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फिर तीन-चार मिनट के बाद उसने अपनी टांग कंधे पर से उतार ली और मुझे खड़ा कर लिया. रक्षा बंधन परउन्होंने भाभी को बुला लिया और कमरे को बंद करके टीवी की वॉल्यूम बढ़ा दी.

वो दिन में दो तीन बार मुझे कॉल करके बातें भी कर लेती, रात को रोज हम वीडियो कॉल एक दूसरे को देखते और चुदाई की बातें करने लगे थे.हिंदी बीएफ साड़ी वाला बीएफ: मेरा मन करने लगा था कि मैं हॉट सेक्सी मॉम को नंगी होते हुए देखूं लेकिन मेरी ऐसा करने की हिम्मत नहीं हो रही थी.

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आंटी ने लंड के टोपे पर चूमा और मेरा कामरस में सना सुपारा अपने मुंह में भर लिया.दीदी ने मेरी गर्लफ्रेंड से थोड़ी देर बात की और बोलीं- चलो, अब फोन रख रही हूं.

मगर उसको कोई हल समझ नहीं आया- चल अभी जाने दे, वक़्त आने पर खुद पता चल जाएगा. हिंदी बीएफ साड़ी वाला बीएफ इस स्ट्रीट सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपनी मामी को चुदाई के लिए पटाया.

फिर मैंने उसका हाथ पकड़ कर उसको खड़ी कर लिया और उसके चेहरे को ऊपर उठा कर उसके होंठों के करीब अपने होंठों को ले गया.

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जैसे ही मेरी जीभ उसकी योनि के अंदर तक जाती वो और जोर से चूसने लगती. हालांकि किचन में 2 हफ्ते का राशन था, मगर मुझे अभी कोई अंदाजा नहीं था कि कर्फ्यू की क्या स्थिति रहने वाली थी. थोड़ी देर तक दोनों बातें करते रहे और सुरेश ने मीता को कुछ बातें समझाईं, जैसे फुन्नी को चुत कहते हैं और अगली बार उसको अलग मज़ा देगा वगैरह.

दोस्तो, मेरी बहू की चुदाई की कहानी का ये पहला भाग यहीं रोक रहा हूँ. सुशी की दोनों टांगें मेरे कंधों से हट कर हवा में फैली हुई थीं और मैं ताबड़तोड़ धक्के देते हुए उसकी कमसिन बुर को चुदी हुई चुत में बदलने में लगा हुआ था. यदि आपने मेरी पिछली कहानियांजवान भतीजी की कुंवारी बुर का चोदनभतीजी की सहेलियां भी चोदीपढ़ी हैं तो आपको मेरे बारे में मालूम होगा.

उसका पानी बह कर मेरे टट्टों पर आ गया था, लेकिन मैं अब रुकने वाला नहीं था. फिर भाभी ने मुझे एक बाजू में आधा लेटा सा किया और मेरे ऊपर पूरी चढ़ गईं. मैंने पति से अपनी चूत के बाल साफ करवाए और फिर बाहर आकर तैयार होने लगी.

वो भी चुत चुसवाते हुए गर्म सिसकारियां लेने लगीं- आह जान मजा आ गया तुमने तो आज मेरी दिली तमन्ना पूरी कर दी. फिर उसने मेरी गांड के बड़े से भाग को अपनी मुट्ठी में जोर से भींच लिया.

दोस्तो, गांव की चुत चुदाई की दुनिया में आपका एक बार फिर से स्वागत है.

फिर मैंने उसे उठाकर बिस्तर पर लेटा दिया और उसका पेटीकोट और पैंटी एक साथ उतार दिया.

फिर मेरी गर्दन और छाती पर चूमती हुई एकदम से नीचे आकर उसने मेरे अंडरवियर को खींच दिया और मेरे लंड को एकदम से मुंह में भरकर चूसने लगी. वो उसको पकड़े रखने के लिए जोर लगाने लगी लेकिन फिर उनकी पकड़ ढीली होने लगी और साड़ी समेत पेटीकोट भी नीचे सरक गया. वो बोली- अच्छा? पक्का नहीं गये थे?फिर से मैंने कहा- नहीं, मैं तो नहीं गया था.

जानते हुए भी मैं अनजान बना रहा और मैंने ऐसा दिखावा किया कि जैसे मैं उसको नहीं पहचान पाया. क्योंकि वो जानती थी कि मुखिया हरामी है, कहीं गुस्सा होकर उसकी बकरी ना ले जाए. गरिमा बोली- बहनचोद, तुझे छोडूंगी नहीं।फिर विक्रम ने रंग का पैकेट उठाया और साक्षी के पास गया। उसने आधा पैकेट साक्षी के सिर पर उड़ेल दिया। फिर कुछ रंग हाथ में लेकर साक्षी की टी शर्ट में डाल दिया।उसके बाद विक्रम ने साक्षी की टी शर्ट ऊपर की और उसकी चूचियों पर रंग लगाते हुए उसकी चूचियों को रगड़ने लगा।फिर साक्षी बोली- बहनचोद … छोड़ दे.

अपने एक एक अंग में मुझे न जाने कैसे अलग सा ही प्यार से होने लगा था.

कुछ मिनट की सकिंग करवाने के बाद मैंने उसे अपने ऊपर खींचा और किस करने लगा. लेकिन फिर मुझे लगा कि शायद इस मजबूरी में कोई भी लड़की ऐसा ही जवाब देती. उसी रात मेरे हस्बैंड मुझे एकदम नंगी करके मस्ती से चोद रहे थे लेकिन जब से पांडेय सर ने मेरी मस्त जवानी पर अपना जादू चलाया था तब से मैं तो उन्हीं से चुदाई के सपने देखने लगी थी.

भाभी ने कहा- लेकिन तू ये काम कैसे कर सकता है? मैं तेरी भाभी हूं।इस पर मैंने कहा- भाभी, तो क्या हुआ? मैं आपका देवर हूं और देवर भाभी की मदद तो कर ही सकता है। अब इसमें आपको शर्माने की जरूरत नहीं है।वो पहले थोड़ा हिचकिचाई फिर मान गयी. अब आगे घर में चोदा चुदाई कहानी:लगभग एक घंटे बाद बुआ की वो तीनों सहेलियां घर आ गईं. मैंने कहा- आप ड्यूटी के बारे में न सोचें, वैसे भी आज तो मेरा काम लंच टाइम के बाद ही है.

उस समय मैं अपनी पढ़ाई खत्म कर चुका था और यूरोप में आगे की पढ़ाई के लिए जाने वाला था.

इस बार उनका लंड सट्ट से फिसलता हुआ मेरी रिसती चूत में जा घुसा और फिर मैं नीचे से ताबड़तोड़ धक्के लगाती हुई उनका लंड चूत में लीलने लगी. आंटी बोलीं- मतलब!अम्मी बोलीं- मतलब वही है यार, जो तुम रोज अपने शौहर के साथ करती हो, वही सब उनके साथ कर लेना.

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धीरज बोला- हां आंटी, अभी आपकी चुत में कुछ बार घुसेगा … तो बड़ा और मोटा हो जाएगा.

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इस सेक्सी फॅमिली चुदाई कहानी पर आप अपने विचार कमेंट्स में दें और यदि मुझसे कुछ और बात करना चाहते हैं तो मेरी ईमेल आईडी भी नीचे दी हुई है. फिर मैं पूरी तरह से उसके ऊपर लेट कर उसके होंठों को चूसने लगा और नीचे से लंड उसकी चूत में पेलता रहा. मैंने उसके मुँह को अपनी तरफ करके उसके होंठों पर होंठ रखते हुए उसे किस करने लगा ताकि वो चिल्ला न सके.

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जल्दीबाजी में पति ने ध्यान ही नहीं दिया कि मैं समधी जी की शर्ट पहनी हूँ. मगर अक्सर ऐसा ही होता है कि चूत खुद चुदने के लिए तैयार होने के बाद भी चुदने में कितने नखरे दिखाती है। जहां एक और मैं भाभी के पेटीकोट के अंदर हाथ डालने के लिए पूरा ज़ोर लगा रहा था, वहीं दूसरी ओर भाभी भी मेरे हाथ को पेटीकोट में नहीं घुसने देने के लिए पूरा ज़ोर लगा रही थी। खैर, इतने नखरे दिखाना तो लाज़मी भी होता है।मैंने जोर का झटका दिया और हाथ अंदर घुसा दिया. वे बताती रही- मैंने अपनी चुत भी खोल कर रखी थी ताकि तुम मेरी नंगी चूत को देखो कि मैंने चूत के बाल साफ किए हैं और पैंटी भी बराबर में उतार कर रखी है.

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मैंने मोनिषा के आधे उतरे लोवर में हाथ डाला और गांड की तरफ से उसकी चुत पर हाथ फेर दिया. मगर इतने में ही वो हलचल करने लगी और मैंने घबराकर अपना हाथ तेजी से बाहर खींच लिया.

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कई बार प्रशांत की वजह से मुझे चाची को देखने के कई अच्छे मौके मिल चुके थे.

मुखिया ने मौका देख कर अपना लंड उसकी गांड से सटा दिया और उसके कूल्हे पर एक हाथ रख कर वो झुक गया. कुछ देर बाद उन्होंने कहा कि तुम तो बड़े एक्सपर्ट लगते हो … अब तक कितनी चुत चोद चुके हो?मैंने कहा कि मैंने चुदाई की शिक्षा अपनी बड़ी मां से ली है, जिनको मैंने सबसे पहले जंगल में पेला था. मैं आपकी जानकारी के लिये बता दूं कि राजेश के साथ भी मेरी एक गांड चुदाई की कहानी और गांडू सेक्स कहानी प्रकाशित हो चुकी है जिसका शीर्षक थागांड मरवाने की शुरूआतयदि आपने वह कहानी नहीं पढ़ी है तो एक बार पढ़ें और आपको मेरे जीवन के बारे में सही तरीके से पता चल जायेगा.

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तभी अब्बू आ गए और अम्मी को जब इस हालत में लेटे देखा, तो फौरन पैन्ट के ऊपर से लंड सहलाने लगे. जैसे ही संगीता ने दरवाजा खोला कि सामने रवि के दो दोस्त उसको अपने कंधों के सहारे पकड़े खड़े थे. घर आकर मैंने धड़कते दिल के साथ एक मैसेज लिखा- अपना लंड मेरे हाथ से छुआने और मेरे हाथ को अपने हाथ से छूने के लिए आपका शुक्रिया.

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एक ने कहा कि तू परमार की वजह हमारे साथ है, वर्ना हम सबने तो मना कर दिया था.

वह मेरे पास आकर झुकने लगी।मुझे लगा कहीं मेरे लन्ड को न पकड़ ले, मैं पीछे हट गया।वह मेरे भीगे अंडरवियर को पकड़ कर बोली- आप जाइये, हम इसको धो देते हैं. मैं सर को अपने बदन से सटाकर कसे हुए थी और एक हाथ से उनका लन्ड पकड़ रखा था. मैं- क्या कहा आपने?दीक्षा- हाँ यार देखती तो मैं भी हूँ, पर मैं फिंगर नहीं करती यार … बस कोल्ड वाटर पी लेती हूँ.

सर ने कहा- तू चिंता मत कर … आज इस चुदाई की रात में ऐसा मजा दूंगा कि जिंदगी भर याद रखेगी और रह नहीं पाएगी मेरे लौड़े के बिना. मॉम ने मेरे बाहर निकले गुलाबी सुपारे पर होंठ टिका दिये और मेरे लौड़े को मस्ती में चूसने लगी. सेक्सी पिक्चर वीडियो देखने वालीसाथ ही साथ वो मेरे स्तन भी मीड़ मसल रहे थे, मेरे निप्पलस भी मसलते जा रहे थे.

ऐसे बैठे रहने की क्या वजह?मैं- जी, क्या नाम है आपका?संगीता- संगीता … क्यों?मैं- संगीता जी, मैं चला जाता … लेकिन मेरे बाइक में पंक्चर हो गया है और अंधेरा होने की वजह से रास्ते में कोई पंक्चर वाला भी नहीं मिला. फिर उसकी मां ने उसको पाला और बड़ा किया लेकिन 4 साल पहले उसकी मां भी चल बसी.

चूंकि उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी, तो उनकी चूचियों का उभार काफी बड़ा लग रहा था. उस वक्त तो मैं चला गया, पर सुशी अब मेरे फोन पर मुझे कॉल और मैसेज करने लगी. उन्होंने कहा- राजा, ये बात श्वेता और साक्षी को नहीं पता चलना चाहिए.

इस गर्म कहानी के पिछले भागअब और न तरसूंगी- 1में आपने पढ़ा किअब आगे की लड़की की गर्म जवानी की कहानी:अगले दिन बहुत सोच विचार कर मैंने तय किया कि विनी के साथ यहां मामा के घर में रहना मेरे लिए सुरक्षित नहीं है. बलराम- नाम क्या है तेरा … इधर आ तू!गीता- मेरा नाम गीता है साहेब जी. उसके भूरे रंग के निप्पल मेरे काटने से लाल हो चुके थे। उसकी चूचियों को मसल मसल कर मैंने टमाटर जैसी लाल बना दिया.

मैं- भाभी अन्दर आ जाऊं?रुक्मणी- क्यों रे … तुझे मैं भाभी नजर आ रही हूँ?मैं- भाभी को भाभी ना कहूँ, तो क्या कहूँ?रुक्मणी- मेरी उम्र का तो ख्याल कर जरा?मैं- क्यों 30 साल की ही तो लग रही हो.

मैंने अपने आपको छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन उसकी मज़बूत बांहों से खुद को छुड़ा ही ना सका. राहुल ने मुझे लिटा दिया और वो अभी भी मेरे उसे बोबे को मुँह में लेकर चूस रहा था और दूसरे बोबे के निप्पल को उंगलियों से खींच रहा था.

आह मुझे बहुत मजा आ रहा है साले जोर से चोद मुझे … अअअआआ साले बहनचोद च. कुछ दिनों में मेरे दोस्त का कॉल आया और उसने कहा- भाई जल्दी आ जा, अब क्लास शुरू होने वाली हैं. इतना बोलते हुए ही सोनू के लंड से वीर्य की धार मेरे चूचों पर आकर लगने लगी.

बुआ भी जोर जोर से सिसकारियां लेते हुए कह रही थीं- अअअ … आहह समीर बस करो. मेरी एक चूची मेरे पति के मुंह में थी और दूसरी चूची सर के हाथ में।आह्ह … दोस्तो, सच में क्या मजा मिल रहा था. मेरी गांड की प्यास बुझी या नहीं?दोस्तो, मैं प्रेम शर्मा आपको अपनी कहानी का अंतिम भाग बता रहा हूं.

हिंदी बीएफ साड़ी वाला बीएफ मेरे शरीर में विरोध की कोई चाह नहीं रह गई थी, बस अब जो लहर चली थी … मैं उसमें खुद बह जाने चाहती थी. दीदी ने मेरी आंखों में झांकते हुए कहा- मैं तुम्हारी होना चाहती हूं.

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मुझे अन्तर्वासना की कहानियां पढ़कर पोर्न देखने से भी ज्यादा तसल्ली मिलती है. मेरे पति मुझे चुदवाने को तैयार थे पर अपने सामने … बॉस अकेले में चोदना चाहते थे!हैलो फ्रेंड्स, मैं शिल्पा एक बार फिर से आपके लौड़ों को खड़ा करने के लिए आ गयी हूं. चाची की उम्र तीस साल के करीब थी लेकिन वो देखने में पच्चीस से ज्यादा की नहीं लगती थी.

उसका असली नाम यहां पर नहीं लिखूंगा लेकिन मैं उसको प्यार से ज़ूबी ही बुलाता था. मैंने उसे सीधा किया और मिशनरी वाली पोज़िशन में ही चोदना चालू कर दिया. सेक्सी पिक्चर वीडियो में देखने कीउसने अपनी चूची को निप्पल के पास से भींच लिया और बोली- यहां क्या?मैंने कहा- अब हाथ तो तुम्हारा लगा है मैं कैसे बताऊं.

बालों से भरी हुई रसीली और गीली चूत बहुत ही शानदार लग रही थी लेकिन बहुत बड़ी थी.

घर में हम दोनों ही अकेले थे और मेरा चूत मारने का बहुत मन कर रहा था. फिर आदिल मेरे मुंह की ओर आया और उसने मेरे कंधे दबाते हुए मेरे मुंह में लंड पेल दिया.

वो पोंछा लगाते हुए सूट को ऊपर उठा लेती थी और उसकी पैंटी दिख जाती थी. मैं जनता था कि मैं चाहे जो भी करूँ, मौसी किसी को बताने वाली नहीं हैं. सुरेश आगे बोलता, तभी मीनू बोल पड़ी- नहीं बाबूजी, मुझे कुछ बुरा नहीं लगेगा.

मतलब यह था कि ये पूरी तरह से रंडी थी और उसे चुत चुदवाने का बहुत शौक था.

जैसा कि मैंने लिखा था कि अगली बार मैं आपको सेक्स के साथ कुछ रहस्य रोमांच का मजा भी दूंगी, तो आइए चलते हैं कि आगे क्या हुआ. मेरा लंड उसकी चूत में पूरा उतर चुका था और मैं जैसे स्वर्ग की सैर कर रहा था. सुरेश ने मन में सोचा कि क्यों ना इस कच्ची कली को चोदकर इसकी सील तोड़ने का मज़ा लिया जाए.

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आयशा ने अपने पापा से मेरे बारे में बताया तो उन्होंने मुझे मिलने के लिए बुलाया. धीरज ने हंस कर मेरी अम्मी के दूध दबाए और बोला- तभी लंड का रस आपकी जवानी पर असर दिखा रहा है. रुक्मणी भाभी के बेटे की सरकारी नौकरी लग गयी थी और उसकी पोस्टिंग जयपुर हुई थी, तो रुक्मणी भाभी जयपुर चली गयी थीं.

मगर मैं अभी शांत नहीं हुआ था।उसने कहा- अब अगर और किया तो मर जाऊंगी मैं! बर्दाश्त नहीं हो रहा है अब!उसने खुद उछल कर मेरा लंड अपनी चूत में से निकाला और तुरन्त कंडोम हटाकर ऐसे ही अपने मुँह में ले लिया। क्या बताऊँ दोस्तो, उसके होंठों का स्पर्श पाकर मैं तो जन्नत की सैर कर रहा था. अब मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था और उधर बाहर मेरे दोस्त अभि का लंड पैंट फाड़ने को हो रहा था. मैंने उसकी तारीफ करना शुरू कर दिया- तुम बहुत अच्छी लगती हो, तुम्हारे लम्बे बाल तुम पर काफी जंचते हैं.

फिर वो अलग होकर बोली- मेरी पैंटी के साथ क्या क्या करते थे तुम, अभी करके बताओ. नताशा भी निढाल हो चुकी थी और मैं भी हाँफता हुआ उसके ऊपर ही गिर गया. उनकी चूचियों को जी भर के दबाने के बाद मैंने अपना हाथ भाभी की जांघ पर रख दिया.

कुछ देर मैं नीचे लेट गया और उससे बोला- अच्छा अब तू मेरे लंड पर बैठ जा. उसका मूत नमकीन था।यही कहानी लड़की की वासना भरी आवाज में सुनें!फिर उसने अपनी धार मेरे चेहरे और चूचियों पर मारी.

राहुल- रूचि, अगर तुम्हें अच्छा लगे तो क्यों न हम अभी कहीं बाहर घूमने चलें?रूचि- हां चलो, उधर हमें एक दूसरे को समझने का … और बातें करने का टाइम भी मिलेगा.

मैंने उसके चेहरे की तरफ देखा, तो वो मेरी चुत के नमकीन अमृत से सराबोर था. मराठी सेक्सी लड़कीउसको थोड़ा शक हो गया और उसने एक बार मेरी ओर देखा लेकिन उसने कुछ कहा नहीं. ढोंगी बाबा की सेक्सी फिल्मआंटी हंसते हुए बोलीं- अरे कहां दीदी, अब इनके लंड में दम ही नहीं बचा है. मैं पैन्टी को ही देखे जा रहा था और सोच रहा था कि अभी कितनी देर और लगेगी इसे उतरने में, कब इनकी चूत के दर्शन होंगे.

मैं खुद को रोक नहीं पा रहा था और धीरे धीरे मामी की चूत को सहलाने लगा.

10 मिनट बाद वो अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया और उसने मेरी चूत इतनी तेज दबायी कि मेरी आंखों से पानी बाहर आ गया।उसने अपना सारा पानी मेरे मुंह में छोड़ दिया।उसके लंड से निकले पानी से मेरा मुंह भर गया. करीब 5 मिनट धुंआधार लंड हिलाने के बाद मैंने सारा माल उसकी गांड में डाल दिया. मॉम बोलीं- इतनी अच्छी कि तू मेरे पेटीकोट पर मुट्ठ मार कर चला जाता है!ये सुनकर मेरी सिट्टी-पिट्टी गुम हो गयी.

फिर आपा ने मुझे इशारा किया तो मैंने अपनी निक्कर उतार दी और टीशर्ट को भी उतारकर फिर से पूरा का पूरा नंगा हो गया. मेरा फ्लैट एक होटल स्टाफ के लिए बनी बिल्डिंग में है, जो 11वीं मंज़िल पर है. मैंने भी समय नहीं गंवाया और अपना लंड उनकी चूत पर लगाकर एक धक्का दे मारा … लेकिन लंड फिसल गया.

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मेरा लंड किसी भी लड़की या औरत का पानी निकालने के लिए पर्याप्त है। मगर पहली बार उसको मेरी बहन की ही चूत मिली थी. उसका पहले एक ब्वॉयफ्रेंड था, लेकिन उससे ब्रेकअप के बाद उसने सोच लिया था कि अब उसे लव के चक्कर में पड़ना ही नहीं है … न लव होगा, न धोखा खाना पड़ेगा. मैंने उसे बालों से पकड़ कर मेरी चूत पर और ज्यादा दबाव बना दिया और उसकी पीठ पर अपनी टांगों की कैंची सी बना दी.

मैंने भी सिसकारते हुए उसकी चूत को अपनी उंगलियों से भींच दिया और हम दोनों तड़प गये.

अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था। मैंने उसकी नंगी चूचियों को हाथों में भर लिया और दबाने लगा.

कुछ देर बाद वो छत पर चली गई और उधर से उसने मुझे कॉल किया- ऊपर आ जाइए, इधर कोई नहीं है. अभि- ओके, मेरा फ्लैट यहीं नज़दीक है, तो हम चलें!मैं- हां ठीक है, चलो. कुर्ला डे सत्ताजब मुझे यहां का काम समझ आ जायेगा और थोड़ा सेटल हो जाऊंगा तो तुम्हें अपने पास बुला लूंगा.

अब दोनों खुलकर मज़ा करना … क्योंकि तुम्हारी चुत अब ठीक से खुल गई है. अब्बू की दुकान पर मोबाइल की बिक्री और रिचार्ज ही होता था, रिपेयरिंग का काम नहीं होता था. मैं भी एकदम निर्लज्ज होकर जिंदगी का असली मजा लेने को तैयार हो गयी।फिर मैंने दूसरे कमरे में आकर पेटीकोट भी उतार दिया.

मैं एकदम ढीली होकर उनकी छाती से चिपक गयी।कुछ देर के लिए हम दोनों शांत हो गए लेकिन सर का लन्ड तो अभी ज्यों का त्यों टनटनाया हुआ था. घाघरी के नीचे मैंने जानबूझकर पैंटी नहीं पहनी ताकि सर के लंड को मेरी चूत में जाने में जरा भी देर न लगे.

मुनिया- सच्ची … भाई ऐसा भी करते हैं?सुलक्खी- यकीन ना हो तो तू कभी छिप कर देख लेना.

वो बोली- तुम कुछ देर पहले बाथरूम में गये थे क्या?मैं बोला- क्यूं, क्या हुआ मम्मी?वो बोली- जितना पूछ रही हूं, उतना जवाब दो. वो जितनी तेजी से अपनी कमर चला सकता था, चला रहा था और मेरी गांड को फाड़ने में लगा हुआ था. वैसे अचानक ये कुत्ता भड़क कैसे गया?कालू- आप तो जानते ही हो मालिक, ये हरी एक नंबर का बेवड़ा और रंडीबाज है.

फातिमा बेगम पर क्या करूं मुझे ऐसा मौका नहीं मिल रहा था, जब उसकी कमसिन लड़की की चुदाई कर सकूं. और क्या मैं तुम्हारे लिए कुछ नहीं कर सकती?राहुल- क्या करोगी तुम?रूचि- तुम एक काम करो, तुम मेरे पेट पर आकर बैठ जाओ और मेरे मम्मों के बीच में अपना वो रखो.

संध्या मौसी से मैंने कह दिया था कि मौसी जी आप आराम करो मौसा जी को खाना मैं खिला दिया करूंगी. मधु को जब भी मन करता है, वो होटल में … या मैं उसी के घर पर जाकर उसकी ताबड़तोड़ चुदाई कर देता हूँ. [emailprotected]हॉट किस स्टोरी इन हिंदी का अगला भाग:भाभी के साथ रोमांस भरे सेक्स की कहानी- 2.

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उनकी भी मीठी आवाजें निकालने लगीं- आह … आह … सच में बहुत मोटा है तेरा … आह … धीरे … चोद आह. वो अभी भी हल्की सी कराह रही थी लेकिन धीरे धीरे उसका दर्द अब मजे में तब्दील हो रहा था. उसके मुंह से मैंने हाथ हटाया तो वो जोर से सिसकारते हुए चुदने लगी- आह्ह … आह्ह … यस … आह्ह … संजय … चोद … आह्ह … इतना मजा … आ आ रहा है … आह्ह … चोद दे … तेज-तेज … आह्ह … जोर से फाड़ दे आज!दो-चार मिनट के बाद चाची सेक्स के मजे से सिसकारते हुए झड़ गयी.

लेकिन ये एक षडयंत्र था, जो मेरी सास ने अपनी बेटी के खिलाफ रचा हुआ था. मैंने फिर से एक बार धक्का लगाया, तो इस बार लंड का टोपा उसकी चूत में घुस गया.

करीब 4 बजे सुरेश थका हुआ आया और सुमन को गहरी नींद में सोया हुआ देखकर खुद भी सो गया.

काफी लम्बी चुदाई के बाद मैं अपनी चरम सीमा पर आ गया था, मैंने उसे बताया- अब मेरा झड़ने वाला है, कहां लेगा?मगर वो कुछ ना बोला. फिर मॉम ने मेरी चड्डी को नीचे कर दिया और मेरा लंड उछल कर बाहर आ गया और मेरी टांगों के बीच में झूल गया. सेक्सी इंडियन गर्ल स्टोरी में पढ़ें कि मैं ट्रेन के लिए स्टेशन पर था.

मैं- कैसी रही रात … मजा आया?शबाना- मेरी हालत देखो … चलने तक में तकलीफ हो रही है. मैंने भाबी की गीली चूत पर मुंह रख दिया और उसकी चूत के रस को चाटने लगा. बाद में पता चला कि सोनिया बंगाली भाभी की सगी ननद नहीं है बल्कि भाईसाहब के ताऊजी की बेटी है.

इसी के साथ सन्नो ने मुनिया को उसके भाई के लंड को चुसवा कर … फिर चुदवा कर उसे कैसे मजा दिया.

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वो जल्दी से कुछ ही देर में कहने लगते हैं कि अब नीचे आ जाओ, चुदाई करते हैं. धीरे-धीरे मैं उनकी पैन्टी के किनारे से हाथ डालकर उनकी चूत सहलाने लगा. मैंने हंसते हुए कहा- हां … वो तो मैंने चख कर देख लिया … बहुत मीठा रस था … हाहाहा.

वो समझाते हुए बोले- इसको पहले मुंह में लो और थूक लगाओ, ये खड़ा हो जायेगा.

मैं ये देख पा रही थी कि आज मेरे पति का लन्ड भी रोज की अपेक्षा ज्यादा टनटना गया था और मोटा भी हो गया था।अब मेरे मुंह और चूत के बीच जंग छिड़ी हुई थी. सेक्सी फॅमिली चुदाई कहानी में पढ़ें कि मैं, मेरी बीवी और मेरी भानजी होटल में एक साथ सो रहे थे. पता नहीं कब दुबारा वहां जाना हो … और न जाने कब मेरी मुनिया को उसकी खुराक मिलेगी.