जवानी की बीएफ

छवि स्रोत,बीपी सेक्सी पॉर्न व्हिडीओ

तस्वीर का शीर्षक ,

सुपर लड़की सेक्सी: जवानी की बीएफ, मैंने उसकी कमर के नीचे तकिया लगाया और उसको अपनी बुर फैलाने को बोला.

नवीन सेक्सी फिल्म

मैं भी परीक्षित के ऊपर ही सो गई क्योंकि मेरा लगाव भी परीक्षित से भी ज्यादा है. सेक्सी गर्ल्स हिंदी मेंलेकिन तुम ऐसा क्यों कह रहे हो?मैं- जो जिस हालात से गुजरा हो, उसे ही उन हालातों की जानकारी होती है.

मूवी खत्म हुई और हम लोगों ने प्लान किया कि अगले सन्डे को फिर से मिलेंगे. पुतला का सेक्सी वीडियोक्या आपके पति आज आउट ऑफ टाउन जा रहे हैं?माँ- हा वे सात दिनों के लिए बाहर जा रहे हैं.

विक्की बोला- पर सर आपने तो हमें सिखाया ही नहीं कि लौड़े को अंग्रेजी में क्या बोलें?मैंने कहा- ओके हम कल इस विजुअल डिक्शनरी से शरीर के अंगों के इंग्लिश शब्द सीखेंगे.जवानी की बीएफ: पर मैंने अंजलि को पीछे से अपनी दोनों बांहों में कस के जकड़ रखा था, मैं बोला- ऐ चोर लड़की… क्या कर रही थी? बता क्या चुरा रही थी?अंजलि- जी कुछ नहीं… मैंने कुछ नहीं चुराया यहाँ से!मैं- मैं पुलिस वाला हूँ, तुम चोरों को मैं अच्छी तरह जानता हूँ, हम पुलिस वालों को चोरों की जुबान खुलवाना आता है.

मैंने उसकी मन की थाह लेने के इरादे से पूछा- एक बार ट्रायल कर लूं क्या साली जी?वो हंस कर बोली- अगर दीदी को पता चल गया तो वो क्या सोचेगी?अब तक मैं समझ गया कि साली चुदाई के मूड में है, मैंने कहा कि किसी को कुछ भी नहीं पता चलेगा.बस आँखें बन्द करके सिसकारियाँ लेती रही। मैंने उसे खड़ा किया और साड़ी निकाल कर फेंक दी और पेटीकोट का नाड़ा खींच दिया। जिससे वो ढीला होकर नीचे पैरों में गिर गया।अब मधु के गोरे बदन पर सिर्फ काली पैन्टी रह गई। उसके बाल खुले थे और चूचियां बिल्कुल सीधी खड़ी थीं। कुल मिलाकर वो कयामत लग रही थी। मैं उसके होंठ.

सेक्सी वीडियो फुल चुदाई देहाती - जवानी की बीएफ

जब वो कॉफी लेकर आई तो एक मस्त सेक्सी नाइटी में थी, मैं तो देखता ही रह गया.एक घंटे बाद उसने मुझसे कहा कि एक बार और कर लूँ?मैंने मना कर दिया तो उसने कहा- अच्छा, पूरे शरीर पर किस कर लूँ और चूची दबा लूँ?मैंने कहा- हां ये कर लो लेकिन अन्दर मत करना.

उसकी चूत में लिसलिसा पानी हो जाने से मेरा लंड अब उसके चूत में आसानी से जा रहा था और उसकी कामुक सिसकारियां सुनकर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. जवानी की बीएफ मैं कब से आपसे चुदवाना चाहती थी, पर बॉयफ्रेंड के चक्कर में नहीं चुदवा पाई.

अगले दिन जब पूरी तरह से चुद कर घर वापिस आई तो थकान की अवस्था में ही मैं ऑफिस चली गई मगर मेरी आँखें लाल और खुमारी से भरी हुई थीं.

जवानी की बीएफ?

वो इतना दर्द महसूस कर रही थी कि उठ ही नहीं पा रही थी, वो अपने कपड़े नहीं पहन पा रही थी. कुछ देर बाद मैं उठा और अपना लंड, जो कि अब लोहे की तरह तन कर खड़ा हो गया था, बाहर निकाला. अब मेरे दायें हाथ की उंगलियाँ प्रिया के सपाट पेट पर ब्रा की निचली सीमा से ले कर कैपरी के ऊपरी इलास्टिक की सीमा तक ऊपर-नीचे, दाएं बाएं हरकत करने लगी.

कुर्सी पर बैठने के बाद दीदी करेले को अपनी चुत पे रगड़ने लगीं… और नीचे से अपनी गांड उचका उचका कर करेला उस पर रगड़ रही थीं. अब तो विक्रम का बुरा हाल था और वो अपने लंड को सम्भाल ही नहीं पा रहा था. फिर मैंने मन में सोचा कि आज तो तेरी ऐश है और उसकी तरफ देख कर हंस दिया, उसने भी हँसी में जवाब दिया.

मैंने भी खुलते हुए कहा- मुझे चूत में मज़ा नहीं आता, मैं गांड के मज़े लेता हूँ. मैं भी चुदाई का मजा लेते हुए सीत्कार कर रही थी- आह्ह्ह्ह आहह्ह्ह आहह्ह्ह चोदो मुझे. वहां बड़े बड़े पटाखे यानि औरतें लड़कियां अपना इलाज कराने के लिए आती हैं.

शायद उनका इस तरह से पहली बार था पर साला मेरे मुँह से भी आवाज़ निकल गई, दर्द मुझे भी हुआ. एक घंटे बाद मैंने भाभी को उनके कमरे में रखी बड़ी टेबल पर लिटाया और नीचे खड़ा होकर मैंने एक बार फिर उनकी चुत में लंड डाला.

मेरे घर में प्याज लहसुन किचन में रखना वर्जित है, पर जिसे खाना होता है वो बरामदे में रखे प्याज के अलग से रखे हंसिया से काट कर खा सकता है.

वो गर्म होने लगी तो मैंने उसके कपड़े उतार दिए और उसके उभरते हुए मम्मे चूसे.

उसने मेरे पीछे से अपने हाथों को मेरे मम्मों पर रख दिया और उन्हें दबाने लगा. अभी तक उसे मम्मों के दबाने के मज़े के बारे में तो पता था लेकिन मम्मों को चुसवाने के मज़े का पता नहीं था।मेरे मम्मे चूसते ही वो जन्नत में पहुँच गई और अब धीरे-धीरे मुँह से बड़बड़ाने लगी- आह राजेश. तुम लोग… बस! आ जाओ!मामला हल हो गया था, आनन फ़ानन में बच्चों का भी बैग पैक किया गया.

उसकी पैन्ट फूली सी दिखी तो मैंने महसूस किया कि इसका लंड तो एकदम बड़ा लंड सा होना चाहिए. इत्तफाक देखिए, 2 दिन बाद मैंने फिर से उसे देखा, आज भी सेम वही ड्रेस पहने थी. उन्होंने बिना कुछ कहे अपनी गांड मेरी तरफ कर दी और मैंने बिना देर किए उनकी गांड को अपने मुँह में भर लिया और चूत में उंगली करने लगा.

वो मेरी आँखों में वासना से देखते हुए बोलीं- कैसे? कोई जादू है क्या?मैं गरम होकर बोला- वैसा ही कुछ है.

एक बार पूरा लंड अन्दर घुस जाने के बाद मैंने माँ को रगड़ना चालू कर दिया. पापा तो काम के सिलसिले में पहले से ही अधिकतर समय घर से बाहर किसी न किसी दूसरे शहर में ही घूमते रहते थे. मेरी जैसे ही दर्द से चीख निकली, चिंटू ने तुरन्त मेरे मुँह को बन्द कर दिया, जिससे मेरी चीख ज्यादा नहीं निकल पाई.

मैं चित होकर पड़ी थी।कुछ देर वो मुझे किस करने के बाद बोले- अब आपकी नथ भी उतार दूँ सासु जी?मैंने कहा- क्यों नहीं… उतार दो मेरी नथ जमाई जी… कर लो अपनी हसरत पूरी!फिर उन्होंने मेरी दोनों टाँगों को हवा में करके मेरी चूत को खोल दिया, फिर अपने लंड को उसमें धांसने लगे. अब मैं और नीचे उनकी चूत तक आ गया और उनकी चूत को अपनी गीली जीभ से लप लप चाटने लगा. फिर मैंने उसको जोर से चूमना शुरू किया, उसके होंठों को फिर पीना शुरू किया.

तो कोई ऊपर का कमरा खोल दीजिए और सलाद पानी और पांच ग्लास रख दीजिए तभी मैं निकली, पहली बार मम्मी ने बोला- आरती, इनको ऊपर के रूम में सब जमा दो.

इस तरह से यह बात तो दब गई मगर मुझे अभी छूटने की कीमत अदा करनी थी, जो मैं ही जानती थी. फिर वो मेरे पास ही आ कर बैठ गई अचानक वो मेरे बहुत नज़दीक आ गई, हमारी कार में बहुत बातें हुई थीं, पर कोई भी सेक्स या ऐसी बात नहीं हुईं, सारी बातें एक दोस्त जैसी ही हुईं.

जवानी की बीएफ उतार ही डालो सब कुछ, वैसे भी अभी कुछ देर बाद उतारना ही है न” मैंने हंस कर कहा. कुछ देर बाद मैंने उसको कुतिया बनाया और पीछे से उसकी चूत में लंड पेल दिया.

जवानी की बीएफ मेरा दिमाग खराब हो चुका था, मेरी बीवी किसी गैर मर्द से चुदने वाली थी. मैंने उससे कहा- कंचन, हमने अभी अभी जो कुछ भी किया, ये बात किसी को भी मत बताना.

मेरी दोनों चूचियाँ फड़कती रह गईं कि कोई पहले इन्हें तो चूसे, उस तरफ तो उन्होंने ध्यान ही नहीं दिया.

मुसलमानी सेक्सी वीडियो दिखाओ

मुझे पता ही नहीं चला कि इसी बीच कब मेरा हाथ चिंटू के लंड के पास पहुँच गया था. मेरी एकदम सेक्सी लड़की जैसे गोरी चिकनी टाँगें देखकर एक बार तो उसका भी मन खराब हो गया. तभी अचानक दीदी ने एक झटके से करेला अपनी चुत से बाहर निकाला और दीदी की चुत से पानी का एक फव्वारा निकल कर सामने रखी फ्रिज और किचन टेबल पर गिरने लगा.

10 बजे थे, उसके जाते ही मैंने भाभी के रूम का दरवाजा खटखटाया तो वो बोली- आ जाओ, दरवाजा खुला है!लाइट धीमी धीमी जल रही थी, उनका बेटा थक कर सो चुका था. मैं किस तरह से इस बात का सामना करूँ।तभी उन्होंने आँख मारते हुए कहा- कब मरवाओगी बताओ?उनके द्वारा मुझे मुस्कुरा कर आँख मारने की बात से मुझमें भी थोड़ी हिम्मत आई और मैंने अपने मन में सोचा कि चलो जीवन के अनुभव का मजा भी ले ही लिया जाए।मेरे पति भी चार दिन के लिए कहीं गए हुए थे. मैंने उसको अगले 5 मिनट तक अपना लंड चुसवाया और फिर मैंने उसको डॉगी स्टाइल में करके पीछे से उसकी चुत पे अपना लंड रख कर एक जोर का धक्का दे मारा.

फिर एक महीने बाद हमने तीनों का एक टेस्ट लिया, मेरा किंग साइज़ का पलंग होने के कारण वह लोग काफी दूर दूर बैठ कर टेस्ट दे रहे थे.

एक दिन मेरे पति अपने किसी पुराने दोस्त को खाने पर लाए, खूब बातें वगैरह हुईं, वो बहुत अमीर था. उसने लंड निशाने पर रख कर एक झटका दे मारा और आधा लंड मेरी बुर में चला गया. उसने चूत को ढकने के लिए चड्डी पहनी हुई थी… जो बिल्कुल गीली हो गई थी.

मैं बोला- तो ये राखी का उत्सव यादगार बनाना चाहती हो?दीदी कुछ ना बोलीं. मैंने उसके लंड का पानी पीते हुए उससे कहा- मैंने आज तक कभी यह रस नहीं पिया है. फिर पता नहीं दीदी को क्या हुआ वो दोबारा फ्रिज की तरफ गईं और फ्रिज खोल कर कुछ और ढूंढ कर निकाला और दोबारा आकर चेयर पर वैसे ही बैठ गईं.

मैंने दूसरा धक्का और जोर से लगाया और मेरा पूरा लंड उनकी चुत घुस गया. तो मेरे प्यारे दोस्तो, कैसी लगी आपको मेरी यह सच्ची हिंदी पोर्न कहानी.

रोशनी ने गोलू को अपनी तरफ खींचा और उसके सिर को अपने खुले आमों के बीच में दबा दिया. बाथरूम में उसने सीसी कैमरा लगाया हुआ था, जो रिमोट से उसी के लैपटॉप से जुड़ा हुआ था. कुछ देर यूं ही एक दूसरे की बात सुनते समझते हुए स्मिता और मैंने पंकज को रंगे हाथ पकड़ने का प्लान बनाया.

अब मैंने फिर छोटी के पैरों से मालिश करना शुरू किया, और जांघों तक मालिश करने के बाद ऊपर की ओर बढ़ गया।छोटी सामने से ज्यादा कमजोर नजर आ रही थी, कहीं कहीं तो उसकी पसलियाँ भी नजर आ रही थी। अब मैंने उसके सर को अपने हाथों कि उंगलियों से मालिश किया, मस्तक, कान के ऊपरी भाग और सर के पिछले भाग पर हल्के हाथों से मालिश करता रहा और फिर गले और कंधे के बीच मालिश करने लगा.

सबकी नजर बचा के भाभी ने मुझसे आंख मार कर पूछा- इसने कुछ किया भी है या बस ऊपर ऊपर ही खेलता रहा?और हँसने लगी. कुछ दिनों के बाद मेरा ट्रान्स्फर ऑर्डर आया तो मैंने वो कम्पनी छोड़ दी क्योंकि मैं पुणे को छोड़ के कहीं बाहर जाना नहीं चाहता था. मुझे नंगे जिस्म देखने की चुल्ल थी और नीला को क्या था, ये मैंने समझ ही नहीं पाया था.

घर आकर मैंने लैपटॉप ठीक कर लिया और उसे चैक करने लगा कि लैपटॉप में क्या क्या है. तभी मैंने दोनों की टी-शर्ट को निकाल दिया और पेंट उन दोनों ने खुद ही निकाल दी.

उसने मुस्कराते हुए पूछा- कहां खो गए थे?मैंने- तुम बहुत खूबसूरत और सेक्सी हो यार. मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया और चूत के ऊपर रगड़ने लगा और अपना काम-रस उसकी चूत के ऊपर गिरा दिया उसने भी मेरे लंड रस को अपनी पूरी चुत पर मल लिया. उस नाइट मॉम ने मुझे अपने रूम में भी एंट्री नहीं दी, मैं दूसरे रूम में सोया.

सेक्सी वीडियो कॉलेज की हिंदी

तब मैंने कहा- क्या शाम का टाइम मिल सकता है, अगर आपको कोई प्राब्लम ना हो.

मुझे पता लग चुका था कि आज मुझे मेरी चुत की पहली चुदाई का मजा मिल जाने वाला है. वो बोले- चलो रचना… अब जल्दी से घोड़ी बन जाओ… इसी तरह मुझे औरतों को चोदना पसंद है. अब मैंने फाइनल झटका दिया, तो नाज़ को देख कर ऐसा लग रहा था कि उसकी आंखें बाहर आ जाएंगी, 10 मिनट तक वो बिना हरकत किए पड़ी रही और मैं जूही को किस कर रहा था.

मेरे ऊपर तो वैसे ही कामुकता चढ़ी हुई थी, मैं तो अपनी बहन को पूरी नंगी करना चाह रहा था. पर लंड भी पूरा बहनचोद बन चुका था, वो साला फिर से दीदी की चूत की तरफ फिसल गया. गर्ल सेक्सी वीडियो बीपीउनके हाथों को अपनी पीठ पर रखवा दिए और कहा- अगर थोड़ा भी दर्द हुआ, तो मुझे जोर से पकड़ लेना.

खड़ा हुआ लौड़ा आम तौर पर 6 से 7 इंच लंबा हो जाता है और उसकी मोटाई भी 2. अगले दिन जब हम रूम में अकेले थे तो चिंटू ने गेट बंद कर दिए और मुझे अपने बिस्तर पर बुला लिया.

मुझे बहुत ज्यादा दर्द गांड में होने लगा, लंड घुस नहीं रहा था तो उन्होंने बहुत सारा थूक लगाया और अंदर डाल दिया. अब उसकी कमर को पकड़ कर लंड को गांड पर सैट किया ही था, वो बोली- प्लीज़ आराम से. दिन भर में भाई तो मेरा मस्त दोस्त बन गया और उसकी दीदी भी फ्रेंडली हो गई.

जो तुम्हें देखते ही खड़ा हो जाता है।ये कहते हुए लण्ड को गाण्ड पर दबा दिया और गर्दन पर चुम्बन करने लगा।वो बोली- राज छोड़ो. मैंने गैरेज का शटर डाउन किया, मेन-गेट को अंदर से ताला लगाया और अंदर दाखिल हुआ, कपड़े बदले और किचन में जा कर कॉफ़ी बनायी।प्रिया… कॉफी पियोगी?” मैंने आवाज लगाई. मुझे लगता है कि भगवान ने मुझे लड़की बनाते बनाते ग़लती से चुत की बजाए लंड दे दिया.

कुछ मिनट ऐसे ही रहने के बाद मैंने फिर से धक्के लगाने शुरू किए तो धीरे धीरे उसको भी मजा मिला और अब वो भी ‘आआहह उउउहह ऊओ आआईय.

मैंने उसकी ब्रा पेंटी उतारी और उसके सारे अंगों को कपड़ों छुटकारा दे दिया. उसके बाद परीक्षित मेरी चूत को चाटने लगे, जो मेरी चूत से रस निकल रहा था, इन्होंने उसे भी चाट लिया.

एक गली में मुझे एक बोर्ड दिखाई दिया, उस पर लिखा था कि रूम भाड़े से देना है और नीचे कॉन्टैक्ट नंबर दिया हुआ था. मैंने अपनी वाइफ को इशारा किया तो वो धीरे से बोली- ये है क्या?मैंने कहा- हां यही है. लेकिन आज मेरी छोटी चाची घर में थीं तो मैं खेलने के बहाने से उससे ऊपर वाले कमरे में ले गया, जहां हम सभी लोग सोते थे.

फिर वो एक एक करके अपने उतारे हुए कपड़े बर्थ पर फेंकने लगीं जो मेरे ही ऊपर गिर रहे थे; पहले साड़ी फिर ब्लाउज… फिर पेटीकोट… पैंटी और अंत में उसकी ब्रा मेरी गोद में आन गिरी. उसने चूत को ढकने के लिए चड्डी पहनी हुई थी… जो बिल्कुल गीली हो गई थी. मैंने अपने शब्दों के तीर चला दिए थे अब इन तीरों का क्या परिणाम होगा, देखना ये था.

जवानी की बीएफ उनकी चुत में उंगली डाल कर मैं उनको फिंगर फक कर रहा था, तभी मुझे उनकी चुत में पानी का अहसास हुआ और मैं समझ गया कि अब ये भी गरम हो गई हैं. खैर कहानी की शुरूआत करने से पहले मैं आपको बताना चाहती हूँ कि मेरी कुंवारी चुत कैसे चुदी और फिर मैं कैसे चुदाई की शौकीन बन कर पूरी कॉलगर्ल बन गई.

चोदा चोदी सेक्सी दो

तभी भाभी ने एक पैर मेरे सीने पे रख दिया और मेरा हाथ उनकी चूत के ऊपर पहुँच गया और सलवार के ऊपर से मैं भाभी की चूत को सहलाने लगा. क्या आपने मेरी वो देख ली है?मैंने खुलते हुए कहा- हां भाभी अभी तो आपकी चुत एक जालीदार पैकेट में देखी थी. अब मैंने फिर से चुदाई शुरू कर दी और देखते ही देखते कुछ मिनटों में मेरी स्पीड बढ़ती गई और साथ ही बढ़ते गया मेरे लंड़ का आकार और कड़ापन।मेरी दूसरी शुरुआत को लगभग दस मिनट होने वाले थे और आंटी जी के शरीर में ऐंठन चालू हो गई। इसका मतलब ये था कि अगर उस समय मैं स्खलित ना होता तो आंटी भी दो चार मिनट ही साथ दे पाती।उन्होंने मेरे शरीर को खुद की तरफ खींचना शुरू कर दिया और बड़बड़ाने लगी.

बालों में हाथ से सहलाने के बाद मैंने आंटी के माथे पर एक विश्वास वाला किस किया, जिससे उनका मुझ पर विश्वास और ज्यादा बढ़ गया था. जब वो झड़ने से बच गया तो नताशा ने जल्दी से सबसे इम्पोर्टेन्ट ऑर्गन को अपने मुंह में भर लिया, और किसी चोकलेट कि तरह उसे चाटने लगी. सेक्सी भेजो सेक्सी ओपनमैंने धीरे धीरे हिलना चालू रखा और इसी तरह पूरा लंड चाची की चूत के अन्दर चला गया.

मैंने मम्मी ने पापा ने सभी ने बातें की, मैंने ज्यादा देर बातें की अपने कमरे में मोबाइल एक जगह रख कर अपना काम भी करती रही और बात भी होती रही.

अब बिंदु मुझसे खुल कर बात नहीं करती थी क्योंकि उसको उसी के रियल बेटे ने मेरे सामने चोदा था. पूरी टी-शर्ट ही छोटी लग रही थी और नीचे से उसकी नाभि भी बाहर नजर आ रही थी.

मैं नज़रें फेर कर चुप सा ही रहा और प्रिया अपनी गहन दृष्टि सर मेरे चेहरे के भाव पढ़ती रही. वो- क्यों ऐसा क्या देख लिया मुझमें?मैं- प्रश्न को प्रश्न से टाल देना. मैंने आज पहली बार काव्या को अपने सामने जीती जागती देखा तो मैं मस्त हो गया.

ऐसा लग रहा था कि पाईप लगाने से पहले छेद को बोर किया जा रहा है।फिर उसने अपनी चूत को मेरे लंड पर सेट किया और लंड को गप से अन्दर ले लिया, फिर मेरे ऊपर लेटकर मेरे होंठों को चूसते हुए मुझे चोदने लगी। कभी वो सीधे बैठती तो कभी मेरे ऊपर लेट जाती, इसी तरह चोदती रही।काफी देर तक यह सिलसिला चलता रहा, फिर एक वक्त आया कि मेरा शरीर अकड़ने लगा, मेरी जांघें आपस में सिमटकर एक दूसरे से चिपक गई.

अन्तर्वासना के पटल पर एक और कहानी का समापन।कैसी लगी मेरी प्रेमिका की चुत चुदाई कहानी?आप मुझे मेल कर सकते हैं![emailprotected]. तब बालू फिर बोला- मैं यही हूं, करो जो मन पड़े!इतना सुनते ही आशीष बोला- अब देख वन्द्या, तेरी चूत कैसे साफ करता हूं, तू खुद मेरा लन्ड मुंह में भर लेगी।और वो पूरी जीभ अपनी मेरे चूत में घुसा कर इतना जोर जोर से चूसने लगा और चाटने लगा कि मैं पागल हो गई और सच में उसके लन्ड को पकड़ लिया और जोर जोर से रगड़ने लगी. तो सोचिये कि दिन की हालत कैसी होगी।अब मुझे मेरे ऑफिस जाने के लिये सुबह जल्दी निकलना पड़ता है।ऐसे ही एक सुबह मैं अपने ऑफिस के लिए घर से निकला कि कुछ दूर जाने पर एक लड़की ने मुझे हाथ का इशारा देकर रूकने के लिये कहा। उस समय वो अपने मुंह को ढके हुयी थी।मैं उसके पास जाकर रूक गया.

वीडियो सेक्सी पिक सेक्सीC टूरिस्ट बसें पूरे उत्तर भारत में चलती हैं, इन साहब ने अपनी कोई मनौती पूरी होने के उपलक्ष्य में अपने गोत्र की सारी लड़कियों समेत वैष्णो देवी दर्शन के लिए पूरी AC स्लीपर वाली वॉल्वो बस बुला रखी थी. मैंने धीरे से दीदी के सूट के अन्दर हाथ डाला और उनके मम्मों को दबाना शुरू कर दिया.

सेक्सी वीडियो आदिवासी जबरदस्ती

शायद उन्होंने समझ लिया था कि मैं झड़ चुकी हूँ तो उन्होंने भी जोर जोर से ठापें लगाना शुरू कर दीं और मेरी चुत में ही अपने लंड का लावा उगल दिया. मैं शाम को आऊंगा, लेकिन मेरी एक ख्वाहिश है कि आज रात तुम मेरे लिए दुल्हन जैसे सजो और मैं तुम्हारे साथ सुहागरात मनाऊं. अब सच में मेरी हालत बहुत खराब होने लगी, तभी मुझे लगा कि लगता है बालू से चुदवा लूं… नहीं पागल कर देंगे.

मैंने उससे पूछा- कहाँ जॉब मिलेगी?तो उसने बताया कि उसकी पुरानी सहेली एक बिल्डर के यहाँ रेसेप्टनिस्ट है और वो उसकी जॉब बहुत अच्छी सैलरी पर लगवा देगी और 10 से 6 का टाइम रहेगा. मैंने उससे हैलो कहा, उसने भी हैलो का जबाव देते हुए कहा- कैसे हो?मैंने कहा- अभी तक तो ठीक था लेकिन अब नहीं हूँ. उनका दूसरा दोस्त मां की साड़ी ऊपर करके नीचे से उनकी गोरी गोरी जाँघों पर अपने हाथ फेरते हुए चूमने और चाटने लगा.

एक दिन मैंने उनसे बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने मुझे कोई भाव नहीं दिया. जो उसके चलने से मटक से रहे थे। मेरा दिल कर रहा था कि पकड़कर मसल दूँ। ये सोचते सोचते मेरा लण्ड फिर खड़ा हो गया।वो पहली मन्जिल पर एक कमरे के सामने रुकी और बोली- ये है आपका रूम. मैं उसको सॉरी बोल कर वहां से निकल गया, लेकिन तभी वो फिर मुझे मेट्रो में मिल गई.

खैर अब तक तो मैंने सोच लिया था, चाहे कुछ भी हो, मैं पीछे नहीं हटने वाली. विवेक बोला- यार धीरे से… लंड उखाड़ लोगी क्या?कामिनी बोली- जब से खुद निप्पल चूस चूस के मम्में रगड़ रगड़ के लाल कर दिए तब कुछ नहीं हुआ? मेरा बस चले न तो मैं तुम्हारे लंड को अपने पास ही रख लूं!और हंसने लगी.

इधर मैं अपनी ड्रिंक सिप करता रहा और अपने फोन से बहूरानी को शूट करता रहा.

नीला अपने मम्मों को पानी के अन्दर मेरे हाथों से दबवाते हुए कहने लगी- इनको दबाने से दूध निकलता है, जिसको पीने से आदमी धन्य हो जाता है. गुजराती सेक्सी वीडियो खुलम खुलानमस्कार मित्रो, यह मेरी पहली गन्दी कहानी है अन्तर्वासना पर, सभी चुतों और लंड धारियों को मेरे खड़े लंड की तरफ से ढेर सारा प्यार. फुल एचडी ओपन सेक्सीबात ऐसी हुई कि एक जगह मैं इंटरव्यू के लिए गया था, वहाँ एक लड़की भी आई थी, सलवार कमीज़ में अपने पूरे बदन को ढके हुए डरी हुई सी बैठी थी, मैं उसे देख रहा था, पर उससे बात करने की हिम्मत नहीं हुई. बहूरानी अपने भाई की शादी में जा रही थी तो उसके हाथ पैरों में रची मेहँदी, आलता नाखून पोलिश और ऊपर से गोरे गोरे गुलाबी पैरों में सोने की पायल… मेरा एक एक शॉट लाजवाब निकला.

करीब 10 मिनट बाद भाभी का शरीर अकड़ने लगा और चीखती हुई झड़ गयी, और मैंने भाभी की चुत का सारा रस पी लिया जो बहुत ही टेस्टी था.

मुझे लगा था कि शायद कुछ गड़बड़ हो गई और मैंने लंड निकालने की कोशिश की, तो नीला ने मुझे रोक दिया और हम दोनों दर्द को सहते हुए चुदाई की क्रिया को करने लगे. अब प्रीति की आवाज़ साफ़ सुनाई दे रही थी… वो फोन पे अपनी चुदाई की कहानी सुनाए जा रही थी. बात बात में उन्होंने मुझसे पूछा- रात में कहाँ रुकोगे?तो मैं बोला- जहाँ आप सुलाओगी, वहीं सो जाऊंगा.

मैं अपने लंड को हिला कर सो जाता और वो अपनी चुत में उंगली कर के सो जाती. मॉम ने कहा- रुक…इतना कह कर मॉम ने अपना एक पैर उठाकर डाइनिंग टेबल के ऊपर रख दिया और खुद टेबल पर टेबल क्लॉथ की तरह बिछ गईं. वैसे तुम रहते कहां हो और किसके साथ?”मेम मैं बाहर फ्लैट लेकर अकेला ही रहता हूँ.

जापान रेप सेक्सी वीडियो

मैंने भी खुलते हुए कहा- मुझे चूत में मज़ा नहीं आता, मैं गांड के मज़े लेता हूँ. इस बीच वो भी मेरा मुँह अपने पेट पर जोर से रगड़ रही थी… मैं तो खुद को रोक नहीं पा रहा था. अब मैंने धीरे से उसकी चुत के ऊपर अपना लंड टिका दिया और धीरे धीरे रगड़ मारने लगा.

हालांकि उसे डीजल माल नहीं कह सकता क्योंकि वो न तो मोटी है और न ही अभी उम्रदराज है.

ललिता ने कहा- कोई और जगह नहीं है क्या? मेरी चुत में आग लग गई है जल्दी से मुझे कुछ करो, यहीं जमीन पर कर लेते हैं.

फिर मैंने उसको जोर से चूमना शुरू किया, उसके होंठों को फिर पीना शुरू किया. एक बार की बात है गर्मी की छुट्टियों में मेरी कजिन बहन सुनन्दा का युवा बेटा पीयूष मेरे साथ खेल रहा था. सेक्सी इंडियन बढ़ियामेरी माँ के मुँह से गरम सीत्कारें निकल रही थींदस मिनट तक लंड चुत की चुसाई चलती रही, फिर माँ ने कराहते हुए कहा- अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है… प्लीज़ मुझे चोद दो.

अब बालू मुझे दिखा, वो अपना लन्ड हाथ में लिये हिला रहा था, बालू बोला- सच बोल रहा है आशीष तू! क्या मस्त माल है ये वन्द्या… तेरा लौड़ा कैसे मस्त चूस रही थी, मैं देख कर ही पागल हो रहा था, पहले थोड़ा बुरा लगा जब तूने इसको पहले चोरी से चोद दिया और फिर जब अभी दोबारा इसकी चूत चाटना शुरू किया. आज सुबह जब मैं कॉलेज पहुँचा तो लड़के बहुत ही कम थे क्योंकि आज मैं जल्दी पहुँच गया था. जब मैं उनके घर पंहुचा तो वो काम में बहुत ज्यादा बिजी थी तो उन्होंने मुझे आते हुए नहीं देखा वो घर की सफाई ब्लाउज और पेटीकोट में कर रही थी।भाभी बहुत सेक्सी लग रही थी, मैं उन्हें बहुत ही गौर से देख रहा था कि अचानक उनकी नज़र मुझ पर पड़ गयी तो वो एकदम घबरा सी गयी और अपने शरीर को ढकने की कोशिश करने लगी.

उनका शर्ट मम्मों तक ऊपर लाने के बाद मैंने दीदी के हाथ पकड़ को अपने बरमूडे में डाल दिया और दीदी के पजामे को धीरे से नीचे करना शुरू किया. उनकी खूबसूरती को चार चांद लगाने में उनके लम्बे बाल पूरी शिद्दत से उनका साथ देते हैंमाँ की गांड भरी और उठी हुई है और उनके मम्मे भी 36डी साइज़ के हैं.

मैंने जब वो ड्रेस पहनी तो वो ढीली ढीली थी, जिसमें मेरे दोनों कंधे आधे बूब्स ऊपर तक खुले थे और वो ड्रेस पेट तक थी.

ओके आज तुम सब घर पे फ़ोन करके बोल दो कि खाना सर के घर खाएंगे और आज 2 घंटे की एक्स्ट्रा क्लास है. उसके आते ही मैंने दरवाजा बन्द किया और एक हाथ से उसका हाथ पकड़ कर दूसरा हाथ उसकी कमर पर रखा और उसके गाल पर एक किस कर दिया. भाई का लन्ड अब्बू के लन्ड से छोटा था तो मुझे अब्बू के लन्ड से चुदने की इच्छा ज्यादा थी, पर अब्बू के लन्ड पर आज अम्मी मुँह मार के बैठी थी।भाई लगातार मेरे बूब्स दबा रहा था.

आदिवासी सेक्सी पिक्चर डाउनलोड हम रुक रुक कर एक दूसरे को चूमते रहे, एक दूसरे को नग्न देख कर खुश होते रहे. मैंने भी उनको परेशान करना ठीक नहीं समझा और मुझे कोई दिक्कत भी नहीं हो रही थी.

आंटी हंस दीं और बोलीं- सच में उसी दिन मैंने भी सोच लिया था कि तेरे लंड से ही अपनी चुत की खुजली मिटवाऊंगी. उसने 10-15 मिनट में मेरे लिप्स गले कंधे मतलब जितना खुला हिस्सा था, उतने पर किस कर लिए. फिर वो मेरे सामने धीरे धीरे अपने कपड़े उतारने लगीं, साड़ी तो चाची पहले ई उतार चुकी थी, उफ़… मैं तो मदहोश होता जा रहा था.

देहाती सेक्सी पिक

फिर वो बोली- बोलो आज भी तुम्हारा कोई इंतज़ाम करवाना है या अब एक दो दिन रुकना है?मैंने कहा- अभी 2 दिन रूको फिर बता दूँगी. हमने पूछा कि वो कैसे, तो बोला- एक की चुत में लंड डालूँगा और दूसरी की चुत को मुँह से चूसूंगा. मैं कल्पना करने लगा कि उसके निप्पल कैसे होंगे? शायद गुलाबी होंगे? क्योंकि वो बहुत गोरी है! या शायद भूरे हों!मैं बस अपनी बहन की बुर और चुची के बारे सोचते हुए चाय पीता रहा और हम दोनों ने चाय खत्म कर ली.

हाँ डार्लिंग,” वो बोली- बस थोड़ा थक गई हूँ…और फिर वो अचानक उठ कर बैठ गई, भाग कर बाथरूम में घुस गई और अपनी वेजिना बोतल में गर्म पानी भरने लगी. जब वो नॉर्मल हुई तो मैंने फिर से धक्का लगाया और पूरा लंड उसकी चुत में घुसा दिया.

मैं मीषा की चूत के होंठों को अपनी उँगलियों से खोल कर उसमें जीभ घुसा कर चटाने लगा, जल्द ही मीषा की चूत ने नमकीन पानी छोड़ दिया.

आज मैं आपको मेरी देसी चुदाई की कहानी बताने जा रहा हूँ कि कैसे मैंने अपनी पड़ोस वाली आंटी की प्यास बुझाई. मैंने करवट लेने के अंदाज में पलटते हुए अपने हाथ सीधे मां के ऊपर रख दिया तो भौंचक्का रह गया. बुआ बोलीं- मुझे पता था कि तेरे पास उतना बड़ा औजार ही है, जितना मैंने सोचा था.

अरे कहाँ?” पीछे से मैं चिल्लाया- अभी तो एरिक संग हम भी बाकी हैं… हमारा क्या होगा?विदेशी लड़की की गांड और चूत की चुदाई स्टोरी जारी रहेगी. एक पल को तो मेरे रौंगटे खड़े हो गए लेकिन जैसे ही मुझे प्रिया के वहाँ होने का ध्यान आया तो मेरे लिंग में भयंकर तनाव आ गया. आज मैंने मॉम के मम्मे सहलाए और जांघें भी टच की और मुठ मार कर सो गया.

मैंने उसकी बात से कोई इन्कार नहीं किया था, जिससे उसने मुझे चूमना चालू कर दिया.

जवानी की बीएफ: फिर उसने भी मेरे मुहँ को अपनी चूत पर दबाना शुरू कर दिया था, वह भी बहुत ही मज़े ले रही थी।फिर थोड़ी देर के बाद मैंने भी अपना लंड उसके मुख में दे दिया था. ये सुनते ही मैंने उनको अपने नीचे पटका और चाची से कहा- चाची कंडोम है क्या?वो बोलीं- देखो वहीं अलमारी में पड़ा होगा.

मैंने उसकी गांड से लंड खींचा और उसको फर्श पर चित लिटा कर उसकी चूत में लंड पेल दिया. नवीन अपना पजामा उतारते हुए बोला- मालकिन आज आप लंड नहीं चूसेंगी?मॉम- नहीं नवीन स्कूल के लिए लेट हो जाएगा. प्रिया के रेशम-रेशम जिस्म की कल्पना करते ही मेरे लिंग समेत मेरे जिस्म का रोयाँ-रोयाँ खड़ा हो गया और उस रात बिस्तर में मैंने सुधा की हड्डी पसली एक कर के रख दी.

करीब 15 मिनट चुम्मा चाटी के बाद हम अलग हो गए।मैंने उसे कहा- बाथरूम में आ जाओ, यहां बच्चे उठ जायेंगे.

तब चाची बोलीं- कभी हाथ का प्रयोग किया है?मैं बोला- हाँ, लेकिन कभी इतना बड़ा नहीं हुआ था!तो चाची बोलीं- अभी क्या, अभी तो केवल शुरुआत है!और उन्होंने पहले तो मेरे लिंग की लंबाई मापी, फिर अपने हाथों से हल्का सा मुठिया कर अपने मुंह में लेकर लॉलीपॉप के जैसे चूसने लगीं. कई बार मयूर से कहते थे- यार अगर रचना की चूत दिला दो तो तुम्हारा तुरंत ही प्रमोशन कर दूँ. आंटी पूरी तरह से मेरी संगिनी बनकर चुदाने को रेडी थी लेकिन मैं उन्हें और तड़पाना चाहता था.