बीएफ कंडोम

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साउथ इंडियन सेक्स: बीएफ कंडोम, उसके जिस्म की अकड़न बता रही थी कि उसे लंड चुसवाने में बेहद मजा आ रहा था.

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मॉम- क्या बात है पापा जी?दादा जी- देखो, एक काम मिला है, महीने में 20000 सैलरी मिलेगी. चोदा चोदी भोजपुरीशन्नो को बहुत मजा आने लगा था, वो गांड हिलाती हुई बोली- राज तुम मुझे ऐसे ही चोदते रहो यार … बड़ा मजा देते हो.

थोड़ी ही देर में ममता ने गांड उचका कर इशारा किया, अभय को इतना ही काफी था. ইন্ডিয়ান বিএফये बात सुनकर मेरी मम्मी की चुत में शायद पानी आ गया था तो वो अपनी साड़ी के ऊपर से ही अपनी चुत मसलती हुई चाची की बात सुनकर हां में सर हिलाने लगीं.

मैं टहलते हुए सोच रहा था कि भाभी बड़ी दिलकश माल दिख रही हैं, इनसे बात कैसे करूं.बीएफ कंडोम: हम दोनों की सिसकारियां तेज़ हो गई थीं और ‘आह ओहहह आहहह …’ की आवाज से पूरा कमरा गूंज उठा था.

कुच्ची बोल रहा था- तो क्या हुआ … वो मेरा दोस्त है … जैसे मैं, वैसे वो!शब्बो- नहीं, मुझे ये सब नहीं करना, तुम्हें करना है … तो करो, वरना मैं जा रही हूं.और धीरे धीरे मैं भी उसका साथ देने लगी।मैं मन ही मन सोच रही थी, मुझे क्या हो गया है, अभी कुछ समय पहले अजय से चुदवा के आई हूँ, अब कुणाल से भी चुदवाऊंगी।किस करने के साथ ही कुणाल ने मेरे बूब्स को भी मसलना शुरू कर दिया जोर ज़ोर से!मेरी उम्महह… उम्महह … की सिसकारियाँ निकलने लगी।हम दोनों अब भी अंधेरी रात में खुले आसमान के नीचे ही थे.

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भाभी समझ गईं और वो घुटने के बल पर बैठ कर मेरा लंड मुँह में लेने लगीं.फिर जैसे ही अंकल मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लगे तो कुछ ही पल में मेरा माल निकलने लगा.

दोनों ने एक दूसरे के शरीर पर मेरे वीर्य के एक एक कतरे को चाट चाट कर साफ़ कर दिया।जिस तरह रसोई में रखा गर्म खाना वक्त के साथ ठण्डा हो गया था उसी तरह वासना से जल रहे तीन जिस्म भी ठण्डे हो गये थे. बीएफ कंडोम शन्नो को बहुत मजा आने लगा था, वो गांड हिलाती हुई बोली- राज तुम मुझे ऐसे ही चोदते रहो यार … बड़ा मजा देते हो.

साथ ही मैंने अपने दूसरे हाथ से लंड को पकड़ा और मां की चूत में डालने लगा.

बीएफ कंडोम?

मेरा लंड मामी जी की रसभरी चूत की दीवारों को फैलाता हुआ पूरा का पूरा अन्दर जा घुसा. उसकी आंखों में नशा देख कर मुझे यकीन हो गया कि शमा पक्के में लंड की प्यासी है. इस दौरान कुच्ची ने जमीला के ऊपर मेरा इम्प्रेशन जमा दिया था, जिसमें आखिरी कड़ी थी कि मुझे रूबरू मिलाना, जो आज हुआ था.

मैं आपको बता दूँ कि मेरी मौसी का तलाक उनकी शादी के पांच साल बाद ही हो गया था, तब से वह अपनी बेटी के साथ ही रहती हैं. मगर मामी को लगा कि उनकी हरकत के कारण बाइक गिर पड़ी है तो वो बार बार सॉरी बोल रही थीं. फिर मैंने उनको उठाया और अपने लंड के सहारे हवा में लटका कर चोदने लगा.

वीरू बोला- साली रंडी, यहां जंगल क्यों उगा रखा है … झांटें क्यों नहीं बनाती … तुझे मालूम है कि मुझे झांटें पसंद नहीं हैं … फ़िर भी!चाची बोलीं- साले भड़वे, चिल्लाता क्यों है … कल बना लूंगी … आज तो तू मेरी प्यास बुझा मां के लौड़े. चाची- क्या देखते हो?मैंने उनके मम्मों की तरफ देखते हुए उन्हें बताने की कोशिश की. लोग तो अपने मजे के अपनी पत्नियों को दूसरे लोगों के साथ शेयर करते हैं.

सफर की थकान के कारण जल्दी ही उनको नींद आ गई।सुबह चाय नाश्ते से फ्री होने के बाद मैंने ससुर जी से कहा- पापा जी, क्या आप मेरे साथ मार्किट चल सकते हैं? मुझे रसोई का सामान और अपने लिए कुछ कपड़े लेने हैं. मैं हंसते हुए बोली- आज तो अच्छी टिप मिल गयी तुम्हें!वो बोला- मैडम मुझे तो आज इंसान में जन्म लेने का फल मिल गया.

कुछ देर बाद मैंने अमित को धक्का देकर बिस्तर पर गिरा दिया और उसके ऊपर से चढ़ गई.

जैसे ही थोड़ी सा लंड अंदर गया, वह चिल्लाने लगी- ऊई ऊईई आहहह मर गई बचाओ बचाओ मर गई ऊईई ईईईई आह हहह सीई ईईईई मर गई!मैंने लंड रोक दिया और उसके दोनों कबूतरों को मसलने लगा.

कुछ सेक्स कहानियां तो इतनी मजेदार होती हैं कि उन्हें पढ़कर लड़कों के हाथ अपने लंड तक और लड़कियों के हाथ अपनी चूत तक पहुंच जाते हैं. शादी में जाने का मेरा एकमात्र उद्देश्य बहू के साथ सेक्स का मजा लेने का था. ममता- क्या जब?अभय- जाने दो ना यार, कुछ बातें परदे में रहें … तो ही अच्छा है.

इधर मैं अपने कमरे में बेचैनी से करवटें बदल रहा था, नींद मेरी आंखों से कोसों दूर थी. मैंने अपनी गर्दन ‘न’ में हिलाते हुए यामिना को बताया कि फ़लक पढ़ाई-लिखाई में तो बिल्कुल जीरो है बाकी मैं उसे कुछ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देकर तैयार करने की कोशिश करूंगा, शायद बात बन जाये. जब भी चूत में घुसता है तो पूरी तरह संतुष्टि करवा के ही बाहर आता है.

बाद में मुझे पता चला था कि काफी बार दोनों ही साथ में एक लंड से चुदवा चुकी थीं.

सुम्मी भीतर ही भीतर अपने आप को अकेलेपन की गहरी खाई में जाती हुई महसूस कर रही थी. यह देखते ही मेरे मुँह से निकल गया- बाप रे रज्जी … तू तो माल है यार, कितनी हॉट है तू. तभी हुर्रेम ने मेरे पास आकर मेरी गांड पर एक चपेट लगाकर मेरे कान में बोली- तुम दोनों को इतनी देर कहां लग गई?मैंने उसके गाल पर एक किस कर दिया और कहा- तेरी सहेली को चोदने के चक्कर में देर लग गई.

तभी मेरे लंड ने माल छोड़ना शुरू कर दिया और वो उसकी बच्चेदानी को नहलाने लगा. अदिति बेटा, ये दिल्ली नहीं है अभी तो आगरा आया है; चल परेशान मत हो, मुझे सोने दे. मैंने राजकुमारी मीना की दोनों टागें अपने कन्धों पर लेकर कुछ इस तरह से उसे लटकाया था, जिससे उसकी चुत मेरे मुँह से लगी थी.

मामी ने मुस्काराकर धीरे से कहा कि तुम अपने मामा के साथ खेत में मत जाना.

शीना वापिस आयी और घड़ी में टाइम देखा तो हमें ये खेल खेलते हुए दो घण्टे हो गए थे. मैंने कहा- वाह मेरी जान, क्या किस करती हो … तुम तो हिना से कई गुना अच्छी माल हो.

बीएफ कंडोम तभी नवीन ने उसके पीछे से जोया की गांड को अचानक से पकड़ा और उठा कर उसकी चूत को चाटने लगा. फिर से मैंने लंड मुँह से निकाल दिया तो वो बोले- लंड को मुँह में ही ले लो, तभी ये शांत होगा.

बीएफ कंडोम अब आगे कैसे भाई ने बहन को चोदा:अब अफ़रोज़ ने मेरी ही अदा में मुझे किस किया. पूजा दूसरी राजकुमारी का नाम है, ये उस वंश की दूसरी रानी की बेटी है.

”तुम्हारी थकावट और कमजोरी दूर हो जाये तो खेलने को तैयार हो?”हाँ, सर.

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जब भी मैं कहीं बाहर जाती हूं, तो सारे मर्द मुझे घूर घूर कर देखते हैं. मैंने उससे कुछ रुकने के लिए कहा तो वो मेरी गीली चुत से अपना लंड निकाल कर मेरे बाजू में लेट गया. फिर रीमा ने निखिल से कहा कि वो एक बार मीरा आंटी के कमरे में देख आए कि वो सो गयी हैं या नहीं.

टॉप और जीन्स के बीच जो फासला था उसमें से बहू की गुलाबी चिकनी कमर की झलक, उनके चलने से जांघों के जोड़ पर बनते त्रिभुज से उनकी कचौरी जैसी फूली चूत का सहज ही आभास होता था. नौकर मालकिन सेक्स कहानी में पढ़ें कि नौकर ने कैसे अपनी मालकिन के अकेलेपन को देखा, उसकी सेक्स की जरूरत को पहचाना. उनके मुँह से ये सब इतना खुला सुनकर अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था.

कारीगरी बहुत अच्छी है।मैंने हवा में तीर सा छोड़ दिया।मुकेश बोला- हमारा खानदानी कारीगर है वो!मैंने कहा- कौन? वो गुलाब? ओह हाँ!मुकेश बोला- पहले उसके पिताजी करते थे काम, अब वो करता है। जब से गया है काम करके अभी तक आया नहीं.

मैंने अपनी जांघ के नीचे से दायां हाथ निकाल कर उनका लंड पकड़ने की कोशिश की, मगर वो मेरी मुट्ठी में नहीं आ सका. दीदी ने मुझे देखते ही पूछा- क्या तूने कभी सेक्स नहीं किया है?मैंने ना में सर हिला दिया. प्रिय पाठको, आपको यह औरत की चुदाई कहानी कैसी लगी?[emailprotected]औरत की चुदाई कहानी का अगला भाग:पेट्रोल पम्प पर झगड़े का हसीन फल- 2.

उसकी दोनों टांगों को अपने दोनों कंधों पर रख कर मैं उसके मादक जिस्म को निहारने लगा. वे बाद में बोलीं- अच्छा एक बात बता, कितना बड़ा है तेरा?ये कुछ ज़्यादा ही गर्म सवाल हो रहे थे और मेरा इनके सवालों की वजह से ही फिर से खड़ा हो गया था. वो हंस कर मेरा लंड सहलाती हुई बोली- क्या बात है … प्रज्ञा को देखकर ये जनाब तो एकदम खड़े हो गए.

आजकल भारत में हमारे जैसे लोग बहुत हैं … लेकिन बहुत कम लोग अपनी फीलिंग बता पाते हैं. मामा लंड चुत में पेलते हुए बोले- शबनम क्या मस्त चुत है,चोदने में खूब मजा आ रहा है.

मुझे भाभी की यह बात कुछ अजीब सी लगी क्योंकि मैंने इस से पहले कभी ऐसा नहीं सुना था. वैसे भी बृज का तुम्हारे से छोटा और पतला था … और कुछ सालों से तो उसका सही से खड़ा ही नहीं हुआ है. अभिनव को बचपन से ही वही अचार पसंद है और आप शादी में शामिल हो जाओगे तो वहां भी सबको अच्छा लगेगा.

इससे वो भी समझ गयी थी कि उसकी मम्मी उसको चुदने का समय देने के लिए बाहर जा रही हैं.

’इतना बोलकर भाभी झड़ गईं, लेकिन मैं नहीं झड़ा था … तो मैं उन्हें ताबड़तोड़ चोद रहा था. मैंने भी धीरे से मां की गांड पर हाथ फेरना चालू कर दिया और मां की चड्डी को धीरे से उतारने लगा. जया की पैन्टी नीचे खिसका कर मैंने उसके नंगे चूतड़ों पर हाथ फेरे तो जया हमसे लिपट गई.

मेरे पूछने पर वो कुछ नहीं बोली और दूसरे छोर पर जाकर फिर से रोने लगी. भाभीजी हल्की मुस्कान के साथ बोली- ठीक है, चलो … फिर मैं तुमको मेरे वेस्टर्न ड्रेस का कलेक्शन दिखाती हूँ.

हम दोनों तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार स्टेशन आ गए और ट्रेन आने पर अपनी अपनी सीट पर जाकर बैठ गए. आप सबको मेरी ये हॉट कॉलेज गर्ल सेक्स कहानी कैसी लगी?ये आप मुझे मेल पर बता सकते हैं. क्या यह मेरा दूध भी पिएगा?भाभी- हां … इसे मेरा दूध तो बहुत पसंद है, तेरा भी पी लेगा.

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अभी जो पेपर पर आपसे साइन करवाए हैं ना, वो स्कूल के नहीं थे … बल्कि मेरे दोस्त के पड़ोसी रोहन अंकल ने दिए थे.

मामी की गांड देखते ही मुझे बहुत ही मस्त सा महसूस हुआ और मेरा लंड कड़क हो गया. मैंने उससे कहा- प्लीज़ तुम मेरे अन्दर से एक बार निकल जाओ, मुझे अपनी चुत पौंछनी है. मैंने जोर देकर पूछा- बिंदु क्या बात है?तभी राजेश बोला- यार यह सब किस्मत का खेल है.

जैसे ही मैं अन्दर आया तो बोलने लगी- बात क्यों नहीं कर रहे हो?मैंने जबाब दिया- मैं अपना रूम शिफ़्ट करने वाला हूँ … इसलिए टाइम नहीं मिला. अभय- सच कहूं ममता आज रियल में पहली बार मैंने किसी कुंवारी लड़की की बुर देखी और चाटी. अंग्रेजन की चुदाई वीडियोमैं बोली- मामा जी, इतनी होली तो खेल ली, मुझे पूरा रंग दिया और कहां रंग लगाना बाकी रह गया है!मामा ने जेब से गुलाल निकालकर मेरे सीने पर मारा और बोले- इन पर तो रंग लगाया ही नहीं है.

मेरे पिता जी रोज रात को दारू पीकर आते थे और मेरी मां की चुदाई करते थे. ममता जोर से सिसकने लगी- आआह भैया … ये कैसी आग लगा दी तुमने … अब सहन नहीं होता भैया … आह.

एक दिन सूर्यभान आया, उसने बताया कि महाराजा ने तीनों राजकुमारियों के लिए दो सप्ताह बाद स्वयंवर का आयोजन किया है, जिसमें आल्फा यानि मुझे आमंत्रित नहीं किया गया था. हालांकि वो जगह काफी अच्छी थी, पर उसके बारे में बताने में कोई ख़ास मजा नहीं है. मेरी उत्तेजना बढ़ने लगी थी और अब मैं बुआ के हर अंग को भलीभांति महसूस कर सकता था.

अब कामिनी भी लंड को तेज तेज चूसने लगी।थोड़ी देर बाद कामिनी अपनी चूत को मेरे मुंह पर दबाने लगी. उन्होंने मुझे बांहों में दबोचा और मेरे होंठों को चूमना शुरू कर दिया. अब तो आलम ये था कि एक भी दिन ऐसा नहीं होता था, जब वो मुझे न्यूड पिक न भेजें … और फोन सेक्स न करें.

आप लोगों को मेरी यह सच्ची मौसी Xxx चुदाई कहानी कैसी लगी, कृपया मुझे मेल करके बताएं.

मुझे भी दीदी की मुँह की गर्मी ने बेहाल कर दिया और मैंने उनकी एक चूची पकड़ कर मसलते हुए उनकी जीभ को चूसना शुरू कर दी. शुरू में तो उसने मेरी इस इच्छा को बहुत सारे तर्क देकर टालना चाहा लेकिन अंत में उसने मेरी मांग स्वीकार कर ली।फिर पता नहीं कब हमारी आँख लग गयी और हम सो गये।कुछ देर बाद मेरी आँख खुली तो देखा घड़ी में शाम के 4:10 हो रहे थे।रूपाली अभी भी सो रही थी.

उर्वशी ने अपने हाथ में मेरा लंड पकड़ा और धीरे धीरे नीचे होने लगी, जिससे उसकी चूत में मेरा लंड जाने लगा. मैंने दो ठोकरें मारकर अपना लण्ड जड़ तक धँसा दिया तो बहार चूतड़ उठा उठाकर मुझे चोदने लगी. रितेश ने मीरा को समझाते हुए कहा- अरे यार, तुम बस दो दिन रुक जाओ … और हां इस बीच मेरे नाम से तू अपनी चुत में कुछ मूली गाजर डाल लेना.

मिहिका अपने एक हाथ से लंड को मुठियाने लगी और मैं उसकी चुचियों को दबाते हुए गालों को चूम रहा था. कुछ देर तो शहज़ाद ने मेरे चुचे रगड़े, लेकिन जब ये पाया कि मैं सो गई हूं. उन दोनों को देख मैं भी गर्म हो गया था तो मैं भी उनके साथ शामिल हो गया.

बीएफ कंडोम कुछ दिनों बाद मेरी बड़ी बहन सुमन का कॉल आया कि वो मां से मिलने के लिए आ रही हैं और 6-7 दिन यहीं रुकेंगी. उसने मुझे कसकर अपनी बांहों में जकड़कर अपने लंड को मेरी चुत पर कसकर दबा दिया.

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और वो दूसरे कमरे में चली गई।उसने आवाज लगाई- चाय/कोल्ड ड्रिंक क्या लोगे?मैंने कहा- मैडम, आप परेशान न हों. करीब 11:00 बजे ट्रेन अपनी फुल स्पीड पर दौड़ रही थी तो भाभी की आंख लग गई. दोस्तो, हिन्दी सैक्स कहानी पर आपका स्वागत है।मैंने अन्तर्वासना पर बहुत कहानी पढ़ी और सोचा कि लोग ज्यादातर अपने मन से बना कर कहानी डाल देते होंगे।लेकिन कहावत है जो चलता है उसे ही थकान का अनुभव होता है।मेरे साथ भी ऐसा कुछ हुआ तो मैंने सोचा कि मैं भी अपनी आपबीती सबको बताऊं.

मुझे मालूम था कि मेरी बीवी और सादिका की एक सहेली सुमन उसी कस्बे में रहती थी. चाची दर्द से तड़पी- अरे साब, आराम से … बहुत दर्द होता है, धीरे से डालो।तोमर साब बोले- अरे धीरे से ही डाल रहा हूँ, बस एक बार पूरा घुस जाने दे उसके बाद आराम से चोदूँगा।उसके बाद तोमर साब ने चाची को खूब रगड़ा।मैंने बेड के नीचे लेटे लेटे अपनी उंगली अपनी चूत में डाल ली. लड़की कैसे प्रेगनेंट होती हैआगे बढ़ते हुए शहज़ाद ने रुबिका के गदराए बदन का रस चूसना शुरू कर दिया.

जल्दी से खुद को ठीक किया और वो ऊपर निकल गया।मैं साड़ी ठीक करती हुई बाहर गई और गेट खोला.

भाभी- वाह आरुष, तुम सच में असली मर्द हो, अभी तक 3 घंटे में तुमने बिना चोदे मुझे 2 बार झाड़ दिया. मैंने उसके गालों पर थप्पड़ मारने शुरू कर दिए और बोला- साली छिनाल तू मुझे हुक्म कर रही है बहन की लवड़ी!मैं उसे जमकर चोदने लगा और उसके दोनों गालों को चूम चूम कर लाल कर दिया.

ओह … क्या दिलकश नज़ारा था!शीना की बुर साइज में छोटी सी थी, बिल्कुल गोरी!मैंने उसकी बुर को खोला तो देखा अंदर से बिल्कुल लाल जैसे गुलाब का फूल आधा खिला हो. जब मैंने उसे जाते हुए देखा तो वो अपनी गांड को मटका मटका कर चल रही थी. मैं एक अच्छे गुलाम की तरह ये सब करने लगा, उसके पैर के अंगूठे से लेकर उसकी गर्दन तक आइसक्रीम को लगा दिया.

फिर भी मैं बहुत ही डरती थी कि अगर मेरे पति को पता चल गया तो वह मुझे छोड़ देगा.

मैं बगल में लेट के उसके चूचों से खेलने लगा क्योंकि मेरा लंड तो अभी शुरू ही नहीं हुआ था. मैंने मिहिका की चूत में लंड डाल कर फिर से जोर का झटका मारा तो मिहिका की हल्की चीख निकल गयी. मगर पहले हम कभी मिले नहीं थे इसलिए एक दूसरे के लिए फिलहाल अनजान ही थे.

ब्ल्यू फिल्म स्टडीजअभी तो तुझे और चोदूंगा छिनाल।वे पूरी ताकत से मेरी चूत को भोसड़ा बना रहे थे और मैं भी चुदाई का आनंद लेने लगी।उन्होंने मेरी चूत और गांड को अपने लंड से खोल कर रख दिया था।मैंने कहा- प्लीज़ जेठ जी, मेरी चूत और गांड दुखने लगी है, अब तो जाने दो ना?उन्होंने अपना लंड निकाल लिया. मैं पूरे इंतज़ाम से बैठा था कि शाइना आएगी और मैं उसके मुँह में लंड दे दूँगा.

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दीदी ने भी अपनी टांगें खोल दी थीं और मैं उनकी चुत में उंगली चलाने लगा था. मैंने उनसे पूछा- भाभी, फिर आप अपना पूरा टाइम अपना कैसे व्यतीत करती हो. हुर्रेम मुझसे अपनी चूत चटा रही थी और नवीन का लंड अपने एक हाथ से पकड़ कर सहला रही थी.

मैंने मैसेज करके बात की।अगले दिन मैंने उसे बोला कि मैं आ रहा हूँ तैयार रहना मिठाई के साथ।लोलिशा- ओके।मैं लोलिशा के वहाँ पहुँचा. आप मुझे इतना जबरदस्त चोदो कि महीनों के इंतजार की पूरी कीमत वसूल हो जाए. सर ने अपना लंड चाची के मुँह में डाला और बोले- शबनम चूस बहनचोदी … आह चूस साली रांड.

मैं भी उसके सामने बिल्कुल नार्मल हो गया … जैसे मैं भी चुदाई की घटना से बिल्कुल अनजान हूं. इसका तो बस एक ही उपाय था कि मैं सनी से ना चुदूं … जो कि मुमकिन बात नहीं थी. गांड के छेद में जीभ रखते ही हुर्रेम मस्ताने लगी और अपनी गांड को मेरे मुँह में लगा कर हिलाने लगी.

मेरा गाढ़ा लावा भाभी ने अपने मुँह में ले लिया और किसी रंडी की तरह पी गईं. मैंने हाथ नीचे किया और दीदी की चूत को मसलने लगा; साथ ही मैं उनका एक दूध भी चूस रहा था.

वो अपनी गांड उठाती हुई ‘ओह फ़क फ़क हार्ड आह …’ की मादक आवाजें कुछ ज्यादा तेज स्वर में निकालने लगी.

फिर से मैंने लंड मुँह से निकाल दिया तो वो बोले- लंड को मुँह में ही ले लो, तभी ये शांत होगा. xxx जबरदसतीघर आकर उसने अपनी चूत की भी वेक्सिंग कर ली।आज वो रात को बेड पर प्रकाश को पूरा निचोड़ना चाहती थी।उसने नेल पैंट का गुलाबी रंग का नया शेड लगाया जो उसकी चमकती त्वचा पर बहुत खिल रहा था।वो मार्केट में से कुछ गुलाब के फूलों की पंखुड़ी भी खरीद लायी थी।शाम को डिनर तैयार करके उसने बीयर की दो केन ठंडी कर ली, फिर बाथटब को भरकर उसमें गुलाब जल की शीशी को डाल दिया. आदमी के गांड मारने वालाअब मैंने उसका गाउन उतार दिया और उसकी ब्रा उतार कर उसे पूरी नंगी कर दिया. मुझे चुप देख कर उन लोगों ने मेरे बदन से नाईटी निकाल दी और मेरे पैरों के पास से मेरी पैन्टी भी निकाल ली.

मैंने अपनी जांघ के नीचे से दायां हाथ निकाल कर उनका लंड पकड़ने की कोशिश की, मगर वो मेरी मुट्ठी में नहीं आ सका.

आंटी बोलीं- हां यार, एक बार फिर से करो … मुझे भी खुल कर चुदाई का मजा लेना है. ये कह कर वो अपने कमरे में गया, तो रीमा निखिल के कमरे पहुँच कर बेड पर लेटी उसके आने का इंतज़ार कर रही थी. ममता चुत से मूत की धार गिराते हुए सोचने लगी कि क्या मैंने भैया से चुदवा कर सही किया … वैसे भैया की बात भी सही है.

उसका मैसेज पड़ा था कि शनिवार शीला के घर रात को मिलो और मैं तुमको पूरी रात के 4000 रुपये दूंगा. मैं जब तक कुछ समझ पाती कि वो अपने दूसरे हाथ से मेरी चूचियों को दबाने लगा. शीना- अकेले क्यों रहोगे? मैं जो हूं आप के साथ!यह बोलकर शीना मेरे गोद में आकर बैठ गयी और मुझे किस करने लगी.

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उन्होंने एक हाथ से मेरा लंड पकड़ा और उसे अपनी चुत के मुँह पर रखकर उस पर बैठ गईं. उसने इस समय होंठों पर हल्की सी लिपस्टिक लगा रखी थी, वो खुले बाल में बहुत सुन्दर लग रही थी. तू उनको बोलना कि मेरे घर पर उनके लिए एक जॉब है और पगार 20000 मिलेंगे … ओके!मैं बीस हजार की जॉब सुनकर खुश हो गया और मैंने मन ही मन पक्का कर लिया कि मॉम जरूर ही इस जॉब के लिए रेडी हो जाएंगी.

जब मैं काफ़ी कोशिश के बाद भी मामी कीचुत का छेदनहीं ढूंढ पाया, तो मामी न मुझे बेड पर चित लेटने को कहा.

मेरा गाढ़ा लावा भाभी ने अपने मुँह में ले लिया और किसी रंडी की तरह पी गईं.

उस बला की सुंदर भाभी सोनिया के तन की सुगंध मुझे उत्तेजित कर रही थी और उनके कामुक शरीर का स्पर्श मेरी आग भड़का रहा था. डैड- ठीक है पापा … जब आपने सब कुछ फाइनल कर ही दिया है, तो मैं क्या कर सकता हूँ … पर मैं चाहता हूँ कि मेरी बीवी की चुदाई मेरे सामने हो … और उसका बिस्तर मैं खुद सजाऊंगा. ब्लू देहाती ब्लूभाभी भी मस्त होने लगीं और अपने दोनों दूध मेरे मुँह में बारी बारी से देने लगीं.

मेरे लंड से पानी बह रहा था … और उसकी चूत मुझे अपना पानी पिलाने के लिए तड़प रही थी. Xxx फॅमिली कहानी में पढ़ें कि मैं अपनी प्यासी मामी को 4-5 दिन से चोद रहा था. मां अपने भाई यानि हमारे मामा से दिल खोल कर चुदवाती हैं और बापू भी अपनी बहन हमारी संगीता बुआ की ले चुके हैं.

बस फिर क्या था … मैंने दीदी की टांगें फैलाईं और अपना लंड दीदी की चुत में पेल दिया. मेरी पहली बार सेक्स की कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपनी भाभी को उनके दोस्त के साथ नंगी चुदाई करते देखा.

कब से तेरी चूत चाटने को नहीं मिली … इस बार सोचा था कि सारे अरमान पूरे कर लूंगा पर … पर, चलो बेटा जाने दो; फिर कभी देखेंगे.

वो एक तरफ मेरी दीदी की चूचियों को भींचे हुए था और दूसरी तरफ दीदी की गांड में लंड रगड़ कर मजा ले रहा था. नीता अक्सर हमारे घर आती रहती थी और उससे मेरी मुलाकात भी होती रहती थी. चाची- नहीं, मुझे देना … मैं धो दूँगी … आज तेरी बहन कपड़े धोने वाली है.

bf पिक्चर वीडियो में मुझे उसकी बात सुनकर मायूसी सी हुई कि लंड खड़ा नहीं होता तो क्या गांड मराने के लिए फोन किया. अरे यार जरा सी बात के लिए मैं इतनी दूर जाऊं? बहू से कह दे मार्केट से खरीद ले या ऑनलाइन मंगवा ले!” मैंने टालते हुए कहा.

चुत को पानी से धोकर मैंने सोनिया भाभी को अपनी गोदी में उठा कर बेडरूम में ले आया. वो पेटीकोट का नाड़ा खोलने लगीं और मैं अपनी मां का परिपक्व बदन देखे जा रहा था. करीब दस मिनट बाद मैं झड़ने को आया और अपना सारा माल मैंने मौसी की चूत में ही छोड़ दिया.

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फिर सागर ने धीरे धीरे अपनी जीभ से मेरी पूरी चूत से निकले पानी को चाटा और फिर वही जीभ चूत के अंदर डाल दी. वो फिर से धीरे धीरे गर्म होने लगी और बोली- अपना हथियार तो दिखा … मैंने सुना है गांडुओं के हथियार बहुत छोटे होते हैं. जब मैंने उसे जाते हुए देखा तो वो अपनी गांड को मटका मटका कर चल रही थी.

मैं पहले दिन साफ सफाई के लिए जब ऑफिस में गई थी, उस वक़्त अंकल कुर्सी पर बैठे थे. मैं अन्दर बाथरूम में चली गयी और अपने सारे कपड़े उतारने के बाद उनको तह करके बैग में रख कर जैसे घूमी, तो रोहित ने बाथरूम का दरवाजा एकदम से खोल दिया.

अब मैंने उसकी चुत पर थोड़ा थूक लगाया और मेरे लंड को उसके ऊपर रगड़ने लगा.

अब तक मैं भी उनके कमरे के बिस्तर पर नंगा लेटा हुआ अपने लंड को सहला रहा था. आपने मेरीलॉकडाउन की कहानियोंको पसंद किया, आपके मेल मिलते रहे, अच्छा लगा।अब मैं आपके लिए अपनी नयी सेक्स चुदाई कहानी हिंदी में लाया हूं. थोड़ी देर में मैं भी उनके घर की दीवार के पास चला गया और अन्दर झांकने की जुगाड़ करने लगा.

इसके बाद मैंने भी सोचा कि क्यों ना मैं भी अपनी रियल लाइफ सेक्स की कुछ बातें आप लोगों के साथ शेयर करूं।दोस्तो, स्टोरीज तो बहुत सारी हैं लेकिन मैं आप लोगों को सारी बात शुरू से ही बताऊंगा जब मैंने अपनी लाइफ में पहली बार सेक्स का अनुभव किया. मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया।मृणालिनी- बस अब और मत तड़पाओ, अंदर डाल दो इसे!मैं- क्या अंदर डाल दूं?मृणालिनी- आ…ह अपना लंड डाल दो।फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखकर एक जोर का झटका मारा. जल्दी से खुद को ठीक किया और वो ऊपर निकल गया।मैं साड़ी ठीक करती हुई बाहर गई और गेट खोला.

मेरी बड़ी दीदी गर्भ से थीं, बाद में उन्होंने को एक बेटी ने जन्म दिया था.

बीएफ कंडोम: उनमें से एक गबरू जवान और मजबूत शरीर का मालिक था।उससे मेरी नजरें टकराईं तो टकरा ही गईं।वैसे मैं उनके पास नहीं जाती थी मगर दूर से उसको जब देखती तो बदन सिहर उठता था. तभी रोहन अंकल ने कहा- देख बेटे … तेरी मॉम बिल्कुलजवान गदरायी हुई मस्त मालहै.

मैंने उसकी प्यास का कारण पूछा तो उसने बताया कि उसका पति महीने महीने बाद आकर उसकी प्यास बुझाता है और वह भी पूरी तरह नहीं ठंडा कर पाता. मैं- आपको पसंद है क्या ये गाना?पूनम बुआ- ह्म्म्म … ऐसी कोई बात नहीं है … पर अच्छा लगता है. जीजाजी मेरी ब्रा के अन्दर हाथ डाल कर मेरे मम्मों को दबाए जा रहे थे.

वह विवेक के लंड को पूरा आखिर तक अपने मुँह के अन्दर ले रही थी और टोपे तक बाहर निकाल कर फिर से पूरा लंड अपने मुँह के अन्दर ले लेती.

मैंने इसी बीच अपना दूसरा हाथ उसके मस्त नुकीले मम्मों पर रख दिया और उनको धीरे धीरे से सहलाने लगा. मॉम बेटा सेक्स कहानी में पढ़ें कि पड़ोस की चाची अपने बेटे से चुदाई करवाती थी. मैंने उनसे पूछा- भाभी, फिर आप अपना पूरा टाइम अपना कैसे व्यतीत करती हो.