बीएफ फिल्म चूत लंड

छवि स्रोत,मिया खलीफा ब्रेकिंग न्यूज़ टुडे

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सेक्सी विड़ीयो: बीएफ फिल्म चूत लंड, हालांकि वो उम्र में उन दोनों के बराबर के ही थे लेकिन उन दोनों के लंड उनके जिस्म की तरह ही भारी भरकम थे.

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पर जल्दी जल्दी में मैं फ्लश करना भूल गया था और मेरा वीर्य टॉयलेट में तैर रहा था. लड़के का लैंडक्योंकि ठंडा देते वक्त वो झुंकेंगी, तो मुझे उनके मस्त रसीले मम्मे देखने को मिल जाएंगे.

” कहकर महेश ने अपनी बेटी की पेंटी को नीचे करके निकाल दिया और बेड पर बिठाकर अपनी बेटी ज्योति की गीली चूत को चाटने लगा. अक्षरा सिंह का पतिकुछ देर के बाद वो अपने सेठ दोस्तों के साथ मेरे कमरे में आये और बातें करने लगे.

वो मेरी इजाजत पा चुके थे।अब उन्होंने मेरी दोनों हाथ से मेरी गांड को पकड़ के थोड़ा ऊपर उठाया और तेज़ी से धक्के देना शुरू कर दिए.बीएफ फिल्म चूत लंड: फिर हमने 2 कॉफी और 1 पास्ता, एक वेज लॉलीपॉप और स्प्रिंग रोल मँगा लिये।हम दोनों शेयर करके खा रहे थे तो मैंने जान बूझ कर उसके गाल पर क्रीम लगा दी और उसे साफ करने का इशारा किया लेकिन उसने साफ नहीं किया और मुझे ही साफ करने का इशारा किया तो मैं उठ कर उसके पास साफ करने गया और साफ करके हल्का सा झुक कर उसे एक किस दे दिया जिसकी उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।फिर हम हॉल में जाकर बैठ गये.

मैं चाय लेकर उनके कमरे में गयी तो पापा अभी तक वैसे ही नंगे होकर सो रहे थे.मेरी लाल कलर के ब्रा में मेरे आधे से ज्यादा चूचे बाहर से ही झलक रहे थे.

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नीता उम्म्ह… अहह… हय… याह… करके उसके माल की पिचकारियाँ महसूस करती रही और मैंने भी अपना माल निकाल दिया.मैं फिर से अपने दोस्तों के लिए अपनी नई सेक्सी कहानी लेकर हाजिर हुआ हूँ.

इधर अपनी बहू की कामुकता भरी हरकतों को देखकर मेरा लंड हिलौरें मारते हुए टनटना चुका था. बीएफ फिल्म चूत लंड वो प्यार भरा आलिंगन, जो उस समय वासनामय नहीं था, उसमें केवल प्यार ही था.

मेरी उम्र 29 वर्ष है और मैं पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर शहर का रहने वाला हूँ.

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शबनम के सारे विचार उसी पर केन्द्रित थे और वो जब भी मौका मिलता, अपने शरीर को उसके शरीर से रगड़ने की कोशिश करती. मैं समझ चुका था कि पूजा अब लंड को अपनी चूत में समा लेने के लिए तैयार है! तभी मैंने धीरे से लंड को चूत के द्वार पर रख के एक हल्का सा जोर लगाया. मेरे नीचे उतरने से पहले उसने मेरे लंड को किस किया और हल्के से उस पर अपने दांतों से काट लिया.

मैं पीछे की ओर खिसकने लगा … लेकिन आंटी मेरा सर और अन्दर ले रही थीं. तो हुआ यूं कि जब मैं कोचिंग क्लास में जाने लगा था तो शुरू के दिनों में पढ़ाई को लेकर काफी सीरियस था. थोड़ी देर में लेरा लावा निकलने लगा, वो मुँह हटाने वाली थीं कि मैंने उनका सर पकड़ कर लंड पर दबा दिया.

ऐसा नहीं था कि वो अपनी ज़िन्दगी में पहली बार लिंग देख रही थी, लेकिन इस उम्र के लड़के की इतनी मजबूती और उसकी खुद की प्यास ने उसको वहां से ना हटने के लिए मजबूर कर दिया था. अब मेरा एक हाथ उसके एक दूध पर था दूसरा हाथ उसकी साफ चूत को सहला रहा था. अब मेरे हाथ उसके टॉप में जा पहुंचे थे और उसके मम्मों को टटोल रहे थे.

अब वो भी नंगी थी और मैं भी … मैं उसके मम्मों को लगातार मसलता रहा, चूसता रहा. मैं तुमसे प्यार करती थी इसलिए मैंने तुमसे वो चुदाई वाली बात छिपा ली.

क्या?”हाँ, ब्लाउज पेटीकोट में मस्त माल लगेगी और चुदाई में भी आसानी होगी.

क्या बात सिर्फ यही है कि मैं संदीप को पसंद करती हूं, या फिर मैं संदीप की दीवानी हो चुकी हूं.

मैंने लेडी बन कर ही उसको बताया कि वो लड़का तो अहमदाबाद में रहता है. मेरे लंड की आग को ठंडा करने में साथ ही वो अपनी भी गर्मी शांत कर रही थी. ऐसे में जब घर में केवल औरतें हों और उनके मर्दों की गैरमौजूदगी में पराये लोग घर में आते हों तो फिर सब लोग ऐसा ही सोचेंगे.

मैं सेक्स के लिए इतनी भूखी थी कि मैंने उसे देखते ही अपनी दोनों टांगें फैला दीं. वो एकदम से गनगना उठी और मेरे सर को अपनी चुत पर दबाते हुए बोली- आंह आज खा जाओ मेरी इस निगोड़ी चुत को … इसे चोद कर इसकी आग बुझा दो मेरे राजा. मैंने उसकी सलवार, जो पहले से खुली था, उसको नीचे सरका दिया, वो बिना पैंटी के थी.

मैंने कहा- चाची प्लीज अब ये शर्म को छोड़ कर मजा करो, क्यों अपने आप पर और मुझे पर इतना जुल्म कर रही हो.

अब मुझसे खुद भी सहन नहीं हो रहा था, तो मैंने उसे उठाया और बाथटब में ले गया. जिस नजारे का हम दोनों दोस्त बेसब्री से इंतजार कर रहे थे अब वह हमारे सामने शुरू हो ही गया था. मेरे पति तो आते हैं, मेरी चूत में अपना पांच इंच का छोटा पतला सा लंड डालकर पानी निकाल लेते हैं और मैं प्यासी रह जाती हूँ.

इधर मेरे होंठों पर किस करते करते हनी का हाथ मेरे मम्मों पे आ गया था और वो मेरे कपड़ों के ऊपर से ही मेरे मम्मों को सहलाने और दबाने लगा. अचानक से भाबी ने मुझसे पूछा- आरव तुम्हारी कोई जीएफ नहीं है?मैंने बोला- भाबी अभी तो इस शहर में मैं खुद नया हूँ … इसलिए अभी तक कोई नहीं बन सकी है. मैंने भी कहा- ऐसी क्या खास बात है मुझमें?सिद्धू ने कहा- तू चीज़ बड़ी है मस्त मस्त!और हम दोनों हंसने लगे.

बीवियों की अदला बदली के इस याराना में जुड़े रहिये अन्तर्वासना के साथ.

ऐसा नहीं है कि जॉली जैसा लड़का इस बात से अनजान था, लेकिन उमा से मिले अनुवांशिक खूबसूरती से वो वाकिफ था और ऐसा माल हाथ आने के बाद कौन उसका इतिहास जानन चाहेगा. अब तो उससे वीडियो चैट करके लंड हिलाने का भी मौका नहीं मिल पा रहा था.

बीएफ फिल्म चूत लंड क्या मैं आपके यहाँ नहा सकती हूँ? मुझे अपनी सहेली के यहाँ पार्टी में जाना है।मैंने कहा- हाँ नहा लो।पूजा अन्दर आई और मैंने दरवाजा बन्द किया. लगभग पंद्रह बीस धक्के और लगे और मेरी चूत से झरना फ़ूट पड़ा, साथ ही मयूर के लंड से गर्म गर्म वीर्य की बरसात मेरी चूत के अन्दर होने लगी थी.

बीएफ फिल्म चूत लंड जब चाची जी मुझे दुबारा रोटी देने के लिए आईं तो मैंने कहा- सॉरी चाची जी. उसे इस बात का जरा भी बुरा नहीं लगा, वो बोली- इस उम्र में सेक्सी?ये बोल कर वो हंसने लगी.

’नाश्ता करके सुनील ने सिगरेट लगाई तो पैकेट दीपा मनोज को भी ऑफर किया.

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फिर उसने जब मेरा लंड पकड़ लिया और बोली- अब इधर उधर मत कर … छेद में डाल दे. फिर भाई ने मेरी दोनों टांगों को अपने कंधे पर रखा और मेरे पैर को चाटने लगा. कुछ ही देर की लंड चुसाई से मेरा पानी निकल गया और उसके मुँह में चला गया.

मैंने उनकी दोनों टांगें पकड़ा कर चित लिटाया और बीच में आकर अपने लंड को मेम की चूत में सैट कर दिया. अमित ने उसकी गांड को पीछे से ही चाटना शुरू कर दिया और धीरे धीरे अमित उसकी चूत पर चाटने लगा!अब पूजा की चूत में मेरा मोटा लन्ड और अमित की जीभ थी. ये सबका तय था कि चूंकि दो दिन कहीं बाहर नहीं जाना, बस इसी विलेज में रहना है जहां स्टाफ के अलावा कोई बाहर का नहीं आएगा तो इन दो दिनों कोई भी लड़की या लड़का अंडरगारमेंट्स नहीं पहनेगा.

मैंने नीचे से अपनी उंगली उसकी चूत में चलानी शुरू की और ऊपर से उसकी गांड की ठुकाई जारी रखी.

बस इसी बीच सारिका ने मुझे यशिमा के बारे में बताया कि उसने लव मैरिज की थी, पर उनकी शादी के 4 साल बाद ही दोनों में तलाक हो गया. फिर मैंने नीरू को खड़ी किया और उसकी एक टांग वाशबेसिन पर रख दी और उसकी चूत चाटने लगा. फिर उसने किस करते करते मेरी टीशर्ट उतार दी और एक झटके में ब्रा फाड़ दी.

उसकी सिसकारियां कुछ इस तरह उसकी उत्तेजना को बयां कर रही थी- आह्ह … दीदी, अह्ह … ये क्या कर रही हो! अम्म … आआहस्स्… तुमने तो मसाज के बहाने मुझे गर्म कर दिया दीदी. लेकिन भाभी के घर में उसे चोदूं कैसे, ऐसा ना हो कि कहीं भाभी से बात बिगड़ जाए और भाभी की चूत भी ना मिले. मैंने उसके कंधों को कस कर पकड़ लिया और गले पर चूमते हुए उसे चोदना जारी रखा.

मुझे विश्वास हो गया था कि अब चाची मेरे लम्बे लंड को लेने के लिए मचल गई हैं. सोनिया- आज तक इतना अच्छा ऑर्गेज्म मुझे कभी नहीं हुआ जानू … कभी इतना मजा नहीं आया, जितना आज झड़ने में मजा आया.

नाना और मामा ने हमें रोकने की कोशिश की … पर मेरे पापा ने कहा कि अगर हम आज रुक गए, तो फिर मुझे अपने छात्रों को एक दिन छुट्टी देनी पड़ेगी … इसलिए रुकना मुश्किल है. तभी दीपा के आने की आहट हुई तो उसने टिश्यू छिपा लिया और अपनी प्लेट में नाश्ता परोसने लगा. जब बहू बाथरूम में अपनी चुदी हुई चूत धोने गयी तो ससुर भी पीछे पीछे पहुँच गया और …परिवार में सेक्स की स्टोरी के पिछले में आपने पढ़ा कि महेश ने अपनी बहू की चूत बाथरूम में ले जाकर फिर से गर्म कर दिया और उसे अपना लंड भी चुसवा दिया.

दीपा ने भी शॉर्ट्स और टॉप डाला, पर बिना अंडरगार्मेंट्स के!अब सबसे पहले सिगरेट दीपा ने जलाई और दो चार सुट्टे मारकर मनोज को दे दी.

जब मैंने उसके लंड को अपने मुँह में भर कर चूसना शुरू किया, तो उसने भी 69 में आकर अपनी जीभ मेरी चूत पर रख दी और वो मेरी चूत से निकल रहे कामरस को नमकीन शहद की तरह चाटने लगा. मैं अपनी तारीफ नहीं कर रहा हूं मगर मेरी बॉडी और मेरे चेहरे को देख कर लड़कियां मेरे पीछे लट्टू हो जाती थीं. कुछ देर गले लगने के बाद मैंने उसे अलग किया और उसकी एक चूची को कसके दबा दिया.

मैंने हैरान होते हुए पूछा- क्या पता है आपको मेरे बारे में?वो बोली- मैं दो साल से अन्तर्वासना पर कहानियां पढ़ रही हूं. मैंने हाथ लगा कर देखा तो अमृता ने नाड़ा खोल दिया था लेकिन पैंटी नहीं उतारी थी.

अब दीपा की आफत … कभी सुनील चिपटाए कभी मनोज!पब्लिक प्लेस पर तो वो ये भी नहीं कह सकती कि चलो दोनों आ जाओ. उम्मम्मम …”सश्सस स्स्स्स …”मेघा कितनी प्यारी खुशबू है!”उम्म्म्म सश्सस स्स्स्स … अअअअअ सर … कुछ हो रहा है!”सर की जीभ मेरी चूत के अंदर जा रही थी. मैंने उसका लंड दोबारा से मुंह में लिया तो उसने मेरे सिर को दबा कर मेरे मुंह में ही मूत दिया.

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मेरे कहने पर भी उसने मेरे लंड से अपना मुंह नहीं हटाया और मेरा पानी उसके मुंह के अंदर ही निकल गया.

जब मैं नहा कर बाहर आई तो गांव की औरतों ने मेरा चेहरा देखा जिस पर चूसने और काटने के कई निशान थे. मैंने चैक करने के लिए उसकी गांड पर हाथ फेरा, तो वो नीचे पैंटी नहीं पहने थी. सोनिया- मेरे पास आ जाओ ना … तुम्हारी प्यास बुझाने के लिए मेरे पास बहुत सारा पानी है … आओ और जी भर के पियो.

वहां उन्होंने कमरा लिया हुआ था क्योंकि वे वहीं से लोड उठाते और आगरा की तरफ या उसी साईड ही ज्यादा जाते. उस दिन मोसी घर पर अकेली ही थीं क्योंकि मेरे मौसाजी अपने बिजनेस के चलते बाहर गांव गए हुए थे. remove बगउस टाइम ना तो मेरे पास फ़ोन होता था और सेक्स फिल्म देखना तो बहुत दूर की बात थी.

उसके बाद वो दोनों उठे और अपने कपड़े पहनते हुए भाभी कहने लगी कि अब उनको घर जाना होगा. उसके तेज धक्कों से मिल रहे आनंद के कारण मैं जल्दी ही सातवें आसमान पर पहुंच गया.

”आ मेघा … मुझे भी एन्जॉय करो पूरा! क्या रसीली चूत है!”अअअअ सश्हस …”सर ने पूरा लंड अंदर डाल दिया और उनकी बॉल्स एकदम चूत से चिपक गई. मैंने फिर से चार पांच झटके दिए और अपना लंड थोड़ा बाहर निकाल कर जोर का धक्का लगा कर एक ही बार में पूरा लंड गांड की जड़ में पेल दिया. मैं स्टडी की खिड़की से देख देख के बहुत उत्तेजित था और मुठ मारते हुए एक बार अपना माल गिरा चुका था.

बल्कि मेरा मन उसे चूमने का मन करता था … हमेशा उसको छूने का मन करता था. लेकिन न मैं किसी के करीब गयी और न मैंने किसी को अपने करीब आने दिया. मैंने मेम को कुतिया जैसे बनाया और पीछे से उनकी गांड में लंड पेलने लगा.

मैंने भी आंख दबाकर कह दिया- यार मुझे पता नहीं क्यों … अब भी ठंड सी महसूस हो रही है.

फिर मैंने भाभी से पूछा- क्या ये सही में साधना भाभी ने कहा?तो भाभी ने कहा- हां सही में साधना भाभी ने ही कहा. जैसा कि आप सब जानते है कि भले ही ये पोज़ इंटरेस्टिंग है, पर इस पोज़ में थकान भी जल्दी लगती है और हुआ भी वही.

परमीत ने उस आधे खड़े लंड को अपने हाथों में संभाला, ये देखते ही कोमल अपनी सहेली के साथ तालियां बजाने लगी. मैंने ऑटो वाले भैया को अपने घर का पता बताया और घर की ओर चलने को कहा. मैं बहुत दिन से तुझे चोदने के चक्कर में था, आज मौका मिला है तो पानी निकाल कर ही दम लूंगा.

मैं धीरे धीरे उनकी चुत पर हाथ फेरने लगा और वो बिन पानी के मछली की तरफ तड़फने लगी और जोर जोर से सिसकारियां लेने लगीं ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह… ह्म्म्म … अमन्न आह अआआह आह. इस जगह का एक फायदा और था कि यदि कोई हमारी तरफ आता तो हमें दूर से ही दिख सकता था. संजय का सांवला सा लंड, मोटे केले जैसा था, बस लंड और केले में फर्क ये था कि केले का ऊपरी सिरा पतला नोकदार होता है, जबकि लंड का ऊपरी सिरा बड़ा मोटा गोल और मांसल होता है, जिसे सुपारा कहते हैं.

बीएफ फिल्म चूत लंड उन्होंने पूछा- अब ठीक हो न?हाँ ठीक हूँ!”तो फिर चुदाई शुरू करूँ?”मैंने शरमाते हुए अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लिया. थोड़ी देर ऐसे ही चोदने के बाद हम तीनों अपने बेड पर आ गए और मैं नीचे लेट गया.

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मेरे गुल्ले भी नीचे से उसकी जांघों से टकराते हुए आवाजें निकाल रहे थे. मेरी आग अब बढ़ती जा रही थी तो मैंने उसे मेरिउइ कुंवारी बुर लन्ड डालने को बोला तो उसने धीरे धीरे में बुर में लन्ड डालना शुरू कर दिया. मैं चाची की बात को अनसुना करते हुए पीछे से उनकी गर्दन को चूमने लगा और अपने दोनों हाथ आगे ले जाकर उनके चूचों को जोर से पकड़ कर सूट के ऊपर से ही उनके चूचों के निप्पल को अपने अंगूठे और एक उंगली से धीरे धीरे रगड़ने लगा.

थोड़ी देर बाद मैंने अपना लंड फिर उसके हाथ में सहलाने के लिए दे दिया. जितने जोर से मैंने उसके चूचे दबाए, उतना ही उसकी चुत ने ज्यादा पानी छोड़ा. करिश्मा का सेक्सी वीडियोकुछ पल का विराम देकर मैंने उसके चूचों को जोर से दबाया और उसके साथ ही एक झटका देकर उसकी गांड में लंड को आधी लम्बाई तक फंसा दिया.

उधर मैंने देखा कि राहुल रीमा के मम्मों को जोर से दबा बैठा, जिससे रीमा तड़प उठी.

हम दोनों उनके घर के अंदर गए … अंदर जाते ही सर बोलने लगे- मेघा … तुम मेरे से नाराज हो क्या?नहीं तो सर!”तो कुछ बात क्यों नहीं कर रही हो?”कुछ नहीं!”कल रात के लिए सॉरी मेघा … मुझे माफ़ कर दो!”ऐसे मत कहिये सर!”प्लीज मुझे माफ़ कर दो!”आप ऐसे मत कहिये बार बार सर!”रुको … अभी आता हूँ मैं … दरवाजा बंद कर दूँ ज़रा!”वो वापिस आये और फिर से सॉरी बोलने लगे. दीपा को सुनील के सामने देखना अच्छा नहीं लग रहा था, वो उठ कर बेड पर लेट गयी.

पर मैं कैसे बोलूं कि बहुत अच्छा लग रहा है मुझे।पर अचानक मेरा शरीर अकड़ने लगा और उन्होंने मुँह हटा कर कस के चूत का मुँह अपने हाथ से दबाकर बन्द कर दिया और अपने होंठों से मेरे होंठ बन्द कर दिए।अपनी ही चूत की खुशबू मुझे मदहोश कर रही थी। होंठ से होंठ लगे हुए थे, हमारी सांसें लड़ रही थी।और अचानक उनका लन्ड मेरी चूत के होंठ चूमने लगा। वो मेरे होंठ छोड़ ही नहीं रहे थे. मेरे कपड़े गंदे हो जाते।अब मेरे पास इसके आगे कहने के लिए कुछ नहीं था. भाभी बुरी तरह से तड़प उठी और जोर से सिसकारियां लेते हुए उसके बालों को नोंचने लगी.

उसका लंड 7 इंच से ज़्यादा लंबा और मस्त मोटा था, जबकि मेरा 6 इंच से थोड़ा कम है.

धीरज इतना बदमाश है कि एक बार तो पार्टी में भी वो पिंकी की चूत में वाईब्रेटर लगा कर ही ले गया और उसका रिमोट उसके पास था. आप सभी को मेरी खेत में हुई 2 गाँव की भाभी की चुदाई की कहानी कैसी लगी, कमेंट करके जरूर बताना. मैंने फिर से जोर लगाया और अपने लंड अन्दर डाला … अब उन्हें तकलीफ नहीं हुई.

करिश्मा कपूरxxxxमैं अपने हाथों को थोड़ा नीचे ले गया और उसके पजामे की डोर को खोल कर, अपने हाथ को सीधा उसकी पैंटी के अन्दर चुत पर लगा दिया. सोचिये कोई औरत जिसकी चूत तुम्हारे मुँह में है और उसका मुँह तुम्हारे लंड के पास है, तुम उसकी जाँघों को गांड को कस कर पकड़ कर चूत में पूरा मुँह देते हुए जीभ से अंदर बाहर करोगे तो उसकी क्या हालत होगी?पूजा को भी ऐसी कुछ पल के लिए यही अनुभूति होने लगी वो इतनी मस्त हो गई की उसने कामवश अपना मुँह खोल दिया और मेरा लंड … एक पराये पुरुष का अंदर लेकर चूसने लगी.

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हालांकि इसे कहानी कहना उचित नहीं होगा क्योंकि ये घटना एक वृतांत है जो मेरी बहन प्रीति के जीवन की है. अब मेरी बीवी थोड़ी सी परेशान होकर कहने लगी- यह तुम दोनों का ही प्लान था न हम दोनों को इस तरह सबके सामने नंगी करने का? यह तुम्हारी अच्छी बात नहीं है. पर कॉलेज का माहौल देख कर मेरी कभी हिम्मत ही नहीं हुई कि किसी लड़की को पटा सकूँ.

वो हल्के से मुस्कुराई और फिर से आंखें चढ़ा कर बोली- मुझे सब मालूम है कि तुम मुझसे क्या मांग रहे हो. ” ज्योति की साँसें अपने पिता के लंड को देखते ही ज़ोर से चलने लगी और उसने अपनी नज़रों को वहां से हटाये बिना कहा।तुम कुछ मत करो, मगर एक बार इसे अपने हाथों में तो लेकर देखो. अब थोड़ी देर के बाद मैंने सेजल दीदी को नीचे उतारा और उन्हें टेबल के सहारे पीछे घुमा कर खड़ा कर दिया.

मैं पूरी निढाल हो गई थी, मगर मैं रस्सी से बंधी हुई थी इसलिए वैसे ही लटकी रही. मैंने पैग खींच कर गिलास रख दिया और अपनी दोनों बाहें उसके गले में डाल दीं. वहां पर ऐसी सिचुएशन हो गई कि उसके साथ ही वहां के नौकर ने भी अपना लंड मेरे मुंह में दे दिया था.

मैंने ये चुदाई अपने जीजा के साथ ही करवाई थी और ये सब शादी से पहले ही हो चुकी थी. मैं इस सेक्स कहानी से पहले अपने लंड के छोटे होने की बात से काफी परेशान भी था.

कुछ सेकंड में ही उसकी योनि भीग गयी थी और उसकी उँगलियाँ वहां पर अपना काम कर रही थी.

उसने भी मेरी टांगें उठाईं और दो तीन झटकों में लंड चूत में उतार दिया. रक्षाबंधन दिखाइएवहां सब कुछ ओपन होकर भी पर्दे में चल रहा था, पर ड्रिंक के बाद पहले से सैट लड़के लड़कियां आपस में जुड़ने चिपकने और समय जगह के जुगाड़ में लगने लगे. डोली में गोली मार देमैंने पूछा- और आपका भी मन है क्या? आपको प्रिन्स के नये यंग लंड से एंजाय करने का मन है क्या?वो बोली- जैसा आप बोलो. मैंने दूसरे दिन ही अपने बॉस से छुट्टी की बात की तो बॉस बोले- ठीक है, ले लो.

अलमारी सेकॉन्डोम निकाल के दिया और बोला- बिना कॉन्डोम के सेक्स मत करना.

उसके गुलाबी गालों पर वासनामयी गर्माहट फैल रही थी और उसके होंठों से निकल रही तपती सांसें आस पास के माहौल को और कामुक बना रही थीं. इसके बाद भैया ने मेरी जीन्स को भी उतार दिया और मेरी चड्डी को फाड़कर फेंक दिया. वो भी जोश में आ कर वासना से चिल्लाती हुई गालियां निकालने लगी- मादरचोद भोसड़ी के आह … जोर से चाट हरामी … आह आआआ ओह्ह उम्ममह खा जा मेरे राजा … मेरे भोसड़े को … औऱ जोर से चाट … आआआह मम्मम्ह!मैं दोनों हाथों से उसकी चुचियां दबाते हुए उसे अपने मुँह से चोदता रहा.

वो किसी लड़के से कभी बात नहीं करती थी, पर आज वो डायरेक्ट किसी से मिल रही है, तो थोड़ा डरी हुई है. मैं नित्या की चूत चाट कर साफ़ कर रहा था।फिर थोड़ी देर बाद नित्या और निधि ने अपनी अपनी जगह बदल ली। अब मैं निधि की चूत चाटने लगा और नित्या मेरा लंड मुंह में लेकर मेरा लंड खड़ा कर रही थी।जब मेरा लंड खड़ा हुआ तो निधि की चूत में लंड लगा कर जोर से झटका मारा. वहां पर उछल-उछल कर तो मैं उसकी चूत की चुदाई नहीं कर सकता था इसलिए बस उसी छुअन का मजा लेता रहा.

डॉक्टर वाली बीएफ

एक दिन उसने मुझसे पूछा- तेरी कोई गर्लफ्रैंड है?मैं- नहीं यार … अभी तक ऐसा कुछ फील हुआ ही नहीं है. और यही हुआ, आधे घंटे बाद जब सब तैयार होकर निकले तो दीपा के देख कर लग ही नहीं रहा था कि अभी कोई ऎसी बात हुई है. ”उसके बाद …अंशु ने उपिन्दर का लौड़ा पकड़ा और बोली- मालिनी और कामिनी देखो, मेरे प्रेमी का लण्ड कैसे मचल रहा है। इसके भोग के लिए नई दुल्हन को तैयार करो.

उन्होंने चाची को देखा, तो वे एकदम से चौंक गईं भाभी बिना चीनी लिए बाहर वापिस आ गईं.

मैं तो सोच में पड़ गया कि ये वही सीधी सादी औरत है या उसकी कोई हमशक्ल? उसको ऐसे रूप में देखने के बारे में मैंने कभी सोचा भी नहीं था.

मैंने सोचा कि अगर जुबान नहीं खोली तो ये अपने मूसल लंड से मेरी चूत खोल कर रख देंगे और फिर सारे राज आज ही खुल जायेंगे. मैंने पूछा- और आपका भी मन है क्या? आपको प्रिन्स के नये यंग लंड से एंजाय करने का मन है क्या?वो बोली- जैसा आप बोलो. डबल बेड पलंगहॉट भाभी मुझसे चुदने की आरजू विनती करती रहीं, लेकिन मैं उनको तड़पाने में लगा रहा.

इसी तरह राहुल का लंड की गर्मी तो वो एक बार चूस कर ही निकाल देती है. उनके मुंह से एक चीख निकल गयी लेकिन उन्होंने अपने नितम्बों को उछाल कर उनका स्वागत किया. वो मना करने जैसे इशारा भी किये जा रही थी और अपने हाथ उठा कर अपने कपड़े भी उतरवाती जा रही थी.

वो बार-बार मुझे भाभी कह कर बुला रहा था तो मैंने उस पर विश्वास कर लिया. करीब पांच मिनट की धीमी चुदाई के बाद मेरा खून तपने लगा तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और उसके मुंह से गाली निकलने लगी- आह्ह … चोद दे मुझे साले … बना ले मुझे अपनी रंडी … ओह्ह … अम्मम … मां ….

नमस्कार दोस्तो, मेरी पिछली चुदाई स्टोरीफुफेरी भाभी को दारू पिला कर चोदाके लिए कई सारे ईमेल आए, जिसमें ज्यादातर ईमेल भाभी की पिक्चर मांगने के लिए थे.

उन्होंने कहा- उई मर गई … साले दीपू अब ये तेरी ही चुत है … प्लीज धीरे धीरे चोद ना यार. मुझको बहुत सारे मर्दों ने अपनी गोद में लिया है … लेकिन मयूर की गोद में जो मजा आता था ना … वो मुझे कभी किसी और की गोद में कभी नहीं आया था. पर ये तय था कि अगर मर्दों को लड़कियों ने उकसाया तो कसर कोई छूटेगी नहीं.

फैशन सेक्सी क्या बताऊं दोस्तों कमरे की उस हल्की रोशनी में उसका दूध जैसा सफेद बदन, लाल कलर की ब्रा और पेन्टी में क्या गज़ब ढा रहा था. फिर उसने जब मेरा लंड पकड़ लिया और बोली- अब इधर उधर मत कर … छेद में डाल दे.

अब तैयार रहना तुम!” ऐसा बोल के अपने मुँह से मेरे मुँह को बंद कर लिया. अन्दर पेटीकोट तो था नहीं … मुझे लगा कि पक्के में वो एकदम नंगी ही आई होगी. वो बोली- मेरा वो पूरा दर्द कर रहा है … और अब शक्ति भी नहीं रह गई है.

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आंटी की सिसकारियां और ज्यादा होने लगीं और उनकी चुत ने नदी सी बहा दी. उम्म्ह… अहह… हय… याह… क्या मस्त लंड चुसाई कर रही थी … मुझे तो उसने मस्त कर दिया था. मैं आज पूजा की जवानी का पूरा मजा लेना चाहता था।काफी देर उसको चूमने के बाद मैंने उसके होंठों को आजाद किया.

वो उसकी तरफ कामुक निगाहों से देखती थी और उस वक़्त उसके दिमाग में केवल एक ही चीज़ होती थी कि जो भी इन कपड़ों के अन्दर है, उसकी प्यास बुझाने के लिए काफी है. साकेत भैया- कहां जा रही हो?दीदी कुछ भी नहीं बोली, वो दरवाजे की तरफ बढ़ी, तभी साकेत भैया ने दीदी का हाथ पकड़ लिया और बोले- क्या हुआ … प्रिया कहां जा रही हो?दीदी फिर भी कुछ नहीं बोली.

शान्ति भाभी के मुँह से इतना सुनते ही दूसरी भाभी शर्मा कर बोली- मुझसे न हो पाएगा.

आज भी यह कहानी लिखते समय उसके मदमस्त बदन की याद में मेरा लंड भी मुस्कुरा रहा है. वो पूरा बेकाबू होकर मस्ती में गाली देने लगा- अहह मेरी रंडी … कितना अच्छा लंड चूस रही है. जो लोग कोलकाता में रहते हैं, वो लोग इस जगह के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं कि ये जगह कितनी बड़ी है.

इस बच्चे की चाहत के चलते हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार भी करने लगे थे. कुछ देर के बाद डॉक्टर के मुंह कामुक सिसकारियां निकलने लगीं- ओह्ह …यस … फक मी … (चोदो मुझे)मैं तेजी से डॉक्टर की गांड की चुदाई करने लगा. हम दोनों एक दूसरे से इतने खुल चुके थे कि अब हमारी ज्यादातर बातें सेक्स को लेकर होने लगी थीं.

सुनील ने ‘जरा जरा बहकता है मेरा मन …’ गाना अपने मोबाईल पर चला दिया और कमरे की लाईट बहुत धीमी कर दी.

बीएफ फिल्म चूत लंड: मेरे इस तरह चूत चाटने से वन्दना इतनी चुदासी हो गयी कि उसने मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत पर दबा दिया और आहह आहह करने लगी. शायद मामी को यह समझ आ गया था इसीलिए इस बार उन्होंने हाथ छुड़ाने की ज्यादा कोशिश नहीं की जैसे कि मुझे झड़वा कर वो ये सब जल्द ही ख़त्म करना चाहती हों।जब मैं उनकी कलाई पकड़ के पीछे लाया तो मैंने गौर किया कि इस बार उनके हाथ में कुछ अलग सा फील है.

मैं खुद ही नंगी होकर अपनी चूत को फैलाते हुए भाई के लंड पर बैठने लगी. ”रात को फोन स्विच ऑफ क्यों कर दिया था?”वो सर … बैटरी लो थी तो अपने आप हो गया था. मुझे नहीं पता था कि उसने कभी गांड चुदवाई थी या नहीं लेकिन अभी मेरे मन उसकी गांड को चोदने की तीव्र इच्छा जगी हुई थी.

उसकी टांग को उठा कर मैंने उसकी चूत में वहीं बाथरूम के अंदर ही अपना लंड डाल दिया.

भाभी भी खुश होते हुए बोली- तो कब उद्घाटन करना है उसकी चूत का … बोलो मैं सब सजा कर रखूंगी. दोस्तो, मेरी यह एक खास बात है कि मैं चैट में ही औरत की चूत से कामरस निकालने की खूबी रखता हूं बशर्तें कि मैं जैसा कहूं सामने वाली महिला वैसा ही करे. प्रतियोगिता का मजा तो तब आयेगा जब वो मेरे लिंग जितने आकार का लिंग अपनी योनि में झेल सके.