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उनकी मोटी मोटी चूचियां एकदम से नंगी हो गयी और उभर कर मेरी आंखों के सामने आ गयी. बीएफ वीडियो काजल राघवानीउनसे मैंने पूछ लिया कि आपके घर पर कोई होगा तो क्या करेंगे?उन्होंने बताया कि वो घर पर अकेली ही हैं.

लेकिन हमें भी सभी साथियों की राय लेना जरूरी था। तो मैंने कहा कि हमें सबके वापस आने तक रुकना चाहिये।शाम तक हमारे साथी वापस लौटे. हिंदी गाने सेक्सी बीएफअब मैंने अपना लंड उसके मम्मों के बीच लगाया और उसके दोनों मम्मों को दबाकर उसके मम्मों को चोदने लगा.

जिस चाची की चूत के बारे में सोच कर मैं मुठ मारा करता था, वह चूत आज मेरे लंड से चुदने के लिए तैयार थी.सेक्स बीएफ मुंबई: जिससे मेरा लंड अंदर तक उसकी चूत को चोदने लगा बहुत ज्यादा मजा आ रहा था।दोनों ही अपने पूरे उफान पर थे और एक दूसरे को रोकने की कोशिश कर रहे थे.

उसकी गोरी गोरी मखमली सी टांगें देख कर पहली बार मेरे लंड में उसकी चूत के लिए हलचल सी मची.कुछ टाइम बाद उन्होंने मेरा हाथ दबाया और अपने पैरों को मेरे लंड पर दबाया.

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शिल्पा- और वो कैसे करेंगे?मैं- जैसे मैंने तुमको अभी उधर किस किया ना, तुम भी मेरे उधर करो … तो मुझे भी वैसे ही मज़ा आएगा.उसकी चूत से निकलता हुआ अमृत और चॉकलेट का एक बहुत मस्त स्वाद आ रहा था.

पहले दिन जब मैं दोपहर को बुआ के घर पहुंची तो बुआ ने मेरा सारा सामान कमरे में रखवा दिया. सेक्स बीएफ मुंबई मैं- सॉरी दीदी वो …दीदी- वो क्या!मैंने हिचहिचाते हुए कहा- कुछ नहीं.

उसने उठाया और कहा- बोलो … कैसा रहा कल का दिन … मजा आया? बताओ तुमने आज फिर से क्यों कॉल किया?मैंने उससे कहा- मुझे फिर से तुमसे मिलना है.

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किस करते हुए उसने पैंटी को मेरे मुँह में डाल कर मुँह पर हाथ रख दिया. मैं उसकी चूचियों को दबाते हुए उसकी चूत में धक्का दे रहा था और वो मेरे होंठों को चूस रही थी. उसका पेटीकोट नीचे गिर गया और उसकी नीले कलर की छोटी सी पैंटी मुझे दिखाई दी.

आकांक्षा फिर से तड़प उठी- आआईई ईईईई उफ़्फ़ मर गई उईई अह मां मर गयी … कुणाल बहुत दर्द हो रहा है … ओह्ह ईईई मां निकाल लो बाहर प्लीज. मेरी मामी ने मेरे सामने ही एक साइड से ब्लाउज के ऊपर करके अपनी चूची बाहर निकाली और अपने बेटे को दूध पिलाने लगी. हमेशा की तरह मर्दों की कामुक निगाहें मेरी चूचियों और मेरी गांड को निहार रही थीं.

दरवाजा खुलते ही सामने जो नजारा मैंने देखा उसको देख कर तो कोई भी पागल हो जाये. मैंने कहा- बहू, सिर्फ सर के बाल सफ़ेद हुए हैं, जवानी अभी भी लड़कों वाली है. फिर मैंने जोर जोर से उसकी चूचियों को अपने दांतों से काटते हुए उसको दबोच लिया और मेरे लंड से वीर्य की धार निकल कर उसकी चूत में गिरने लगी.

लेकिन उसने मुझे नीचे किया और मेरे मुँह में अपना लंड डाल दिया और लंड चूसने के लिए कहने लगा. थोड़ी देर मैंने लंड के साथ कोई हलचल नहीं की और उसके चुचे पकड़ कर मसलने लगा.

मैं सीधा अंदर घर में चला गया तो देखा कि दोनों बच्चे सो रहे हैं और लाइट भी ऑफ है.

अब मैंने दीदी के सिर को पकड़ लिया और उसके मुंह को लंड पर दबाने लगा.

मैं अपनी बहन की एक चूची को मुँह में तथा दूसरे को एक हाथ से दबाते हुए मजा के रहा था. आह्ह … दोस्तो, उस पल में उसके होंठों को चूसने में जो आनंद था उसको याद करते ही मेरे लंड में तूफान सा आ जाता है. इस कहानी की नायिका का नाम मैं नहीं लूँगा, ऐसा उसकी प्राइवेसी बनाए रखने के लिए कर रहा हूँ.

धक्का लगाते ही आंटी की चिकनी चूत में लंड घुस गया और मैंने एक बार फिर से आंटी की चूत की चुदाई शुरू कर दी. पांच मिनट तक ऐसे ही धक्के लगाने के बाद मैंने उसकी गांड को तेजी के साथ चोदना शुरू किया. वो दर्द से चिल्ला उठी लेकिन मैंने तभी उसके होंठों को अपने होंठों से बंद कर दिया.

फिर धीरे-धीरे उसका भाई मेरे रूम में आने जाने लगा और हमारी थोड़ी बहुत बातचीत शुरू हो गई.

वो भी कामुक आवाज निकाल कर मुझसे कह रही थी- आंह ऐसे ही … और जोर से अहह आह. पापा बोले- ठीक है बहू … मैं ये भी अभी कर देता हूं, तुम अपना ब्लाउज उतार दो. सेक्स के वक़्त लड़की जो आवाजें निकालती है ना, वो सुन कर बहुत मजा आता है.

30 बजे योजना बनाई थी।रात के खाने की अच्छी व्यवस्था बस में ही की गई थी. और मैंने जोर लगा कर एक धक्का मारा और उसी के साथ उसकी चीख निकल गई- आई. उसने भी कहा- हां भैया, पहले तो मुझे अच्छा नहीं लगा था, पर आपके लंड से जब कुछ खट्टा चिपचिपा सा मेरे मुँह में आया, तो मुझे भी अजीब सा नशा चढ़ गया है अब तो मुझे भी आपका लंड चूसना अच्छा लगने लगा है.

पर मैं डरती थी और …आपने अब तक की मेरी कुंवारी जवान बहन की सेक्स कहानी के पिछले भागभाई बहन के प्यार से सेक्स तक-3में पढ़ा था मैंने अपनी बहन की कुंवारी बुर को चोद कर अपने लंड का रस उसी में डाल दिया था.

आज जाकर ये मिला है और ये है भी बहुत ही बढ़िया। तुम्हारे साथ मुझे बहुत मजा आएगा। मैं तो तुम्हे अब तक सीधा सादा लड़का ही समझती थी. 4 से 5 घण्टे लगेंगे आने में!मैं बोला- मैं अपने फ्रेंड के घर जाऊंगा, लेट आऊंगा मैं भी!तो उन्होंने कहा- ठीक है, ताला लगा देना.

सेक्स बीएफ मुंबई मैं- साली रांड कहां थी अब तक तू … तुम जैसी रांड को चोदना तो मेरी फ़न्तासी थी … जो आज तुझे चोद कर पूरी हो गयी … साली आज से तू मेरी गुलाम है. अब आगे:कल्पना ने भी मेरी शर्ट उतार कर मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मुझे किस करना शुरू कर दिया.

सेक्स बीएफ मुंबई मानवी और मैं दोनों बचपन से लेकर 12 वीं तक एक साथ पढ़े हैं तो उसकी और मेरी फैमिली में बड़ा घरोबा है. मैं भी वहीं थोड़ी दूर खड़ा हो गया जाकर!फिर कुछ देर बाद हम लोग सिनेमा हॉल में पहुँच गए.

जैसे ही सैम ने मुझे घर छोड़ा, मैं दुबारा नहायी और चुत में उंगली डाल कर उसे अच्छे से साफ़ किया.

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जब उनको लगा कि मैं इससे ज्यादा बर्दाश्त नहीं कर पाऊंगा तो आंटी ने मुझे कुछ पल रुकने के लिए कहा. उसने देखा कि मालिश करने वाली लड़की की कराहने की आवाज़ बहुत तेज़ हो गई है. जरा धीरे से करो।मैंने कहा- जान, तुम ही तो कह रही थी कि बाबू प्लीज कुछ करो ना, मेरे तन बदन में आग सी लग रही है और मुझे अपनी दीदी की तरह पूरा मजा चाहिए इसलिए तो मैंने तुम्हारे अंदर डाला। तुम चिंता ना करो पहली बार में हल्का सा दर्द होता है.

और कहा कि चूंकि उनका निर्वाचन क्षेत्र बहुत पिछड़ा हुआ है और दौरे के दौरान रहने के लिए कोई रेस्टहाउस या होटल नहीं हैं, इसलिए यह व्यवस्था की गई है. फोन काटते हुए पंकज ने मुझसे कहा- यार, तू उसके पास एक बार जा तो सही, फिर तुझे असली जन्नत का मजा आएगा. फिर करीब रात को 1 बजे मुझे पेशाब लगी तो मैं अपने कमरे से बाथरूम जाने लगा तो मैंने देखा मॉम के कमरे की लाइट जल रही है.

एक दिन वो पूछ बैठी- निहाल, आपकी तो बहुत सारी गर्लफ्रेंड होंगी न शहर में?मैंने पलट कर पूछा- तुम्हें ऐसा क्यों लगता है कि मेरी बहुत सारी गर्लफ्रेंड होंगी?नेहा बोली- आप इतने गोरे से हो, आपकी हाइट भी इतनी अच्छी है.

मैंने कहा- अगर तुम्हें दर्द हुआ तो?वो बोली- चाहे फट जाये लेकिन तुम अंदर डाल दो प्लीज … जल्दी. दोस्तो, मेरी पिछली सेक्स कहानीपेट और चूत की आग ने रंडी बना दियापर मुझे आपके काफी सारे ईमेल मिले लेकिन मैं सबको रिप्लाई नहीं कर पाती हूँ. मगर तब तक उसकी उत्तेजना इतनी ज्यादा बढ़ गयी थी कि उसका वीर्य उसकी पैंट में ही निकल गया.

हालांकि मैं मजा नहीं ले पा रहा था तो मैंने उन्हें सीधा लेटा कर अपनी ओर किया. फिर भाभी बोली- अच्छा, क्या याद करते हो मेरे बारे में?मैंने कहा- सब कुछ, जो जो मेरा मन करता है … आपको उस तरह से याद करके हिला लेता हूँ. मैं उसके पास जाकर बैठ गया और माया को देखने लगा और धीरे धीरे उसके होंठों की तरफ अपने होंठों को बढ़ाने लगा.

मेरे इतना कहते ही वो और ज्यादा इमोशनल हो गयी और मेरे सीने से लग गई. वो बोली- शरमा क्यों रहे हो, मैंने भी तो तुम्हारे सामने अपना ब्लाउज उतारा है.

मैंने इधर उधर घूम कर समय बिताया। जब मीनू पेपर दे कर बाहर आई तो मैंने उससे पूछा- पेपर कैसा हुआ?तो उसने कहा- पेपर तो अच्छा हुआ है. उस रात हमने एक बार और चुदाई की।फिर सुबह होते ही मैंने अपनी दादी को कहा- चलो दादी, अब हम चलते हैं. दीदी की आवाज़ कमरे से बाहर भी जा रही थी, लेकिन इस समय घर पर हम दोनों भाई-बहन के अलावा और कोई नहीं था.

तो बुआ ने भी नमस्ते की और पूछा- और अनिल कैसे हो?तब मुझे पता चला कि उसका नाम अनिल है.

कुछ देर बाद उसकी अनचुदी कुंवारी नाजुक सी चूत उसके बमपिलाट लण्ड के नीचे दम तोड़ देगी।इधर चिन्ना को भी करोना बेटी कपड़ों में कतयी अच्छी नहीं लग रही थी. वैसे गुस्से का तो पता नहीं … मगर तुम्हें उस तरह देखकर उनका लंड जरूर खड़ा हो गया होगा. मैं अब चुदाई के लिए तुम्हारे पास ज्यादा भी नहीं आ सकता … क्योंकि घर वाले अगले साल मेरी शादी कर देंगे.

रात को मेरी नींद खुली, तो मुझे लगा कि कोई मेरे पीछे सो रहा है और मेरी जांघ पर हाथ लगा रहा है. वो बोली- एक और सरप्राइज दूँ?मैंने कहा- हाँ दिेखाओ बहू?वो पीछे पलट के झुक गयी और उसकी गांड में एक चमकीला गोला सा लगा हुआ था.

आह … हाह … क्या मज़ा आ रहा था।थोड़ी देर में मेरे लंड ने अपना सारा माल ज़ाहरा के हाथ में ही छोड़ दिया. मेरा खड़ा लंड उसकी गांड में चुभ रहा था, जिसको वो अपनी गांड को और हिला हिला के रगड़ रही थी. मैंने उसे गोद में उठाया और पूजा की मम्मी के रूम में लाकर बिस्तर पर लिटा दिया।बिस्तर पर सफेद चादर बिछी थी और गेंदे के फूलों की पंखुड़ियों से दिल और तीर का निशान बना था, उसके बीच में गुलाब की पंखुड़ियों से आर और एन लिखा था।रूम का दरवाजा बंद करने के लिए जैसे ही मैं दरवाजे के पास आया, तभी निधि पीछे से आकर मुझसे लिपट गयी.

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सुबह उठ कर जब मैंने मां की गांड के छेद को देखा तो मुझे यकीन हो गया कि उसने किसी जानवर जैसे लंड से अपनी गांड चुदवाई है.

लगातार 2 सालों के अंदर उसका पति और उसके ससुर दोनों की ही मौत हो गई. कपड़े चेंज करके मम्मी सोने लगी तो मैंने कहा- मॉम, दो कमरों में रात भर ए. मैं पहले से ही उत्तेजित हो चुका था और उसके द्वारा इस तरह से लंड चूसने के कारण मैं ज्यादा देर टिक नहीं पाया.

इस दौरान मैं उसकी चुचियों को दबा कर हंस देती या उसकी चुत में उंगली कर देती थी. वहां पेंटी के नाम पर मोतियों की माला थी जो टाँगें फ़ैलाने से उसकी चूत में घुस रही थी. हिंदी में बीएफ चलाओसारिका ने मोबाइल देखते हुए जवाब दिया- नहीं अंकल, ये पोर्न स्टार हैं, कोई भी रोल कर सकते हैं.

मैं शर्म के मारे गड़ी जा रही थी क्योंकि मेरी योनि से योनि रस लगातार बह रहा था और जिस्म वासना की आग में जल रहा था. थोड़ी देर तक लेटे रहने के बाद मैंने पूछा- मैं तो शांत हो गया लेकिन तुम्हारी चूत भी तो गीली हो रही होगी.

उस कमरे मैं कोई बाथरूम भी नहीं था और जब हमने बाहर चेक किया तो वहां बाथरूम को लॉक लगा हुआ था. रिश्तों में चुदाई की कहानी में पढ़ें कि मैंने अपनी मामी को नंगी देखा तो मेरा मन उनकी चुदाई के लिए बेचैन हो गया. अपनी मां नीलम के हैवी ड्यूटी शरीर के मुकाबले हनी बहुत नाजुक थी लेकिन मुझे यह भी मालूम था कि दुबली से दुबली लड़की भी पूरा लण्ड झेल जाती है.

अपनी चूत को खोल कर दिखाते हुए मामी ने कहा- लड़के इसी चूत के छेद में अपने लंड को अंदर डालते हैं. दो मिनट तक होंठों को रसपान करने के बाद उसने मेरी फ्रेंची को भी निकलवा दिया. निधि मेरा इशारा समझ गयी और वह मेरा लन्ड अपने मुख में डाल कर चूसने लगी।मैं धीरे धीरे धक्के लगा कर निधि के मुख को चोद रहा था.

वहां डांस फ्लोर पर रोशनी भी बहुत कम थी, जिसका फ़ायदा उठाते हुए मैंने उसको गाल पर किस कर दिया.

रचना को कहा- इसके नीचे तकिया लगाओ!उसने बिना देर किए हुए आगे से तकिया लिया और अपनी गांड के नीचे लगा लिया. फिर मैंने फैसला किया कि रिस्क लेने से कोई फायदा नहीं है … कहीं ये भाभी पूरे मोहल्ले को हमारे बारे में न बता दे.

कुछ परेशानियां होती हैं, कुछ मजबूरियां होती हैं, जिनसे उसे इस नर्क में जाना पड़ता है. बाप के लगाए पेड़ का यह फल बहुत मीठा है … और मैं चाहती हूँ कि नसरीन के रूप में ये मीठा फल तू ही खाए. थोड़ी देर में मैं भी झड़ने वाला था, तो मैं उसका सर पकड़ कर लंड पर दबाने लगा.

अब मैं पहले से ज्यादा जोर से उसके बूब्स को सहला रहा था और मसल रहा था. उसने बोला- यार वो बात नहीं है, यदि किसी को ये बात पता चल गई, तो क्या होगा. उनकी शादी को ग्यारह साल हो गए … लेकिन उन्हें अभी तक बच्चा नहीं हुआ है, उसे एक बच्चा चाहिए.

सेक्स बीएफ मुंबई मैंने देखा कि उसकी गांड इतनी ज्यादा उभरी हुई थी कि मेरा मन कर रहा था कि इसकी गांड में लंड डाल दूँ. मेरे मॉम डैड मेरे भाई से मिलने औरंगाबाद गए थे, तो निशा को प्रपोज करने का आज अच्छा मौका था.

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इसीलिये इस तरह के प्रयोग करते समय आप रखें कि आप केवल प्राकृतिक हिना या मेंहदी का ही प्रयोग करें क्योंकि यौनांग बहुत ही संवेदनशील होते हैं. नसरीन एक बार को डर गई लेकिन मैंने उसे काफी सिखा दिया था, सो वो संयत हो गई और गोल गोल घूमने लगी. पर भाभी ने जाकर दरवाजा बंद कर दिया।अरे दरवाजा बंद क्यों कर रही हो। काम खुले दरवाजे में भी हो सकता है?” मैं सारा माजरा समझते हुए भी बोला।ये काम तो बस बन्द दरवाजे के पीछे ही हो सकता है.

सोनू और मैं अक्सर गांव में घूमने के लिए साथ में निकल जाया करते थे और काफी मस्ती किया करते थे. एक दिन मेरी मौसी की बेटी से फोन पर बात हुई तो उसने पूछा कि कोई गर्लफ्रेंड बना ली या …दोस्तो, मेरा नाम रोहन है और मैं कल्याण का रहने वाला हूं. बीएफ सेक्सी भोजपुरी बीएफ सेक्सी भोजपुरीमैं जानता था कि आपा मेरे फेवर में आई हैं और वो नसरीन को मना ही लेंगी.

एक हाथ से मैं दीदी के बूब्स को सहला रहा था और दूसरे हाथ से दीदी की चूत को छेड़ रहा था.

सेजल अपने ससुर के अंडों को दबा रही थी जिससे कि उसका ससुर आराम से सिसकारियां ले रहा था. करोना झिझकती हुई बैड पर चढ़ गई और चिन्ना के दोनों तरफ एक एक पैर रख कर खड़ी हो गई और खड़े खड़े ही झुक कर मालिश करने लगी।शातिर चिन्ना ने तुरंत अगली चल खेल दी और बोला- बेटी ऐसे नहीं, मेरी गांड पर अपने चूतड़ टिका कर बैठ जाओ और फिर मालिश करो.

बहू बोली- डैडी जी, आपके लिए आज एक सरप्राइज है दोपहर में!मैंने कहा- क्या सरप्राइज है?बहू बोली- वो तो आपको तभी ही पता चलेगा. उनके पहनावे के कारण मैं यह जान गया था कि आंटी नीचे से पैन्टी नहीं पहनती हैं. मैं पूरी तरह से सेक्स के लिए चुत को लेकर सोचने लगा था और मेरे ठीक बाजू में मेरी बहन सोई हुई थी.

ऐसा सोचकर घुटनों के बल बैठकर मम्मी की गाऊन उचकाकर अंदर झांका तो सन्न रह गया, मम्मी ने पैन्टी नहीं पहनी थी और उनकी चिकनी चूत देखकर अंदाजा लगा कि दो चार दिन पहले ही मम्मी ने अपनी झांटें साफ की हैं.

उसके बदन को छूकर इरादे तो मेरे भी कुछ बदल से गये थे लेकिन उससे पहले मुझे पूरी बात का पता करना था. उसकी चुदक्कड़ हरकतें रात में मेरे लंड को अक्सर परेशान कर दिया करती थीं और मैं मुठ मार कर सो जाता था. मैंने लंड की ओर इशारा करते हुए कहा- इसको अपनी बुर में लेना चाहोगी?वो बोली- ये तो बहुत बड़ा है.

राजस्थानी बीएफ चाहिएक्या मस्त अहसास था मुलायम बुर का … वो भी अपनी छोटी बहन की बुर का अहसास मुझे अन्दर तक मजा दे रहा था. जीवन में पहली बार मरदाना हाथों के सख्त मगर प्यार भरे स्पर्श से करोना के बदन में एक झुरझुरी सी दौड़ गई और एक अजीब से सनसनाहट होने लगी.

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लेकिन सेजल अपनी धुन के अंदर अपने ससुर का लंड पूरी तरीके से गीला करने पर आमादा थी. [emailprotected]सेक्स कहानी का अगला भाग:चूत चुदाई की हवस कॉलगर्ल से बुझी-5. पेल दो अपना मूसल और लगा दो मुहर मेरी चुत पर … और बना ले मुझे अपनी रखैल … बना ले मुझे अपनी रंडी.

सेजल ने अपने कोमल हाथों से बलविंदर साहब के लंड को ऊपर नीचे करना चालू किया बलविंदर साहब ने अपनी आंखें बंद कर ली. … उउह … चोद डालो मुझे … आह भोसड़ा बना दो आज मेरी चूत का … फक मी … फक मी हार्ड…’ इतना ही कह रही थीं. उस दिन जब मैं बीच में ही चुपके से वापस आया तो वैसे ही पहले की तरह घर के सभी खिड़की और दरवाजे बंद थे.

थोड़ी देर में बहू बाहर आयी तो मैंने उसे देखकर चौंकने की एक्टिंग की- अरे बहू, तुम कब आयी?बहू बोली- डैडी जी, थोड़ी देर हुई है. पापा बोले- तुम लुंगड़ी को साइड में करके करवट ले लो, तेल लगाने में आसानी होगी. मैंने उसके एक स्तन को अपने हाथ से जोर से दबाया, तो उसके मुँह से तेज ‘आह … आउच … ऐसे मत करो ना जानू … मुझे दर्द होता है.

थोड़ी देर में वो भी मेरा साथ देने लगी और हम एक दूसरे के होंठों को जोर जोर से चूसने लगे. और फिर बाथरूम में गया तो ज़ाहरा वहाँ अपने कपड़े पहन रही थी।मैं बोला- सुनो, अभी मेरा लंड खड़ा है, इसका पानी निकलवा दो।उसने मेरा लंड हाथ में लिया और हिलाना शुरू किया.

15-20 मिनट के बाद हम दोनों एक साथ नहाए।अब मैं सोचने लगा कि जो भी खून निकला है इसका क्या करें? पूरा बेडशीट गंदी हो चुकी है.

मम्मी से नजर मिलाने की हिम्मत नहीं हो रही थी और मम्मी भी नजरें चुरा रही थी. लेडी सेक्सी बीएफउसने कुछ नाराजगी दिखाई और खाना नहीं खाने का बोल कर अपने रूम में चली गई. देसी एडल्ट बीएफकल्पना ने देखा कि मेरे कंडोम से बहुत सारा वीर्य बह कर वहीं बेड पर गिर रहा है. अब वह पूरी तरह से संतुष्ट था कि कबूतरी उसके जाल में फँस चुकी है और कल थोड़ी से मेहनत के बाद अपने आप मेरा लण्ड मांगेगी।उस औरतखोर को यह भी यकीन था कि करोना उन लड़कियों की तरह कमसिन और नादान नहीं है.

उसके अर्धविकसित चूचों का स्पर्श मेरे सीने पर बहुत ही आराम दे रहा था.

मेरी बहन भरे हुए तन की मलिका है। उसको देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो सकता है।मेरा नाम सिद्धार्थ है, मेरी उम्र 25 साल है।यह कहानी मेरी और मेरी मौसी की लड़की मीनू की है जिसकी उम्र 23 साल है।पहले मैं आपको मीनू के बारे में बता देता हूँ. फिर मैंने एक करवट ली, जिससे चादर मेरे लंड से हट गयी और मेरा लंड दिखने लगा. मैंने सोचा कि जो यहां पीजी या कमरा किराए पर लेकर काम करने वाले रहते हैं, उनके वहां जाकर कुकिंग आदि काम करने लगूँ.

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मेरा दुबारा मूड बनाने के बाद सैम ने फिर से चुदाई का खेल चालू कर दिया. काफी देर तक की चुसम चुसाई के बाद रूबी झड़ गई और मेरा भी वीर्यपात हो गया. मैंने फिर से उसकी चूत में जीभ को अंदर दे दिया और उसको पूरी मुंह में लेकर चूसने लगा.

फिर उसको चूम कर पूछा- अब पथरी का दर्द कैसा है?वो हंस दी और बोली- पथरी को तेरे इस लोहे के लंड ने तोड़ दिया है.

मैंने सिम्मी को समझते हुए कहा- कल से आप वहां स्विमिंग करने नहीं जाओगी.

ऐसा करने से कल्पना मुझे और जोर से कसके अपने गले लगा कर लंड पर धीरे धीरे अपनी चूत रगड़ने लगी. उसके बार- बार ऐसा करने से करोना के शरीर में फिर से एक अजीब सी झनझनाहट शुरू होने लगी और खुमारी सी भरने लगी. गुजरात के सेक्सी बीएफमैंने दीदी से पूछा- क्या हाल है दीदी?दीदी ने अपनी चूत की ओर दिखाते हुए कहा- पापा ने सुबह चार बजे तक इसको खूब बजाया है.

जब मुझे लगा कि ये मान जाएगी तो मैंने उसको उठाया और बेडरूम की ओर ले गया. 5 मिनट बाद रचना ने खुद अपना पैर और हवा में फैलाया और मुझे कहा- अब करो आपकी मर्जी से!मैंने फिर रचना के सिर को जोर से पकड़ा और लौड़े का जबरदस्त धक्का उसकी चूत पर मारने लगा. गोरा बदन … उस पर काले रंग की ब्रा और पेंटी! मानो जैसे चांद पर कोई दाग सा लगा था.

मैं कॉलेज के लिए घर से निकला, तो देखा कि तो मेरी बाइक ही पंचर पड़ी थी. उस कमरे मैं कोई बाथरूम भी नहीं था और जब हमने बाहर चेक किया तो वहां बाथरूम को लॉक लगा हुआ था.

मैं बेड पर उलटी साइड लेटा था ताकि मुझे बहू का मुझे देखना सब दिखाई दे.

अब मैंने अपना लंड निकाल लिया और रानी को बैड के किनारे लिटा के उसकी टाँगें फैला दी और खुद नीचे खड़े होके उसकी चुदाई करने लगा. हो … इंतजार हो रहा था मेरा!मैं- नहीं … तो बस मुझे घर जाना है, जिसने मेरा एक्सीडेंट किया है, उसे ही मुझे घर ड्राप करना होगा ना! साथ जाते हुए कॉफी भी पी ही सकते हैं. नताशा- हां जय … मैं आज से तुम्हारी गुलाम हूँ … दासी हूँ तुम्हारी … और जोर से चोदो मेरे राजा … आज मैं जी भर कर तुमसे चुदना चाहती हूं … फाड़ डालो मेरी चूत को अपने लंड से … इसका भोसड़ा बना दो डार्लिंग … आई लव यू राजा ओह यस अपना सारा माल चुत में ही डालना जय ओहह यस.

खेतों की बीएफ सेक्सी कभी उसके होंठों को, कभी उसके गालों को, कभी उसकी गर्दन को, तो कभी उसकी चूचियों पर किस कर रहा था. और उसको देख-देख कर मैंने अपना हस्तमैथुन करके वीर्य निकाल लिया।खाना खाने के बाद मैंने ज़ाहरा को फ़ोन किया और उससे पूछा कि वो भी गर्म हुई या नहीं?उसने कहा कि वो ये सब करने से गर्म नहीं होती, जब असली में कुछ ऐसा होगा, तब ही वो उत्तेजित होगी।उसके बाद हम रोज़ कंपनी में ऑफिस की सीढ़ियों पर एक दूसरे के होंठ चूसते तो कभी मैं उसके बूब्स दबा देता.

उसके होंठों पर अभी भी मेरा वीर्य लगा हुआ था, जो उसने अपनी जुबान से चाट कर साफ कर लिया था. अब तो मैं आ ही गया। तुम्हारी इस चूत का पूरा रस निचोड़ लूंगा उसकी चिंता मत करो। पहले थोड़ा सा गर्म तो होने दो।मैंने उसे अपने पास सटा कर बैठाया और उसे अपनी बांहों में भरकर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए. कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं अपने परिवार का परिचय आपसे करवा देता हूँ.

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कुछ सेकेण्ड्स तक उसकी चूत को मैंने लंड के सुपारे से रगड़ा और फिर उसकी चूत में लंड को घुसा दिया. मैंने थोड़ा ज्यादा जोर लगाया तो मेरा 2 इंच लवड़ा मेरी ममेरी बहन की चूत के अंदर चला गया. ये सुनकर वो हंसने लगी और बोली- हां वो तो दिख रहा है … और पंकज ने भी कहा था.

मैं उसके पास जाकर बैठ गया और माया को देखने लगा और धीरे धीरे उसके होंठों की तरफ अपने होंठों को बढ़ाने लगा. मैं समझ नहीं पा रहा था कि वो मुझे उकसा रही है या उसके मन में कुछ और बात है.

मामी मेरे वीर्य को देख कर जोश में आ गयी और तेजी के साथ अपनी चूत में उंगली करने लगी.

उनके कहने पर मैं भी तैयार हो गया था क्योंकि भैया और भाभी पहले से ही वहां पर रह रहे थे. तनु ने अपने मुंह से लंड निकाल कर आह … करके एक गहरी सांस भरी और बोली- बस करन, अब मेरी चूत में अपना लंड अंदर डाल दो. उसने मेरे लंड को मुंह में ले लिया और एक दो बार चूसा था कि मेरे लंड से वीर्य की पिचकारी छूटने लगी.

उस दिन मज़ाक में मेरे हाथ प्रीति के दूध में जा लगे और मैंने उसे गलती से पकड़ लिया और उसी समय उसका दूध दब भी गया. सभी मेरी जवानी का मजा लूटने में लगे थे, मैं भी इस सबका मजा ले रही थी. और निधि बड़े ही प्यार से मेरे लन्ड के साथ साथ मेरे अंडकोष को भी चाट रही थी।कुछ देर बाद मैंने निधि के सर को अपनी हाथों में पकड़ लिया.

उनकी इन हरकतों से मेरी जान निकल रही थी और कुछ ही देर में मैं संभोग की चरम अवस्था पर जा पहुंची.

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ये बात अभी कुछ हफ्ते पहले की ही उस वक्त की है, जब मैं दिल्ली से अपने गांव सोनपुर जा रहा था. इतने से ही मेरी मम्मी जोर से चिल्ला पड़ीं- आह निकालो … बहुत दर्द कर रहा है. मैंने अचंभित होकर कहा- क्या सच बताओ यार … फिर तो बहुत लेट हो जायेगा यार.

इतनी खूबसूरत लड़की का बॉयफ्रेंड नहीं?सिम्मी ने कहा- एक लड़का था जो मुझे परेशान करता था.

क्योंकि अगर मैं तुम्हें पहले ही मजा दिला देता तो तुम मुझे मजा नहीं दिलवाती. इसी के चलते मैं ऑफिस से बाहर फील्ड पर निकल गया और शाम को घर आकर मैंने कल्पना को कॉल किया- कल जरा जल्दी आना … और देर तक रुकना. मुझे पता था की उनकी चीखने चिल्लाने की आवाजें तुम्हें डरा कर मुझे मेरे असली मकसद में कामयाब नहीं होने देंगी.