बंगाली बीएफ दीजिए

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!उसने सिसकारती आवाज़ में कहा- आपको रोका किसने है सर … मैं तो कितने दिनों से यही चाह रही थी …उसका इतना कहना था कि मैंने अपने होंठ उसके नर्म मुलायम होंठों पर रख दिये और दोनों हाथों से उसके स्तनों को मसलने लगा. किन्नर की चुदाई का वीडियोमैंने मालिक को आवाज़ लगाई तो परदे के पीछे कुछ हड़बड़ाने जैसी आवाजें आई और थोड़ी ही देर में दुकानदार लुंगी पहने आया.

बबलू ने मेरा पेटिकोट ऊपर सरकाया, नीचे बैठकर अपने चाचा की नकल उतारते हुये मेरी चूत को चाटा फ़िर पीछे से कमर पकड़कर चोदने लगा. देहाती लुगाई की चुदाईओह! शायद अमीरजादे ने मेरी मेम का दिल तोड़ दिया…मैंने अपनी मेम को बेड पर लेटा दिया और उनकी मस्त मस्त चूची दबाने लगा…ओह्ह राजू धीरे धीरे से करो.

हमारे घर के ठीक सामने वाले कमरे में अजीत अंकल रहते थे, वो बंगाल से रायपुर काम करने आए थे.बंगाली बीएफ दीजिए: फिर हम लोग बिस्तर पर लेटे, मैंने उसे बातो-बातो में छुआ तो उसने कोई विरोध नहीं किया.

कंडोम के बिना नहीं!मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था, मैं तुरंत उठा, कपड़े पहने और होटल के बाहर एक दुकान से ‘बनाना फ़लेवर’ का कंडोम लिया और एक दाढ़ी बनाने वाला रेज़र क्योंकि मैंने अपनी झांट नहीं बनाई थी.जब लन्ड को चूत में घुसा कर असली चुदाई होती है, चुदाई करते करते जब लंड अपना पानी छोड़ता है और साथ में चूत भी पानी छोड़ती है तब बच्चा होने की संभावना होती है और अक्सर समझदार लोग चोदने के बाद झड़ने के समय लंड चूत से निकल के झाड़ते है, जैसे मैंने मुठ मार के किया.

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मैं किसी से कुछ नहीं कहूँगी ! मुझे जाने दो……पर सोमा ने मेरे होठों पर अपने होंठ भीच लिए और मेरी जीभ चूसने लगी……….क्यूँकि मेरी चूत की प्यास मेरे भाई ने बुझा दी थी…मैंने कहा- नहीं ! मुझे नहीं चुदवाना…उसने मुझे बेड पे पटक दिया और मेरे ऊपर लेट गया मेरे दोनों हाथों को अपने दोनों हाथों से कस के पकड़ लिया ताकि मैं हिल ना सकूँ और फ़िर मुझे किस करने लगा….

प्रेम गुरु और नीरू बेन को प्राप्त संदेशों पर आधारितप्रेषिका : स्लिम सीमामुझे आते देख कर वह जल्दी से खड़ा हो गया और मुझे बाहों में भर कर नीचे पटकने लगा।ओह. बंगाली बीएफ दीजिए कोई भी परेशानी हो तो आप मुझे आवाज़ लगाइएगा, मैं तुरंत आ जाऊँगा।ज़ाहिरा हँसते हुए बोली- हैं.

हम दोनों पूरे जोश में थे, सब कुछ भूल चुके थे कि हम कहाँ हैं, हमारा रिश्ता क्या है और समय क्या हुआ है.

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वो मेरे घर से काफ़ी दूर था।अगर तुम्हें आना हो तो ४ बजे शाम को आ जाना… मेरा पता ये है. आज की मेरी कहानी भी ऐसी ही एक शादीशुदा औरत की है जिसे चुदवाने की तो बड़ी इच्छा होती है लेकिन वो कभी किसी से भी बात नहीं कह सकी …. मैंने उनके गाल पर चूम कर उन आँसुओं को अपने होंठों से पी लिया और अपनी बाहों में भर लिया.

मस्ती में आ रीटा अपनी चिकनी चूत और गाण्ड को भींचने और खोलने लगी तो बहादुर ठगा सा टकटकी बांधे शहर की लौंडिया की कयामत सी खूबसूरत, तन्दरूस्त, पनीयाई हुई और गुलाबी सुकड़ती फैलती चूत और गाण्ड देखता रह गया. मैं बार बार उसके गाऊन में से उसके मम्मे देखने की कोशिश में लगा था। उसका ध्यान भी इस तरफ चला गया और वो मुस्कुराती हुई बोली- क्या बात है पाटिल जी…? आपकी नीयत कुछ गलत लग रही है आज…?मैं भी दारू के नशे में ज़रा बिंदास हो चला था इसलिए बोल पड़ा- अरे यार, तुम चीज़ ही ऐसी हो. अब मैंने कहा- मामी, अब आप उल्टी हो जाओ, मैं आपको डौगी स्टाइल में चोदूँगा।मामी पेट के बल लेट गई, मैंने उनकी चूत में डाल कर ऐसा झटका मारा कि उनकी चीख निकल गई, वो बोली- कुत्ते ! कुतिया स्टाइल में चोद रहा है तो क्या कुत्ता बन कर चोदेगा क्या ? आराम से कर राजा ! अब तो मैं सिर्फ तेरी हूँ !थोड़ी देर करने के बाद मामी ने कहा- वासु, अब मैं झड़ने वाली हूँ ! बस आआअ….

उसके कारण आज मेरा इज़हार फिर अधूरा रह गया… उसकी वासना की वजह से मेरे निस्वार्थ प्रेम की बलि चढ़ रही थी… और मैं कुछ नहीं कर पा रही थी… पर मन ही मन रश्मि को सबक सिखाने का फैसला ले चुकी थी. वो मेरे गोलवे दबाते रहा और चोदता रहा… मुझे बहुत मजा आया…फ़िर मैंने उसे खड़ा किया और मैं उस पर चढ़ गई और धक्के लगाने शुरु कर दिए… वो मेरे कूल्हे दबाने लगा। मैंने उसकी उन्गली अपने मुँह में ले ली और पूरी भिगो दी और उसे कहा- भोला, यह उन्गली मेरी गान्ड में डालो !उसने पूरी उन्गली मेरी गान्ड में डाल दी। मेरे मुँह से आवाज निकली- आ…आ…आ…वो बोला- मैं झड़ने वाला हूँ !मैंने कहा- मैं भी…. ’कहते हुए मैंने बहुत जोर से अपना लंड उसकी चूत की गहराई में धकेल दिया जड़ तक और उसे दबा कर पिचकारी से मेरा लावा उसकी चूत में डालने लगा.

क्योंकि मैं डर रहा था इसलिये पहले मैंने पूरे घर का एक चक्कर लगाया यह कह कर कि पहले तुम्हारा घर तो देख लूँ. दैया री, इतना मोटा… मम्मी तो बहुत खुश हो जायेगी, देखना! और ये काली काली झांटें!” गौरी लण्ड को सहलाकर बोल उठी.

सी और चाटो मेरी गांड और अन्दर तक प्लीज़ और फाड़कर चाटो ! वो बोली।मैं जितनी जबान गांड में डाल सकता था, डाल कर गांड का रस चाटने लगा।वो खूब चूतड़ उठाने लगी है, यह देख कर मैंने डिब्बे से अंगुली भर ग्रीस निकाली और उसकी गांड में भर दी।हाय राजा लंड डाल दिया क्या …? वो बोली।अभी कहाँ मेरी रानी ! अभी तो गांड को चिकनी और ढीली कर रहा हूँ.

यह सुन कर मुझे शर्म आने लगी और मैं कमरे से बाहर आ गया और रोने लगा क्योंकि आज तक कभी मुझे कोई भी लड़की शादी लायक नहीं लगी थी और जब लगी तो वो भी मजाक निकला.

अब मैं उसे मेरे दोस्तो से चुदवाता हूँ और वो मेरे लिये नई नई आण्टियाँ चोदने के लिये दोस्ती कराती है. तुने मेरे ऊपर पेशाब किया है ना…’रोहित ने अपना लण्ड तुरंत बाहर निकाला और जोर लगाया… फ़िए एक झटके से लण्ड को मेरी गाण्ड में पेल दिया।‘कुत्ते… हरामी. जैसा कि मैंने आपसे कहा था, मैं पलक और अंकित की अधूरी कहानी लेकर आप के सामने हाजिर हूँ.

मेरी शादी हुए दो साल हो चुके हैं। मेरी पढ़ाई बीच में ही रुक गई थी। मेरे पति बहुत ही अच्छे हैं, वो मेरी हर इच्छा को ध्यान में रखते हैं। मेरी पढ़ाई की इच्छा के कारण मेरे पति ने मुझे कॉलेज में फिर से प्रवेश दिला दिया था। उन्हें मेरे वास्तविक इरादों का पता नहीं था कि इस बहाने मैं नए मित्र बनाना चाहती हूँ। मैं कॉलेज में एडमिशन लेकर बहुत खुश हूँ। मेरे पति बी. ‘मस्त लम्बा है साला!’ कहते हुए उन्होंने मेरे लण्ड को ऊपर से नीचे तक हाथों से मल दिया. हम दोनों एक दूसरी की हमराज़ हैं मुझे सब पता रहता है कि आजकल उसका कितने लड़कों से चक्कर है किस किस से चुदवाती है और उसको मेरा सब कुछ पता रहता है.

फिर शराब का सहारा किस लिए ? वैसे भी डॉक्टरों का मानना है कि शराब लिंग के लिए उत्तेजक नहीं बल्कि एक अवरोधक का काम करता है। शराब के बाद पुरुष सेक्स के बारे में बातें तो बहुत कर सकता है पर उसकी पौरुष शक्ति कमज़ोर हो जाती है और कई बार वह सम्भोग में विफल भी हो सकता है।हाँ, एक और बात….

उसने मुझे सीधा किया और अपने दोनों होठ मेरे होंठों पर रख दिए और उन्हें बेदर्दी से चूसने लगा. वो हाल में आगबबूला हो मेरा इन्तजार कर रहा था… उसकी अधीरता उसके एक दिशा से दूसरी दिशा तक चलने से पता लग रही थी…. फिर वो पेड़ का सहारा लेकर घोड़ी बन गई और मैंने अपना लंड पीछे से उसकी चूत में डाल दिया.

कुछ दिन बीतने के बाद हमारी बातें होनी शुरू हो गई, वो मुझसे मेरे कॉलेज के बारे में पूछती थी या कोई छोटा मोटा काम बता दिया करती थी, पर मेरा मन तो हमेशा भाभी की चूचियों पर अटका रहता था और हमेशा उसको चोदने के बारे में सोचता था. ज़ब हम गेट के पास पहुँचे तो उसने फिर से मुझे पकड़ लिया और एक प्यारी सी पप्पी दी और बोली- अगली बार और मजे करेंगे. मेरी आनन्द से भरी सीत्कारें कमरे के माहौल को और कामुक बनाने लगी… मेरा हाथ खुद ब खुद उसके बलिष्ठ शरीर से फिसलता हुआ उसके कूल्हों पर जा पहुँचा … मैं उसकी गोलाइयाँ मसलने लगी…अच्छा जी…!!! यह बात.

मैं तड़प उठी…मैंने अपने हाथ से एक लण्ड छोड़ राजा के हाथ पर हाथ रख दिया और जोर-जोर से भींचने लगी.

जब मैंने उसको सहलाया, तब 1-2 मिनट बाद बोली- आज के बाद मैं तुम्हारा चेहरा भी नहीं देखना चाहती…मैंने उसको बताया- जान, पहली बार में तो दर्द होता ही है… देखो पूरा चला गया है अब दर्द नहीं, बस मज़ा है…. फ़िर कुछ देर बाद मैंने सोनम की पेंटी उतार दी और उसकी चूत के दाने पर अपनी जीभ फिराने लगा.

बंगाली बीएफ दीजिए मुझे कुछ अजीब सा लगा, क्यूंकि आमतौर पर ऐसे काम करते वक़्त लोग सारे काम धीरे धीरे और शांति से करते हैं. वो आ…ह कर उठी और बोली- चू…स खा…ली कर दे! काट! सेब क्या इतने आराम से काटते हैं?यह सुन कर मुझे भी जोश चढ़ गया और मैं जोर जोर से उसके मोमों को चूसने और काटने लगा.

बंगाली बीएफ दीजिए उस दिन तो डर के मारे सिकुड़ गया था पर आज नरम नरम चूतड़ो का स्पर्श पा कर, चूत की खुशबू पा कर कैसा फ़ड़फ़ड़ाने लग गया था. इतने में मेरी सांस फूल गई और मैं बाहर आ गया…नेहा से दूर…उसके चेहरे की तरफ़ देखा तो पाया कि वो बेचैन सी थी… शायद मैं अधूरा काम करके आ गया था….

उस वक्त मैं सिर्फ अन्डरवीयर और बनियान में था इसलिए मेरा खड़ा लण्ड साफ़-साफ़ दिखाई दे रहा था.

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एक दिन फिर उसने मुझे कॉल किया और कहा कि आज उसे घर जल्दी जाना है इसलिए क्या मैं उसे छोड़ सकता हूँ?मैं उस दिन ऑफिस नहीं आया था पर मैंने कहा कि हाँ जरूर! आपके ऑफिस के पास आकर आपको कॉल कर दूंगा और उनका नंबर सेव कर लिया. उस दिन अमित ने मुझे तीन बार चोदा और उसके बाद सैकड़ों बार!आज मैं छब्बीस साल की हो चुकी हूँ, अमित से चुदते-चुदते छः साल हो चुके हैं और शायद बाकी ज़िन्दगी भी अमित से ही चुदवाना पड़े क्योंकि कंजूस प्रवृति के मेरे पापा शायद मेरी शादी कभी नहीं कर पायेंगे. की मीठी सीत्कार सुनकर वो और भी जोश में आ जाता था। मैं तो यही चाहती थी कि ये सिलसिला इसी तरह चलता रहे पर आखिर उसके लंड को तो हार माननी ही थी ना ?मेरी रानी ….

पहले तो हम कोई भी घर जाने को तैयार नहीं थे पर बहुत कहने पर मैं, मेरी बहन और अनीता दीदी मान गए, अनीता मेरी मुँहबोली बहन का नाम था. दूध सा सफ़ेद गोरा स्तन और बीच में गुलाबी चुचूक देखते ही मेरी जीभ लपलपाने लगी और फिर मैं दोनों हाथों से उसकी चूची को मसलने लगा…वो मदहोश होने लगी, उसकी आँखें बंद हो गई. सेक्सी आंटी की चुदाई का मौक़ा मुझे तब मिला जब शहर में दंगों के कारण कर्फ्यू लगा हुआ था.

मुझे लगा कि अब मेरी लण्ड का पानी निकलने वाला है तो मैं और जोर जोर से आंटी को पेलने लगा.

”फिर अनीता दीदी ने पूछा- अच्छा नेहा एक बात बता, तूने कभी किसी लण्ड से अपनी चूत की चुदाई करवाई है क्या?”नहीं दीदी, आज तक तो मौका नहीं मिला है. उधर सुनील फ्लॅट का दरवाजा बंद करते ही … अपनी शर्ट और पैंट उतारता है और अपने बेडरूम में जाता है … जहाँ सोनिया पहले से ही उसका इंतजार कर रही है … पर अभी भी उसे पूरे कपड़ों में देखकर सुनील बहुत नाराज़ होता है और उसको भी अपने कपड़े उतारने के लिए कहता है. मैंने कहा -तुम्ही ने तो कहा था कि आप जो कहेंगे मै वो ही करूंगी, तो अब क्यों मना कर रही हो और ध्यान रखो कि अभी भी तुम्हारा वो लैटर मेरे पास है, मै उसे प्रिंसिपल को दे सकता हूँ.

मौके का फायदे पाकर मुस्तफा सोनिया से चिपक गया और उसको चूमने लगा, सोनिया जल्दी से उसके इरादे भांप गई और उसने एक जोरदार घूँसा मुस्तफा को जड़ दिया, मुस्तफा की चीख ही नहीं बल्कि मुँह से खून भी निकल आया। सोनिया मुस्तफा का कॉलर पकड़कर खड़ी हुई और उसको भी खड़ा किया और जोरदार धक्के के साथ उसको पीठ के बल दीवार पर मारा. मगर मुझे मनीषा कहीं भी नजर नहीं आई, तो मैं भी अपने कपड़े बदलने के लिये अपने कमरे में चल दिया. ओऽऽह… ओऽऽऽह… आऽऽऽऽऽऽऽऽऽऽह… मानों उसका बांध टूट पड़ा है, उसे एक दौरा-सा आता है और वह कमर एकदम धनुष की तरह उठा देती है। ….

जैसे ही मैं झड़ने वाला था मैंने अपना लंड निकाल और पूरा पानी उसके मुँह में डाल दिया. ट्रेन का सफर था और मुझे अकेले ही जाना था इसलिए मेरे पति ने प्रथम श्रेणी एसी में मेरे लिए रिज़र्वेशन करवा दिया था.

मैंने उसको दोपहर के खाने के बारे में पूछा तो उसने बताया कि कुछ भी बना लो पर दो बजे से पहले उसको डिस्टर्ब ना करूं. अमिता ने कमीज-पजामा पहना था, शालू ने उसके कपड़े उतार दिए और ब्रा और पेंटी ही छोड़ी उसके बदन पर!अमिता ने शालू को नंगी कर दिया!तब शालू ने मुझ से कहा- मेरे शेर, खड़ा हो! देख तेरा शिकार पानी छोड़ रहा है. प्रथम भाग :राधा और गौरी-1से आगे-‘कुछ नहीं अंकल, चोद डालो, मम्मी तो बस यूं ही शोर मचाती है.

कोई शैतानी ताकत मेरे अन्दर काम करने लगी थी, किसी ने जैसे अंधेरे रास्तों की तरफ मेरी राहनुमाई कर दी थी और मैं उस राहनुमा का हाथ थामे अंघेरी गलियों में दाखिल हो गई, यह भी ना देखा कि भला अंधेरे रास्तों की तरफ ले जाने वाला मेरा हमदर्द भी हो सकता है.

प्लेयर सामने ही पड़े हैं।आंटी ने कहा- तुम अगर पढ़ना चाहो तो दूसरे कमरे में जा कर पढ़ाई कर सकते हो. ‘तो अब मैं जाता हूँ, राधा की इच्छा पहले है… इनकी जब इच्छा हो मुझे मोबाईल पर बता दे!’ मैंने भी नखरा दिखाया. मैंने कहा- ऐसा नहीं हो सकता!तो आंटी ने कहा- क्यों?मैंने पूछा- अंकल नहीं करते क्या आपके साथ?तो आंटी ने कहा- करते हैं पर तुम बताओ कि करोगे या नहीं?तो मैंने कहा- ठीक है!फिर मैंने कहा- आज नहीं, फिर कभी!उन्होंने कहा- आज क्यों नहीं?तो मैंने कहा- बस ऐसे ही!फिर आंटी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मेरे होंठो पर अपने होंठ रख दिए और उन्हें चूसने लगी.

फिर मैंने धीरे से अपना लंड-बाहर किया और फिर अंदर करने लग गया, और यही धीरे धीरे करता रहा. बहादुर के दाँत रीटा की चूच्चे में धंसे तो मदहोश रीटा को लगा जैसे वह बिना चुदे ही झड़ जायेगी.

मेरा भाई-भाभी भी जॉब पर चले जाते थे और घर में मैं और चित्रा बचते थे मगर फिर भी मेरी चित्रा से बात करने की हिम्मत नहीं होती थी क्योंकि तब मैं थोड़ा शर्मीला था. आह ओर तेज या …” कनिका मस्त हुई बड़बड़ा रही थी।अब उसने अपने पैर ऊपर उठा कर मेरी कमर के गिर्द लपेट लिए थे। मैंने भी उसका सिर अपने हाथों में पकड़ कर अपने सीने से लगा लिया और धीरे धीरे धक्के लगाने लगा। जैसे ही मैं ऊपर उठता तो वो भी मेरे साथ ही थोड़ी सी ऊपर हो जाती और जब हम दोनों नीचे आते तो पहले उसके नितम्ब गद्दे पर टिकते और फिर गच्च से मेरा लंड उसकी चूत की गहराई में समां जाता। वो तो मस्त हुई आह उईई माँ. कुछ अंकल के अहसान, कुछ नई उमंग और कुछ अनजानी सी चाहत ने मेरे मुँह से हाँ निकलवा दी.

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उसके इज़हार के बाद उसका इतना रूखापन मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था… आँखों में आंसू भरे मैंने उसे एस.

जाने साधारण अवस्था में वो मुझे चोदता या नहीं, पर नशे में टुन्न उसे भला बुरा कुछ नहीं सूझ रहा था, बस जानवर की तरह उसे चूत नजर आ रही थी, सो लण्ड घुसा घुसा कर उसे चोद रहा था. मुझ से रहा नहीं गया तो मैंने हाथ लगा ही लिया- अरे वाह मनोज! तुम्हारा तो बहुत बड़ा है! मैंने कहा. पूर्व कथा : मीना के साथ बिताये रंगीन पल-1मीना के जाने के बाद मैं सोचता रहा कि अब क्या होगा.

अब तो सुधीर और मेरी प्यार की कहानी आगे बढ़ने लगी… और फिर प्यार के अन्तरंग माहौल में हम दोनों उतरने लगे… मेरी फिर से चुदाई चालू हो गई… मेरे जिस्म को फिर से एक तन मिल गया था भोगने के लिये…[emailprotected]. ”मैंने आंखें बंद कर ली और कह डाला,”आई लव यू !”और उसने बहुत ही सहजता से जवाब दिया,”मैं भी !”और इस बार मैंने पहला कदम उठाया. देवर भौजाई की सुहागरातउसके बाद शीतल ने मुझे कंडोम पहना दिया और फिर मैं उसे दनादन चोदने लगा। मेरा चिक बहुत जल्दी निकल गया था। मगर थोड़ी ही देर में मैं अच्छे से चोदने लगा। उसे मैं बहुत जबरदस्त शारीरिक सुख दे रहा था और वो उससे आनंदित हो रही थी।सच में जब लंड चूत में जाता है तब जो आनंद मिलता है उससे कोई आनंद बड़ा नहीं।हाए ओह ओह ओह….

मैं अपनी पैंटी और ब्रा भी हटाई, मेरी फुद्दी और कांख के बाल देख वो नाराज़ हो गया !उसने तुरंत अपने बार्बर से शेव करवाया … और दो लोग अच्छे से मुझे मालिश कर रहे थे …. और वो दोनों भी मुझसे बहुत प्यार करते हैं… बस रहते अलग अलग जगह हैं…इतने में बस आ गई… बात अधूरी रह गई.

घर में अगर आस पड़ोस के छोटे बच्चे आ जाते तो मैं उनकी छोटी सी लूली सहलाने लगती, उसको कभी जोर से दबा देती तो बच्चा रोने लगता. मैं मुकेश से बार बार विनती करती रही- चोद चोद मादरचोद! एक बार तो चूत को पानी पिला एक बार तो इसकी अग्नि ठंडी कर!लेकिन वो तो जैसे मेरी पूरी परीक्षा लेना चाहता था, उसने अपने लौड़े का पानी चूत में छोड़े बगैर ही बाहर निकाल लिया. थोड़ी देर में वो चाय बना कर ले आई और एक कप मेरी तरफ बढ़ा कर और एक कप खुद लेकर मेरे सामने वाले सोफे पर बैठ गई.

आँखों में चमक… शरारत भरी कातिलाना मुस्कान से वो अपनी कक्षा की कई लड़कियों के दिलों पर राज करने लगा…यहाँ तक कि हमारे अलग होने की खबर के कुछ ही महीनों बाद उसे एक लड़की ने एक प्रेम पत्र लिखा. पहले तो मैं नीचे दबी हुई इसका आनन्द उठाने लगी फिर खूब दब चुकी तो देखा कि उसका वीर्य निकल चुका था. सभी अन्तर्वासना के पाठकों को मेरी और मेरी चिकनी गीली चूत, गोल-मोल गांड, मम्मो की तरफ से टाँगें चौड़ी करते हुए नमस्कार!गुरुजी आप सच में बहुत महान हो जो ऐसी वेबसाइट शुरु की है जिस पर सर्फिंग कर कोई भी इंसान बोर नहीं होता, लोग अपने बिस्तर की कहानियाँ सबके सामने लाते हैं, जिन्हें पढ़ कर औरतों की चूतें गीली होती हैं, मर्दों के लंड हिल-हिल कर सलामियाँ देने लगते होंगे.

मैं: यदि तुम कुछ कह नहीं पाओगे तो मैं कैसे तुम्हारी कुछ सहायता कर पाऊँगी…?वो कुछ नजदीक आया और अपने दोनों हाथों से मेरे हाथ पकड़ कर बोला- आप सच में बुरा नहीं मानेंगी ना.

मेरा तोता उड़ने वाला ई …”कोई गल नई मेरे मिट्ठू… मेरी फूलकुमारी भी तुम्हारे अमृत के लिए तरस रही है ! अंदर ही उस रस की फुहार छोड़ दे. इसीलिए मामा को ही बुला लिया। अब तो हम सब गोला बना कर भी एक दूसरे की गांड मार सकते हैं.

और वो दोनों भी मुझसे बहुत प्यार करते हैं… बस रहते अलग अलग जगह हैं…इतने में बस आ गई… बात अधूरी रह गई. फिर थोड़े देर बाद उठी और आंटी ने मेरे गाल पर एक चुम्मा ले लिया और कहा- बेटा, बहुत मजा आया! आज काफी दिनों बाद चुदी हूँ, शरीर हल्का हो गया!मैंने कहा- आंटी, मैंने तो आपकी गांड भी चोदनी है. हमने उनके पीने का इंतजाम ऊपर के कमरे में कर दिया। शराब के एक दौर के बाद सबने खाना खा लिया।फिर मैंने और मम्मी ने भी खाना खाया और लेट गई। मम्मी ने तो नींद की गोली खाई और सो गई पर मुझे कहाँ नींद आने वाली थी, घर में चार लौड़े हों और मैं बिना चुदे सो जाऊँ ! ऐसा कैसे हो सकता है.

वो अकेली है और रिवॉल्वर भी उसके पास नहीं दिख रहा ! वो साड़ी में है।मुस्तफा- अबे तू इन कमीनी पुलिस वालियों को नहीं जानता ! साली पैंटी में रिवॉल्वर रखती हैं ! चल एक काम कर ! अपने आदमियों से बोल की बीच सड़क पर मोना और उस दूसरी लड़की को नंगा करके उनका देह शोषण करके मेरे पास लेकर आओ।अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर आते रहिए … और मुझे मेल करें।. उनकी बुर को मेरा लौड़ा चूमने को तैयार होने होने लगा…उनकी गुलाबी होंठ ने मेरे होंठो को चूमा…राजू मुझसे कोई प्यार नहीं करता… मुझे कभी प्यार नहीं मिला??मेरे तो परखचे उड़ गए…मेम…राजू मुझे प्यार करो ना… लव मी. और जोर से करो…मैं अपनी स्पीड बढ़ाने लगा और वो आह अह्ह चिल्लाने लगी।और फिर उसने दोनों हाथ मेरी पीठ पर लगा दिए और अपने नाखून मेरी पीठ पर चुभा दिए…मुझे पता चल गया वो झड़ गई है.

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माँ ने कहा- तुम क्या ढूंढ रहे हो? मैं कुछ मदद करूँ तुम्हारी?मैंने कहा- कुछ नहीं माँ, एक सीडी थी मूवी की. यह चुदने की आवाज़ थी … यह आवाज़ योनि और लिंग के संगम की थी …यह आवाज़ एक संगीत तरह मेरे कानों में गूँज रही थी और मैंने अपने लंड की गति बढ़ा दी।आंटी ख़ुशी के मारे जोर जोर से चिल्लाने लगी- चोदो … चोदो … राजा ! चूत मेरी चोदो …यह कहानी कैसी लगी आप को ज़रूर बताइए। आपकी इमेल पर निर्भर करता है कि आगे कहानी लिखूं या नहीं ![emailprotected]. देसी दुल्हन की चुदाईउसने इतनी जोर से मेरी पेंटी को खींचा कि वो फट गई पर सब कुछ भूल के वो बस मेरी चूत सहलाने में लगा था … मैं तो मज़े से मरी ही जा रही थी … झड़ने ही वाली थी कि उसे दूर धकेला … झट से नीचे उतर कर उसके लौड़े को अपने मुँह में ले लिया.

बस फिर क्या था, मैं चूमता गया उसकी आँखों, माथे और फिर नीचे की ओर गले में, सब जगह! बस उसने आँखें बंद कर ली.

फिर हम लोग एक गोला बना कर खड़े हो गए। इस बार मैं अपनी दादी का और दादी मेरी मम्मी की गांड मार रही थी। मेरी मम्मी अपनी साली की और उनकी साली यानी मेरी मामी मेरी चाची की गांड मारने के लिए तैयार थी।क्या नजारा था. मैंने भी अपने दिमाग में सोचा कि भाभी भी जयपुर में हैं, उनसे भी मिल आऊँगा और क्या पता इस बार उन्हें फिर से चोदने का मौका ही मिल जाए.

फ़िर मैंने कहा- तो फ़िर मैं तुम्हें क्यूँ दूँ अपनी चूत ! तुम्हारे बॉस को ना दूँ…?फ़िर उसने कहा- ठीक है उसे भी देना, मगर मैंने कितना कुछ किया तुम्हारे लिए. हीरल पटेलमेरा नाम हरी है, मैं अहमदाबाद में रहता हूँ। मैं आपको मैंने अपने मामा की लड़की की सील कैसे तोड़ी यह बताने जा रहा हूँ…. मेरे साथ वाली सीट खाली देख सोनम मेरे पास आकर बैठ गई और बात करने की कोशिश करने लगी.

तभी मेरा लौड़ा और तन गया! मैंने अपने लण्ड को दोनों हाथों से छिपा रखा था ताकि वो देख ना ले!उतारते समय उसने अपना विज़िटिंग कार्ड देकर अगले दिन आने को कहा.

तुम हो ना मेरे बॉय फ्रेंड… क्यों क्या नहीं हो?अँधेरा हो चुका था। मैंने अँधेरे में ही सोनिया का हाथ पकड़ा और अपनी तरफ खींचा तो सोनिया एकदम से मेरी बाहों में आ गई। मैंने सोनिया का चेहरा अपने हाथों में पकड़ कर अपनी तरफ किया और चूमने की कोशिश की तो सोनिया एकदम से मुझ से छुट कर भाग गई. ऊफऽऽ अभी तक मेरा बदन टूट रहा है, हाय मेरी फुद्दी, यू रास्कल आई लव यू!’ रीटा की आवाज अब भी काँप रही थी. सब अपने काम में लगे हैं !मैंने पूछा- आखिर क्या हुआ?तो बोली- तुम्हारे भैया तो हमेशा बाहर रहते हैं… मेरे अरमानों को कौन समझेगा.

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बेडरूम में पहली बार लड़के के साथ थी, मुझ से रुका नहीं गया और मैं नीचे बैठ उसका लौड़ा चूसने लगी. मैंने पास ही में रखा मेंथोप्लास की डिब्बी उठाई और थोड़ा निकाला और उसके सिर पे धीरे धीरे मलने लगा. और जोर से हाँ और जोर से…” मैं साथ साथ में उसकी चूत में भी अंगुली कर रहा था। उसने एक जोर की सांस ली और ढीली पड़ गई। मुझे लगा वो फिर झड़ गई । मैंने उसकी गांड से अपना लंड बाहर निकाल लिया और उसे सीधा लेटा दिया। अब मेरा भी टाइम आ गया था उसको सीधा लिटा कर उसके पैर ऊपर हवा में उठा लिए और अपना लंड उसकी चुलबुलाती चूत में एक झटके में फिर से ठोक दिया । और 4-5 कस कर धक्के लगा दिए।उईई ….

फिर मैंने धीरे से अपना लंड-बाहर किया और फिर अंदर करने लग गया, और यही धीरे धीरे करता रहा. उसे देख मैं भी रुक गया, मगर थोड़ी देर बाद मैं आगे बढ़ा और उसके पास चला गया और उसे बात की. उस दिन मेरे मन में अपार संतुष्टि थी…!!!कुछ पलों के लिए इस प्रेम कथा को द्वितीय विराम देते हैं !आपको क्या लगता है.

तुम ही तो कहती थी कि जिन औरतों के नितम्ब खूबसूरत होते हैं उन्हें पीछे से भी ठोकना चाहिए ?”ओह वो तो मैंने तुम्हारी उस मैना के लिए कहा था ?”प्लीज एक बार …. मैंने लण्ड को बाहर निकाले बिना चाची को अपनी बाँहों में लिया और मैं सीधा लेट गया और चाची को मेरे ऊपर लिटा लिया।इसके बाद क्या हुआ जानने के लिए मेरी कहानी की अगली कड़ी का इन्तजार कीजिए…संदीप शर्मा[emailprotected]. करती रहीं पर लण्ड को पूरा अन्दर लेती रहीं। उनकी टांगों में बहता पानी गवाह था कि वो पूरा मज़ा लूट रही थी।बीच में एक बार झड़ी भी थी। आखिर वो समय आ गया, मेरी नसों का सारा खून एक जगह खींचता सा लगा, मैं बोल उठा- जान मेरा सब लूट लो आज! लो मेरा गर्म पानी मेरी रानी…वाह…मौसी को इसी का इन्तज़ार था जैसे!अपने होंठों से उन्होंने मेरे होंठ भर लिए, टागें मेरी पीठ पर कस लीं.

उसने मेरे लंड को खुद ही अपने छेद में सेट किया और मेरे हल्के धक्के से ही मेरा पूरा लंड पिंकी की चूत में फिसल गया. इतना प्यार आया कि मैं अपनी अंगुली को आगे-पीछे हिलाते-हिलाते खड़ा हो गया… और उसके रसीले होंठों को चूसने लगा….

साला…वो अभी भी इधर से उधर, उधर से इधर टहले जा रहा था… और मुझे ये समझ नहीं आ रहा था कि ये लड़के लोग इतनी गालियाँ सीखते कहाँ से हैं… हमें तो कोई नहीं सिखाता…!!!मैं : एक बात बता तू ! क्यों इतना भड़क रहा है.

तो बोली- कैसे?मैंने कहा- पहले कपड़े उतारो…उसने शरम से मुँह ढक लिया तो मैंने पहले फ्रॉक के नीचे ही उसकी पेंटी उतार दी और उसकी गान्ड मसालते हुए फ्रॉक की ज़िप खोल कर फ्रॉक उतार दी. ओपन सेक्स वीडियो देहातीकुछ अंकल के अहसान, कुछ नई उमंग और कुछ अनजानी सी चाहत ने मेरे मुँह से हाँ निकलवा दी. সেক্স ভিডিও hdमेरे मुँह से गन्दी बात मत कहलवाओ!’मैंने कहा- यह गन्दी बात है? तुम जब तक नहीं कहोगी मैं कुछ नहीं करूँगा. अब वो फ़ायरिंग करने को बेताब था…… मेरा लंड गीला होता जा रहा था और दीदी की चूत की प्यास बढ़ती जा रही थी। अब उसे रोकना नामुमकिन सा लग रहा था……….

५ इंच हो गई थी। मैंने कहा क्या करूँ मेरी जान?”ओह… जीजू… अब मत तरसाओ… कर लो अपने मन की। ओह आप मेरे मुँह से क्या सुनना चाहते हैं। मुझे शर्म आती है। प्लीज़…” कुछ ना कहते हुए भी उसने सबकुछ कह दिया था। मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर लगा दिया।ऊईईईई… माँआआ.

मैं उसे बांहों में पकड़े हुई थी, तभी मैडम आ गई …घबरा कर हम दोनों अलग हुए, रोहित का लंड जैसे अन्दर से निकला सारा पानी फर्श पर बिखर गया. मेरा टोपा अंदर था और फिर मैंने लण्ड को बाहर निकला और एक झटके में पूरा उसकी चूत में डाल दिया।निशा की हल्की चीख निकल गई और मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए।अब मेरा लण्ड और उसकी चूत आपस मैं एकदूसरे के साथ गुत्थम गुत्था हो रहे थे। उसकी चूत ज्यादा कसी हुई नहीं थी और ज्यादा ढीली भी नहीं थी. मैं सोने का नाटक करते हुए सब सुन रहा था, मेरा लण्ड तूफान की तरह हिल रहा था और मैं अपने लण्ड को शालू की गाण्ड पर रगड़ रहा था पर इस तरह कि अमिता को पता न चले.

भीगे बाल… भीगे गाल… भीगे से होंठ… मेरा मन कर रहा था कि उन मुस्कुराते होंठों को चूम लिया जाये… चूस लिया जाय… पर हम बहुत लोगों के बीच में थे…मैंने लगभग फ़ुसफ़ुसाते हुए कहा,”आइ वान्ट टू किस यू !”यहाँ नहीं … इतनी भीड़ है… मेरे कज़िन लोग भी देख रहे होंगे !”हमारी तरफ़ कोई नहीं देख रहा है !”क्यों ना हम गोता लगायें?”गुड आइडिया !”हमने साँस भरी… गोता लगाया…. शायद तान्या ने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी और तान्या का वक्षाकार भी इतना बड़ा था कि अगर ब्रा भी होती तो भी उसके चूचे बाहर ही झांकते. कहानी का पहला भाग : समझदार बहू-1मैंने उसका पजामा जो पहले ही चूतड़ों तक था उसे पूरा उतार दिया और टॉप ऊपर से उतार दिया.

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माँ बिस्तर पर सिर्फ पेंटी में लेटी थी, मैं माँ के ऊपर आ गया और उन के गोरे बदन से खेलने लगा. ”जब से आया तब से तेरी चूत चोदने को बेताब था ! साली ने इतना वक्त लगा दिया चूत देने में…आह्हह्ह बहुत मस्त है भाभी तू तो…. ” की आवाजों के साथ उसने मुझे कस लिया और अपने कूल्हे उठा-उठा कर लण्ड गटकने लगी।धक्कों की रफ़्तार अपने चरम पर पहुँच गई.

थोड़ी देर रुक कर मैंने दुबारा एक जोर का धक्का दिया और मेरा पूरा लौड़ा उसकी चूत में उतर गया.

थोड़ी देर में किसी ने मुझे पीछे से आवाज लगाई, मैंने मुड़ कर देखा तो वो चित्रा थी, वो बोली- मैं कैसी लग रही हूँ?चित्रा सिर्फ ब्रा-पेंटी पहने थे और वो किसी परी से कम नहीं लग रही थी.

वो मेरे पूरे कपड़े उतार कर मेरे बराबर में लेट गई और अपने हाथों से मेरे पूरे बदन को सहलाने लगी. मैंने उसको एक सेरिडान की गोली दी और बाहर आते हुये उसके कमरे का दरवाजा भी भेड़ दिया. देसी सेक्सी भेजोतो मैंने मना कर दिया …पर सर ने बड़े प्यार से मेरी बुर चाटी तो उसे कोई परेशानी नहीं हुई.

मैं समझ गया और उसको बाहों में लेकर एक प्यारा सा किस किया और समझाया कि यह सब जरूरत है, आपने कुछ गलत काम नहीं किया है. ? यहाँ…? ये…?निशा : हाँ, दिखाओ न सर…सर : ओके … पीयू जरा जांघें फैलाओ…सर उंगली डाल के उसे गरम कर रहे थे… चुदने का मन तो निशा को भी था… सो वो सर का लण्ड मसल रही थी… उसने भी नीचे सिर्फ पैंटी पहनी हुई थी !सर : लम्बी लम्बी सांसें लो … और घुसने दो मेरे पेनिस को …. नये सेशन में जुलाई से उसने एडमिशन ले लिया… फिर चला एक खालीपन का दौर… सुमन कॉलेज जाती और आकर बस बच्चे में खो जाती.

लेकिन मेरा फ़िर जमीर सर उठा कर खड़ा हो गया और कहने लगा कि यह गलत होगा।और अब वक़्त आ गया है कि मैं आप सबको अपना तारुफ़ करवा दूँ. मेरी चूत के दाने पर दर्द होने लगा… इससे पहले कि मैं उसको बताती उसने ओ ओ ओ करते हुये इतनी जोर से धक्का मारा कि मेरे हाथ फ़िसल गये मैं छाती के बल जोर से बक्से के ऊपर पसर गई… मेरी चूत से एक-दो इंच ऊपर हड्डी का हिस्सा बख्से के कोने से टकराया… मैं दर्द के मारे चिल्लाई- उईईई मां मर गई… देवर ने तीन चार और धक्के उसी अवस्था में मारे और पच पच पच पच पच करके अपने वीर्य की पिचकारियाँ मेरी चूत के अन्दर मार दी.

मैंने उससे पूछा- कैसा लगा?वो कहने लगी- तुम बहुत गंदे हो! मैंने मना किया फिर भी पीछे डाल दिया.

फिर राजू के डैडी की ट्रांसफर किसी और शहर में हो गया और राजू वहाँ से दूसरे शहर में चला गया. एक दूसरे को साफ करते वक़्त मैंने उसे कई बार चूमा भी जिससे मेरा लंड फिर खड़ा हो गया, मैंने अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया और वो उसे दस मिनट तक चूसती रही. मैंने उनकी ब्रा का हुक खोल कर उनको चूमना शुरू कर दिया और फिर उनके चुचूक को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.

एक्स एक्स एक्स वीडियो पंजाब तो दिमाग इस ओर गया ही नहीं कि वह अपनी चूत का स्वाद बदलने के चक्कर में भी हो सकती है. इस बार मैंने उसकी गांड मारने की इच्छा रखी तो वो बोली- इस बार नहीं! अगली बार मार लेना.

उसके बाद मैंने अपने कपड़े पहने और सोचने लगा- क्या सच में मैंने उसे चोदा है? मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा था कि मैंने प्रीति को चोदा है. ”तो दोस्तो! कैसी लगी मेरी आगे की कहानी?अब तो मैं इतना चोदने का आदि हो गया हूँ कि जब तक दो बार झड़ता नहीं, मैं नीचे उतरता ही नहीं. लोग गले तक जितने पानी में तैरने का मज़ा इस तरह उठाते हैं जैसे सागर तट उठाया जाता है।मैं भी बह चला….

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मधु तुम्हारे चूचे कितने बड़े हो गए हैं … ?मधु ने हंसकर कहा- क्यूँ तुम्हारा भी बड़ा हो गया होगा ना?मधु चलो ना डॉक्टर-डॉक्टर खेलते है ? मैंने पूछा. मैं बहुत शर्मीला था मगर मेरे चरित्र में बदलाव किस तरह हुआ वो मैं बताने जा रहा हूँ. मैंने सोचा कि जब प्रिया भाभी अकेले में होंगी तब बात करूँगा, इसलिए मैं शाम होने का इंतज़ार करने लगा.

तो चाँदनी बोली- यह क्या करेगा अब?मैंने कहा- मेरी जान, सेक्स में इतनी ज़्यादा वेराइटी है कि अगर हम लोग अलग अलग स्टाइल से करें तो दिन भर चुदाई की जा सकती है. मैंने फिर एक जोरदार झटका मारा और अपना 7 इंच का लौड़ा अपनी प्यारी बहन की चूत में डाल दिया.

सब मिलकर मुझसे सुख भोग रहे थे …सर ने सुमित से कहा- अपने कपड़े खोलकर और सिर्फ अंडरवीयर पहन कर इसके ऊपर चढ़ कर घस्से मारो!सुमित ने वही किया … मेरी जांघों को फैलाया और घस्से मारने लगा …सर- ऐ कभी लड़की नहीं चोदी क्या.

मुकेश अब तेजी से मेरे होंठों को तो चूस ही रहा था साथ ही वो दोनों चूचों को भी कसकर दबा रहा था. हाय रे ! फट गई मेरी ! … फाड़ डाला कमीनों ने …तीनों ने बारी-बारी चोदा ! मेरी गांड भी नहीं छोड़ा … पूरे बदन पर वीर्य बह रहा था … चार घंटे की चुदाई ने मेरा पूरा बदन तोड़ दिया था …इंस्पेक्टर : ये ले बेबी अपनी बेल … अपने यार को लेकर दफा हो जा ! वरना ये मेरे चेले तुझे कल भी रोक लेंगे, बहुत चोदते हैं साले …मैंने विक्की को गाड़ी में किसी तरह बैठाया … और गाड़ी को उल्टा घुमा लिया. जहाँ सिग्नल थोड़ा ठीक था।सोनिया- हेल्लो… हेल्लो… कोई है क्या?समीर- मैडम, मैं समीर !सोनिया- समीर, कहाँ थे तुम लोग… मैं कब से सिग्नल दे रही हू… तुम्हारी तरफ से कोई भी जवाब नहीं आ रहा था।समीर- सॉरी मैडम, यहाँ पर सिग्नल की परेशानी थी।सोनिया- हाँ, जल्दी से यहाँ आ जाओ ! मुस्तफा यहीं पर है और मैंने उसको बेहोश कर दिया है… जल्दी से यहाँ पहुँचो बाकी लोगों को लेकर.

खैर जो भी हो, सब चलता है…मैं अपना परिचय करवा दूँ! मेरा नाम कुमार है, उम्र अभी 26 साल है. दस मिनट बाद मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया तो मैं बोला- इस बार भी मुँह में निकालने का इरादा है?तो वो शरमा कर बोली- नहीं! इस बार मैं तुम्हें जन्नत की सैर करवाऊँगी!और उसने मेरे पूरे बदन को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया. अगले ही पल वो मेरे नीचे वाला होंठ चूस रहा था और मैं उसके ऊपर वाले होंठ को चूसने लगी.

मैं समझ गया कि यहाँ कुछ गड़बड़ है! ये लोग मेरे कारण कुछ कर नहीं पा रहे हैं!अब मैं भी जानना चाहता था कि आखिर बात क्या है और इसी लिए मैं दूसरे कमरे में चला गया.

बंगाली बीएफ दीजिए: अगर आगे से वृंदा के आस पास भी फटका तो…उसे अनिरुद्ध पर जरा भी तरस नहीं आ रहा था… मैं उसका हाथ खींच कर बाहर ले जाने लगी. फिर अन्त में गाय का दूध निकालने की तरह से लण्ड दुहने लगी और बचा हुआ माल भी निकाल कर चट कर गई.

और जब मैंने लौड़ा बाहर निकाला तो बोली- ऐसा क्यों कर रहे हो मेरे साथ? मैं कौन सा मना कर रही हूँ? पर आप आराम से कीजिये!मैंने कहा- मैं तुझे एक रंडी की तरह चोदना चाहता हूँ, मेरी रांड बहन!और मैंने फिर उसे अच्छी तरह से लौड़ा चुसवाया और फिर उसकी मुलायम चूत चाटी. 5-6 धक्कों में लंड पूरा अन्दर चला गया और वो जोर-जोर से चिल्लाने लगी- हाय मैं मर गई! मुझे और तेज चोदो!मुझे भी मजा आने लगा और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी. उसकी पीठ पर हाथ फ़ेर कर उसे उत्तेजित करने का प्रयत्न करता था। उसके जिस्म की कंपकंपाहट मुझे भी महसूस होती थी। पर उसने कभी भी इसका विरोध नहीं किया। एक बार सर्वांग आसन कराते समय मैंने उसके चूतड़ों को भी सहलाया और दबाया भी। उसके चूत का गीलापन भी मुझे दिखाई दे जाता था….

लण्ड व चूत से पच्च पच्चर फच्च फच्चर की गुन्डी आवाजें, मस्ताई हुई रीटा की सुरीली ईसऽऽऽ ईसऽऽऽ सिसकारियाँ और किलकारियाँ, पलंग की चरमराहट राजू के दिल दहला देने वाले ठप्पों की थाप की आवाज और दोनों की बहकी बहकी साँसों ने वातावरण को और भी गर्म और रंगीला बना दिया.

मैं उसके कमरे के पास गया और अपने कान लगा दिए ताकि मैं यह जान सकूँ कि अन्दर कौन है और क्या बातें हो रही हैं. मुझे कुछ भी समझ में नहीं आता था कि हम दोनों में ऐसा क्या हो गया है कि छूना तक उसे बुरा लगने लगा था. मैं किसी को इस बात की खबर नहीं लगने दूंगी।आरती- भाभी, अगर यह बात किसी को भी पता चली तो मेरी शादी टूट जाएगी।मोना- तू फिकर मत कर.