कंडोम लगाकर बीएफ

छवि स्रोत,वीडियो में सेक्सी सेक्सी सेक्सी

तस्वीर का शीर्षक ,

xxx वीडियो वीडियो: कंडोम लगाकर बीएफ, और सुन लो आज के मुझसे कभी बाद कहा कि उनको फ़ोन करके मम्मी को दिखाने के लिए बुला लो.

सेक्सी हॉट वीडियो देखना है

वो मुझे रियल में कर रहा हो।शुभम- एक प्यारी सी किस तुम्हारे प्यारे प्यारे बूब्स पर. अमेरिका सेक्सी न्यूजो शायद 34 इंच के रहे होंगे।आज जब वो मुझे देख कर अपने कमरे में जा रही थीं.

तो रात को उनके साथ सोने के लिए मैं चला जाता था, ताकि कोई एमर्जेन्सी में उनके साथ कोई हो। आंटी मुझसे बहुत प्रेम करती हैं।उस वक्त जब भी वो नौकरानी मुझे बाहर कभी मिलती. मारवाड़ी सेक्सी वीडियो जबरदस्ती चुदाईमेरा नाम रोहन है, औरंगाबाद महाराष्ट्र का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 21 साल है और में इंजीनियरिंग का स्टूडेंट हूँ। मैं दिखने में एक स्मार्ट और आकर्षक युवक हूँ और मेरा लन्ड औसत से काफी लंबा और मोटा है।मैं पिछले तीन सालों से अन्तर्वासना पर सेक्स कहानियां पढ़ता आ रहा हूँ.

ओढ़ने के लिये चादर और बनियान दे दे।मैंने दोनों कपड़े भाभी को दे दिये।थोड़ी देर में भाभी की फिर आवाज आई- यह चादर कैसी है… कभी धोता नहीं है क्या? सारी जवानी इसी पर निकाल रखी है। बेशर्म कहीं का.कंडोम लगाकर बीएफ: इसलिए बदली गई।उसने कहा- ठीक है जो मन हो वो करो।मैंने भी ‘ओके’ बोला।फिर मैंने भी सोचा खाली बोर होने से क्या फायदा चलो बात ही करते हैं.

पर तुमको देखा तो तुम मुझे पसंद आ गए थे। तभी मेरा मन तुमसे बात करने का हुआ था। ट्रेन में जब तुमने उस औरत को बैठने के लिए जगह दी थी.कबीर हँसने लगा फिर बोला- यार चम्पू अपनी मेमसाहब की पैन्टी और मेरी चड्डी उठा कर ऊपर रख दो।मैंने ऐसा ही किया।अब वो पलंग पर टेक लगा कर पीठ के बल नंगा बैठ गया और नेहा उसके लण्ड से खेलने लगी, वो कबीर के लौड़े को को किस कर रही थी।फिर कबीर ने नेहा से कहा- जान भोग का क्या हुआ?नेहा बोली- चुप रहो कोई भोग-वोग नहीं.

हिंदी में सेक्सी वीडियो रोमांस - कंडोम लगाकर बीएफ

लंड शब्द बोलकर मुझे एक अलग सी फीलिंग या रही थी। मैंने अपने हाथों से उसे पकड़ा और थोड़ी देर तक उसको सिर्फ देख ही रही थी।तभी वो बोला- जानेमन इसे ऐसे ही देखती रहोगी या इसे प्यार भी करोगी?मैंने झट से जवाब दिया- हाँ हाँ.मानती है या नहीं। एक काम कर तू उसके पास किसी बहाने से जा।मैंने कहा- ठीक है।सुमन रसोई में थी और मुझे देख कर सीधी खड़ी हो गई।मैंने कहा- हैलो.

’कबीर नेहा की गांड पीछे से दबाता जा रहा था और उसकी चूत को चूसता जा रहा था। नेहा की चूत जब पूरी तरह पानी छोड़ने लग गई. कंडोम लगाकर बीएफ ’मैंने उनकी बात को अनसुना कर दिया और जीभ को गांड के छेद पर लगा कर कुरेदने लगा।‘आआहह.

पर मेरा अभी पानी नहीं निकला था, मैंने स्पीड को फुल करके उसकी ताबड़तोड़ चुदाई की। कुछ मिनट बाद मैंने अपना सारा माल उसकी चूत से बाहर निकाल दिया।अब हम दोनों एक साथ लेटे हुए थे।ये सब करते हुए हम दोनों को दो घंटे से भी अधिक हो गए थे.

कंडोम लगाकर बीएफ?

तो टाइम पास कर रहा था।उसने मेरा कंप्यूटर खुला देखा तो उस पर अन्तर्वासना की साईट खुली देख कर बोली- आदित्य तुम बहुत गंदे हो. वही लड़की थी।उसे देखकर अचानक मेरे बदन अजीब सी गुदगुदी हो रही थी।वह मेरे पास आई लेकिन कुछ बोल नहीं रही थी।अब मेरे से रह नहीं जा रहा था मैंने उसके हाथ को पकड़ा और अपनी ओर खींचा और उसका किस लेना शुरू कर दिया।वह भी मेरा साथ दे रही थी। मैंने एक हाथ उसके मम्मों पर रखा और दबाना शुरू किया. मैं तुरंत गिफ्ट को किनारे रख कर दरवाजे को खोलने चली गई। जैसे ही दरवाजा खोला सामने मेरा भाई था और साथ में अम्मी और अब्बू भी थे। भाई के हाथ में एक छोटा सा पैकेट था।मेरे हाथ में देते हुए कहा- लो आरू, अपने भाई की तरफ से गिफ्ट!मुझे घर में सब यही बुलाते हैं और मेरा उप नाम भी यही है।मैंने जैसे ही उसे खोला.

दोनों बेटे हैं। मेरी वाइफ भी काफ़ी सुंदर है। मैं उसे डेली चोदता हूँ. हम दोनों आपस में सब कुछ शेयर करती थीं। इसलिए मैंने उसे सब कुछ बता दिया।मेरे बताते ही वह जोर-जोर से हँसने लगी और बोली- आज मेरी लाड़ो की फिर से नथ उतर गई. जिससे उसने अपने दोनों पैर आपस में जकड़ कर कस लिए थे।यह हिंदी चुदाई की कहानी आप अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!फिर मैं उसकी कमर और उसकी योनि के आस-पास चूमने लगा और फिर धीरे से उसके पैरों को अलग करते हुए, उसकी योनि पर अपना लिंग का सुपारा रख दिया।जैसे कि शबनम पहले से ही गर्म और सेक्स के लिए तैयार हो चुकी थी.

मैंने शावर चालू कर दिया और हम नहाने लगे।मैंने उसकी पैंटी में हाथ डाला. तो उसने मुझे देख लिया और वो शर्मा कर अपने चूचों को हाथों से छिपाने लगी।इस घटना के 3-4 दिनों तक उसने मुझ से नजरें नहीं मिलाईं।फिर एक दिन अचानक उसका मिस कॉल आया।चूंकि उसका नम्बर मेरे पास नहीं था. आ बहुत दिनों के बाद इतना मज़ा आ रहा है, लग रहा है जैसे जन्नत में हूँ।मेघा की बातें सुनकर रहेजा सर हँस रहे थे, मेरी बेटी की नन्ही सी चिकनी बुर पूरी तरह से पानी छोड़ रही थी.

पर ये तो कविता ने बंद की थी।अँधेरे में किसी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और धीरे से मेरे कान में बोली- हाय हैंडसम. थोड़ा आराम से और पति यह सब कुछ करता ही नहीं है, वो तो बस नीचे लेटा कर 10-12 शॉट मारता है और फिर सो जाता है।मैं उसकी चुदास को सुनता रहा और धीरे-धीरे उसकी पैंटी उतार दी।सफाचट जन्नत के द्वार का दीदार करके मैंने चूत पर एक किस किया।वो झट से मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरा लंड बाहर निकाल कर बोली- बाप रे ये तो मेरे पति से बहुत बड़ा है.

और उसने भी खुल कर चुदवाया। मैंने अपने दोस्त को बुलाया। वो अपनी बहन को लेकर आया.

तो मैंने उसको एक कपड़े से साफ़ किया और फिर अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया।धीरे धीरे वो फिर से गर्म होने लगी। अब मैंने उसको फिर से पोजीशन बदलने को कहा.

लेकिन अब तो उन्हें भी मजा आने लगा था। कुछ ही पलों में वो भी पूरे जोश में आ गईं और मेरा साथ देने लगीं।मैं उनकी चूचियों को मसले जा रहा था और वो मेरे होंठों को चूस रही थीं। अब मेरा लंड पूरा कड़ा हो चुका था और मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था इसलिए मैं वहीं झड़ गया।भाभी ने नशीली आवाज में कहा- ये क्या लाला. तो उसने मुझे देख लिया और वो शर्मा कर अपने चूचों को हाथों से छिपाने लगी।इस घटना के 3-4 दिनों तक उसने मुझ से नजरें नहीं मिलाईं।फिर एक दिन अचानक उसका मिस कॉल आया।चूंकि उसका नम्बर मेरे पास नहीं था. तो पति भी तुम्हारे जैसे होना चाहिए!वे दोनों चिपक कर लेट गए।नेहा मुझसे बोली- जा बाहर जा.

तुम्हें तो हर वक्त चूतों की ही बातें आती हैं, कोई और बातें भी कर लिया करो।तभी पास बैठा संजय बोला- अकेली चूतें ही नहीं हमें गांड की बातें भी आती हैं, कहो तो गांड मार देते हैं।हम सभी हँसने लगे।तभी पूजा और नीलू चाय और स्नेक्स लेकर कमरे में दाखिल हुईं।नीलू बोली- अरे कौन किसकी गांड मार रहा है. आज मैं स्कूल जाने के लिए तरुण से पहले ही जाग गया था।’सविता भाभी- आह्ह. लेकिन उसने नहीं करने दिया, उलटे उसने उठ कर कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और मेरे पास आकर बोली- मुझे किस करो ना?मैंने ‘ना’ कहा तो वो उठ कर बिस्तर से जाने लगी और कुछ दूर से वापस आ कर जबरदस्ती मेरा हाथ पकड़ कर किस करने लगी।पहले तो मुझे अजीब सा लगा.

मुझे तो बिना देखे ही घबराहट हो रही है।तो वो बोला- घबराहट हो रही है.

साला दो साल से नाटक कर रहा है। उसे तो पता ही नहीं रहता कि लड़की का कब मूड होता है, मेरे सर ने पहले ही दिन मुझे पहचान लिया।हम दोनों हँसने लगे।मैं बोला- अच्छा साली. और शायद हम लोग एक ही गाड़ी से जा रहे हैं। यह एक बहुत ही मादक रमणीक स्थल है। क्या आप दोनों अकेली जा रही हैं?सविता उस व्यक्ति से पीछा छुड़ाना चाहती थी, अभी वे ‘न. तो वो मान गई और उसने मेरा लंड मुँह में ले लिया कुछ ही पलों में उसको लंड चूसने में मजा आने लगा और देर तक मेरा लंड चूसती रही।अब काजल बोली- अब रहा नहीं जा रहा है यार.

बल्कि सुहागसेज पर सुहागरात मना कर आई हूँ।फिर संतोष बोला- यार मैं कब से हाथ में लंड लिए तुम्हारी राह देख रहा था और तुम किसी और की सुहागसेज सजा रही थी।अब तक मैं खाना खा चुकी थी।फिर संतोष बोला- चलो अब हम अपनी सुहागरात मनाते हैं।यह कहते हुए संतोष मुझे एक कोने में लाकर मुझे स्मूच करने लगा, वो मुझे चूमते हुए मेरी चूचियां भी मसलने लगा।वहाँ से सब मेहमान जा चुके थे. मैं भी साथ चुदूँगी।तो मैं उसे मना नहीं कर पाई। उसका 36-30-38 का फिगर तो मुझसे भी ज्यादा अच्छा था, मैंने कहा- ठीक है।उसने जीन्स ब्रा और एक कट स्लीव्स का ढीला सा टॉप पहना हुआ था।हम दोनों ने प्लेयर में सीडी लगाई और सोफे पर एक-दूसरे के ऊपर लेट कर बुरी तरह चूमा-चाटी चालू कर दी।इतने में घर की फिर से बेल बजी. ’मुझे अन्दर गर्म-गर्म सा लग रहा था।अंकल ने खुश होकर लंड निकाल कर तौलिए से पोंछा और आईना लेते आए। अपने गांड का इतना बड़ा छेद देख कर मैं अवाक रह गया।आंटी का दिल अभी भी नहीं भरा था। वो लेट गईं और मैं उनके पैरों के बीच से फिर उनकी चूत चाटने लगा।कुछ देर चाटने के बाद आंटी ने मेरा मुँह पकड़ हटा दिया, उन्होंने कहा- अब बर्दाश्त नहीं होता हृतिक.

मैंने तुरंत उसे जाने से रोका और कहा- यहाँ हम सामूहिक चुदाई करने ही तो आए हैं.

मानव और बच्चों के साथ चले जाओ।डॉक्टर साहब बोले- मुझे बच्चों की मम्मी के साथ जाना है. जिसे शायद उसने देख लिया था।मैंने उसे चुप कराया और मैंने उससे कहा- मैंने तुम दोनों की सब बातें सुन ली थीं और मैं कल ही यहाँ से निकल कर किसी होटल में रूम लेकर रुक जाऊँगा.

कंडोम लगाकर बीएफ मुझे बड़ी शर्म आ रही है।राहुल टेप से उसके मम्मों को नापता है फिर उसकी कमर और गांड का नाप लेता है- वाह. फिर तो मुझे भी देखना है कि तेरा कितना खड़ा हो रहा है।’मैंने अपना हाथ उसकी चूची की घुंडी पर रख दिया।‘वाह रिया तेरा माल तो सच में जोरदार है यार.

कंडोम लगाकर बीएफ मज़ा आ रहा है ना?वाकयी मुझे भाभी की इस मस्ती भरी हरकत में बहुत मज़ा आ रहा था- भाभी मुझे सब औरतों का तो नहीं पता. दोनों मेरे ताऊ के घर के अन्दर बातें कर रही थीं, मैं भी मेरी वाली को ढूँढते वहाँ आ गया।जैसे ही मैं घर के अन्दर जाने वाला था.

तो उस वक्त मैं भी छुट्टी पर था।खाला बोलीं- हम दोनों को अकेले इधर डर लगेगा.

ਸੈਕਸ ਫ਼ਿਲਮ

वहाँ किस करने लगा।उस जगह किस करते टाइम दीदी के मुँह से सिसकी निकली ‘इसस्स उफ्फ. ’ जैसी सिसकारियाँ निकाल रही थी। मेरे और उसकी प्री-कम से हम दोनों की सेक्स मशीनें गीली हो चुकी थीं।अब वो बोली- बस करो ना राहुल. क्या सुजाता जी से फिर मेरी मुलाकात हुई?क्या मैं औरों के साथ सेक्स कर पाया? क्या में जिगोलो बन पाया?या फिर सब कुछ एक ही बार में ख़त्म हो गया?मेरे साथ आगे क्या हुआ.

कमर पर दांत से काटने लगा।वो उछली जा रही थी।मैंने उसकी चिकनी टाँगों पर किस किया. ’ सुहाना चीख उठी।मैं जीभ से गांड के आस-पास चाटने लगा और उंगली को अन्दर-बाहर करने लगा। थोड़ी देर बाद सुहाना भी गांड हिला-हिला कर मेरी उंगली और जीभ के मजे लूटने लगी।फ़िर मैंने दो उंगली सुहाना की गांड में डाल दीं, इस बार सुहाना चीखी नहीं. अभी सामने देखो।मैंने उसे उसकी गली में छोड़ दिया और घर चला गया।रात मैं उसका मिस कॉल आया। मैंने तुरंत पलट कर लगाया।‘क्या हुआ.

पर पता नहीं क्यों तुम पर गुस्सा ही नहीं आ रहा है।अब सुमन खुद ही मेरे पास आ कर खड़ी हो गई और बोली- कल जो तुमने किया था.

उस गर्म और कसी हुई चूत को महसूस कर रहा था।वह अब घस्से नहीं लगा रहा था, पर लंड को इतनी जोर से भिड़ा रहा था. मैं वहीं पर खड़ा रहा। अचानक मेम ने अपने सिस्टम पर काम करते-करते मुझसे पूछा- अविनाश तुम्हारी उम्र कितनी है?मैंने कहा- मेम 22. अब रोहित बिल्कुल नंगा था। इधर अब कविता के शरीर पर नाईट सूट था, तो मैंने कहा- इस मादरचोदी रांड को भी पूरी नंगी कर देते हैं रोहित.

तो मैं अन्दर जाकर बैठ गई। मेरे दिमाग में उनका नग्न जिस्म घूमने लगा।थोड़ी देर बाद वो बाथरूम से बाहर सीधे अपने कमरे में आ गए. एकदम टाइट हो गया था।मैंने आंटी की पैन्टी उतारी और बिना रोएं वाली चूत को चुम्बन कर दिया चूत पर मेरे होंठों का अहसास पाते ही आंटी तड़प उठीं। मैं उनकी चूत पर अपनी जीभ फिराने लगा. जिससे बटन खोलते ही सेक्सी बदन मुझे मिल गया था। मैं बिना देर किए उसकी छाती को चूमने लगा और उसकी छाती के उभारों को चाटने और चूमने लगा। इसके साथ ही लंबी सांसों से मैं उसके जिस्म की मदमस्त खुशबू को अपने में समाए जा रहा था। उसकी कोई पसीने की महक नहीं थी वो.

बोलीं- देवर जी कहाँ खो गए? अब कहो आपका गिफ्ट मिल गया ना?मैं तो अभी भी उनको देख ही रहा था। उन्होंने मेरे गाल पर हल्के से एक चांटा मारा और कहा- देवर जी, अब मैं कपड़े पहन लूँ?मैंने कहा- प्लीज़ भाभी आज जी भर के देख लेने दो. मुझे सच तो बताओगी ना?दीदी- मैं तुझसे झूठ क्यों बोलूंगी।मैं- आप पहले किसी से चुदवा चुकी हैं?दीदी- हाँ.

पहले इधर आ जाओ, तब मैं उस साइड चला जाऊँगा।वो खड़ी होकर जगह बदलने लगी, जब वो दोनों सीटों के बीच में आई. वो हमारे कामरस और उसके योनि खून के मिश्रण से भीगी हुई थी। इसे देखकर मेरी उत्तेजना दोबारा बढ़ने लगी, क्योंकि सरिता ने पहली बार मुझसे ही सम्भोग किया था. जिसकी कुछ लाइन में आपको पढ़ कर सुनाती हूँ।‘आरू, मैंने जब से तुम्हें अपना दोस्त बनाया है.

प्रिया और पूजा तुम मेरे साथ आओ।वो तीनों नंगी गांड हिलाती हुई किचन में चली गईं और हम तीनों मर्द रूम में बैठ कर आपस में बातें करने लगे।हम अपनी चुदाई के अगले प्लान के बारे में सोच रहे थे।अमन ने हमें सुझाव दिया कि इस बार नीलू की दो तरफ़ा चुदाई एक साथ नहीं हुई है.

तब मैंने पहली बार उस जबलपुर वाली लड़की से बात की।उसने मुझसे कहा- मैं और एक और औरत तुम्हें लेने आ रही हैं. क्योंकि अब छिपाने को कुछ बचा ही नहीं था।सुबह उठा तो फिर सबको मैंने फिर अपनी गांड का नाश्ता परोसा। उन लोगों ने यह धारावाहिक मोबाइल में क़ैद कर लिया था, बाद में मुझे इसके दर्शन भी कराए था।बाद में मुझे पेट्रोल दिला दिया और जाने दिया।अपनी वो गांड चुदाई मैं आज तक नहीं भूला।कैसी लगी आपको मेरी गांड चुदाई की दास्तान. जो मुझे संतुष्ट कर सके।आखिर एक दिन आ ही गया जब मुझे दोबारा किसी लड़की को चोदने का मौका मिला।एक दिन मेरे दोस्त और मेरा प्रोग्राम बना कि कल कोई एक कॉलगर्ल बुलाते हैं और फिर उसकी चुदाई करेंगे।मेरे काम में बिजी होने के कारण मैं तो नहीं जा सका। मेरे दोस्त ने लड़की बुलाई और उसकी चुदाई की। अगले सप्ताह मैं फ्री था.

मैं समझ गया कि ये फिर से जाने वाली है, मैंने भी अपनी स्पीड को बढ़ा दिया और अपना गर्म गर्म वीर्य उसकी चूत में भर दिया और उसके होंठों को चूमते हुए उसके ऊपर ही लेट गया।उस दिन मैंने स्वीटी मैडम को 3 बार जम कर चोदा और आज वो मेरे माल से एक लड़की की माँ बन चुकी है।मेरा कहानी आप लोगों को कैसी लगी. कूल्हे होते हुए पैर तक मैंने मालिश की, मालिश के साथ-साथ पूरे शरीर पर जीभ भी फिराता रहा।आंटी मज़ा ले रही थीं और मुँह से हल्की आवाज निकाल रही थीं। फिर मैंने अंकल की मालिश की.

जिसने उसके उरोज फटकर बाहर आने को बेताब हो रहे थे।घर में रोज की तरह कोई नहीं था और भाभी नहा रही थीं। वो वहीं कुर्सी पर बैठकर अखबार पढ़ने लगी और भाभी का इंतजार करने लगी। मेरी नजर उसके उरोजों पर थी और मेरा लंड भी हरकत करने लगा। जब मैं उसके उरोजों को घूर रहा था. मेरी पैन्टी को मेरी टांगों के बीच से निकाल दिया और मेरी टाँगें ज्यादा चौड़ी कर दीं। मेरे हाथों को फिर से वॉशबेसिन पर ऐसे सैट किया कि अब मेरे मम्मे वॉशबेसिन के अन्दर लटक रहे थे।उसने संतोष की शर्ट और बनियान भी उतार दी और संतोष से कहा- अब मस्त होकर चोद!उसने कहा- आई विश बोथ ऑफ यू. ’ की जोर-जोर से सिसकारियाँ ले रही थी।कुछ देर बाद मैंने देखा कि अब सुमन ठीक हो गई है.

फिल्म xxx

कि कैसी लगी मेरी पहली हिन्दी सेक्स स्टोरी।धन्यवाद।[emailprotected].

क्योंकि मैं किसी मुसीबत में नहीं पड़ना चाहती थी।मैं रात का इंतज़ार करने लगी ताकि मैं उस दोस्त से बात करके सब सच जान सकूँ।रात के करीब 12 बजे हमारी बात शुरू हुई। मैंने सबसे पहले वही पूछा. और सुन लो आज के मुझसे कभी बाद कहा कि उनको फ़ोन करके मम्मी को दिखाने के लिए बुला लो. जितने मैंने सोचे थे उससे कहीं ज़्यादा बड़े चूचे थे। मैं धीरे-धीरे नीचे आ रहा था। वो भी सिसकारियाँ ले रही थी.

वो कबीर पर नंगी ही उसके पेट पर बैठ गई, अब वो उसको किस करने लगी, पहले माथे पर. मेरे पिताजी की पहले ही डेथ हो चुकी थी सो मेरे घर में मेरे अलावा मेरी बीमार मां और जवान बीवी ही थे. सनी लियोन का सेक्सी व्हिडीओ एचडीउम्म्ह… अहह… हय… याह… उसकी कामुक हरकतों का कोई अंत ही नहीं था। उसने मुझे जीवन का वो आनन्द दिया.

’ सुहाना दर्द सहते हुए मेरा लंड अपनी गांड में ले रही थी।कुछ ही देर में मेरा पूरा लंड सुहाना की गांड के अन्दर था।दोस्तो। गांड मारने का पहला नियम ही है कि गांड को पहले आराम दो और जब लंड अपनी जगह बना ले. अब रहा नहीं जाता।मैंने भी देर ना करते हुए भाभी की बुर में अपना लंबा और मोटा लंड पेल दिया। चूंकि मेरे चाटने और उत्तेजना के कारण निकालने वाले पानी की वजह से भाभी की बुर पहले ही गीली थी.

तो आपको कॉल करूँगी।मैंने भी कहा- ठीक है।उसके बाद हम दोनों ने फोन रख दिए।अब मैं सोचने लगा कि अगर ऐसा हुआ तो बहुत मज़ा आने वाला है।फिर टाइम जैसे-तैसे बीता और वो दिन आ गया. उसकी रानें मेरी रानों से दबी हुई थीं। वो मुझे कस कर चिपकाए हुई थी। इस अहसास से मेरा लंड बहुत तन गया था।अब मैं भी तैयार था और वो भी।मैं उसे और सताना चाहता था. ’मैंने उसके होंठों पर चूम लिया। रिया ने कोई एतराज़ नहीं किया, वो भी साथ दे रही थी।मैं उसके दिल की बात समझ गया कि वो भी प्यार का मज़ा लेना चाहती है।‘बस सर अभी रुक जाएं.

कुछ मिनट की चुदाई के बाद उसने मुझे कस कर पकड़ लिया और बोली- और ज़ोर से करो ना. ’ की आवाजें पूरे कमरे में गूँज रही थीं।मुझे सोनिया की गोरी-गोरी चूचियों को उछलते हुए सिवाए और कुछ नहीं दिख रहा था। सोनिया की दोनों टांगें हवा में थीं। उसका एक हाथ मेरी कमर पर और दूसरा मेरी छाती पर था। मैं उसको हचक कर चोदने में मगन था।उसी वक़्त वो नीचे से कमर उठा-उठा कर ‘फक. मैं उन्हें देखता ही रहा।उन्होंने ढीली सी मैक्सी पहनी हुई थी। उनका फिगर क्या कमाल का था.

कुछ करना है तो इसको दारू पिला के सुला दो।वो बोले- समझ गया मैडम।तब तक मैं पानी ले कर आ गया।डॉक्टर सचिन मुझसे बोले- एकाध पैग दारू और पीना है?मैंने कहा- हाँ क्यों नहीं।करीब आधे घंटे हम दोनों ने दारू पी।डॉक्टर सचिन ने नेहा से कहा- यार आज तुमने कुछ नहीं लिया?नेहा ने मुझसे कहा- फ्रिज में बियर के कैन रखे हैं.

जो उसकी नंगी टांगों से होती हुई नीचे फर्श पे गिरने लगी।अमन ने आगे बढ़ कर उसकी चूत से निकल रही धार को अपने मुँह में ले लिया।रिया की चूत से निकल रहा पेशाब अमन की गाल को भिगोता हुआ उसकी छातियों को भिगोता हुआ सीधा उसके लंड पर से जा रहा था।रिया के गर्म-गर्म पेशाब से अमन का लौड़ा तन गया था।अमन बोला- ला साली कुतिया अरे तू तो पूरी छिनाल है. !जय सविता भाभी की मुस्कराहट में खोता जा रहा था।इस खेल को और आगे बढ़ाने की सोचते हुए सविता भाभी ने जय को अपनी दूध घाटी के मादक दीदार करवा दिए।सविता भाभी ने जय की तरफ अपनी मम्मों को उठाते हुए कहा- अभी कुंवारे हो.

ताकि आने वाले समय में मैं वैसी कहनियाँ लिख पाऊं। अगर किसी के पास कोई ऐसी घटना है जो कहानी के रूप में लिखवाना चाहे. जिससे उसने अपने दोनों पैर आपस में जकड़ कर कस लिए थे।यह हिंदी चुदाई की कहानी आप अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!फिर मैं उसकी कमर और उसकी योनि के आस-पास चूमने लगा और फिर धीरे से उसके पैरों को अलग करते हुए, उसकी योनि पर अपना लिंग का सुपारा रख दिया।जैसे कि शबनम पहले से ही गर्म और सेक्स के लिए तैयार हो चुकी थी. आपको मेरा नम्बर कहाँ से मिला?वो- आपके भैया से लिया था।तो मैंने भी मज़ाक से कहा- कैसी हो भाभी जी।वो ‘भाभी जी.

मैं भाभी के रसीले थन देखे जा रहा था और भाभी भी मुझे ही देख रही थीं।मुझे उनके चेहरे पर मस्ती दिखी और उन्होंने मुझसे कहा- क्या देख रहे हो. जाके फ्रिज से पीने का पानी ले आ।दोनों एक-दूसरे से नंगे हो कर चिपक गए।मैं पानी ले कर आया, कबीर ने मेरे हाथ से ले कर कहा- जान. इसलिए भाभी के मुँह के साथ-साथ अपने आप ही मेरी कमर अब फिर से हरकत करने लगी। फिर कुछ ही देर में मैं चरम पर पहुँच गया।मेरा सारा शरीर अब अकड़ने लगा था.

कंडोम लगाकर बीएफ पर मैं रुकना नहीं चाहता था। उसने कुछ देर रुक कर एक और ज़ोर का धक्का लगाया. आज तो तू ऑफिस में ही चालू हो गया।सरला भाभी ने हँसते हुए नयना को आँख मारी।मैं बोला- मैं इसके साथ प्यार का मज़ा ले लेना चाहता हूँ।मैंने नयना को होंठों पर चूमते हुए उसकी जाँघों के बीच में हाथ डाल कर सलवार के ऊपर से उसकी चूत को मसल दिया।नयना मचल उठी- हाय.

क्सक्सक्स हिन्द वीडियो

डिपार्टमेंट में ज़्यादातर फीमेल्स वर्क करती हैं।ये कहानी मेरे और मेरी मेंटर तनीशा (बदला हुआ नाम) के बीच की है, उनकी उम्र 25 साल के करीब होगी और वो देखने में बहुत ही सेक्सी लगती थी।मेरी इंटर्नशिप का पहला दिन था, मैं अपनी मैम से मिला. मेरी सारी सहेलियां आई हैं। अगर किसी ने देख लिया तो समस्या हो जाएगी।तो संतोष ने बोला- फिर कहाँ किया जाए?मैं बोली- आज रहने दो. क्योंकि रात में वो ब्रा-पैन्टी पहन कर नहीं सोती थी।बोली- अरे अच्छी तरह से गांड दबाओ न.

मैंने खड़ा लंड लहराया तो वो मेरा लंड देख कर बोली- तेरा बहुत बड़ा है. वरुण लगता है तेरा लंड तो अगली पारी खेलने के लिए तैयार भी हो गया।वरुण ने अपना लंड सहलाते हुए कहा- हाँ भाभी. इंग्लिश सेक्सी ब्लू पिक्चर ओपनउम्म्ह… अहह… हय… याह… फिर भी बिना परवाह किए मैंने तुरंत ही दूसरा ज़ोर का झटका देकर पूरा लंड चूत में पेल दिया।अब मैं उसको ज़ोर-ज़ोर से ठोकने लगा.

तो मैंने भाभी जी से कहा- मैं होने वाला हूँ।तो उन्होंने कुछ नहीं कहा.

तब भी वो मेरे साथ बात कर रही है और जब तक आप लोगों तक यह कहानी पहुँचेगी तब तक अब हम दोनों मिल चुके होंगे, क्योंकि वो कल अपना कुंवारापन खुलवाने मेरे पास आ रही है।दोस्तो, अभी कल ही रज्जी से फोन पर बात हुई है, तो मैंने हम दोनों की दास्तान उसकी सहमति से लिख दी। मेरी ये सबसे छोटी कहानी आपको कैसी लगी।मेरे कई दोस्तों को शायद ये मेरी बाकी कहानियों से अलग सी लगे. जब वो मेरे पीछे डाल कर चुदाई करते हैं।’‘दीदी दर्द नहीं होता क्या?’‘होता है.

अब धीरे-धीरे चोदना चालू करो देवर जी।फ़िर भाभी नीचे से गांड हिला-हिला कर चुदवाने लगी थीं।कुछ ही देर की चुदाई में भाभी झड़ गईं फ़िर मैं भी भाभी की चूत में झड़ गया। अब भाभी खुश थीं. वैसी कोई बात नहीं।’‘वो वही दूध वाला था ना?’वो हड़बड़ा कर उठ बैठी- आपको किसने बताया?‘उसका बहुत सुन्दर है ना. आप मुझसे नाराज हो गए क्या?वो मुस्करा कर मेरी तरफ देख रही थी।‘नहीं रिया.

’यह कहकर उसने फ़ोन कट कर दिया, जिसे सुन कर मैं हैरान रह गया कि इतनी साधारण सी दिखने वाली लड़की.

फिर अपना लंड मेरे हाथ में दे दिया।वो बोला- मुँह में लो।मैंने लंड मुँह में ले लिया और चूसने लगी। कुछ ही पलों में हम दोनों 69 की पोजीशन में हो गए थे।मैं बोली- बस भाई. मैं भी तुमसे मिलने को बहुत तड़प रही हूँ।मैं- तड़प तो मैं भी रहा हूँ।रिया- तो आ जाओ मेरे पास. ’ भरने लगी और उसकी चूत भी रस छोड़ने लगी जिससे चादर पर भी बड़ा सा गीला दाग बन गया।वो मेरे ऊपर आ गई और मेरे मुँह में उसने अपना एक दूध भर दिया और कहा- काटो इसे राजा.

सेक्सी पिक्चर दामिनीलेकिन उसने नहीं करने दिया, उलटे उसने उठ कर कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और मेरे पास आकर बोली- मुझे किस करो ना?मैंने ‘ना’ कहा तो वो उठ कर बिस्तर से जाने लगी और कुछ दूर से वापस आ कर जबरदस्ती मेरा हाथ पकड़ कर किस करने लगी।पहले तो मुझे अजीब सा लगा. मेरी चूत चाट।मैं डर गया और बिना कुछ सोचे मैंने उनका पेटीकोट ऊपर करके उनकी अधचुदी चूत चाटने लगा।मालकिन मुँह से कामुक आहें भरने लगीं ‘आह.

सेक्स व्हिडिओ बीपी

तरुण और वरुण के घर की घंटी बजी तो मिसेज वर्मा ने कहा- तरुण जरा देखो. मुझे तेरी चीख सुननी थी।मानसी बोली- भेन के लौड़े मैं तेरी हूँ और तू मेरा है. लाइन मार रहे हो।वह मुझे खा जाने वाली नजरों से घूर रहे थे और मुझसे सेक्सी बातें कर रहे थे। तभी बातों-बातों में उनकी नजर मेरी गांड के होल के पास पहुँच गई।तब वह बोले- ये दाग कहाँ से लगवा कर आई हो?मैं बोली- कौन सा दाग?तब तक उन्होंने बिना बताए मेरी गांड पर हाथ लगा दिया। उनका हाथ मेरी गांड पर लगते ही वह सब कुछ समझ गए और मौके का फायदा उठाते हुए उन्होंने मेरी गांड दबा दी।मैं कुछ बोलती.

उसकी उम्र लगभग 24 साल की होगी। वो अकेली पार्क में आती थी।पहला दिन तो ऐसा ही गया. मैं भी उनके मुँह से निकलवाना चाहता था।अपनी चूत पर थोड़ा लंड रगड़वाने के बाद भाभी चिल्ला उठीं- अब डाल भी दो. पर जैसे बाइक की स्पीड ज़्यादा होती गई, मुझे उनके पास कंधा पकड़ने आना पड़ा।अब मेरी चूचियां उनको टच हो रही थीं.

’ यह कहते हुए वैभव ने लौड़ा हाथ में पकड़ कर भावना के मुँह के सामने लहराया।भावना ने भी किसी गुलाम की तरह जाकर उसके पैरों के नीचे बैठ कर उसके लंड मुँह में भर लिया।वैभव का लंड कुछ मोटा था. मज़ा आ रहा है ना?वाकयी मुझे भाभी की इस मस्ती भरी हरकत में बहुत मज़ा आ रहा था- भाभी मुझे सब औरतों का तो नहीं पता. और उनका कुछ सामान बाज़ार में ही छूट गया था।वो मेरी मम्मी के पास आईं और मेरे लिए बोलीं- आप अपने लड़के को भेज दीजिएगा.

अविनाश ने अन्दर तक मुँह डाल कर मेरी जाँघें बड़े प्यार से चूमी और सहलाते हुए मेरी जाँघों को फैला दिया।वो मेरी चूत को बुरी तरह मसलने लगा, मुझे बहुत मज़ा आने लगा… मैं सिसकारी भरने लगी. जिससे दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था।तभी मैंने प्रिया के कान में कहा- चल साली.

मैंने उसके गालों को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और फिर मैंने प्रिया के होंठों पर अपने होंठों को रख कर 5 मिनट तक चूसा.

उसने अपना नंबर भी बदल लिया और साइट पर आना भी बंद कर दिया। उसके बाद मुझे कभी सेक्स का मौका नहीं मिला।दोस्तो, यह थी मेरी सच्ची कहानी, कैसी लगी आपको. सेक्सी अच्छा सेक्सी वीडियोसच बताओ क्या अभी तक कुछ हुआ नहीं तुम दोनों में?अब सुमन थोड़ा चुप सी हो गई और बोली- यार आपने तो मम्मी की कसम दी है. सेक्सी वीडियो गुजराती साड़ीलेकिन भैया की साली पूजा मेरी कुछ ज़्यादा ही सेवा कर रही थी और मुझे देख कर बार-बार मुस्कुरा रही थी।मैंने भी मज़ाक करते हुए कह दिया- क्या बात है पूजा जी. मगर आज पहली बार भाभी के नाजुक होंठों की छुवन को अपने लिंग पर मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था।उत्तेजना के आवेश में मैंने भाभी के बालों को पकड़ने की कोशिश की.

वरना यह सारे महामादरचोद दोस्त हमारी गांड मार देंगे।’मैं अँधेरे में खड़ा उन दोनों की मेघा के साथ हो रही बातें सुन रहा था, दोनों उसके हाथों को पकड़े रिक्वेस्ट कर रहे थे।‘ठीक है.

जहाँ मैं आँख बंद किए पड़ी थी।अब शुभम ने मेरी शर्ट को निकाल दिया, मैं सिर्फ ब्रा और स्कर्ट में पड़ी थी।यह हिन्दी सेक्स कहानी आप अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!उसने मुझे फिर से चूमना शुरु कर दिया, मेरे होंठों को चूसा. उसने दीदी को चोदा और अपनी बहन को मुझसे चुदवाया। उसकी बहन प्रिया 21 साल की थी। मैंने उसकी गाण्ड चुदाई भी की।यह कहानी आपको कैसी लगी आपके मेल का इन्तजार रहेगा।. जिससे किसी को पता चलेगा।तो उसने कहा- यह ठीक है।उसके बाद मैंने तकिया उसके नजदीक किया और उसकी तरफ मुँह करके लेट गया।मैंने धीरे से अपना एक हाथ उसके एक मम्मे पर रख दिया और उसके लिप पर किस किया।उसने कहा- यह ज़रूरी है क्या?मैंने कहा- हाँ.

उम्म्ह… अहह… हय… याह…’मैंने सीमा की सलवार का नाड़ा खोल दिया और उसकी सलवार नीचे खिसका दी, अब बारी उसकी चूत को सहलाने की थी।मेरा मन तो था कि मैं सीमा की चूत के दीदार करूँ. वो अन्दर घुसने की बजाए बाजू में फ़िसल जाता था।मैंने उससे कहा- तुम्हारी चूत बहुत कसी हुई है. ’ कर रही थी।अब मेरा निकलने वाला था। मैंने कहा- मेरा माल निकलने वाला है।उसने कहा- मेरा भी.

नंगी वीडियो

बुर में और गांड में पानी ला दे।मैं आज अपनी एक और सच्चा अनुभव आपके साथ बाँटना चाहता हूँ। यह अन्तर्वासना पर मेरी दूसरी कहानी है। मैंने मेरी टीचर का नाम और जगह के नाम बदल दिए हैं. तो मैं उठ कर बैठ गई।मेरे ठीक सामने बबिता, रामावतार जी और रमा जी थे।वो नजारा सच में बहुत ही उत्तेजक था।रमा कुर्सी पर हाथ रख कर आगे की ओर झुकी हुई थी और रामावतार जी उसके चूतड़ों को पकड़ कर अपने लिंग को रमा जी की योनि में घुसाए हुए जोर-जोर से प्रहार किए जा रहे थे। वहीं बबिता बार-बार रामावतार जी के पीछे खड़ी होकर उनके बदन को चूम रही थी. कैसी लगी आपको मेरे स्टोरी के बारे में मुझे जरूर बताएं।[emailprotected].

क्या मैं ठीक कह रहा हूँ?सविता तो उस व्यक्ति से कुछ भी बात करना नहीं चाहती थी लेकिन उनकी सहेली कुछ अधिक ही उत्साहित थी, उसने उस व्यक्ति से बड़े ही चहकते हुए अंदाज में कह दिया- हाँ हाँ.

वो भी मुझे लाइन देती थी पर कभी उससे बात करने की मेरी हिम्मत नहीं हुई। फिर एक बार मैंने अपने दोस्त से उसके बारे में बात की, उसने अपनी गर्लफ़्रेंड के थ्रू उसका नम्बर ला कर दिया और फिर उसको मैसेज किया.

जब तुम्हारा चम्पू खुद तुम्हारी लेने के लिए कह रहा है।नेहा कबीर से बोली- नहीं यार कबीर, अब मुझे चलने दो।कबीर ने नेहा से कहा- यार जानू, नाटक मत करो।नेहा ने कहा- वो कहाँ है?बोला- कौन चम्पू. मगर आपने जवाब नहीं दिया।वो बोली- पहले ये बताओ कि सब ठीक है?मैंने कहा- तुम मौसी बन गई और मैं चाचा।पूजा बहुत खुश हुई और बोली- तुम अभी घर आ जाओ. भोजपुरी सेक्सी कॉमेडी वीडियोथोड़ी देर में सो जाएगा।डॉक्टर मेरी तरफ देखने लगा।नेहा डॉक्टर साहब से बोली- तुम तो पहनाओ यार.

मर जाउंगी मैं।पर वो नहीं माना और वो मुझसे जबरदस्ती करने लगा। उसने मेरे हाथ पकड़े और अपना लंड मेरी गांड पर लगा कर जोर से धक्का दिया। उसका लंड मेरी गांड को फाड़ते हुए अन्दर गया और मैं चीख पड़ी। फिर भी वो नहीं रुका और ज़ोर-ज़ोर से धक्का लगाने लगा और मैं भी उसके लिए अपना साथ देने लगी और सेक्सी आवाजें निकालने लगी।‘हाँ आकाश. आपको और भी मजा दिलाने का मेरा वादा पक्का है।मुझे ईमेल जरूर भेजिएगा और बस मेरे साथ सुहाना मैम की चुदाई का मजा लूटते रहिएगा।[emailprotected]कहानी जारी है।. मेरा नाम रवि है, गुजरात का रहने वाला हूँ, दिखने में ठीक लगता हूँ।मेरे जीवन में पहली बार अपनी मौलिक बात को लिखने का प्रयास कर रहा हूँ, यह मेरे जीवन में घटी एक वास्तविक और एकदम सच्ची घटना है।मैं राजकोट में अभ्यास कर रहा था.

उससे पहले ही रामावतार जी भी पूरी ताकत झोंकते हुए उनकी योनि में अपना तपता हुआ लावा उगलने लगे। वे दोनों एक-दूसरे से चिपके हुए थे. सुबह जल्दी उठना है।मैंने कहा- यार कल तो संडे है।उसको मैंने चूमना-चाटना शुरू किया.

वो मुझसे और चिपक गई, मैं उसके बगल में लेट गया और उसके नंगे जिस्म को सहलाते हुए उसके होंठ चूसने लगा।सुहाना बोली- आज तुमने मुझे बहुत खुशी दी है मेरे राजा.

लेकिन मेरी रिक्वेस्ट करने पर वो मान गई और बस से उतर आई।बस से नीचे उतरने के बाद उसकी निगाहें ढाबे के आस-पास कुछ ढूँढ रही थीं।मैंने पूछा- कोई प्राब्लम?तो वो थोड़ी संकोच के साथ बोली- लेडीज टॉयलेट ढूँढ रही हूँ।मैंने कहा- पीछे हो सकता है।फिर मैं उसके आगे चलकर उसे ढाबे के पीछे ले गया. जो उसने हटा लिया।फिर मैंने उसकी दोनों कबूतरों को ब्रा को हटा कर निकाल लिया, उसकी टी-शर्ट को ऊपर करके उसके निप्पल पीने लगा।क्या बताऊँ दोस्तो. किधर से लाईं?सविता भाभी ने चुम्बन का जोरदार जबाव देते हुए कहा- मैं पिछले हफ्ते बाजार गई थी ये बड़ा ‘मददगार’ दुकानदार मिल गया था उसने ही मुझे ये ड्रेस खरीदने में ‘मदद’ की थी।जल्द ही सविता भाभी की ये ड्रेस उनके शरीर से अलग हो गई और सविता भाभी के रसीले मम्मे तरुण के मुँह में अपना जलवा दिखा रहे थे।तरुण सविता भाभी के मम्मों को चूसता हुआ बोला- आह्ह.

सेक्सी मूवी वीडियो में चुदाई झड़ने के बाद तू उसके लिंग साफ करना और चुसाई शुरू कर देना। अपने स्तनों को उसकी छाती में खूब रगड़ना और जब उसका लिंग फिर से तन जाएगा. ’भाभी भी देखने लगीं। उस में एक किसिंग सीन आ गया जिसको देख कर भाभी मुस्कुराते हुए मेरी तरफ देखने लगीं।मैंने भी हँस दिया।भाभी- कितना अच्छा है।मैंने उन्हें छेड़ा- क्या?भाभी- तुम भी ना.

कबीर बोला- जानेमन पहले भोग तो लगाओ।नेहा बोली- कैसा भोग?कबीर नेहा के मुँह के पास अपना लंड ले आया।नेहा बोली- नहीं. अपने कपड़े भी निकाले।मैंने तेल उसकी चूत पर लगाया और उसकी चूत पर लंड को धीरे-धीरे सहलाया। उसकी चूचियों को अपने हाथ से पकड़ा उसके होंठों को अपने होंठ से दबा लिए ताकि चीख न निकल सके। कसम खुदा की एक ही झटका ऐसा मारा कि चीख तो निकलनी दूर की बात है. मेरे पेट में अन्दर बच्चेदानी तक लग रहा है।डॉक्टर साहब की चुदाई की ‘फट.

इंडियन बीपी सेक्सी वीडियो

जल्दी कर!वह फिर झुक गईं।अब चंदर का अपने पर कंट्रोल नहीं रहा। चाची के पीछे आकर उसके हाथ से दराती लेने को हाथ बढ़ाया और थूक गटकते हुए बोला- ला चाची मैं काट दूँ. हाँ दोनों एक-दूसरे की आँखों में देखने लगे। शायद वो मेरी आंखों में प्यार ढूंढ रही थी और मैं उसकी आँखों में अपना प्यार। कब हमारे होंठ आपस में जुड़ गए. मैं अभी आई बस।उसकी नजरें मेरे लौड़े पर बीच-बीच में दो-तीन बार ठहरी।मैं बेशर्मों की तरह खड़ा रहा।वह असहज होने लगीं.

लेकिन मेरे पास कंडोम सुरक्षा न होने की वजह से मैं उसकी बुर में अपना लंड नहीं डाल पाया। हम दोनों काफी देर तक चूमा-चाटी करते रहे।फिर मैंने कहा- तुम अपने हाथ से मेरे लंड को हिलाओ. मैंने भी उसकी चूत को साफ किया।कुछ देर बाद हम दोनों 69 की अवस्था में हो गए। कुछ ही देर में उसकी चूत से पानी बाहर आ गया और मैं भी एक बार फिर उसके मुँह में ही खाली हो गया। फिर हम दोनों करीब 20 मिनट तक ऐसे ही लेटे रहे।फिर वो उठी और नहा कर जाने को हुई।जाते हुए उसने बोला- अगली बार जब कोई घर पर नहीं हो.

और आपकी प्यास बुझाऊँगा।इतना कहने के बाद मैं भाभी के ऊपर चढ़ गया और भाभी को अलग-अलग स्टाइल में 5 बार चोदा।सुबह हम उठे तब भाभी को मैंने किस किया और ‘थैंक्स’ कहा- भाभी, मेरा जन्मदिन आपने खास बनाया.

मैं जानबूझ कर वहीं लेट गया।नेहा बोली- अच्छा अन्दर जा कर सो जाओ।मैं झूमता हुआ उठा और अन्दर को चल दिया।नेहा मेरे पीछे आई।मैंने उससे कहा- आज डॉक्टर साहब तुमको जरूर चोदेंगे।वो बोली- वो नहीं चोदेंगे. तो उसने कुछ नहीं कहा। फिर मैंने अपने हाथ को उसकी जांघ के ऊपर ले जाकर रखा. लेकिन वे दोनों पति पत्नी उधर नहीं थे।मैंने व्याकुलता से इधर-उधर नज़रें दौड़ाईं.

लेकिन चुदाई के दौरान सविता ने किस तरह से किन-किन आसनों में सर के लंड से अपनी चूत की खुजली मिटवाई और कितनी बार सर ने सविता को चोदा। ये सब आप सविता भाभी की कामुक चित्रकथा में देखते हुए पढ़ सकेंगे।क्या सर ने सविता को पास किया? या और भी कोई मांग थी जो सविता ने पूरी की।इस सबको जानने के लिए आप सभी का सविता भाभी. आसिफ़ मस्ताना का आप सभी पाठकों को प्यार भरा नमस्कार।आपको बता दूँ कि मैं अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज का नियमित पाठक हूँ। मैं रोज प्रकाशित होने नई कहानियाँ जरूर पढ़ता रहता हूँ. और क्या पियोगे।मैंने कहा- आपको जो पसन्द है वो पिला दो।वो बोली- तुम यहीं बैठो मैं बना कर लाती हूँ।मैंने कहा- यहाँ किससे बात करूँगा.

रोने लगी और माफ़ी मांगने लगी। तब मैंने उसे पहले तो चुप कराया और करीब-करीब उसे अपनी गोद में बिठा लिया और गाल पर चुम्बन ले कर कहा- सवेरे की बात से मुझे बहुत ही बुरा लग रहा था।उसने कहा- कोई बात नहीं.

कंडोम लगाकर बीएफ: और थोड़ा सा तेल अपने लंड पर भी लगा लिया।रोहित बिस्तर पर अपनी पीठ के बल लेट गया, उसने अपनी टाँगें ऊपर उठा लीं।मैंने अपना लंड रोहित की गांड के छेद के ऊपर रखा और अपने हाथ बिस्तर पर रखकर थोड़ा सा उसके ऊपर लेट गया। मैंने धीरे से अपने कमर को आगे की और धक्का दिया तो मेरे लंड का सुपारा. तो वो चीख पड़ती। मुझे उसके बूब्स दबाने में बहुत मज़ा आ रहा था।मैं खड़ा हो गया और उसने मेरा पैन्ट उतार दिया और मैंने भी उसका टॉप उतार दिया। उसने अन्दर सफेद रंग की ब्रा पहनी हुई थी। मैं उसके मम्मों को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा और वो सिसकारियां लेने लगी।उसने मुझे रुकने को बोला.

क्या आप मुझे सिखा दोगे?पहले तो मैंने नाटक किया- मुझे टाइम नहीं मिलता।फिर मम्मी ने भी कहा- सिखा दो. बना दे इसको भोसड़ा।मैं उसकी बुर पर आ गया। मैंने मेरा लंड उसकी बुर पर लगाया। मैंने धक्का लगाया, तो मेरा लंड फिसल गया। मैंने लंड पर थूक लगाया और बुर पर लगाकर एक धक्का मारा. फ़िर आंटी ने मुझे देखा तो वो भागते हुए जल्दी से अपने कमरे में चली गईं।थोड़ी देर बाद आंटी ने कपड़े पहन कर बाहर आईं और बोलीं- तुम आ गए थे तो मुझे आवाज क्यों नहीं दी?मैंने बड़ी मासूमियत से आंटी को बोला- मैंने आवाज लगाई थी.

तो एक दिन वो नहा कर नीचे बैठ कर नाश्ता कर रही थीं। मैं उनके घर ही सोया था।उस दिन सुषमा आई और सफाई करने लगी। मैं सोने का नाटक कर रहा था और उसे पटाने का कोई बहाना ढूँढ रहा था। मैंने अपना एक हाथ बिस्तर से लटकाया हुआ था। जैसे ही वो मेरे हाथ के पास आई, मैं अपना हाथ उसकी चूचियों पर ले जाकर छूने लगा।दोस्तो क्या बताऊँ.

जब मैं स्कूल में पढ़ता था। उस समय तक मेरी कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं थी। उम्र के इस दौर के शुरू होने पर अब मुझे जो भी लड़की दिखती. वहाँ तो पहले से ही बहुत लड़कियाँ थीं।मुझे जीजू ने देखा और ऐसे खुश हुए जैसे वो मेरे लिए ही बेताब थे।मैं अन्दर गई और सबके साथ हँसी-मजाक करने लगी। धीरे-धीरे सब जाने लगे, मैंने भी साक्षी को बोला- यार अब मैं भी चलती हूँ।साक्षी बोली- तू रूक यार. आना कब है?प्रिया बोली- अगर कोई प्रॉब्लम न हो तुमको तो कल ही आ जाओ।मैंने कहा- ठीक है.