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राजस्थानी भाभी के सेक्सी: पाकिस्तान की बीएफ पिक्चर, विनय ने मेरी चूत में लंड घुसा कर मेरे होंठों पर किस किया और मेरे मुँह में अपने जीभ को डाल दिया, जिससे उसके मुँह की लार मेरे मुँह में आने लगी.

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प्रेरणा कराह उठी, मैंने उसकी चूत को लगातार कई चपत लगाई, उसकी चूत लाल हो गई और प्रेरणा ने अपने होंठों को अपने दांतों से काट रखा था और अपने दोनों हाथों से अपने स्तन को मरोड़ने लगी, उसकी सिसकारियां बता रही थी कि उसे बहुत ही ज्यादा कामुक अहसास हो रहा है।अब मैंने उसके योनि प्रदेश में अपना मुंह लगा दिया और उसके दाने को चूसने लगा और बीच बीच में योनि प्रदेश को दांतों से काट भी लेता था. रियल मीनार ज्योतिफिर मैंने बहूरानी की नाइटी उसके बदन से छीन के बर्थ पर फेंक दी; नाइटी के भीतर तो उसने कुछ पहना ही नहीं था तो उसका नग्न यौवन मेरे सामने दमक उठा.

उसको गोदी में उठा कर बेड पर पटक दिया और उसके मुलायम होंठ चूसने लगा. भोजपुरी मूवी विवाहउसकी चूत के ऊपर के और साइड के सारे बाल साफ़ करने से उसकी चिकनी मासूम सी कली अच्छे से नजर आने लगी, पर उसकी चूत का छेद नजर नहीं आ रहा था.

फिर कुछ देर बाद उन्होंने मेरे पूरे कपड़े उतरवाए और मुझे सीधा लिटा कर मेरे आधे खड़े हुए लिंग को अपनी उंगलियों से छेड़ने लगी.पाकिस्तान की बीएफ पिक्चर: मैंने भी किस करते करते उनके पेट पर किस किया तो वो और ज्यादा मचल गईं.

वो भी मेरे ऊपर के होंठ को अपने दोनों होंठों के बीच रख कर चूसने लगी.अब पवन झड़ने वाला था, उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया और मेरे बाल पकड़ कर मुझे बैठा कर अपने लंड को मेरे मुँह में पेल दिया.

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मेरे शरीर की बनावट एकदम फिल्मी हीरोइन के जैसे है, मेरा फिगर 36-24-36 है और जब लोग मुझे देखते हैं तो उनका वो देखते ही खड़ा हो जाता है.मुझको फील हुआ कि उसका दर्द बंद हो गया, तब मैंने अपने लंड को धीरे धीरे अन्दर बाहर करना स्टार्ट कर दिया.

उसने भी ‘हाँ’ बोल दिया था।अब तो मैं उस दिन का इंतज़ार कर रहा था। जैसा कि मैंने बताया सब घर वालों के जाते ही वो ठीक 11 बजे आई। वो उस दिन बहुत खूबसूरत लग रही थी। सच कहूँ दोस्तों. पाकिस्तान की बीएफ पिक्चर हैलो फ्रेंड्स, मैं जेसिका क्लार्क एक बार फिर से उपस्थित हूँ अपनी नई सेक्स कहानी के साथ.

मैं अगले ही रविवार को चर्च के पास चली गई और वहाँ सामने बने एक होटल में बैठ कर उसका इंतज़ार करने लगी.

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विनय ने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे ऊपर लेट कर मेरे होंठों को अपने होंठों में फंसा लिया. खाने के बाद मैंने एक चक्कर पूरे कोच का लगाया ताकि कुछ टहलना हो जाय. मैं लंड को बाहर खींचना चाहता था, पर माँ ने मुझे अपनी टांगों की कैंची से दबा रखा था.

पर 4 दिन की चुदाई ने मेरी चूत और गांड की 2 महीने की प्यास नहीं बुझा पाई थी. अब मेरा सिर एरिक के पैरों के ऊपर रखा हुआ था, और ठीक मेरी आँखों के सामने स्थित नताशा की गांड के पीछे दोनों लड़कों के सामानांतर रूप से जुड़े हुए लंड मेरी भार्या की चूत में घुसे हुए थे. तो मैं उसकी यह बात मान गया क्योंकि दिल तो मेरा भी कुछ करने को कर रहा था लेकिन मेरे मन में में थोड़ा भय सा बना हुआ था.

चूंकि डैड घर में नहीं थे… इसलिए मैंने माँ को रात लगभग दस बजे ये गिफ्ट दिया और उन्हें हैप्पी बर्थ डे कहा. उसने कहा- ऐसा क्यों?मैंने कहा- क्योंकि मैं जानता था कि आज कुछ ना कुछ ज़रूर होगा. यारो… रानी के हर धक्के पर इधर उधर उछलते चूचे, रानी के बिखरे हुए बाल, उसके होंठों पर छायी हुई अनंत सुख की मुस्कान, लंड के अंदर बाहर होने पर फचाक फचाक फचाक की आवाज़ें और अलका रानी की ऊँची ऊँची आवाज़ में सिसकारियां इत्यादि सब मिल के वातावरण को अत्यधिक कामुक बना रहे थे.

मैं वहां से उठकर जाने लगा, तभी उसकी माँ ने महक से कहा कि यदि तुझे पढ़ना है तो तू समीर के घर पर चली जा. मैं लौड़ा चूत से बाहर निकलता और फिर अपनी कमर को पूरी तरह फ्री छोड़ कर लंड पर वजन डाल कर उसकी चूत में लौड़ा डाल देता, जिससे लौड़ा पूरा अन्दर तक जा रहा था.

यार अभी 2 दिन ही हुए थे और कभी कोई, कभी कोई मतलब दोनों हर 2 घंटे बाद आ जातीं और चुद कर दूसरे को लंड के पास छोड़ जातीं.

मैंने लंड को चूत पर रख धक्का लगाया, जिससे आधा लंड चूत के अन्दर चला गया.

मैं बोला- तुझे कैसे पता कि मज़ा आएगा?वो बोली- मैं एक बार पीछे से कर चुकी हूँ. तो उस लड़की को मैं ना बुलाऊं ना?यह सुन कर उसका मुँह देखने लायक बन गया, वो बोला- जब तक शादी नहीं हो जाती, तब तक तो मुझे जो चाहूं करने दो ना. मेरी कहानी शुरू करने से पहले मेरा सभी चूत की मालकिनों को अनुरोध है कि वे सभी कहानी पढ़ते वक्त अपनी चूत को खुली रखें ताकि आसानी से चुत में उंगली कर सकें.

फिर उन्होंने मेरी चूत पर अपनी जुबान टिका दी और सपर… सपर… मेरी चूत को चाटने लगे!मैं सिसकारियां लेने लगी- आआह… शजज्ज… उमसस्स… चाट लो… मेरी… चूत का आआआ… रस स्स्साह!एक चिल्लाहट के साथ मैंने अपनी चूत के पानी को छोड़ दिया, मेरे जमाई जी अपनी सास की चूत के अमृत को पीने लगे. एक बार तो उन्होंने अपनी बगल में खुजलाते हुए चुनरी के नीचे से हाथ नीचे ले जाकर मेरी चूचियों को भी सहला दिया था. अब घूमने तो हम भी निकले थे, पर क्या करते उसके साथ तो बिना बोले जा नहीं सकते थे.

उसी नशे में मैंने लंड सेजल भाभी की चूत के छेद पे रख के एक ज़ोरदार धक्का दे मारा.

फिर मम्मी को बताया भाभी के पापा ने कि समधी साहब लेट नाइट आयेंगे, वो बोले कि हम उनका इंतजार करें. अब मेरा भी रस गिरने वाला था तो मैंने उसकी चूत में ही पानी छोड़ दिया. और तभी भाभी मेरे लंड को कस कर पकड़ कर चाटने लगी, मैं समझ गया कि भाभी झड़ने वाली हैं और मैंने उनकी चुत को चाटने का काम जारी रखा और भाभी मेरे मुख में ही झड़ गयी.

सच में तुम दोनों के लन्ड मुझे छोटे लग रहे हैं। फिर भी जोर से चोदो तुम दोनों कुत्ते पूरा का पूरा अपना अपना लन्ड मेरी गान्ड और चूत में घुसा दो, फाड़ दो मेरी चूत और गांड दोनों, अगर दम है तो!मैंने जो भी सेक्सी कहानियों में पढ़ा था वो सब अपने आप मेरे मुंह से निकलने लगा. एकाएक मैंने अपने दोनों हाथ उसके मम्मों पर रख दिए और ज़ोर से दबाने लगा. मैं भी उसको ऐसे देख रहा था, जैसे मैंने भी आज उसकी जवानी के जाम को पी कर उसको खा जाने का मन बना लिया हो.

मुझे उस वक्त बड़ा ही सुखद अहसास हुआ जब माँ ने भी मेरे लंड को अपने हाथों में भर लिया.

शायद उसकी चुदास भड़क उठी थी और वो आज अपना सर्वश्व लुटाने को तैयार थी. दोनों उरोजों के बीच की घाटी को चूमा-चाटा पर सब्र कहाँ?हम लोग बड़ी ही असुविधजनक स्थिति में बैठे थे लेकिन परवाह किस को थी.

पाकिस्तान की बीएफ पिक्चर उसी के थोड़ा आगे एक लेटने की जगह थी, जो वहां कुछ स्पेशल होती है, जो लोग गोवा गए हैं उनको पता होगा. मैंने उनसे पूछा- आप क्यों परेशान कर रही थी मेरे दोस्त को… आपकी भी नई नई शादी हुई है, भैया जो आपको परेशान करते हैं, उसका बदला निकल रही हो?तो वो बोली- पागल… मेरी शादी को 14 साल हो गये और मेरे दो बेटे हैं.

पाकिस्तान की बीएफ पिक्चर अब मैं पूरा दिन रात का इंतज़ार करने लगा; एक एक पल मानों एक साल के बराबर था!पर जैसे तैसे मैंने पूरा दिन गुज़ारा और वो हसीन रात शुरू हुई जिसमें ना जाने मैं क्या क्या करने के ख्वाब बुन चुका था. करीब 10 मिनट की चुसाई के बाद मेरी नज़र उनकी गांड के गुलाबी छेद पे पड़ी.

अंदर जाते ही मैंने उसे दबोच लिया और उसके पूरे शरीर पर किस करने लग गया.

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ओ माय गॉड… दीदी को देखते ही मेरा मुठ मारके मुरझाया हुआ लंड फनफनाता हुआ खड़ा हो गया और लैपटॉप स्क्रीन पे दीदी को देख देख कर झटके लेने लगा. मुझे पहले ही अपनी किस्मत पर अफ़सोस हो रहा था कि मॉम जैसी सेक्स बम्ब को नवीन जैसा देहाती रंडी की तरह चोदता है. उनके चूत चाटने के साथ साथ मैं भी एक हाथ से चिंटू के बदन को सहला रही थी और दूसरे हाथ से मेरी चूत को ऊपर से ही मसल रही थी.

इसके साथ ही मुझे चुदाई के सुख के अलावा मेरी फ़रमाइश भी पूरी हो जाती थी. मैं दरवाजे से बाहर आया और नाज़ के बगल में बैठ कर चाय पीने लगा और जान बूझ कर अपने ऊपर चाय गिरा ली. लेकिन अभी पूरी तरह से स्वास्थ्य ठीक न हो पाने के कारण हम दोनों ने अभी सेक्स करना ठीक नहीं समझा.

उनके द्वारा एकदम से लंड पेल देने से मां की चीख निकल गई और वे एकदम से चिल्लाने लगीं- हाय मर गई… मेरी चूत फट गई आह… निकला लो प्लीज़ तुम्हारा बहुत मोटा लंड है.

मेरे बूब्ज बहुत बड़े और गोल हैं जो मेरे पति को बहुत अच्छे लगते हैं, वो मुझे रोज रात में चोदते हैं. मैं इतना गया गुजरा भी नहीं हूँ और न ही मुझे लड़कियों की नजर का पता लगता है. पीछे का इलाका उठी हुई गांड का, एकदम ऐसा लगता था कि दो मीडियम साइज़ के दो खरबूजे लगा दिए हों.

मैंने अवी को धक्का दे कर दूर कर दिया और अपनी बुर को देखने लगी तो खून निकल रहा था. शायद उन्होंने समझ लिया था कि मैं झड़ चुकी हूँ तो उन्होंने भी जोर जोर से ठापें लगाना शुरू कर दीं और मेरी चुत में ही अपने लंड का लावा उगल दिया. मैंने नैना के मम्मों को खूब चूसा और दबाया और साथ में ही अपना एक हाथ उसके दोनों पैरों के बीच में ले जाकर उसकी चूत को जींस के ऊपर से ही दबाने लगा.

विनय अब और जोर जोर से मेरी चूत चोदने लगा और मेरी गांड में उसने अपनी 2 उंगलियां घुसा कर मेरी गांड की भी फिंगरिंग चालू कर दी. इसलिये हम दोनों ने ही उनके साथ जाने से इन्कार कर दिया कि इतनी गर्मी में तेज धूप में हम बाहर नहीं जा रहे हैं.

वो अपनी चुत से लंड निकाल कर अपने हाथों और घुटनों के बल चौपाया जैसी बन गई. अब ये कहने की ज़रूरत नहीं कि रात को पति ने मेरी चुत को बुरी तरह से चूसा और चोदा. कामिनी शायद ज्यादा गर्म हो चुकी थी, उसने विवेक की फ्रेंची के ऊपर से उसका लंड सहलाना शुरू कर दिया और धीरे धीरे सहलाती रही.

फिर उसने एक कंडोम निकाला और अपने लंड पर चढ़ा कर मेरी बुर के ऊपर लंड रख दिया.

मेरे पाठक दोस्तो, मेरा नाम राज है और मैं भी आप ही की तरह अन्तर्वासना सेक्स कहानी का नियमित पाठक हूँ. उसे ये पता था कि आख़िर पिंजरे का पंछी कहाँ उड़ कर जाएगा, वो बोली- डार्लिंग, तुम्हें मैं दुनिया की असलियत दिखा रही हूँ. फिर मैंने अन्दर जाके टकीला की दो 50 एम एल वाले कांच के छोटे वाले गिलास निकाले और विक्की, गोलू को दिए.

इस मैं इतना अधिक झुकी हुई थी कि उसको मेरे मम्मों की घुन्डियां भी दिख गई थीं. ड्रेस से मेरा ऊपर का पूरा हिस्सा कवर हो रहा था लेकिन नीचे सिर्फ कूल्हों से थोड़ा ही नीचे तक ढका हुआ था.

मैं थोड़ा सा डर गया, पर न जाने क्यों मैंने दीदी के मम्मों से हाथ नहीं हटाया. फिर मैंने सोचा ये तो गहरी नींद में सो रही थी, मेरा जरा सा हाथ क्या लगा इसने तो तुरंत ही आँखें खोल दीं, चक्कर क्या है, क्या इसके मन में कुछ चल रहा है. यह सुन कर वो बोला- अगर आप मेरी कोई सहायता करना चाहती हैं तो मेरी बहन बन कर कर सकती हैं.

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कुछ देर बाद वो बोली- जीजू प्लीज़ अब इसे डाल भी दो… काफ़ी समय से आपका लंड अपनी चूत में लेने के लिए तरस रही हूँ.

साथ ही मैंने अपनी ब्रा को भी खोल दिया और उसकी पीठ पर अपने बोबे दबाने लगी. शाम को जब मैं हरकेशी से मिला तो उसने बताया कि अभिलाषा तेरे प्यार को स्वीकार नहीं कर रही है क्योंकि उसको डर है कि कहीं उसके मामा को पता चल गया तो उसको प्राब्लम हो जाएगी. जैसे ही जीजा की जीभ मेरी चूत की रेखा पर चलती जा रही थी वैसे वैसे मुझे कुछ अजीब सा होता जा रहा था। उनका लन्ड मेरे चेहरे के पास टकराने लगा, तभी जीजा मेरी टांगों को और चौड़ा करके बोले- वन्द्या, क्या मस्त चिकनी सुर्ख लाल चूत है तुम्हारी! ओह माय गॉड!और जमकर अपने होठों से जीभ से चूमने और चाटने लगे.

अब हम दोनों ने ये सोचा कि लास्ट बार जिस होटल में हम गए थे, वहीं जाकर रूम बुक करेंगे और वहाँ मैं ड्रेस चेंज करूँगी और हम निकल जाएंगे. अब मुझे सबसे पहले खुद को लोगों की नज़र भी बचा कर रखना था, जिसके लिए मैं प्रयत्न किया करती थी. मटका भूतनाथरोशनी एकदम से एक इंग्लिश गर्ल लगने लगी, सब पड़ोसियों ने मुझसे कहा कि हमारे बेटों को भी इंग्लिश पढ़ा दो.

मीषा थोड़ा मायूस होकर बोली- पर मंडे को तो मेरे एग्जाम स्टार्ट हो रहे हैं. फिर मैंने आंटी को अपनी ओर खींचते हुए कहा- आंटी, दो साल से आपसे प्यार पाने की राह देख रहा हूँ.

मेरे मेरी माँ के साथ सेक्स सम्बन्ध अक्टूबर 16 की दीवाली की रात से शुरू हो गए थे. मुझे अय्याशों की महफ़िल में सब कहेंगे तू मेरे दिल की रानी है, मगर जब वास्तविकता में आ जाते हैं, तो कोई पहचानने से भी इन्कार कर देता है. भाभी पूछने लगीं कि शादी का भी सोचा है?मैंने बोला- नहीं शादी नहीं हो सकती, कुछ रीज़न्स हैं.

मैं जैसे ही दरवाजा की खिटकिली अंदर से खोलने लगी, जीजा ने फिर से पकड़ लिया पीछे से और मेरे हाथ से चाकू छीनकर ऊपर रैक में फेंक दिया, और मुझे फिर से उठाकर बिस्तर में पटक दिया. उसके बाद जब भी मौका मिलता, हम दोनों चूमाचाटी कर लेते, पर मैंने हॉस्टल में कभी गांड नहीं मरवाई. तो मैंने झट से मोबाइल पर अंतरवासना डॉट कॉम खोल कर दिल्ली वाली भाभी की कहानी उनको दे दी कि इसको पढ़िए, ये मैंने ही लिखी है.

मैंने उसके गालों पर चूमा तो वो मुझसे लिपट गई और बोली कि मेरे साथ तुम सेलिब्रेट नहीं करोगे?मैं हामी भर दी और मैंने पहले उसके बालों में गजरा लगाया.

लंड घुसते ही उसके मुँह से एक जोरदार चीख निकली और वह बिन पानी की मछली की तरह तड़फ़ने लगी, उसकी आँखों में आंसू आने लगे. उस दिन से मुझे एक चीज का अहसास हुआ कि लड़की कैसी भी हो, अगर वो प्यासी है और उसकी प्यास बुझाने को कोई नहीं है या उसका प्रिय उसके पास नहीं है तो इसमें कोई गलत नहीं है कि वो किसी अपने मनचाहे मर्द के साथ अपनी प्यास बुझा ले.

मैं नहीं डरती और तुम्हें मेरे घर पर भी फैमिली मेंबर की तरह ही ट्रीट किया जाएगा. उस नाइट मॉम ने मुझे अपने रूम में भी एंट्री नहीं दी, मैं दूसरे रूम में सोया. तब वो बोली- चलो मैं ही तुम्हें बताती हूँ, जिसे तू उसका बोल रही हो, वो लंड होता है और खड़ा होकर पूरा लौड़ा बन जाता है.

झुकने के कारण मेरा स्कर्ट थोड़ा ऊपर चढ़ गया और पीछे से भाईसाहब को मेरा खजाना दृष्टिगोचर होने लगा था. मैंने घड़ी में देखा तो ग्यारह बज चुके थे और लगभग सभी लोग थक कर सो गए थे. मेरी प्यारी पत्नी की प्यासी चूत की प्यास भी आखिरकार बुझने लगी क्योंकि अभी तक तक तो सब सिर्फ उसकी गांड मारने की तलाश में ही थे.

पाकिस्तान की बीएफ पिक्चर वो बहुत खुश लग रही थीं, फिर कुछ देर बाद खाना बन गया वो मुझे चुम्मी देकर बाय कहते हुए चली गईं. उनके उभारों को एक हाथ से दबा रहा था और एक हाथ से लहंगे को नीचे उतार रहा था.

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सच कहूं तो जितना दिल का साफ़ और मस्त इंसान मैं हूँ, उतना तो मुझे भी आज तक कोई नहीं मिला. मेरी चूत की आग बुझ नहीं पाती और मैं तड़प कर रह जाती हूँ और खुद को तो कभी पति को कोसने लगती हूँ कि ये मेरे साथ हो क्या रहा है. मैंने अपना हाथ आगे बढ़ाया तो मेरी तर्जनी और मध्यमा उंगली के बीच में प्रिया के बाएं कान की लौ आ गयी जिसे मैंने हल्के से मसल दिया।सी… ई… ई… ई… ई… ई…!!!” शाश्वत आनन्द की पहली आनन्दमयी सिसकारी प्रिया के होंठों से फूट पड़ी.

भाई साहब मेरे पति को पकड़ कर ले आए, फिर सबने उन्हें रंग से रंग दिया. अपना लंड उसके हाथ में देते हुए कहा- क्यों साली साहिबा, क्या इसे लेने का इरादा पक्का कर लिया है. एक सेक्सी फिल्म वीडियोप्रिया की योनि के पद्म दल फिर से सिकुड़ कर योनि की गुफा को फिर से अत्यंत संकरा बना चुके थे, इसी कारण मेरी उंगली प्रिया की योनि के जरा सी अंदर जाने से प्रिया के मुंह से दर्द भरी सिसकारी निकली थी.

पर बेटा हॉस्टल में रहता था और अंकल को अक्सर काम से बाहर जाना पड़ता था.

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तो वो लड़का बोला- कोई नहीं आएगा, बाहर इतनी गर्मी है और बाहर तो जैसे कर्फ्यू लगा है. sex pic mom नगाचूँकि वो अभी अभी निढाल हुई थी, जिससे उन्हें कुछ दिक्कत हुई शायद वो कराह रहीं थीं लेकिन मुझे रोकने की बजाय और ज्यादा उत्तेजित कर रहीं थीं तो मैं भी पूरे जोश और होश के साथ धक्के लगाने लगा. जीतू मटका गेसिंगहम दोनों साफ होने के लिए बाथरूम में गए और साफ होकर बेड पर नंगे एक दूसरे की बांहों में सो गए. मेरी साँसें तेज़ी से चलने लगीं, मुझे कुछ पता नहीं चल रहा था कि मैं क्या करूँ.

फिर मम्मी ने झोला लिया और बोली- आरती, कुछ भजिया पकौड़ी तल दो और चटनी पीस कर दे देना, मैं आती हूं कुछ सामान लेकर पास से ही!मुझे डर लगा अकेले होने से! मैं बोली- मम्मी मैं भी चलूं?पर मम्मी बोली- नहीं, मैं लाती हूं, तुम्हें जो बोला, उतना करो.

मैंने ऐसे शो किया जैसे मुझे कुछ नहीं सुनाई दिया और मैं कुछ इस तरह से झुक गई ताकि वो मेरे मम्मों के पूरे दर्शन कर ले. ”अब मैंने चूची को मसलना बन्द करके हाथ को उसकी साड़ी और पेटीकोट के अन्दर डालने लगा। मधु ने पेट अन्दर को कर लिया. भाभी ने उनकी बहुत सेवा की लेकिन उनको जरा भी आराम नहीं हुआ और इस वजह से वो बहुत दुखी रहने लगी.

उनके पति यानि मेरे चाचा दिन में काम पर होते थे और उनका लड़का राहुल स्कूल चला जाता था. आह…नवीन ने भी अपनी स्पीड बढ़ा ली थी और मॉम की कमर पकड़ कर इतनी कस कस कर चोद रहा था कि मॉम की गांड से लंड के टकराने की वजह से थप थप थप थप की आवाज़ पूरे कमरे में गूंज रही थी. हुआ यों कि जब जब मैं घर के आंगन में कसरत करता था… वो मुझे देखती थी और लाइन देती थी.

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भाभी को पहली बार इस कंडीशन में देख कर मेरा लंड एकदम से तन गया, मैंने सीधा बाथरूम में जाकरमुठ्ठी मार कर अपने लंड को तस्सली कराई।उस दिन के बाद भाभी जब भी मुझे देखती तो वो हल्का सा मुस्करा देती और चली जाती। यह देख कर मेरे मन को हौंसला मिलता रहता था।एक दिन भाभी मेरे घर पर आयी और मेरी मम्मी से कुछ बात करने लगी.

हम तीनों जमीन पर पलंग के पास बैठ गए फिर मैंने रोशनी और पिंकी दोनों की जाँघों को पकड़ कर अपनी तरफ खींचा, उनके घुटनों को मोड़ कर पैर जमीन पर रख दिए.

इतनी दयावान इतनी केयरिंग भाभी के लिए मेरे नजर में उनकी इज्जत और बढ़ गई थी. कानूनगो साहब कहते हैं- मयूर, तुम्हारी बीवी बहुत टेस्टी खाना बनाती है. अंग्रेजी लड़की का सेक्सी वीडियोफिर मैंने पूछा- स्कूल?उसने कहा- मैंने स्कूल से आज की छुट्टी ले रखी है.

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मजे की बात ये है कि लड़की जोर जोर से उछल उछल कर मेरे लंड को अपनी चूत में घुसवाती है. वो जैसे टीवी को कवर पहनाते हैं, ठीक वैसे ही थी कि ऊपर से ही डाल लो. तो अगले दिन…अगले दिन शाम को साढ़े सात बजे ही हम लोग स्टेशन पहुंच गये और दस मिनट बाद ही राजधानी प्लेटफोर्म पर लग गई.

लेकिन मैं फिर भी दीदी और ऊपर होकर दीदी के पास लेट गया और दीदी से बोला- कैसा लगा दीदी?वो कुछ नहीं बोलीं. लंड चूत में घुसा तो कुसुम के मुंह से एक हल्की सी आह निकली और विक्रम का पूरा लंड कुसुम की चुत में कहीं खो सा गया.

वैसे तुम्हारी जानकारी के लिए मैंने एक लड़की पटाई हुई है, जो अभी तक किसी से भी नहीं चुदी.

मैं बोला- तुम बेड पे लेटी रहो मैं लंड से तुम्हारा मुँह को चोदता हूँ. बस फिर थोड़ी ही देर में साली साहिबा दरवाजे पर आई, क्या कमाल की माल लग रही थी, बिखरे हुए बाल, अस्त व्यस्त कमीज, जिसे वो ठीक करने की कोशिश कर रही थी. इसी तरह उसे किस करते हुए मैंने उसको बेड पे लिटा दिया और उसके मम्मों को बारी बारी से ब्रा के ऊपर से ही चूसने लगा.

बोली- कहीं लोंग ड्राइव पर चलें?मैंने कहा- आपको घर तो जल्दी नहीं जाना??वो बोली- नहीं, अभी कोई जल्दी नहीं है. अब जब भी मॉम और दीदी सामने आतीं तो बस आते जाते मेरी नज़र उनकी गांड पे ही रहती. वो मुझे रोज की तरह लेकर रूम में आया और मुझे लिटा कर और खुद भी वहीं मेरे बाजू में लेट गया.

मैं बाथरूम जा कर फ्रेश हुआ और आया तो पायल उसी पोज़िशन में सो गई थी.

पाकिस्तान की बीएफ पिक्चर: उसने चूत और मम्मों को छिपाने के लिए स्काई ब्लू रंग की छोटे से पैंटी और ब्रा पहनी हुई थी. उन दिनों मनीषा और अंकिता के ब्वॉयफ्रेंड्स थे, वो दोनों भी दिखने में काफी हॉट थीं.

अब वो मेरे मम्मों को दबाने लगा और मेरे निप्पलों को मुँह में भर भर कर पीने लगा. दीदी ने भी पीछे एक दो धक्के लगाके पूरा लंड अपनी चुत में ले लिया और हिलने लगीं. पूरी टी-शर्ट ही छोटी लग रही थी और नीचे से उसकी नाभि भी बाहर नजर आ रही थी.

अर्पिता की गर्दन से होता हुआ मैं उसके कानों पर किस करने लगा, वैसे भी कानों के पास का हिस्सा बहुत संवेदनशील होता है, गर्दन से गाल, ठुड्डी और चेहरे पर किस करने लगा.

मैंने वहीं उसके होंठों किस किया और उसके दूध मसलते हुए शाम को उसे रूम पर मिलने को कहा. मैं कुछ कहता, उससे पहले ही उसने अपने होंठों को मेरे होंठों पर लगा दिया और किस करने लगी. ”क्यों मैं सुंदर नहीं हूँ क्या आप लोगों ने तो तारीफ ही नहीं की!”अरे भाभी वो जिनेन्द्र को शायद अच्छा नहीं लगे इसलिए…”अरे चिंता मत करो, उनको बुरा नहीं लगेगा.