बीएफ सेक्सी दिखाव

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मैं धीरे-धीर उसके बूब्स प्यार से सहलाने लगा और होंठों पर किस करने लगा. होंडा की बुलेटपारो भाभी उस समय चाय छान रही थीं, तो मैंने धीरे से उनके चूतड़ों पर एक थप्पड़ लगा दिया.

थोड़ी देर के बाद उसका भी पानी निकल गया और मेरा भी। उस रात हमने कई बार अदल बदल कर चुदाई की. काजल कैसे लगाएंजानू, आज तेरे ये मम्में कुछ बदले बदले से कड़क कड़क से क्यों लग रहे हैं मुझे!” मौसा जी बोले और मुझे चूम लिया.

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फिर उसने भी मुझसे मेरे बारे में पूछा कि तुम बाहर क्या करते हो … कहां रहते हो.मेरे हाथों में जितनी ताकत थी, उतने ही दम से मैं उनके मोटे बोबों को दबा रहा था … मसल रहा था.

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क्या गजब की खूबसूरत थी वो … रेशम जैसे लम्बे लम्बे बाल, जो उसकी कमर तक आ रहे थे.ये बोलकर मैंने उसकी पैंटी को नीचे ही नीचे उसकी चूत से खींच कर अलग कर लिया और पूरी तरह से टांगों से निकलवा दिया.

तभी क्लासरूम में एक लेडी आईं और मुझसे पूछने लगीं- पर्सनैलिटी डेवलपमेंट की यही क्लास है?तो मैंने कहा- हां जी, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट की क्लास यही है. बीएफ सेक्सी दिखाव सुरेश- अच्छा तुम्हारी पत्नी की उम्र क्या होगी और ये बताओ कि तुमने आज से पहले कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया था?रघु- मीनू अभी कुछ दिन पहले 18 की हुई है.

मुझे लगा कि मेरे कोमल उरोजों में कड़कपन सा आने लगा है और मेरे निप्पलस भी बड़े से होकर तन चुके थे.

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अब मैं और अंगिका उठे और मैं उसको अपनी गोद में उठा कर सोफे पर ले गया. उसके बाद रात में दो बार उस घटना के बारे में सोचकर मुठ मारी और फिर मैं सो गया. उस पैंटी के ऊपर ही पैंटी पहन ली इस तरह हम दोनों डबल पैंटी पहन कर बाहर आ गए.

चुत के पानी से पैंटी पूरी गीली हो गयी थी और वहां से गर्म भाप निकल रही थी. उधर गीता ने बड़ी मुश्किल से मुखिया के लौड़े का सुपारा ही अपने मुँह में ले पाया और वो जीभ से टोपे को चूसने लगी. आते ही मैंने उसके सीने पर बांहें फैला दीं और उसके गालों को सहलाने लगा.

उस वक्त मैं दिल्ली में आ गयी और कमाने के लिए मेरे पास कोई और जरिया नहीं था. हॉट एंड सेक्सी गर्ल स्टोरी में पढ़ें कि मैं अपनी चूत की प्यास बुझाने चूत में उंगली करने लगी कि मेरे मौसा जी ने अँधेरे में मुझे मौसी समझ कर पकड़ लिया. दरअसल वो इतनी कमसिन थी कि उसके जिस्म को देखने के बाद मुझसे रुका ही नहीं जा रहा था.

कमरे से फच्छ फच्छ की आवाजें आ रही थीं … साथ ही सीमा जी की कामुक सिसकारियों से पूरा रूम गूंज रहा था. इस पर उसने तुरन्त खुल कर पूछा- सील पैक हो या चटक चुकी हो?उसका सवाल का जवाब मैंने जिस तरह दिया, मुझे खुद यकीन नहीं था कि मैं इस तरह से उसे उत्तर दूंगी.

उसके पैरों में हाई हील की सैंडल, उसके ऊपर छन छन करने वाले पायलें, उसके ऊपर धीरे धीरे मुझे सब कुछ नजर जाने लगा.

मैंने अपने फोन में कठिन सा पासवर्ड लगाया हुआ था लेकिन जब फोन उसको देता था तो अनलॉक कर देता था.

मेरे मुंह से उत्तेजना में आवाजें निकल रही थीं- आह्ह … फास्ट बेबी, यू सक् सो गुड … (कितना अच्छा चूसती हो तुम) ओ बेबी।मैंने उसका सिर पकड़ा और उसके मुंह को पेलना शुरू कर दिया. प्रत्येक इंच अंदर जाते लंड के साथ पूजा के मुंह से- आह्ह, ईईई, उफ्फ, मर गयी, उईई मां, ओह्ह जैसी आवाजें निकल रही थीं. फिर मैंने अपनी पॉकेट से एक कंडोम निकाला और अपने लंड के ऊपर चढ़ा दिया.

धीरे धीरे मेरा लंड पूरा का पूरा उसकी चूत में अंदर बाहर होने लगा और मेरी स्पीड बढ़ती चली गयी. फिर उसने मुझे उठाया और मेरे चेहरे को पकड़ कर आंखों में देखते हुए बोली- तू मुझसे प्यार करता है?मैंने कोई जवाब नहीं दिया और गर्दन झुका ली. तभी मोनिषा ने जैसे ही टीवी ऑन किया, तो टीवी पर चुदाई की पोर्न मूवीज चालू हो गई.

जल्दी से डाल दे लंड को मेरी चूत के अन्दर … और मिटा दे इस चूत की गर्मी.

मैं भी कभी भाभी की पूरी चूत को अपने मुँह में भर लेता, तो कभी उनकी चूत के दाने को अपने दांतों से काटने लगता. बात आज से दो साल पहले की है जब मेरी एक बचपन की सहेली एक बहुत बड़ी मुसीबत में फंस गयी। हुआ ऐसा कि मेरी फ्रेंड, जिसका नाम मिनल है, की शादी पांच साल पहले हो गई थी. ये गांव है, यहां तो कभी कुत्ता, कभी भैंस, कभी गधा इन सबका चलता ही रहता है.

मैंने उसके मक्खन बदन को चूमते हुए उसकी शॉर्ट और पैंटी को निकाल दिया. अब तो पारिज़ा की हिचकिचाहट भी खत्म हो गई थी और वो अपने बाप से मस्ती से चुदने लगी थी. मुझे आशा है कि आपको यह सेक्सी बीबी की चुदाई कहानी जरूर पंसद आई होगी.

ऐसा बोलकर राज बेशर्मों की तरह अपना लंड एडजस्ट करने लगा, लेकिन उसकी कोशिश नाकाम रही.

आहट होने पर रोज़ी मेरी तरफ मुड़ी और बोली- अंकल आपको सब ऊपर खोज रहे हैं, जल्दी जाइये।तभी उसकी मम्मी ने रोज़ी को एक बड़ी प्लेट में पुलाव देते हुए कहा- अंकल के साथ तुम भी जल्दी इसे लेकर ऊपर जाओ।उसने मां के हाथ से प्लेट ली और सीढ़ी की तरफ बढ़ने लगी. मैंने भी पहले उसे रोने दिया, जब वो थोड़ी ठीक हुई, तो मैंने पूछा- आखिर बात क्या है बेटी तुम क्यों रो रही हो?वो बोली- पापा मैं तो आज भी लंड को तरसती ही हूँ.

बीएफ सेक्सी दिखाव मैंने पूछा- सरिता डार्लिंग, खाना बन गया है क्या?चाची बोलीं- हां बन गया है. बड़े भाई गुड़गांव स्थित एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में जॉब करते हैं और डेली आते जाते हैं.

बीएफ सेक्सी दिखाव झड़ने के बाद मैंने मौसी को सीधा किया और वहीं पर उनको लेकर सोफे पर लेट गया. अगली कहानी में मैं बताऊंगा कि कैसे मैंने बंगाली भाभी की ननद सोनिया को पटाया और उसकी चुदाई की.

उसके बाद उस शीरे को चाची के होंठों पर लगाकर उनके होंठों को चूसने लगा.

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बहुत मजा आ रहा था।उसने पूरी तरह से मुझे अपनी बांहों में ले रखा था। मुझे ऐसे चूम और चाट रहा था जैसे आज मुझे खा जाएगा। उसका ऐसा पागलपन वाला सेक्स देखकर मुझे भी मज़ा आ रहा था।रोहित मेरी चूत में बहुत तेज-तेज धक्के लगा रहा था और मेरा पानी निकलने वाला था. यह सब सुनकर वो काफी उत्तेजित हो जाती थी और उसकी उत्तेजना में आने से मुझे भी उसके उत्तेजक जिस्म का नजारा होने लगता था. इतने में ही उसने मुझे जोर से भींच दिया और अपना लंड एकदम से कसकर मेरी चूत में ठोक दिया.

अगले दिन वो फिर से रोज़ी मुझे गेट पर खड़ी हुई मिली और बोली- अंकल आपने पैसे नहीं लिये चॉकलेट के लिये? ये लीजिये कल के पैसे. फिर उस पर नजर रखते रखते पता नहीं कब मैं अपनी बहन की ओर आकर्षित होने लग गया था. साथ ही मैंने सोचा कि जब चुदना ही है तो मज़ा लेकर चुद लूं, क्या हर्ज है.

मैं- क्यों अंकित का कम लम्बा है क्या, जो ऐसे बोल रही है!सविता- हां अंकित का भी कम तो नहीं है.

वो भलभला कर चुत से झड़ती जा रही थीं और मैं अपनी उंगलियों को बिना रोके अन्दर बाहर कर रहा था. मेरी क्सक्सक्स हिंदी स्टोरी में पढ़ें कि मैं होटल के कमरे में दो चुदासी गर्ल्स के बीच था. तभी कालू की आवाज आई- मुखिया जी आप कहां हो?मुखिया- तेरी मां चोद रहा हूँ भोसड़ी के … आजा तू भी चोद ले साले, बहन के लौड़े … बाहर से ही चिल्ला रहा है मादरचोद … आ जा अन्दर.

मगर मैं जानता था कि लड़कियों को लंड चूसने के लिए कैसे तैयार करना होता है. जब भाभी गाड़ी चला रही थीं, तभी अचानक से उन्होंने ब्रेक मारा और मैं उनके ऊपर को सरक गया और मेरे होंठ उनकी नंगी पीठ पर चिपक गए. मैंने भाभी के दोनों पैरों को थोड़ा अलग अलग किया और उनके बीच में आ गया.

सन्नो- देख मुनिया अब तू बड़ी हो गई है और तेरे भैया सारा दिन खेतों में बैल की तरह कम करते हैं. फिर अपने बाएं हाथ की इंडेक्स फिंगर और अंगूठे से मैंने अपनी योनि की फांकें खोल दीं और दायें हाथ की दो उंगलियाँ अपनी योनि में घुसा दीं और अंगूठे से पिंकी के मोती को सहलाने लगी.

अब तो मैं अपनी एक गर्लफ्रेंड को भी अपने घर पर ही लाकर उसे पेलता हूँ. मैं फराह के होंठों को चूसने लगा और दोनों एक दूसरे की लार को एक दूसरे के मुंह से खींचने लगे. सुबह होते ही कभी न्यूज पेपर उठाने, कभी पौधों को पानी देने के बहाने बाहर गया ताकि यार का दीदार हो जाये.

उसकी जीभ का अहसास इतना अधिक मदमस्त था कि मेरी चुत में मानो आग सुलग उठी थी.

और जब वो पीछे मुड़ कर ब्लैकबोर्ड पर लिखने लगतीं, तो मेरा सारा ध्यान मैडम की सेक्सी गांड पर होता. इससे मुझे मन ही मन अत्यंत शर्म भी आ रही थी कि मौसाजी मेरी चूत मार रहे थे और मैं पूरी बेशर्मी से अपनी कमर उठा उठा कर उनका साथ निभाते हुए उनसे चुदवा रही थी. वो मेरे लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी और मैं उसकी चूचियों को पीने लगा.

मैं भी हैरान था कि आज ये अंदर क्यों बुला रही है! मगर मन में एक रोमांच भी था. जैसे कभी हमारे कान में खुजली मचती है तो हम बिना खुजलाये रह ही नहीं सकते ठीक वैसा ही हाल मेरी योनि का होता था उन दिनों.

बहुत देर तक सहलाने के बाद वह भी गर्म होने लगी और मैं भी गर्म होने लगा. इतना रोमांच हो रहा था कि मुझे पता ही नहीं चला कि कब लेटे लेटे मेरा हाथ खुद ब खुद लोवर से होता हुआ मेरी पैंटी के अन्दर चला गया. दो मिनट के बाद मैंने पूछा- कैसी लगी जान अपनी सुहागरात?वो बोली- अच्छी लगी, लेकिन दर्द बहुत हुआ.

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मैंने शरारत में उठ कर उसके बाल खींच दिये और फिर बाथरूम की ओर भाग गया.

फिर मैं बेक्रफास्ट को डाइनिंग टेबल पर रखने में पारिज़ा की मदद करने लगा और अंकल को आवाज़ दी. फिर दो मिनट के बाद उसने आंखें खोलने को कहा तो मैंने अपनी आंखों से हाथों को हटाया. हम दोनों साथ में घूमने लगे थे और साथ में खाना खाना से लेकर बाइक पर घूमना तक साथ में करने लगे थे.

मैं उसके चेहरे को पकड़ कर उसके होंठों को जोर जोर से चूस रहा था और वो मेरे जोश को संभालने की कोशिश करते हुए मेरा साथ दे रही थी. मुझमें अब जोश आ गया था और मैं अनवरी चाची की चुत को ज़ोर ज़ोर चूसने लगा. लड़की और घोड़े का सेक्स वीडियोअगर अंधेरे में कोई बाइक को उठा ले गया तो घर कैसे जायेंगे?वो बोली- ठीक है, चल चलते हैं.

वो लंड घुसवाते ही ‘अह्ह्ह … अह्ह्ह्ह …’ करने लगी थी और ऊपर नीचे होकर उछलने लगी. चाची जब भी कहीं बाहर जाती थीं, तो वे अपने मुँह पर दुपट्टा बांध लेती थीं.

चार हफ़्तों के बाद मैंने उसे एक रेस्तरां में ले जाकर प्रोपज़ कर दिया. मैंने अपनी नेट वाली नाईटी पहन ली, जिसने अन्दर मेरे ब्रा पैंटी दिख रहे थे. Xxx चूत की मस्त चुदाई कहानी में पढ़ें कि मेरे घर के पास एक नया जोड़ा रहने आया.

पंकज- साली कुतिया … तू फार्म हाउस तो चल! तुझे नंगी भगा-भगा कर चोदेंगे. थोड़ी देर बाद किस करने के बाद वो मुझसे बोलीं- मुझे तुम्हारा लंड चूसना है. मैं उसके पूरे बदन पर हाथ फेरता रहा और वो नागिन की तरह मेरी बांहों में लहराती रही.

[emailprotected]सेक्सी भाभी की कहानी का अगला भाग:भाभी से लगाव, प्यार और सेक्स- 3.

ये देख कर मैंने भी मन में ठान लिया था कि इस काम की शुरुआत सुबह ही की जाए. तो दोस्तो, उस रात पहली बार मैंने अपनी जिन्दगी में लाइव चुदाई देखी थी.

मैंने बहुत मुश्किल से उसे समझाया और वो उसके साथ फिर से रहने के लिए तैयार हुई. मैं देखने के लिए अन्दर घुस गया, तो सुषमा मैडम भी नीचे की ओर झुक गईं. जब मैं पीछे मुड़ा, तो मैंने देखा कि चाची के गीले बाल उनकी कमर और पीठ को ढके हुए थे … पर चूतड़ों को नहीं ढक पा रहे थे.

हम कम से कम आवाज करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन चुदने की मस्ती में रवीना के मुंह से हल्के हल्के ऊऊऊ … उम्म … स्स्सश … ऊऊह … करके कुछ कामुक आवाजें निकल रही थीं. कुछ देर की इसी तरह की मस्ती के बाद मेरे पति ने मुझे उसके ऊपर लिटा दिया और वो मुझे भी चोदने लगे. जिस दिन तू उसके साथ रात में घर रुकी थी उस रात के बारे में मुझे सब पता है.

बीएफ सेक्सी दिखाव थोड़ी देर लंड और आंड चूसने के बाद उसने मेरे पैर ऊपर उठा दिए और मेरी गांड के छेद को चाटने लगी. वो चाहते थे कि मैं चुदाई करवाकर किसी और की बांहों में ही झड़ जाऊं और वो मुझे झड़ते हुए देखें.

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दोस्तो, मेरी क्लास में एक सुरजीत सर हैं, जो पढ़ाई तो अच्छी कराते हैं. अब मैं चाची की दोनों टांगों को फैलाकर उनको चुदाई की पोजीशन में ले आया. मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया, तो मैंने कहा- अब एक बार लंड चूस लीजिए.

उसके चेहरे पर दर्द और मजे के बहुत ही उत्तेजित करने वाले भाव दिख रहे थे. तो दोस्तो, ये मेरी पहली सेक्स कहानी आप सबके सामने है, मुझे उम्मीद है कि आपको पसंद आई होगी. नंगी बातेंमेरा प्यार मुझे मिलने वाला था, साथ ही दिन में जो कुछ भी हम दोनों में हुआ, वह रोमांच पैदा कर रहा था.

की डिग्री ली है और वर्तमान में मैं एक मल्टी नेशनल कंपनी में कार्यरत हूं.

ये उन दिनों की बात है जब रवीना का नया नया एडमिशन हुआ था कॉलेज में। मेरा भाई बिजनेस करता है इसलिए वो अधिकतर घर से बाहर ही रहता है. अब मनोज आराम आराम से पूजा के शरीर को निहारता हुआ शारीरिक संभोग के चरम सुख का असीम आनंद लेता हुआ अपनी प्रिय पूजा को तसल्ली बक्श चोद रहा था.

अब हम लेटे लेटे ही बातें करने लगे और एक दूसरे को वासना से देखने लगे. मैं सूसू करने के बाद लंड हिलाने लगा, चाची दूसरी ओर पलट कर खड़ी हुई थीं. नमस्कार पाठको और पाठिकाओ, मैं पिंकी सेन फिर से आपको चुदाई की दुनिया में ले जाने आ गई हूँ.

वह अक्सर घर पर आता रहता था। उसकी फाइनेंशियल स्थिति बहुत अच्छी थी।उसके गले में सोने की चेन, हाथ में सोने की घड़ी, नीचे कार और हर तरह का आराम.

जाते जाते एक विनती है कि तुम मेरा पाप क्षमा कर देना और इस अंधेरे कमरे में हमारे बीच क्या हुआ इसे कभी किसी को मत बताना. मेरे ऊपर की ड्रेस काली थी और लाल रंग की लिपस्टिक मेरे होंठों पर गजब ढा रही थी. तो मुझे समझ आ गया था कि पापा का लंड अब चुत को शांत करने में नाकाम हो चुका है इसीलिए मम्मी उनको मना करने लगी हैं.

देसी चुदाई जंगल मेंमेरा मस्तिष्क तो जागृत था अच्छे बुरे पाप पुण्य का बोध मुझे भली भांति था. अंकल आप यह सोचिए कि इस समय आपके लिए एक सुंदर सेक्सी औरत बेड पर लेटी हुई है.

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फिर उन्होंने अपना लंड थोड़ा सा पीछे खींच कर और भीतर धकेल दिया मेरी तो जैसे जान ही निकली जा रही थी. वो एकदम से तड़प उठी- आह्ह … नहीं नाहिद, ऐसे मत करो, मुझे कुछ हो रहा है. मैं भाभी की सेक्सी सी नाभि में जीभ डालकर फिराने लगा, जिसके कारण उन्हें बहुत गुदगुदी होने लगी.

ये बात मैंने मेरे फ्रेंड से कही तभी वो बोला- उससे अडल्ट वाला प्यार कर! वो सीरियस हो न हो तुझे उससे क्या, इतने दिनों से उसके साथ बात कर रहा है, थोड़ा सा मजा तो ले ले. इस तरह बाहर से कोई आया भी तो उसको मैं नहीं दिखाई दूंगी और मज़े से आपका लंड भी चूस लूंगी. इधर अंगिका अपना आपा खो चुकी थी और उसने बिना देर किये मेरे लंड को अपने मुलायम होंठों तले दबा लिया.

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संध्या, तेरी आवाज भी बदली बदली सी लगे है मुझे आज; या लगता है मुझे कुछ ज्यादा ही चढ़ गयी है आज!” मौसाजी बुदबुदाए और अपने लंड को अन्दर बाहर करने लगे. पिंकी सेन[emailprotected]कहानी का अगला भाग:गाँव के मुखिया जी की वासना- 8.

मैं उसके नाजुक होंठों का स्पर्श पाकर एकदम से सिसक गया और मेरी आंखें बंद हो गयी.

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दोस्तो, ये डॉक्टर सुरेश अपने लिए भी कुंवारी चुत का इंतजाम करने में सफल हो गया था. रूपांगी मेरी जान, अपनी सील तुड़वा ले किसी मोटे लंड से और चुदाई के मजे लूट. उसे अंदर ही जीभ से भी सहला रहा था। मैं मन ही मन सोच रहा था कि क्या माल है यार… जिसके पीछे पूरा कॉलेज पागल था आज वही मुझे स्तनपान करवा रही थी।फिर मेरे हाथ जैसे ही सलवार को खोलने के लिए बढ़े तो उसने मुझे रोक दिया और कहा- बस … अब बाक़ी सब शादी के बाद करेंगे।मगर मैं कहाँ मानने वाला था.

आधे घंटे बाद मेरी आंख खुली और मैंने फिर से उसकी चूचियों को छेड़ना शुरू कर दिया और उसकी चूत को सहलाने लगा. अब उसका लंड मुझे अपनी चूत में बर्दाश्त नहीं हो रहा था।मैंने रोहित से रूकने के लिए कहा. बस अपनी टांगों को खोले हुए लेट कर अपनी चूत को सहलवाने का मजा ले रही थी.

मेरी कुछ विशेषताओं में से एक बड़ी विशेषता ये है कि मुझे मसाज करना बहुत अच्छे से आता है.

बीएफ सेक्सी दिखाव: उसको देख कर ज्यादा सोचने की जरूरत ही नहीं हुई और मैं अपनी भाभी को पसंद करके आ गया. मैंने भी उसको हग किया और उसके मोटे हो चुके चूचे मेरे सीने से सट गये.

मैं आंखें बंद करके अपने मम्मों को मसलते हुए ऊपर नीचे गांड हिलाते हुए खुद को ही चोद रही थी. मैंने एक ऑटो वाले से पूछा, तो उसने कहा कि मैं साथ में एक सवारी और बिठाऊंगा. मयंक ने उसे वहीं किचन की स्लैब पर घोड़ी बना दिया और वो मेरे सामने ही मेरे पति से चुदने लगी.

उसने मुझे चूमा और हंस कर बोली- तुम कब निकालोगे अपना माल?उसकी बात से मेरे चहरे पर एक शैतानी मुस्कानी आई और मैं बोला- तुम दो और मैं अकेला! फिर भी ये सवाल पूछ रही हो?मैंने उठ कर अंगिका को एक चुम्बन किया.

इससे पति के मन में संशय उत्पन्न होगा कि शादी जैसे पवित्र बंधन में बंधने के पश्चात् भी दुल्हन ऐसा बेमतलब ढोंग कर रही है. वो तुरंत एक मिनट बाद ही लौट आई और बोली- तुम मेरे से फोन पर बताते थे, तो क्या तुम मेरा पेशाब पीना नहीं चाहोगे?मैंने कहा- हां मैं तो कहने वाला था. मोती- वाह साली रंडी … कितना मस्त लंड चूसती है रे मादरचोदी … जरूर तेरी मां रंडी है, जिसने तुझे लंड चूसने की ट्रेनिंग दी होगी भैन की लौड़ी … अहह अहह चूस रंडी चूस … ओह्ह उह उह.