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पता नहीं वो किस मिट्टी का बना हुआ था, मेरे साथ सोते हुए भी मुझे हाथ भी नहीं लगाता था. नहाती हुई सेक्सीमैं पहले अपनी कॉलेज लाइफ में एक दो सेक्स का मज़ा ले चुकी थी, मतलब मेरी सील टूट चुकी थी.

कहानी कैसी लगी मुझे मेल करके बतायें। मेरा मेल आई डी है[emailprotected]. हिंदुस्तानी लड़कीफिर उन्होंने मुझे अपनी तरफ को किया और बोले कि मुझे तुम बहुत अच्छा लगते हो और मैं तुम्हें प्यार करना चाहता हूँ.

मैंने उसे सोफे के किनारे पर खड़ा करके आगे की ओर झुकाया और अपना लंड एक ही झटके में उसकी चूत में उतार दिया.बीएफ दीजिए बीएफ दीजिए: चाची बैठ गईं और अपने दोनों पैरों को मेरे कमर के दोनों बगल से पीछे कर लिए.

हिमानी की मम्मी कहने लगी- फिर तो ये मेरे भी देवर ही हुए, इनसे कहो मुझे आंटी की बजाये भाभी ही कहें.यूं भी लोग सेक्स में अलग अलग एक्सपेरिमेंट्स करने को उत्सुक रहते हैं.

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बस मैंने फांकों में सुपारा फंसाया और उसके ऊपर झुकते हुए उसके होंठों को अपने होंठों में दबा लिया.अरे अच्छे से अच्छा ही दिलवाएंगे तुझे, मेरे कहने का मतलब तेरे फोन में तुझे क्या क्या देखना है?” ऐसा कहते हुए मैंने अपने हाथ की उँगलियों से उसकी पीठ पर हारमोनियम सी बजाई.

बारिश की वजह से मेरा शर्ट गीला हो गया था तो बॉडी से चिपक गया था और वो और ज्यादा मजे से हाथ से सहला रही थी और मेरे गालों को चूम रही थी. बीएफ दीजिए बीएफ दीजिए उधर से उन्होंने बोला- ठीक है तो 3 बजे तुम दोनों बाहर आजो, मैं तुम्हें शॉपिंग के लिए ले जाऊंगा.

फिर उन्होंने एक दो झटके मारे और सारा वीर्य मेरे गाले में उतार दिया, जो सीधे अन्दर तक चला गया.

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थोड़ी देर आराम करने के बाद हम दोनों नहाये और ऐसे ही बिना कपड़े के पड़े रहे. विक्रम अपना मुँह शीतल के चूत से अलग करता है और फिर अपना मुँह पौंछते हुए बोला- ठीक है माँ… चलो. मित्रो, आपने मेरी पिछली सेक्स कहानीदोस्त की कामुकता भरी बीवी ने मुझसे चुत चुदाईपढ़ी.

ये सब उसने अकेली प्लान किया था और उसने सारी बात अपने परिवार में किसी को भी बताई नहीं थी. उन्होंने पूछा- क्या मैं तेरे लंड को प्यार सकता हूँ?मैंने हां में सिर हिला दिया. उनका हमारे घर से बहुत अच्छा व्यवहार है और हम लोग तकरीबन रोज मिलते हैं.

ब्लाउज बीच में से थोड़ा सा कटा हुआ था, जिसमें से उसके बड़े बड़े मम्मों की थोड़ी सी झलक दिख रही थी. हम दोनों बस सब कुछ प्यार प्यार और बस प्यार के मजे में खो से गए थे, जब मैं सुबह उठा तो वो नंगी मेरे ऊपर हाथ रखकर सो रही थी. मैचिंग कलर का ब्लाउज नुमा टॉप, जो उसकी नाभि के थोड़ा सा ऊपर तक आ रहा था और उसके ऊपर ब्लैक जैकेट.

तब वो बोलीं- तुम सुरेश नहीं हो?तब मैंने अपनी जेब से अपना बटुआ निकाला और बटुए से कॉलेज आईडी दिखाकर बोला- लो देखो और तसल्ली पाओ. बस तुम हां में हां मिलाते रहना, बाकी सब मुझ पर छोड़ दो।शाम को खाने के बाद हम चारों बात करने के लिए छत पर इकट्ठे हुए। खुशगवार मौसम था, ठंडी हवा चल रही थी।सीमा -अब बता भी दीजिए कि बाबा ने क्या कहा था हम दोनों सोच सोच कर बहुत परेशान हो रही हैं.

मैंने जब अपनी आंखें नहीं खोली और कोई हरकत नहीं की तो मुझसे बोली- मेरे जानू, नाराज हो क्या?मैं कुछ नहीं बोला तो उसने अपने पहने हुए सारे कपड़े निकाल दिए और मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी और बोली- अब मैं देखती हूँ कि तुम्हारी नाराजगी कब तक रहती है? आज तुम्हारे सभी गिले-शिकवे दूर कर दूंगी.

थोड़ी देर आराम करने के बाद हम दोनों नहाये और ऐसे ही बिना कपड़े के पड़े रहे.

उसे कपड़े वापस पहनने पड़े और वह नाईट बल्ब बुझाती हुई बाहर निकल गयी।करीब पंद्रह मिनट बाद वह लौटी और दरवाजा बंद कर के मेरे पास आ कर कपड़े उतारने लगी।अब चाहे नाइट बल्ब जला लो या पूरी रोशनी कर लो. इस तरह से चुसाई करने में ऐसे लगता है, जैसे दोनों लोग कोई रसीली चीज को चूस रहे हैं. उनके साथ इतना अधिक घरोबा सा है, मतलब सारे त्योहार साथ में मनाना, आए दिन एक दूसरे के घर के कार्यक्रमों में शामिल होना.

सुबह हुई तो पायल मुझसे शर्मा रही थी, वो मुझे चाय देने आई, तो मैंने उसको अपनी ओर खींच लिया. मैं कल ही किसी वकील से मिल कर इसे गोद लेने की पूरी क़ानूनी करर्वाही करती हूँ. मगर वो बार बार मुझसे बातें करने की कोशिश करते हुए मुझे अपनी ओर देखने को बोल रही थीं.

इससे उनकी गांड मेरे लंड पे रगड़ रही थी, जिस वजह से मेरा लंड अपना आकार ले रहा था.

सुनील ने उसे ड्रिंक ऑफर की लेकिन उसने ‘मैं नहीं पीती…’ बोल के टाल दिया. अब भाभी की हरकतें, जैसे उन्हें मेरी तरफ आकर्षित होना देखकर मुझे लगने लगा था कि उनको भी मेरी ज़रूरत महसूस होती होगी. अगर आप कहें तो मैं इसे आज ही अपने साथ ले जाऊं, किसी मंदिर में ले जा कर अपने लड़के की शादी करवा दूँ.

फिर एक बड़ी सी आह भरते हुए उसने कहा कि उसकी जमीन अभी भी सूखी है, अभी तक चुदाई का मौका नहीं मिल पाया है. राज अंकल बोले- यार इसे उधर कहीं ले चलें? क्या है कि यहाँ बहुत लोग सो रहे हैं, किसी ने देख लिया तो गड़बड़ हो जाएगी, इसलिए यहाँ ठीक नहीं है. कुछ ही देर में मुझसे रहा नहीं गया, तो मैंने मुस्कान को लेटा दिया और उसकी टांगों के बीच में बैठ गया.

मैं साइड में खड़ा था तो पूजा ने छलनी में से पहले चांद को देखा फिर मुझे देखा और फिर चांद की आरती की फिर मेरी आरती की.

सच बताओ बहुत बार ऐसा ही होता है ना?हम सिर्फ किसी की याद करके आहें भरेंगे और मुठ मारेंगे, शादीशुदा हो, या गर्लफ्रेंड होगी तो हमें जिसके साथ सेक्स करना है, उसे सोच कर उसके साथ सेक्स कर लो. ऐसे ही कुछ दिन बीत गए और फिर एक दिन मेरे मामा के घर से फ़ोन आया कि उनके लड़के की शादी तय हो गयी है और दो दिन बाद सगाई का कार्यक्रम है, तो सबको आना है.

बीएफ दीजिए बीएफ दीजिए इसके बाद थोड़ी देर तक हमने बातें की, लेकिन बातें करते समय वो बोल रही थी और सांसें ले रही थी, तो उसके मम्मे ऊपर नीचे हो रहे थे. मैंने भी भाभी को तड़पाना सही नहीं समझा और अपनी पैन्ट खोल कर नीचे कर दिया.

बीएफ दीजिए बीएफ दीजिए वो मेरे बदन को सहलाते निहारते रहे और मैं उनके बदन की सख्ती को स्पर्श करती रही. मैं उसकी नीले रंग की प्रिंटेड पैंटी के ऊपर से उसकी योनि को सहलाने लगा.

ऑटो में हम साथ साथ ही बैठते थे और अपने पैरों के ऊपर बैग रख लेते थे.

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उधर तारा भी रुकने का नाम नहीं ले रही थी, उसने तो जैसे मुनीर की योनि से मुँह ही चिपका लिया था और ऐसे चाट रही थी जैसे पूरी योनि को खा ही जाएगी. और एक झटके में उसने मेरी पेण्ट चड्डी सहित उतार दी और मेरा लौड़ा चूसने लगी. कुछ देर के बाद दोनों कपड़े पहनने लगे और मैं दबे पांव अपने बिस्तर पर चला गया.

चाचा जी बोले- वाह रे मेरी बहू रानी, तेरी तो गांड तो और भी कमाल की है. तब भी समय निकाला और आज मैं अपनी सच्ची बॉडी से बॉडी मसाज सेक्स कहानी लेकर आप सबके समक्ष उपस्थित हो रहा हूं. मैं जोर से धक्का मारता गया और अचानक मेरे लंड ने अन्दर उल्टी कर दी और हम दोनों एक दूसरे पर ढेर हो गए.

मेरी शादी हुई थी, तब मैं सत्ताइस साल का था और मेरी बीवी मुझसे तीन साल बड़ी तीस की थी.

उसने कहा- बहुत तरसाया है तुमने मुझे, जब भी मैंने तुम्हें ज़रा सा हाथ लगाने की कोशिश की. जैसे ही मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर लाकर रखा, वो तो पागल हो गई और उसने अपनी चुत खोल दी. तारा और मैं बातें करते हुए दरवाजे तक पहुंचे, दरवाजा खटखटाया तो मेरी दिल की धड़कन दोगुनी हो गयी.

ये महक सुपारे की थी, जोकि मेरी नाक में घुसने लगी और मैं कुछ मस्त हो गयी. उनके घर पहुँचते ही उन्होंने मुख्य द्वार बंद कर दिया और बोलीं- आज जैसी चाहो, होली मना सकते हो. वे अपने एक हाथ से अपनी एक चूची को मसल रही थीं और दूसरे हाथ से चूत में लम्बा वाला बैंगन डाल रही थीं.

अदिति बेटा, जब तेरे अंकल खुद तेरी चुदाई का इंतजाम कर के गये हैं तो उनका मान तो रखना ही पड़ेगा … आखिर सगे चाचा जी है तेरे!”अब रहने भी दो पापा, सोचो कि बिल्ली के भाग्य से छींका टूट गया वर्ना इस बंजारिन को छूने के ही ख्वाब देखते रह जाते!” बहू थोड़ा इठला के बोलीहां हां चल ठीक है …चलो चलें सामान वाले रूम में. और इस तरह हमें छोटी-छोटी बातें करते हुए रात के लगभग 9:00 बज गए कि तभी पड़ोसन ने आवाज दी- बहन जी, चांद निकल आया है, अपनी पूजा पाठ कर लो.

पेट पे गहरी नाभि … भरी हुई चिकनी जांघों से दमकता हुआ उसका शरीर मेरी कामवासना को अधिकता की हद से भी ज्यादा भड़का रहा था. मैं उसी हालत में एना के फ्लैट के अन्दर चला गया और जैसे ही दरवाज़ा बंद हुआ उसने मेरे लौड़े को चूसना और हाथ से लंड की चमड़ी को आगे पीछे करना शुरू कर दिया. फिर उसने मुझसे बेड पर लिटा दिया और मेरी पजामे का नाड़ा खोलने लगा खोलते खोलते उसने नाड़ा उलटे टाइट कर दिया.

तभी भाभी ऊपर को उठीं और उन्होंने मुझे अपने स्तन देखते हुए पकड़ लिया और बोलीं- क्या देख रहे हो?मेरी फट गई, मेरे मुँह से शब्द नहीं निकले.

करीब 15 मिनट और बिल्कुल किसी बिना हरकत के अंकित लेटा रहा मुझे भी नींद आने लगी थी, मैं सोची शायद अंकित सो गया, अचानक पीछे तरफ से अंकित ने अपना हाथ मेरे सीने में रख दिया और वैसे ही हालत में तीन चार मिनट रखे रहा तो मुझे लगा कि नींद में आ गया होगा. मैं पहले भी बता चुका हूं कि मुझे अपनी संगिनी की नग्न जांघें चाटने में विशेष आनन्द आता है तो मैं कम्मो रानी के दोनों मम्में कसके दबोचे हुए उसके घुटनों से ऊपर चूत के आस पास सब जगह चाट डाला. जो चीज़ मिल रही है, उसकी कोई कदर नहीं और जो चीज़ नहीं मिलती तो उसके लिए दीवाने रहते हो.

एक मिनट तक मेरी गांड के फूल को सहलाने के बाद उन्होंने अपनी बीच वाली लम्बी उंगली मेरी गांड में घुसा दी. सच बोला ये बात अंकित ने!और वहीं टायलेट में वो पीछे घूम गया, मैंने हिम्मत की और तब तक अपना लोवर नीचे खिसका कर उतार दी.

इसके बाद वहीं पास के जियो सेंटर से मैंने जियो की नयी सिम भी अपने आधार कार्ड से ले कर एक्टिवेट करवा कर ले ली. अब वो दीवार के सहारे घोड़ी बन गई थी और मैं पीछे से लंड पेल कर उसकी चुदाई कर रहा था. शायद नींद में वो मुझे अपना पति राज समझ रही थीं, जो कि मुझे बाद में पता चला.

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लगभग दस मिनट तक मैंने दीदी के दोनों मम्मों को चूसता रहा और उनका मीठा दूध पीता रहा.

रात हुई तो तारा का भी संदेश आया कि चलो पिछली बार की तरह फिर से कुछ किया जाए. पूजा मेरी बातों को सुन कर खिलखिला कर हॅंस दी और बोली- धत्त … ऐसा भी कहीं होता है? मुझे तुम्हारे सामने बैठ कर पेशाब करने में बहुत शर्म आएगी और फिर तुम मेरे सामने बैठोगे तो मुझे पेशाब ही नहीं होगी. मुझे इस तरह से बड़ा मजा आया और मैंने इस तरकीब से आगे भी खेलने का मन बना लिया.

जैसे उन्होंने अपना लंड मेरी चूत के होल पर रखा, मैंने अपने हाथ से उसे थोड़ा सा अपनी चूत पे घिसते हुए लंड को चुत के होल के ऊपर रखा और उनको धीरे से बोला- हां अब डालो. मैंने उसकी जींस और टॉप हटा दिया, बिल्कुल वे स्वर्ग की देवी के समान लग रही थी और मुझे मदहोश कर रही थी. हिंदी अंग्रेजी सेक्सउस वक्त मुझे मेरे कॉलेज वाले दिन याद आने लगते हैं कि कैसे मैं अपने बॉयफ्रेंड से होटल में जाकर चुदवाती थी.

मैं यही सोच रहा था कि अगर इसने ये सब किसी से कह दिया तो मेरा कैरियर और वैवाहिक जीवन तो तबाह ही हो जाएगा. एक दिन मैं मार्केटिंग के सिलसिले में वहां से गुजर रहा था तो मैंने देखा कि वो बिलकुल फ्री बैठी थी.

मामी ज़ोर से चिल्ला उठीं, इतनी ज़ोर से चिल्लाईं कि अगर कोई छत पर होता तो जाग जाता. मैं जैसे तैसे दिन खत्म होने का इंतजार करता रहा और फिर शाम को मौका देख कर उसके रूम पर पहुंच गया. भाभी ने बोला- पास में एक झाड़ है, उसके पत्ते ले आओ, उनके रस से मालिश करूँगी, तो ठीक हो जाएगा.

देखने में उनकी उम्र बहुत कम लगती है, वे अपनी जवानी को अभी भी मेंटेन किये हुए हैं. इससे उसको अपनी चुत में कुछ पानी सा महसूस हुआ और उसका दर्द काफी कम हो गया. मैं और मेरे पति बहुत दिनों से इस साईट पर चुदाई की कहानी पढ़ रहे हैं.

अब मैं गौरी को हमेशा देखता रहता था और अकेले मिलने का मौका ढूंढता रहता था। मेरी हरकतों को चाची ने समझ लिया और अब वो मेरे ऊपर और गौरी पर नजर रखने लगी.

फिर उसने कान में बोला कि गाजियाबाद में मेरे रूम पर चलना तो खूब मज़ा दूँगा. तारा ने मुझे मुनीर के ठीक सामने ले जाकर खड़ा कर दिया और कहा- शौक बड़ी चीज है.

दीदी की मस्‍त सिसकारी के साथ मैं अपनी दीदी की प्यारी चुत को चाट रहा था।तभी दीदी ने मेरे सर को अपनी चुत पर दबोच के अपना पानी छोड़ दिया।मैं भी दीदी का पानी पी गया पूरा का पूरा और दीदी को अपने ऊपर लाकर कर अपने लंड को दीदी के चुत पर सेट किया और अंदर घुसाने लगा तो मुझे हल्का हल्का सा दर्द होने लगा. मेरा हाथ अभी भी उसकी जांघ पर रखा हुआ था जिसे हटाने का उसने कोई प्रयास नहीं किया. ये सब सुन कर भी मैं चुपचाप वैसे ही बगल में बैठी हुई लंड को एक हाथ से पकड़े हुए थी और कुछ पल बाद कुछ सोचने के बाद सुपारे के ऊपर वाली चमड़ी को अपने हाथ से हल्का सा पीछे की ओर खींच कर सरकाना चाहा.

अंकित मेरे पैरों तरफ से आया और सबसे पहले मेरे मेरे पैर के अंगूठे को अपने मुँह में भर कर चूसने लगा और फिर उसने मेरी टांगों को चूमना शुरू किया. अशोक- जरूर मेरी जान… अब तो मैं तुम्हें रोज़ ही चोदूँगा… और कल तेरी गांड का दरवाजा भी खोल दूंगा. मैंने यह सुन कर उनको कुछ पैसे दिए और बोली- मेरे पास अब और नहीं हैं.

बीएफ दीजिए बीएफ दीजिए वो मेरी इस पहली चुदाई की एक एक बात के बारे में बड़ी गहराई से पूछ रही थी. उसके कहे मुताबिक हम दोनों एक एक बार उसकी गांड में लंड डाल के निकाल रहे थे.

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शीतल को भी यह बात स्पष्ट हो चुकी थी कि उसके दोनों बेटे अपनी मॉम को एक साथ ही चोदने वाले हैं. मगर जरूरी था कंट्रोल करना तो मैंने पूछा- क्या बात है पूजा?ये बोलते ही पूजा बोली- क्या बात है … बड़ा प्यार आ रहा है? पूजा भाभी से सीधा पूजा?और बोली- तेरे मुँह से अच्छा लगता है. उसने मुझे सिर से पकड़कर नीचे दबाया और जमीन पर बैठा दिया और प्यार से बोला- मुंह खोल मेरे गंडमरे!मैंने मुंह खोल दिया.

संपत जी मेरी मम्मी के पास कुछ बात कर रहे थे, पर उनकी नजर मम्मी की चुचियों पर थी. उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी, जिसकी वजह से पैंटी भी गीली हो गई थी. साउथ इंडियन हीरोइन सेक्सी वीडियोअगली सुबह अशोक अपने दफ्तर चला गया और दोनों लड़के पढ़ाई करने कॉलेज और कोचिंग.

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हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम कपिल है और मैं यहां पर नया हूँ, तो मुझसे कोई भूल या गलती हो जाए तो माफ़ कर देना. मगर काम को चलाने के लिए उन्होंने एक साहूकार से कर्ज़ा ले लिया, जो सूद की वजह से बढ़ता गया.

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मेरा हाथ अभी भी उसकी जांघ पर रखा हुआ था जिसे हटाने का उसने कोई प्रयास नहीं किया. पायल- प्लीज ऐसी बात मत करो ना, दस बार से तो मेरी हालत खराब हो जायेगी, मेरे बारे में भी सोचो ना. वो मेरी चूची को अपने मुंह में लेकर चूसने के बाद मेरी नाभि को किस करने लगा.

सेक्सी इंडियन पिक्चरदो दिन बाद मम्मी ने कहा- सोनू, खाना तू परोसा कर आज से!तो मैं खाना परोस रही थी, जैसे ही झुक के खाना देने लगी तब मैंने देखा कि वहां बैठे सभी मर्द, एक दो को छोड़कर, सब मेरी तरफ घूरे जा रहे थे. अब मुझे दर्द की जगह मजा आने लगा, लन्ड भी फन उठाने लगा।जब लन्ड पूरी तरह तन गया, तब मैं उठा और उसके ऊपर आ गया, लन्ड का टोपा उसकी चूत पर टिका दिया, थोड़ी देर पहले उसने मुझे दर्द दिया था तो अब मैंने बेरहमी दिखाने की सोची और एक ही झटके में सारा लन्ड उसकी चूत की जड़ में उतार दिया, वो इतनी जोर से चिल्लाई कि पूरे मोहल्ले को सुन जाता.

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पर मैंने पता नहीं क्यों इतना धैर्य दिखाया और अभी भी सोने का नाटक ही करती रही. शाम को रीता के घर गया तो रीता बोली- तुझे दो दिन तक मेरे साथ सेक्स करना है … अगर तुझे नहीं भी आता हो तो मैं सिखा दूँगी. जब से मामा की उनसे शादी हुई थी, तब से ही मैं मामी को पेलने का ख्याल अपने मन में संजोए हुए था कि हो ना हो.

मैंने सरिता से कहा- मम्मी तो शाम को आएगी और मुझे सिलाई करनी नहीं आती है. थोड़े उसके तथा मेरे प्रयास से मेरा लिंग मुंड धीरे धीरे उसके गांड में प्रवेश कर गया तथा मैंने उसकी गांड में धीरे-धीरे धक्का देना शुरू कर दिया।अब श्लोक के आने का समय हो गया था। श्लोक ने रीना के सामने आकर रीना की टांगें थोड़ी सी और चौड़ी करके उसकी गुलाबी चिकनी चूत में अपना लिंग ठेल दिया।शुरुआत में हम तीनों को सहज महसूस नहीं हुआ तथा दोनों को झटके मारने में परेशानी हुई. मैंने अपने हाथों से उसका चेहरा ऊपर उठा लिया और एक बार प्यार से उसके होंठों को चूमने के बाद उसकी चूची को पकड़ लिया, मगर तभी प्रिया ने मुझे धक्का देकर खुद से‌ अलग कर दिया और बिना कुछ कहे फुर्ती से उठकर दोनों हाथों से मेरी निक्कर के साथ साथ मेरे अण्डरवियर को भी निकालकर अलग कर दिया, जिसमें मैंने भी अपने कूल्हों को उठाकर उसकी मदद की.

वे ऐसे झुक कर देख रही थी कि जैसे उन्होंने वो जगह कभी देखी ही नहीं थी. मैं अपना लंड चूत पर रखकर रगड़ने लगा तो भाभी बोलीं- क्यों तड़पा रहा है कुत्ते. बाहर जाते समय उसने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया था ताकि मयूरी आराम से अपने कपड़े पहन सके.

उन्होंने मुझे कह दिया था कि मैं कुछ बोलूं नहीं और निगाहें नीचे ही रखूं. 30 को घर आईं और मेरी पत्नी से बोलीं कि उनका सिलेंडर खत्म हो गया है, दूसरा लगवाना है, लेकिन मेरे पति सुबह 7 बजे ही दुकान चले गए और बच्चे भी स्कूल गए हैं, प्लीज़ आप लगवा दीजिये ना.

अशोक ने अपने हाथ से मयूरी की चूत को सहलाया और वो उसकी गुलाबी चूत को देखकर एकदम उस पर मोहित हो गया.

वो भी बोल रहा था- हां मेरी कुतिया तेरी चूत को आज आज बहुत अच्छे से चाट चाट कर चोदूँगा. कनाडा सेक्सी पिक्चरफिर मैंने भाभी की चूत की फांकों में अपने लंड का सुपारा ऊपर नीचे किया, तो भाभी ने अपनी चुत को मेरे लंड के लिए खोल दी. सेक्सी वीडियोhindiभाभी की प्यासी जवानी की कहानी पर आप मुझे अपने विचार मेल करें!कहानी जारी है. हमारे हवस की कश्ती जिस सैलाब में तैर रही थी, उसमें तूफान आ चुका था.

साथ ही उन्होंने अपने एक हाथ से मेरे दूसरे मम्मे को पकड़ लिया और हल्का हल्का मसलने लगे.

जब सुबह वो आई तो मैं नाईट ड्रेस में सोया हुआ था और सुबह सुबह पेशाब नहीं करने की वजह से मेरा लंड तना हुआ था। पता नहीं उसने देखा होगा या नहीं … पर उस दिन के बाद वो मेरे नजदीक रहने लगी, मुझसे बात करने लगी थी और मेरी हर बात का ख्याल रखने लगी थी।फिर एक दिन कुछ काम से मेरे चाचा को राजस्थान गांव में जाना पड़ा, तो घर में मैं अकेला ही था क्योंकि चाचीजी ओर उनके बच्चे गांव में ही रहते थे. वो मुझे किस करते ही जा रही थी, तो मैंने भी उसे सहयोग करना शुरू कर दिया. मेरी मम्मी ने मुझे बोला- ओ … आज अपनी भाभी के पास सोने चले जाना।मैंने झूठ मूठ मना किया पर मेरे मन में तो लड्डू फूट रहे थे, मैंने बुरा मुँह बना के बोल दिया- ओके … चला जाऊंगा।रात को मां ने कोई ख़ास खाना नहीं बनाया हुआ था, मूंग चावल बनाए थे जो मुझे पसंद नहीं तो मैं बिना खाए पूजा के घर चला गया.

बोलो?और इसी बीच शीतल से उत्तेजना की वजह से मयूरी की चूचियों पर थोड़ा ज्यादा दबाव पड़ गया और मयूरी को दर्द और आनन्द दोनों का ज्यादा एहसास हुआ, पर उसके मुँह से आहों की रूप में ये एहसास बाहर निकल गया. मैं उन्हें ठीक से देखने का बहाना बना कर उनकी चुत देखने का मौका देख रहा था. यह बात तो आप जानते ही होंगे कि नारी का ये हिस्सा कितना सम्वेदनशील होता है.

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अब वो भी बड़ी मेरी आंटी बड़ी कमसिन नज़रों से मुँह पलट कर हंसते हुए मेरी गांड पे चमाट मारते हुए गांड को नोंचते हुए बोलीं- लगता है अभी भी मन नहीं भरा मेरे योगू का. मैं उसे वहां ले गया और जाते ही उसे अपनी बांहों में जकड़ लिया और पागलों की तरह उसे चूमने लगा. वो धीरे से फिर से रजत के गले लग गयी और बोली- तो अगर तुम मेरे साथ कुछ करना चाहते हो रजत तो यही वक्त है… तुम्हें मेरी अनुमति है मेरे शरीर से खेलने की.

प्रिया की मदमस्त आवाज मेरे कान में गूँज रही थी- आआह … ऊऊऊह … ओह्ह्ह … उम्म … ऐसे ही चूसो आह … मजा आ रहा है.

जैसे ही मेरे होंठों में लन्ड छुआ, उसकी एक अजीब सी महक मेरे नाक में समा गई, इतना गर्म था अंकित का लन्ड कि लगा जैसे मेरे होंठ जल जायेंगे.

यह सुनते ही पुलिस वाले दोस्त सुनील बोला- डर मत … सोहेल ने कुछ किया तो मैं हूँ ना. मेरे मुँह से निकल गया- बापरे इतना मोटा??? मैंने तो लाइफ में पहली बार देखा है. सेक्सीबीपीफिर मैं एक कदम और आगे होंठों तक पहुंचता तो मामी भी जम कर साथ देतीं.

भाभी की नशीली आँखें देख कर मैं जान गया था कि जो आग लगी है, वो बाल्टी के पानी से नहीं बुझेगी, उसके लिए भाभी के कुएं में मेरा हैंडपंप चलाना पड़ेगा. मैंने भी भाभी को तड़पाना सही नहीं समझा और अपनी पैन्ट खोल कर नीचे कर दिया. अब भाभी की हरकतें, जैसे उन्हें मेरी तरफ आकर्षित होना देखकर मुझे लगने लगा था कि उनको भी मेरी ज़रूरत महसूस होती होगी.

चूत के ऊपर चने की तरह एक छोटा सा दाना उभरा हुआ चुत क खूबसूरती में चार चाँद लगा रहा था. अन्दर वाले रूम में दो बेड एकदम चिपक कर लगे हुए थे, एक थोड़ा छोटा और एक बहुत बड़ा बेड था.

तब बोली- दीदी अगर कहीं टीवी खराब हो गया तो मेरे पास तो इतने पैसे भी नहीं हैं कि इसको ठीक करवा सकूँ.

उसकी ब्रा और निक्कर लाल रंग की थी और ड्रेस सफेद, उसकी पूरी फिगर दिख रही थी. करीब 5 मिनट चूत चाटने के बाद मैंने उसके चूतड़ों पर थप्पड़ मारने शुरू किए और चूत चूसना जारी रखा. उनकी चुदास भरी आँखों में देखते हंसते हुए उनके होंठ पर होंठ रखकर चूसते हुए.

सेक्स भाभी वीडियो इतने में फिर से किसी ने दरवाजा खटखटाया तो अंकित अंदर से बोला- मैं लेट्रिन कर रहा हूं 15 मिनट बाद आना!मैं बिल्कुल डर गई कि अब क्या होगा? अंदर हम दोनों को कोई देख लेगा तो मैं तो किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचूंगी. आज तुम मेरे साथ रहना।फिर हम एक बिल्डिंग में गए, कार पार्क की और लिफ्ट से साक्षी के घर गए। अन्दर आते ही साक्षी ने गेट बंद किया और बोली- रोबिन जाओ बेटे रूम में.

तो मैंने उसे पीने से मना किया, लेकिन वो मुझे पिलाने के लिए जोर देने लगी. अब मेरी जवानी भी कूदने लगी और मेरी चूत भी उसका लंड लेने को बेताब हो गई. फिर 5 मिनट बाद मैंने लंड उसके मुँह से निकाल कर चुत पे सैट किया और अन्दर कर दिया.

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बोलो तुम क्या चाहती हो?दोस्तो … मेरे इतना कहते ही दिव्या ने आँसू भरी आंखों से भरभरायी आवाज के साथ कहा- हमें यहां से निकाल लो!और मेरे गले से लग गयी।मैंने भी उसे कस के पकड़ लिया और उससे वादा किया कि जल्द ही उन दोनों को यहाँ से ले जाऊँगा. मैंने ये सब जाना तो खुश होते हुए कहा- ठीक है … मैं 11:00 बजे तक घर आ जाऊंगा. मैं उसी हालत में एना के फ्लैट के अन्दर चला गया और जैसे ही दरवाज़ा बंद हुआ उसने मेरे लौड़े को चूसना और हाथ से लंड की चमड़ी को आगे पीछे करना शुरू कर दिया.

वो थोड़ा सिस्कारियां भरने लगी थीं फिर कुछ देर ऐसे ही करने के बाद मैं भाभी से कहने लगा- भाभी, अब मुझे आपकी चूत को चूसना है. मेरे इतना कहते ही समाली अंकल ने कस के मुझे पकड़ लिया और मेरे मुँह में अपने मुँह को रखकर मेरे जीभ को चूसने लगे.

अब वो बिना कपड़े उतारे अपना हाथ मेरी शर्ट के अंदर डाल कर मेरे मम्मों को दबाने लगा और उनकी निप्पल से खेलने लग गया.

हम तीनों ने साथ में नाश्ता किया और चाची बोलीं- इसे अब घर छोड़ कर आजा. मुझे उस टाइम पर कोई गे सेक्स का आइडिया नहीं था कि ऐसा भी कुछ होता है. सर आकर जैसे ही बैठे, सर को मेरे गोरी गांड को दिखाने के लिए मैंने चड्डी को थोड़ा खिसका दिया.

मैं वहां आईटी डिपार्टमेंट में काम करता हूँ … मतलब ये कि कंप्यूटर इंजीनियर हूँ. अब उन्होंने लंबी सांस ली और मुझे ऊपर आने का इशारा किया, मेरी आंखों में बहुत ही गौर से देखा और कहा- राजे तुमने मुझे धन्य कर दिया!और वे मेरे लंड को लंड को हिलाने लगी. अब आगे:वे उठकर जाने लगे, मुझे यह मौका नहीं गंवाना था; यही मौका था मेरी मम्मी से बदला लेने का। खुद तो रंडी की तरह चुदती है और मुझे मेरे बॉयफ्रेंड के साथ चुदने से रोकती है। मेरी मम्मी के प्रति घिन इस तरह बढ़ गई थी कि मैं खुद अपनी चुत की आग सौतेले बाप के साथ शांत करने की सोच रही थी।ओके पापा … पर यह सीक्रेट किसी को पता ना चलने पाए!”डोंट वरी… मैं किसी को कुछ भी नहीं बताऊँगा.

वो जब मिलने के लिए घर वापिस आया तो वो मुझे घर में देख कर बहुत हैरान हुआ.

बीएफ दीजिए बीएफ दीजिए: अशोक- मैंने कभी सोचा नहीं था कि मेरी बेटी मेरे बारे में ऐसा सोचती है… नहीं तो मैं तुम्हें कभी का चोद देता मेरी जान… तुम्हें बड़ा होते हुए देखकर मेरा भी हमेश मन करता था तुम्हें चोदने को. कहीं दिल के कोने में मुझे खुशी भी हो रही थी कि इतने सारे जवान लड़के मेरी गांड मारने और मुझे अपने लंड चुसाने के लिए बेताब थे.

मैं शहर की रहने वाली हूँ तो आप लोगों को तो पता होगा कि मैं कितना फैशन में रहती हूँ. वो मुझसे बोली- बस देखते ही रहोगे या स्वागत भी करोगे?मैं हड़बड़ाते हुए बोला- सॉरी मैम, प्लीज अन्दर आइये. यह कहकर चाचा ने एक बार फिर अपना लंड जोर से मेरी गांड में घुसेड़ दिया.

मयूरी थोड़ा मायूस होते हुए- मतलब मेरी चूचियां देखने लायक नहीं हैं क्या?रजत- अरे नहीं… ये तो कमाल की है.

माइक ने रुक कर मुनीर के होंठों को चूमा, फिर मुँह से मुँह लगा कर चूमते हुए. मुझे मेरे बॉस ने कहा- आपको मेरे घर जाना है, मेरी कुछ फाइल्स लानी हैं. जब कुछ प्रतिक्रिया नहीं हुई तो मैंने दो उंगलियां मौसी की चुत में डाल दीं.