बांग्ला लोकल बीएफ

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वो हांफ रही थीं … लेकिन मैंने अपना काम जारी रखते हुए उनके स्तनों को चूमना चूसना और निप्पलों को काटना जारी रखा. गंदा वॉलपेपरचाय पीने के थोड़ी देर बाद मैं ऊपर आ गया और आंटी की चूचियों को सोचते सोचते मुठ मारने लगा और अपना वीर्य निकाल दिया.

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अब एक हफ्ते के लिए मेरे पापा और मेरे दोनों भाई मौसी के यहां शादी अटेंड करने जाने वाले थे.बांग्ला लोकल बीएफ: इशारे में ही मैंने सुनीता से सेक्स के लिए पूछा तो उसने मना कर दिया और कहा- मैं तुम्हें फिर कभी बुला लूंगी.

मैंने मना किया मगर भाबी ने मुझे चुप करा दिया और खाने के आने को कह दिया.रात को सोते समय एक से नाभि से लेकर चूत तक मसाज करनी है और दूसरी को चूत के अन्दर लगाना है.

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ट्रेन के हिलने से मेरे लंड के धक्कों में कभी कभी अप्रत्याशित तेजी भी आ रही थी.पहले तो उन्हें यकीन नहीं हुआ, फिर मैंने उन्हें अपनी पूरी सच्चाई बताई.

नमस्कार दोस्तो, मैं राजीव गुड़गांव से एक बार फिर से अपनी आपबीती को आगे लिखने आया हूँ. बांग्ला लोकल बीएफ इस पर चंचल का मन भी बैठ गया शायद उसका भी लंड लेने का दिल कर रहा था.

पर मेरे घर वालों की सख्ती के कारण मैं सेक्स का मजा नहीं ले पा रही थी.

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इससे वो सिहर रही थी और बस पागलों की तरह ‘आअह उह अह …’ जल्दी जल्दी …’ की आवाजें निकाल रही थी. वो मुस्कुरा कर शायद इशारा कर रही थी वो तैयार है।तो मैंने पिंकी भाभी को इशारा किया और भाभी ने अपनी नाइटी उतार दी. सितारा ने जैसे ही मेरी फ्रेंची नीचे खिसकाई काले नाग सा फुफकारता मेरा लण्ड बाहर आ गया.

अगर आप कहेंगे, तो मैं इसके आगे की ऑफिस गर्ल पोर्न कहानी को भी पोस्ट करूंगा. नौकरानी ने गेट खोला और पूछा- आप पंकज जी हैं?मैंने कहा- हां, मैं ही पंकज हूँ. [emailprotected]सेक्स विद माय स्टेप मॉम कहानी का अगला भाग:सौतेली मां और बेटे की वासना का खेल- 3.

शायद उस समय इतनी अधिक उत्तेजना थी कि दरवाजा बंद करना मुझे याद ही नहीं रहा. मगर एक खुशी भी थी मुझे कि मेरा भाई मेरी चूत का प्यासा होगा।विवेक इतना मादरचोद निकलेगा मुझे अंदाजा नहीं था। वो अपनी बहन की चूत का स्वाद लेने के लिए तैयार था।एक दिन घर पर कोई नहीं था और हमने उसी रात को चुदाई का प्लान बनाया।शाम को खाना खाने के बाद विवेक और लूसी अपने नाना नानी से कह आये कि हम वहीं पढ़कर सो जाएंगे. कुछ ही देर बाद भाभी ने मेरी टी-शर्ट ऊपर कर दी और मेरी छाती की घुंडियों को अपने होंठों से चुभलाने लगी थीं.

कुछ देर बाद वो बोला- अब मुझे जाना है … बाकी की किस शाम को कर लूंगा. ट्रेन के हिलने से मेरे लंड के धक्कों में कभी कभी अप्रत्याशित तेजी भी आ रही थी.

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वो सुनकर खुश हो गई और बोली- राज तुम मुझे जैसे चाहो … चोदो, मैं तुम्हारे लौड़े की गुलाम हूं, तुम्हारे लिए रंडी बनने को तैयार हूं.

क्या पहली बार सेक्स कर रहे हो?” दीदी की आवाज़ में कितनी मासूमियत थी. अभी मेरी कमसिन उम्र ही थी मगर आज इस चुदाई के नजारे ने मुझे मस्त बना दिया था. आज मेरे बेटे की वजह से तुम्हारा लंड मिल गया तो मेरा सपना पूरा हो गया.

कुछ देर बाद मैं भी उसी कमरे में आ गयी और देखा … तो वहां पहले से सब लेट चुके थे. मैंने कहा- तो क्या हुआ?भाभी ने सब बताया कि उनकी फ्रेंडशिप ज्यादा नहीं चली, बस 2 महीने ही चली थी. आप मुझसे शादी करोगी?”इस बार मेरी आवाज में उनके लिए उम्मीद थी, जिसे मेरे दोनों हाथों थमे हुए उनके चेहरे ने और मजबूत कर दिया था.

मुझे भी शारदा का फिगर मस्त लगा था, मगर अभी सामने हूर सी फरियाल की चुत दिख रही थी तो मैं चुप हो गया.

मैं स्माईल करते हुए बोली- बेटे आज तुझे मधु की लाइव चुदाई देखने का मौका मिल रहा है … और बहुत कुछ सीखने का भी. शन्नो रंडी की चूत खुल गई थी और वो ‘आह हहह ऊह हहहह …’ करके मस्ती से चुदवा रही थी. हसबेंड वाइफ़ सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे एक पति ने अपनी पत्नी को दूसरे लंड से चुदवाने के लिए मुझे अपने घर बुलाया.

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कुछ देर बाद लंड चूत की दोस्ती हो गई और अब वो भी कहने लगीं कि बड़ा अच्छा लग रहा है … आअहह एमेम … बस ऐसे ही राजा … आह और चोदो मुझे … ओफफ्फ़ आह. हहह अहह अअम्म अओअ अऊऊऊ मादरचोद लौड़ा डाल दे रे चुत में … आह विराज प्लीज जल्दी से लंड डाल भैन के लौड़े. कुछ देर बाद प्रियंका गर्म हो गई तो उन दोनों ने उसको डॉगी स्टाइल में खड़ा कर दिया.

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दोस्तो, मेरे पास चुदाई की बहुत सारी कहानियां हैं, लेकिन ये वाली छोटी चूत वाली सेक्स कहानी आपको कैसी लगी, आप जरूर बताएं. मुझे ये बात बहुत अजीब सी लगी और मैं उसके लंड को अपने मुँह से निकालने की कोशिश करने लगी. मेरी Xxx ब्रदर एंड सिस्टर स्टोरी पर आप सभी के बहुत मेल आ रहे हैं … मैं कोशिश कर रही हूँ कि सभी को रिप्लाई दूं.

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अब मैं नीचे था और वो ऊपर!ये देखकर मेरी हंसी छूट गयी!उसने लंड को पकड़ा और चूत में घुसाकर उछलते हुये हंसने लगी!मैं उसकी हिलती चूचियां पकड़कर दबाने लगा और वो झुककर मेरी नाक से नाक लड़ाने लगी!मैंने उसका चेहरा पकड़ा और किस करने लगा!अचानक उसने चेहरा छुड़वाया और मेरी छाती पर हाथ रखकर जोर-जोर से आहें भरती हुयी उछलने लगी.

इस बात से उसने मुझसे थोड़ा फ़्लर्ट किया, तो मैंने भी उसके जवाब में बोला- मुझे भी तुम्हारी उम्र के लड़के बहुत ज़्यादा पसन्द हैं … और खास करके तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो. शुरू से ही सेक्स के प्रति मेरी रूचि कुछ ज्यादा ही रही है और इससे कहीं ज्यादा मेरी किस्मत मुझ पर मेहरबान रही है।बात उन दिनों की है जब मैं बारहवीं की पढ़ाई के लिए अपने मामा के घर पर रह रहा था।मामा पेशे से एक वकील थे इसलिए पूरा दिन कोर्ट कचहरी के काम में व्यस्त रहते थे और मैं घर पर अकेला ही रहता था।दूसरे साल मामा की शादी तय हुई तो मैं भी सबके साथ लड़की देखने गया. बोलिए मिलेंगे मुझसे?”अंधा क्या माँगे … दो आँखें!!ये सब पढ़कर शेखर की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा, उसकी आँखें चमकने लगीं और शरीर के हर अंग में खून का दौरा बढ़ गया.

अगले दिन मैं उनकी दुकान पर गया तो अम्मा अपने पोते को ना पढ़ने के कारण डांट रही थीं. पापा ने एक प्लम्बर को दोपहर तक भेजा, तो उसने नल को देख कर कहा कि इसका नल बदलना पड़ेगा. काजोल के सेक्सी वीडियोशहजाद भी मेरी चूचियों में खो गया था और उसे भी मेरी भूख का माजरा समझ आने लगा था.

एक दिन मैंने रोहन से वीडियो कॉल में उन दोनों का लाइव सेक्स देखने की इच्छा जताई. उन दिनों एक नई मशीन पर काम करना सीखने के लिए कंपनी की तरफ से मुझे एक महीने के लिए पुणे भेजा जा रहा था.

मैंने उसकी स्कर्ट के हुक्स खोले और स्कर्ट नीचे करने लगा तो शीना झूठा विरोध करने लगी. थोड़ी ही देर में मैं झड़ने वाला था, तो एक जोर का झटका देते हुए पूरा लंड मुँह के अन्दर कर दिया और अन्दर ही झड़ गया. हैलो फ्रेंड्स, आप मेरी सेक्स कहानी में मेरे दोस्त की अम्मी की चुदाई का मजा ले रहे थे.

ऐसे करते करते भाभी ने मुझको अपनी बांहों में जकड़ लिया और गांड उठाते हुए झड़ गईं. फिर जब चाचा ने अपना मुँह उठाया, तो उनका पूरा चेहरा चाची की चूत के पानी से भीगा हुआ था. अभी तूने वीर्य को चखा है मादरचोद, अब मेरा पेशाब का स्वाद चख ले कुतिया।मैं बोली- हाँ जेठ जी, मुझे आपके पेशाब का स्वाद भी चखना है.

चाचा एक हाथ से चाची के निप्पल चुटकी से मसल रहे थे और दूसरे हाथ से चाची की चूत मसल रहे थे.

मैंने आंटी की पूरी पेशाब को पी लिया और उनकी चुत को चाट कर बाकी की पेशाब को भी चाट कर चुत को साफ़ कर दिया. रात के लगभग 11:00 बजे जब पूरा कंपार्टमेंट नींद के आगोश में था तो मैं बाथरूम में गया और सुनीता को बाथरूम में आने के लिए कह गया.

अंदर बहुत ही मद्धम सी नीली रोशनी बिखरी थी लेकिन इतनी मद्धम कि कुछ देख पाना सम्भव नहीं था. वो बोली- उसे भी हटा दो न!मैंने बिना समय गंवाए उसकी पैंटी भी उतार दी. शुरू में तो मैंने उसे ठीक से नहीं देखा था, पर बाद में कुछ दूर चलने के बाद मैंने देखा कि वो शादीशुदा लग रही थी.

वो सब बारी बारी मेरे गले लगीं और शहज़ाद को जीजू कहते हुए उसके भी गले लगने लगीं. हमने ध्यान नहीं दिया कि छत के ऊपर हमारे बड़े पिताजी के बेटे अनिकेत भैया ऊपर से हम लोगों को देख रहे थे. मैंने दर्द से कराहते हुए कहा- साले भोसड़ी के … मारेगा क्या … मैं कहीं भागी नहीं जा रही हूँ.

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लेकिन क्या बताऊं दोस्तो, मैं जब भी उनके पास रहता … मेरा ध्यान उनके मस्त मम्मों और गांड पर ही लगा रहता था. ’मैं मंद मंद मुस्कुराने लगा और उन्हें ओके लिख कर ऑफिस के लिए तैयार होने लगा. उन्होंने अपने बदन पर लिपटी चुन्नी को अलग कर दिया और बिल्कुल नंगी हो गई.

मैं तेज झटके लगाने लगा तो वो चिल्लाने लगी- आहह आहहह और तेज़ तेज़ चोदो … मैं रंडी हूं … मुझे बाजारू रंडी की तरह चोद साले हिन्दू लौड़े … अह और तेज चोद हरामी. मैं सोच रहा था कि ये टेस्ट कहां से बीच में आ गया? फोन पर तो ऐसी कोई बात नहीं हुई थी. चोदा चोदी वाला चाहिएजब तक चुत में लंड न जाए और चुदाई के समय लड़की के दूध हाथ में न हों, तब तक किसी भी तरह से मन को शांति नहीं मिलती है.

इसी तरह उस भीड़ को पार करते हुए शहज़ाद का लंड मेरी गांड से बार बार टकराने और रगड़ने के कारण एकदम टनटना गया और मुझे कुछ ज्यादा ही गड़ने लगा.

बाकी अगले भाग में!आपको मेरी ये सेक्स टॉक कहानी कैसी लग रही है, प्लीज़ मेल करना न भूलें. मैंने उन्हें सहज करते हुए कहा- भाभी टेक योर ओन टाइम, आई ऍम नॉट इन हरी.

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अब इन दोनों भाई बहन अभय और ममता में चुदाई की कहानी ने किस तरह से रंग लिया, वो सब मैं आपको अगले भाग में लिखूंगी.

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प्लास्टिक फर्नीचरफिर पूरे 21 दिन के लॉकडाउन में मैं भाभी के घर पर ही रहा और दिन रात भाभी की जमकर चुदाई की. मैंने उनकी उदासी कैसे दूर की?मेरा नाम मुदित है, मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ.

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चाची मेरे कान में फुसफुसाई- राज, फुद्दी मारेगा?मैं- क्या?चाची- बर्थडे गिफ्ट लेगा?मैं- क्या दोगी?चाची- चूत लेगा?मैं- दे दो. कभी चाटते हुए उसकी चूत की पुत्तियों के बगल से मेरी जीभ गुजरती तो नीतू कसमसा जाती।उसकी चूत के दाने के आस पास काफी देर से चाटने से नीतू के मुंह से आह … हहह … उफ्फ … सीईई … जैसे कामुक आहें निकलने लगी थी।कभी उसकी चूतरस से भीगी हुई झांटों को मुंह में भर के खींच लेता तो नीतू वासना से दोहरी हो जाती. उसने बाहर नजर करके देखा, तो निखिल ने उसके पूरे नंगे बदन को घूर कर देख रहा था.

मैंने भी उसे समझा दिया कि अंकित को पता नहीं चलेगा।हम लोग बात करने लगे तो मैंने प्राची को मूवी के लिए पूछ लिया।वो तैयार हो गई लेकिन उसने बोला कि उसके पास बाहर जाने के लिए नए कपड़े नहीं हैं।अगले दिन मैं उसे शॉपिंग कराने ले गया, उसने दो टॉप लिया, कुछ मेकअप का सामान लिया।अगले दिन वो सज धज के मूवी जाने लिए आई. अंकल उसी साल रिटायर हो रहे थे तो उनकी उम्र 60 या 62 की रही होगी और उनकी वाइफ 55 से 60 के बीच की थीं. मना किसने किया है लेकिन अभी तो फिलहाल डिनर करें? चलो उठो।मैं बाथरूम से मुंह हाथ धोकर निकला.

7 फीट है। मेरा शरीर बिल्कुल फिट है। उसकी वजह ये है कि मैं प्रतिदिन एक्सरसाइज़ करता हूं। मेरे लण्ड का साइज़ करीब 7 इन्च लम्बा और करीब 2. उसकी बात सुनकर मैं एकदम से चुप हो गयी और मेरी चुप्पी में उसने मेरी रज़ामंदी भी भांप ली. कुछ देर बाद मैं उसके गाल को चूमते हुए अलग हुई ही थी कि तभी मेरी बेटी आ गयी.

फिर मैंने एक और जोर से झटका मारा, तो इस बार मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुसता चला गया. उसके बताए अनुसार जीजू ने उससे प्यार मुहब्बत की बात करनी शुरू की थी.

मैं एकदम से शहज़ाद से सट गयी और उसने भी अपना हाथ बढ़ाते हुए मेरी कमर को पकड़ कर मुझे उठाया और अपनी गोद में बिठा लिया.

चौथे दिन से प्रियंका के भाई गगन के दोनों दोस्त विक्रम और अभिजीत प्रियंका को उसी घर में किस कर रहे थे. लड़कियों का लंडलंड ने चुत की फांकों में मुंडी घुसाई और चाची अपनी चूत में लंड लगा कर घच्च से बैठ गईं. एक्सएक्सएक्स फोटोजैसे ही उन्होंने मेरा लौड़ा हाथ में लिया और थोड़ी देर हिलाया, तो वो अपने असली रूप में आ गया और एक गर्म रॉड की तरह बिल्कुल सीधा लम्बा और मोटा हो गया. धारा ने लंड की चमड़ी को खोलते बंद करते हुए मुठ मारने के जैसे दो चार बार हिलाया।फिर सुपारे को चमड़ी से पूरी तरह बाहर निकाल कर अपनी जीभ से पूरे सुपारे को चाटना शुरू किया.

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उसकी इस उत्तेजना से चूत चाटने पर अगले पांच मिनट में ही मैं एक बार फिर से झड़ गयी. मैंने दूध मसलते हुए कहा- भाभी अब आप कुछ नहीं बोलोगी, मुझे मेरे मन की कर लेने दो. मैंने तभी उनका हाथ अपने लंड पर रख दिया तो वो भी पैंट के ऊपर से लंड दबाने लगीं.

मेरी उसके बाद कभी हिम्मत नहीं हुई उससे कहने की … और उसकी भी नहीं हुई. स्क्रीन पर चल रही फ़िल्म को बंद कर जैसे ही शेखर ने चैट रूम खोला तो उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा. अच्छा एक बात बता, तेरी चूत में ऐसा कब से होने लगा … किसी को चुदते देख लिया क्या या किसी की चूत देख ली तूने? अच्छा बता आज तक तूने किसी की रियल में चुदाई देखी है?तन्वी- हां मैंने अपनी चाची को कई बार चुदवाते देखा है.

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मां- तू पहले नहा ले और अब तू मुझे मां मत बोल, मेरा नाम लिया कर!मैं- क्यों मां ग़ुस्सा हो क्या?मां- गुस्सा नहीं, तुम पहले नहा लो. थोड़ी देर तक तो दोनों मेरे बूब्स और मेरे होंठों से खेलते रहे, फिर अमित मेरे बायीं और साहिल मेरे दायीं और लेट कर दोनों एक एक चूचा मुंह में लेकर चूसने लगे. मैंने उनके गालों को चूसना बंद कर दिया और मां से बोलने लगा- उमंह मांम्म्म्म किस दो ना.

ऋतु ने उसे अन्दर खींच लिया और उसके हाथ को अपने मम्मों में रख कर दबवाने लगी.

साले कई कई रानियां रखते थे … एक अगर पीरियड में हो, तो दूसरी ठोकने को मिल जाती थी, क्यों दी?तन्वी अन्दर घूमते हुए बोली- अदिति, मेरी एक बात मानेगी?अदिति- यस माय डियर सेक्सी दी … कहो क्या बात है?तन्वी अपना हाथ आगे बढ़ाते हुए बोली- तू मुझे दीदी बोलना छोड़ दे, मैं तुझसे ज्यादा बड़ी नहीं हूँ.

मां ने हाथ के इशारे से मुँह में आने के लिए कहा और मेरा पूरा लंड अपने गले तक दबा लिया. अगले दिन शाम को मैं उनके घर गया और मोनू को गोद में लेकर सोफे पर बैठ गया. भोजपुरी होली गानाउसकी गर्म बातें सुनकर मेरे लंड में सनसनी भर गई और मैंने और भी तेज़ी से लंड गांड में अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया.

मैंने यामिना से कहा- यामिना तुम जाओ, मैंने फ़लक को कुछ बातें समझानी हैं और इसे यूनिफॉर्म पहन कर मुझे दिखाना है. भाभी- ठीक है … पर किसी को बताना मत!मैं- ठीक है भाभी … अब आपका एक का दूध निकलना बंद हो गया है. वो जल्दी से एक कपड़ा लाकर मेरी पैन्ट को साफ करने लगी, लेकिन मैं आराम ना आने की एक्टिंग करने लगा.

मेरे लिए इस सारी जानकारी का कोई मतलब नहीं था, सिवाय इसके कि मेरी पत्नी को स्कूल की एक एक बात बताने की आदत है और मुझे सुनना पड़ता है. मैंने भी मौका देख कर अपने गीले बालों को इस तरह झटका देते हुए घुमाया कि उसके चेहरे पर मेरे गीले बाल लग गए.

इससे मेरा लंड और भी ज्यादा बौखला गया और हम दोनों जल्दी से एक दूसरे के कपड़े खोल कर एकदम से पूरे नंगे हो गए.

वो आंख मारते हुए बोली- किधर?मैंने समझ लिया कि बंदी को लंड पसंद आ गया. मैंने दस मिनट बाद फिर से हाथ चलाए और मां को चुदाई के लिए रेडी कर लिया. सेक्सी इंडियन भाभी की कहानी के अगले भाग में मैं भाभी की चुदाई की कहानी में लिखूंगा कि इस होली में क्या हुआ.

आलिया भट्ट एक्स मुझे लगा कि चाची कहीं जा रही है और यह देखकर मेरी तो जैसे जान ही निकल गई. धीरे धीरे मेरी उनसे जान पहचान बढ़ी और हमारी फैमिली एक दूसरे में काफ़ी घुल-मिल गए.

मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था, तो मैं मुठ मार कर घर के बाहर चला गया. धारा- ललित दो हफ़्तों के लिए दुबई गए हैं, शाम को उनकी फ़्लाइट थी और मैं उन्हें ही छोड़ने गयी थी तभी. चाचा एक हाथ से चाची के निप्पल चुटकी से मसल रहे थे और दूसरे हाथ से चाची की चूत मसल रहे थे.

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हाथी के सूंड जैसी सुन्दर टाँगों और जाँघों के बीच मोटी फाँकों वाली सुन्दर गुलाबी चूत जिसकी दरार चिकनापन लिए थी, बाहर दिखाई देने लगी. अगर मैं टॉवल को बिना पकड़े खड़े होती, तो पक्का खुल जाती … जो कि मैं चाहती भी थी. मैं पूरी ताकत से आंटी की चुत चोद रहा था और पूरे रूम में बस छप छप की आवाज़ आ रही थी.

फिर वो एकदम से मेरी चूचियों पर अपना हाथ ले आया और मेरी एक चूची मसल दी. उनकी मैक्सी में से हल्की हल्की हवा आ रही थी जिसमें से उनके जिस्म पर आए हुए पसीने की महक आ रही थी.

वो दोनों सुबह सुबह कभी छत पर चुदाई में लग जाते थे तो कभी ऑफिस से छुट्टी लेकर चुदाई का मजा लेने लगते थे.

वो मेरे सारे बाल समेटते हुए और मेरी चुचियों को देखते हुए मेरे बालों बांधा और कुछ देर बाद वो वहां से चला गया. फिर मैंने भाभी की ब्रा पैंटी भी निकाल दी और भाभी की चूत में उंगली डालने लगा. मैंने कहा- साले बेदर्दी तुझे हंसी आ रही है, इधर मेरी गांड परपरा रही है.

5 मिनट में ही अमित जोर जोर से झटके देने लगा तो मैं समझ गयी कि यह झड़ने वाला है. मेन बॉउंड्री गेट का ताला खोल कर चाची ने अंदर से ताला लगा दिया और फिर अंदर का ताला खोल कर हम घर के अन्दर पहुँचे. उधर झड़ चुके दिनकर से रहा नहीं गया तो वो खड़ा होकर अपनी बेटी चमेली को किस करने लगा.

जब होश आया तो अंकल मेरे बाल खींचते हुए धक्के लगा रहे थे और बस अपनी मस्ती में मेरी गांड चोदे जा रहे थे.

बांग्ला लोकल बीएफ: शायद रेणु से दूरी और कुछ दिनो से अंदर ही अंदर उमड़ रही कामवासना ने शेखर को इस अवस्था में ला दिया था. मेरी आंखों में झांकता हुआ प्रशांत बोला- आपको स्मूच करके मजा आ गया भाभी.

उनकी पैंटी के नीचे से मैंने अपना लौड़ा डाल दिया लेकिन लण्ड चूत के अंदर नहीं गया और नीचे की ओर चला गया. मैं झुक कर पहले तो भाभी की चूत को सूंघने लगा … क्योंकि मुझे चूत की गंध बहुत पसंद हैं. वो दोनों सनी को बोलते थे- साले साहब … मस्त बहन है तेरी!ये तो उन लोगों की अब रोजाना की बात सी हो गयी थी.

घर के काम और मेरी काम वासना दोनों के लिए मुझे बहुत अच्छा लड़का मिल गया था.

मगर चाचा लोगों की नौकरी पास के शहरों में थी, इस वजह से उस मकान में सिर्फ मैं और मेरी मम्मी मीनू ही रहती थीं. तो दोस्तो, इस बार मैं अपने जेठ से चुद गई थी।Antarvasna Audio Story सुनें. जब मुझे लगा कि लंड तैयार है, तब मैंने ऋतु को लेटने को कहा और उसकी दोनों टांगों को पकड़ कर अपने कंधों पर रख लिया.