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मुझे ये तो पता लग गया था कि यहां पर लड़कियां अपनी चूत के बल पर ही नौकरी को निभा रही हैं वरना काम करने में तो इन सबकी माँ चुदती है. सेक्स को परिभाषितएक दिन सुबह करीब 10 बजे के आस-पास स्वाति के मम्मी पापा और उसका इकलौता छोटा भाई शोभित बाइक से कहीं जा रहे थे.

अब मुझसे भी रहा नहीं गया और मैंने मौसी की चूचियों को पकड़ लिया और उन्हें दबाने लगा. कैमरा सेक्सी फोटोमैं मामी की टांगें फैला कर लंड अपने हाथ में पकड़ कर चोदने की पोजिशन में आ गया.

अशोक ने अपने हाथ से मयूरी की चूत को सहलाया और वो उसकी गुलाबी चूत को देखकर एकदम उस पर मोहित हो गया.इंडियन एक्स एक्स बीएफ वीडियो: अब उसने मुझे फ्रेश होने को बोला और खुद कुछ बनाने के लिए किचन में चली गयी.

मयूरी की इस मनमोहक काया को देखर रजत अपनी नजरें मयूरी के इस कातिल बदन से हटा नहीं पा रहा था.बीच बीच में मैं भी उनकी चूचियों को दबा देता था और उनके होंठ पर अंगुली फिरा देता था.

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मैंने देखा कि मामी अपनी पेंटी उतार कर अपनी उंगलियों को चुत में घुसा रही हैं और अपनी बुर को रगड़ रही हैं.मैंने कहा- कौन, देवेन्द्र …?मुकेश बोला- इसका मतलब आप जानते हो, मैंने उसका नाम कब बताया था, बस लड़के के बारे में पूछा था.

दोस्तो, ये थी मेरी कहानी गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स की … आपको कैसी लगी. इंडियन एक्स एक्स बीएफ वीडियो और फिर अशोक ने मयूरी को अपनी बाँहों में उठाया और उसको उठाकर अपने कमरे में लाकर अपने बिस्तर पर पटक दिया.

मैं हैरी आप सभी के साथ अपनी पुरानी यादें ताजा करने के लिए हाजिर हूँ.

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कुछ देर के बाद मानसी साथ देने लगी और चिल्लाना छोड कर सिसकारी भरने लगी. आह।फिर मैंने दीदी के मुँह में लंड डाला और दीदी के मुँह में झड़ गया।रात को 2:47 मिनट हो रहे थे। इसका मतलब मेरा पहला सेक्‍स 1 घंटा से भी अधिक देर तक चला था।उसके बाद हम दोनों नंगे ही साथ में सोये। निक्की दीदी ने बाद में अपनी सहेलियों को भी मुझसे चुदवाया। वह कहानी बाद में लिखूँगा।तब तक के लिए विदा।कैसी लगी मेरी सच्ची सिस्टर सेक्स स्टोरी? मुझे ईमेल करिये. इधर मेरे बदन में खून की रफ़्तार तेज हो गयी मेरी कनपटियां तपने लगीं और लंड धीरे धीरे अकड़ने लगा.

चादर के नीचे हमारा शरीर इस कदर गर्म हो गया था कि हम दोनों अपने आप पर नियंत्रण खोते जा रहे थे. उन्होंने अपनी जीभ मेरे मुँह में दे दी, मैंने अपने होंठों से उसे आइसक्रीम की तरह चूसा. मैंने उनके बीच अपना मुंह छुपा दिया और क्लीवेज को चूम चूम कर चाटने लगा.

कई बार सोते हुए मैं जानबूझ कर अपने हाथ उसके मम्मों पर रख देती थी और कई बार उसकी चूत पर भी. मेरे कान खड़े हो गए और ये सोच कर मेरा लंड खड़ा हो गया कि शायद चाचा चाची चुदाई कर रहे हैं. फिर उन्होंने मेरी तरफ झड़ जाने को लेकर देखा, तो मैंने उनको हां में इशारा कर दिया.

अभी 10-15 धक्के ही मारे होंगे कि वो एकदम से अकड़ गई और हम दोनों ही एक साथ झड़ गए. कुछ ही पलों में मेरा पानी निकला, तो मैंने अपना लंड सीधा उसके मुँह में दे दिया.

मैंने कहा- क्यों, मैं क्या किसी को बताने जा रही हूँ?उसने कहा- नहीं, मैं अब कुछ नहीं बता सकता.

सब घर वाले निकलने लगे और जाते समय मम्मी ने डिम्पल भाभी से कहा- हम सब 3 दिन के लिए जा रहे हैं तो आप विक्की का ध्यान रखना और खाना आदि खिला देना.

मेरे साथ में चिपक कर बैठना, फिर स्कूटी वाला खेल खेलना, ये सब आम बात हो गई थी. मैं- अब और कितना जोर से चोदूँ … अपनी पूरी ताकत लगा कर ही तो चोद रहा हूँ. मैं पागल सा हो गया, खिड़की भी बन्द थी, अब उन दोनों की चुदाई कैसे देखूँ.

मैंने फिर से सॉरी बोला, तो वो बोलीं- अगर कोई और होता तो जान से मार देती, तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, मैं तुम्हारी सगी मौसी हूँ, तुम्हारी माँ जैसी हूँ. मैंने उससे कहा- सुनो मेरी एक दोस्त है, जो पूरी एक नंबर की चुदक्कड़ है, उसका नाम मालती है. मैंने उनसे कहा- भाभी, यहां से मेरा हाथ ठीक तरह से वहां पर नहीं पहुँच रहा है.

मैंने भी उसको कसकर पकड़कर जोर जोर से 8-10 झटके मारे और लंड खींच कर सारा माल उसके पेट पर गिरा दिया.

दिल्ली की भीड़, ट्रैफिक, गगनचुम्बी इमारतें और सजे धजे बाज़ार ये सबकुछ अचंभित कर रहा था उसे. मतलब साफ़ था कि आंटी मेरा ध्यान अपनी ओर खींचने का प्रयास कर रही थीं. मेरी चूत अभी तक चुदी नहीं थी, इसलिए इसे चुदाई के लिए कोई सख्त लंड चाहिए था.

काफी समय तक हम दोनों अकेले बैठ कर एक दूसरे से अपनी दिल की बातें करते रहते थे. मैंने भी देर ना करते हुए अपने लिंग का दबाव बढ़ाना शुरू किया और अपना रास्ता तलाशने लगा. शीतल ने अभी एक नाइटी पहनी हुई थी और इस वस्त्र में उसके चूचियों और गांड के उभार साफ़ झलक रहे थे.

वो थोड़ी देर तक ऐसे ही बैठे रहे, फिर पापा ने भी अपने दोनों हाथ से बेटी को जोर से पकड़ लिया और मयूरी की गांड को जोर से दबा दिया.

अब वो मुझे सेक्स वाले जोक्स भी भेजा करते थे और मैं भी उनको कभी कभी भेज देता था. मैं अभी भी उसके लोअर के ऊपर से ही अपने लंड से उसकी गांड पर रगड़ रहा था जो उसको अच्छा लग रहा था.

इंडियन एक्स एक्स बीएफ वीडियो मैंने अपना लंड जूही की चुत में डाल दिया और उसकी गांड को पकड़ कर उसकी चुत चोदने लगा. मैंने उसको चूमना चालू कर दिया, वो भी मेरा साथ देने लगी और हम दोनों जमकर एक दूसरे को चूमने लगे.

इंडियन एक्स एक्स बीएफ वीडियो तू तो मेरी प्यारी प्यारी गुड़िया रानी है न!” मैंने बहुत ही मीठी आवाज में उसे मक्खन लगाया. वाकयी उनकी ये कामक्रीड़ा और बातें सुन कर तो अब मुझे ऐसा महसूस होने लगा कि काश कोई मेरे आस पास होता तो मैं भी अपने जिस्म की अग्नि शांत कर लेती.

अशोक- मतलब?मयूरी- मतलब कि उनको ना ये पता है कि मैंने अपनी माँ से लेस्बियन सम्बन्ध स्थापित किया है और ना ही ये कि मेरे ही कहने पर आज उनकी माँ उनसे चुदवा रही है… और तो और, उनको ये भी नहीं पता कि आप भी मुझे चोदते हैं.

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मगर जैसे ही लंड ने हरकत करनी शुरू की, प्रिया को फिर से दर्द का एहसास होने लगा. उस दिन उन्होंने मुझे सारी सावधानियां बताईं और कसम खिलाई कि कभी किसी के साथ जबरदस्ती ये सब नहीं करेगा. मेरी शादी हुई थी, तब मैं सत्ताइस साल का था और मेरी बीवी मुझसे तीन साल बड़ी तीस की थी.

शाम को रीता के घर गया तो रीता बोली- तुझे दो दिन तक मेरे साथ सेक्स करना है … अगर तुझे नहीं भी आता हो तो मैं सिखा दूँगी. मैं भी उछल उछल कर उनके लम्बे लंड से गांड चुदाई के मजे ले रही थी और कामुक सिसकारियां निकाल रही थी ‘आहहह हहह. मैं भी आंटी की गांड को कभी ज़ोर से दबाता, तो कभी ज़ोर से थपथपाते हुए चमाट मारता.

खुद ही आएगा, आपसे मीठी मीठी बातें करते हुए कि उसे कुछ पैसे की ज़रूरत है.

धन्यवाद अन्तर्वासना, आपने मेरी पहली गे सेक्स स्टोरीऐसे बना चंद्रप्रकाश से चंदा रानीको अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया. मोटे लंड के एकदम से घुसने के कारण भाभी की आंखें खुल गई थीं और वे दर्द से तड़प रही थीं. मैंने कहा- आंटी मजा लेना है तो थोड़ा सहन करो यार…ये कहते ही मैंने एक जोर का झटका दे मारा और पूरा लंड एक ही बार में अन्दर चला गया.

कुछ गद्दे और कम्बल खरीद लिए, मन ही मन खुश भी था क्योंकि 2 चूत मेरे पास आने वाली थी, लन्ड भी खुश था. पूर्वी- टाइम?मैं- दो बजे से पांच बजे तक के बीच बुक कर दीजिए अगर आपको सूट करता हो तो!पूर्वी- ठीक है, मैं कर देती हूँ. इस कमरे में अन्दर आते ही अपने हाथ के छोटे हैंडबैग को टेबल में रखा और सर्विस ब्वॉय ने बाकी का सामान हमारे सामने रख दिया और चला गया.

मैंने उससे पूछा कि माइक और मुनीर कहां हैं और मिलने की जगह सुरक्षित तो है न?तारा ने तुरंत जवाब दिया- फिक्र मत करो … इस बार ऐसी जगह पर सारा इंतज़ाम है कि दिल खुश हो जाएगा और किसी प्रकार का कोई भय नहीं रहेगा. उसने मेरा पैग जो कि हाफ हो गया था, उसको उठा लिया और एक ही सांस में पूरा पी लिया.

दूसरे दिन से में कॉलेज में जाकर हर किसी लड़के को देखकर स्माइल देने लगी, पर सब बदले में स्माइल देकर निकल जाते थे क्योंकि मैं शरीफ लड़की थी इसलिए लोग अब भी मुझे शरीफ ही समझ रहे थे. मुझे उन्हें देखकर हैरानी हुई लेकिन फिर गौरी ने अपना और चाची का प्लान बताया. आंटी के मम्मों की साइज़ का सही अंदाजा हुआ तो समझ आया कि आंटी चूचियां नहीं बड़े बड़े चूचे थे.

जैसा कि मैंने पहले ही बताया कि मुझे चूत चुसाई में बहुत आनंद आता है और मैं जब तक चूत का पानी नहीं पी लेता एक बार … तब तक मैं चुदाई शुरू नहीं करता.

मैंने पूछा- कहाँ पर पढ़ाना है?हिमानी की मम्मी कहने लगी- सारा घर खाली पड़ा है, जहाँ दिल करे वहां बैठ जाना. चाची की एक चुची को मुँह भर रख कर चाचा जोर जोर से चूसने लगे और चूतड़ के मांस को मुठ्ठी भर पकड़ कर अंधाधुँध चोदने लगे. मैंने काफ़ी ध्यान से सुपारे को देखा लेकिन मेरे पास इतनी हिम्मत नहीं थी कि मैं सुपारे के पास अपनी नाक ले जाऊं.

अब वो मुझे जगह जगह काटने लगी, अपने नाखून मेरे शरीर पर चुभाने लगी जिस वजह से मुझे और भी मजा आने लगा।दोस्तो, जब कोई लड़की मुझे लव बाइट्स देती हैं तो मुझे बहुत मजा आता हैं।उसके बाद करीब काफी देर तक मैं उसे चोदता रहा और जब मेरा निकलने वाला था तो मैंने उससे पूछा- कहाँ निकालूँ?तो वो बोली- मेरी चुत के अंदर ही निकाल दो, मैं दवाई ले लूंगी. होने वाली बहू के सारे जेवर बहुत ही सुन्दर सुन्दर डिजाईन के थे और चढ़ावे के कपड़े, शादी का जोड़ा सब कुछ फर्स्ट क्लास लगा.

मैं उनके चूचों को नंगा करके चाटने लगा और मौसी ‘आह्ह्ह ऊहह्ह्ह …’ करने लगीं. तभी लंड ने उल्टी कर दी और मैंने अपना लंड उसकी ही पेंटी से साफ़ किया. अब मैंने अब अपनी सारा डर दूर करते हुए अपनी जीभ धीरे धीरे उसकी चूत के अन्दर देनी शुरू की.

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इतनी जल्दी लंड पे कर चुदाई करने में मुझे आज मजा आता नहीं दिख रहा था.

मुस्कान मुझे अपने पहले सेक्स की कहानी बता चुकी थी, मैंने उस से पूछा- मुस्कान जब तुमने पहले सेक्स किया था. एक से दो दिन हो गए और दो से चार दिन हो गए, लेकिन उसका कॉल नहीं आया. मैंने सुशीला की ओर देख कर मानसी से पूछा- कैसा लग रहा है मेरी रंडी?मानसी- बहुत अच्छा … आहह स स आ … चोदते रहो!यह सुनकर सुशीला हैरानी में पड़ गयी और मैं उसे देख कर थोड़ा मुस्कुरा दिया.

एक दिन भैया को किसी बुक स्टोर से कोई किताब लानी थी तो उन्होंने मुझसे फोन पर कहा कि ला देगा क्या?मैंने कहा- ठीक है. वे तीनों बड़े ही खुश लग रहे थे, मानो उन्होंने कोई युद्ध जीत लिया हो. पावर फुल सेक्सीथोड़ी देर और धक्के लगे कि तारा ने सिसकारी भरे शब्दों में माइक को उकसाने वाले शब्द बोलने शुरू कर दिए.

मैंने कहा- यह आपका घर है?उन्होंने कहा- हाँ!फिर बोली- मैं आज अकेली हूं घर में!मैंने पूछा- आपके पति? बच्चे?तो उन्होंने कहा- किसी बर्थडे पार्टी की वजह से बच्चे एक रिश्तेदार के यहां गए हुए हैं. उसी रात को दीपक अपना सामान लेकर मेरे घर पर आ गया और बोला- अब यहाँ से तो मैं निकलने वाला हूँ नहीं.

मैं अपना लंड चूत पर रखकर रगड़ने लगा तो भाभी बोलीं- क्यों तड़पा रहा है कुत्ते. उस रात हमने तीन बार चुदाई की और सुबह जब पूजा चाय लेकर आई तो मुझे किस करके उठाया और बोली- मेरे पतिदेव, अब तो खड़े हो जाओ, कोई आ जाएगा. उसने सफेद रंग का सूट पहन रखा था, इसमें वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी, उसे देख कर ऐसा लग रहा था, जैसे स्वर्ग से कोई अप्सरा उतर कर आ गई हो.

मैं तो जैसे इंतज़ार ही कर रहा था, जैसे ही उसने ऐसा कहा, मैंने बिल्कुल वहीं हाथ डाला, जहां उसने बताया था और उसकी जांघों को सहलाते हुए हाथ ऊपर लेने लगा. मैं उसकी नीले रंग की प्रिंटेड पैंटी के ऊपर से उसकी योनि को सहलाने लगा. उसकी जांघें इतनी गोरी थी, जैसे दूध की तरह सफेद और संगमरमर की तरह चिकनी हों.

इस बार वो फिर से बिन जल तड़पती हुई मछली सी हो गयी और मुझसे छूटने की भीख मांगने लगी.

मैं जब छोटा था तो अक्सर बाथरूम के बाहर छुप कर अपनी माँ और बहन की चुत की सीटी सुनता था. उन्होंने मुझे बुलाया और पूछा- आप अभी फ्री हो?मैंने कहा- जी बिलकुल फ्री हूँ.

तू अपना गिलास ले के आ जल्दी” मैंने चौकीदार को बोला तो वह लगभग दौड़ता हुआ अपनी झोपड़ी में गया और गिलास ले आया. हां मेरे भैया थे, लेकिन वो कुछ नहीं कहते थे क्योंकि में घर पे नहीं होता था तो उन्हें भी अपनी गर्ल फ्रेंड को मकान पर लाकर चोदने का मौका मिल जाता था. मैंने महसूस किया कि मनीषा पागलों की तरह मेरे ट्राउजर को बार बार घूर रही है.

फिर मैं चूमते हुए नीचे की तरफ आने लगा तो मैंने उसकी पैंटी उतारकर उसकी कोमल सी गुलाबी रंग की चूत पर चूमना चालू कर दिया. जब वो शाम को आई, तो वो मेरा गिटार लेकर बैठ गई, तो मैंने कहा- ऐसे नहीं मैं बताता हूँ!ऐसा कह कर मैं उसके पीछे चला गया और ऐसे ही उसके हाथ को पकड़ लिया. कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैं कम्मो को धर्मशाला के कमरे में ले आया था.

इंडियन एक्स एक्स बीएफ वीडियो विक्रम अपना मुँह शीतल के चूत से अलग करता है और फिर अपना मुँह पौंछते हुए बोला- ठीक है माँ… चलो. विक्रम- यह नहीं हो सकता?मयूरी- क्यूँ नहीं हो सकता?विक्रम- इसने मेरी गर्लफ्रेंड के साथ…मयूरी- अरे भैया… तुम पागल हो क्या? रजत भी तो यही बोल सकता है? पर तुम दोनों समझ क्यूँ नहीं रहे कि सपना ने तुम दोनों का चूतिया काटा है वो भी एक साथ… रजत ने जो भी किया उसकी मर्जी से ही किया न? उसके साथ को जबरदस्ती तो नहीं की न?विक्रम- वो जो भी है? पर मैं इस धोखेबाज के साथ कुछ शेयर नहीं कर सकता.

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उनका 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा काला लंड, लटकते आंड बड़े बड़े सुडौल जांघों के बीच में लटक रहे थे. मेरे प्यार से सहलाने के कारण आंटी के खरबूजे जैसे विशाल स्तन कड़क हो चुके थे. मौसी चुदासी सी बोलीं- बस कर रे लवड़ा हमी मन लवड़ो दे थारो मारे मुडा म.

ये कहानी वहीं से शुरू होती है … जहां सेमाइक, मुनीर और शालिनी की कहानीखत्म हुई थी. ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ वो सीत्कारते हुए मुझे और ज़ोर से चुदाई करने को बोल रही थीं. हिंदी दिव्यामैं विद्युत की रफ़्तार से दरवाजे तक गया और सेकंड से भी कम समय में दरवाज़ा खोल दिया।दरवाज़ा खुलते ही मेरे चेहरे से सारी ख़ुशी ग़ायब हो गयी, सामने मेरी नौकरानी खड़ी थी।क्या हुआ साहब… आप ऐसे क्यों आंखें दिखा रहे हो?” नौकरानी ने हैरत से देखते हुए कहा।शीला… आज तुम्हें सफाई करने की जरूरत नहीं है… तुम घर जाओ.

अन्दर बिस्तर पर चाची पूरी नंगी चित लेटी हुई थीं और चाचा उनकी चूचियों पर टूटे पड़े थे.

मेरी बात का अर्थ समझ के कम्मो का मुंह शर्म से लाल पड़ गया उसने अपना निचला होंठ दांतों से दबा कर हंसती हुई आँखों से मुझे देखा पर कहा कुछ नहीं. इधर मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था … क्योंकि मेरा लंड भी बहुत गर्म हो गया था.

करीब 5 मिनट की चुदाई के बाद, वह धीरे-धीरे सिसकारियां लेते हुए कहने लगी- आअह्ह … आअह्ह … जानू बहुत मजा आ रहा है … उम्म्ह… अहह… हय… याह… और जोर से पेलो … ऊऊऊह ओहोहह … और चोदो मेरे राजा … आआह्ह्ह … ऊऊइईई … मरर्रर गयी मेरे बलमा … मुझे अपनी रानी बना लो … मेरी जान … चोदो आह … बहुत मजा आ रहा है … ऑऊईईई ऊईईई माँ … मेरी चूत को फाड़ दो मेरे साजन … बहुत मजा आ रहा है … आआह्ह्ह उऊंहह और तेज़ करो. फिर मैंने अपनी गांड हिलाकर पति को चोदने का इशारा किया तो पति ने मेरे होंठों को छोड़कर मेरा एक निप्पल अपने होंठों में लेकर चूसने लगे. वह बोली- अब क्या करोगे?मैंने कहा- अब तो खेल शुरू होगा!मैंने अपनी पैन्ट की जेब से कंडोम का पैकेट निकाला और एक कन्डोम पहन लिया, फिर से उसके ऊपर आ गया.

तुमने अन्दर क्यों किया?वो बोला- अरे यार रुका ही नहीं गया, मुझे चुदाई का कोई तजुर्बा नहीं है.

अब वो मुझे सेक्स वाले जोक्स भी भेजा करते थे और मैं भी उनको कभी कभी भेज देता था. हाँ… तुम लेट जाओ…मयूरी अपनी माँ के इस व्यव्हार को अच्छे से नोटिस करती है और वो समझ गयी कि उसकी चाल एकदम सही दिशा में है. फिर उसको एक विचार आया, उसने एक पिन जो अलमारी में रखी थी, को निकलकर नीचे फेंक दिया और उस पर अपना पैर रख दिया.

रानी मुखर्जी क्सक्सक्सदीमा के लंड ने ब्लोंड लड़की का मुंह वापस कब्ज़ा कर उसमे अपने मोटे लंड द्वारा उथल-पुथल करनी शुरू कर दी थी और मैं नताशा की दूसरी, बाईं बांह और वक्ष स्थल के बीच में लंड को घिसने लगा था. वो देखते देखते मेरे पीठ से सट के खड़े हो गए, उनका पूरा शरीर मुझसे टच हो रहा था.

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मैंने पूरा लंड पेला और कहा- दीदी, आप चली जाओगी तो मेरा काम कैसे चलेगा. रंडी और रखैल के बारे में पर जो भी हो, ये मुझे आप तीनों जल्दी से जमकर कुछ करो. दो दिन के बाद मेरे बड़े भाई की लड़की और उसका पति आया था, सब मेहमान नवाजी में लग गए.

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जैसे जैसे दिन निकलते गए, मैं रोज उसको बस यूं ही देखता रहता, वो भी कभी भी मेरी तरफ देखती, पर कोई भाव नहीं देती. थोड़ी देर में उसका फ़ोन आया कि वो रात को 8 बजे मिलेगी और उसने कहा कि उनके घर में पिछले हिस्से में जो टॉयलेट है, उसमें आना पड़ेगा.

सभी पाठकों से अनुरोध है कि नीचे दिये गए ईमेल पर अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें.

आप लोगों के विचारों और सुझावों का स्वागत है, कृपया अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दें. कुत्ता का लैंडमैंने चुत चाटना शुरू कर दिया, तो उसने बताया कि उसको बहुत मज़ा आ रहा है. महिला खतनामेरा स्कूल एक ग्रामीण क्षेत्र में है, इसलिये इस प्रकार की कोई बात होने पर अभिभावक अपनी लड़कियों को स्कूल से निकाल लेते थे. कुछ समय में वो अपने दर्द को भूलकर चुत चुदाई का मजा बंद आँखों से लेने लगी.

सलवार ढीली पड़ते ही मेरी उंगली अब और आराम से उसकी चूत का जायजा लेने लगी.

आज शाम को ऑफिस से आते वक्त ले आई, इसलिए तो बस में जाती थी।मैं- ओके!मैं साक्षी के बेटे के साथ ‘हैलो…’ करने लगा।साक्षी- हैलो करो रोबिन।रोबिन ने हैलो की, साक्षी ने कहा- मुझे लगा था कि तुमने नंबर गलत न नोट कर लिया हो।मैं- नहीं जी. कहानी के अगले भाग में बताऊँगा कि कैसे छोटी चाची की गांड की चुदाई की और कैसे बड़ी चाची को भी चोदने के लिए गरम कर डाला. उसके बाद मौसी बोलीं- समीर, तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था, मैं तुम्हारी सगी मौसी हूँ.

सोहेल शादी के बाद एक प्रायवेट कंपनी में रिकवरी का काम करता था, इसीलिए उसे बाहर भी रहना पड़ता थाजब ये शादी हुई तो हम लोग यही सोचने लगे कि ये फूल जैसी नाजुक और सुंदर सेक्सी परी ने इस जंगली भैंसे में ऐसा क्या देखा? जो प्यार कर बैठी. उसने मुझसे कहा कि इस कहानी को अन्तर्वासना को भेज कर प्रकाशित करवा दूँ, इसलिए मैं यहां उसके लिए ये कहानी लिख कर भेज रहा हूं और उम्मीद करता हूं कि अन्तर्वासना के सभी पाठक इस कहानी को जल्द से जल्द पढ़ कर मजा ले सकें. घर के सरे सदस्यों के बीच का सामान्य सम्बन्ध एकदम परिवर्तित ही हो गया था.

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अगर तुम नहीं होते तो मेरी जवानी एसे ही बेकार चली जाती … आज के बाद मैं तुम्हारी पत्नी हूँ. ये देख तारा ने हाथों में बहुत सारा थूक लगाया और अपनी योनि को मलनी शुरू कर दी. पर आज जब मयूरी अपने घर जा रही थी तो उसके दिमाग में कुछ नयी तरंगों ने कब्ज़ा कर रखा था.

मेरी एक गर्लफ्रेंड थी, जो बरेली में ही मेरे साथ रहती थी और वहीं पर जॉब करती थी.

जेठानी की बात सुन कर तारा तो जैसे ख़ुशी से झूम गयी, पर उसने अपने आव भाव किसी को पता नहीं चलने दिए.

ऑटो में हम साथ साथ ही बैठते थे और अपने पैरों के ऊपर बैग रख लेते थे. चूंकि उस पर अभी भी दवा का असर था, इसलिए उसका लंड फिर से खड़ा हो गया और बिना झिझके वो मेरी चूत पर फिर से सवार हो गया. बेहद सेक्समैंने सोचा ‘यह क्या … आया था मैं यहां पर मालकिन के लिए … लेकिन यहां तो नौकरानी भी चूत खोले बैठी है! इसका मजा भी मुझे चख लेना चाहिए!जब वह मुझे बाथरूम में छोड़ कर बाहर जाने लगी तो मैंने उसका हाथ पकड़ा कर अपनी ओर खींच लिया और उसकी चूचियां दबा दी, साथ ही कस कर एक किस कर दिया मनमाने ढंग से!वो मुझसे खुद को छुड़ाने की कोशिश करती रही लेकिन वह असल में छुड़वाना भी नहीं चाह रही थी, मजा लेना चाह रही थी.

ये सुन कर मैं और जोश में आ गया और उसकी जांघों को फैला कर उसकी चिकनी चूत को चूमने लगा. उसने कहा- कोई क्यों मुझमें क्या कोई कमी है?मैंने कहा- कहाँ मेरी किस्मत और कहाँ तुम. अब प्रीति को भी मस्ती सूझ रही थी, अब उसने मुझे बिस्तर पर गिराया और मेरा गाउन आगे से खोल कर अपने होंठ उसने मेरी चूची पर रख दिए.

फिर चाहे कड़ाके की गर्मी ही क्यों न पड़ी हो, जिस दिशा में मन करता है. उन्होंने कहा था कि मुझे नहीं पता कि मैं खुद को कभी माफ़ कर पाऊंगा या नहीं.

थोड़ी देर बाद ऐसे ही सोते हुए भाभी चित होकर अपने पैर फैलाकर सो गईं, जिससे समझ गया कि भाभी को अब चूत में खुजली हो रही है और चुदवाना है.

पराई लड़की का भी कोई लिहाज नहीं आपको तो?”कम्मो मेरी जान, अब तू पराई थोड़े ही है. मैंने एक सेकंड के लिए उनके होंठ छोड़े, तो वो छूटते ही हांफने लगीं और बोलीं- ये गलत है. धीरे धीरे वो मेरी बीवी से बहुत बातें करने लगी और उसकी बातों से ही हमें पता चला कि वो इस शादी से इतनी खुश नहीं है, उसका पति सोहेल सिर्फ हवस का पुजारी है.

नंगी पिक्चर भेज ऊपर से मुन्ना के ताबड़तोड़ धक्के और नीचे से पिंकी की उछलती चूत, जो हर धक्के का जवाब अपने धक्के से दे रही थी. अब हम तीनों फिल्म देखने आ गए, वो रीना के कंधे पे हाथ डालकर बैठा था और जब थोड़ा अंधेरा हो जाता तो वो उसके मम्मों को दबा देता था.

तभी वो एक दम से पलटा और बोला- सम्राट, ये तुम क्या कर रहे हो?मैं हड़बड़ाते हुए कहा- कुछ नहीं, अरे वो गलती से हो गया, क्यों तेरा उठता नहीं है क्या?शौर्य- उठता तो है मगर मुझे दूसरों का लंड उठाना ज्यादा पसंद है. यह सुनते ही मैं समझ गया कि अब इसे एक कंधे की जरूरत है… तो क्यों ना वो कंधा मेरा ही हो।और फिर वहाँ हमने अपने फोन नंबर एक दूसरे को दिये।थोड़ा बहुत खा पीकर फिर हम वापस आफिस में आ गए और अपने अपने काम में लग गए।फिर हम एक दूसरे से चैट करने लगे, धीरे धीरे फिर हम कॉल पर बात करने लगे, कुछ दिन ऐसे ही बीत गए।एक रात करीब 11 बजे मुझे उसका कॉल आया, मैंने बात की तो वो रो रही थी. शौर्य ने फिर अपने लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगा और साथ ही जोर जोर से मेरा लंड भी चूसने लगा.

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फिर मयूरी हॉल में आयी और टीवी के सामने एक कामुक मुद्रा में खड़ी हो गयी. बाथरूम में लाकर मैंने उसको नीचे उतार दिया और अपनी अंडरवियर और बनियान निकाल के साइड में टांग दी. मैं उससे टिक गई तभी वो समझ गया कि लौंडिया राजी हो गई है और इसी के साथ उसका एक हाथ मेरे सूट के अन्दर चला गया.

उस समय करीब रात के 12 बज चुके थे, रास्ते में मैंने उससे कहा कि उसे उसके रूम पर छोड़ देता हूं तो उसने मना कर दिया और बोलने लगी कि इतनी रात को घर का गेट कोई नहीं खोलेगा तो अब वो सुबह ही जा सकती हैं।अब मेरे पास भी कोई जगह नहीं थी उसे ले जाने के लिए तो मैंने उसे रात किसी होटल में गुजरने के लिए बोला और वो फट से मान गयी. आज जी भर के चुदवाऊंगी इस लंड से…चाचा का मोटा लंड किसी बैंगन के समान था.

जल्दी आपके आपके लिए एक नई कहानी लेकर प्रस्तुत होऊंगा, तब तक के लिए नमस्कार![emailprotected]फिर मिलते हैं.

अब मैंने थोड़ी हिम्मत जुटाई और भाभी के चेहरे की तरफ देखा तो भाभी ने एक कातिलाना मुस्कान दे दी. अशोक- कपड़े पहन लूँ?मयूरी- जरूरत नहीं है? हम उनको बताएँगे नहीं कि हम उनको देख रहे हैं. मैंने पहले उसके ऊपर का होंठ चूसना शुरू किया, फिर नीचे का होंठ अपने होंठों में दबा आकर हल्का सा चुभलाने लगा.

अब उसके साथ मुहब्बत का ये सिलसिला सहलाने के साथ रोज शाम को किस करने पर ही खत्म होने लगा था. ”मैं उनके पीछे जाकर उनसे सट के खड़ी हो गयी। एक साथ धक्का देने से टहनी थोड़ा सा खिसक तो गयी पर मेरा बदन उनके नंगे बदन पर रगड़ने की वजह से मेरी कामवासना जागृत होने लगी। मेरे स्तन उनकी पीठ में घुस गए थे, मुझे पूरा भरोसा था कि अंकल भी उत्तेजित हो गए होंगे।नीतू … थोड़ा और जोर लगाना होगा, तुम पीछे से ज्यादा जोर नहीं लगा सकती। एक काम करो तुम आगे हो जाओ, मैं तुम्हारे पीछे से जोर लगाता हूँ. क़रीब दस मिनट बाद वो थोड़ी शांत हुई, तो मैंने उसको सहलाते हुए धीरे धीरे लंड को आगे पीछे करने लगा.

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क्या बताऊं यारो … वो इतनी प्यारी लग रही थी कि मन मचल रहा था कि बिना इन्तजार किये बस अभी ही लंड डाल दूँ इसकी चूत में … लेकिन मैंने अपने पर काबू किया. राजेश मेरी बात सुनकर डर गया और उसने मुझे अगले दिन वो लैटर लाकर मुझे दे दिये. मैंने मुस्कान की एक टांग को उठा कर अपने कंधे पर रख लिया और उसकी चुदाई जारी रखी.

घर में घुसते ही आयेशा ने मेरी टीशर्ट फाड़ दी और मेरे शोर्ट्स निकाल कर मुझे नंगी कर दिया, ब्रा पैंटी मैने भी नहीं पहनी थी। तभी साहिल और आयेशा दोनों नंगे हो गए, फिर जोरदार चुदाई का राउंड चला जो लगभग एक घंटे तक चला।हम तीनों बिस्तर पर ऐसे ही नंगे पड़े रहे.

वो बस अपने काम में बिजी रहते थे और कभी कभी मूड बनता था तो एक या दो बार मुझे चोद लेते थे. उसे पता नहीं क्यों, मेरे जाने की बात से बुरा सा लगा और वो फिर उदास सी हो गई. हमने एक दूसरे को चूस कर बहुत देर तक मजा दिया, शायद भाभी का 69 का ये पहला अनुभव था.