चुदाई बीएफ ब्लू

छवि स्रोत,बीएफ वीडियो में दिखाई देने

तस्वीर का शीर्षक ,

हॉट ब्लू फिल्म: चुदाई बीएफ ब्लू, मोनिका स्कूल में क्लास, लाईबरेरी, स्कूल बस और मुहल्ले में अपनी नंगी चूत का हुस्न दिखा दिखा कर लड़कों को पागल बनाने और पटाने में उस्ताद थी.

ஆன்ட்டி செக்ஸ் வீடியோ மூவி

अह आह आह्ह…उसका लंड पहले से भी ज्यादा कड़क हो गया, मेरी चूत में से फच-फच की आवाज आने लगी, उसके लंड से गर्म गर्म वीर्य की पिचकारी तीन बार मेरी चूत में गिरी, मैं उससे चिपक गई, दो-तीन झटके मार कर उसका लंड शांत हो गया. लखनऊ बीएफ सेक्सीवहाँ छोड़ते हुए चले जाना।बस इस तरह चाय वगैरह बनाने के बाद अमित चला गया।अब कमरे में हम लोग अकेले थे।अन्नू बहुत घबरा रही थी, थोड़ी घबराहट मेरे मन में भी थी।मैंने उसे अन्दर बेडरूम की तरफ आने को कहा। जैसे ही वो आने लगी.

आपी बोली- देख, मैंने अभी तक तेरे नौशे भाई से गांड नहीं मरवाई थी, तूने सबसे पहले ही मेरी गांड मारी है. माधुरी दिक्षित का बीएफताकि हमें एक साथ घुसते हुए कोई न देख सके।मैंने अपार्टमेन्ट पहुँचते ही तुरन्त गाड़ी लगाई और अमित के घर की ओर गया।मेरे लंड की किस्मत से अमित घर पर ही था।मैंने उसे जल्दी-जल्दी में बताया- तेरी भाभी आ रही है, तू शांत रहना.

बारी-बारी से चोदा, एक साथ उसे अच्छा नहीं लगता, पर उस दिन उसकी हालत खराब हो गई थी। मैंने 3 बार और मेरे दोस्त ने 4 बार चोदा था उसको !मैं ये सब सुनकर हैरान हो गई कि लोग ऐसा भी करते हैं।तभी उसने कहा- क्या तुम एक या दो से अधिक मर्दों के साथ चुदवाना पसंद करोगी?मैंने तुरंत कहा- नहीं !तब उसने कहा- बहुत मजा आता है ऐसे और खासकर तब.चुदाई बीएफ ब्लू: !वाह यार इतना मज़ा आ रहा था दोस्तो, कि मैं इस अहसास को शब्दों के द्वारा बता नहीं सकता।खैर मैं उसके दूध चूसता रहा, फिर मैंने उसके दूध उसके कुर्ते से बाहर निकाले और उसकी चूचियों को दबा-दबा कर चूसने लगा।वो दर्द से चिल्लाने लगी तो मैंने डर के मारे छोड़ दिया तो बोली- अरे करो ना!तो मैंने कहा- तुम चिल्ला रही थी, मैंने सोचा दर्द हो रहा है!तो बोली- पागल… मुझे मज़ा आ रहा है.

अब मैं भी सोने लगा था, तभी धीरे से मैंने गेट खुलने की आवाज़ सुनी, मैं कुछ देर तो ऐसे ही बिस्तर पर पड़ा रहा.?मेरे पति ने जवाब दिया- हाँ, पर आपको कैसे पता चला?उसने तब कहा- मैं भी वहीं से हूँ और मेरी एक कपड़ों की दुकान है।तब मेरे पति ने पूछा- हाँ.

बीएफ वीडियो होली का - चुदाई बीएफ ब्लू

मोनिका ठीक कहती थी- अगर उंगली से चूत मारने में ईत्ता मजा आता है, तो सच्ची-मुच्ची का गर्म और मोटा लण्ड तो दिन में तारे दिखा देगा.मेरे मन में ख्याल आया कि इन दोनों ने कुछ न कुछ खिचड़ी पकाई है, आज तो यश बेटा या तू नहीं या तेरा लण्ड नहीं.

अगले दिन तीनों एक साथ मिले, पहले अच्छा सा खाना खाया, घूमे फिरे, सब खर्च आशा ने किया, सब देख के जल रहे थे कि हमारे पास एक भी नहीं और यह दो लेकर घूम रहा है. चुदाई बीएफ ब्लू और अमर ने भी मेरे स्तनों को दोनों हाथों में लेकर पहले तो खूब दबाया और फिर बारी-बारी से चूसने लगे और दूध पीने लगे.

लेकिन एकदम डण्डे की तरह खड़ा था… वो दीदी की टाँगों के बीच आया और अपना लंड दीदी की चूत पर लगा कर अंदर घुसा दिया।दोनों के मुँह से कामुक कराह निकली- आआहह !उसके बाद उसने जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया, थोड़ी देर में दीदी फिर से गरम होकर चीखने लगी- अहह ! आय माआ आ.

चुदाई बीएफ ब्लू?

फिर मैंने उसकी पीठ पर किस्सियाँ की और गांड मारने लगा, 15 मिनट बाद उसकी गांड में ही माल गिरा दिया, वो भी झर गई. तक… अरे जीजू आप… वाओ…और बिना किसी औपचारिकता के दरवाज़ा खोल मेरे निकट बैठ गई, मैंने गेट लॉक पहले ही खोल दिया था।गुड्डू ने नीली जीन्स और सफ़ेद टॉप पहना था… दोनों ही कपड़े बहुत कसे थे, उसके चिकने बदन से चिपके थे।मैं- हेलो गुड्डू… यहाँ कैसे. अन्नू ने बिना देर किये मोनिका की चूची को चाटना शुरू कर दिया और उस पर गिरे मेरे माल को चाट चाट कर खत्म कर दिया.

कुछ करूँगा नहीं।मेरे बहुत कहने पर वो तैयार हो गई।फिर मैंने उसकी सलवार और कमीज निकाली। उसके अन्दर काले रंग की ब्रा और पैंटी देख कर मेरा तो हाल ही बेहाल हो गया।मैं उसे ऊपर से ही दबाता रहा, वह भी पागल सी हो गई थी।फिर मैंने ब्रा का हुक खोला तो क्या मस्त नजारा था. आशा- अच्छा वो जो स्मेल आ रही थी और माल भी गिरा हुआ था उसका? देख कुछ जुगाड़ करवा उससे नहीं तो सब टीचरों को बता दूंगी. जोर लगाओ और चोदो मुझे…!उसने मेरी बात सुनते ही एक हाथ मेरे चूतड़ के नीचे रख कर पकड़ा और अपना लिंग थोड़ा बाहर खींच कर फिर से धक्का दिया और फिर.

प्लीज़ चुम्बन ना करें।रणजीत भी स्थिति को समझ गया- ठीक है, लो मैं भी नहीं पियूँगा।सीमा खुश हो गई।अब दोनों खाना खाने लगे। सीमा ने एक कौर रणजीत को खिलाया और रणजीत ने उसी कौर को उसे खिलाया।ऐसे चलते-चलते दोनों की चुदाई का दौर शुरू हो गया।रणजीत ने उसके तौलिया को खींच कर दूर फेंक दिया और खुद भी एकदम नंगा हो गया।एक हाथ से अपने लंड को सहलाते हुए वो सीमा की तरफ बढ़ा।‘कम ऑन डार्लिंग. ‘अच्छा, तो मैं यह सब नहीं करता!’ यह कह राजू ने अपना हाथ वापिस खींच लिया तो रीटा झट से ठुनक कर झूठे गुस्से से बोली- अरेऽऽऽ मैंने ऐसा तो नहीं कहा था. !फिर इस तरह हम दोनों ने अपने को झड़ कर रिलेक्स किया।फिर उसने कहा- कहीं ऐसी जगह मिलते हैं जहाँ तुम और मैं हो बस.

तब मैं अपने पड़ोस में रहने वाली अपनी शिष्या रिया के साथ सेक्स किया था, उस घटना के समय रिया की उम्र 19 वर्ष थी और वह शाम सात बजे से आठ बजे के बीच में मुझसे विज्ञान पढ़ने के लिए मेरे घर पर आती थी. सम्पादक – इमरानओह थैंक्स गॉड… मेरे लण्ड को आखिरकार ठंडक मिल ही गई थी… उस लड़की ने एक एक बूँद चाट चाट कर साफ़ कर दी थी…मेरा लण्ड शीशे की तरह चमक रहा था… लड़की वाकयी बहुत सेक्सी थी… अब मैंने उसको ध्यान से देखा… बड़ी बड़ी आँखें, सांवला रंग और बहुत सेक्सी होंठ.

मैं कहीं नहीं जाने वाली।तो मैंने कहा- मुझसे अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है।मैं उसके कपड़े उतारने लगा, पहले उस की टी-शर्ट उतारी और उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके मम्मे दबाने लगा। तो वह सिसकारियां भरने लगी, मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी।क्या मस्त मम्मे थे उसके.

मैं धीरे से घुटनों के बल बैठी और सोनिया ठीक मेरे सामने खड़ी थी, मैंने सर झुका कर उसके पैरों के अंगूठों को एक कुतिया की तरह अपनी जीभ से चाटना शुरू किया फिर कुछ देर बाद उसके पैरों को चूम कर मैंने कहा- सोनिया, मुझे माफ़ कर दो! मैं बहुत शर्मिंदा हूँ, तुम बहुत अच्छी खिलाड़ी हो.

अब की बार लंड धीरे धीरे सरकता हुआ आधे से ज्यादा अन्दर चला गया, अब उसने अपनी गांड ऊपर उठाई जिससे लंड टोपी तक उसकी गांड से बाहर आ गया, उसने एक लम्बी सांस ली और मेरे लंड पर बैठ गई. उसकी चूत नमकीन पानी छोड़ रही थी और मैं पी रहा था। मैंने पहली बार ऐसी नमकीन चूत देखी थी।फिर मैंने अपना लण्ड उसकी चूत पर रखा और ज़ोर से धक्का मारा, एक ही शॉट में पूरा का पूरा लण्ड उसकी चूत में उतार दिया। शायद पहले भी कई बार चुदी हुई थी।फिर भी मैंने तो ज़ोर-ज़ोर से चोदना जारी रखा। वो अपने मुँह से बोल रही थी- चोदो मुझे और ज़ोर से चोदो… आज मेरी चूत का भोसड़ा बना दो. क्या मैं आपके कुछ काम आ सकता हूँ?वो मेरे गले लग कर ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी। मुझे तो मानो जन्नत मिल गई हो, मैं उसके आँसू पौंछने लगा, तो वो बिल्कुल पिंघल गई, बोलने लगी- तुम्हारे भैया कुछ करते ही नहीं.

अब चुदाई का मज़ा आएगा।’ मैं हौले-हौले धक्के लगाता रहा।कुछ ही देर बाद रूबी की चूत गीली होकर पानी छोड़ने लगी।मेरा लण्ड भी अब कुछ आराम से अन्दर बाहर होने लगा, हर धक्के के साथ ‘फक-फक’ की आवाज़ आनी शुरू हो गई।मुझे भी अब ज़्यादा मज़ा मिलने लगा था। रूबी भी मस्त हो कर मेरा सहयोग देने लगी थी।अब वो बोल रही थी- अब अच्छा लग रहा है जानू. रिया तो मुझे डुबकी लगवाने के लिए पहले से ही बहुत आतुर थी इसलिए जब मैंने उसे बताया कि चार दिनों के लिए मेरे घर में कोई भी नहीं होगा तो वह ख़ुशी के मारे नाचने लगी. कैसे हैं? घर नहीं आना? मम्मी इन्तजार कर रही थीं।रणजीत- कहाँ है?रश्मि- वो अभी आ जाएँगी, दवा लाने गई हैं गिर गई थी, घुटने में चोट है।रणजीत- तो तुम चली जाती… मम्मी को क्यों भेजा?रश्मि- मम्मी ने कहा कि रहने दो वे ले लेंगी और चली गईं।रणजीत- घबराने की कोई बात तो नहीं ना।रश्मि- नहीं पापा.

पर ये क्या मुझे तो उल्टी आने लगी और मैंने बाहर निकाल कर उल्टी करने लगी।तो अनिल बोला- मज़ा नहीं आया?तो मैंने कहा- नहीं।‘चलो कोई बात नहीं।’अब वो मेरी दोनों टाँगों के बीच बैठ गया और एक कातिल नज़र से मेरी योनि को देखे जा रहा था.

मार डालोगे क्या?मैंने कहा- अभी तो आधा गया है रानी, अभी बहुत बाकी है।तो बोली- साले डाल न… कि अब किसी पंडित को बुलाकर मुहूर्त निकलवाऊँ।मैंने कहा- इसकी जरूरत नहीं है मादरचोदी और ये ले. शादी के बाद तो होगा ही। कम से कम मुझे पता तो चले कि मेरी होने वाली दुल्हन मुझे कितना सुख दे पाएगी।उसने नाराज़ होते हुए कहा- सभी लड़कियां शादी के पहले यह सब करती हैं क्या?वो आगे और कुछ बोलती. सर मैं कहीं मुँह दिखाने लायक नहीं रहूंगी।रणजीत ने उसे गौर से देख रहा था, वो एक ब्लू-जीन्स और एक टॉप पहने हुए थी। ऐसा लगता है कि कोई कॉलेज-गर्ल हो।‘ओके.

जब ये सब हो रहा था तो वीरेन ने मेरा हाथ पकड़ा और उसने अपना तना हुआ लिंग पकड़ा दिया।मैंने अपना हाथ झटक दिया और अनुराग से कहा- अनुराग, अपने दोस्त को समझाओ, ये क्या कर रहा है?‘अरे यार. ऐसा लगता था मानो उत्तेजना में मेरा लिंग फट न जाएगा… अब हम दोनों ही बिस्तर पर लेट चुके थे और एक दूसरे की कामोत्तेजना बढ़ाने के लिए जो भी कर सकते थे कर रहे थे. उसने कहा- मैं आज पीना चाहती हूँ।मैंने उसे कहा- मैं ले आता हूँ।मैं तो जैसे इसकी ही फ़िराक में था। मेरे पास पड़ी शराब की बोतल ले आया और मैंने उसका पैग बनाया।उसने कहा- आप नहीं लेंगे.

आ और पास आ !” चचाजी बोले। मैं चचाजी पर सो गया और अपने पैर और हाथ उनके बदन के इर्द गिर्द लपेट कर उनकी गांड मारने लगा।आह… बहुत अच्छे मेरे बेटे.

मुझसे और बर्दाश्त नहीं हो रहा!मैंने उसकी जांघों के बीच बैठ कर अपने लण्ड को उसकी चूत पर रख कर जोर से झटका मारा और लगभग 3 इंच लौड़ा उसकी चूत के अन्दर चला गया।उसकी चूत एकदम कसी हुई थी, उसे दर्द हो रहा था और वो बोली- आह. मैं तुम्हें घर के अन्दर छोड़ देता हूँ।उसके घर के पास पहुँच कर मैंने दरवाज़े पर ताला लगा देख कर मैंने उससे पूछा- चाबी कहाँ है?तो उसने अपना पर्स मुझे थमा दिया। मैंने उसमे से चाबी निकाली,दरवाज़ा खोला, कंधे का सहारा देकर अन्दर ले आया और पूछा- काफी पियेंगी क्या?वो बोली- नहीं, मुझे लॉलीपॉप चूसना है।मैं- पर यहाँ लॉलीपॉप कहाँ है?सोनाली- है न.

चुदाई बीएफ ब्लू मैं तुम्हें अपने अंदर महसूस करना चाहती हूँ…यह सुन कर मेरे लिंग में एक अजीब सी कठोरता आ गई… और मैं अपने लिंग को उसकी योनि पर रगड़ने लगा. अब आगे-रोज सुबह बहादुर अपने निराले लण्ड पर पानी से भरी बाल्टी उठा कर लण्ड को और भी बलवान बना लिया था.

चुदाई बीएफ ब्लू आधे घंटे तक हम लोग एक-दूसरे को चोदते और चूमते रहे, मेरे लण्ड का पानी दूसरी बार फिर निकल गया और मैं भी थक कर नशे मेंचूर हो चुका था।मैंने चूमते-काटते उसका पूरा बदन लाल कर दिया था।उसके बाद हम लोगों ने कई बार चुदाई की. रीटा ने अपना छोटा सा मुँह पूरा खोल कर राजू का लण्ड अपने गले तक अंदर ले लिया तो राजू के मजे की सीमा न रही और राजू चीख पड़ा.

सुकून नहीं मिलता।अब तन को सुकून देना तो फ़ोन पर संभव नहीं था। हम और बेताब होते चले गए।कहानी जारी रहेगी।आपके विचारों का स्वागत है।.

बीएफ ब्लू पिक्चर सेक्सी ब्लू

हेमंत से रिसेप्शन वाला बोला- साब, आप डबल बेड का एक रूम ले लो, आप, आपकी बीवी और बच्चे आराम से उसमें आ जायेंगे. ”थोड़ी देर चूसने के बाद बोले, हाँ हाँ मेरी रानी बस तुम देखती जाओ जब चोदूंगा तो देखना और भी मज़ा आएगा।”मैंने अपने मन में सोचा ‘मैं तो कब से चुदवाने को मरी जा रही हूँ मर्ज़ी आये उतना चोद लो ’ पर मेरे मुंह से तो बस सीत्कार ही निकल रही थी, आह…. !यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !मैंने लंड उसकी चूत पर रखा और हल्का सा धक्का लगाया, तो लंड अन्दर नहीं गया, क्योंकि उसकी चूत बहुत कसी थी।वो दर्द से कराह कर आगे को हो गई लेकिन मैंने उसे फिर से कस कर के पकड़ा और थोड़ा ज़ोर से धक्का लगाया तो लंड का टोपा अन्दर गया।वो दर्द से चिल्ला उठी- प्लीज़ निकाल लो… वरना मैं मर जाऊँगी.

लेकिन शादी के इतने साल बाद भी?आंटी दु:खी हो कर बोलीं- कुछ और बात करें लव?तो मैंने कहा- ठीक है अगर आप अपने दोस्त के साथ शेयर नहीं करना चाहती हैं तो हम कुछ और ही बात करते हैं।आंटी ने कहा- ऐसी कोई बात नहीं. देख राजू, मोटे-तगड़े लंड की कीमत एक औरत ही जानती है। इसको मोटा-तगड़ा बनाए रखना। जब तक तेरी शादी नहीं होती मैं इसकी रोज़ मालिश कर दूँगी।’‘आप कितनी अच्छी हैं भाभी, वैसे भाभी इतने बड़े लंड को लवड़ा कहते हैं।’‘अच्छा बाबा, लवड़ा. !उसके दूध चूसने के बाद मेरी जीभ उसके नंगे बदन पर दौड़ लगाने लगी। पहले उसका पेट उसकी, गर्दन सब कुछ मैंने कुछ ही मिनट के अन्दर जाने कितनी बार चूम डाला।वो लगातार आँखें बन्द करके ‘उम्ह्…उम्ह’ कर रही थी। मेरा हाथ सरकता हुआ उसकी सलवार के अन्दर होता हुआ उसकी चड्डी में मुख्य गुफ़ा को तलाशने लगा।वो गुलाबी छेद मिलते ही मेरी उंगली उसमें घुस कर गहराई का अन्दाजा लगाने लगी।क्या चिकनी थी… उसकी चूत.

!अवि उसको चोद रहा था, मैं रेखा का बुर चाटने लगा था। इतने में ही अवि ने अपना पानी गिरा दिया उसकी बुर से नहा गई।फिर अवि बोला- आलोक आप अपना पानी गिरा लो.

!!!लण्ड देखा नहीं चूत को चुदाई का मन हो चला।यही बात मेरे लौड़े की कि चूत देखी और मचल गया, मैंने भाभी को हाँ में मस्तक हिला के जवाब दिया।भाभी ने फोन किया और वो जो बोली उससे मेरा लण्ड और भी उठ गया. थैंक्स फिर कब मिलोगी?रानी ने उसे धकेलते हुए कहा- जल्दी ही।वो हंसती हुई कमरे से निकल गई। सीमा और रणजीत दरवाजे तक उसे छोड़ने आए।रणजीत- हाँ तो डियर तुम्हारा क्या प्लान है? शादी हो रही है तुम्हारी. अपनी स्कूल स्कर्ट ऊपर उठा कर सुर्ख लाल नाईलोन की कच्छी में अपने कसमसाते यौवन को निहारते ही रीटा की आँखों में लाल डोरे खिंच गये और गाल तमतमा उठे.

मैं केवल 3 मिनट तक ही सह पाई। बर्फ़ का पानी बह कर पीठ के नीचे आ रहा था और गुदगुदी हो रही थी इसलिए…इसमें चीकू जीते और आम हार गये…मैं हार गई, श्रेया जीत गई… एक बार मेरे मित्र ने हमारी चूचियों का नामकरण किया था, मेरे विशाल चूचों का नाम उन्होंने मैन्गो यानि आम रखा था और श्रेया की छोटी चूचियों को चीकू का नाम दिया था।2. !पर अब मुझसे ये नहीं होने वाला था। उसने मुझे तुरन्त नीचे उतार दिया और अपना लिंग बाहर निकाल दिया।अब मैं बेकाबू सी होने लगी और उससे विनती करने लगी- अमर प्लीज़, अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता, मैं जल्द से जल्द चरम सुख पा लेना चाहती हूँ…!अमर ने कहा- इतनी जल्दी नहीं…कुछ देर और करते हैं, जब तक ये न लगे कि हमारा शरीर पूरी तरह आग न बन जाए. ‘ज़रा देखें तो!’ यह कह राजू ने रीटा की गले से बाहर उबल पड़ रहे मम्मे को पकड कर जोश में आकर जोर से दबा कर रीटा की लावारिस जवानी की कठोरता का मजा लेने लगा.

पता नहीं ये सब सही भी है कि नहीं क्योंकि तुम मुझ से छोटे हो।मैंने उनको कहा- मैं आपसे छोटा हूँ पर मैं बच्चा नहीं हूँ. उनको भी विश्वास नहीं था कि इतने आराम से भी चुदाई हो सकती है।मैं- हाँ भाभी, आज हम सारे रिकॉर्ड तोड़ देंगे… बस आप सलोनी की चुदाई बताती जाओ.

!कमरे के अन्दर ‘ऊह…आह’ की आवाजें निकल रही थीं। मेरा तो बदन ऐसे तप रहा था, जैसे बुखार आ गया हो। मेरे लन्ड में तो जैसे गुदगुदी हो रही थी, मैं बता नहीं सकता, उस वक़्त मुझे क्या महसूस हो रहा था. !मैं बहुत भावुक हो रही थी और उसको मिस करते हुए रोने लगी। उसने मुझे वापस बुलाया मैं जाते ही उससे लिपट गई और ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी।रोते-रोते मैं उससे कह रही थी- मुझे नहीं जाना उस नरक में. मैंने पूछा- दीदी सच बताना, अब तक कितनों से चुद चुकी हो?दीदी सोच कर बोली- अब तक 26 लौड़े मेरी चूत में जा चुके हैं, और आज 27वां तुम्हारा लौड़ा है.

हम औरतों के भी कुछ अरमान होते हैं, शारीरिक ज़रूरतें होती हैं!मैंने उसके होंठों को चूम लिया।वो एकदम से पीछे हटी और कहने लगी- यह क्या कर रहे हो.

मौके को देखते हुए मैंने हाथ नीचे ले जाकर दीदी की सलवार खोल दी, सलवार खुलते ही नीचे गिर गई, उसकी मस्त और चिकनी टांगों को देखकर मैं मदहोश हो गया और नीचे बैठ कर जाँघों पर चुम्बन करने लगा. उसने मुझे अपने साथ खींच लिया और स्लो डाँस करना शुरू कर दिया। अब उसके हाथ मेरी कमर पर थे, क्यूंकी इससे पहले उसके हाथ में बर्फ वाला विस्की का ग्लास था तो उसके हाथ से मेरी स्किन गीली और ठंडी हो गई. मेरे पूरे बदन मे करंट दौड़ रहा है…मेरे पूरे शरीर के अन्दर आग लगी हुई है जानू… अब सहा नहीं आता… जानू … मेरे अच्छे जानू… कुछ कीजिए ना… मेरी चूत की आग बुझा दीजिए… अपना लण्ड मेरी चूत में पेल दो…प्लीज़ जानू…‘लेकिन रूबी, तुम तो कह रही थी कि मेरा लण्ड बहुत मोटा है.

पूजा शर्म से लाल हुई जा रही थी…मैंने पूजा का चेहरा अपने दोनों हाथों में लेकर कहा- देखो पूजा, तुम मुझे बहुत पसंद हो, मैं तो तुम्हें पहली बार देखते ही तुम पर फ़िदा हो गया था. मगर रात में ही मिल सकती हूँ!उसने तुरंत कहा- आज रात को मिलें फिर?मैंने कहा- नहीं… आज नहीं… फिर कभी!उसने कहा- कब?मैंने कहा- कल!उसने कहा- ठीक है।मैं अपने बच्चे को लेकर घर चली आई और दिन में बड़ी प्यारी नींद आई। मैं बहुत दिनों के बाद सुकून से सोई थी। रात में भी मुर्तुजा से देर रात बात हुई।मेरी अंतहीन प्यास की कहानी जारी रहेगी।आप मुझे ईमेल कर सकते हैं।[emailprotected].

भाभी- तुम भी ना! एकदम बेशर्म हो, तुम्हें पकड़े जाने का भी कोई डर नहीं है…मैं- अब तुम्हारे सामने भी कैसी शर्म…इतना कहकर मैं सुलेखा भाभी के रस भरे होठों को रगड़ने लगा और उनका रस चूसने लगा. पर ये तो रंडियों से भी बढ़ कर है चुदवाने में’ चचा काशीरा की बुर में अपना लंड पेलते हुए बोले।‘हाँ चचा, बड़ी गरम है, मुझसे संभलती नहीं है साली हरामन। आज आप इतना चोद दो कि साली खाट से उठ न पाये !’ मैं लंड को हाथ से मस्ती से सहलाते हुए बोला।काशीरा की गोरी चूत एकदम चौड़ी हो गई थी, चचाजी का मूसल उसे चौड़ा करके अंदर बाहर हो रहा था।‘चोदिये ना चचाजी… चोद दीजिये मुझ को… और जोर से… कस के पेलिये जीजू. तभी रीटा ने अचानक झटके से राजू के लण्ड की टोपी पर अपने लाल लाल रसीले होंट चिपका दिये और राजू की आँखों में आँखें डाल कर चुसड़ चुसड़ कर लॉलीपॉप की तरह चुस्सा मारने लगी.

एक्स एक्स बीएफ फोटो

दोस्तो, मैं आपको एक चुदाई का किस्सा सुनाता हूँ… चुदाई की यह कहानी सुनकर आप का लंड और मुंह तो गीला होना तय है…मैंने कुछ ही दिन पहले अपना कमरा चेंज किया था… काफ़ी अरसे बाद घर में ऊल-ज़ुलूल नौकरानियों के स्थान पर एक बहुत ही सुंदर और सेक्सी नौकरानी काम पर लगी, 22-23 साल की उमर होगी उसकी, सांवला सा रंग था, मीडियम हाईट और सुडौल चूचियाँ.

मैंने वैसे ही उसे छूते रहने दिया, थोड़ी देर बाद उसने उसी पंजे से मेरा पंजे को धीरे से दबाया, मानो मुझसे इजाजत मांगी हो. के दूसरे वर्ष में था। मेरे पड़ोस मे एक लड़की रहती थी और वो 12वीं में थी। उम्र 19 के आस-पास थी, पर लगती कॉलेज की लड़कियों जैसी मस्त गोल-मटोल, अपनी माँ की तरह उस के बड़े-बड़े मम्मे, मस्त गोल-गोल कूल्हे, ऊँचाई साढ़े 5 फुट की रही होगी, पर देखते ही लण्ड खड़ा हो जाए. मैं बुआ के पास गया, वहाँ मम्मी और आंटी भी बैठी हुई थीं, मैंने बुआ से कहा- मुझे जोरों की नींद आ रही है.

मोनिका हमेशा अपनी चूत पर हल्का सा रूज़, लिपस्टिक और लिपग्लॉस का मेककप करके चूत पर चार चाँद लगाये रखती थी. मैं अपनी बाईक पर था और घर से कुछ जल्दी निकला था, तो मेरे पास समय काफ़ी था, मैं आराम से सड़क के किनारे से अपनी ही धुन में चला जा रहा था. बुर की चुदाई बीएफमेरी दोनों बहनों को एक साथ चुदाई करो उफ्फ मज़ा आ रहा है, आरोही माय डार्लिंग काश तुम होश में होतीं… उफ्फ देखो जूहीका कैसे गैंग-बैंग हो रहा है।पन्द्रह मिनट तक जूही की गाण्ड और चूत में धक्के लगते रहे और रेहान उसके मुँह को चोदने में बिज़ी था। जूही इस तिहरी चुदाई से दो बार झड़ गई थी।अब साहिल का बाँध भी टूटने वाला था, वो फुल स्पीड से दोनों को चोदने लगा।साहिल- आह आह उहह उहह मैं गया आ.

हम लोग अपनी शादी के बारे में कुछ विचार करना चाह रहे थे। तुम तो जानते ही हो कि मेरे घर वाले कितने सख्त हैं. ’उसके बाद वो मेरी कैपरी की तरफ देखने लगी जो कि मेरे पैरों के बीच में टेंट बन चुका था। वो मुस्कुरा कर चलने लगी और चली गई। उस बात को दस दिन हो चुके थे।एक रात को मेरी मम्मी ने कहा- तुम्हारे पापा बाहर गए हैं और रात को नहीं आने वाले हैं, तो तुम खेत में सोने के लिए चले जाओ.

!उनकी चुदाई का खेल देख कर मैं भी नंगा होकर मुठ मारने लगा। उस रात मेरी बीवी मोहित से अलग-अलग पोज़ में खूब चुदी और मैं अपनी बीवी की चुदाई देख कर मस्त होता रहा।अगले दिन मोहित जाते वक़्त मेरी बीवी की चूत और मम्मों में चुम्मी देकर ‘बाय’ बोला और कहा- अब हर रविवार को तुम मेरी बीवी बन जाना।मेरी बीवी ने कहा- मैं रविवार का बेसब्री से इंतज़ार करूँगी. तेरा काफ़ी मोटा है, मैं अब सारा दिन तेरी ही हूँ!तो मैंने आराम से अन्दर डालना शुरू किया उनकी चूत ज्यादा खुली हुई नहीं थी, तो उनसे पूछने पर उन्होंने कहा- तेरे अंकल का पतला सा है. !मैंने भी तेजी से चोदना चालू कर दिया और दस मिनट बाद उनका शरीर अकड़ने लगा और वह झड़ गईं।मैंने भाभी से पूछा- मैं झड़ने वाला हूँ… कहाँ निकालूँ?तो उन्होंने कहा- मेरी चूत में ही झड़ जा.

अब उसने अपने हाथ से अपने लंड को पकड़ कर चूत पर जमाया और कुछ देर रुक कर अचानक जोर से धक्का मारा, कच से लंड अन्दर हो गया, मेरे मुँह हाय निकली- ओ उ उ उ उ उ उ उ उ… ये क्या कर दिया!वो बेशर्मी से हंस दिया. पापाजी जाग ना जाएँ इसलिए मैंने उनके लण्ड महाराज को हाथ से नहीं छुआ और अपने मुहँ को उसके पास ले जा कर उसे चूमने और जीभ से उसे चाटने लगी. चूत की सारी गहराइयों को भिगोती हुई अन्दर चली गई।इस तरह मेरे लंड ने कोई 8-10 बार आग उगली और फिर मैं उसके बदन पर ढेर हो गया।‘तुम मेरे देवता हो.

अब हम दोनों ने अपनी स्थिति बदली और मैंने दीदी की चूत से लंड निकाला तो दीदी की चूत से फव्वारा सा निकला.

!’भाभी की चूत में से थोड़ा सा खून भी निकल आया। अब मैं धीरे-धीरे लंड को थोड़ा सा अन्दर-बाहर करने लगा। भाभी का दर्द कम हो गया था और वो भी चूतड़ों को पीछे की ओर उचका कर लंड को अन्दर ले रही थीं।अब मैंने भी लंड को सुपारे तक बाहर निकाल कर जड़ तक अन्दर पेलना शुरू कर दिया। भाभी की चूत इतनी गीली थी कि उसमें से ‘फ़च-फ़च’ की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगी।‘तू तो उस साण्ड की तरह चढ़ कर चोद रहा है रे. मैंने कंडोम लाकर दे दिए, अगले दिन उसने बताया कि उसने अपनी बड़ी देसी भाभी को चोद दिया, जिसके पहले से एक बच्चा था.

प्रेषिका : सानिया सुलतानसम्पादक : इमरानमेरा नाम सानिया सुलतान है, मैं दिखने में बेहद खूबसूरत और सैक्सी हूँ, मेरा रंग गोरा, बदन भरा हुआ, बाल सुनहरे घने लंबे और आँखें भूरी हैं। मैं अपने रंग-रूप का बेहद ख्याल रखती हूँ और हमेशा सज-संवर कर टिपटॉप रहना पसंद है मुझे। मैंने होम-साइंस में एम. जाओ नहा लो।रानी- लेकिन में पहनूँगी क्या?रणजीत- पहनने की ज़रूरत क्या है? मेरे सामने बिल्कुल नंगी हो जाना और वैसे भी तुम चुदते समय बिल्कुल नंगी ही रहोगी।दोनों मुस्कुरा दिए।रानी- आप भी चलो ना बाथरूम में।रणजीत- ठीक है चलो. जैसा कि भाभी ने कहा था हमारे घर पर एक-दो बंदे रुके थे घर की देखभाल के लिए, पर पूजा के घर के बाहर मैंने ताला लगा हुआ देखा तो सोचा कि सब भाभी की योजना के मुताबिक चल रहा है.

सलोनी- नहीं जानू कहीं और… बस हम दोनों मिलकर सेलिब्रेट करते हैं… किसी अच्छे से रेस्टोरेंट में चलते हैं. उनके ऐसा करने से मुझे भी जोश आ गया, मैंने उनकी मदद करने के लिए अपनी ज़िप खोल कर अपना लण्ड उनके हाथ में दे दिया- लो मसलो मेरे लौड़े को अहह. पर आपको यह सब कैसे पता?”मैं हैरान था कि तभी मैंने फोन में डायल किया हुआ नम्बर देखा तो उस हसीना ने विक्रम का ही नम्बर डायल किया हुआ था। मुझे सारा माजरा समझ में आ गया था।आप विक्रम की क्या लगती हैं?”विक्रम मेरे मामा जी का बेटा है” उसने जवाब दिया।ओह… तो आप विक्रम के बुआ की बेटी महक हैं?”नहीं… महक मेरी छोटी बहन का नाम है.

चुदाई बीएफ ब्लू सीडकटिवमैं- मतलब सर… अब तो मैंने पूरी नंगी फोटो खिंचवा दी… अब क्या करूँ?मोहित- मतलब कामवासना से भरी हुई आँखे और सेक्स के दर्द का चेहरा…मैं- ऐसा चेहरा कैसे बनाऊँ कैसे सर ?मोहित- वही तो मुश्किल है. तुम ऐसा नहीं कर सकते।मैंने देर न करते हुए अपना एक हाथ उसके स्तन से हटा कर उसके लोअर के अन्दर डाल दिया। उसने लोअर के ऊपर से मेरा हाथ पकड़ लिया, पर मैं नहीं रुका। मैंने अपनी एक उंगली उसकी गीली चूत में डाल दी।वो एकदम से चिल्ला पड़ी- आआ…ई ईई.

दिवाली बीएफ हिंदी

हम औरतों के भी कुछ अरमान होते हैं, शारीरिक ज़रूरतें होती हैं!मैंने उसके होंठों को चूम लिया।वो एकदम से पीछे हटी और कहने लगी- यह क्या कर रहे हो. मेरी नजर उसकी चूत वाली जगह पर गई, देखने में बिल्कुल चिकनी थी लेकिन ठीक से दिख नहीं रही थी, अँधेरा था, ऊपर से दरवाजा भी बंद था. उसने दरवाजा खोला और दरवाजा खुलने के बाद का नजारा कुछ ऐसा था जिसे देखकर तो मैं अपने आप पर गर्व महसूस करने लगा.

वो झड़ गई थी।मैंने तुरंत अपना लंड निकाल लिया और निढाल पड़ी हुई अन्नू के दूध के पास बैठकर अपना लंड उसके मुँह में देना चाहा।वो समझ गई कि इसे फिर से चूसना है, उसने भी बड़ी अच्छी तरह से लंड की पप्पी लेते हुए उसे अपने मुँह में भर लिया और पूरा भर कर चूसने लगी।मैंने उससे कहा- ये जो नीचे गोलियां लटक रहीं हैं. मैंने झट से कहा- नहीं पापाजी, मुझे तो बिल्कुल भूख नहीं है, मेरा पेट तो आप की मलाई और सजा के आनन्द से भर गया है. ब्लू फिल्म ब्लू फिल्म चाहिएवो दिन था और आज का दिन है, हर दूसरे तीसरे दिन मैं उसकी चुदाई करता हूँ और बदले में मैं कभी कभार कुछ पैसे उसे दे देता हूँ.

तब पापाजी बोले- चिंता मत कर ज़रा सजा के लिए इसे तैयार तो कर लूँ!इसके बाद उन्होंने अपना लण्ड महाराज, जो इस समय अपने पूरे उफान पर था और पूरे आकार का हो चुका था, मेरी चूत के मुँह के पास रख दिया और हलके से धक्के मार कर उसे चूत के अंदर घुसेड़ने लगे.

मैंने पूछा- क्यों?तो वो बोले- सुपारी मुँह में रख लेने से ज्यादा देर सम्भोग किया जा सकता है और जब गीली हो जाएगी तो वो उसे अपने मुँह में भर लेंगे. उसकी सिसकारियाँ मेरे लण्ड में जोश भर रही थी पर मेरा लण्ड है, कोई पहाड़ नहीं इसलिए मेरा लण्ड अपना लावा छोड़ने को तैयार हो उठा.

इतनी जल्दी हुई इस गतिविधि से मेरी तो बांछें खिल गईं थी, मुझे कहाँ पता था कि मुझे इतनी जल्दी मौका मिल जाएगा पूजा से अकेले में मिलने का. काश मेरे रसभरे होंठों में किसी बहनचोद का मोटा फौलादी लन हो गले तक सटक के, आँखों में आँखे डाल कर चुसड़ चुसड़ कर मैं उसके लण्ड की झड़न के साथ, चूस कर ट्टटे भी पी जाऊँ. मैंने देखा कि टीवी के पास में प्ले-स्टेशन (विडियो गेम) रखा हुआ था, तो मैंने उससे पूछ लिया- मोनू तुम्हें गेम्स पसंद हैं क्या?मोनू- हाँ… मुझे विडियो गेम्स खेलना बहुत अच्छा लगता है, क्या आप खेलेंगे मेरे साथ?मैं- नहीं मोनू, मैं तो बस यूँ ही पूछ रहा था.

मैं सर हिला कर सोफे पर डॉगी स्टाइल में चढ़ गया, मैं अंदर से तेल की बोतल लाई और खूब सारा तेल उसकी गाण्ड की छेद पर लगाने लगी.

मैंने हाथ खोल दिए और उसने मेरी उंगली चूत से निकाल दी।अब उसने मुझे चूमना शुरू किया, मैंने अपनी शर्ट उतारी मगर उससे रहा नहीं जा रहा था।उसने अपना हाथ मेरे लोवर में डाला और लौड़ा सहलाने लगी, मुझसे रहा नहीं गया मैंने अपना लोअर उतार दिया।उसने मुझसे कहा- तुम्हारा तो इतना बड़ा है. वह उस आनन्द अनुभूति में बह गई और उसने मुझे आगे करने का इशारा कर दिया, तब मैंने उसे थोड़ा ढीला छोड़ा और अपने लंड को आगे पीछे करते हुए धीरे धीरे उसे पूरा अन्दर तक घुसा दिया. तो रमेश के लंड से तो तुम मर ही जाती।एक-दो मिनट के बाद उसको भी मज़ा आना शुरू हो गया तो वो नीचे से हिलने लगी, तब मैंने भी आहिस्ता-आहिस्ता झटके देने शुरू कर दिए और उसके मुँह से ‘आआआ आआहह ऊऊऊहह और ज़ोर से.

बीएफ वीडियो सीजीइतनी देर तक सोई हो… जीजाजी ने रात भर जगाए रखा क्या?मैंने भी उसको खुश देख मजाक में कहा- क्या करूँ… पति परमेश्वर होता है, जब तक परमेश्वर की इच्छा होती है. यह अन्दर नहीं जाएगा, प्लीज़ मत डालो, मेरी चूत फट जाएगी।अनिल ने कहा- अरे रानी चूत फाड़ने में ही तो मज़ा है, थोड़ी देर दर्द होगा लेकिन फिर मज़ा आएगा।ऐसा कहते ही उसने ज़ोर से धक्का दिया।‘आआआऐईईईईई.

आसाम सेक्सी बीएफ

अब मैं खुल कर पापा का लौड़ा चूसने लगी थी।अब तो पापा पूरा लौड़ा मेरे मुँह में ठूंस कर झटके मार रहे थे।दस मिनट तक उनका लौड़ा चूसने के बाद मेरी चूत में दोबारा खुजली होने लगी और मैं अपने हाथ से चूत मसलने लगी।पापा- अच्छा. तीसरा चुम्बन (मिक्की/सिमरन) से लेकर तीसरी कसम (दूसरी सिमरन) तक का प्रेम गुरु की कहानियों का यह दौर यहीं ख़त्म होता है। अगर अगला जन्म हुआ तो हम फिर मिलेंगे… और फिर दुनिया की कोई ताकत मेरी सिमरन को मुझ से जुदा नहीं कर सकेगी …. रजनी- हेमंत की बीवी है, इसका रंग भी गोरा है, यह भरे भरे शरीर वाली कुछ नाटी सी औरत है, इसके स्तन बड़े बड़े हैं और भारी चूतड़ हैं.

इस लिए मैंने सोचा मैं ही क्यूँ ना तेरी कोरी चूत को फाड़ने का मज़ा ले लूँ !’फिर मेरे मन में जो डर बैठा था वह मैंने रामदीन को बताया- अगर मेरे बच्चा हो गया तो क्या करेगा. अन्नू ने बिना देर किये मोनिका की चूची को चाटना शुरू कर दिया और उस पर गिरे मेरे माल को चाट चाट कर खत्म कर दिया. चुंबन करते-करते मैंने अजय का पजामा निकाल दिया टी-शर्ट उसने पहले ही निकाल दी थी।अब हम दोनों नंगे एक-दूसरे से लिपटे हुए थे जैसे कोई साँप चंदन के पेड़ से लिपटता है।हम दोनों का चुसाई का प्रोग्राम चालू था, तभी विजय कमरे में आ गया।हम वैसे के वैसे पड़े रहे।विजय- वाह.

!’ मेरे मुँह से निकल रहा था।मैंने पूरी ताकत लगा दी और जितना हो सका अपना लन्ड उसकी चूत में धकेल दिया।‘ऊऊऊह…!’ वो चिल्लाने लगी- क्या कर रहे हो… दर्द हो रहा है. मुझे नेट पर काम है।मैंने कहा- हाँ ‘काम’ तो करना ही चाहिए।वो हँसती हुई चली गई।मैं रात भर करवटें बदलता रहा, सुबह छः बजे मेरा फ़ोन बजा।देखा तो प्रीति का फ़ोन था, वो मेरे घर के दरवाजे पर खड़ी थी।मैंने जाकर दरवाजा खोला और पूछा- इतनी सुबह?उसने कहा- मेरी मम्मी सो रही थी तो मैंने सोचा कि मैं थोड़ा जल्दी ‘फारिग’ हो लूँ. मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था।दस मिनट की चुसाई के बाद अजय के बर्दाश्त के बाहर हो गया। उसने मुझे धक्का देकर बिस्तर पर गिरा दिया और खुद मेरे चूचे दबाने लगा.

comआपके लिए एक सही जगह है… आइए और आकर पता लगाइये कि यहाँ की लड़कियाँ आपके लिये क्या क्या कल्पनाएँ रखती हैं।. टीवी ऑन कर लो!फिर उन्होंने अपनी छोटी लड़की को आवाज़ लगाई, वो उनके पड़ोसी के घर में गई थी।तो उन्होंने मुझे बोला- जा मनु.

थोड़ी देर के बाद पूजा ने कमरे का दरवाज़ा खोला और कमरे में घुसते ही मोनू पर चिल्लाई- इतना शोर क्यो कर रहे हो, तुम्हारे इस शोर की वजह से मैं पढ़ नहीं पा रही हूँ.

पूजा शर्म से लाल हुई जा रही थी…मैंने पूजा का चेहरा अपने दोनों हाथों में लेकर कहा- देखो पूजा, तुम मुझे बहुत पसंद हो, मैं तो तुम्हें पहली बार देखते ही तुम पर फ़िदा हो गया था. एक्स एक्स एक्स हॉट सीनबदमाश बिल्लो, गुन्डी गुलाबो, जालिम जुबेदा, चिकनी चमेली, लरजाती लाजो, रन्डी रानी, सुडौल सबीना, छुईमुई छमिया, शानदार शिल्पा, निगोड़ी निम्मो, अनाड़ी अनारो और शरारती शब्बो आदि कई लड़कियाँ अब भी बहादुर के लण्ड के गुनगान गाते नहीं थकती थी. मारवाड़ीसेक्स वीडियोऔर मैं फिर उनकी चूत की भी खूब अच्छी तरह दोनों हाथों से मालिश करने लगा तो वो ओह आह…उहं… करने लगी और बोलने लगी- अब बस कर, अब बर्दाश्त नहीं होता, जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल और मेरी चूत को पेल-पेल कर फाड़ डाल! जल्दी कर!मैंने वैसा ही किया, भाभी दोनों पैरों फैलाया और उनकी चूत में अपना लंड घुसेड़ दिया. मैंने अपनी जांघें आपस में सटा लीं पर मेरा ऐसा करना उसके मन को बदल न सका।उसने मुझसे कहा- बस ये अंतिम बार है और अब मैं चला जाऊँगा।वो मेरी टांगों को अलग करने की कोशिश करने लगा।मैं अपनी बची-खुची सारी ताकत को उसे रोकने में लगा रही थी और विनती कर रही थी ‘छोड़ दे.

!!समस्या यह नहीं है कि कोई बॉयफ़्रेन्ड उसकी लेगा, परेशानी यह है कि आजकल लड़के लड़कियों को ब्लैकमेल करने के लिए उनका वीडियो बना लेते हैं.

कभी-कभी पी लेता हूँ।मैं बीयर पीकर सोने लगा और मैं दरवाजा अन्दर से बन्द करना भूल गया।थकान के कारण मुझे कब नींद आई. !एक बात आप सभी को बता दूँ कि माया मेरे घर के पास ही रहती थी, वो भी अपनी कुछ सहेलियों के साथ रूम किराए पर लेकर रह रही थी। मेरा रूम वो जानती ही थी। मैंने दरवाज़ा खोला देखा कि माया आई है।मैंने पूछा- तुम कॉलेज नहीं गईं?उसने कहा- नहीं. !आरोही- भाई ये सब रेहान का कमाल है, जादूगर है वो ये देखो…!इतना बोलकर आरोही चादर खींच लेती है और वो दोनों नंगे उनकी आँखों के सामने आ जाते हैं। जूही शरमा जाती है और अपने पैर मोड़ कर चूत छुपा लेती है और हाथों से मम्मों को ढक लेती है।राहुल- वाउ यार.

मैं उसकी योनि को चूसे जा रहा था कि अचानक उसने अपनी कमर को ऊपर उठा लिया और जोर जोर से आहें भरते हुए मेरे सर को अपनी योनि पर दबा दिया. उसके दृढ़ और उठे हुए उरोजों को देख कर मैं आपे से बाहर हो गया और उन रेशम से मुलायम उरोजों की चुचूक को अपने मुँह में ले कर चूसने लगा. मेरी भोसड़ी चोद दे… बस अब मुझे नीचे दबा ले और साली चूत की चटनी बना दे।अब हम दोनों ने पलटी मार ली और वो मेरे ऊपर सवार हो गया।उसकी कमर, मैंने सोचा भी नहीं था, ऐसी जोर-जोर से चलने लगी कि बस मुझे स्वर्ग का आनन्द आ गया।मैं तबियत से चुदने लगी।‘हाय मेरे चोदू.

बीएफ सेक्सी प्रियंका चोपड़ा की

कॉम पर पढ़ रहे हैं।मैं भी अब धीरे-धीरे उसके पूरे बदन को चूमने लगा और चूमते-चूमते उसकी दोनों टांगों के बीच में आ गया और उसकी चूत में अपनी जीभ डाल दी।जैसे ही मैंने मेरे होंठ मेरी साली की चूत के होंठों से टच ही किए थे कि मेरी साली की एक सीत्कार भरी लम्बी ‘आह ह्ह’ निकल गई।‘बस जीजा. साली शादीशुदा है। साड़ी पहने कमाल की लग रही है।धन्यवाद की आवशकता नहीं है आरतीजी !”नहीं मैं पिछले आधे घंटे से देख रही थी, किसी ने मेरी हेल्प नहीं की।”कोई बात नहीं… यह तो मेरा फ़र्ज़ था।” मैंने मुस्कुरा कर कहा।आप कहाँ रहते हैं?”मैं पास में ही शकुंतलम् मार्ग पर निकुंज अपार्टमेंट में रहता हूँ. रिया उस अकड़न और खिंचावट होने के बाद एकदम निढाल सी बिस्तर पर लेटी रही और मैं भी थक कर निढाल सा उससे चिपक कर उसके ऊपर ही लेट गया.

मैं तो मर जाऊँगी…‘आपको दर्द है तो मैं बाहर निकाल लेता हूँ!’ मैंने उन्हें तड़पाने के लिए कहा।भाभी- अरे.

!उसने भी मेरी बात को समझा और सामान्य हो गई।तब मैंने सोचा कि चलो इसके दिल की बात इसके मुँह से आज निकलवा ही लेती हूँ और फिर मैंने अपनी बातों में उसे उलझाने की कोशिश शुरू कर दी।कुछ देर तो वो मासूम बनने का ढोंग करती रही पर मैं उसकी बचपन की सहेली हूँ इसलिए उसका नाटक ज्यादा देर नहीं चला और उसने साफ़ कबूल कर लिया कि उसे भी किसी मर्द की जरुरत है जो उसके साथ समय बिताए… उसे प्यार करे.

लेकिन उसके आ जाने से मेरे विभाग के बाकी कर्मचारी उसके चक्कर में बहकने लगे और लडको में आपस में लड़ाइयाँ होने लगी, जो मुझे पसंद नहीं आया।मैंने उससे एक दिन यूँ ही बातों बातों में कहा- देखो अर्चना, तुम काफी सुन्दर भी हो मगर तुम्हारे होने से मेरे ऑफिस का माहौल बिगड़ रहा है जो मुझे पसंद नही है, मुझे अच्छा तो नहीं लगेगा मगर तुम्हें यहाँ नौकरी नहीं करनी चाहिए. अपने आप को संतुष्ट करने के लिए अब दो विकल्प हैं:या तो मैं किसी वेश्या या कालगर्ल के पास जाऊं!और दूसरा विकल्प यह है कि एक युवा विधवा है उसकी एक छोटी बेटी है, उनकी देखभाल के लिए कोई नहीं है, उनकी आर्थिक स्थिति खराब है, मैं उस विधवा से गुप्त रूप से शादी कर लूं तो मुझे साथी मिल जाएगा और उनको सहारा मिल जाएगा. मराठी बीएफ ओपन सेक्सतुम दोनों भी कपड़े निकाल दो, तब इसको शर्म नहीं आएगी, सही है ना जूही…!जूही ने मुस्कुराते हुए ‘हाँ’ कही।फिर क्या था वो दोनों भी नंगे होकर बेड पर आ गए। आरोही सीधे रेहान के पास जाकर लेट गई और राहुल जूही के पास लेट गया।रेहान- अरे आरोही क्या बात है.

!अब क्योंकि बात तो चल रही थी आइसक्रीम की, पर बात के अन्दर की बात यह थी कि मैंने उसकी चूत चाटने की बात कर रहा था, समझ वो भी गई थी कि मैं क्या कह रहा हूँ।मैंने कहा- सच में. जब मैं चलती थी तो जांघों तक मेरी टाँगे नंगी हो रहीं थी और मेरी डोलती हुई चूचियों और उस पर खड़ी चूरे रंग की डोडियाँ गाउन में से झलक रहीं थी. लंच के बाद, वो सुबह ट्यूशन गई थी, तब उसका भाई ताला लगाकर कहीं चला गया था, उसे कुछ और काम ना था तो वो मेरे घर आ गई। उस दिन मैं भी अकेला था।क्या बताऊँ जब दरवाज़ा खोला और उसे खड़ा देखा तो मेरे बदन में एक झुरझुरी सी हो गई…वो कमसिन हसीना मेरे सामने खड़ी थी, शर्ट में कसे हुए उन्नत और तने हुए मम्मे.

साली।’मैं भी उनकी बातों से गर्म होकर उनके धक्कों का साथ देते हुए अपनी गाण्ड को ऊपर उठाए जा रही थी।फिर ‘रत्ना. सभी दोस्तों को मेरा हार्दिक प्रणाम।मैं अपनी प्रथम सच्ची कहानी को आपके सामने प्रस्तुत करते हुए बड़ी प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूँ।साथियों मेरा नाम अंकित सिंह है, मेरी उम्र उन्नीस साल है। मैं बागपत (उ.

फिर मेरे एक और पड़ी। इस तरह वो तेज़-तेज़ 5-6 डंडी मेरे चूतड़ों पर मारते रहे और चाय पीते रहे।तभी मैंने देखा बाबूजी जो बैग स्कूल ले जाते थे, वहीं ड्राइंग रूम में था।ससुरजी- बहू मैं तेरे लिए आज भी कुछ लाया था। आज मार्केट गया था, वहीं से लाया हूँ.

और फ़िर मैं वहाँ से चल दिया, मेरे दिमाग में बस वो ही औरत आ रही थी,और फ़िर जैसे ही मैं कुछ आगे गया तो मुझे एक पंकचर की दुकान दिखाई दी. मैं मज़े ले रहा था। मैं उसे मम्मे दबाता रहा। मैंने भी ज्यादा देर करना सही नहीं समझा और उसकी चूत पर लंड रखा एक हल्का सा झटका दिया।थोड़ा ही घुसा आआआईईईई” उसके मुँह से चीख निकल गई।मैंने हल्का पीछे होकर और एक जोर से धक्का मारा।” आआआआअईईईईई…. ’ जैसे अल्फ़ाज़ निकल रहे थे।तभी उन्होंने दायें हाथ की एक उंगली मेरी चूत में डाल दी, मैं एकदम से उछल सी गई, तो उन्होंने मेरे बाल पकड़ लिए।ससुर जी- बहू.

सेक्स वीडियो एक्स एक्स एक्स एक्स ।’रजनी बोली और अपने कमरे की ओर चल दी।मेरा लंड इतनी सेक्सी औरत को देख कर खड़ा हो चुका था।‘गुड-नाइट रजनी जी, एक मिनट।’‘जी. मैं कर लूँगी, चल जल्दी शुरू करते हैं दो दिन में प्रोजेक्ट देना भी है। चल बता क्या करूँ अब?निशा- चल अब एक नोटबुक ले और एक पेन ले और उस पर अपना नाम लिख, आज की तारीख़, जगह का नाम, तूने कौन से कपड़े पहने हैं और उनका रंग क्या है ये सब लिख और हाँ.

हमारे ऊपर गिर रही थी।मैं उठा तो देखा श्री नहा कर तैयार हो कर खड़ी थी।मुझे जगा कर बोली- आलोक मुझे तुमसे जो मिला. ? तुम पहले भी तो देख चुके हो इसे।”हाँ, लेकिन यह इतना बड़ा कैसे हो गया?” वरुण ने मेरे लौड़े को घूरते हुए पूछा।बस हो गया जान, तुम्हारे लिए ! अब इसे अपने मुँह में लेकर प्यार से चूसो। मुझे मज़ा आना चाहिए।”वरुण उचका और पलंग के सिरहाने का सहारा लेकर बैठ गया और मेरे लौड़े के सुपारे को अपने मुँह में ले लिया।उसके मुँह की मुलायम गर्मी पाकर मेरा लंड और सख्त हो गया, मेरे मुँह से हल्की सी आह निकल गई, ” अहह. मैंने कहा- फिर तो मुझे एक गुड मोर्निंग किस जल्दी से दे दो…मेरा इतना बोलना ही था कि उसने अपने होंठो को मेरे होंठों से लगा दिया.

एक्स वीडियो हिंदी सेक्सी बीएफ

अपने मन से सारा डर निकाल दो और आराम से पीठ के बल लेट जाओ… मैं तुम्हें बहुत प्यार से ‘प्यार’ करूँगा… तुम्हें बहुत मज़ा आएगा।‘ठीक है. इन लड़कों के साथ रहकर सब पता था मुझे कि ये आपस में क्या कोड बातें करते थे, सब पता था पर सच बताऊँ, किसी ने मुझ पर डोरे डालने की कोशिश नहीं की थी।संजय और रौनक तो बिल्कुल बच्चे से मन के थे, हाँ इन में से दानिश सबसे बड़ा था… इंटर का छात्र था. चलो अब चुदाई करते हैं।इतना कह कर रोहन मेरे पास आया और मेरी चूत पर उसका लंड सैट करने लगा। निशा फ़िर बोल पड़ी- रोहन, मेरी जान पहले मेरी चूत चोदो ना.

!अपनी माँ से ये सब सुनकर एक बार तो मुझे हैरानी हुई पर शराब के नशे में धुत्त माँ की तरफ वेबस हो कर देखता रहा।अमन बोला- प्रिय रानी जा. !यह सुनकर मुझे और जोश आ गया और मैं और जोर-जोर से धक्के मारने लगा।अब मैंने चुदाई की स्थिति बदल ली थी और मैंने मामी को घोड़ी बना कर चोदना चालू कर दिया।वो ‘आह…अह्ह्ह्ह.

मैंने एक स्कूल में टीचर की नौकरी कर ली और विनायक ने ऑटो चलाना शुरू कर दिया।उस दिन की चुदाई से मुझे एक बेटी हुई जिसका नाम सविता है, हम दोनों खुशहाल जीवन जी रहे हैं.

अब अपने कपड़े खोलो और मुझे एक-एक करके ठीक से देखने दो।’ ससुर जी ने अपना लौड़ा सहलाते हुए मुझे एक आँख मारते हुए कहा।मैंने भी लंड की खुराक पाने की चाहत में अपने कपड़े खोल दिए।अब मैं अपने ससुर जी के सामने ब्रा और कच्छी में खड़ी थी।ससुर जी भी पूरे नंगे हो गए थे।मेरे मुँह से निकल गया- बाप रे… बाप. कॉम पर पढ़ रहे हैं।मैंने फिर उसका निप्पल अपने दांतों के बीच लेकर हल्के से काटा तो बोली- क्या कर रहे हो? दर्द होता है उफ़…मैंने दोनों निप्पलों के साथ ऐसा ही किया. फ़िलहाल चलो, देर हो रही है।तब विजय ने मुझे देखा और मुस्कुराते हुए कहा- मैं तुम्हारा यह खूबसूरत जिस्म चखने के लिए बेताब हूँ!मैंने उसे मुस्कुराते हुए जवाब दिया- ठीक है.

पिंकी भी ठीक है, अभी बाहर खेलने गई हुई है।मैंने रामदीन से फोन लेने की नाकाम कोशिश की और वह कहने लगा- ठीक है. अब और इंतजार नहीं हो रहा मुझसे!उनकी तड़प देख कर मैंने अपने लण्ड को उसकी चूत के छेद पर रखा और एक जोरदार धक्का लगाया, जिससे मेरा पूरा 8 इन्च का लंड उनकी चूत में समा गया और वो दर्द से चिल्ला उठीं- उू. अमर सही कहते थे कि मर्द औरतों को दर्द भले देते हैं पर ये दर्द एक मीठा दर्द होता है, चाहे झिल्ली फटने का हो या फिर माँ बनाने का दर्द हो.

क्या मैं आपके कुछ काम आ सकता हूँ?वो मेरे गले लग कर ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी। मुझे तो मानो जन्नत मिल गई हो, मैं उसके आँसू पौंछने लगा, तो वो बिल्कुल पिंघल गई, बोलने लगी- तुम्हारे भैया कुछ करते ही नहीं.

चुदाई बीएफ ब्लू: उससे पहले मैंने फिर उसके मुँह में अपनी जीभ डाल दी और उसके शरीर पर अपना हाथ धीरे-धीरे सहलाने लगा।मैं उसे गर्म कर चुका था और जानता था कि आदमी का लंड जब चोदने के लिए खड़ा हो जाता है, तो औरत की चूत भी तो लंड चाहेगी ही।मेहनत की फल जरूर मिलता है, यह सोचकर मैं उसे किस पर किस करता रहा।अब उसने खुद ही बताया कि मैं सिर्फ इतना जानती हूँ कि जब हम नंगे हो जाएंगे और तुम अपनी नुन्नी मेरी बुर में डालोगे. बात तब की है जब दो साल पहले में अपनी कॉलेज के अंतिम साल में था तब वो मुझे एक सेमिनार में मिली थी, उसकी छोटी छोटी आँखों ने मुझमें उसके प्रति प्यार जगाया.

हेमंत बोला- मुझे ऑफिस में पता चला कि रमेश अंदर हो गया है, तुम बताओ कि बात क्या है?मैंने हेमंत को सारी बात बता दी, वो बोला- ठीक है, कल छुड़ा लेंगे. घूम कर आते हैं!उसने इशारा करके मधु की ओर देखा और मुस्कुरा दिया।मधु ने भी उसका मुस्कुरा कर ही जबाब दिया, उसने इशारा करके मधु को आगे चलने को बोला।थोड़ी देर वो थोड़ी पैदल चलने पर वो अपनी होंडा बाइक लेकर आया और मधु को बैठने को बोला। मधु ने मुझे बीच में बैठा कर बाइक के पीछे चुपचाप बैठ गई, थोड़ी देर तक कोई नहीं बोला।फिर मधु ने धीरे से पूछा- जगह सेफ तो है ना. अब आगे का काम बाकी थामैंने रात भर पूरे घर का जायज़ा लिया लेकिन मुझे ऐसे कोई जगह नहीं मिली जहाँ से मैं उन दोनों को देख सकूँ। यह सब मैंने कहानियों में पढ़ा था.

मेरी दीदी का सत्ताईसवां लण्ड-1मेरी दीदी का सत्ताईसवां लण्ड-3दीदी बोली- तुम्हारा दिमाग़ तो खराब नहीं है.

नाराज़ नहीं हूँ… बस मूवी देख रहा हूँ।उस दिन तो सिर्फ़ उसका हाथ ही पकड़ कर रह गया।दो दिन बाद मैं फिर उसके साथ मूवी देखने गया। इस बार साली का चूमा भी लिया।उसके बाद तो आए दिन ही मूवी देखने भाग जाता था।अब तो साली के मम्मे भी पिए और दबाए. थोड़ी देर बाद जब मेरी सांस में सांस आई तब मैं उसके ऊपर से उठा तो देखा की उठने की चेष्ठा करने पर भी उससे उठा नहीं जा रहा था. ’ निकल गई।दूसरे झटके में पूरा लंड अन्दर डालकर धकापेल चुदाई करने लगा।वो भी चूतड़ हिला कर मेरा साथ दे रही थी और मुझे अपनी मादक सीत्कारों से उत्तेजित कर रही थी। उसके कंठ से- तेज.