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हिंदी सेक्सी ओपन एचडी: ब्वॉय सेक्स बीएफ, कहानी के पहले भाग में मैंने बताया था कि मैं अपने मामा के घर में अपनी दीदी और भाई के साथ मजे लेकर आई.

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थोड़ी देर बाद मैं भी झड़ने को आया तो चाची से पूछा- मेरा निकलने वाला है तो कहाँ निकालूं?चाची बोली- बहुत दिनों से मेरी चूत प्यासी ही है. सेक्सी वीडियो वीडियो फुल एचडीचाची को लंड चूसने का काफी तजुरबा था इसलिए मेरे लंड को बहुत मजा दे रही थी.

अगर महेश अपनी पूरी ताकत लगा कर उसे शेल्फ पर न झुकाता तो यकीनन वो गिर पड़ती। महेश ने अपनी पूरी ताकत से नीलम को शेल्फ पर दोहरा किया हुआ था. मुंह से सफेद थूक निकलनातुम चिंता ना करो, जब तक यह शिवानी जिंदा है, वो तुम तक किसी तरह की मुसीबत नहीं आने देगी.

मैंने पता नहीं कैसे बोल दिया- इतनी जल्दी?फिर मैं अपनी बात से खुद अचकचा गया और झेंप मिटाने के लिए उस आदमी से कहने लगा- मेरा मतलब मैं इतनी जल्दी खाना नहीं खाता हूँ, मेरे लिए नौ बजे खाना लाना.ब्वॉय सेक्स बीएफ: ये सब बातें सुन कर मैं धीरे-धीरे उनसे और चिपक गया, जिस कारण उनके चुचे मेरे सीने से टच होने लगे.

फिर कुछ देर बाद उपासना उठी और सारा समान फ्रिज में और रसोई में सेट किया और फिर दोनों के लिए पानी और चाय बना कर लायी.मगर अचानक नीलम को अपने चूतड़ों पर अपने ससुर के हाथों का स्पर्श महसूस हुआ.

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थोड़ी देर में सारिका भी रूम में आ गई और वो अपने साथ आइसक्रीम भी लाई.मैं जल्दी से उनकी उंगली अपने मुँह में लेकर चूसने लगा जिसे देखकर वो और ज़ोर से हँसने लगीं.

ऐसे ही कई दिन निकल रहे थे और मैं कभी कभी उसको नहाते हुए भी देख लेता था. ब्वॉय सेक्स बीएफ फिर उसने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा- अब मुझे रहा नहीं जाता, जल्दी से अपना अन्दर डालो.

जब वापस आया तो मैंने देखा कि ऋतु का हाथ अनिल की जांघ पर ही रखा हुआ था जो उसके लंड से तीन या चार इंच की दूरी पर ही था.

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अन्तर्वासना पर मैं पहली बार अपनी कहानी लिख रहा हूं जो कि एक सच्ची घटना है. मैंने कहा- मॉम मैं साफ कर दूँ?मॉम बोलीं- बेटा आज ऐसे ही कर ले, बुर साफ करने लगेगा … तो देरी होगी और सुमन, चांदनी आ जाएंगी. मैंने भी चयन से यही कहा- काश तू पहले मिल जाता, तो मेरे दो महीने में तीन बार का मुठ यूं ही बाहर नहीं निकलता.

पंद्रह बीस मिनट तक एक दूसरी की चूत और मम्मे लाल करने के बाद सब लड़कियां निढाल होकर पड़ गयीं. शबनम और राजीव दोनों की जिन्दगी में ये पहला मौका था जब वो अपने पार्टनर के अलावा किसी और के सामने नंगे थे. चूंकि मैं एम पी पी ई टी की कोचिंग नहीं जाता था, तो मैं अपने डाउट्स उन लोगों से क्लियर करता रहता था.

वो जोरों से तड़पने लगी और बोलने लगी- प्लीज डाल दो इसे अन्दर … मेरी प्यास बुझा दो जान. आंटी तो मचल गईं- आआआह ऊऊऊउफ … उमम्म …मैं ऐसे ही ज़ोर ज़ोर से डिल्डो को आगे पीछे कर रहा था. मैं दिखने में गोरा और जिम रोज जाता हूँ, तो बॉडी भी अच्छी खासी बनाई हुई है.

कुछ ही देर में मम्मों की चुदाई के बाद मैंने अपना सारा रस अनिता भाभी के मुँह में गिरा दिया. उसी वक्त मुझे मनु की बात याद आ गयी, जब उसने कहा था कि तुम्हारे जैसी खुद लंड को अपनी चूत में डालती हैं.

मेरा लंड तुम्हारे मुंह से बाहर आने के बाद कितनी देर से तड़प रहा है.

जब तूफान ठहरा तब उसने कहा- तुम तो ऐसे मुझे चोद रहे थे जैसे मेरी जान ही निकाल दोगे।मैंने कहा- क्या करूँ … अपनी पत्नी को चोद रहा हूँ किसी और को नहीं!हम दोनों ही हंसने लगे और फिर उसके हम बाथरूम चल दिये फ्रेश होने!वहाँ भी फिर एक बार तूफान आया और फिर हम फ्रेश हो कर निकले.

भाभी ने जोर देकर पूछा तो मैंने ऐसे ही बता दिया कि आधा घरवाला होता है. उसके गाउन के इतना करीब आने के बाद मुझे उसके निप्पलों की एक झलक सी मिल गई. वो मुझे मेरे घर पर आने के लिए रिक्वेस्ट करने लगी तो मैं तुरंत मान गया क्योंकि बीवी के झगड़े से मैं भी बहुत तंग था और रुचि के आ जाने से काम करने की परेशानी भी दूर हो जाती इस वजह से मैंने उसको तुरंत ही हां कर दी.

उसके बाद उसने मेरी फ्रेंची में हाथ डाल दिया और मेरे लंड के टोपे को आगे पीछे करने लगी. पापा अपने काम पर चले जाते थे और माँ भी पड़ोस में अपनी सहेलियों के साथ बतियाने चली जाया करती थी. उसके मम्मों को दबा दबा कर मुँह मारने लग़ता है और उसकी टाँगें चौड़ी करके उसकी चुत के ऊपर लंड को रख कर धक्का मारने लगा.

पर शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था … एक दिन अचानक ऐसा हुआ जिसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी.

वो वहीं रुक गयी और मुड़ कर मुझे देखा, मेरे पास आई और ज़ोर से हंसी।ये तुम्हारा चेहरा उड़ा उड़ा सा क्यों लग रहा है?” उसने पूछा. उसने मुझे अपने उस फ्रेंड के लंड के फोटोज और उसकी चुदाई की वीडियोज सेंड की. मम्मी बोलीं- तुम्हारी साँस फूली हुई क्यों है?मैंने कहा- अभी मेरी आंख खुली है, मैं कोई सपना देख रही थी … और शायद इसलिए ही ऐसा हो गया होगा.

दस मिनट तक मैंने बड़े ही प्यार से उसकी कमर की मालिश की और इस दौरान कई बार उसके चूचों को छू लिया. मैंने कहा- जान, हम लोग यहां सोने थोड़ी आये हैं … सोना ही होता, तो घर ही ना रहते. भाबी बार बार बोल रही थीं- चोद मुझे शिवा … चोदो मुझे … अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता … तुम अपना लंड मेरी चूत में डालो.

उधर सागर के घरवालों ने तो यह कह दिया- जो चाहो करो, हम यही समझेंगे कि हमारा कोई बेटा नहीं था, जिसका नाम सागर था.

लेकिन कुछ देर बाद उसने मुझसे कहा- अब सब ठीक है, अब जैसे चाहते हो, चोदो मुझे।मैंने पूछा- क्यों दर्द नहीं रहा क्या?जो होना था … हो गया. बेडरूम में उसको लिटा कर मैं कंडोम लेने बाहर चला गया और जल्द ही वापिस आ गया.

ब्वॉय सेक्स बीएफ वो बोली- छोड़ो मुझे!मैं जानता था कि उसका ये विरोध केवल दिखावा मात्र था. मैं भी इन सब मामलों में कोई दिलचस्पी नहीं रखता था, अक्सर बाहर ही आवारगार्दी करता रहता.

ब्वॉय सेक्स बीएफ राहुल अपने कॉलेज में तैराकी में चैंपियन होने के साथ ही स्विमिंग कोच भी था. मैंने देखा मॉम राजनाथ की बांहों में थीं और राजनाथ मेरी मॉम को चूम रहा था.

किसी में उसकी टांगें दिखाई दे रही हैं तो किसी में उसकी चूचियों की दरार दिखाई दे रही है.

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वो असल में उसी दिन से सागर के लंड पाने की कोशिश करने लगी, जिस दिन उसने कहा था कि उसने ख्याल ही छोड़ दिया है. मेरा लंड मोटा और लंबा है, जो किसी भी औरत को खुश करने के लिए काफी है. फिर मैं आगे की पढ़ाई के लिए जयपुर आ गया और मेरा उससे ब्रेकअप हो गया.

उसने कहा- बहुत सालों बाद मिले हो, वो भी भाभी के साथ … शादी कब कर ली, बुलाया भी नहीं. मैंने भी जिगोलो बनने की सोची और बहुत जगह पैसे बर्बाद कर दिए, पर कुछ हासिल नहीं हुआ. अब मुश्ताक ने सीमा को नीचे पलटा और ऊपर चढ़ कर उसकी टांगें चौड़ी कीं और अपना लंड उसकी चूत में घुसेड़ दिया.

पिंकी बोली- क्यों?सीमा बोली- यार मस्ती करनी है, जरा रगड़ेंगे, मजा आएगा.

चूंकि हम दोनों ही पढ़े-लिखे थे इसलिए जानते थे कि कॉन्डम के साथ सेक्स करने में कोई खतरा नहीं है. मैंने चुत पर खुशबूदार तेल लगाया और वेस्टर्न ब्रा पेंटी पहनी, जिससे कुछ भी नहीं ढक पा रहा था. मैंने कहा- तो अब तक कितनों को चोदा है?अंकल ने बोला- इतनी औरतों को संतुष्ट किया है कि मुझे खुद भी याद भी नहीं है.

अब मैं एक हाथ से स्वरा की चूची दबा रहा था और दूसरा हाथ धीरे धीरे उसकी पैंटी के ऊपर पहुंच चुका था. मैं हमेशा बस में भी मौका देख कर उसकी गांड और मम्मों को दबा देता था. मैं उसको उत्तेजित करने के लिए दर्द से रो रही थी, पर अन्दर से बड़े लंड से मज़े ले रही थी.

वो कभी कभी मेरी चूत में उंगली भी करते थे और मैं भी उनका लंड अपने हाथ में लेकर हिलाती थी. अंकल ने बोला- सीमा मुझे कसके पकड़ कर बैठना, ये बारिश में पानी के कारण रोड पर कहीं गड्डा हुआ, तो दिक्कत हो जाएगी.

मैंने फिर से एक और झटका मारा, तो मेरा पूरा का पूरा लंड आंटी की चूत में चला गया. मैंने सोचा कि अब उसके घर आ ही गया हूं तो उसके माता-पिता का हाल ही पूछता चलूं. ”और फिर गौरी ने मेरी आँखों और चहरे पर पानी के थोड़े छींटे और डाले।मेरा मन तो कर रहा था काश! गौरी मेरे चहरे पर इसी तरह अपनी नाजुक हथेली और अँगुलियों को फिराती रहे और मैं अभिभूत हुआ इसी तरह उसकी नाजुकी को महसूस करता रहूँ।लाओ आपते हाथ भी धो देती हूँ.

वहाँ पर हम बोर हो रहे थे तो हमने सोचा कि चलो घूम के आते हैं कहीं पर.

किसी बड़ापाओ की तरह उसकी बुर फूली हुई थी और अंदर से सुर्ख लाल दिखाई दे रही थी. … आप सबने मेरी पिछली सेक्स कहानीगांव की देसी भाभी की मालिश और चुदाईएक बार फिर मैं अपनी सच्ची कहानी आप सब लोगों के सामने पर लेकर आया हूँ. मैं अब उसको सेक्स की नजर से ही देखने लगा था लेकिन वो उसके बाद कभी मेरे करीब नहीं आई.

यह कहते हुए चाची ने मेरे अंडरवियर को निकाल दिया और वे मेरे कड़क लंड को देखकर चौंक गईं- अरे जीशान. भाभी के मुख से एक चीख निकल गयी और चिल्लाकर बोली- मार दिया हरामी ने।भाभी ने मुझे ज़ोर से जकड़ लिया और नीचे से ही खुद उछल कर झटके मारने लगी। जब वो थक गयी तो फिर मैं शुरू हो गया और चुत को रौंदने लगा.

बैंगलोर के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में दाखिला मिल गया था, अतः घर छोड़ कर अपना भविष्य सुरक्षित करने के लिए चल दिया. ‌वैसे मेरा छोटा सा व्यापार है, मगर फिर भी वो मुझसे ज्यादा पैसे वाले थे. आंटी अभी कुछ समझ पातीं कि उसी टाइम मैंने पीछे घूम कर उनके होंठों पर एक लिपकिस कर दिया.

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मैंने पलट कर पूछा- तो और क्या पसंद है आपको?वो बोली- मैं जूस पीती हूं.

जब कभी मुझे भाभी की नाभि दिख जाती है तो मेरा लंड सलामी देने लगता है. उसके लिए बस आप इंतजार करते रहिए और कहानियों पर कमेंट करके बताते रहिए कि आपको मेरी कहानी कैसी लगती हैं. ”हाँ जान तुम बिलकुल सही कह रही हो।”इस मधुर की बच्ची ने तो मुझे डरा ही दिया था। इन औरतों को किसी बात को घुमा फिराकर बताने में पता नहीं क्या मज़ा आता है?अचानक मुझे लगा मेरी सारी चिंताएँ एक ही झटके में अपने आप दूर हो गयी हैं।मैंने एक बार फिर से मधुर को अपनी बांहों में जकड़ लिया … अलबत्ता मेरे ख्यालों में फिर से गौरी का कमसिन बदन, सख्त उरोज और नितम्ब ही घूम रहे थे.

मेरे साढू साहब एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में सुपरवाइजर हैं और उनकी एक 2 साल की बेटी भी है, मैंने उन्हीं की बिल्डिंग में उनके ठीक ऊपर वाले फ्लोर पर शिफ्ट कर लिया. अब उसका हाथ नीचे से होता हुआ मेरे लंड को टटोलता हुआ मेरे लंड पर जा पहुंचा. खुला फागण 2021मगर इस बार ये किस्सा उनके साथ चुदाई का नहीं है, बल्कि किसी और के साथ का है.

उसके बाद मैंने उससे फिर से किस करना शुरू किया और उसके होंठों को चूसने लगा. तो मैंने कुछ देर बाद नीचे जाके देखा कि ज्योति रसोई में कुछ काम कर रही थी.

मैं अन्य लड़कों को जो अपनी बहन को वासना की दृष्टि से देखते हैं, को भी बहनचोद ही बनने की सलाह देना पसंद करता हूँ. उन्हें देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया और लगा कि अभी पकड़ कर भाभी को चोद दूँ. लंड पूरा जड़ तक घुस गया तो अंकल ने फिर से मेरी गांड की चुदाई चालू कर दी.

कुछ दिन बाद मेरे बॉस ने मुझसे रात का खाना किसी होटल में करने के लिए पूछा, तो मैंने हाँ कर दी. एक दिन उसे हस्बैंड की मालिश करने आना था, तभी उस दिन तेरे हस्बैंड का उनके पास कॉल आया, तो वो चले गए. मां की आवाज को सुन कर हम दोनों हड़बड़ा गये और उसने झट से अपने शार्ट्स को ऊपर कर लिया.

अब आगे:उसी रात को उनके मैसेज से मेरी आंख खुली, जिसमें लिखा था ‘शनिवार रात को अगर चाहो, तो बात बन सकती है क्योंकि मेरे पति को ऑफ़िस के किसी कार्यक्रम की तैयारी के लिए उधर ही 2 दिन रहना पड़ेगा, जो जयपुर है.

फिर एक दिन जब उसका पति घर पर नहीं था, तो मैंने उसे वीडियो कॉल किया. अगर मैं तुम्हारे अहसान जिंदगी भर भी चुकाना चाहूं, तो भी नहीं चुका पाऊँगी.

ऐसा भी नहीं था कि इससे पहले पति ने मेरी गांड नहीं मारी थी लेकिन मुझे गांड मरवाने में जितना मजा आता था उससे पहले डर भी बहुत लगता था. मगर फिर भी मैंने ज्यादा पड़ताल करने की कोशिश नहीं की। मैं अपने कमरे में चला गया. और शायद इसीलिए देर शाम को जवां युगल या केवल पत्नियां पूल में रहते थे.

जब मैं जाने लगी तो ममता बोली- यार मुझे भी अपने चाचा ससुर का लंड चखा दे जरा. मैंने दो बार कोशिश की लेकिन दोनों ही बार मेरा लंड चाची की चूत पर फिसल गया और सुपारा भी अंदर नहीं जा पाया. वो बोली- ओके यकीन है … आपकी जगह कोई और होता, तो अब तक सब कुछ कर चुका होता.

ब्वॉय सेक्स बीएफ उसकी आँखों में आँसू भरे हुए थे जैसे कि उसके बचपन का सपना टुकड़ों में बिखर गया हो. लेकिन रास्ते में आनन्द ने बताया कि उसे स्टेशन छोड़कर ज्योति को मार्किट में थोड़ा काम है.

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हम दोनों हड़बड़ा गए; मैंने जल्दी से अपने लोअर को ऊपर किया, हर्ष साइड में बैठ गया. राहुल ने शबनम के दोनों कन्धों पर हाथ रखे हुए थे और शबनम ने राहुल की कमर में घेरा बनाया हुआ था. वैसे भी आकाश को तो यही लगेगा कि मैं नशे में कर रही हूँ।कहानी जारी रहेगी.

चूंकि हम दोनों ही पढ़े-लिखे थे इसलिए जानते थे कि कॉन्डम के साथ सेक्स करने में कोई खतरा नहीं है. ”कौन सी जॉब के लिए जा रहे हो नितिन?”एक मैनेजर पोस्ट की जॉब है … एक बड़ी कंपनी में … पहले स्टेशन पर जाना होगा और फिर ट्रेन पकड़ कर आगे जाना पड़ेगा. निरहुआ रिक्शावाला पिक्चरइसके बाद हम दोनों ने आगे से कंडोम के साथ ही सेक्स करना मुनासिब समझा.

मैंने उसे चोदते हुए कहा- वेरोनिका डार्लिंग … ये चुदाई की इंडियन स्टाइल है.

बातों बातों में पता चला कि उसके हंसबैंड शहर से बाहर उत्तराखंड में कहीं जॉब करते हैं. शाम को आंटी खाना लेकर आईं और जाते वक्त उन्होंने कहा कि कल सुबह का खाना अंकल के जाने के बाद मैं यहीं आक़र बना दूंगी.

” उसके दिमाग ने कहा। दिमाग की आवाज़ ने उसके दिल को मात दे दी और उसने अपना हाथ आगे बढ़ाकर अपनी बहू के चिकने पेट पर रख दिया।वाह … कितना नर्म और चिकना बदन है. मेरे दो तीन बार कोशिश करने के बाद भी मैं उसके चूत में अपना झण्डा नहीं गाड़ पाया।अब रहम करने की बारी नहीं थी. मैं उसके चूचों और गांड को नजर बचा कर ताड़ने की कोशिश में लगा रहता था.

उस दिन मनु ने मुझसे कहा- आज तुम बहुत गजब की माल लग रही हो, अपने बॉस से बच कर रहना.

भाई के साथ मैंने भी जंगली सेक्स किया है और उसकी तो मैं दीवानी भी हूं. मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे जन्नत मिल गई हो … क्या मस्त लंड चूस रही थीं. करीब दस मिनट बाद मेरे और उसके कपड़े उतर ही गए और हम सिर्फ एक एक कपड़े में रह गए थे.

आज दिसावर की खबरवो मेरे चेहरे की तरफ देख रही थी और मैं उसके चेहरे को पढ़ने की कोशिश कर रहा था. अब आगे की सेक्स कहानी आप दीदी प्रीति की जुबानी ही जानिये:सुबह ब्रेकफास्ट के समय मैंने मामी से बात करनी चाही लेकिन मौका नहीं मिल पाया क्योंकि इशिता आ गयी थी.

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फिर मैंने धीरे से उन्हें अपने ऊपर लिटा लिया और उनके बालों को और चूतड़ों को सहलाने लगा. सच में वो यही सोच रहा था कि काश उसे जो भी बीवी मिले वो सारिका जैसी ही हो. जिस रात का मैंने वर्षों इंतज़ार किया था, वो मेरी चाची सास आज मेरा लंड खाएगी … वो रात आ ही गयी.

फिर मैंने कहा- आंटी अगर मुझे आप जैसी बीवी मिल जाए, तो मेरी तो मौज हो जाए. सबने एक एक पेग लिया और 15 मिनट बाद राजीव ने सबसे पूछकर लाईट बंद कर दी. मैं बाथरूम में जाने लगी तो वो मेरे पीछे आकर मेरे कान में कहने लगा कि अपनी ब्रा को उतार लेना अंदर जाकर.

मैं अपनी लोअर के अन्दर से ही अन्डवियर में हाथ डाल कर अपने लंड को सहलाने और मसलने लगा. वो बोली- आप भी न! पता नहीं क्या-क्या बोलते रहते हो!मैंने कहा- क्यूं, मैंने कुछ गलत कह दिया क्या?मेरी बात पर वो थोड़ी गम्भीर होते हुए कहने लगी- अरे आपके साढू साहब को इतनी फुरसत कहां है!इतना कहते-कहते वो उठ कर किचन की ओर जाने लगी. उन्होंने कहा- क्या हुआ?मैंने कहा- भाभी आप क्या कह रही हो?उन्होंने चित होते हुए अपने मम्मे दिखाए और मेरा लंड पकड़ लिया जो एक लोहे की रॉड की तरह खड़ा था.

फिर सोचा घर पर तो माँ और पिता जी के अलावा कोई है नहीं … तो ये कौन हैं. मैंने उसकी चूत को देखा, जो साफ़ साफ़ समझ आ रही थी कि लौंडिया अनटच माल है.

शबनम ने लाख अपने मन को समझाया कि अभी जल्दी क्या है, पूरी रात बाकी है पर उसकी चूत तो अब उसके काबू में थी ही नहीं.

” नीलम फिर से गर्म होते हुए अपने चूतड़ों को उछालते हुए बोली।सही कहा बेटी, यही बात तो मैं तुम्हें समझाना चाहता था” महेश ने अपनी बहू की तरफ देखा और उसकी चूत को बड़ी तेज़ी और ताक़त के साथ चोदने लगा। ससुर बहू की चुदाई का खेल अपने चरम पर था. हॉट सेक्सी विडियो हिंदीआंटी ने उठने की कोशिश की तो उनके पैर में अभी भी बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था. सेक्सी चाचीमैंने अंकल से पूछा- ये क्या है?तो उन्होंने अपना लंड बाहर निकाल कर कहा- खुद ही करके देख लो. अब मैं अपना बदला लेना चाहता था क्योंकि काजल ने मुझे अपनी प्यास बुझाने के लिये यूज किया। साथ ही साथ मैं ये भी सोच रहा था कि वो मेरी बहन को बिगाड़ रही है।इसलिए मैंने अब काजल से बात करना बंद कर दिया था.

मैंने भाभी के मम्मों में लंड के जोर जोर से झटके देना शुरू किए, तो उनके होंठों तक लंड का तना रगड़ने लगा.

तो वो बोले- कोई बात नहीं बेटा, मैं हूँ ना, तुमको कोई परेशानी नहीं होगी. रीना बोली- अब घर चलें?मैंने कहा- चलेगें … पहले नहा तो लो … क्या ऐसे ही जाओगी?वो बोली- नहीं यार … लेट हो जाउंगी. ”मेरी बात वो समझ तो गई थी लेकिन वो ऐसे रिएक्ट कर रही थी जैसे उसे कुछ समझ ही न आ रहा हो.

अपनी आँखों में भूख और होंठों पर मुस्कान लिए शबनम ने उसकी तरफ देखा- थैंक्स!उसके दिल की धड़कन रुक सी गयी जब उसने उसकी सलवार को थोड़ा सा ऊपर किया और थोड़ा ऊपर मसाज करने लगा. कुछ पल बाद वो मेरे ऊपर से हटने की कोशिश करने लगीं, लेकिन मैंने उन्हें नहीं जाने दिया … क्योंकि मेरा अभी तक नहीं हुआ था. ”क्या?”मुझे समझ में नहीं आ रहा कि कैसे कहूँ और कहाँ से शुरू करूँ?”क्या हुआ अंकित क्या तुम्हें पैसों की जरूरत? अगर ऐसी बात है तो बोलो.

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मेरी कहानी पर आप लोग अपनी राय जरूर देना और मुझे बताना कि आपको मेरी कहानी में कौन सी पोज सबसे ज्यादा अच्छी लगी. जिन मित्रों ने अभी तक सेक्स नहीं किया है, वो निराश ना हों, ऊपर वाला सबकी सुनता है. उसका घर पास में ही था, उसने लॉक खोला, उसके घर कोई नहीं था, जब मैंने उनके बारे में पूछा तब उसने बताया कि सब शादी में गए हैं और मैं भी वहीं से लौटा हूँ.

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तभी उन्होंने मुझे गोद में लिए हुए ही एक जोर का झटका लगाया और एक सांस में हम दोनों ही लोग एक साथ झड़ गए. मैंने भी देर न करते हुए अनिता भाभी की लाल पेंटी को जाली वाली जगह से पूरा फाड़ कर अलग कर दिया. कैटलॉग साड़ीमैंने पूछा- मॉम आप पेंटी नहीं पहनती हो?तो मॉम बोलीं- मैं उसी वक्त समझ गई थी कि यह सब होने वाला है, जब तुम बहाना करके कॉलेज नहीं गए थे.

सुमिना ने फिर कहा- नहीं, आज वो मेरे पास नहीं आई है अभी तक। आप बैठिये न, मैं आपके लिए चाय बनाती हूँ. उसके बाद हम दोनों एक दूसरे को निहारते रहे और थोड़ी देर बाद मैंने उसे अपनी बांहों में ले कर उसके होंठों में अपने होंठ रख दिए और उसके होंठों को चूसने लगा. जैसे ही भाई ने मेरे आने की आहट सुनी तो उसके होश उड़ गये और वो अपने लंड को अंदर करने लगा लेकिन मैंने आगे बढ़ कर उसके लंड को हाथ में पकड़ लिया.

अपनी चूत में दूसरी की उंगली देख अनीता ने सीमा कि चूत में उंगली कर दी. ” ज्योति ने अपने पिता का दिल रखने के लिए कह दिया।ज्योति को अपने पिता की साँसें बिल्कुल अपने लबों के नज़दीक महसूस होने लगी जिसकी वजह से एक्साइटमेंट में वह फिर से गर्म होने लगी।बेटी, क्या मैं तुम्हारे गुलाबी लबों को चूम सकता हूं?” महेश ने अपनी बेटी से विनम्रता से पूछा।ज्योति भी गर्म हो चुकी थी इसलिए उसने पिता को पहली बार में ही हां कह दिया.

मॉम घर का काम खत्म खत्म करके नहाने चली गईं, बाथरूम से निकल कर जब वो अपने रूम में जा रही थीं, तो मैं भी पीछे पीछे उनके रूम में चला गया.

अब राहुल ने भी अपना एक हाथ धीरे से आगे किया और शबनम के निप्पल को सहलाना शुरू कर दिया. मैंने आंटी के चूचों को चूसते चूसते उनकी चूत में उंगली करने लगा और फिर उनके चूचों से होता हुआ उनके पेट और नाभि पर चूमने लगा. इससे पहले मैं इतने दिनों तक कभी अपने पति से दूर नहीं रही थी इसलिए मैं उनकी प्यास को समझते हुए उनका साथ देने की पूरी कोशिश कर रही थी.

पटना से पाकिस्तान पिक्चर हालांकि उसकी गांड एकदम कसी हुई थी, लेकिन फिर भी मेरे लंड से निकली चिकनाई की वजह से लंड धीरे धीरे आसानी से अन्दर बाहर होना शुरू हो गया. पर इस चक्कर में उसके जोर लगाने से उसका खड़ा मस्त लंड मेरी गांड के छेद पर बार बार हल्के हल्के धक्के भी दे जाता था तो मुझे मजा आ जाता था.

दस मिनट तक मैंने बड़े ही प्यार से उसकी कमर की मालिश की और इस दौरान कई बार उसके चूचों को छू लिया. मॉम ने कहा- हां बेटा मैं तुझसे ही चुदवाऊंगी … जब तुम्हारे पापा नहीं रहेंगे, तो मैं तुम्हारी रंडी बनकर रहूंगी. ये कहानियां इतनी अधिक कामुक और मनभावन होती हैं कि मेरा भी मन हो गया.

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तब दीदी बोली- प्रतीक तुझे पता नहीं है क्या, इस तरह से तूने जो मेरी चूत के अंदर अपना पानी छोड़ दिया है उससे मैं प्रेग्नेंट हो सकती हूँ. उसकी स्कूल की छुट्टियां खत्म हो गईं और उसके विदा होने का दिन आ गया. हम दोनों ऐसे चूम रहे थे, जैसे वर्षों के दो प्रेमी एक दूसरे के होंठों को चूस रहे हों.

उनका चूसना कमाल का था और उनके चूसने से ‘सलर्रप- सलर्रप’ की आवाज़ें आने लगी थीं. स्वरा ने सिगरेट बुझा कर अपना सिर मेरी गोद में रख दिया जो सीधा मेरे लंड पे लगा.

मैं भी सब कुछ भूलकर हाई-वे पर ही ज्योति के चुम्बन का जवाब देने लगा.

इस बीच मैं उसके मम्मों को कपड़ों के ऊपर से दबा देता, उसके मम्मों के निप्पलों को अंगूठे और उंगलियों से पकड़ कर मसल देता या खींच देता, जिससे उसे और भी मजा आता. काफी देर तक मुंह में लंड को रखने के बाद उनका लौड़ा अच्छी तरह से गीला हो गया ताकि चूत में आराम से जा सके. मैं भी झड़ने वाला था, तो मैं रीना के होंठ चूसने लगा और तेज गति से झटका मारते हुए उसकी चुत में ही झड़ने लगा.

वह अपने ससुर को देखकर सीधी होकर बैठ गई।पिता जी, मैं आपसे कुछ कहना चाहती हूं. भाभी की फिगर देख कर मुझे लगा कि भाभी ने अपने मम्मों को खूब दबाया है या शायद उन्होंने शादी से पहले किसी से इसका मजा लिया है. परवीन आंटी मुझे पीछे से चूम रही थीं और हिना आंटी मेरे लंड को सहला रही थीं.

दोस्तो, मैं आपकी प्यारी सी दोस्त प्रीति शर्मा। मेरी पिछली कहानीमेरे पति का दोस्त मेरा दीवानाकई महीने पहले हमारी प्यारी सी साईट अन्तर्वासना पर प्रकाशित हुई थी.

ब्वॉय सेक्स बीएफ: मेरे बेटे की तबियत भी ठीक नहीं है और इस तरह से तुम्हारे यहां पर रहने से मेरी भी कुछ मदद हो जाया करेगी. मैंने फिर उसकी टी शर्ट के अन्दर हाथ डाल दिया, तो पाया कि उसने अन्दर ब्रा नहीं पहन रखी थी.

तो सीमा चीखी- कमीनी कह दे ना ग्रुप सेक्स करना है?पिंकी बोली- न बाबा न … ग्रुप मस्ती ही ठीक है. मैंने उससे कहा- पहले कुछ ड्रिंक चलेगी?वो बोली- ओह्ह श्योर!मैंने बैग से व्हिस्की की बोतल निकाली और दो डिस्पोजेबल गिलास में व्हिस्की डाल कर ठंडा पानी डाला और उसको गिलास उठाने का इशारा किया. मैंने प्रिंस के लंड को आखिरकार अपने मुँह में भर ही लिया और लंड चूसने लगी.

उसी के साथ वो बहुत तेज़ चीख उठी- ऊईई ईईई म्मम्मम्म माँ आ … मरर र र गईई ईई … प्लीज बाआआ हरर निकालो ओ ओ ओ इसे। साहिल अब नहीं रहा जा रहा … मर्र र्र र्र जाऊँगी … ज़ ज़ छो ओ ओ ड़ दो बा आ बूउउ.

फिर उनकी आग शांत करने के लिए मैंने भाभी के सर की मालिश करना चालू कर दी, जिससे उनकी आग शांत हो गयी. अभी भी वो वहीं खड़ी थी, तो मैंने उसे कहा- जा अब कॉलेज नहीं जाना?तब जाकर वो बाथरूम में घुसी. चयन के बहुत ज़िद करने पर मैंने जोर जोर से दबा कर चयन के निप्पलों को भी चूसना स्टार्ट कर दिया.