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तभी मुझे लगा कि बाहर वाली क्लास में कोई है, लेकिन मैंने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया.आज वह कहीं चला गया है। उसका भाई बुलाने आया था।ये सब बातें होने के बाद कल्लू ने मुझसे इजाजत मांगी और वो दोनों वहां से साथ साथ बाहर निकल गये.

मैंने कुछ जबरदस्त धक्के मारे, तो अदिति जोर जोर से सीत्कारने लगी- ऊंई मां आह स् स् स्ह स्ह उफ्फ उफ्फ ऊंई हर्षद झड़ गयी रे मैं!उसने मुझे अपने ऊपर खींच कर जकड़ लिया. देसी सेक्सी बीएफ गांव की चाची जी की नाइटी में हिलते हैवी चुचे देख कर और उनके मम्मे मेरे सीने पर टच होते ही मेरे लंड में आग लग गई.

जैसे ही मैं झड़ी, उन्होंने तुरंत मुझे अपने से अलग किया और मेरे ऊपर आ गए.

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ऐसे दिन में खुले में अपनी टीशर्ट उतारने का अनुभव मैंने पहली बार किया था. वो न केवल मुझसे अच्छे से खुल चुकी थीं बल्कि उनकी आंखों में मुझे अपने लिए प्यार भी दिखने लगा था. वैसे मैंने तो जो किया सो किया, शायरा ने भी तो इसमें मेरा साथ दिया था … तभी तो मेरी इतनी हिम्मत हुई.

भाभी के मेरे लंड को पकड़ते ही मेरा 6 इंच का गेहुंआ लंड फूल कर झटके मारने लगा. मैंने भी आँटी को अब ऊपर की बजाये उनके निचले हिस्से कमर और चूतड़ों से पकड़ कर अपनी ओर खींच लिया. मैंने दो उंगलियां उसकी योनि में डाल कर घर्षण शुरू किया और होंठों से उसकी योनि को चाटना जारी रखा।रेनू के लिए अब खुद को संभालना मुश्किल हो गया था.

अगले ही पल लंड को गांड में पेल दिया और ये देखकर मेरी सिसकारी छूट गई. वो अपने नंगे चूचे अनामिका की पीठ पर रगड़ने लगी … और साथ ही उसके दोनों चूचे पकड़ कर मसलने लगी. लेकिन मैं कुछ भी सोचने की हालत में नहीं थी क्योंकि मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था.

जब वो चलती थी, तो उसकी थिरकती गांड को देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो जाए!और उसके चुचे देख कर तो मेरा दिल करता कि इसको नंगी करके चूचे खा जाऊं. थोड़ी देर बाद वो मस्त हो गई और बोली- मेरे घोड़े, अब जोर से मार मेरी चूत … आह … साले और जोर से पेल भोसड़ी के आहह … आह … चोद और जोर से फुद्दी चुदाई कर!वो कराहती जा रही थी और लंड लेती रही थी.

इधर मैं अपने दोनों हाथों से उसके छाती के ऊपर फूले ग़ुब्बारे बेरहमी से मसल रहा था.

अब बस कर … जल्दी से पहले एक बार चोद दे मुझे!मैंने भी देर न करते हुए भाभी की दोनों टांगें अपने कंधों पर रख लीं और चूत के छेद में लंड डालने लगा.

मैं खुशी के पैर को पकड़ कर ऊपर उठा रहा था, तो उसकी चूत एकदम से मेरे मुँह के पास लग गई थी. मुझे गुदगुदी होने लगी और मैं और तेज गति से अपना लंड अदिति की चूत में अन्दर बाहर करने लगा. फिर मैंने तुरंत उसकी साड़ी निकाल दी और उससे चिपक कर उस पर चुम्बनों की बौछार कर दी.

संजू उसे रोकने का प्रयास करती, इससे पहले ही विक्रम अपना सारा वीर्य संजू की गांड में डाल चुका था. तभी मैंने उनसे पूछा- यदि आप प्रेग्नेंट हो गईं तो सबसे क्या कहेंगी?उन्होंने तुरंत जवाब दिया- केवल मुझे, तुमको और रागिनी को यह पता होगा कि इस बच्चे का बाप कौन है. जल्दी ही एक और सेक्स कहानी के साथ आप सबसे रूबरू होऊंगा, तब तक आप सब अपना और अपने परिवार का ख्याल रखें और कोरोना नियमों का पालन करें.

चाची का हाथ नीचे लंड पर लगते ही लोवर तो ठंडा हो गया … लेकिन लंड और गर्म हो गया.

सारी लाईट्स और मोमबत्तियों की झिलमिलाती रोशनी पूरे हॉल में जगमगा रही थी. मैंने फटाफट भाग कर दरवाज़ा खोला, तो परीक्षित की वाइफ निर्मला जी खड़ी थीं. अंकल नीचे से जबरदस्त शॉट मार रहे थे और मेरी गांड का बाजा बजाए जा रहे थे.

प्लीज़ मेरी ट्रेन हॉट सेक्स कहानी पर में अपने विचार मेल करना न भूलें. कुछ देर बाद वो पलटी, तो मैंने भी जानबूझकर अपना एक हाथ उसके मम्मों के ऊपर रख दिया और हल्का सा हिला कर हटा दिया. लंड को क्या चाहिए बस छेद … मैंने गीला सा लंड उसकी चूत पर पेल दिया और झटके देने लगा.

मेरी बात बुरी लग गई क्या?मैंने उसे बताया- नहीं यार, मैं और मेरी बीवी शादी के बाद दो साल तक एक की थाली में खाते थे, लेकिन उसके बाद से उसे कुछ भी अच्छा नहीं लगता था.

वैसे मैं लज्जित, कविता की वजह से नहीं थी बल्कि प्रीति के होने से थी. मैंने बोला- अरे उसकी दिक्कत नहीं है यार … मेरी वाईफ तो गांव गयी है.

देसी सेक्सी बीएफ गांव की वो वासना के मीठे दर्द से चिल्लाने लगी- आह निकालो इसे … नहीं तो मैं मर जाऊंगी. मैं- अब क्या बताऊं भाभी … किया तो सब कुछ था और हम अलग भी उसी ‘सब कुछ.

देसी सेक्सी बीएफ गांव की मैंने तुरंत वक्त ना गंवाते हुए भाभी को विधि करने बैठा दिया और झूठी विधि करने का ड्रामा चालू कर दिया. मैंने अपनी पैंट और अंडरवियर को खोला और अपना लंड निकाल कर उसे दिखाया.

फिर मजबूरी में भैया को वहां मुंबई में अपने एक जानकार के यहां पर रुकना पड़ा.

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इसी के साथ अर्चना बहन एकदम से चीख मार कर मुझसे छूटने के लिए छटपटाने लगी- अहह मेरीईई ईईई … फट गई … चुत भैनचोद … साले कुत्ते … हरामी … रुक ज़ाआअ … आह बाहर निकाल लो … उम्म्ह … अहह … हय … याह … मम्मी. अब बस कर … जल्दी से पहले एक बार चोद दे मुझे!मैंने भी देर न करते हुए भाभी की दोनों टांगें अपने कंधों पर रख लीं और चूत के छेद में लंड डालने लगा. मैंने उनकी ख़ुशी का कारण पूछा, तो उन्होंने बताया कि आजकल के लड़के तो बस लड़कियों के कपड़े उतारना जानते हैं मगर तुम मुझे कपड़े पहना भी रहे हो.

गिलास पकड़ने की बजाए उसने अपना मुँह आगे किया और अपने गुलाबी होंठ गिलास पर चिपका दिए. फिर तो भाभी में भी जोश आ गया और वो अपने गांड को आगे पीछे करके मेरा लंड अपने आप अंदर ले रही थी. उसके चूचों पर एकदम कड़क हो चुके काले रंग के निप्पल बहुत छोटे छोटे से थे.

फिर धीरे धीरे अपने होंठों को बिना अलग किए उसके मम्मों तक ले जाने लगा.

करीब 20 मिनट तक चूत चुदाई के बाद मैंने पूरा माल उसकी चूत में भर दिया. अब संजू ने हम दोनों को देखा और दोनों की तरफ उस ग्लास को देते हुए हंसते हुए बोली- लो पियोगे?हम दोनों पीछे हट गए. दोस्तो, थ्रीसम चुदाई की कहानी के पिछले भागगर्लफ्रेंड की सहेलियों संग रासलीला- 6मैं विवान अपनी गर्लफ्रेंड आयशा की दोनों सहेलियों के साथ चुदाई करते हुए आप सभी को थ्री-सम चुदाई का मजा दे रहा था.

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फिर मैं काफी देर तक उसकी चूचियों के साथ अपने लंड से चोदते हुए खेलता रहा. खिड़की पर तेज धूप के कारण नीले रंग का सा प्रकाश अलग ही‌ नजर आ रहा था. बात करते करते मैंने आपा से कहा- आपा आपसे एक बात बोलूं, आप गुस्सा तो नहीं होगी ना!आपा ने कहा- बोलो क्या बात है?मैं बहुत हिम्मत करके आपा से बोला- आपा आप बहुत खूबसूरत हो, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ आई लव यू!आपा बोली- पागल हो क्या, मैं तुम्हारी बहन हूँ.

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थोड़ी देर मैं जब मैं उसके ऊपर से हटने लगा, तो उसने मुझे हटने नहीं दिया और जोर जोर से मुझे चूमने लगी- भैया आई लव यू … लव यू आप सिर्फ मेरे हो. कुछ देर उसकी चूचियों को पीने के बाद मैंने उसे अब 69 में कर लिया और हम दोनों अब 69 में आ चुके थे. रचना ने मेरी तरफ गुस्से से देखा और वो बाकी लोगों को प्यार से समझाने लगी- नहीं, राज यहां अकेला है.

अब मैंने गुलजान को अपने नीचे ले लिया और अपना लंड उसकी चुत में डाल कर उसकी चुदाई करने लगा. आपको यह हॉट आंटी बस सेक्स स्टोरी पढ़ कर मजा आया या नहीं, मुझे कमेंट्स में बताएं.

तो गांड का तो फट कर हाथ में आ जायेगी।मैंने कहा- भाभी, धीरे धीरे करूंगा, ज्यादा से ज्यादा तेल लगाऊँगा।फिर उन्होंने कहा- ओके मेरी जान, कर ले पर धीरे धीरे।मैंने उन्होंने वापिस डॉगी स्टाइल में किया और उनकी गांड पर खूब तेल लगाकर एक उंगली उनकी गांड में डाल कर गांड का छेद थोड़ा ढीला किया. किसी विद्वान ने कहा है कि पुरुष को एकांत में माँ, बहन या फिर बेटी किसी के साथ नहीं रहना चाहिए क्योंकि सारी मर्यादाएं भंग हो जाती हैं. इस बार भाभी भी जरा भी नहीं शर्माईं और मेरे सामने ही बेबी को दूध पिलाती रहीं.

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लेकिन उन्होंने समय समय पर हमारी काफी मदद की थी, यह जानकर वह अंकल का सम्मान करने लगा था.

यह शायद इस वजह से हो सकता है कि मुझे बहुत दिनों बाद किसी मर्द का स्पर्श हुआ था. इस तरह से अचानक से हाथ रख देने से भाभी थोड़ा चौंक गईं और धीमे से बोलीं- क्या कर रहे हो?मैंने भी कहा- क्या भाभी अब मुझसे क्या शर्माना … और वैसे भी मुझसे आपका दर्द देखा नहीं जाता है. मैंने उनसे उनकी फोटोज के बारे में लिखा, तो उन्होंने भी मुझे अपनी फोटो भेज दी.

फिर धीरे-धीरे मेरी और मीना की भी बातें कम हो गयीं और हम अपने अपने रास्ते हो लिए।तो दोस्तो, ये थी उस गाँव की भाभी की चुदाई की सच्ची कहानी. उसके पति व्यवसाय में व्यस्त रहते थे और भाभी काफी खालीपन महसूस करती थी. सेक्सी बूलूकि तख्त पर बैठकर सब्जी काट रही मामी ने कहा- विजय ये कुछ छिलके नीचे गिर गये हैं, उन्हें भी उठा लो.

मैंने देखा कि वो होटल भी वही सेक्स के काम के लिए मशहूर था क्योंकि वहां से लड़के लड़कियां निकल रहे थे. जैसे ही मैंने उनके हाथ के ऊपर हाथ रखा, उन्होंने मुझे एक चुम्बन कर दिया.

उन्होंने मुझे तुरंत ही घोड़ी बना दिया और पीछे से मेरी गांड में लंड डालकर जोर जोर से हिलाने लगे. मैंने उसके होंठों से होंठों को सटा दिया और उसने मस्ती में मेरे होंठों को चूसने का पूरा मजा लिया. मैंने ताई की जांघों पर तेल लगाकर मालिश शुरू कर दी और मालिश के साथ मैं ताई जी की चूत को अपने उंगलियों से छूने लगा था.

कुछ देर बाद वो नीचे से अपनी कमर हिलाने लगी, तो मैंने उसके होंठ छोड़ दिए और उसके दूध चूसने लगा. पीहू ने भी मेरे साथ रहने को बोला और ख़ुशी उठ कर अपने कमरे में चली गई. शांत होने के बाद उसने पानी की टोंटी खोली और अपने हाथ में पानी लेकर मेरे हाथ को धोया.

उफ्फ़ … उसकी गोरी जांघों के बीच फंसी इस छोटी सी पैंटी में उसकी चुत एकदम फूली हुई सी थी और रो रही थी.

दोस्तो, इस गाँव की लड़की चुदाई स्टोरी के बारे में आपके मन में कोई सवाल हों तो मुझे जरूर लिखें. मैंने उसकी कामुक हालत को देख कर उसके लोवर को पैंटी सहित निकाल कर उसको पूरी नंगी कर दिया.

मैंने उसके गाल और माथे को चूम लिया उसको थोड़ी देर बांहों में लिया और उसके आंसुओं को चाट कर पी लिया. चार पांच झकों के बाद मैं मस्त हो गई और बोलने लगी- आंह चोदते रहो जोर जोर से आहह … आहह … बहुत मजा आ रहा है!विपिन भी ‘आहह … आहह …’ करते हुए पूरी ताकत से मुझे चोद रहा था. हमारे बीच बस अब दो चार बातें ही हुई थीं और वो भी उसके पापा के बारे में.

चूंकि भाभी की डिलीवरी डेट कुछ ही दिनों में थी और उनको थोड़ा दर्द भी शुरू हो गया था. मैंने चूत की चुदाई का मजा लिया अपने पड़ोस की एक भाभी को चोद कर! वो भाभी अंधविश्वासी थी तो मैंने इसका फायदा उठा कर उसे अपने पाश में फंसाया. फिर मैं बोला- भाभी इसको हाथ से हिलाती रहोगी या होंठों का प्यार भी दोगी?वो समझ गयी और मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी.

देसी सेक्सी बीएफ गांव की कसम से क्या मखमली चूत थी एकदम कोमल और मक्खन सी चुत को देख कर मन कर रहा था कि बस चुत को चाट लूं. फिर जैसे ही शॉवर चालू किया, उसके जिस्म से झाग निकल गया और पूरा नंगा बदन दिखने लगा.

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जो आकर्षण एक अरसे से दबा हुआ था वो बाहर आने को मचलने लगा। मैंने उसे व्हाट्सएप पर फॉलो करना शुरू कर दिया. बहुत से लड़के सेक्स के दौरान जबरदस्ती अपनी पार्टनर की गांड में या मुँह में अपना लंड ठूंस देते हैं … जो बहुत ही गलत होता है. मैंने उनकी गांड के छेद पर थूक टपकाया और चुत चोदते-चोदते उनकी गांड में अपना अंगूठा डालने लगा.

इस बात का मतलब ये था कि उस दिन रीता ने मुझे देख कर मुझसे चुदने का फैसला कर लिया था. फिर अपनी चूत फैलाकर मेरे लंड पर बैठ गयी और लंड को अंदर लेकर उस पर कूदने लगी. बूढ़ी औरत की चुदाई सेक्सीखुद नेहा अपने रूम आ गई, जहां आते ही उसने अपने पूरे कपड़े उतारे और एक छोटा सा टॉवेल लपेट कर बाथरूम में घुस गई.

उन्होंने मुझे एक फ़ाइल के बारे में बताया और उसके रखे होने की जगह बताते हुए बोले- अभी राजेश अंकल घर आएंगे, उनको वो फ़ाइल दे देना.

हुआ कुछ ऐसा कि इधर शायरा के साथ तो मेरी बातचीत शुरू हो गयी थी मगर उधर ममता जी के साथ अभी तक भी मेरा काम नहीं बन रहा था. भाभी- हां पक्का … चलो मैं तैयारी करती हूँ और इन दोनों को भी बता देती हूँ.

फिर देखते ही देखते रात से सुबह भी हो गयी, मगर ना तो शायरा ने मुझसे ऊपर आकर बात की और ना ही मैंने खुद जाकर उससे बात की. इस समय संजू पूरी तरह से नंगी थी और फव्वारा उसकी गदरायी जवानी पर फुहार छोड़ रहा था. मैंने सीधा सीधा ही ये कहा ताकि बहाने से ही सही, मगर उसे भी तो पता चले कि मैं उसके बारे में क्या सोचता हूँ.

इसके अगले दिन इंस्टीट्यूट में सर और मॉनिटर ने मुझे रगड़ कर चोदा और वो शादी में मिले लड़के ने भी आज मुझपे हाथ साफ कर दिया.

मगर प्लीज जबरदस्ती मत करना और ऐसा कोई काम मत करना जिससे कल को तुम्हारी बदनामी हो।मैसेज पढ़ते ही मेरे चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई। मैंने मन ही मन शशि को धन्यवाद दिया. हम दोनों एक वोल्वो बस में बैठे जिसमें ज़्यादातर जवान कपल्स और लड़कों के ग्रुप थे. मगर तुम्हारे पापा क़ो पता नहीं चलना चाहिए … नहीं तो बहुत दिक़्क़त हो जाएगी.

वंजारी सेक्सी व्हिडीओभाभी ने अपनी सलवार और चड्डी थोड़ी नीचे खिसकाई और मेरे खड़े लंड के ऊपर अपनी चूत को लगा कर बैठ गईं. दिव्या ने तो जैसे मेरी मुस्कराहट को पढ़ लिया था; तुरंत मुझे चिढ़ाते हुए बोली- लगता है मौसी का मैसेज है.

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दोस्तो, मैं रूपा अपनी सेक्स कहानी में आपका एक बार फिर से स्वागत करती हूँ. उनसे पूछा- मजा आ रहा है? लग तो नहीं रहा?वे प्रसन्न हुए और उनकी गांड धीरे धीरे हरकत करने लगी. ‌ उसके पास जरूरत का हर एक सामान था और वो भी‌ मंहगा मंहगा वाला सामान था.

मैंने ऑफिस पहुंच कर बाहर बैठे एक आदमी से उसका नाम बताया तो वो मुझे उसके केबिन तक ले गया. मैंने उसकी गांड को दबाना शुरू कर दिया और मेरा लंड उसकी सलवार के ऊपर से उसकी चूत में घुसने को हो रहा था. उसके यूँ अपने सीने से लगने से मैं एक बार को तो सकपका गया था मगर बाद में मैंने ये एक साधारण सी औपचारिकता समझी और उससे अलग हुआ.

थोड़ी देर में नीता आ गयी और बोली- यहां क्यों बैठे हो हर्षद? चलो बेड पर आराम से बैठते हैं. इस दौरान मैं अपने हाथों से उनके चुचे दबाने लगा था, जिससे मुझे और भाभी दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था. मैंने कहा- भैया आप मेरी आंखों पर पट्टी क्यों बांध रहे हैं?भैया ने कहा- यही तो उस लॉलीपॉप का रहस्य है.

सोनल को अपनी गोद में लेकर मैंने अपने हाथ पर थूका और उस थूक को अपने लण्ड के सुपारे पर मल कर सोनल को अपने लण्ड पर बैठा लिया. मैं दस मिनट तक धक्के लगाता रहा जिससे मैं और शैली दोनों ही अपने चरम पर पंहुचने लगे थे.

वो मेरी इस बात से काफी हद तक खुद को संयत कर चुकी थी और अब उसके चेहरे पर किसी भी तरह का भय नहीं दिख रहा था, वो पूरी तरह से रिलेक्स हो चुकी थी.

घर में मुझे अकेला पाकर भाभी मेरे पास आयी और …प्रिय दोस्तो,जिन्होंने मेरी पिछली कहानीशरीफ दिखने वाली चाची को चोदाके सभी भाग नहीं पढ़े हैं, वे जरूर पढ़े और आनंद लें. सेक्सी वीडियो दो लड़कीचार पांच पिचकारियों में मैंने अपना गर्म गर्म वीर्य समीना के मुँह में ही निकाल दिया. whistle सेक्सीअब मेरे मुंह से खुद ही निकल गया- यार भोला, लौंडिया तो तेरे से चुदवा कर बहुत खुश हो जाती होंगी. मैं जानता था कि उसे बहुत ज्यादा तकलीफ हो रही थी … मगर वो तकलीफ कुछ समय के लिए ही थी.

मैं समझ गयी कि यदि प्रीति नहीं आई, तो ये मुझे ही अपना शिकार बना लेगी.

मैं जानता था कि अगर मैं एक कदम आगे लूंगा तो वो भी फिर चुदने के लिए आराम से तैयार हो जायेगी. भाभी- तो क्या बात थी?मैं- भाभी, मुझे तो उसकी हमेशा और रोज ही लेनी होती थी … और वो मुझे मना करती रहती थी. अब आगे भाभी पुसी लिक स्टोरी:मैं भाभी से आई लव यू कह कर उनके कान की लौ को अपने होंठों में दबा कर चूसने लगा.

मैं काफी देर तक सुधा की चूत को चाटता रहा था, जिससे कि वो बहुत ज्यादा गर्म हो गई थी. डॉक्टर ने मेरे बदन से बेबीडॉल ड्रेस को निकाल दिया और मैं ब्रा और पैंटी में रह गई थी. मगर उसने अब शोर नहीं मचाया और बैठे बैठे ही वो अब धीरे धीरे रसोई की तरफ बढ़ने लगी.

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जो लोग फ्लैट में रहते हैं, उनको पता होगा ही कि फ्लैट वालों का अधिकतर टाइम पास बाल्कनी में ही होता है. चुदाई के बाद मैंने उनको अपने हाथ से उनके कपड़े पहनाए, जिससे भाभी बड़ी ख़ुश हुईं. रूबी- तू बावला है … मैं क्यों बताऊँगी और ऐसी क्या बात है?मैं- चल छोड़ मुझे डर लग रहा है.

उसे तुम बहुत पसंद आई हो और वो चैक देने के लिए तैयार है, लेकिन बदले में वो तुम्हारे साथ एक रात बिताना चाहता है.

वो सिसकारते हुए बोली- बस अब देखते जाओ जान … आपको मजा तो मैं ही दिये देती हूं आज!कहकर वो मेरे लंड पर आगे पीछे चूत को करने लगी.

मैंने कहा- क्यों पहले किसी ने नहीं किया?वो बोलीं- सच में तेरी कसम आज … पहली बार तूने ही नीचे किस की है. कुछ ही देर में आँटी के निचले हिस्से में हरकत हुई और आँटी ने अपनी जांघों के हिस्से से मेरे लण्ड पर दबाव बना दिया. सेक्सी फिल्म 2008 कीउस दिन मैंने ऑफिस से यह कह कर कि मेरी बुआ का लड़का आया हुआ है … मुझे कुछ काम है … छुट्टी ले ली.

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दारू के साथ कुछ साथ लाए चिप्स का मजा लेना था इसलिए मैंने पहले अपने कपड़े बदल लिए. एक दिन दोपहर में उसने मुझे वीडियो कॉल किया और हम उसी तरह की बातें कर रहे थे कि उसी समय मेरे पास प्रीति आ गयी.

जब उसको दर्द से राहत मिली और लंड उसकी बुर में सैट हो गया तो वो ख़ुद ही नीचे से अपने चूतड़ उठा उठा कर मुझे आमंत्रण देने लगी.

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सामने एक सम्पूर्ण नारी को देखकर हृदय के किसी कोने से आकर्षित होने वाली भावनाओं की अनुभूति सी हुई।सिर से पैर तक रतिरूपी नारी को इतने पास से देखकर कामदेव ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी।यह थी रेनू … मेरे दूर के चाचा के बेटे वैभव की पत्नी. मैं- ये क्या है आंटी … मुझे यहां लाकर खुद अंकल से चिपक गईं?कशिश- मैं और भाभी हैं न तेरे लौड़े के लिए सन्नी. मैं तैयार होकर उसके ऑफिस पहुंच गई।इससे पहले मेरी उस आदमी से फोन पर ही बात हुई थी.

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फिर मैंने पैंटी निकलवा दी और दोबारा से उसको अपनी ओर खींच कर अपनी चूत पर उसके होंठों को टिका दिया. लेकिन तब भी उसने कहा- मैं तुम्हें मना किया था न!मैं हंस दिया- हां हां मुझे सब पता है. उसने एक मिनट बाद अपना सारा वीर्य संजू के मुँह में उड़ेल दिया, जिसे संजू मजे से पी गई.

मैंने अपना लंड उसके मुँह में डाल कर गीला करवाया और रचना की नर्म गांड के छेद पर सैट कर दिया. ज़ारा- आ … ह … उह … जान … चोदो … आह …!कुछ देर बाद मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत की चुदाई शुरू कर दी.

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मैंने तो सोचा था कि वो हमारी आवाज सुनकर या तो दरवाजा खुलवाकर हमें खूब खरी-खोटी‌ सुनाएगी, या फिर वो वहां से चुपचाप वापस चली जाएगी. साँय 6 बजे ही कमरे की बेल बजी, मैंने दरवाजा खोला तो बाहर यामिना खड़ी थी. इस तरह से ना-ना करते करते मेरी पड़ोसन लड़की ने अपनी चूत चुदवा ही ली.

तब तक उसने बोला कि आपको कोई दिक्कत ना हो, तो मैं आज की रात आपके ही कमरे पर रूक जाऊं?मैंने बोला- क्या आप अकेले लड़के के साथ रह लेंगी?इतने में वो मुस्कुरा कर बोली- हां क्यों नहीं. मैं अपना मोबाइल लाने कमरे में गया तो उधर सीन देख कर मेरी सांसें थम गईं. फिर वो रिश्ता बाइक से लेकर सेक्स तक कैसे पहुंचा और हम दोनों अपनी इच्छा एक दूसरे से कैसे पूरी की, यह इस सेक्स कहानी में पढ़ें.

फिर रूबी मुझसे कहने लगी- क्या करें … यह प्यार व्यार मुझे तो समझ में ही नहीं आता.

देसी सेक्सी बीएफ गांव की: भाभी जोर जोर से सिसकारियां ले रही थी- आअह आआ इस्स्स्स स्शह्ह, ओह्ह दीपूउउउ … आह आह ओह ओह!थी और बोली- मैं कब से तरस रही थी इस प्यार के लिए।मैंने कहा- भाभी अब में हूँ ना आपके लिए, अब आपको कभी इस प्यार की कमी नहीं होने दूँगा।भाभी ने अपना एक हाथ नीचे लाते हुए मेरे लंड पर रख दिया और दूसरे हाथ से मेरी कमर को सहला रही थी. मैं उसके कान के पास गया और पूछा- क्या तुम इसे एन्जॉय कर रही हो?उसने आंखें खोलीं और मेरे होंठों पर एक जोरदार किस दे दी.

आपा कामुक सिसकारियां लिए जा रही थी- आहह भाई … और तेज चोदो आहह बहुत मजा आ रहा है अपने भाई से चुदा कर … अम्मी कसम भाई. लिली जब स्कर्ट पहनती थी तो उसकी गोरी गुदाज़ मोटी पिंडलियाँ और घुटने के पीछे का चौड़ा सेक्सी भाग दिखाई देता था और जब वह पैंट पहनती थी तो उसमें उसकी सुडौल जाँघें और उनके बीच के ट्रायंगल में उसकी मोटी चूत की दोनों फाँकें इतनी साफ दिखती थीं कि लण्ड तुरंत झटके मारने लगता था. वो अपने नितंबों को उछालने लगी थी।उसने ना जाने कितनी बार योनिरस छोड़ा और मैं सारा योनिरस पीता गया.

उसने थोड़ा सा हिम्मत करके सुपारे पर जीभ फेरी, लेकिन फिर बोली- भैया प्लीज नहीं.

मैं बीच बीच में उसके मुंह में एक दो जोर के झटके भी मार देता था और उसको उल्टी होने लग जाती तो फिर से ढीली छोड़ देता. जब किसी लड़की से सेक्स की बात कर रहे हों तो लंड बहुत जल्दी खड़ा हो जाता है. रूबी- अब और कुछ न कर … कोई आ गया … तो क्या होगा!मैं- चोद तो लेने दे … अभी तक पता नहीं कितने लोल्ले लिए होंगे तूने इस चूत में … आज मेरा लौड़ा भी घुस जाएगा तो क्या फर्क पड़ने वाला.