मैंने उसके सर पर हाथ फेरा, मेरा मन तो हो रहा था कि उसको उठा कर सीने से लगा लूँ, पर अभी कुछ जल्दबाजी लगी सो फिर उससे पूछा- बताओ मुझे बताओ क्या बात है? कोई दिक्कत है क्या? क्या जुगल दारु पीता है? या तुमको परेशान करता है? मैं उसको ठीक कर दूंगा, तुम मुझसे खुल कर कहो.

एचडी बीएफ एचडी बीएफ एचडी !मैंने उसे उठाया और उसको भी नंगी कर दिया, उसको लिटाया और उसकी योनि में ऊँगली करने लगा।उसे थोड़ा दर्द भी हो रहा होगा, पर उसने कुछ कहा नहीं और मैं अपनी ऊँगली से उसकी बुर को सहलाता रहा।थोड़ी देर बाद वो बोली- यार, अब डाल दो अपने लन्ड को मेरी इस बुर में… तड़पाओ मत. !’ऐसा कह कर उन्होंने दोनों हाथों से अपनी चूत को फैला दिया, मैं उनकी चूत को चाटने लगा।अजीब सी गन्ध आ रही थी।करीब दो मिनट चाटा होगा कि चाची ने मेरा मुँह झटके से अलग कर दिया, मेरा मुँह गीला हो गया था।मैंने चाची के गाउन से मुँह साफ़ किया।‘खड़ा हो जा रे.

…और दोनो गोटियाँ परेशान- ‘साला उस्ताद किधर गया?’***लड़की- मैं तुमको अपना दिल नहीं दे सकती।पप्पू- कोई बात नहीं, मैं उतने ऊपर की सोच भी नहीं रहा था।***इरफान- आज तेरी बहन को घर में देखकर बहुत ख़ुशी हो रही है।सलमा- हाँ ठीक है! जींस पहन लो, आपकी ख़ुशी आपके पजामे से झलक रही है।***अगर लड़की की टी-शर्ट पर ‘फेसबुक’ लिखा हो तो उसकी पैंटी पर क्या लिखा होगा?सोचो-सोचो-.

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!लेकिन मैंने पूरा जोर लगा कर एक जोर का धक्का दिया। मेरे लण्ड का सुपारा ही घुसा था कि वो रोने लगी और मुझको अपने ऊपर से हटाने लगी, लेकिन मैं कहाँ मानने वाला था, मैंने फिर एक जोर का धक्का मारा. विजयहैलो दोस्तो, मैं विजय हूँ। अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़ते-पढ़ते मैंने जूजा की लिखी हुई कहानियां पढ़ीं और उनसे फेसबुक पर जुड़ गया. सी सिआह सी …निकाल लो प्लीज आ आह सिआअह।धीरे धीरे वो भी साथ देने लगी थी, फिर मैंने उसका अलग अलग आसनों में गांड और फिर उसका चूत भी मारी.

मैंने सोचा कि क्यों न अपनी कहानी आप लोगों के साथ शेयर करूँ पर मुझे कल ही कनाडा जाना है और यह कहानी मैं कनाडा जाने से पहले आप तक पहुँचाना चाहती हूँ इसलिए मैंने साजन जी की मदद ली. 5 इंच का लंड भाभी जी के मुँह के बिल्कुल करीब था, तो भाभी जी ने अपने दांतों से मेरे लंड को दबा लिया और मेरी चीख निकल गई- भाभीईईई… अईईई मर गया… ऊऊऊओई ईईईईए. जिससे माया एक आनन्दमयी सिसकारी स्स्स्स्स्शह” के साथ कसमसा उठती।मैं उसकी गर्दन और गालों पर चुम्बन भी कर रहा था, जिसे माया भी एन्जॉय करने लगी थी।फिर मैं थोड़ा नीचे की ओर बढ़ा और उसके चूचों को मुँह में भर कर बारी-बारी से चूसने लगा.

इरफान- अरे वाह… गाण्ड फाडू केले ! कितने का है एक कला?सन्ता केले वाला- 150 का एक !इरफ़ान- बहनचोद इतना महंगा केला?सन्ता केले वाला- क्यूँ? फट गई ना गाण्ड !***एक 19 साल का गोरा-चिट्टा लड़का इरफ़ान घर से भाग कर मुंबई चला आया.

जिह्वा उसकी अंग के अन्दर, और अन्दर ही जा धंसती थीमदहोशी के आलम में उसने, सिसकारी लेने को विवश कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. ***वो हमें देख कर यों मुस्कुराए,इश्क में हमारे भी कदम डगमगाए…दिल की बात कहने ही वाले थे,तभी उसके बच्चे मामा मामा चिल्लाए…!***जलते हुए दीपों की तरह जगमगाते रहना,हमारी दुआ है तुम सदा मुस्कराते रहना!कितनी भी चप्पलें पड़ें तुम्हें ऐ मेरे दोस्त,जिंदगी भर तुम लड़कियाँ पटाते रहना. तो उसे तेरे साथ सोने दे। उसे घर में घुटन लगती है।मैं मान गया। इतना कह कर नानी चली गईं।मैंने कहा- मनु क्या हुआ?तो मनु उठी और छत का दरवाजा बंद कर मेरे पास आई। उसने वक्त ना गवांते हुए मेरे होठों को चूमने लगी। उसके नाजुक पतले गरम होठ गुलाब के पंखुरियों की तरह लगे।मनु की आँखें नशीली हो रही थीं तो मैं भी जोरों से उसके होंठों का रस चूसने लगा।वो बोली- रुक जाओ.

वो शायद इस फोटो को देखकर मुठ मारते होंगे!मैं भी पेशाब करते हुए उस किताब को देखने लगी और उसको देखते हुए मेरे अन्दर की वासना जाग उठी, पेशाब करके भी मैं किताब देख रही थी. ! और अंगड़ाई लेते हुए उसने मेरे पेट पर हाथ रखा।मैं बोला- नींद में हो क्या?वो बोली- नहीं, मुझे चिपक कर सोने की आदत है।मैंने कहा- सो जाओ. तो वो चुप हो गई, मैंने पूछा- क्या हुआ?तो उसने बोला- प्यार तो मैं भी आपसे करती हूँ, पर मुझे बहुत डर लगता है कि अगर घर में किसी को पता चला तो बहुत मार पड़ेगी.

मैं- अब कहाँ है तेरी दीदी?जय- शादी हो गई, मैंने एक बार उससे नहाते भी देखा था पर फ़ुद्दी नहीं देख पाया था आज आपकी देखी, मजा आ गया. नितम्बों के मध्य सखी साजन ने, रस भरा सा चुम्बन टांक दियामेरे मुँह से बस सिसकी निकली, मैंने आनन्द अतिरेक था प्राप्त कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

फिर जो होगा, आप देख लेना…मैं अपने होंठों से उसके निप्पल पकड़ चूसने लगा।एक बार फिर वो सेक्सी सिसकारियाँ भरने लगी- …आःह्हाआआ… बस अब छोड़ भी दो ना सर. यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।…आह ह ह ह… मर गई माँ… उईईइ माँ…!!”और फिर उसने ताबड़तोड़ चुदाई शुरू कर दी।…फ़च फ़च… आ. गहरी नींद सोया कि पता ही न चला कि आस-पास क्या हुआ या जो भी बात हो जब जगा तो देखा नीलू सामान सजा कर मेरे पास ही कुर्सी पर बैठी थी.

मैं भी साजन को छेड़त थी, कभी अंग को पकड़त छोड़त थी,साजन की कमर, नितम्बों पर, कभी च्योंटी काट के दौड़त थी,साजन के उभरे सीने पर, मैंने दंताक्षर री सखी छाप दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

!”और वो मुझे खाना परोसने लगीं और सामान्य तरीके से बात करने लगीं, जैसे उन्हें कुछ पता ही नहीं कि उनके साथ क्या हुआ है. ! जीजाजी शेर हो गए और हचा-हच उसकी गाण्ड मारने लगे।कामिनी बोली- जीजाजी इसकी गाण्ड जम कर मारना, सुना है इसने आपकी गाण्ड चूची से मारी थी. !वो बोलीं- मेरी क्लास में मेरा बॉय-फ्रेंड था… अबराम, हर डेट पर लंड चुसवाता था। पहले थोड़ा अजीब लगता था, पर लगातार 4 साल तक उसका लंड चूसा और फिर आदत पड़ गई और फिर शादी के बाद तेरे जीजू जब भी चुदाई करते हैं, तो मैं एक बार लंड ज़रूर चूसती हूँ और अब तो बिना लंड चूसे नींद नहीं आती।यह बात सुन कर मेरा लंड फिर खड़ा हो गया।मैंने दीदी से कहा- दीदी आप डॉगी स्टाइल में हो जाओ.

चोदो !उसने कहा- ठीक है, पर कोई परेशानी हो तो कह देना !कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected]. क्योंकि उसने इतने कम टाइम में मुझे ब्लाउज सिल कर दिया।तो उसने कहा- इसमें थैंक्स की कोई बात नहीं है, यह तो मेरा काम है।फिर उसने मुझसे कहा- मेम आप एक बार ब्लाउज को पहन कर देख लीजिए.

इसमें केवल नाम बदले गए हैं।यह कहानी मेरे और मेरे चाचा की लड़की रश्मि की है, जो मुझसे छह साल छोटी है।यह बात तब की है जब मैं 24 साल का था और वो 18 की थी।वो हमारे साथ हमारे घर में रहती थी।मैंने तब तक कभी उसके बारे में गलत नहीं सोचा था. !फिर मैंने उसका ब्लाउज खोला।उसने अन्दर काले रंग की ब्रा पहन रखी थी। अब मैंने उसकी चूचियों को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा।गिरिजा- उऊहह. !मैंने लंड को चूत पर लगा कर हल्का धक्का मारा, लंड का टोपा अन्दर गया।दीदी बोलीं- अबे हरामी एक झटके में ही अन्दर तक डाल.

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किस करने लगी।मैंने उसकी जाँघों पर हाथ फिराना शुरू कर दिया। मुझे लगा कि वो मना करेगी, पर उसने कुछ नहीं किया तो मे उसे सहलाता रहा और सहलाते-सहलाते ही उसकी चूत पर हाथ रखकर दबाया।वो सीईई…ईईई सीईईईई सीईइ नो नो… करने लगी।तो मैंने उसे पूछा- करना है या नहीं करना.

मैंने कहा- भाभी क्या कर रही हो !तो उन्होंने कहा- कुछ नहीं !और मैं फिर से लेट गया और अपनी आँखें बंद कर लीं. और ना ही चूत का ही कुछ नुकसान होता है…परन्तु बदलाव आने से… एक अलग मजा आता है और जवानी बरकरार रहती है…मैं देख रहा था… कि सलोनी के चेहरे पर एक अनोखी चमक बरकरार रहती है… यह सब उसके चंचल जीवन के कारण ही था…हम तीनों को ही खाना खाते हुए मस्ती करने में बहुत मजा आ रहा था…मैंने सलोनी को चुप कराते हुए कहा- तू चुप कर जान… मुझे भी तो पता चले. साजन ने समझी दशा मेरी, मुझको नीचे फिर किया सखीमैंने अपनी दोई टांगों को, उसके कन्धों पर ढलकाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

! हमें ताकि तुम्हारे दिल को सुकून मिले, अरे मैं तो कब से जानती हूँ पर मैंचुप रही, क्योंकि मैं भी मानती हूँ दीदी ने गलत किया, पर कहाँ लिखा है? जो पाप करे उसके घर वालों को भी सज़ा मिलनी चाहिए. मैंने झट से अपने हाथ बाहर खींच लिया और सामान्य होकर बैठ गया। आंटी भी हिलने लगीं और उठ कर बैठने लगीं। मैं डरकर सोने का नाटक करने लगा। आंटी ने अपने पैर मेरे जांघों के बीच से निकला और बर्थ से उठ कर बाथरूम की तरफ बढ़ गईं। मैं अब भी वैसे ही बैठा था। मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या करूँ… मन में सवाल आ रहे थे कि क्या आंटी सब जान रही थीं… क्या वो जानबूझ कर ऐसे पड़ी थीं…??खैर जो भी हो. देसी ब्लू सेक्ससॉरी दोस्त भाग यहीं रोकना पड़ेगा। अब आगे का हाल तो अगले भाग में ही पता चलेगा, लेकिन आज का ट्विस्ट कैसा लगा? मज़ा आया ना.

सेक्स स्ट्रोक्स को हम पंजाबन घस्से बोलते हैं, बुर को फ़ुद्दी और गांड को बुंड और बूब्स को मम्मे या मोम्मे!और मैं गश्ती नहीं हूँ बस ऐसी लड़की हूँ जिसे शौपिंग और ब्रांडेड कपडे पहनने का शौक है. चाची बोली- क्या क़र रहे हो? कहाँ जा रहे हो तुम?मैं हड़बड़ाते हुए बोला- कुछ नहीं चाची मैं तो बाथरूम जा रहा था…चाची मेरे लंड की तरफ़ देख क़र बोली- तो जा, यहाँ क्यों खड़ा है…मैं बाथरूम चला गया और वहाँ पर जाक़र हाँफने लगा, मेरी सांसें तेज हो रही थी, मैं समझ नहीं पा रहा था कि क्या करूँ.

भाभी ने अब मेरे मूसल को हाथ में लेकर मुठ मारनी शुरू कर दी, थोड़ी देर में मुझे लगा कि अब मेरा रस निकलने वाला है, तो मैंने भाभी को कहा- मेरा निकलने वाला है!तो भाभी ने उसको अपने मुँह में लिया और सारा रस पी गईं. !जूही- नहीं, साहिल भाई आरोही को चोद लेगा वैसे भी मैंने उससे चुदाई करवा ली है। अब सचिन को चूत का स्वाद दूँगीं, आप गाण्ड मारना और रेहान जी के लौड़े का टेस्ट बहुत अच्छा है। मैं उसको चुसूंगी बस…!राहुल- अरे वाह मैं अकेला आरोही को आराम से चोदूँगा, सोई हुई भी बड़ी मस्त लग रही है वो, पहले चूत से शुरू करता हूँ. वही डील डौल… वैसा ही रंग !मैं ख्यालों में खोया था और रेवती ने मेरे कपड़े उतारने शुरु कर दिये थे।मैं अब सिर्फ अंडरवियर में था… वो भी ब्रा पैंटी में.

कीर्ति दीदी को चोदने से पहले सब कुछ सामान्य था, पर कीर्ति दीदी को चोदने के बाद मेरे अन्दर बदलाव आ गया. !रेहान काफ़ी देर तक वहीं बैठा रहा और रोता रहा।उधर राहुल वापस अन्दर गया तो आरोही सोफे पर लेटी हुई थी।राहुल- हाय स्वीट सिस. ! खाने के बाद थोड़ा दूध भी पिला देना, विकास जीजू को।और हँसने लगी।यहाँ प्रिया शरमा गई और अपने चेहरे को मेरे सीने में छुपाने लगी।फिर रिया के सामने ही हमने हमारा खाना खत्म किया। रिया सारे बर्तन लेकर रसोई में चली गई।मुझे थोड़ा मजाक सूझा, तब भी प्रिया मेरी गोद में ही बैठी थी।मैंने प्रिया के कान में कहा- शोना, मुझे दूद्दू तो पिला दो.

वो हमेशा ऐसी ब्रा पहनती थी कि उसके चूचे मिसाईल की तरह लंड पर वार करते थे।मैं हमेशा से ही उसके चूचों को देखने की ताक में रहता था और जब कभी उसकी ब्रा के थोड़े से भी दर्शन हो जाते.

उन्होंने मुझे बेडरूम में लाकर बिस्तर पर लिटा दिया। फिर वो मेरी बगल में लेट गये और मेरे चेहरे को कुछ देर तक निहारते रहे। फिर मेरे होंठों पर अपनी उँगली फ़िराते हुए बोले, मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि तुम जैसी कोई हसीना कभी मेरी बाँहों में आयेगी।”क्यों? भाभी तो मुझसे भी सुंदर हैं !” मैंने उनसे कहा।होगी. पतली कमर, पिचका हुआ पेट, लम्बी टाँगें, गोल सफ़ेद चिकनी जांघें… और जांघों के बीच फूली हुई चूत का उभार खिला खिला साफ दिख रहा था…यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !यह तो नहीं पता चला कि उस पर बाल थे या नहीं.

मुझे उन्होंने बहुत मसला था।यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !मैंने दोपहर में ठीक से खाना भी नहीं खाया।रात में शौहर घर आए तब बहुत खुश लग रहे थे।खाना ख़ाकर नेट पर आए और मुझे भी पास बुलाया और चैट करने लगे।चैट पर उनको आज भी 3-4 लोग मिले. अब शायद उन्हें आजाद करने का समय आ गया था। मैंने उनकी ब्रा का हुक खोल कर उन्हें भी आजाद कर दिया।उनकी चूचियों को देखकर मैं मदहोश सा हो रहा था, मैंने उन्हें चूसना शुरू किया तो दीदी सिसक उठी. ! मैंने बैग में अच्छे कपड़े डाल लिए हैं, फोटो शूट के दौरान वही पहन लूँगी !वो दोनों बात कर रहे थे, तभी जूही आ गई। वो दोनों चुप होकर नाश्ता करने लगे।उस दौरान आरोही ने राहुल से कहा- मेरी सहेली का फ़ोन आया था, मैं वहाँ जा रही हूँ।जूही इस बात पर ज़्यादा गौर नहीं किया और बस नाश्ता करती रही।करीब 9.

मुझे भी अब मजा आने लगा था, मेरी चूत से एक अजीब से दुर्गन्ध आती है लेकिन न जाने वो लड़कों को क्यूँ मदहोश कर देती है. !मैं- ओके, मैं रिया से बोल देता हूँ कि तुम दूद्दू नहीं पीने दे रही हो।तभी रिया आई तो मैं बोला- रिया, देखो ना ये मुझे दूद्दू नहीं पिला रही है।रिया- ओए, मेरे जीजू को दूध क्यों नहीं दे रही? कोई बात नहीं विकास मैं देती हूँ रुको. मैंने कहा- भाभी, यह गलत बात है, आपने मेरे कपड़े उतार दिए और आप आपने अभी तक पहने हुए हो !भाभी बोलीं- मैंने तेरे उतारे हैं, अब तुम भी मेरे उतार दो !तो मैंने भाभी के कपड़े उतार दिए, अब भाभी मेरे सामने काली ब्रा और पेंटी में थीं, वो बहुत खूबसूरत लग रही थीं.

एचडी बीएफ एचडी बीएफ एचडी अब तेरी गाण्ड मारकर तुझे एकदम पक्की चुदक्कड़ बना देता हूँ ताकि तू कभी भी किसी को भी खुश कर सके।दीपाली- सर आप की बात तो ठीक है मगर आपका लंड बहुत मोटा और बड़ा है. आप को मेरी कहानी कैसी लगी? मैं अपने जीवन की और भी बहुत सी घटनाएँ आपसे शेयर करूँगा, फिलहाल इतना ही काफ़ी है.

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लेकिन मेरे दिमाग से निकल गई।”अब मैंने भी शर्म त्याग दी, उसकी तरफ गांड कर के आराम से खड़ा हुआ।मैंने अलमारी से टी-शर्ट निकाली और पीछे हाथ ले जाकर फ्रेंची को चूतड़ों की दरार से निकाला और बरमूडा पहना, चप्पल पहनी और बोला- यहाँ तो काफी खुले-डुले बिना टेंशन रहते होगे किसी का आना-जाना नहीं. रोज़ी ने उड़ती नज़र से मुझे देखा, बोली- अरे… इसको अंदर क्यों नहीं करते?मैं हँसते हुए- हा…हा… तुमको शर्म नहीं आती जहाँ देखो वहीं अंदर करने की बात करने लगती हो… हा हा…वो एकदम मेरी द्विअर्थी बात समझ गई… और समझती भी क्यों नहीं… आखिर शादीशुदा और कई साल से चुदवाने वाली अनुभवी नारी है…रोज़ी- जी वहाँ नहीं… मैं पैंट के अंदर करने की बात कर रही हूँ…मैं- ओह मैं समझा कि साड़ी के अंदर. …आआ… आआआ…आअहह… माइईईई मैं …त त तो गई…तभी उसने इशरत का मुँह घुमाया और ज़ोर से उसके होंठों को चूमने लगा.

मगर मुझे तो बड़ा मज़ा आ रहा था।कसम से मेरी चूत पूरी गीली हो गई थी। जब कोई 25 मिनट हो गए होंगे मुझे चूसते हुए तो मैंने रफ़्तार से मुँह को ऊपर-नीचे करना शुरू कर दिया. मैंने इस बात पर फट से हामी भर दी आखिर हामी भरती भी क्यों न, आखिर मेरी मन मांगी मुराद मुझे बिना मेहनत के जो मिल गई थी. भोजपुरी नंगी वीडियोमेरी रोशनी!हम दोनों खूब मज़ा लेते रहे। इस बीच वो तीन बार झड़ चुकी थी। अब तक मुझे 45 मिनट हो चुके थे, उसका पानी एक बार फ़िर निकलने वाला था।वो और ज़ोर से चिल्लाने लगी- फाड़ दे.

‘चलो, मैं तुम्हें रूम पर छोड़ देती हूँ, जाते जाते डिनर भी कर लेंगे… !!!’ तनीशा ने कहा…उस पर मैं बोला,’ डिनर तो करते है मेरी जान.

मैं कुछ समझी नहीं?रेहान- अरे यार… तुमको फिल्म में हीरोइन लेगा अगर ऐसा कोई सीन आएगा और तब तुम मना कर दो तो. वो काफ़ी बड़ी थी, वो थोड़ी मोटी थी। उसका साइज़ होगा करीब 36-34-38 कुल मिला कर ठीक-ठाक थी।मैं थोड़े शर्मीले मिज़ाज का हूँ इसलिए दिमाग़ में कुछ भी ग़लत नहीं आता।यह बात नहीं है कि मेरा दिल नहीं करता, दिल तो बहुत करता है, पर मेरी फटती है, इसलिए कुछ नहीं कर पाता।खैर.

! बड़ी मुश्किल से चूत का दर्द कम हुआ है।आरोही कुतिया बन गई और दोनों पैरों को फैला कर घुटनों के बल ऐसे आई कि उसकी गाण्ड पीछे को उभर आई, उसकी फूली हुई चूत भी बाहर आ गई।रेहान तो यह नजारा देख कर काबू से बाहर हो गया, जल्दी से उसके पीछे आया, लौड़े पर थोड़ा थूक लगाया और ठूँस दिया चूत में. !मैंने फिर उनकी एक टांग को हाथ में पकड़ कर ऊपर उठाया और चूत को और फैलाया और लंड डालने की कोशिश की, पर इस से भी ज्यादा फायदा नहीं हुआ। मुझे लंड को चूत की पूरी गहराई तक ले जाने में बड़ी मेहनत करनी पड़ रही थी।भाभी ने हालात की नाजुकता को समझते हुए अपनी चूत से जुड़े मेरे लंड पर थोड़ा और थूक लगाया और कहा- अर्पित पूरा लंड एक बार में डाल दो. सबसे पहले सभी प्यासी चूतों और जानलेवा लंडों को मेरे लंड की ओर से नमस्कार।मेरी उम्र 21 साल है, शरीर से पतला हूँ पर भगवान ने लण्ड काफ़ी मस्त दिया है। 7 इंच लंबा तथा 2.

मैं किसी से नहीं कहूँगा, आप मुझे बहुत अच्छी लगती हैं, क्या मैं आपको एक चुम्बन कर सकता हूँ और क्या आपकी जगह मैं आपके नीचे सहला दूँ?तो आंटी मस्त निगाहों से मुझे देखते हुए बोलीं- लो कर लो.

अपने कमरे में आकर मैं, सखी बिस्तर पर थी लेट गईबंद करके आँखें पड़ी रही, साजन के सपनों में डूब गईहर आहट पर सखी मैंने तो, साजन को ही आते पायाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. !”चमेली चाय लेकर नंगी ही अन्दर आ गई। इस बार चाय केतली में थी।चाय मेज पर रख कर अपनी चूचियों और चूतड़ों को एक अदा से हिलाया मानो कह रही हो ‘मंगता है तो राजा ले ले… नहीं तो. उसी स्थिति में आशीष ने मेरे हाथ पलंग के कोनों से बांध दिए।कुछ देर के बाद मेरी चूत दुबारा गीली हो गई मेरा शरीर भी अब मेरे हिसाब से नहीं चल रहा था। मन बहुत खिन्न हो रहा था कि बेल्ट की एक तेज चपत मेरे कूल्हों पर पड़ी.

लड़का लड़की नंगेउसके मुँह से बस आऽऽह…ऽऽ आऽऽ ऊऽऽऽ… म्म्मऽऽऽ आऽऽऽ लव यू जान, मेरे असली मर्द… म्म्मम्म्म्म… आआआअ… यही आवाजें निकल रही थी. 80 से कम में नहीं बेचेंगे।वो महिला बहुत खूबसूरत और सेक्सी थी जबकि उसका पति उसके मुकाबले काफी मोटा था।महिला का फिगर 38-32-38 होगा। उस समय उसने गुलाबी रंग का सूट पहन रखा था और बाल खुले छोड़े हुए थे।उसके मम्मे पूरे तने हुए थे और सफ़ेद नेट वाली ब्रा भी नज़र आ रही थी। यानि कोई देख ले तो उसी समय उसका लण्ड खड़ा हो जाए।मैंने कार का 1.

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मैंने कहा- अब काम हो चुका है तुम्हारा! थोड़ा और बर्दाश्त कर लो बस!और उसके होंठ चूसता रहा, साथ ही सोचता रहा कि एक बच्चे की माँ है और खून?पर मुझे चोदने से मतलब था. संता आँखे बंद किये तपस्या कर रहा था।भगवान प्रकट हुए और बोले- वर माँगो वत्स !संता ने फटाक से आँखे खोली और प्रणाम करके चलने लगा।भगवान ने आवाज लगाई- …वर तो लेते जाओ वत्स !संता- नहीं जी नहीं ! पहली बात तो यह कि मुझे वर नहीं वधू चाहिए !दूसरी यह. मुझे नहीं पता यह क्या बक रही है…मैं- हा हा हा हा… मुझे पता है जान…मैंने मधु को और भी अपने से चिपका कर उसकी जांघों की जड़ तक अपना हाथ पहुँचा दिया… आश्चर्य जनक रूप से उसने अपने दोनों पैरों को खोल एक गैप बना दिया…मेरी उँगलियों ने एक बार फिर उसकी कोरी छोटी सी चिकनी फ़ुद्दी को सहलाना शुरू कर दिया…मैं- मेरी प्यारी बच्ची… वो जो डॉक्टर है ना सुई लगाने से पहले.

तुम हमेशा मेरे पास रहतीं, पर अफ़सोस तेरी किस्मत बहुत खराब है तुमने मेरे साथ जो किया है उसका इतना भयानक बदला लूँगा कि तेरी रूह भी कांप जाएगी। अब तूने जो किया है इसका अंजाम तो तुझे भुगतना ही होगा। अब देख मैं तेरे साथ क्या-क्या करता हूँ। तुझे मैं कठपुतली की तरह नाच नचाऊँगा. मैं अपना लंड सहलाता रहता था।वो दिन आ ही गया 12 वें महीने की 18 तारीख को नीतू आंटी के भाई के लड़के की शादी थी. !”रुक्कको मेरी चुदासी राआनी मैं भीईए आआआआअ रहा हूँ…!” जीजाजी ने दस-बारह धक्के लगा कर मेरी बुर को अपने गरम लावा से भर दिया। मेरी बुर उनके वीर्य के एक-एक कतरे को चूस कर तृप्त हो गई।मेरे चूचियों के बीच सर रख कर मेरे ऊपर थोड़ी देर पड़े रह कर अपने सांसों को संयत करने के बाद मेरे बगल में आकर लेट गए और मेरी वीर्य से सनी बुर पर हाथ फेरते हुए बोले- हाँ.

एक्सीलेंट…ऐसे बहुत सारे भद्दे कमेंट्स पढ़ कर मुझसे रहा नहीं गया।मैंने सलीम से पूछा- ये सब क्या हो रहा है?वो हँसने लगा और मुझसे बोला- डियर तेरे लिए एक अच्छा मर्द ढूँढ़ रहा हूँ। threesome के लिए।मैं बोली- ये threesome क्या है?वो बोला- मेरे सामने कोई और मर्द तेरे साथ चुदाई करेगा और मैं मज़े से देखूँगा।मैं यह सुन कर गुस्सा हो गई और बोली- छि:. मैं जब छठी में था वो सातवीं में थी पर गाँव के बच्चों की उम्र का अंदाजा लगाना बड़ा मुश्किल है।मुझे बोलती थी- रवि, तुम इतने गोरे कैसे हो?और मैं कहता था- क्योंकि मेरी मन गोरा है।अच्छा, तुम्हें अच्छा कौन लगता है?”उम्म… सबसे छोटे वाली भाभी !”अरे, वो क्यों?”क्योंकि वो जब मुझे ‘आप’ बुलाती है और मुझसे गाँव की लड़कियों की बातें करती है तो मुझे पेट में गुदगुदी होती है।”ओहो, किस तरह की बातें करती है?”. ।थोड़ी देर बाद हम उठे और बाथरूम में एक साथ नहा कर बाहर आए।सुबह के करीब आठ बज गये थे और तभी पापा का कॉल आ गया तो मुझे मैम के घर से जाना पड़ा।जाते वक्त मैंने मैम को चूमा और चला आया।अपनी राय मुझे लिखें !.

मैं उनके कमरे में गया तो लैपटॉप पर इन्टरनेट चल रहा था जिस पर अन्तर्वासना की साईट खुली थी और भी एक साईट मिनीमाइज थी जो पोर्न मूवी की थी. जिसे मैडी ने लपक लिया और उसकी खुश्बू सूंघने लगा। दीपाली के जिस्म की महक उसको और पागल बना गई थी।अब दीपाली ने स्कर्ट को नीचे करना शुरू किया। जैसे-जैसे स्कर्ट नीचे होरहा था.

फंस जाता तो फंस जाता। जो होना है होगा पर इस समय चुदाई में ध्यान लगाओ मेरी रानी…! आज चुदाई ना होने से मन बड़ा बेचैन था, उससे ज़्यादा तुम्हारा राज जानना चाहता था …! अब चोदने का मज़ा लेने दो.

! चूत पर एक भी बाल नहीं था।उसकी गुलाबी चूत का पानी पीकर आनन्द आ गया।उसकी चूत बिल्कुल सील बंद थी और मेरा लंड भी सील पैक था।मैंने उससे अपना लण्ड चूसने को कहा तो उसने बिना मना किए मेरा लण्ड चूसना शुरू कर दिया।क्या मज़ा आ रहा था. गांव की सेक्सी देसीइरफ़ान बोलने लगा- हाँ तो मैं कह रहा था कि एक पुरुष और एक महिला…लेकिन पप्पू ने फिर से बेताबी से हाथ हिलाना शुरू कर दिया. ஹிந்தி நடிகை செக்ஸ் வீடியோकहानी का पिछला भाग:कड़क मर्द देखते ही चूत मचलने लगती है-1मैं सलाद काटने रसोई में गई, तभी मौसा जी आए। मेरे पीछे खड़े हो गए, मेरा ध्यान सामने था। जब मैं मुड़ी. मैं रसोई में काम कर रही हूँ।मेरा लंड खड़ा था, रेनू मेरे कमरे मैं आई दरवाज़े पर खड़ी हो कर मेरे लंड को निहारने लगी। जैसे बरसों पुरानी चाहत पूरी होने जा रही हो।रेखा की आवाज़ आई- रेनू… जगाया या नहीं.

रेहान आह… कुछ करो न… मेरा जिस्म गर्म हो रहा है…!रेहान पागलों की तरह आरोही पर टूट पड़ा उसके निप्पलों को चूसने लगा और मम्मों को दबाने लगा।आरोही-.

हैलो दोस्तो, मेरा नाम पिंटो है, मैं मुंबई का रहने वाला हूँ। यह कहानी अंतर्वासना पर मेरी पहली कहानी है।मेरी तरफ से आप सभी के लंड और चूत को मेरा नमस्कार।यह कहानी लड़कियों और भाभी की चूत में पानी लाएगी और मर्दो का लंड खड़ा हो जाएगा।पहले मैं अपना परिचय देता हूँ, मैं 22 साल का लड़का हूँ, मेरा बदन स्लिम है, लेकिन मेरा लंड 8′ लंबा और 2. !मैंने दीदी से गाण्ड ढीली छोड़ने को कहा।गाण्ड ढीली होने पर मैंने जीभ अन्दर डाल दी और अन्दर से चाटने लगा। जीभ को चारों तरफ घुमा कर मैंने 15 मिनट तक गाण्ड चाटी फिर मैंने पीछे से सर अन्दर डाल कर चूत को मुँह में भर लिया।और दीदी से बोला- दीदी थोड़ा मेरे मुँह में सुसू करो ना. पिंकी सेनहैलो फ्रेन्ड्स, लो आप मुझे याद कर रहे थे और मैं आ गई। लीजिए आपकी खिदमत में पेश है आज का गरमागरम भाग…अब तक आपने पढ़ा…रेहान और राहुल जूही के बारे में बात कर रहे थे। रेहान बोलता है कि जूही कुँवारी है या नहीं आज चैक करेंगे…अब आगे…राहुल बड़ी बेचैनी से बोला- ओके ओके.

कहो क्या है…!रेहान- जब राहुल को पता चलेगा कि तुम ऐसी फिल्म कर रही हो तो वो मेरे बारे में क्या सोचेगा…!आरोही- अरे नहीं रेहान जी. तभी तो हीरोइन बनोगी…!अब आरोही भी रेहान को चुम्बन करने लगी थी और रेहान कपड़े के ऊपर से ही आरोही के निप्पल चूसने लगा था। आरोही बहुत गर्म हो गई थी। उसकी चूत में खुजली होने लगी थी, वो बार-बार अपने हाथ से चूत को सहला रही थी।रेहान- ऐसे ही जान. !दीप- घबराओ नहीं कविता बस थोड़ी तकलीफ के बाद मजा ही मजा है, तुम बस मेरा साथ दो और फिर आप को तो पोर्न स्टार की तरह चुदना है।कविता- ठीक है.

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? चल अब चूत का मज़ा लेने दे आजा मेरी जान…विकास ने प्रिया के सर को पकड़ कर लौड़े से हटाया और उसके चेहरे पर नज़र पड़ते ही उसके होश उड़ गए।प्रिया भी एकदम से घबरा गई. वहाँ कुछ है आपको बताने लायक।चाय की एक छोटी सी दुकान के बाहर मैडी और सोनू बैठे थे और चाय की चुस्की ले रहे थे।सोनू दोपहर की बात मैडी को बता रहा था।मैडी- साले तू अन्दर घुस गया. मैं- किस चीज़ पर मारते हो?जय- कपड़े या पेपर पर या फिर बाथरूम में हगते या नहाते वक़्त!मैं- किसी को नंगी देखा है?जय- हाँ, दीदी को देखा है, एक बार जब वो हगने गई थी तब उसकी गांड देखी थी, गोरी गोरी गांड थी.

!मैंने बोला- कुछ नहीं बस अपने काम के अलावा मूवी देखता हूँ।उसने कहा- कोई नई पिक्चर है क्या? मैंने बोला- हाँ… धूम-2 है।उसने बोला- दिखाओ न.

इसमें क्या बुराई है। तुम ही तो निकाह के पहले से ही मुझ से चुदवाना चाहती थी !” उनके मुँह से इस तरह की गंदी बातें सुन कर मैं शर्म से गड़ गई।जी…जी वो.

आ जा चूस मेरे रसीले होंठ…बस दोस्तों आज के लिए इतना काफ़ी है। अब आप जल्दी से मेल करके बताओ कि मज़ा आ रहा है या नहीं. आह” करने लगी। उसने टाँगें ऊपर उठा कर मेरी कमर पर जकड़ दीं। मैंने मेरी स्पीड कम कर के उसके आमों को दबा कर होंठों से चूसा और उसके होंठों पर अपने होंठों को ले गया, उसने मेरा होंठ काटातो मुझे जोश आया।मैंने अपनी गति बढ़ाते हुए जोर-जोर से धक्के देने लगा। मनु कभी सिस्कारती कभी आ आ आह. सेक्सी एक्स एक्स एक्स वीडियोIs it my inside afraid only or I can improve my stamina by some way…??Can you guide me…??Thanks and Regards.

!लंड भाभी की चूत के बाहर खड़ा है, चोदना मुझे भी है और चुदना भाभी भी चाह रही है, पर मुझे लगा अभी जल्दी है थोडा फोरप्ले और होना चाहिए।अब मैंने उनको अपने बांहों में उठा लिया और ले जाकर बेड पर लिटा दिया और उन्हें चूमने लगा।वो बोलीं- चूमा-चाटी में ही टाइम ख़राब करोगे या कुछ आगे भी करोगे?मैं उनके दोनों स्तनों के चूचकों को चूसने लगा था और वो जोर-जोर से, आह…हह. सोनू जल्दी से बिस्तर के नीचे आ गया और लौड़ा दीपाली के होंठों के पास ले आया।मगर दीपाली ने होंठ सख्ती से भींच लिए।सोनू- अरे क्या हुआ. तो दोस्तों इन सब सवालों के जवाब आपको अगले भाग में मिल जाएँगे। तो पढ़ते रहिए अन्तर्वासना की कहानियों को और मज़ा लेते रहिए।मेरी आईडी[emailprotected]gmail.

अब मैं भी थोड़ा खुला अपनी कुर्सी को उनसे सटा कर बैठ गया, उनका हाथ अभी भी मेरे हाथ मैं था- आप की मज़बूरी मैं समझ सकता हूँ. सी ने कहा था। तब उस डिब्बे में कोई भीड़ नहीं थी, मैं एक खिड़की वाली साइड बैठ गया। मेरी गांड गीली गीली सी हुई थी, उसको देने के बाद जल्दी से लोअर पहन लिया था।बैग को ऊपर रखा और मैं बाथरूम में घुस गया, रुमाल से अपनी गांड को साफ़ किया और वापस सीट पर बैठ गया।करते करते ट्रेन जालंधर पहुँच गई, वहाँ से काफी सवारियाँ चढ़ी, मुझे काफी डर भी था, बैठ तो गया, अब क्या सेवा पानी लेकर टी.

मेरे चाचा बड़े ही सीधे हैं, वो किसी से ज्यादा नहीं बोलते, न ही किसी के साथ आते जाते, इसलिए वो भी मुझे ही काम से घर बुलाते रहते थे.

मैंने धक्के लगाने शुरू कर दिए तो वो और चिल्लाने को हुई तो मैंने उसके मुंह पर हाथ रख दिया और जोर जोर से चोदने लगा. भाभी बहुत ही गर्म हो चुकी थीं, उनकी सांसें बहुत गरम और तेज़ निकल रही थीं और मैं भी पूरे जोश में आ चुका था. दीदी जलन में अंधी हो रहीथी और आप बदले की भावना में अंधे हो रहे हो।रेहान- चुप कर कुत्ती… सिम्मी मेरी जान थी…!जूही- अरे तो उसकी मौत का कितना बदला लोगे… हाँ… हम दोनों बहनों की इज़्ज़त आपने दांव पर लगा दी.

সেক্সি বিপি ভিডিও उसकी चूत एकदम साफ और चिकनी थी… मुझे उस दिन की याद आई और मैंने सीधा उसकी चूत पर मुँह रख दिया… इधर मैं चूत और उधर हरीश मम्मे चूस रहा था. ! कामिनी के यहाँ नहीं चलना है क्या?जीजू बोले- जब अपने पास साफ-सुथरा लैंडिंग प्लेटफॉर्म है, तो जंगल में एयरोप्लेन उतारने की क्या ज़रूरत है.

मैंने हिसाब लगा लिया कि एक घंटे में मैं दीदी को चुदवाने के लिए राज़ी कर लूँगा और फिर 4 घंटे तबियत से चोदूँगा इस लंगड़ी कुंवारी घोड़ी को. हनी बोली- हेलो हैदर ! कहाँ खो गए? अंदर आने को नहीं कहोगे?‘हाय ! आओ !”हनी अंदर आई, मैंने गेट बंद किया और अंदर आ गया. मैंने चूत को थोड़ा सहलाया, फिर उसके सलवार को उतार दिया और वो मेरे सामने केवल ब्रा और पेंटी में खड़ी थी.

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! मुझे डर लगता है कहीं मेरे पेट में कुछ …!”अब मैं समझ गया था कि वो क्यों डर रही है, मैंने उसको जोरदार चुम्मी ली और कहा- जो लड़कियाँ हर रोज अपने बॉय-फ्रेंड से चुदती हैं. !”इस पर चमेली व्यंग्य करती हुए बोली- जब दूसरे की में गया तो भूस में गया और जब अपनी में गया तो उई दैया. !मैंने उसे उसके दोनों हाथ को साइड में रखी टेबल पर जमा दिए और बोला- अब थोड़ा झुक जाओ।फिर मैंने उन्हें डॉगी-स्टाइल में खड़ा कर दिया और पीछे से उनके दोनों स्तन को पकड़कर मसल डाला और अपना लंड उनकी दोनों जाँघों के बीच में डालकर अपने लंड को उनकी चूत पर थोड़ा रगड़ा और उसे गर्म किया।फिर मैंने अपना पूरा लंड एक ही झटके में अन्दर डाल दिया और मेरे हाथ उनके स्तन को मसल रहे थे, निप्पलों को पकड़ कर खींच रहा था.

मैंने लण्ड को मुँह से निकाला तो देखा लण्ड कोई 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा था, मैंने फिर से मुँह में ले लिया. मेरी पत्नी सुनीता अत्यंत ही सुन्दर और आकर्षक है और इतनी मादक और सुडौल जिस्म की है कि देखने वाला देखता ही रहता है.

क्या किया डॉक्टर ने…सलोनी अपने चेहरे को नीचे कर खाते हुए ही आँखें ऊपर को चढ़ा हम दोनों को घूर रही थी… उसके चेहरे पर कई भाव आ जा रहे थे…उसके चेहरे के भाव देख मुझे लग रहा था कि जरूर कुछ अलग राज़ खुलने वाला है… क्या डॉक्टर ने मेरे पीछे सलोनी की चुदाई की थी… वो भी मधु के सामने???क्या इसीलिए सलोनी मधु को मेरे इतना पास ला रही है…मैंने अपने सीधे हाथ से मधु की नंगी.

‘हाँ…पर बाथरूम में कुछ पिनें पड़ी थीं तो लगा लीं!’ दीदी कह कर घूम गई जिससे मैं उनकी स्कर्ट पर लगी पिनें देख सकूँ. प्लीज़ दोपहर को मुझे अपनी सहेली के यहाँ जाना है, आज वहाँ लंच के लिए मुझे बुलाया है, बाकी सब सहेलियाँ भी आ रही हैं।राहुल- नो. !रेहान- पीछे के गेट से ले आ और हाँ गेट में एंटर करके लेफ्ट साइड से आना, थोड़ी दूर बेसमेंट का गेट है, उनको वहाँ ले आ, मैं और साहिल वहीं आते हैं ओके…!सचिन- ओके, भाई बस पाँच मिनट में आया।रेहान साहिल को सब समझा देता है और खुद वापस नीचे के रूम में जाता है, जहाँ तीनों रेडी हो रहे थे।रेहान- गुड मॉर्निंग… सेक्सी गर्ल्स…!हे गुड मॉर्निंग.

बस खोलने ही वाली थी कि विकास भाग कर उसके पास आ गया।विकास- रूको पहले मुझे देखने दो बाहर कोई है तो नहीं ना?प्रिया साइड में हो गई. मेरी चूत से लगातार रस टपक रहा था और अब बर्दास्त के बाहर था। मैंने नाईटी निकाली जो में रात को पहनती हूँ. अपने एक साथ क्यों डाल दिया आ आह…!रेहान अगर आरोही को बोलता कि अभी उसका आधा लौड़ा भी नहीं गया तो वो फिर से चिल्लाने लगती, इसलिए उसने झूट कहा।रेहान- जान, सॉरी लेकिन पूरा नहीं गया है बस थोड़ा सा और है पर तुम फिकर मत करो मैं बस इतने से ही तुमको आराम-आराम से चोदूँगा…!आरोही- आअ.

साजन बेसुध सा सोया था, मैंने अंतःवस्त्र उतार दियादस अंगुल के चितचोर को फिर, मैंने मुख माहि उतार लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

एचडी बीएफ एचडी बीएफ एचडी: अब बैठो, कुछ जरूरी बात करनी है।दोनों सोफे पर बैठ गए, आरोही बहुत उत्साहित थी, उसका चेहरा खिला हुआ था।रेहान- हाँ तो जान. और रेहान की कल्पना करके उनका आज जल्दी ही पानी निकल गया।पता नहीं लेकिन मेरे सामने भी रेहान बार-बार आने लगा, मुझे भी उसका क्यूट फेस याद आने लगा।अगले दिन भी हमारी फिर से चैट हुई… आज मैंने 10 मिनट तक रेहान से बात की.

अब बोल ऐसा कौन सा जरूरी काम है जो तूने अर्जेंट बुलाया है?राहुल- अरे यार तू गाड़ी चला, बस मैं बताता हूँ सब. भाभी ने अब मेरे मूसल को हाथ में लेकर मुठ मारनी शुरू कर दी, थोड़ी देर में मुझे लगा कि अब मेरा रस निकलने वाला है, तो मैंने भाभी को कहा- मेरा निकलने वाला है!तो भाभी ने उसको अपने मुँह में लिया और सारा रस पी गईं. हर समय विनोद का ही पकड़े रहती थीं… पता है उस समय मेरे इस पर क्या गुजरती थी…??सलोनी- अच्छा तुम ही हर समय वहीं घुसे रहते थे.

डिलीवरी से पहले डॉक्टर ने गर्भवती औरत से पूछा- क्या आप डिलीवरी के वक़्त बच्चे के बाप को अपने पास देखना चाहती हैं?औरत- नहीं नहीं बिल्कुल नहीं…उन पर पहले ही मेरे पति बहुत शक करते हैं…!!!.

मेरी भाभी मुझ से बहुत मजाक करती थीं, वो पहले से ही चालू थीं, लेकिन मैंने उनको कभी गलत निगाह से नहीं देखा था. घर आकर सबसे पहले बाथरूम में गया ! बताने की जरूरत नहीं है कि क्यों?अंदर जाते ही अपना सात इंच लंबा लंड हाथ में लिया, बल्ब कि रोशनी में चमकता एकदम लाल सुपारा और भाभी की चूत का चीरा यह सब उत्तेजना वाली चीजों के बारे में सोच कर भाभी के नाम की मुठ मार ली. मेरे एक चोदू ने मुझे बताया था जब मुझे ऑर्गनस्म आ रहा था तब उसने चूत के अंदर उठने वाली संकुचन को महसूस किया था, उसने कहा था कि उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसका लंड चूत में फंस गया था और फिर एक तेज़ बहाव आया, जिसे पानी छोड़ना कहते हैं.