छोटी लड़कियों की बीएफ पिक्चर

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सेक्सी बीएफ कॉलेज की: छोटी लड़कियों की बीएफ पिक्चर, मैंने अपना लंड ज़ेनी की बुर से निकाला और उसे सीधा करके अपने शरीर के ऊपर लिटा लिया और पुनः बुर में अपना लंड पेल दिया.

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वो अपने हाथों से अपने उरोजों को छुपाने लगी। छुपाते वक़्त उन कोमल हिस्सों के कुछ भाग जो छिप नहीं पाए थे वो उस दृश्य को और भी कामुक बना रहे थे।मैं उसके पास गया और उसे चूमने लगा जितने भाग वो छुपा न सकी थी. पंजाबी सूट पिक्सपतली कमर, पिचका हुआ पेट, लम्बी टाँगें, गोल सफ़ेद चिकनी जांघें… और जांघों के बीच फूली हुई चूत का उभार खिला खिला साफ दिख रहा था…यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !यह तो नहीं पता चला कि उस पर बाल थे या नहीं.

आपने ही मुझे सिखाया है।फिर जब भी मौका मिलता, वो मुझे फोन करती। मैं पागलों की तरह उसे चोदने पहुँच जाता।मुझे मेल ज़रूर करें।[emailprotected]. दो फूल सेक्सीमैंने अपनी जुबान निकल कर गुदा के मुँह पर फिराना चालू किया, राधिका मस्ती से उत्तेजित होने लगी और आगे की तरफ खिसकने लगी तो मैं समझ गया कि वो सम्भोग में पूरी तरह से डूबना चाहती हैं.

!सुनील बोला- बस सेठ जी, आपकी सेवा करने के लिए आई है।फिर सुनील ने मेरा परिचय कराया और बोला- तुम लोग बात करो… हम लोग आते हैं… वैसे भी हम लोगों का यहाँ क्या काम… क्यूँ आकाश?पति भी मरता क्या ना करता… उसने मुंडी ‘हाँ’ में हिला दी।सुनील बोला- नेहा, सेठ का ख्याल रखना… हम लोगों को कुछ काम है, अभी करके आते हैं.छोटी लड़कियों की बीएफ पिक्चर: ! बुरचोदी, गाण्डू, लौंडेबाज, तुम्हारी भी गाण्ड जब फाड़ी जाएगी, तो मैं ताली पीट-पीट कर हसूँगी… प्लीज़ जीजाजी …बहुत आहिस्ते-आहिस्ते मारिए …दर्द हो रहा है।” धीरे-धीरे कामिनी का दर्द कम हुआ और अब उसे गाण्ड मरवाने में अच्छा लगने लगा, जीजाजी अब ठीक है.

आनन्द फिर उसने लंड थोड़ा बाहर निकाला और एक ज़ोर का झटका मारा और 5 इंच तक लंड अन्दर घुसा दिया।मेरी आँखों के सामने अंधेरा छा गया।मैं फफक कर रो पड़ी- आनन्द बाहर निकालो.डरते डरते मैंने उसकी टोपी को मुँह में ले लिया और चूसने लगी। सच्ची वो ऐसा अहसास था जिसे मैं शब्दों में ब्यान नहीं कर सकती।दीपाली- चुप क्यों हो गई बोल ना यार प्लीज़.

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कक्षा एक शरारती बच्चे को डांटते हुए उसकी टीचर बोली- अगर मैं तेरी माँ बन जाऊँ तो मैं दो दिन में तुम्हें सुधार दूँ !शैतान बच्चा- मैडम, तो मैं अपने पापा को बोल दूँ कि उनकी लॉटरी लगने वाली है…!!.बहुत मज़ा आता है।आरोही- हाँ जूही हम पहले वीडियो देखेंगे फिर वैसा ही करेंगे।दोनों बहने नंगी ही बातें कर रही थीं। तभी बाहर से दरवाजे पर दस्तक हुई।तो आरोही ने कहा- दो मिनट रूको हम चेंज कर रहे हैं।राहुल- जल्दी करो.

साजन ने बाँहों से उठा बदन, सारा जोर नितम्बों पर लगा दियामेरी सीत्कार उई आह के संग, स्पंदन की गति को बढ़ा दियामैं गिनती ही सखी भूल गई, मुझे मदहोशी की धार में छोड़ दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. छोटी लड़कियों की बीएफ पिक्चर ई” जैसी आवाजें निकल रही थीं।अब हम बैड पर 69 में होकर चुम्बन कर रहे थे।अनु ने कहा- सर कुछ करो… मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है….

बहुत ही अच्छे लग रहे थे।मैंने आंटी के मम्मों को बारी-बारी से चूसना शुरू कर दिया और आंटी की सलवार का नाड़ा भी खोल दिया।मैंने अपना हाथ पूरे ज़ोर से उनकी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया।अब आंटी की सिसकारियाँ ऊँची चीखों में बदल चुकी थीं ‘हायएए एएएएएए ओ गॉड हाय.

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और तुझे कौन सा सिगरेट जलानी है… और सुन जब अपने दिल में कामदेव हो तो साली हर औरत माल लगती है।मैं- सोचता हूँ।फ़्रेन्ड्स- सोचता नहीं चोदता हूँ बोल… और हो सके तो हमें भी टेस्ट करा…!मैं- सालों, अब समझा क्यों इतना मच-मच कर रहे हो…!!सभी हँसने लगे. !ये सुन कर मैं शर्मा गया और कुछ नहीं बोला।दीदी बोलीं- वैसे तू अन्दर से लाल है।मैंने कहा- कैसे?वो बोलीं- तेरा वो लाल है. बच्चा है ये, इसे क्या पता!”बस देविन थोड़ी देर और, मैं नहा लूँ फिर तुम चले जाना!” और ये कह कर वो मेरी तरफ ऐसे देखने लगीं, जैसे कह रही है कि तुम रोज छ्त से देखते हो.

।जिस पर वो खूब हँसी।मैं कविता की गांड मारना चाहता था, पर उसे घर जाने की जल्दी थी, इसलिए उसने कहा।कविता- नहीं प्लीज आज नहीं. !राहुल ने घड़ी की तरफ देखा, सुबह 7 बज रहे थे, वो जल्दी से बाथरूम गया और शॉवर ऑन करके खड़ा हो गया।15 मिनट में फ्रेश होकर, वो तौलिया बाँध कर आरोही के कमरे के पास आया, वो बन्द था, तो राहुल ने आरोही को आवाज़ लगाई, तब उसकी आँख खुली।राहुल- आरोही, जल्दी उठो 7. !राहुल- ओके मैं अभी जाता हूँ और रेहान से बात करता हूँ।राहुल वहाँ से अपने रूम में आया और रेहान को फ़ोन करके ‘बहुत जरूरी काम है’ कह कर शाम को मिलने को बुलाया।रेहान से बात करने के बाद राहुल नंगा हो गया और अपने लंड को सहलाने लगा।राहुल- ओह माई स्वीट सिस्टर, तेरे मम्मे क्या कमाल के हैं, उफ.

मैंने फिर उससे पूछा- तुम्हारा पति तुमको ठीक से रखता तो है या नहीं?वो एक दीर्घ श्वास लेकर बोली- हाँ, रखते तो हैं, और न भी रखें तो क्या कर सकते हैं, माँ-बाप ने जीवन की डोर तो उनसे ही बाँध दी है. !मैंने वैसा ही किया, अपना सारा माल उसकी चूत में डाल दिया और वहीं उस पर ढेर हो गया। थोड़ी देर हम ऐसे ही एक-दूसरे की बाँहों में पड़े रहे।कुछ देर सोने के बाद वो उठी, अपनी पैन्टी पहनी और जैसे ही वो नाईटी पहनने लगी, मैं उठा और उसको पकड़ लिया और कहा- आज तुम सिर्फ़ ब्रा और पैन्टी ही पहनोगी मेरे लिए. पर तू कुछ करता ही नहीं था…‘चाची आज सब कुछ क़र दूंगा… मैं भी आपकी चूत के लिए बहुत तरसा हूँ! मैंने तो पहली बार जब मुठ मारी थी तो आपको ही सोच क़र मारी थी कि आपकी टांगों पर इतने बाल हैं तो आपकी चूत पर कितने बाल होंगे, मैंने आज तक जितनी बार मुठ मारी है उनमें से 98% आपको सोच क़र मारी है…!’चाची बोली- ओहो मेरे आशिक, चल अब मजे लेते हैं.

मैं स्वयं गिरी उसके ऊपर, होंठों से होंठ मिलाय दियासाजन के मुख पर मैंने तो, चुम्बन की झड़ी लगाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. कुल मिला कर पूरी चोदने लायक लग रही थी।उसने मुझे प्रेस चेक करने को दी और चाय के लिए पूछा।मैंने कहा- नहीं.

साजन ने अपने अंग को सखी, मेरे स्तन पर फेर दियारगड़ा दोनों चुचूकों पर बारी-बारी, तो आग लगाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

क्योंकि कावेरी ने मेरे लौड़े पर दाँत से काट लिया था।मैंने उसको एक गाली बक दी, साली क्या कर रही है…?”कहने लगी, तेरे से एक बार और चुदना है.

!”तो मैं फ़िर थोड़ा धीरे-धीरे उसे चोदने लगा। लगभग 15 मिनट तक उसको चोदने के बाद जब मुझे लगा कि मेरा निकलने वाला है तो मैं फ़िर से उसे बहुत तेज-तेज चोदने लगा।उसने कहा- थोड़ा और जोर से करो, मेरा भी कुछ निकलने वाला है. मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ।मुझे तो जैसे भरोसा ही न हुआ, मैं बस उसके होंठों पर झुक कर उसके प्यार का जवाब देने लगा।अधरों का रसपान भी बहुत ही मस्त था. ”मैं उठी कपड़े और बाल ठीक किए और चमेली के साथ चाय लेकर जीजाजी के कमरे में आ गई, जीजाजी गहरी नींद में सो रहे थे।चाय साइड की टेबल पर रखकर चमेली ने धीरे से चादर खींची, जीजाजी नंगे ही सो रहे थे, उनका लौड़ा भी सो रहा था।चमेली धीरे से बोली- दीदी देखो ना कैसा सुस्त-सुस्त सा पड़ा है.

फ़िर मैं चाची के होंटों की तरफ़ बढ़ने लगा तो चाची बोली- क्या क़र रहा है?मैं बोला- आपके होंटों का रस चख रहा हूँ. ! बोल कामिनी, क्या बात है?”कामिनी बोली- चाची नहीं है क्या? मम्मी ने जीजाजी को कल रात को खाने पर बुलाया है।”चमेली से फिर रहा ना गया बोली- कामिनी दीदी, सिर्फ जीजाजी को… कल की …दावत देने आई हैं।”कामिनी बोली- चल तू भी साथ आ जाना हाँ. जन्मोपरांत स्तन से जो द्रव्य निकलते हैं उनके पान से शिशु की रोग-क्षमता बढ़ती है और कई संक्रमणों और रोगों से उसका प्राकृतिक बचाव होता है।5.

मेरी आँखें लाल हो गईं।मैं धीरे से उसके पास गया और उसकी स्कर्ट को बहुत धीरे से और ऊपर सरका दी।अब मैं उसके चूतड़ों को निहारने लगा।चुस्त काली पैन्टी में वो बहुत ही सेक्सी लग रहे थे।मेरी वासना जाग गई और ये जानते हुए भी कि वो मेरी चचेरी बहन है और उसके लिए यूँ सोचना गलत है.

बाँहों में उठाकर उसने मुझे, खाने की मेज पे लिटा दियामैंने भी अपने अंग से सखी, सारे पहरों को हटा दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. हमारा एक दूसरे घर जाना होता रहता है, हमारा अच्छा मेलजोल है दोनों घरों में इसलिए हमारे बीच बहुत हंसी मजाक होता है. श्रेया आहूजा का सलाम, नमस्ते!बहुत दिन हुए कुछ अपनी आपबीती सुनाये तो सोचा आप सबसे शेयर करूँ यह आपबीती!भारी पब्लिक डिमांड पर मैं अपनी आपबीती सुनाने जा रही हूँ क्यूंकि इन दिनों मैंने सिर्फ अपने दोस्तों की आपबीती सुनाई है.

मुझसे नहीं होगा!मैंने अपना मन मार कर कहा- कोई बात नहीं!क्योंकि उसका ये पहली बार था तो मैंने ज्यादा जोर नहीं दिया।उसने मुझसे कहा- वो वाला करो ना. उसने मुझे देखा और सर हिला कर पूछा- क्या हुआ?तो मैंने कहा- तुम कुछ बोल नहीं रही, तुमको मजा नहीं आ रहा!उसने जवाब में कहा- मुझे ऐसा मजा कभी नहीं मिला इसलिए बातों में समय बर्बाद नहीं करना चाहती!मुझे ऐसा जवाब मिलेगा, पता नहीं था. !दस मिनट तक आरोही लौड़े को चूसती रही और आख़िर अन्ना ने उसके मुँह में ही पानी छोड़ दिया।आखिरी पलों में अन्ना ने आरोही का सर पकड़ कर लौड़ा पूरा मुँह में फँसा दिया, जिससे पूरा पानी उसको पीना पड़ा।अन्ना पूरा शान्त हो गया, तब ही उसने लौड़ा बाहर निकाला।अन्ना- आ…हह.

सोनू जल्दी से बिस्तर के नीचे आ गया और लौड़ा दीपाली के होंठों के पास ले आया।मगर दीपाली ने होंठ सख्ती से भींच लिए।सोनू- अरे क्या हुआ.

मैंने धक्के लगाने शुरू कर दिए तो वो और चिल्लाने को हुई तो मैंने उसके मुंह पर हाथ रख दिया और जोर जोर से चोदने लगा. तो बोला- कोई नहीं देखेगा !इतना कहते ही वो भी समझ गया कि मैं राज़ी हूँ। वैसे भी मैं कई दिन से चुदी नहीं थी।वो धीमे से एक उंगली मेरे चूत में डाल कर आगे-पीछे करने लगा और मैं गर्म होती जा रही थी। फिर वो एक रुमाल की आड़ देकर लण्ड निकाल कर दिखाया, तो मैं मस्त हो गई। उसका ‘छानू’ बहुत मोटा था।मैंने सब की निगाह बचा कर एक बार पकड़ कर छोड़ दिया पर अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था।वो फुसफुसाया- चुदोगी.

छोटी लड़कियों की बीएफ पिक्चर मीरा अब गर्म होने लगी थी, मेरे मुँह पर चूत रगड़ते हुए… आह… उई माँ… उफ़… ईई… आह… आ… करने लगी।तभी डॉक्टर ने मुझे हटाते हुए अपना मुँह चूत पर लगा दिया। मीरा एग्ज़ामिनेशन टेबल पर लेटी हुई थी. तो दीपाली की काली पैन्टी में उसकी फूली हुई चूत दिखने लगी। दीपाली के होंठों पर क़ातिल मुस्कान थी।अब बस ब्रा-पैन्टी में खड़ी वो.

छोटी लड़कियों की बीएफ पिक्चर मैं समझ गई थी कि मेरी सील तोड़ दी है सुमित ने!फिर कुछ देर रुक कर सुमित ने पूरा लंड मेरे अंदर धकेल दिया और मुझे पेलने लगा. और ढेर सारा वीर्य झाड़ कर आ गया।करीब 2 बजे फिर से इशरत का फोन आया।इशरत- जानू आप कब आओगे, मेरा दिल नहीं लग रहा.

!रेहान- अरे यार, तुम हीरोइन बनने जा रही हो, उसको आने में समय लगेगा और वैसे भी उसके आने के बाद तुम सीधे थोड़े उसके सामने आओगी पहले मैं तुम्हारी तारीफों के पुल बनाऊँगा.

नागपुर से

!आरोही बोलते-बोलते चुप हो जाती है।रेहान- क्या उसने मुझे…! जान पूरी बात बताओ शरमाओ मत, मेरा जानना जरूरी है।आरोही पूरी बात बता देती है कि कैसे राहुल ने गेम खेलने के बहाने उसके मम्मों को दबाया और जूही के बारे में भी सब कुछ बता दिया ब्रा-पैन्टी में राहुल के सामने गई. !और मैंने धीरे-धीरे करते हुए अपनी रफ्तार बढ़ा दी। उसे भी मजा आ रहा था और मुझे भी करीब 20-25 मिनट हमारा चुदाई का कार्यक्रम चला और मैं उसकी चूत में ही झड़ गया।वो बोली- अरे यह क्या कर दिया, जल्दी निकाल… कर दी ना गलती. ! जीजू… ये क्या कर रहे हो… मैं मस्ती से पागल हो रही हूँ… ओह राज्ज्जज्जाआ चाटो … और… अन्दर जीभ डाल कर चाटो…बहुत अच्छा लग रहा है …आज अपनी जीभ से ही इस बुर को चोद दो… ओह…ओह अहह इसस्सस्स.

क्योंकि उसने इतने कम टाइम में मुझे ब्लाउज सिल कर दिया।तो उसने कहा- इसमें थैंक्स की कोई बात नहीं है, यह तो मेरा काम है।फिर उसने मुझसे कहा- मेम आप एक बार ब्लाउज को पहन कर देख लीजिए. अब हम चलते हैं।फिर हम लोग अन्दर गए और लिफ्ट से फ़ूड कोर्ट वाली फ्लोर पर पहुँच गए। वहाँ पर हम लोगों ने एक कपल सीट ली. !कह कर बाहर गया, पति भी उसके साथ दूसरे कमरे में चले गए। मैं अच्छे से नहा धोकर फ्रेश होने लगी और पहली बार कपड़े उतार अपने नंगे बदन को देखने लगी, मैंने अपनी चूत सहला दी, चूत पर हल्के-हल्के रोयें थे। मैंने सोचा कि आज चूत को चिकनी कर दूँ… आज दिल खोल कर चुदूँगी.

कितने प्यारे हो गए हैं तुम्हारे ये मम्मे…सलोनी- अच्छा बस अब छोड़ भी दो ना… पूरा टॉप खराब कर दोगे तुम… मुझे अभी घर भी वापस जाना है…मनोज- अरे यार पिला दो ना… क्यों इतना नखरे कर रही हो… पहले भी तो पीता था…इस पर तो तुमको ऐतराज नहीं होता था… चलो उतार दो अब टॉप.

मुझसे चला नहीं जाएगा…!रेहान ने अन्दर जाकर जूही को टब से निकाला, तौलिये से अच्छे से सुखा कर अपनी गोद में लेकर बाहर ले आया।बेड पर बैठा कर उसके पास बैठ कर बोला- लो जान थोड़ी बीयर पीलो. लेखक : अमन सिंहहेलो दोस्तो, मेरा नाम अमन है, मैं हरियाणा में अम्बाला का रहने वाला हूँ। मैं आपको एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ, यह कहानी मेरी और मेरे दोस्त की बहन के बारे में है। उस समय मैं एन्जीनियरिंग के दूसरे साल में दिल्ली कॉलेज में था और मेरा दोस्त अमित मेरे साथ ही रहता था, अमित का घर नॉएडा में है। हम पक्के दोस्त थे।बातों बातों में उसने बताया था कि उसकी बहन बी. !उसने कहा- ऋतु जैसा तुम्हें अच्छा लगे।और वो मेरी चू्चियां चूसने लगा, अब मैं जन्नत में थी, और फिर थोड़ी देर बाद मैं उसे अपनी चूत में लोड़ा घुसाने को कहा और काफ़ी देर बाद मेरा भी पानी टपक गया और उसका भी.

लेखक : जोगी यारामैंने पहली बार अन्तर्वासना डॉट कॉम साईट को चार साल पहले देखा था। पहली बार लिखने को मन किया क्योंकि अब मुझे हिंदी लिखना आ गया है और जिसके बारे में कहानी है वो अब इसे नहीं पढ़ सकती है।मेरा नाम रवि है, पंजाब के एक दूर दराज के गांव का रहने वाला हूँ, यह कहानी राधा की है, वो भोली-भाली कतई नहीं थी बल्कि यूँ कहिये कि मैं चूतिया था. !”उन्होंने मुझे पकड़ा, कमरे का दरवाज़ा बाहर से बंद किया। मुझे उठा कर अपने बिस्तर में ले गए। मेरे मम्मों के दीवाने होकर रह गए।वाह मेरी लाडो. मुझे अचानक से वो सब बातें याद आ गई जो दीदी ने चाची को बोली थी-ज़्यादा बकवास मत करो चाची, वरना अगर तुम्हारे बारे में घर में बता दिया तो तुम घर से निकाल दी जाओगी.

कब तक नहीं फिसलता। मेरी गोरी-गोरी मुसम्मियाँ देख कर हरामी का लौड़ा फुफकारने लगता होगा।मुझे इस बात की जानकारी थी कि जब मैं झुक कर उसे अपने मम्मे दिखाती हूँ तो वो मुझे बड़ी प्यासी नजरों से देखता था।मैं भी अन्दर ही अन्दर सोचती थी कि मसक दे मेरे मम्मे हरामी. पूरा पेल दो अपना लौड़ा …! आज इसे कुतिया की तरह बुर से निकलने नहीं दूँगी… लोग आयेंगे और देखेंगे कि जीजा का लौड़ा साली की बुर में फँसा है… जीजा … अच्छा बताओ… अगर ऐसा होता तो क्या आप मुझे चोद पाते…!” मैं थोड़ा बहकने लगी।जीजू मस्त हो रहे थे बोले- चुदाई करते समय आगे की बात कौन सोचता है.

स्तन की घुंडी पे चुम्बन ले, जिह्वा से उनको उकसाया,पहले घुंडी मुंह अन्दर की, फिर अमरुद तरह स्तन खाया,होंठ-जिह्वा-दांतों से दबा-दबा, सारा रस उनका चूस लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. रोज़ी के घूमने से उसकी गुलाबी कच्छी ढीली हो उसके घुटनों से सरक कर नीचे गिर गई…उसकी साड़ी और उसका पेटीकोट दोनों वो खुद पूरा उठाकर अपने चेहरे तक ले गई थी…उसका कमर के नीचे का भाग पूरा नंगी अवस्था में बाथरूम की सफ़ेद चमकती लाइट से भी ज्यादा चमक रहा था. वह बुरी तरह सिसकार रही थी और अपनी कमर हिलाये जा रही थी।मैं अपने दोनों हाथों की मुट्ठियों में उसके चूतड़ों को पकड़ कस कस कर दबाने लगा तो जरा सी देर में नीलू की हालत बुरी हो गई, वो छोड़ने के लिए मिन्नतें करने लगी…नीलू: नहींईइइइइ… छोड़ दीजिये ना.

जागो मेरे पति परमेश्वर…सुबह हो गई है और आपकी प्यारी सी बीवी आपके लिए गरमागरम चाय लेकर आई है !” प्रिया ने अपने नाज़ुक होंठों से इस अंदाज़ में कहा कि मैं तो मंत्रमुग्ध सा बस उसे फिर से उसी तरह देखने लगा।अरे अब अन्दर भी चलोगे या यहीं मुझे घूरते रहोगे.

मैं किसी से नहीं कहूँगा, आप मुझे बहुत अच्छी लगती हैं, क्या मैं आपको एक चुम्बन कर सकता हूँ और क्या आपकी जगह मैं आपके नीचे सहला दूँ?तो आंटी मस्त निगाहों से मुझे देखते हुए बोलीं- लो कर लो. मुझे जाना भी है यार… बाहर मधु वेट कर रही होगी …अह्हाआ आआ ओह बस्स्स्स्स… न यार …ओह ह्ह्ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह्ह्हमनोज- वाओ यार सच यहाँ से तो नजर ही नहीं हटती. भाभी के मुँह से ‘उम्म्म्हह्ह उम्म्म्हह्ह’ की आवाज़ आने लगी और थोड़ी देर के बाद मेरे लण्ड से गरम-गरम लावे की तरह पानी निकलने लगा, जिसे भाभी बड़े शौक से पी गई और अपनी जुबान से सारा लण्ड साफ़ कर दिया.

तो क्या मज़ा आएगा…!रेहान- जान, मैंने अभी तो तुमको बताया ना रात को राहुल को खुश कर देना और तुम्हारी बहन को भी शामिल कर लेंगे तो सब मिलकर मज़ा करेंगे…!आरोही- लेकिन रेहान आपने बताया भाई जूही को भी चोदना चाहते है पर वो तो अभी कमसिन है, कही कुछ हो ना जाए उसको…!रेहान- मैं हूँ न. मुझे तो अपने पर गुस्सा था कि कल का करतब मैं पूरा ना कर सकी, इसलिए मैंने अपने निप्पल को सजा दी।बर्फ़ से बड़ी राहत मिली मुझे…मैं उठ कर बैठ गई… अब हम दोनों जन्मजात नंगी आमने सामने बैठी थी।फिर हम दोनों ने आराम से खाना खाया, बिना कुछ बोले, सिर्फ़ एक दूसरे को देख रहे थे, वो मेरी चूचियों को, मैं उसकी चूचियों को.

पलंग के कोर बैठा साजन, मैं नीचे थी सखी बैठ गईसाजन के अंग पर जिह्वा से, मैंने तो चलीं कई चाल नईवह ओह-ओह कर चहुंक उठा, मैंने अंग को ऐसा दुलार कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. जैसे-तैसे तो शाम हुई, रात्रि तो मुझे बड़ी दूर लगीहोते ही रात सखी साजन को, बहनों ने मेरी घेर लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. तभी बाथरूम का दरवाज़ा खुला और वो मेरे पास आकर देखने लगी।मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया और हंसने लगा.

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!”हय… उसके मुँह से ‘हनी’ सुना तो कलेजे में ठंडक पड़ गई। जीवन में पहली बार किसी लड़के ने प्यार से ‘हनी’ बोला था।घर जाकर बिस्तर पर औंधी हो कर लेट गई.

लेखक : इमरानमैंने जाकर मुख्य दरवाजा खोला, सामने हनी खड़ी थी फिरोजी स्कर्ट और बेबी पिंक टॉप में ! कसे टॉप में उसके उभार बाहर छलक पड़ने को हो रहे थे. मुझे नहीं पता यह क्या बक रही है…मैं- हा हा हा हा… मुझे पता है जान…मैंने मधु को और भी अपने से चिपका कर उसकी जांघों की जड़ तक अपना हाथ पहुँचा दिया… आश्चर्य जनक रूप से उसने अपने दोनों पैरों को खोल एक गैप बना दिया…मेरी उँगलियों ने एक बार फिर उसकी कोरी छोटी सी चिकनी फ़ुद्दी को सहलाना शुरू कर दिया…मैं- मेरी प्यारी बच्ची… वो जो डॉक्टर है ना सुई लगाने से पहले. तो मेरा लंड उसकी जवानी को सलामी देने लगता था।मैं हमेशा सोते वक्त उसको चोदने के सपने देख कर मुठ मारा करता था।यह सोच कर कि कभी तो मालिक मेरे प्यासे लंड के बारे में भी सोचेगा.

एक रोज़ सिन्धी और मारवाड़ी दो सहलियो की बाज़ार में मुलाकात हो गयी बातोबात में इधर उधर की बात करते करते सेक्स की बात में पहुँच गयी दोनों …तो सिंधन सहेली ने कहा : क्या बताऊँ बहन कल रात को तो सेक्स का सारा मजा किर-किरा हो गया …. !तो बोली- मैं उनसे अलग हूँ, तुम्हें यह दिखाने आई हूँ।उससे मेरी दोस्ती हो गई। अब हमारी रोज-रोज रात को बात होती थी। कभी-कभी सुबह 5 बजे तक बात करते थे।एक दिन वो बोली- बात ही करोगे या कुछ और. अंग्रेजी सेक्सी फिल्म पिक्चर! अच्छा बताओ किसी लड़की या औरत के साथ कभी किया है?मैं- नहीं।वो- खुद को शान्त कैसे करते हो?मैं थोड़ा झेंपते हुए- हिलाकर.

तुम लोगों का सेफ्टी के लिए…!नीलेश- अरे जाने दो, अन्ना बच्चे हैं मस्ती मजाक कर रहे हैं चलो हमारा यहाँ क्या काम. क्या रूई सी मुलायम गांड थी चाची की !ओइइ माँ…!” चाची के मुँह से हल्की चीख निकल गई और बोली- यह क्या कर रहा है लल्ला.

बैठो, रुको मैं लाती हूँ।मैं जाकर सोफे पर बैठ गया। भाभी चीनी लेने रसोई में गईं।मैंने सोचा इससे अच्छा मौका नहीं मिलेगा, आज तो इसे चोदना ही है।मैं उसके पीछे चल दिया और उसे पीछे से पकड़ कर उसकी गर्दन को चूमते हुए उसके चूचे दबाने लगा।वो चिल्लाते हुए घूमी और बोली- यह क्या बदतमीजी है??और एक जोरदार थप्पड़ मेरे गाल पर जड़ दिया।मैं डर गया और बोला- सॉरी भाभी मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई. मैं यही सोच रहा था कि रात को एक बार कोशिश तो जरूर करूँगा… यह अच्छा ही था कि सलोनी बैडरूम में रहेगी और मैं आसानी से मधु की बन्द चूत खोल पाऊँगा।मगर फिर एक डर भी सता रहा था कि अगर वो ज़ोर से चिल्ला दी तो क्या होगा !बहुत से विचार मेरे दिल में आ जा रहे थे… मैं बहुत सारी बातें सोच रहा था… कि मधु को ऐसे करके चोदूंगा, वैसे चोदूंगा. !मैंने कहा- कैसे?वो बोलीं- बस तेरी हरकतों से पता चल गया।मैंने कहा- दीदी आप बार-बार वो बात बोल कर मत चिड़ाइए.

दोनों टाँगें मैंने फैला दईं, अंग से अंग पर रस फैलायासाजन ने अपने कन्धों को, बाँहों के सहारे उठाय लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. फ़र्क इत्ना था कि गौहर ने जानबूझ कर स्कर्ट का वो हाल किया थ और अपने चूतड़ छिपाने का नाटक किया था पर यहाँ मधु की स्कर्ट अपने आप फ़टी थी पर वो खुद मुझे अपने चूतड़ दिखा रही थी. ! सच बताओ माजरा क्या है…!आरोही- ओह्ह कहा है तो हम कल से रेहान रेहान कर रहे हैं इसलिए गलती से उनका नाम ज़बान पर आ गया यार ! और रेहान कैसे सील तोड़ेगा हा मेरे बॉय-फ्रेंड के बाद आपने मुझे चोदा और आपके कहने पर मैंने रेहान के लिए ‘हाँ’ की उसका नम्बर तो बहुत बाद में आया था, लेकिन मज़ा बहुत दिया रेहान ने, यह मैं जरूर बोलूँगी…!राहुल- हाँ ये तो है.

संता आइने के सामने आँखें बंद करके खड़ा था।उसकी बीवी ने पूछा- अरे, यह क्या कर रहे हो?संता- मैं देखना चाह रहा हूँ कि मैं सोते समय कैसा दिखता हूँ।***संता- बचपन में मैं एक बार दूसरी मंजिल की छत से नीचे गिर गया था…बंता- फिर क्या हुआ? तुम मर गए थे या जिंदा बचे थे?संता- बहुत पुरानी बात है यार.

इमरानरोज़ी तुरंत केबिन से बाहर निकल गई !मगर हाँ केबिन का दरवाजा बंद करते हुए उसके चेहरे की मुस्कुराहट उसकी ख़ुशी को दर्शा रही थी।कुछ देर बाद नीलू भी अपने काम में लग गई।अब ऑफिस का कुछ काम भी करना था।दोपहर को लंच करने के बाद मैंने सलोनी को फोन लगाया…उधर से मधु की आवाज आई- कौन. आज तो मेरी जान… मेरी जी भर कर चुदाई कर दो…!बस मैंने सरिता को दोनों हाथों से उठाया और बेड पर पटक दिया और सरिता का होंठों पर चुंबन करने लगा। फिर दोनों मम्मों को हाथों से पकड़ कर बहुत जोर से मसला, उसके चूचुकों को मुँह में लेकर खूब चूसा।अब तो सरिता बहुत चुदासी हो गई और बोली- अभय मेरी जान, अब मेरी चूत चाटो न.

जीजाजी से बातें करते करते उन्होंने अपना पेटीकोट ऊपर उठाता और चूत सहलाने लगी… मेरी तरफ से दीदी की मांसल जांघें एकदम चमकती हुई दिख रही थी. ! मादरचोद नहीं मादरजात कपड़ा कहा, जिसका मतलब है कि जब माँ के पेट से निकले थे उस समय जो कपड़े पहने थे। उस कपड़े में आ जाइए !पेट का बच्चा और कपड़ा?”अरे बात वही है बच्चा नंगा पैदा होता है और उसी तरह आप भी नंगे हो जाओ, जैसे की तू खड़ी है मादरजात नंगी. फिर बाहर निकाल कर पूरा लण्ड नीचे से लेकर सुपारे तक जीभ से चाट जाती।मेरे मुँह से अपने आप कामुक सिसकारियाँ निकलने लगीं, आह-आह चूसो मेरी जान चूसो आह.

फिर मैंने अपना लंड मीनू के मुँह में दे डाला और उसे लंड को चूसने के लिए कहा। मीनू ज़ोरों से मेरा लंड चूसने लगी और बोली- अब से यह लंड मेरा. नहीं-नहीं आपसे तो बस दिल लग गया इसलिए… वरना मैं ऐसी नहीं हूँ।’‘एक मशवरा और है…’ अपनी जिस्मानी प्यास को बुझाने के खेल के बीच कहा था राशिद मियां ने- गरीबी जादू की छड़ी के घुमाने की तरह दूर हो जायेगी… हजारों-लाखों में खेलने लगोगी।‘वह क्या?’‘अपनी बहन नूर को धन्धे में उतार दो… मेरे यहाँ जो ठेकेदार आता है…’‘नरेन्द्र बाबू…?’‘हाँ…. !और आज तो लंड मेरे खुद के बिस्तर पर था, वो भी मुझे सोता हुआ समझ कर मुझ पर हाथ फेर चुका था।अगले दिन जब उठे उसने खुद को बदल लिया था। वो मुझे शरारत वाली नजर से देख रहा था। जब मैं नहा कर निकला उसने बड़ी शरारत से मुझे निहारा, वैसे एक बात कहूँ सनी.

छोटी लड़कियों की बीएफ पिक्चर सॉरी दोस्त भाग यहीं रोकना पड़ेगा। अब आगे का हाल तो अगले भाग में ही पता चलेगा, लेकिन आज का ट्विस्ट कैसा लगा? मज़ा आया ना. शायद इस मौक़े में बातों से कम और आँखों से ज़्यादा काम लिया जाना था तो ताबड़तोड़ चुराई का दौर चल पड़ा.

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!राहुल- ओके मैं अभी जाता हूँ और रेहान से बात करता हूँ।राहुल वहाँ से अपने रूम में आया और रेहान को फ़ोन करके ‘बहुत जरूरी काम है’ कह कर शाम को मिलने को बुलाया।रेहान से बात करने के बाद राहुल नंगा हो गया और अपने लंड को सहलाने लगा।राहुल- ओह माई स्वीट सिस्टर, तेरे मम्मे क्या कमाल के हैं, उफ. अब अपना छेद का नजारा करा दो जी हमारा नाग को अन्दर जाना माँगता जी…!आरोही बड़ी अदा से लंड को ‘पुच्छ’ की आवाज़ के साथ मुँह से बाहर निकाल कर सीधी लेट जाती है और घुटनों को मोड़ कर पूरी चूत खोल कर पैर फैला देती है।अन्ना- आह रामा रामा जी क्या नजारा होना. एक किरण ऊष्मा की जैसे, मेरे तन – मन में दौड़ गईमैंने भी उसके अंग को सखी, अपनी मुट्ठी में कैद कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

मैंने इस पर बहुत सी कहानियाँ पढ़ी, कुछ सच्ची थी और कुछ झूठी भी और इन कहानियों को पढ़कर न जाने कितनी मुठियाँ मैंने मारी हैं. माथा चूमा, आँखें चूमी, गालों पे कई चुम्बन दागेस्तनों को दांतों से भींचा, और प्यार की निशानी छाप दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. देहाती सेक्स वीडियो देहाती सेक्समैंने कहा- क्या?तो वो मेरी नियत समझ गई, पर वापस बोली- मुझे भी एक गिलास पानी दे दो। मैंने उसके लिए पानी का गिलास भरा और उसको दिया, जैसे ही उसने पानी का गिलास हाथ में लिया तौलिया उसी पल नीचे गिर गया और मेरी नजरें उसके मम्मों पर ठहर गईं।वो भी एकदम से घबरा गई और तौलिया उठाने नीचे झुकी।तो मैंने कहा- अब जो छुपा हुआ था वो तो दिख ही गया है.

तभी सुनील ने मेरी कमर पकड़ी और मुझे अपनी गोद में खींच लिया और बोला- आज तो देख ही लिया जाए, तुम आगे-पीछे, ऊपर-नीचे से कितनी अच्छी हो.

वो गाने के बोल सुन मुस्कुराने लग गई, मैं उसके करीब गया और उसकी गोद में मैंने अपना सर रख दिया, फिर उसकी तरफ देखने लगा, वो भी मेरी तरफ देख रही थी।काफी देर बाद उसने अपनी मीठी सी आवाज़ में कुछ कहा. !” जीजाजी मिन्नत करने वाले लहजे में बोले।कल बता दूँगी, मैं कोई भागी तो जा नहीं रही हूँ… अच्छा तो अब चलती हूँ।”फिर कब मिलोगी?”आधी रात के बाद… टा… टा… बाइ… बाइ…!”सुबह जब चमेली ने मुझे जगाया तो 7 बज चुके थे।चमेली मुस्कराते हुए बोली- तुम्हारी और जीजाजी की चाय लाई हूँ, लगता है जीजाजी से बहुत रात तक खाट-कबड्डी खेली हो।हाँ रे.

!भाभी हँस पड़ी, कभी सुना है कि किसी रंडी ने चुदवाई के पैसे दिए हों?”मैंने उसको बताया कि मैंने एक रंडा हूँ. लोग प्यार में इससे ज्यादा कब मिलते हैं !मैंने कहा- शायरी तो कवि के मन का दर्पण होती है, वो अपने दिल की बात ही अपनी कविताओं में लिखता है…तो सुजाता बोली-. सम्पादक : इमरानमस्ती भरी रात का पूरा मजा आ रहा था… सलोनी तो मस्ती कर ही रही थी… उसके चेहरे से लग रहा था कि वो हल्के नशे में है और वहाँ का माहौल उसको कुछ ज्यादा ही नशीला बना रहा था…इस तरह खुले में इतने लोगों के बीच सेक्स का मजा करने का यह मेरा तो पहला ही अनुभव था.

तुम्हारे लिए नाश्ता वगैरह भी बनाना है।पर मेरा ध्यान तो उसकी चुदाई करने में लगा हुआ था।मैं उसकी बात को अनसुना करते हुए लगातार उसके चूचों को दबा रहा था और बीच-बीच में उसके टिप्पों को मसल भी देता.

निचले वस्त्र अभी भी अपनी जगह पर थे, मैंने उन्हें बदन से अलग किया और चूमते हुए उसके योनिद्वार तक पहुँच गया. वो अब भी बेसुध लेटा हुआ था मैंने हिम्मत करके उसकी पैन्ट का हुक खोला और लौड़ा बाहर निकाला।अरे यार तुझे क्या बताऊँ. सन्ता- बाल कटवाने? ऑफिस में काम के समय में?इरफ़ान- जी सर !सन्ता- लेकिन क्यों? काम के वक्त में क्यों?इरफ़ान- मेरे ऑफिस में ही बढ़ते हैं.

हैप्पी लकी कार्टून!”फिर हम दोनों एक साथ झड़ गए।फिर तो मैंने भाभी को कई बार और कई तरीकों से चोदा और उस दिन के बाद से यह चुदाई अभी जारी है।मुझे पता है कि भाभी के और भी कई यार हैं, जिनसे वो चुदवाती हैं, पर मेरी जगह उनकी ज़िन्दगी में एक ख़ास मुकाम रखती है।अब नेहा यानि मैं सच कहूँ आज चुदाई में मज़ा बहुत आया, पर दिल कर रहा था अभी कुछ और भी हो. आपको कैसे पता आ वो आ रहे है…!तभी दरवाजे पर दस्तक हुई।रेहान ने बेड के करीब आकर कहा- बस दो मिनट रूको, सब बाद में बताऊँगा.

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!फिर मैंने उसके निप्पल को पहले प्यार से दबाया, फिर मैं उन्हें जोर से दबाने लगा। उससे भी शायद बर्दाश्त नहीं हो रहा था और मुझसे भी नहीं. !जूही बड़े प्यार से आरोही के मम्मे चूस रही थी और आरोही उसकी गाण्ड को दबा रही थी।आरोही- तुम लेट जाओ, मैं तुम्हारी चूत में उंगली डालती हूँ, मज़ा आएगा।जूही- ओके दीदी, वैसे भी चूत में कुछ हो रहा है. !राहुल- ओके तुम्हें जो अच्छी लगे, वो ले लो और जूही के लिए भी ले लेना, मैं थोड़ा उस तरफ अपने लिए कुछ देखता हूँ। तुम्हें जो लेना है ले लो ओके.

मैंने आपको दिखा दिया, अब मैं कपड़े पहन कर आ रही हूँ।राहुल- क्यों वो रेड, पिंक और ब्राउन भी तो हैं वो भी पहन कर दिखाओ न. मैंने हिसाब लगा लिया कि एक घंटे में मैं दीदी को चुदवाने के लिए राज़ी कर लूँगा और फिर 4 घंटे तबियत से चोदूँगा इस लंगड़ी कुंवारी घोड़ी को. ऐसा क्या कह दिया आरोही को कि वो सच में नंगी मेरे सामने आ गई…!रेहान- अब तुमको आम खाने हैं या पेड़ गिनने हैं…!राहुल- मुझे तो आम ही खाने हैं पर मेरा नसीब खराब है वो भी नहीं खा पाया मैं तो…!रेहान- क्यों क्या हुआ.

मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और प्यार की शुरूआत सेक्स से ही होती है।फिर मैंने उसके सर पर हाथ रख कर कसम खाई- यार मैं कहाँ तुमसे धोखा करने जा रहा हूँ’. !दस मिनट तक आरोही लौड़े को चूसती रही और आख़िर अन्ना ने उसके मुँह में ही पानी छोड़ दिया।आखिरी पलों में अन्ना ने आरोही का सर पकड़ कर लौड़ा पूरा मुँह में फँसा दिया, जिससे पूरा पानी उसको पीना पड़ा।अन्ना पूरा शान्त हो गया, तब ही उसने लौड़ा बाहर निकाला।अन्ना- आ…हह. साजन अब थोड़ा और बढ़े, चुम्बन नाभि तक जा पहुँचेनाभि के नीचे भी चुम्बन, मोरा अंग-अंग थर्राय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

पर प्लीज़ बताओ न…रेहान- तुम तो फेल हो गए हो, अब मुझे मौका दो मैं उसकी ठुकाई करता हूँ…!राहुल- तो कर लो ना यार. पुन्नू कितना क्यूट है!दूसरा लड़का- बहुत प्याला डॉगू है!तीसरा- हाय, काश हम कुत्ते होते……पप्पू ने अपने कुत्ते के साथ अपना फोटो अपलोड किया, लिखा… यह है मेरा डॉग मुन्नू.

!आरोही- अब बस भी करो, इस ज़िद-बहस का कोई फायदा नहीं है। तुम चोदना चाहते थे और मैं चुदाना… तो रेहान ने क्या गलत कर दिया.

कण्डोम नाल लै के जा रई ऐ!***बन्ता अपनी पत्नी जीतो को- आज फ़ैसला हो के रये गा! बता मैंनू के तूँ किहदे किहदे नाल सोन्नी ऐ!जीतो- कसम लै लओ जी मैं सिर्फ़ तुहाडे नाल ई सोन्नी आँ!. 1-5 साल के बच्चों की कारचाची को शाम को वापस आना पड़ा, वो हमारे घर आके मेरी माँ से बोली- कबीर को आज और कल रात को सोने के लिए भेज देना. एचडी अंग्रेजी सेक्सी फिल्मनतीजतन मेरा शरीर बहुत मस्त था। मेरी हाइट 5 फीट 10 इंच उसी समय हो गई थी। मेरा सीना तब 36 इंच था, अभी 42 है।हाँ … तो अब मैं नीलम के बारे में बताता हूँ. मैंने उस पर गुस्सा करना शुरू किया तो उसने कहा- मैं नहीं करुँगी पर कोई और है जो तुम्हारे साथ रहेगी!तभी वो एक लड़की को अंदर से लाई.

नीलू मेरे लण्ड को ऊपर नीचे खींचती, उसके टॉप को लोलीपोप की तरह चूसती, लण्ड को ऊपर उठाकर गोलियों को मुँह में ले लेती, पूरे लण्ड को चाटती.

स्वीमिंग के समय में भी तो सिर्फ़ अंडरवियर में तुम्हारे सामने होता हूँ और तुम भी तो स्विम सूट में मेरे सामने आती हो. भाभी के मुँह से ‘उम्म्म्हह्ह उम्म्म्हह्ह’ की आवाज़ आने लगी और थोड़ी देर के बाद मेरे लण्ड से गरम-गरम लावे की तरह पानी निकलने लगा, जिसे भाभी बड़े शौक से पी गई और अपनी जुबान से सारा लण्ड साफ़ कर दिया. !!!”यह आह मेरी थी जो योगेश का लण्ड घुसने से निकली थी। मैं अब तक कई बार योगेश से चुद चुका था, लेकिन अभी भी जब उसका लण्ड घुसता था, मेरी दर्द के मारे आह निकल जाती थी। वैसे उसका लण्ड था भी खूब मोटा और गदराया हुआ।योगेश ने अपना पूरा लण्ड मेरी गांड में पेल दिया था और हिलाने लगा था।अब आहें लेने की बारी मेरी थी, अह्ह्ह्ह ….

सलमा उस्ताद छोटूमल साब के पास गई, उस्ताद जी ने सलमा का हाथ देख कर बताया कि इस जन्म में तो उसे कोई मर्द नहीं मिलने वाला … लेकिन उसके अगले जन्म में दुनिया के सारे मर्द उसके कदमों में बिछे बिछे जायेंगे !सलमा यह सुन कर बहुत खुश हुई. एकदम पतली सी कमर… उनकी फिगर थी 34-30-37लेकिन उनके उभारों में बहुत सेक्सी उफ़ान आ चुका था… ख़ासतौर से कूल्हों में. और आरोही से जब मेरा मन भर जाएगा तो इसे इतनी भयंकर मौत दूँगा कि इसकी रूह भी कांप जाएगी…!रेहान- क्यों साहिल सिमी सिर्फ़ तुम्हारी थी मेरी कुछ नहीं थी क्या.

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फ़च फ़च की आवाज़ से कमरा गूँज रहा था।सच बताऊँ तो यह नज़ारा देख और इशरत की कामुक चीखें सुन मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया लेकिन फिर जब महसूस हुआ कि यह मेरी बीवी है. !लंड भाभी की चूत के बाहर खड़ा है, चोदना मुझे भी है और चुदना भाभी भी चाह रही है, पर मुझे लगा अभी जल्दी है थोडा फोरप्ले और होना चाहिए।अब मैंने उनको अपने बांहों में उठा लिया और ले जाकर बेड पर लिटा दिया और उन्हें चूमने लगा।वो बोलीं- चूमा-चाटी में ही टाइम ख़राब करोगे या कुछ आगे भी करोगे?मैं उनके दोनों स्तनों के चूचकों को चूसने लगा था और वो जोर-जोर से, आह…हह. तभी मैंने वैक्यूम क्लीनर लगाया और उससे अपने निप्पल चुसवाए।बड़ा मजा आया पर मैं जो रेखा के साथ करना चाहता था वही आज मैं अपने साथ कर रहा था… मैंने चिमटा लेकर वो निप्पल पार लगाया उससे उनको खींचा, ऐसा लगा कि रेखा के ही निप्पल मैं खींच रहा हूँ।मैंने और मजा करने की ठान ली… अब मैंने एक मोमबत्ती ली… उसे जला दिया… उसे एकदम से बुझा कर झट से अपने निप्पल पर लगा दिया.

ओह शायद एक रह गया… कोई बात नहीं अगले पार्ट में बता दूँगी। वैसे मैंने स्टोरी को दोबारा सैट किया है क्योंकिमार-काट यहाँ नहीं लिख सकती हूँ इसलिए प्यार से काम निपटा दिया ओके… अब ज़्यादा बात नहीं करूँगी, जल्दी से मेरी आईडी[emailprotected]पर बताओ आज का पार्ट कैसा लगा।.

!मैं हतप्रभ था।मामी ने कहा- अब तो मत शर्माओ !मैंने कहा- ठीक है मामी जी !मेरे तो दिल फिल्म का वो गाना चलने लगा:तूने मारी एंट्रियां रे.

मगर मधु का जिस्म अभी बिल्कुल दर्द सहने का आदि नहीं था… वो खुद उसे हटा देती थी…शायद उसको हल्के सी भी दर्द का अंदाजा नहीं था… उसको केवल आनन्द चाहिए था. !’ उनके मुँह से सिस्कारी निकली। उन्होंने अपनी गान्ड को अन्दर भींचा मेरी उंगली अन्दर की तरफ़ चली गई। मैं उंगली को अन्दर-बाहर करने लगा। उनको मज़ा आने लगा था। फिर उन्होंने भी मेरा लण्ड अपने मुँह में ले लिया। मैं डर गया. नेपाली सेक्स कॉमकॉम का बहुत पुराना पाठक हूँ, काफ़ी समय से सोच रहा था कि अपनी कहानी लिखूँ पर आज मौका मिल रहा है…बात उस समय की है जब मैं बी.

मुझे पता नहीं कब साजन ने, अपनी ऊँगली बाहर कर लीऔर ऊँगली के स्थान सखी, दस अंगुल की मस्ती भर दीबेसब्र बिखरते यौवन में, अपने अंग को पूर्ण विस्तार दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. उसके मम्मे देख कर मुझसे रहा नहीं जा रहा था और मैं वहाँ से हटकर बाहर की तरफ आ गया। मैंने क्लिनिक को अन्दर से बंद कर दिया और उसका बाहर आने का इन्तजार करने लगा. और आगे 5 मिनट के ज़बरदस्त धक्कों के बाद ‘ आइ अम कमिंग… आआहह… आअहह… आअहह… !!!’ करते मैंने हथियार डाल दिए… और निढाल होकर उसकी पीठ पर गिर गया और पता नहीं हम कब सो गये.

हम निश्चल से आपस में लिपटे, उस पल के बारे में सोच रहेजिस पल में अपना सब खोकर, एक दूजे का सब पाय लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. मैंने नजरें ऊपर उठाईं तो दोनों एक-दूसरे के होंठों को बुरी तरह से चूस रहे थे।उनकी जीभ एक-दूसरे से लिपट रही थी आशीष का एक हाथ मेरे सर को आगे-पीछे कर रहा था और दूसरा अंकिता की चूचियों के साथ खेल रहा था।मैं किसी डर की वजह से आशीष का लण्ड बिना रुके चूसे जा रही थी और उधर अंकिता की तौलिया भी निकल गई थी।अभी रूचि की बात चल ही रही थी कि तभी खाना आ गया और मैंने रूचि को रुकने का इशारा किया.

मैं फ्रेश हो जाता हूँ। वो डायरेक्टर आता ही होगा।आरोही- मुझे भी तो तैयार होना है और मेरी चूत में बहुत दर्द है, मैं ठीक से चल भी नहीं पा रही हूँ.

क्या हुआ…!सचिन- वो दोनों तुम्हारे रूम की ओर आ रहे हैं।रेहान- ओके बाय।रेहान ने पास पड़ा तौलिया लपेट लिया।रेहान- जान, राहुल और आरोही आ रहे है तेरा हाल-चाल पूछने उन्हें वापस भेज देना ओके. जीजाजी चोद दो… और ज़ोर से … और ज़ोर से… मुझे भी आने देना आज बहुत दिनों की प्यसस्स्स्स्सस्स बुझीईईईई गीईईई अब आ जाओ दीदी के चोदू-सनम …ओह माआअ मैं गइईई…!”जीजाजी के अन्दर उबाल पहले से ही उठ रहा था, जो बाहर आने को बेचैन था। थोड़ी देर मे दोनों साथ-साथ खलास हो गए।थोड़ी देर चमेली के शरीर पर पड़े रहने के बाद जब जीजाजी उठे।तो मैं चमेली से बोली- गर्मी शांत हो गई. !”फिर हम सब हँस पड़े।मैंने चमेली से कहा- चलो नीचे गैरेज का ताला खोलो, कार कई दिनों से निकली नहीं है साफ कर देना और मम्मी जो दे उसे रख देना, मेरा एक बैग मेरे कमरे से ले लेना, पर उसे मम्मी ना देख पाएं।”जीजाजी बोले- अरे उसमें ऐसी क्या चीज़ है.

తెలుగు sex !मैंने भारती को चोदना जारी रखा, वो खूब मजे ले-ले कर मुझसे चुदवाती रही। लगभग एक घंटे तक चोदने के बाद मैं भारती की चूत में ही झड़ गया।इस दौरान वो 4 बार और झड़ चुकी थी।भारती की चूत में पूरा पानी निकालने के बाद मैं हट गया। भारती ने इस बार मेरा लंड अपनी जीभ से चाट-चाट कर साफ किया, साबुन से नहीं. !और मैं फिर से पागलों की तरह चूमने लगा और मैं इतनी तेज़ उसे पकड़े हुए था कि उसके पूरे खरबूजों का मज़ा आ रहा था।वो बोली- ठीक है रात को आऊँगी लेकिन अभी जाने दो.

निकाह के दिन करीब आ गए, मेहंदी की रात मेरे हाथों में मेहंदी लगी हुई थी, रात को फिर मैं बाथरूम में गई और चाचू पहले से बाथरूम में ही थे. आपको कितनी मेमोरी चाहिए…भट्टी जी हाथ के इशारे से कहते हैं- कि इतनी बड़ी हो जाए ! वैसे आप कितने किलो के हिसाब से देती हैं…?सेल्सगर्ल- सर, आप लैपटॉप खरीदने आए हैं या तरबूज…भट्टी जी नाराज हो जाते हैं।सेल्सगर्ल- सॉरी सर, वैसे आपको कैसा लैपटॉप चाहिए?भट्टी- सस्ता और टिकाऊ जो मेरी कपड़ों से मैच करता हो…इतना सुनते ही सेल्सगर्ल दुकान बंद कर भाग गई…!!!. ! ये क्यों जा रहा है? ऐसी क्या बात हुई तुम दोनों के बीच… हाँ…!अन्ना- नहीं साहिल जी प्लीज़ इसको कुछ मत पूछो, मैं आपसे वादा करता हूँ समय आने पर खुद आपको बताएगा जी… अभी मैं जाता और जूही तुमको तुम्हारी माँ का कसम जी किसी को कुछ मत बताना जी.

தமிழ் செஸ் விடீயோ

चूत ने भी अपनी अपना रस छोड़ दिया।सकहानी जारी रहेगी।अपने विचार लिखें या मुझसे फेसबुक पर जुड़ें।[emailprotected]. मैं भाभी को बांहों में लेकर चूमने लगा और पूछा- क्या तुम्हारा देवर चुदाई के लायक है?भाभी ने भी मुझे अपने बाहुपाश में जकड़ लिया- हाँ जी है !यह मेरा और भाभी का मस्त चुदाई वाल प्रकरण था जो आपके सामने रख दिया अब आप ही इसका ‘आलू-चना’ (आलोचना) करो और प्लीज़ मुझे जरूर लिखना ![emailprotected]. ऐसे जिस्म की नुमाइस करेगी तो लौड़ा तो फुंफकार ही मारेगा ना…सोनू- ले आओ साली को बिस्तर पर बहुत हंस रही है.

पूरा पेल दो अपना लौड़ा …! आज इसे कुतिया की तरह बुर से निकलने नहीं दूँगी… लोग आयेंगे और देखेंगे कि जीजा का लौड़ा साली की बुर में फँसा है… जीजा … अच्छा बताओ… अगर ऐसा होता तो क्या आप मुझे चोद पाते…!” मैं थोड़ा बहकने लगी।जीजू मस्त हो रहे थे बोले- चुदाई करते समय आगे की बात कौन सोचता है. तरण-ताल के जल में सखी, हमरे अंग के रंग विलीन हुएजल में चिकने होकर हमने, उत्तेजना के नए-नए शिखर छुए,मैंने मुट्ठी से अंग के संग, साजन को भाव-विभोर किया.

मुझे लगता है कि दिल्ली में अन्तरवासना को पढ़ने वाली लड़कियाँ कम है क्योंकि दिल्ली की एक भी लड़की ने मुझे मेल नहीं किया इसलिए आप सब लड़कियाँ जो अन्तरवासना पढ़ती हैं, वे दिल्ली की लड़कियों को अन्तरवासना पढ़ने की सलाह दें.

नीलू भी यही चाह रही थी और वो मेरे लिंग को मुँह में लेकर चूसने लगी और मैंने उसके मुँह में ही अपना वीर्य गिरा दिया और मुझे अचरज हुआ देख कर कि उसने वीर्य को इतने कायदे से पिया कि एक बूँद बाहर नहीं आई और मेरे लिंग को निचोड़ कर सारा वीर्य पी गई और फिर मुझे छोड़ दिया, बोली- जाओ, आराम कर लो. मज़ा आ जाएगा…!आरोही- नहीं इतना सब मुझसे नहीं होगा, मैं उसको ले आऊँगी, बाकी काम तुमको ही करना है ओके…!अंकित- ओके हो जाएगा 20000 लगेंगे और कब करना है कहाँ लाओगी उसको?आरोही- जगह का भी तुम ही बताओ?संजू- मेरे अंकल के घर में ले आना, वहाँ कोई नहीं है सब कुछ दिनों के लिए गाँव गए हैं।आरोही- ओके कहाँ है, पता बता दो मुझे? कल सुबह ही उसको ले आती हूँ नींद की गोली तुम ले आना ओके. मैं आपको बता दूँ कि मेरी चाची बहुत ही मस्त मिज़ाज़ की औरत है और मुझे बहुत पसन्द करती है जबसे मैं छोटा था.

! मैं सोच भी नहीं सकता।रेहान- चुप बहनचोद मैं अपनी जान का बदला लेने के लिए तुम लोगों के साथ खेल रहा हूँ. कुत्ते मेरे गाण्ड में उंगली घुसा साले !क्या क्या नहीं बोल रही थी साली रंडी…करीब 15 मिनट के बाद उसका पानी आ गया तो फच फच की आवाजें आने लगी और मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने कहा- कहाँ निकालूँ अपना पानी बोल मेरी रानी !तो उसने कहा- बाहर निकल दे !तो मैंने उसकी चूत के ऊपर अपना मुठ गिरा दिया. !वो हॅंसने लगी।मैंने एक हाथ से उसके सपाट पेट पर हाथ सहलाना शुरू किया और वही हाथ चूची पर ले गया और दबाने लगा। उसकी योनि चाटना शुरू किया।उसकी योनि से खूब गीला और चिकना पानी रिसने लगा।वो जोर-जोर से आवाजें करने लगी, आंह ऊँह आह मत करो ये.

मेरे से रहा नहीं गया, मैंने उसके स्तन को मुँह में लिया और चूसने की कोशिश करने लगा। तो वो बोली- मादरचोद क्या क्या करेगा? मैंने कहा- रुक गांड की छल्ली ! तुझे तो मैं चोद चोद के फाड़ दूंगा !इतनी गोरी थी साली कि पूरा बदन लाल हो गया था मां की लौड़ी का…मन कर रहा था उसके गोरे जिस्म को कच्चा चबा जाऊँ.

छोटी लड़कियों की बीएफ पिक्चर: !उसने कहा- ऋतु जैसा तुम्हें अच्छा लगे।और वो मेरी चू्चियां चूसने लगा, अब मैं जन्नत में थी, और फिर थोड़ी देर बाद मैं उसे अपनी चूत में लोड़ा घुसाने को कहा और काफ़ी देर बाद मेरा भी पानी टपक गया और उसका भी. अगले दिन मैं लाइबरेरी में बैठा असैन्मेंट्स लिख रहा था तो झलक आई और मेरी जांघों पर हाथ रख कर पढ़ाई की बातें करने लगी। अब वो 2-3 दिनों से यही कर रही थी, रोज मेरी जांघों या गाल पर हाथ फेरती या कभी चुपके से अपने बूब्स मेरे कंधों से छुआ देती।मैंने बोला- बस करो यार, हम दोनों में दोस्ती से बढ़कर कुछ हो जायेगा !तो वह हंस दी और मैं भी समझ गया, आखिर जवानी कब तक काबू में रहती.

डिलीवरी से पहले डॉक्टर ने गर्भवती औरत से पूछा- क्या आप डिलीवरी के वक़्त बच्चे के बाप को अपने पास देखना चाहती हैं?औरत- नहीं नहीं बिल्कुल नहीं…उन पर पहले ही मेरे पति बहुत शक करते हैं…!!!. असली में दर्द हो रहा था…!आरोही- मेरी भोली बहना… तुम समझी नहीं… जब चूत में लौड़ा जाएगा तब होगा असली दर्द…!जूही- अच्छा तुमको कैसे पता. शहजादा सलीम- हमारी अम्मी, अब्बू हमसे इतना प्यार करती थी कि हमें सुलाने के लिए वो सारी रात जागते रहते थे और फिर भी हम नहीं सोते थे….

” निकलने लगीं।राज ने फिर 69 को पोजीशन बना कर मेरी बुर चूसने लगा और मैं उसका लण्ड चूसने लगी।फिर मुझ बेचैनी हुई और उसका सर अपने बुर पर दबाने लगी और बोली- अब बर्दास्त नहीं हो रहा है राज, कुछ करो.

!दीदी आप चूमने को कहती हैं, कहिए तो मुँह में लेकर झड़ा दूँ?”हम सब फिर हँस पड़े।चमेली और मैंने दरबार के नियम के अनुसार कामिनी की तरह लण्ड को चूम कर अभिवादन किया, फिर जीजाजी ने कामिनी की चूचियों को चूमा।मैंने कहा- फाउल. यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।और मैंने वक़्त ना ज़ाया करते उसके चूत पर अपने लण्ड का सुपारा रगड़ते हुए लंड अंदर घुसा दिया। पहले भी वो चुद चुकी थी तो लंड अंदर तक घुसता गया…‘हाय आआआहह… आआआअहह आहह आआआअहह’ की आवाज हुई और चूत लंड के मिलाप की आवाज़ सारे कमरे में गूंजने लगी. ‘चलो, मैं तुम्हें रूम पर छोड़ देती हूँ, जाते जाते डिनर भी कर लेंगे… !!!’ तनीशा ने कहा…उस पर मैं बोला,’ डिनर तो करते है मेरी जान.